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राजगढ़ में ओलावृष्टि से लोहे-सीमेंट की चद्दरों में छेद हुए:खेतों में फसलों को ढकने वाले त्रिपाल भी फटे, 15 मिनट ओला गिरने से भारी नुकसान

राजगढ़ में ओलावृष्टि से लोहे-सीमेंट की चद्दरों में छेद हुए:खेतों में फसलों को ढकने वाले त्रिपाल भी फटे, 15 मिनट ओला गिरने से भारी नुकसान

राजगढ़ जिले में शनिवार शाम तेज आंधी और बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। बड़े-बड़े ओले गिरने से कई घरों की लोहे और सीमेंट की चद्दरें टूट गईं, जिनमें बड़े छेद हो गए। कुछ ही देर में जमीन पर ओलों की सफेद परत बिछ गई। जिले के माचलपुर के बाढ़गांव, रामगढ़, कोड़क्या और पीपल्या कुल्मी और खिलचीपुर क्षेत्र के ढाबली, सतनखेड़ी, ढाबला, मोखमपुरा, सेदरी, सहित कुरावर, सुठालिया, गिंदौरहाट, सहित कई गांवों में शाम करीब 6 बजे के बाद ओलावृष्टि शुरू हुई। लगभग 15 मिनट तक लगातार ओले गिरे, जिसके साथ तेज बारिश भी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों और खलिहानों में फसलों को बचाने के लिए डाले गए त्रिपाल भी ओलों की तेज मार से फट गए। घरों की छतों पर लगी लोहे और सीमेंट की चद्दरों को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिससे वे टूट गईं और उनमें छेद हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवाएं लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। शनिवार को राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मध्यप्रदेश में सबसे कम था। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

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राजगढ़ में ओलावृष्टि से लोहे-सीमेंट की चद्दरों में छेद हुए:खेतों में फसलों को ढकने वाले त्रिपाल भी फटे, 15 मिनट ओला गिरने से भारी नुकसान

राजगढ़ जिले में शनिवार शाम तेज आंधी और बारिश के साथ भारी ओलावृष्टि हुई। बड़े-बड़े ओले गिरने से कई घरों की लोहे और सीमेंट की चद्दरें टूट गईं, जिनमें बड़े छेद हो गए। कुछ ही देर में जमीन पर ओलों की सफेद परत बिछ गई। जिले के माचलपुर के बाढ़गांव, रामगढ़, कोड़क्या और पीपल्या कुल्मी और खिलचीपुर क्षेत्र के ढाबली, सतनखेड़ी, ढाबला, मोखमपुरा, सेदरी, सहित कुरावर, सुठालिया, गिंदौरहाट, सहित कई गांवों में शाम करीब 6 बजे के बाद ओलावृष्टि शुरू हुई। लगभग 15 मिनट तक लगातार ओले गिरे, जिसके साथ तेज बारिश भी हुई। ग्रामीणों ने बताया कि खेतों और खलिहानों में फसलों को बचाने के लिए डाले गए त्रिपाल भी ओलों की तेज मार से फट गए। घरों की छतों पर लगी लोहे और सीमेंट की चद्दरों को भी भारी नुकसान पहुंचा, जिससे वे टूट गईं और उनमें छेद हो गए। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान हवाएं लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलीं। विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है। शनिवार को राजगढ़ में न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो मध्यप्रदेश में सबसे कम था। अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

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