तमिल में चुनाव से पहले हिंदी फिर से नागरिकता! शिक्षा नीति को लेकर स्टालिन और डेमोक्रेट प्रधान में घटिया बहस

तमिलनाडु में विधानसभा चुनाव को लेकर एक बार फिर से हिंदी को लेकर विवाद शुरू हो गया है. इसी मामले पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डेमोक्रेट प्रधान के बीच भी बहस हुई। सीएम स्टालिन ने नई शिक्षा नीति पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा था कि यह शिक्षा सुधार नहीं बल्कि एक चालाक तरीके से हिंदी को पूरे देश में फैलाने की कोशिश है। इसी पर जवाब देते हुए डेमोक्रेट प्रधान ने कहा कि ‘हिंदी पेंटिंग’ वाली बात पुरानी और थकी हुई राजनीति है। एनईपी में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है, यह स्टालिन की गलत व्याख्या है। यह मामला राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का है, जिसे केंद्र सरकार ने लागू कर दिया है. इसी शिक्षा नीति में विद्यार्थियों के लिए प्राथमिक नियम हैं- तीन भाषा सूत्र, यानी स्कूल के बच्चों को तीन भाषाएँ सिखानी चाहिए। इनमें से दो भारतीय समुद्र तटों का होना अनिवार्य है। दक्षिण भारत की राज्य केंद्र सरकार पर आरोप लगाया गया है कि नई शिक्षा नीति के जरिए वे अपने ऊपर हिंदी गैजेट की कोशिश कर रही हैं। नई शिक्षा नीति पर क्या बोले सीएम स्टाइलिस्ट? तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और शिक्षकों के प्रमुख एमके स्टालिन ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि यह शिक्षा सुधार नहीं बल्कि एक चालाक तरीके से हिंदी को पूरे देश में फैलाने की कोशिश है। उन्होंने प्रश्न किया कि यह नियम अप्रासंगिक क्यों है? दक्षिण के बच्चों को हिंदी सीखनी है, लेकिन हिंदी भाषा वाले राज्यों में तमिल या माध्यमिक पढ़ाई कैसे की जाती है? उत्तर है नहीं. स्टालिन ने आरोप लगाया कि सेंट्रल स्कूल में तमिल मछुआरों के लिए सचिवालय तक नहीं हैं। फिर लेखकों को भारतीय भाषा सीखने का उपदेश देना ठीक नहीं लगता। टीचर्स के प्रमुख ने कहा कि बिना पैसा और बिना तैयारी के टीचर्स के लिए यह नीतिगत ताकत जा रही है। इससे दस्तावेज़ में भी नुकसान होगा. अंग्रेजी वाले राज्यों के बच्चों को फायदा होगा और राज्यों के बच्चे पीछे रह जाएंगे। तमिलनाडु के माननीय मुख्यमंत्री, थिरु @एमकेस्टालिन जी, “थोपने” की आपकी कहानी राजनीतिक विफलताओं को छुपाने का एक थका देने वाला प्रयास है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 वास्तव में भाषाई मुक्ति का घोषणापत्र है। यह मातृभाषा को प्राथमिकता देता है ताकि प्रत्येक तमिल बच्चा… https://t.co/DhDP5ECM4e – धर्मेंद्र प्रधान (@dpradhanbjp) 4 अप्रैल 2026 डेमोक्रेट प्रधान ने स्टालिन को दिया ये जवाब तमिलनाडु के सीएम की ओर से दिए गए पोर्टफोलियो पर शिक्षा मंत्री पेट्रोलियम प्रधान ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि हिंदी पेंटिंग वाली बात पुरानी और थकी हुई राजनीति है। नई शिक्षा नीति में हिंदी को अनिवार्य नहीं किया गया है, यह स्टालिन की गलत व्याख्या है। उन्होंने कहा कि एनईपी से हर बच्चे को अपनी मातृभाषा में पढ़ने का मौका मिलता है। शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का तमिल भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर बहुत सम्मान मिला है। काशी तमिल संगमम जैसे आयोजन इसके जीते-जागते उदाहरण हैं। स्टालिन पर पलटवार करते हुए प्रधान ने कहा कि बच्चों के विकास में असली भेदभाव तो डीएमके सरकार ही है। तमिल ने अच्छे स्कूल निर्माण के लिए एक एक्ट पर हस्ताक्षर करने का वादा किया था, लेकिन बाद में वो खुद मुकर गया। न्यायालय के सर्वोच्च आदेश के बाद भी नवोदय अभिलेखों में कोई बदलाव नहीं हुआ। (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु चुनाव 2026(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)एमके स्टालिन(टी)धर्मेंद्र प्रधान(टी)तमिलनाडु समाचार(टी)नई शिक्षा नीति(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)धर्मेंद्र प्रधान(टी)एमके स्टालिन(टी)नई शिक्षा नीति(टी)हिंदी विवाद
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने लिया शिविर का जायजा:नरसिंहपुर में बोले- 'संकल्प से समाधान' योजना से लाभ लें हितग्राही

मध्य प्रदेश के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री और नरसिंहपुर जिले के प्रभारी मंत्री गोविंद सिंह राजपूत शनिवार को नरसिंहपुर पहुंचे। उन्होंने ‘संकल्प से समाधान’ शिविर में हिस्सा लिया। मंत्री ने कई विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया और संचालित योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान मंत्री राजपूत ने कहा कि सरकार गरीबों के प्रति संवेदनशील है। उन्होंने बताया कि मुफ्त राशन सहित कई सरकारी योजनाओं का लाभ गरीबों तक पहुंचाया जा रहा है। मंत्री ने लोगों से अपील की कि वे इन शिविरों में बड़ी संख्या में पहुंचकर सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं। जनता की समस्याओं का समाधान मंत्री राजपूत ने स्पष्ट किया कि ‘संकल्प से समाधान’ जैसे शिविर जनहित को ध्यान में रखकर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने जनता की सक्रिय भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि नरसिंहपुर जिले में इस अभियान के सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं, जिससे बड़ी संख्या में समस्याओं का समाधान हुआ है। मंत्री राजपूत ने आयुष्मान कार्ड योजना का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि यह योजना आम लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है, जिसके तहत 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इन शिविरों में बड़ी संख्या में आयुष्मान कार्ड बनाए गए हैं, जिससे पात्र लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। उन्होंने नागरिकों से सरकार के ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेने का आग्रह किया। मंत्री ने बताया कि कई बार गांवों में शिविर लगने के बावजूद लोग अन्य कार्यों में व्यस्त रहते हैं और बाद में आवश्यक दस्तावेज न होने के कारण उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने जोर दिया कि सक्रिय भागीदारी से सभी नागरिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सकेगा।
रबड़ी रेसिपी: दूध से घर पर बनी मीठी-मीठी रबड़ी, 30 मिनट में हलवाई जैसी गाढ़ी और लच्छेदार बनेगी; जानिए सीक्रेट रेसिपी स्टेप-बाय-स्टेप

रबड़ी रेसिपी: भारतीय मिठाइयों में रबड़ी ने अपनी खास जगह हासिल की है। दूध से इसे धीरे-धीरे-धीरे-धीरे पकाकर बनाया जाता है, यह पारंपरिक मिठाई अपनी मलाईदार ताकत और लच्छेदार स्वाद के लिए जानी जाती है। रॉयल स्लाइस, जलेबी, आइसक्रीम या फिर अकेले भी रबड़ी खाई जाती है। ये हर मशीन पर फिट बैठती है। उत्तर भारत के प्रकाशन और त्योहारों में रम्मी खूब देखने को मिलती है। बनारस की डायरी से लेकर दिल्ली के फ्लैट तक इसकी मांग हमेशा बनी रहती है। लेकिन आज कल बाजार की रबड़ी में अक्सर उत्पाद देखने को मिल रही है। ऐसे में आपकी सेहत के लिए अच्छा यही है कि आप इसे घर पर ही बना लें। घर पर बनी रबरी न सिर्फ शुद्ध होगी, बल्कि इसका स्वाद भी कहीं ज्यादा बेहतर होगा। रबड़ी बनाने के लिए क्या-क्या करना चाहिए? सबसे पहले एक भारी-भरकम मजबूत वाली स्ट्राबेरी में 1.5 लीटर दूध डाला गया और कीमत लें पर तेज दाम दिया गया। वॉल्यूम आने के बाद नामांकित कर दें। जब दूध के ऊपर मलाई की परत बन जाए, तो लकड़ी की कढ़ी या मसाले से उसे केकड़े पर चिपकाते रहें। समुद्रतट-समुद्र तट पर दूध को हिलाते रहें ताकि जले नहीं, बल्कि ऊपर की ओर मलाई को ज्यादा डिस्टर्ब भी ना करें, उसे किनारे में चिपकाते रहें। दूध को तब तक क्षमता जब तक वह अपनी मूल मात्रा का लगभग एक घटक (लगभग 500 मिली) रह जाये। अब इसमें चीनी, केसर वाला दूध और इलायची पाउडर शामिल है। चीनी बढ़िया से बढ़िया। अब स्टैण्डर्ड पर चिपकने वाली सारी मलाई को खरचकर गाधे दूध में डाल दीजिए। यही स्टेप रबरी को असली लच्छेदार मजबूत बनाता है। आखिरी बार नॉटआउट केट मेवे स्टोइक दो मिनट और अंतिम। गैस बंद कर दें। फ्लाइट तो आप इसमें गुलाब जल भी डाल सकते हैं। रबरी को गर्म-गर्म घरों में या फ़र्ज़ी में ठंडा करके देखें। यह रॉयल स्लाइस और जलेबी के साथ कमाल का कॉम्बिनेशन बनता है। हमेशा फुल क्रीम दूध ही इस्तेमाल करें, इससे रबड़ी ज्यादा मलाईदार रहेगी। पूरी तरह से प्रक्रियागत दाखिले पर ही करें, स्पंज से स्वीकृत। मलाई को बार-बार साथी पर चिपकाते रहना रबड़ी का सबसे बड़ा राज है। यह पारंपरिक विधि हलवाई स्टाइल्स रबरी बनाने में मदद करती है। घरेलू रेसिपी में आसानी से तैयार होने वाली यह रेसिपी त्योहारों और परेशानियों के लिए प्रभावित करती है। (टैग्सटूट्रांसलेट)रबड़ी रेसिपी(टी)घर की बनी मिठाई(टी)भारतीय मिठाई(टी)गाढ़ी रबड़ी(टी)लछेदार रबड़ी(टी)पारंपरिक भारतीय मिठाई(टी)दूध मिठाई(टी)रबडी रेसिपी(टी)उत्सव मिठाई(टी)स्वस्थ मिठाई
गर्मियों में हर दिन खरबूजा खाने से शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? जानकर होंगे हैरान

Last Updated:April 04, 2026, 19:27 IST Summer superfruit muskmelon benefits: खरबूजा गर्मियों का फल है, जो पानी से भरपूर होता है. काफी लोग इसे इसलिए नहीं खाते हैं, क्योंकि इसकी स्मेल थोड़ी अजीब सी होती है. लेकिन, आपको ये फल काटकर खाना पसंद नहीं है तो आप इसका जूस भी बनाकर पी सकते हैं. यह गर्मियों में शरीर को कई लाभ पहुंचाता है. डिहाइड्रेशन से बचे रहने के लिए आप पानी तो पीते हैं, लेकिन पानी से भरपूर इस फल का भी सेवन रेगुलर करें और पाएं इसके ये ढेरों फायदे. खरबूजा गर्मियों का सुपरफ्रूट है, क्योंकि ये शरीर को ठंडक पहुंचाता है. पानी होने के कारण शरीर को हाइड्रेटेड बनाए रखता है. आयुर्वेद में इसे गर्मियों के लिए वरदान बताया गया है, क्योंकि ये फल प्यास तो बुझाता ही है, साथ ही शरीर डिहाइड्रेशन से भी बचाए रखता है. खरबूजे में कौन से पोषक तत्व होते हैं- तरबूज की ही तरह, खरबूजे में भी पानी की मात्रा सबसे अधिक होती है. इस फल में 90-95 प्रतिशत तक पानी होता है. इसके साथ ही, ये फल फाइबर, विटामिन ए, सी, फाइबर, पोटैशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं. ये लो कैलोरी और लो फैट वाला फल है. खरबूजे में लगभग 90-95 फीसदी पानी होता है, जो गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाता है. अधिक मात्रा में फाइबर होने के कारण ये पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है. पेट साफ होता है. कब्ज की समस्या दूर होती है. पेट साफ रहता है तो संपूर्ण शरीर स्वस्थ रहता है. Add News18 as Preferred Source on Google खरबूजे एक सस्ता और आसानी से उपलब्ध होने वाला फल है. यदि आपको डायबिटीज है तो इसका सेवन डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें. इसमें विटामिन ए होने के कारण आंखों को भी हेल्दी रखता है. विटामिन सी होने के कारण शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बूस्ट करता है, जिससे आप इंफेक्शन, छोटी-मोटी बीमारियों से बचे रहते हैं. आयुर्वेद में खरबूजे को ठंडा और पित्त शामक माना गया है. शरीर की अतिरिक्त गर्मी को कम करता है. पेट को ठंडक पहुंचाता है. इस फल में बीटा-कैरोटीन, कुछ अन्य एंटीऑक्सीडेंट्स होने के कारण ये फ्री रैडिकल्स से लड़कर शरीर को गंभीर रोगों से बचाए रखते हैं. खरबूजा में मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करने के साथ ही वजन भी कंट्रोल करता है. ऐसा इसलिए, क्योंकि फाइबर युक्त चीजों को खाने से पेट भरा हुआ महसूस होता है. आप कुछ भी उल्टा-सीधा खाने से बचे रहते हैं, जिससे वजन को कम करना आसान हो जाता है. खरबूजा में विटामिन ए और सी पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं. गर्मी में धूप और पसीने से त्वचा काफी प्रभावित होती है. स्किन टैन हो जाता है. खरबूजा इन परेशानियों को दूर करने में काफी हद तक कारगर साबित हो सकता है. First Published : April 04, 2026, 19:27 IST
विदिशा में शराब दुकान गली में शिफ्ट:मुख्य मार्ग से हटने पर रहवासियों ने जताया आभार, वापसी पर आंदोलन की चेतावनी

विदिशा के पीतल मिल चौराहे पर पिछले तीन वर्षों से संचालित हो रही शराब दुकान को इस बार नए ठेके के साथ मुख्य मार्ग से हटाकर गली के अंदर स्थानांतरित कर दिया गया है। इस निर्णय से क्षेत्र के रहवासियों और दुकानदारों ने राहत महसूस की है। शनिवार को बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा और इस बदलाव के लिए आभार व्यक्त किया। रहवासियों के अनुसार, मुख्य सड़क पर शराब दुकान होने से अक्सर अव्यवस्था और जाम की स्थिति बनती थी। इस मार्ग से बच्चों और महिलाओं का लगातार आवागमन रहता है, और पास में एक मंदिर भी है, जिससे धार्मिक गतिविधियां होती रहती हैं। ऐसे में दुकान के कारण कई बार असहज माहौल बन जाता था। स्थानीय निवासी प्रेम सिंह दांगी ने बताया कि मुख्य मार्ग पर दुकान होने से सामाजिक और यातायात संबंधी समस्याएं बढ़ रही थीं। अब दुकान को गली में शिफ्ट किए जाने से इन समस्याओं में काफी कमी आई है। हालांकि, क्षेत्र के लोगों ने यह आशंका भी व्यक्त की है कि शराब ठेकेदार दुकान को फिर से पुराने स्थान पर शुरू कराने का प्रयास कर सकता है। इस पर उन्होंने कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी कि यदि दुकान को दोबारा मुख्य मार्ग पर खोला गया, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि शराब दुकान को वर्तमान स्थान पर ही रखा जाए और उसे पुराने स्थान पर दोबारा संचालित करने की अनुमति न दी जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और व्यवस्था बनी रहे।
प्रेग्नेंसी में खांसी से परेशान? बिना दवा के ये आसान घरेलू उपाय देंगे तुरंत राहत, मां और बेबी दोनों रहेंगे सेफ

Last Updated:April 04, 2026, 19:18 IST प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में कई बदलाव होते हैं, जिससे इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है और खांसी जैसी समस्याएं आसानी से हो सकती हैं. हालांकि यह एक आम परेशानी है, लेकिन इस समय इसका सही और सुरक्षित इलाज करना बहुत जरूरी होता है, क्योंकि किसी भी दवा या लापरवाही का असर मां के साथ-साथ बच्चे पर भी पड़ सकता है. इसलिए खांसी होने पर घबराने की बजाय सही घरेलू उपाय और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह लेना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है. प्रेग्नेंसी में कैसे रखें खुद का ध्यान. प्रेग्नेंसी के दौरान खांसी होना एक आम समस्या है, लेकिन इस समय किसी भी दवा का इस्तेमाल बहुत सोच-समझकर करना जरूरी होता है. क्योंकि मां जो भी लेती है, उसका असर सीधे बच्चे पर पड़ सकता है. आमतौर पर सर्दी, एलर्जी, मौसम में बदलाव या इम्युनिटी कमजोर होने की वजह से खांसी हो सकती है. ऐसे में सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि खांसी हल्की है या लगातार बनी हुई है, ताकि सही तरीके से इसका इलाज किया जा सके. सबसे पहले घरेलू और सुरक्षित उपाय अपनाना बेहतर माना जाता है. गुनगुना पानी पीना खांसी में काफी राहत देता है, क्योंकि यह गले को हाइड्रेट रखता है और जलन कम करता है. शहद और अदरक का सेवन भी फायदेमंद होता है, क्योंकि इनमें एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो गले की खराश को शांत करते हैं. आप चाहें तो गुनगुने पानी में शहद मिलाकर पी सकती हैं या अदरक का हल्का काढ़ा भी ले सकती हैं, लेकिन बहुत ज्यादा मात्रा से बचें. भाप लेना (स्टीम इनहेलेशन) भी एक सुरक्षित और असरदार तरीका है. इससे गले और नाक की सूजन कम होती है और कफ ढीला होकर बाहर निकलने में मदद मिलती है. इसके अलावा नमक वाले गुनगुने पानी से गरारे करने से गले की इंफेक्शन और सूजन में राहत मिलती है. ये सभी उपाय बिना किसी साइड इफेक्ट के खांसी को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. प्रेग्नेंसी में खानपान का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है. ठंडी चीजें, ज्यादा मसालेदार या तली-भुनी चीजों से दूरी बनाना बेहतर होता है, क्योंकि ये गले को और ज्यादा खराब कर सकती हैं. इसके बजाय गर्म सूप, हर्बल चाय और विटामिन C से भरपूर फल जैसे संतरा या आंवला लेना इम्युनिटी को मजबूत करता है और शरीर को जल्दी रिकवर करने में मदद करता है. हालांकि, हर खांसी को हल्के में लेना सही नहीं है. अगर खांसी एक हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहे, बुखार के साथ हो, सांस लेने में दिक्कत हो या बलगम में खून दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा लेना नुकसानदायक हो सकता है. सही समय पर सही इलाज से मां और बच्चे दोनों की सेहत सुरक्षित रखी जा सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 04, 2026, 19:18 IST
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार के आरोपों की व्याख्या: स्कूल नौकरी घोटाले से लेकर ‘चार्जशीट’ की राजनीति तक | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 19:08 IST 2026 के चुनावों से पहले टीएमसी और बीजेपी के व्यापार आरोपों के कारण पश्चिम बंगाल की राजनीति में भ्रष्टाचार के घोटाले हावी हैं, प्रमुख टीएमसी नेता जमानत पर हैं और बीजेपी आक्रामक अभियान हमले कर रही है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी कोलकाता में नादिया के पार्टी नेताओं के साथ बैठक के दौरान पार्टी नेता पार्थ चटर्जी (आर) के साथ। (छवि: पीटीआई फ़ाइल) पश्चिम बंगाल की राजनीतिक लड़ाई में भ्रष्टाचार के आरोप एक मुख्य मुद्दा बन गए हैं, क्योंकि राज्य 2026 के विधानसभा चुनावों की ओर बढ़ रहा है, इसलिए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों मामलों, अदालती घटनाक्रमों और जवाबी आरोपों को हथियार बना रही हैं। विवाद के केंद्र में शिक्षा, खाद्य वितरण और कथित अवैध व्यापार नेटवर्क जैसे क्षेत्रों से जुड़े वरिष्ठ टीएमसी नेताओं से जुड़े हाई-प्रोफाइल मामलों की एक श्रृंखला है। राजनीतिक रूप से सबसे अधिक नुकसानदायक स्कूल भर्ती घोटाला रहा है, जहां अदालत के हस्तक्षेप के बाद 25,000 से अधिक शिक्षण और गैर-शिक्षण नौकरियां रद्द कर दी गईं। पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी, जो कभी टीएमसी में एक प्रमुख संगठनात्मक व्यक्ति थे, को 2022 में उनके सहयोगी से जुड़ी संपत्तियों से बड़ी मात्रा में नकदी बरामद होने के बाद गिरफ्तार किया गया था। मामले का दायरा बढ़कर माणिक भट्टाचार्य, जिबनकृष्ण साहा और कुंतल घोष जैसे पार्टी के अन्य नेताओं को भी इसमें शामिल कर लिया गया। इसके समानांतर, राशन वितरण घोटाले में वरिष्ठ नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक की गिरफ्तारी हुई, जबकि मवेशी तस्करी मामले में कद्दावर नेता अणुब्रत मंडल को केंद्रीय एजेंसियों ने हिरासत में ले लिया। कल्याण वितरण और कथित अवैध व्यापार से जुड़े ये मामले विपक्ष के प्रणालीगत भ्रष्टाचार के व्यापक आख्यान में शामिल हो गए। राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट रहा है। विशेष रूप से, स्कूली नौकरियों के मामले ने एक संवेदनशील तंत्रिका पर प्रहार किया, जिसने हजारों उम्मीदवारों और उनके परिवारों को सीधे प्रभावित किया, भ्रष्टाचार को एक अमूर्त आरोप से एक जीवित शिकायत में बदल दिया। कल्याण से जुड़े आरोप, जैसे कि राशन वितरण से जुड़े आरोप, ने गरीब वर्गों के बीच चिंताओं को और अधिक बढ़ा दिया है। हालाँकि, हाल के महीनों में कथा विकसित हुई है। द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, चटर्जी, मल्लिक और मोंडल सहित कई प्रमुख टीएमसी नेता अब अदालत के आदेश के बाद जमानत पर बाहर हैं। पश्चिम बंगाल को लंबित मनरेगा फंड जारी करने के सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को भी टीएमसी ने केंद्र के साथ अपने झगड़े में पुष्टि के रूप में पेश किया है। एक वरिष्ठ टीएमसी नेता ने प्रकाशन को बताया कि “राजनीति पूरी तरह से धारणा के बारे में है”, उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी नेताओं की जमानत को समर्थकों द्वारा बरी नहीं तो राहत के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी ने इन घटनाक्रमों का इस्तेमाल यह तर्क देने के लिए किया है कि भाजपा के आरोप राजनीति से प्रेरित थे, अभिषेक बनर्जी ने फंड रोकने को बंगाल को “दंडित” करने का प्रयास बताया। आरोपों का सामना कर रहे नेताओं ने भी बगावती सुर छेड़ दिया है. ज्योतिप्रिय मल्लिक ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि आगामी चुनावों में “रिकॉर्ड जीत” उनकी गिरफ्तारी के पीछे एक साजिश के रूप में वर्णित उनकी प्रतिक्रिया होगी, यह संकेत देते हुए कि आरोपी राजनीतिक रूप से सक्रिय हैं और पार्टी संरचना के भीतर अंतर्निहित हैं। हालाँकि, भाजपा ने अपना हमला दोगुना कर दिया है। पार्टी के नेता टीएमसी को “पूरी तरह से भ्रष्ट” बताते रहे, उनका तर्क है कि जमानत क्लीन चिट नहीं है। ज़मीनी स्तर पर, यह लक्षित अभियानों में तब्दील हो गया है। द टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने हाल ही में मालदा और मुर्शिदाबाद में छह टीएमसी विधायकों के खिलाफ “चार्जशीट” जारी की, जिसमें भ्रष्टाचार, शासन विफलताओं और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप लगाया गया। टीएमसी ने इन्हें राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज कर दिया है और बीजेपी पर मतदाताओं के ध्रुवीकरण की कोशिश का आरोप लगाया है. भ्रष्टाचार की बहस टीएमसी तक ही सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों और राजनीतिक गठजोड़ से जुड़े सवाल भी चर्चा में आ गए हैं। द इंडियन एक्सप्रेस की एक जांच में पाया गया कि विभिन्न दलों के कई विपक्षी नेताओं – जिनमें बंगाल के लोग भी शामिल हैं – ने देखा कि भाजपा में शामिल होने के बाद मामले धीमे हो गए या रुक गए, इस घटना को विपक्षी दल अक्सर “वॉशिंग मशीन” प्रभाव के रूप में वर्णित करते हैं। भाजपा ने किसी भी गलत काम से इनकार किया है और कहा है कि एजेंसियां सबूतों के आधार पर काम करती हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी, जो कभी टीएमसी के वरिष्ठ नेता थे, जो 2021 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा में शामिल हो गए थे, नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में आरोपी बने हुए हैं, और मामला अभियोजन की मंजूरी के लिए लंबित है। इसी तरह, कोलकाता के पूर्व मेयर सोवन चटर्जी, जो छोड़ने से पहले कुछ समय के लिए भाजपा में शामिल हुए थे, को बाद में उसी मामले के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था और वर्तमान में वह जमानत पर बाहर हैं। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए, इस इलाके में नेविगेट करने के लिए एक बहु-आयामी रणनीति की आवश्यकता है। 2023 की एक रिपोर्ट में, इंडियन एक्सप्रेस ध्यान दें कि टीएमसी ने न केवल आरोपों का विरोध करके बल्कि राजनीतिक प्रवचन को फिर से तैयार करके भ्रष्टाचार की कहानी का मुकाबला करने की कोशिश की। इसमें पिछले शासनों के तहत कथित प्रथाओं के साथ समानताएं बनाने के प्रयास शामिल हैं। एक उदाहरण में, टीएमसी नेता उदयन गुहा ने सार्वजनिक रूप से अपने ही पिता, जो वामपंथी सरकार में पूर्व मंत्री थे, पर अनियमित नौकरी नियुक्तियों का आरोप लगाया, जो वर्तमान व्यवस्था से परे भ्रष्टाचार की बहस को व्यापक बनाने के प्रयास का संकेत है। साथ ही, पार्टी ने आरोपों से ध्यान हटाकर शासन पर केंद्रित करने के लिए कल्याण वितरण और प्रत्यक्ष मतदाता पहुंच को दोगुना कर दिया है। लक्ष्मी भंडार और कन्याश्री जैसी योजनाओं पर निरंतर जोर इस दृष्टिकोण को दर्शाता है, भले ही विपक्ष भ्रष्टाचार के मामलों पर ध्यान
चमकती स्किन और मजबूत बालों का सीक्रेट छुपा है आपके आंगन में, एक्सपर्ट से जानें एलोवेरा इस्तेमाल करने का सही तरीका

Last Updated:April 04, 2026, 19:05 IST Aloe Vera Benefits: प्रकृति ने हमें औषधीय पौधों के रूप में अनमोल खजाना दिया है, जो न केवल गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सक्षम हैं, बल्कि हमारी सुंदरता को भी चार चांद लगा सकते हैं. आज के दौर में जब हर कोई बेदाग और चमकदार त्वचा की चाहत में महंगे केमिकल प्रोडक्ट्स पर हजारों रुपये खर्च कर रहा है, तब आपके घर के आंगन में लगा एक छोटा सा पौधा ‘एलोवेरा’ गेम चेंजर साबित हो सकता है. चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट्स का मानना है कि यदि एलोवेरा का सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो भीषण गर्मी में भी आपकी त्वचा और बाल कुदरती रूप से चमकते रहेंगे. प्रकृति ने हमें औषधीय पौधों के रूप में अनमोल खजाना दिया है, जो न केवल गंभीर बीमारियों को दूर रखने में सक्षम हैं, बल्कि हमारी सुंदरता को भी चार चांद लगा सकते हैं. हमें विभिन्न प्रकार की दवाइयां की आवश्यकता नहीं होगी. वहीं, दूसरी ओर हर कोई चाहता है कि उसकी त्वचा अच्छी रहे, वह सबसे ज्यादा खूबसूरत दिखें. इसके लिए वह विभिन्न प्रकार के बाजार के प्रोडक्ट का भी उपयोग करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके घर आंगन में ही एक ऐसा औषधीय पौधा भी मौजूद है. जिसका उपयोग अगर आप करते हैं, तो आपकी त्वचा में गिलोय भी बना रहेगा. आप गर्मी के मौसम में भी काफी खूबसूरत दिखेंगे. दरअसल, चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में संचालित बॉटनी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर एवं आयुर्वेदिक मेडिसिन प्लांट के एक्सपर्ट प्रोफेसर विजय मलिक के अनुसार आयुर्वेद की दृष्टि से एलोवेरा काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. बाजार में मिलने वाले सभी सौंदर्य प्रोडक्ट में एलोवेरा का उपयोग किया जाता है. ऐसे में अगर आप नॉरमल फॉर्म में एलोवेरा का उपयोग करेंगे तो निश्चित तौर पर आपकी त्वचा के लिए काफी बेहतर है. Add News18 as Preferred Source on Google उन्होंने बताया कि एलोवेरा के अंदर विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन बी भरपूर मात्रा में पाया जाता है. जो पोषण देता है, ऐसे मगर आप एलोवेरा की जेल को अपनी त्वचा पर लगाएंगे. तो इससे आपकी त्वचा काफी बेहतर रहेगी. उन्होंने बताया कि एलोवेरा का उपयोग करने से पहले एलोवेरा के ऊपरी हिस्से को आप किसी भी नुकीली चीज से अच्छे से कांटे. उसके बाद उसकी ऊपरी परत को हटाए, लेकिन ध्यान रहे इसमें कांटे होते हैं. वह आपके ना लगे जब आप इसकी ऊपरी परत को अच्छे से निकाल देंगे. तब इसके अंदर जो सफेद जेल निकलता है. उसका आप उपयोग कर सकते हैं. इसका उपयोग आपकी त्वचा के लिए काफी बेहतर हो सकता है. उन्होंने बताया कि यह आपकी त्वचा की गिलोय के साथ ही वालों को भी काफी मजबूती प्रदान करता है. बालों में खूबसूरत शाइनिंग एवं चेहरे की गिलोय के माध्यम से आप काफी सुंदर दिख सकते हैं. वहीं गर्मी के मौसम में विभिन्न प्रकार के फंगस के कारण त्वचा को नुकसान होता है, उसमें भी यह आपका बचाव करेगा. उन्होंने बताया कि एलोवेरा जेल जलन और खुजली को भी कम करने में काफी महत्वपूर्ण माना जाता है. वही भीषण गर्मी में धूप के नुकसान से भी बचाने में आपकी मदद करेगा. इसके साथ ही बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में यह मदद करता है. साथ ही, एलोवेरा के जेल का जूस पेट की समस्याओं का भी समाधान करता है. क्योंकि इसमें एंटी इन्फ्लेमेटरी और इम्यून सिस्टम से संबंधित औषधि गुण भी पाए जाते हैं. बताते चलें कि आयुर्वेदिक औषधियां का उपयोग सीमित मात्रा में ही किया जाता है. ऐसे में अगर आप भी एलोवेरा का उपयोग करना चाहते हैं. तो इससे पहले आप आयुर्वेद एक्सपर्ट से सलाह अवश्य कर ले. जिससे कि एलोवेरा के अनेकों फायदे उठा सके. साथ ही इसका उपयोग करते समय कुछ सावधानी बरतनी होती है. जो आपको एक्सपर्ट अच्छे सेबता सकते हैं. First Published : April 04, 2026, 19:05 IST
मुकेश कुमार ने 2 बेहतरीन कैच पकड़े:बुमराह के डायरेक्ट हिट से नीतीश रन आउट, निसांका के 2 कैच छूटे; रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स

अरुण जेटली स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स ने मुंबई इंडियंस को 6 विकेट से हरा दिया। DC के पेसर मुकेश कुमार ने 2 बेहतरीन कैच पकड़े। पाथुम निसांका को 2 जीवनदान मिले। वहीं जसप्रीत बुमराह के डायरेक्ट हिट ने नीतीश राणा को पवेलियन भेजा। DC vs MI मैच के मोमेंट्स-रिकॉर्ड्स… 1. रोहित के दिल्ली के खिलाफ 50 सिक्स पूरे रोहित शर्मा के दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 50 सिक्स पूरे हो गए हैं। वे IPL में किसी एक टीम के खिलाफ सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले बल्लेबाजों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। इस सूची में क्रिस गेल टॉप पर काबिज हैं, जिन्होंने पंजाब किंग्स के खिलाफ 61 और कोलकाता के खिलाफ 54 सिक्स लगाए हैं। 2. रोहित-सूर्या ने 10वीं बार फिफ्टी पार्टनरशिप की रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की जोड़ी ने मुंबई इंडियंस के लिए 10वीं बार 50+ रन की साझेदारी की है। इसके साथ ही यह जोड़ी टीम के लिए सबसे ज्यादा फिफ्टी पार्टनरशिप करने वाली जोड़ियों की लिस्ट में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। इस मामले में रोहित और ईशान किशन की जोड़ी 18 साझेदारियों के साथ टॉप पर है, जबकि सूर्यकुमार यादव और तिलक वर्मा 13 साझेदारियों के साथ दूसरे नंबर पर हैं। यहां से टॉप-6 मोमेंट्स.. 1. रिकेल्टन-रोहित ने चौके से अपना खाता खोला मुंबई के लिए रायन रिकेल्टन और रोहित शर्मा ने चौके से अपना खाता खोला। पहले ओवर की पहली ही गेंद पर मुकेश कुमार की गुड लेंथ गेंद को रायन रिकेल्टन ने मिड-ऑन के पास गैप में खेलकर चौका लगा दिया। इसके बाद दूसरे ओवर में रोहित शर्मा ने लुंगी एनगिडी की बॉल पर चौका लगा दिया। लुंगी ने ऑफ स्टंप के बाहर शॉर्ट ऑफ लेंथ गेंद फेंकी। रोहित ने आगे बढ़कर शॉट खेला, गेंद बल्ले का किनारा लेकर पॉइंट के पीछे गैप में गई और चौके के लिए निकल गई। 2. मुकेश ने खुद की बॉल पर कैच लिया दूसरे ओवर में मुकेश कुमार ने तिलक वर्मा को कैच एंड बोल्ड कर पवेलियन भेज दिया। ऑफ स्टंप के बाहर डाली गई धीमी गेंद पर तिलक वर्मा ड्राइव खेलने गए, लेकिन टाइमिंग गड़बड़ा गई। गेंद हल्के से उछलकर गेंदबाज की ओर ही चली गई, जहां मुकेश कुमार ने फॉलो-थ्रू में आगे बढ़ते हुए झुककर शानदार कैच लपक लिया। तिलक वर्मा 2 गेंदों में खाता खोले बिना आउट हो गए। 3. मुकेश के रनिंग कैच से रदरफोर्ड आउट 12वें ओवर में मुंबई का चौथा विकेट गिरा। विपराज निगम ने इस ओवर में शेरफेन रदरफोर्ड को आउट कर दिया। रदरफोर्ड ने स्लॉग स्वीप खेलने की कोशिश की, लेकिन शॉट में दूरी कम और ऊंचाई ज्यादा थी। गेंद डीप स्क्वायर लेग की ओर गई, जहां मुकेश कुमार ने दाईं ओर तेजी से दौड़ते हुए शानदार कैच लपका। रदरफोर्ड 7 गेंदों में 5 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। 4. सूर्या फिफ्टी की अगली ही बॉल पर आउट 16वें ओवर में लुंगी एनगिडी ने मुंबई के कप्तान सूर्यकुमार यादव को LBW कर किया। बैक ऑफ लेंथ गेंद पर सूर्यकुमार पुल शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद की रफ्तार और उछाल को सही तरह से पढ़ नहीं सके और गेंद सीधे उनके जांघ पर लगी। अंपायर ने काफी सोचने के बाद उन्हें आउट दिया, जिसके बाद सूर्यकुमार ने रिव्यू लिया। रिप्ले में दिखा कि इम्पैक्ट ऑफ स्टंप पर था और गेंद विकेट्स पर जा रही थी, ऐसे में फैसला बरकरार रहा। सूर्यकुमार यादव 36 गेंदों में 51 रन बनाकर आउट हुए, जिसमें 3 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। इसके एक बॉल पहले ही उन्होंने फिफ्टी पूरी की थी। 5. बुमराह के डायरेक्ट हिट से नीतीश रनआउट दिल्ली का दूसरा विकेट रनआउट से गिरा। जसप्रीत बुमराह के डायरेक्ट हिट के चलते नीतीश राणा रनआउट हो गए। ऑफ स्टंप की धीमी गेंद को राणा ने मिड-विकेट की ओर खेला और रन के लिए दौड़ पड़े। लेकिन बीच में हल्का सा रुकने की वजह से तालमेल बिगड़ गया। बुमराह ने गेंद उठाई और थ्रो मारकर स्टंप्स बिखेर दिए। नीतीश राणा डाइव लगाने के बावजूद क्रीज से काफी दूर रह गए और 3 गेंदों में बिना खाता खोले आउट हो गए। 6. निसांका को 2 जीवनदान मिले दिल्ली के ओपनर पाथुम निसांका को 2 जीवनदान मिले। चौथे ओवर में दीपक चाहर और 9वें ओवर में नमन धीर से कैच छूटा। चौथे ओवर की चौथी बॉल चाहर ने बैक ऑफ लेंथ फेंकी, पाथुम निसांका ने आगे बढ़कर शॉट खेला। गेंद सीधे गेंदबाज की ओर चली गई। चाहर के पास कैच का मौका था, लेकिन गेंद काफी तेजी से आई और उनके हाथों से छूट गई। 9वें ओवर में फिर नमन धीर ने कैच छोड़ा। ओवर की दूसरी बॉल कॉर्बिन बॉश ने लेग स्टंप पर शॉर्ट पिच फेंकी। निसांका ने शॉट खेला, लेकिन गेंद लॉन्ग लेग बाउंड्री की ओर चली। नमन धीर ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथ से छूट गई। निसांका फिर 44 रन बनाकर मिचेल सैंटनर की गेंद पर कैच हुए।
जंग के बीच पैसा बनाने में जुटे ट्रम्प के बेटे:ड्रोन बनाने वाली कंपनी से जुड़े, एक्सपर्ट बोले- युद्ध से फायदा कमाने वाले पहले राष्ट्रपति

अमेरिका में एक ड्रोन स्टार्टअप को लेकर विवाद खड़ा हो गया है, जिसमें राष्ट्रपति ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर जुड़े हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लोरिडा की पावरस कंपनी मिडिल ईस्ट के देशों को अपने ड्रोन सिस्टम बेचने की कोशिश कर रही है। ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर फरवरी के अंत में इस कंपनी से सलाहकार के तौर पर जुड़े थे, ये वही समय था जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला किया था। हालांकि दोनों को कंपनी में बड़ी हिस्सेदारी मिलने की उम्मीद है। पावरस से जुड़े अधिकारियों ने अबू धाबी में अधिकारियों से मुलाकात की है। बातचीत इस बात पर हुई कि UAE को हथियार और ड्रोन डिफेंस सिस्टम बेचे जा सकते हैं, क्योंकि वह ईरान के खिलाफ अपने डिफेंस को और मजबूत करना चाहता है। इस घटना के बाद आलोचकों का कहना है कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमा रहे हैं। पावरस के सह-संस्थापक ब्रेट वेलिकोविच ने बताया कि उनकी टीम खाड़ी के कई देशों में ड्रोन डेमो दिखा रही है, ताकि यह समझाया जा सके कि उनके इंटरसेप्टर ड्रोन ईरानी हमलों से बचाव में कैसे मदद कर सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि किन देशों में यह प्रदर्शन किया जा रहा है। वेलिकोविच ने कहा कि अमेरिका को चीन और रूस जैसे देशों से मुकाबले के लिए तेजी से ड्रोन तकनीक विकसित करनी होगी, नहीं तो वह पीछे रह जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है। पावरस ने गार्डियन-1 ड्रोन लॉन्च किया इस पूरे मामले से यह साफ होता है कि ईरान युद्ध के चलते ड्रोन और एंटी-ड्रोन सिस्टम की मांग बढ़ रही है। ईरान सस्ते ड्रोन का इस्तेमाल कर रहा है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी महंगे मिसाइल सिस्टम से उन्हें गिराने की कोशिश करते हैं। इससे लागत का बड़ा अंतर पैदा हो रहा है। यही वजह है कि सस्ते और असरदार एंटी-ड्रोन सिस्टम बनाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा मौका बन रहा है। पावरस ने हाल ही में ‘गार्डियन-1’ नाम का एक इंटरसेप्टर लॉन्च किया है, जो खास तौर पर आत्मघाती ड्रोन, जैसे ईरान के शाहेद-136 को गिराने के लिए बनाया गया है। पावरस की 1.1 अरब डॉलर के फंड पर नजर द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, पावरस की नजर पेंटागन द्वारा ड्रोन निर्माण के लिए रखे गए 1.1 अरब डॉलर के फंड पर है। यह फंड अमेरिका में ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ाने के लिए रखा गया है। इस कंपनी का कहना है कि यह समय तेजी से तकनीक विकसित करने का है, क्योंकि दुनिया एक तरह की हथियारों की दौड़ में है। पावरस के साथ कुछ पूर्व अमेरिकी सैन्य अधिकारी भी जुड़े हैं। इनमें जनरल चार्ल्स क्यू. ब्राउन और रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल कीथ केलॉग जैसे नाम शामिल हैं, जो कंपनी को रणनीतिक सलाह दे रहे हैं। शेयर मार्केट में लिस्ट होने की तैयारी कर रही पावरस पावरस कंपनी जल्द ही शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही है। इसके लिए वह एक नैस्डैक में लिस्टेड कंपनी के साथ मर्ज करने जा रही है। इस बिजनेस में ट्रम्प जूनियर और एरिक ट्रम्प ने निवेश किया है। दोनों भाई ड्रोन सेक्टर में सक्रिय निवेशक हैं और अमेरिकन वेंचर्स नाम के फंड से जुड़े हैं, जिसने ड्रोन कंपनियों में करीब 1 अरब डॉलर का निवेश किया हुआ है। वे ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एरिक ट्रम्प ने इस निवेश का बचाव करते हुए कहा कि उन्हें उन कंपनियों में निवेश करने पर गर्व है, जिन पर उन्हें भरोसा है। उनके मुताबिक, ड्रोन भविष्य की बड़ी तकनीक है। विपक्षी नेता ने रक्षा मंत्री को शिकायती चिट्ठी लिखी पूर्व अमेरिकी एथिक्स अधिकारी रिचर्ड पेंटर ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति के परिवार के लोग युद्ध से फायदा कमाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा- यह पहली बार हो सकता है जब किसी राष्ट्रपति का परिवार युद्ध से इतना पैसा कमाए। पेंटर ने कहा कि खाड़ी देशों पर दबाव हो सकता है कि वे राष्ट्रपति के परिवार से जुड़ी कंपनी से खरीदारी करें, ताकि उन्हें अमेरिकी समर्थन मिलता रहे। उन्होंने कहा कि ट्रम्प के बेटों की कंपनी ऐसे समय में बिजनेस कर रही है, जब उनके पिता के फैसलों से ही युद्ध की स्थिति बनी। इससे हितों के टकराव का मुद्दा उठ रहा है। ट्रम्प जूनियर के इन निवेशों पर विपक्षी नेताओं ने भी सवाल उठाए हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर एलिजाबेथ वॉरेन ने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को चिट्ठी लिखकर पूछा है कि क्या इन कंपनियों को सरकारी ठेके सही तरीके से दिए जा रहे हैं, या फिर राष्ट्रपति के परिवार को फायदा पहुंचाया जा रहा है। क्या करती है पॉवरस कंपनी पॉवरस की स्थापना 2025 में की गई थी। यह कंपनी पूर्व सैन्य अधिकारियों और टेक्नोलॉजी विशेषज्ञों ने शुरू की है। शुरुआत से ही इसका फोकस एडवांस ड्रोन और ऑटोमेशन टेक्नोलॉजी पर रहा है। यह कंपनी आधुनिक ड्रोन, ऑटोनॉमस सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े उपकरण बनाती है। इसके ड्रोन सेना, निगरानी, बॉर्डर सुरक्षा और आपदा राहत जैसे कामों में इस्तेमाल किए जा सकते हैं। कंपनी के को-फाउंडर ब्रेट वेलिकोविच हैं, जो अमेरिकी सेना से जुड़े रहे हैं। कंपनी अलग-अलग यूनिट्स के जरिए काम करती है, जो एयर, डिफेंस और समुद्री ड्रोन सिस्टम पर फोकस करती हैं। पॉवरस को अब तक करीब 50 से 60 मिलियन डॉलर का निवेश मिल चुका है। कंपनी में एरिक ट्रम्प और डोनाल्ड ट्रम्प जैसे बड़े नाम भी निवेशक के रूप में जुड़े हैं। कंपनी अभी नई है, इसलिए इसकी कमाई (रेवेन्यू) से जुड़ी कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं है। फिलहाल कंपनी का ध्यान प्रोडक्शन और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट पर है। होटल से लेकर टेक्नोलॉजी तक फैला ट्रम्प परिवार का कारोबार डोनाल्ड ट्रम्प का परिवार लंबे समय से बड़े बिजनेस साम्राज्य के लिए जाना जाता है। ट्रम्प परिवार का मुख्य कारोबार ट्रम्प ऑर्गनाइजेशन के जरिए चलता है, जो कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। ट्रम्प परिवार का पारंपरिक बिजनेस रियल एस्टेट और होटल सेक्टर में रहा है। दुनिया के कई शहरों में उनके लग्जरी होटल, रिसॉर्ट और गोल्फ कोर्स हैं। इसके अलावा वे बड़े-बड़े कमर्शियल बिल्डिंग और प्रॉपर्टी प्रोजेक्ट्स में भी निवेश करते हैं। हाल के वर्षों में









