इंदौर के बड़ा गणपति-चंदन नगर फ्लाईओवर पर सख्त निर्देश:सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य; मंत्री विजयवर्गीय बोले- जरूरत हो तो बढ़ाएं टीमें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में आईडीए के मुख्य सभागार में बैठक हुई। बैठक बड़ा गणपति क्षेत्र में फ्लाईओवर ब्रिज और चंदन नगर ओवरब्रिज के निर्माण कार्यों को लेकर आयोजित की गई थी। इस दौरान मंत्री ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने निर्देश दिए कि बारिश से पहले बड़ा गणपति फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सीवरेज सहित अन्य लाइनों का कार्य पूरा किया जाए। आवश्यकता होने पर टीमों और संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सिंहस्थ से पहले ब्रिज तैयार हो सके। साथ ही चंदन नगर में बन रहे 780 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण में तेजी लाने और आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मीडिया के मौजूद रहने पर मंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि अब आप लोग बाहर जाएं, उन्हें अधिकारियों से अपनी भाषा में बात करनी है। मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर सहित कई लोगों ने शिकायत की है। इसकी जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बरसात में सड़कें खराब होती हैं और उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी।
इंदौर के बड़ा गणपति-चंदन नगर फ्लाईओवर पर सख्त निर्देश:सिंहस्थ से पहले पूरा करने का लक्ष्य; मंत्री विजयवर्गीय बोले- जरूरत हो तो बढ़ाएं टीमें

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की अध्यक्षता में आईडीए के मुख्य सभागार में बैठक हुई। बैठक बड़ा गणपति क्षेत्र में फ्लाईओवर ब्रिज और चंदन नगर ओवरब्रिज के निर्माण कार्यों को लेकर आयोजित की गई थी। इस दौरान मंत्री ने दोनों परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। मंत्री ने निर्देश दिए कि बारिश से पहले बड़ा गणपति फ्लाईओवर के निर्माण के लिए सीवरेज सहित अन्य लाइनों का कार्य पूरा किया जाए। आवश्यकता होने पर टीमों और संसाधनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि सिंहस्थ से पहले ब्रिज तैयार हो सके। साथ ही चंदन नगर में बन रहे 780 मीटर लंबे फ्लाईओवर के निर्माण में तेजी लाने और आ रही बाधाओं को दूर करने के निर्देश भी दिए। बैठक में मीडिया के मौजूद रहने पर मंत्री ने हल्के अंदाज में कहा कि अब आप लोग बाहर जाएं, उन्हें अधिकारियों से अपनी भाषा में बात करनी है। मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई मीडिया से चर्चा के दौरान मंत्री ने अवैध होर्डिंग के मुद्दे पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि महापौर परिषद सदस्य राजेंद्र राठौर सहित कई लोगों ने शिकायत की है। इसकी जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बरसात में सड़कें खराब होती हैं और उनकी मरम्मत भी कराई जाएगी।
ग्वालियर हाईकोर्ट का OBC क्रीमीलेयर को लेकर फैसला:कोर्ट ने कहा-पति की सैलरी से नहीं बल्कि मां-पिता की सामाजिक-आर्थिक दशा से तय होगाी ओबीसी क्रीमीलेयर

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर खंडपीठ ने ओबीसी क्रीमीलेयर से जुड़ी एक याचिका पर शनिवार को बड़ा व अहम फैसला दिया है। कोर्ट ने इस फैसले के जरिए स्पष्ट किया है कि किसी महिला अभ्यर्थी की क्रीमीलेयर तय करने में उसकी पति की आय को आधार नहीं माना जा सकता है। बल्कि क्रीमी लेयर तय करने में महिला अभ्यर्थी के मां-पिता की सामाजिक व आर्थिक स्थिति को आधार मानकर देखा जाएगा। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि महिला अभ्यर्थी की खुद की इनकम और पति की इनकम को उस समय तक नहीं जोड़ा जा सकता है तब तक कि पति क्लास-1 अधिकारी न हो। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए यह फैसला दिया है कि महिला अभ्यर्थी के पिता क्लास थर्ड अधिकारी थे और माता गृहिणी इसलिए उसे किसी भी हालत में ओबीसी क्रीमीलेयर आरक्षक का फायदा नहीं मिल सकता है। इसके साथ ही याचिका को खारिज कर दिया गया है। यह है पूरा मामला शनिवार को कोर्ट ने ओबीसी क्रीमीलेयर को लेकर जो फैसला दिया है। दरअसल यह मामला सहायक प्राध्यापक (लॉ) पद पर नियुक्ति से पूरी तरह जुड़ा है। कोर्ट में दायर की गई याचिका में याचिकाकर्ता सुनीता यादव ने दावा किया था कि इस पद के लिए चयनित महिला अभ्यर्थी गरिमा राठौर क्रीमीलेयर में आती हैं, क्योंकि उनके पति सिविल जज हैं। साथ ही उनके परिवार की इनकम तय मानक मतलब निर्धारित सीमा से कहीं अधिक है। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की थी कि उसे 2021 से वरिष्ठता का लाभ दिया जाए। पर कोर्ट ने क्रीमी लेयर को अच्छी तरह परिभाषित कर पूरे मामले को स्पष्ट करते हुए याचिका को खारिज कर दिया है। साल 2021 से वरिष्ठता का लाभ भी मांगा याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की थी कि चयनित अभ्यर्थी गरिमा राठौर के पति सिविल जज हैं और उसकी खुद की भी आय है। इस आधार पर परिवार की कुल आय क्रीमी लेयर की सीमा से अधिक हो जाती है। इसलिए वह OBC (महिला) आरक्षित पद की पात्र नहीं थी। साथ ही अपनी प्रमोशन को लेकर तर्क दिया कि यदि उस अभ्यर्थी को नियुक्ति नहीं दी जाती, तो उन्हें ही 2021 में नियुक्ति मिलती, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। हालांकि बाद में सुनीता यादव को 2023 में नियुक्ति मिल गई, लेकिन उन्होंने कोर्ट से मांग की कि उन्हें 2021 से नियुक्ति मानी जाए। और उसी आधार पर वरिष्ठता व अन्य लाभ दिए जाएं। पर कोर्ट ने यह नहीं माना है।
झाबुआ में जमीन विवाद, दो पक्षों में खूनी संघर्ष:राणापुर में लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला; दोनों पक्षों के 8 लोग गंभीर, क्रॉस केस दर्ज

झाबुआ जिले के राणापुर स्थित नई मुस्लिम कॉलोनी में शनिवार को जमीन विवाद को लेकर दो परिवारों के बीच हिंसक झड़प हो गई। पिछले दो दिनों से चल रहा तनाव शनिवार को पथराव और लाठीबाजी में बदल गया, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई। उपद्रवियों ने एक-दूसरे पर जमकर ईंट-पत्थर और धारदार हथियारों से हमला किया, जिसके वीडियो भी सामने आया हैं। सूचना मिलते ही पुलिस बल ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। दोनों पक्षों के 4-4 लोग अस्पताल में भर्ती इस हिंसक संघर्ष में दोनों पक्षों के कुल 8 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। चीख-पुकार और पथराव के बीच घायल हुए इन लोगों को तत्काल स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका प्राथमिक उपचार जारी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सड़क पर पत्थरों का ढेर लग गया था और लोग डर के मारे घरों में दुबक गए थे। पुलिस की दखल के बाद ही दोनों पक्ष पीछे हटे। देखें घटना की 4 तस्वीरें… देर रात थाने पहुंचे पक्ष, क्रॉस केस दर्ज थाना प्रभारी दिनेश रावत ने बताया कि विवाद की मुख्य वजह जमीन संबंधी पुराना मामला है। शनिवार रात करीब 11 बजे दोनों पक्षों के लोग थाने पहुंचे और एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया। पुलिस ने वायरल वीडियो और घायलों के बयानों को साक्ष्य के रूप में शामिल करते हुए जांच शुरू कर दी है। हमलावरों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात घटना के बाद क्षेत्र में दोबारा तनाव की स्थिति न बने, इसके लिए नई मुस्लिम कॉलोनी और झाबुआ रोड के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है। थाना प्रभारी दिनेश रावत ने बताया- कानून व्यवस्था बिगाड़ने और हथियार लहराने वाले किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल स्थिति शांतिपूर्ण लेकिन नियंत्रण में है।
रायसेन में कल 3 घंटे बिजली कटौती:मेंटेनेंस और ट्री कटिंग के काम से आधा शहर रहेगा प्रभावित; जल आपूर्ति भी बाधित

रायसेन जिला मुख्यालय पर कल (रविवार) कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। सुबह 8 बजे से 11 बजे तक अति आवश्यक मेंटेनेंस कार्य के कारण ताजपुर, दरगाह, जेल और गोपालपुर फीडर बंद रहेंगे, जिससे शहर का आधा हिस्सा प्रभावित होगा। इस अवधि में वार्ड क्रमांक 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17 और 18 में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप रहेगी। विशेष रूप से, जेल फीडर पर अतिरिक्त कार्य के चलते वार्ड 13 और 14 में बिजली आपूर्ति दोपहर 1 बजे के बाद ही बहाल हो पाएगी। बिजली कंपनी के अनुसार, 33/11 टाउन भी इस दौरान बंद रहेगा। मेंटेनेंस कार्य में आंधी-बारिश से संभावित खतरों को देखते हुए ट्री कटिंग का काम भी शामिल है। सुबह 8 बजे से बिजली आपूर्ति प्रभावित होने के कारण शहर में जल आपूर्ति भी बाधित होगी। बिजली विभाग ने नागरिकों से सहयोग की अपील की है और असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
राजगढ़ में ओलावृष्टि से लोहे-सीमेंट की चद्दरों में छेद हुए:खेतों में फसलों को ढकने वाले त्रिपाल भी फटे, 15 मिनट ओला गिरने से भारी नुकसान

राजगढ़ जिले में शनिवार शाम तेज आंधी और बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। बड़े-बड़े ओले गिरने से कई घरों की लोहे और सीमेंट की चद्दरें टूट गईं, जिनमें बड़े छेद हो गए। कुछ ही देर में जमीन पर ओलों की सफेद परत बिछ गई। जिले के माचलपुर के बाढ़गांव, रामगढ़, कोड़क्या और पीपल्या कुल्मी और खिलचीपुर क्षेत्र के ढाबली, सतनखेड़ी, ढाबला, मोखमपुरा, सेदरी, सहित कुरावर, सुठालिया, गिंदौरहाट, सहित कई गांवों में शाम करीब 6 बजे के बाद ओलावृष्टि शुरू हुई। लगभग 15 मिनट तक लगातार ओले गिरे, जिसके साथ तेज बारिश भी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों और खलिहानों में फसलों को बचाने के लिए डाले गए त्रिपाल भी ओलों की तेज मार से फट गए। घरों की छतों पर लगी लोहे और सीमेंट की चद्दरों को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिससे वे टूट गईं और उनमें छेद हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवाएं लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। शनिवार को राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मध्यप्रदेश में सबसे कम था। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
पुडुचेरी को राज्य का दर्जा देने का दांव: मतदान से पांच दिन पहले कैसे दशकों पुरानी मांग एनडीए को हिला रही है | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 22:13 IST फ्रांसीसी औपनिवेशिक प्रशासन से भारतीय संघ में विलय के बाद से पुडुचेरी एक केंद्र शासित प्रदेश रहा है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य की मांग को लेकर कई प्रस्ताव विधानसभा में पारित हुए हैं, जो पार्टियों के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक मांग को दर्शाता है। 9 अप्रैल को मतदान से कुछ ही दिन दूर, पुदुचेरी के सत्तारूढ़ गठबंधन में दरारें दिखाई दे रही हैं जो पूरे चुनावी मुकाबले को फिर से व्यवस्थित कर सकती हैं। ट्रिगर: मुख्यमंत्री एन रंगासामी की अखिल भारतीय एनआर कांग्रेस (एआईएनआरसी) अपने एनडीए सहयोगी, भाजपा पर उस चीज़ के लिए दबाव डाल रही है जो वह दशकों से चाहती थी – पूर्ण राज्य का दर्जा। मांग क्या है? फ्रांसीसी औपनिवेशिक प्रशासन से भारतीय संघ में विलय के बाद से पुडुचेरी एक केंद्र शासित प्रदेश रहा है। पूर्ण राज्य के विपरीत, इसकी निर्वाचित सरकार केंद्र द्वारा नियुक्त उपराज्यपाल के साथ सत्ता साझा करती है, जिससे स्थानीय विधायक बार-बार निराश होते हैं। पिछले कुछ वर्षों में राज्य की मांग को लेकर कई प्रस्ताव विधानसभा में पारित हुए हैं, जो पार्टियों के बीच लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक मांग को दर्शाता है। मुख्य तर्क: राज्य का दर्जा निर्वाचित सरकार को निरंतर केंद्रीय निरीक्षण के बिना नीतियों को लागू करने का अधिकार देगा। अब क्यों? दरार के मूल में एनआर कांग्रेस का दृढ़ रुख है कि उसे पीएम नरेंद्र मोदी या गृह मंत्री अमित शाह से पूर्ण राज्य के दर्जे पर स्पष्ट प्रतिबद्धता प्राप्त है। के अनुसार ईटीवी भारतयह केवल अलंकारिकता नहीं है। एनआर कांग्रेस नेतृत्व ने भाजपा को जवाब देने के लिए 24 घंटे का समय दिया, और गतिरोध के लिए मुख्य रूप से इस मांग के साथ-साथ एक छोटे सहयोगी को एनडीए से बाहर करने की मांग को जिम्मेदार ठहराया गया है। टीवीके वाइल्डकार्ड इंडिया टीवी न्यूज़ कहा गया कि रंगासामी कथित तौर पर एनडीए से अलग होने और अभिनेता-राजनेता विजय की तमिलगा वेट्री कज़गम (टीवीके) के साथ नए गठबंधन की घोषणा करने के लिए तैयार थे, एक ऐसा कदम जो पुदुचेरी के चुनावी समीकरण को पूरी तरह से उलट सकता है। विरोधाभास विपक्ष एक व्यंग्य को भुना रहा है. जैसा कि कांग्रेस नेता मुकुल वासनिक ने कल ही कहा था, रंगासामी ने पिछले चुनावों में राज्य का दर्जा सुरक्षित करने के वादे के साथ भाजपा के साथ गठबंधन किया था – और अभी तक इसे पूरा नहीं किया है। उथल-पुथल के बावजूद, पीपुल्स पल्स के एक चुनाव-पूर्व सर्वेक्षण से पता चलता है कि एनडीए के पास अभी भी एक संकीर्ण लेकिन व्यावहारिक लाभ है – जिसका अर्थ है कि राज्य का नाटक टूटने के बजाय लाभ उठाने के बारे में अधिक हो सकता है। लेकिन पांच दिन शेष रहते हुए, पुडुचेरी की छोटी विधानसभा और कम अंतर के कारण गठबंधन के गलत आकलन के लिए कोई जगह नहीं बची है। जगह : पुडुचेरी (पांडिचेरी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 04 अप्रैल, 2026, 22:13 IST समाचार चुनाव पुडुचेरी का राज्य का दर्जा: कैसे दशकों पुरानी मांग मतदान से पांच दिन पहले एनडीए को हिला रही है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पुडुचेरी राज्य की मांग(टी)एनडीए(टी)बीजेपी(टी)मुख्यमंत्री एन रंगासामी
छतरपुर के नौगांव में दो घंटे में दो बार ओलावृष्टि:पक्षियों की मौत; तेज आंधी-बारिश से फसल और भूसा बर्बाद

छतरपुर जिले के नौगांव में शनिवार को शाम 5 बजे तेज आंधी के साथ बारिश हुई, इसके बाद 7:30 बजे ओलों के साथ मूसलाधार बारिश ने तबाही मचाई। इस दौरान पक्षियों की मौत हो गई और फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचा। जानकारी के अनुसार, नौगांव में शाम करीब 5 बजे तेज आंधी और बारिश का दौर शुरू हुआ। लगभग 10 मिनट तक चली। इस बारिश के बाद मौसम साफ हो गया, जिससे लोगों ने कुछ देर के लिए राहत महसूस की। लेकिन शाम करीब 7:30 बजे अचानक मौसम ने फिर करवट ली। तेज हवाओं के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई और इस बार बड़े-बड़े ओले गिरे। लगभग 15 मिनट तक हुई इस ओलावृष्टि ने क्षेत्र में व्यापक नुकसान पहुंचाया। जमीन पर गिर पड़े पक्षी दूसरे दौर की ओलावृष्टि का सबसे अधिक प्रभाव वन्यजीवों पर पड़ा। बड़े ओलों की चपेट में आकर बड़ी संख्या में पक्षी जमीन पर गिर पड़े। इनमें से कई पक्षियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कुछ घायल अवस्था में तड़पते देखे गए। तेज हवाओं और ओलों की मार से पेड़ों की पत्तियां झड़ गईं और कई टहनियां टूटकर गिर गईं। किसानों के खेतों में रखा भूसा पहले आंधी में उड़ गया और जो बचा, वह बारिश में भीगकर खराब हो गया। फसल कटाई के इस महत्वपूर्ण समय में किसानों को यह भारी नुकसान हुआ है।
शरबत-चटनी या फिर सलाद, किसी भी तरह से खा लें हरे पत्ते, गर्मियों में नहीं फटकेंगी आसपास भी बीमारियां

Last Updated:April 04, 2026, 20:54 IST Mint Leaves Benefits: देश के कई हिस्सों में गर्मी तेजी से बढ़ रही है. तेज धूप और गर्म हवाओं में राहत पाने के लिए पुदीना एक बहुत आसान और प्राकृतिक उपाय है. पुदीने की हरी पत्तियां न सिर्फ खुशबूदार होती हैं, बल्कि शरीर और मन दोनों को ठंडक देती हैं. यहां आप पुदीना के फायदों के बारे में जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट Pudina Ke Fayde: गर्मियों में पुदीना खाने से कई बीमारियों से बचाव होता है. इसमें भरपूर पोषक तत्व होते हैं और इसमें मौजूद मेंथॉल शरीर को ठंडा रखने में मदद करता है. आप पुदीना को चटनी, रायता, जूस, आम पन्ना, सलाद या पानी में मिलाकर आसानी से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं. इसके सेवन से गर्मी का असर कम होता है और शरीर का तापमान संतुलित रहता है. आयुर्वेद के अनुसार, पुदीना पाचन के लिए बहुत फायदेमंद होता है.यह गैस, एसिडिटी, अपच और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है. साथ ही पेट को हल्का रखता है और भूख बढ़ाने में मदद करता है. पुदीना के पत्तों का सेवन करने से क्या होता है? डिहाइड्रेशन के लिए नेचुरल उपायगर्मियों में ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) हो जाती है. ऐसे में पुदीने का पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है. इससे शरीर हाइड्रेट रहता है और दिनभर ताजगी बनी रहती है. स्ट्रेस दूर करने का आसान तरीकापुदीना सिरदर्द और तनाव कम करने में भी मदद करता है. ऐसे में यदि आप जीवन के भागदौड़ से परेशान होकर थक गए हैं, तो पुदीने की चाय पिएं. इससे दिमाग शांत होता है. अगर आप सुबह खाली पेट पुदीने वाला पानी पीते हैं, तो पूरे दिन एनर्जी महसूस होती है. वजन घटान में फायदेमंद पुदीना एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाते हैं. यह मौसमी बीमारियों से बचाव करता है. इसके अलावा, पसीने की बदबू कम करने, वजन घटाने, सूजन कम करने और बैक्टीरिया से लड़ने में भी मदद करता है. यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है. गर्मियों के लिए उपयोगी आयुर्वेद में पुदीने को गर्मियों के लिए खास तौर पर उपयोगी बताया गया है. कई रिसर्च में भी इसके एंटीऑक्सीडेंट और सूजन कम करने वाले गुणों की पुष्टि हुई है. गर्मियों में पुदीना आसानी से मिल जाता है और यह सस्ता भी होता है. इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि इसे रोज़ अपने खाने में शामिल करें, जैसे—पुदीने की चटनी, दही का रायता, नींबू-पुदीना पानी या सलाद. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 20:53 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
आयुर्वेद की पुरानी पांडुलिपि से तैयार आधुनिक दवा, 60 साल की उम्र में उगने लगे बाल, आयुष मंत्रालय का मिला लाइसेंस

Last Updated:April 04, 2026, 20:45 IST Satvik Ayurveda Brand: अंग्रेजों के दौर में एक हेड मास्टर दादा ने अपनी कलम से आयुर्वेदिक नुस्खों का खजाना तैयार किया था, जिसे परिवार ने सालों तक संभालकर रखा. समय बदला, लेकिन उस विरासत की अहमियत नहीं बदली. दादा की उसी लिखी हुई किताब को आधार बनाकर पोते ने करीब 20 साल तक गहन रिसर्च किया और आखिरकार उसे आधुनिक दौर की आयुर्वेदिक दवाओं में बदल दिया. अब इस अनोखी पहल को आयुष मंत्रालय का लाइसेंस भी मिल गया है. यह कहानी कुलदीप पांचाल की है. जो कि इन दिनों दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे और ऑर्गेनिक एक्सपो में आए हुए हैं. कुलदीप गाजियाबाद के मोदीनगर के रहने वाले हैं. मोदीनगर में ही इनकी ऑनलाइन और ऑफलाइन आयुर्वेदिक क्लिनिक चलती है. कुलदीप पांचाल ने बताया कि उन्होंने सात्विक आयुर्वेद के नाम से खुद का ब्रांड शुरू किया है. कुलदीप पांचाल ने बताया कि 1944 में जब भारत पर अंग्रेजों का राज था. उस समय उनके दादा हेड मास्टर थे और रोजाना 19 मील पैदल चलकर वह आते जाते थे. दादा ने लंबी रिसर्च कर उस वक्त जब गूगल नहीं था और लाइब्रेरियन नहीं थी. जो रिसर्च उन्होंने अंग्रेजों के वक्त की. उस समय के आयुर्वेदिक डॉक्टर के साथ मिलकर उसे ही वह किताब में लिखते रहते थे. हालांकि उनके दादा गुजर गए. अंग्रेजों का जमाना चला गया और जब यह किताब उनके हाथ लगी तो उन्होंने सबसे पहले इसे लेमिनेट करवाया और इस किताब की रिसर्च शुरू की. उन्होंने 20 साल तक इस किताब पर रिसर्च किए. इस दौरान उन्होंने अथर्ववेद 6 बार पढ़ा और सभी वेदों को हिंदी और इंग्लिश दोनों में पढ़ा. तब कहीं जाकर उन्होंने सात्विक आयुर्वेद ब्रांड बनाया है, जिसे आयुष मंत्रालय ने जांच के बाद लाइसेंस दे दिया है. और तो और उनकी बनाई हुई सारी दवाएं एफएसएसएआई से अप्रूव्ड हैं. ऐसे में आज उनके दादा की वजह से उनका खुद का ब्रांड शुरू हुआ है. Add News18 as Preferred Source on Google कुलदीप पांचाल ने बताया कि उन्होंने एक ऐसा तेल बनाया है. जो गंजे सिर में बाल उग देगा. चाहे उम्र कोई भी हो. उनकी 60 साल की उम्र है और बाल उनके झड़ गए थे, लेकिन अब उनके भी बाल उग रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने घुटने का तेल बनाया है. दंत मंजन बनाया है. और तो और गैस की दवा से लेकर उन्होंने फेस पाउडर तक बनाए हैं. उनका बनाया हुआ तेल लोगों को पसंद आ रहा है. उसकी डिमांड सबसे ज्यादा है. लोगों के झड़ते बाल भी रुक गए हैं. उन्होंने बताया कि वह खुद 20 साल एजुकेशन डिपार्टमेंट से जुड़े रहे. टीचर और प्रिंसिपल दोनों रहे. साथ ही साथ आयुर्वेद की रिसर्च भी करते रहे. तब कहीं जाकर यह संभव हो सका है. उनके दो बेटे हैं, दोनों नौकरी करते हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वह पत्नी के साथ मिलकर काम करते हैं. मोदीनगर में उनकी मैन्युफैक्चरिंग है और उनकी बनाई हुई दवा लोगों को खूब पसंद आ रही हैं. वह अपनी हर दवा को पहले खुद पर प्रयोग करते हैं, फिर मार्केट में उतारते हैं. First Published : April 04, 2026, 20:45 IST









