दूध-दही के घटक भी बन सकते हैं खतरनाक, गलत खाद्य पदार्थ संयोजन से बढ़ सकते हैं विकार, जानें क्या नहीं

9 अप्रैल 2026 को 11:10 IST पर अपडेट किया गया दूध और दही के साइड इफेक्ट्स: दूध और दही को शामिल करना हानिकारक माना जाता है, लेकिन अगर इसे गलत तरीके से खाने के साथ खाया जाए तो जहर भी बन सकता है और बीमारियां भी हो सकती हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)गलत भोजन संयोजन(टी)दूध और दही के दुष्प्रभाव(टी)आयुर्वेदिक आहार युक्तियाँ(टी)फलों के साथ दूध के दुष्प्रभाव(टी)अस्वास्थ्यकर भोजन संयोजन(टी)पाचन समस्याएं भोजन(टी)गर्म चावल के साथ दही(टी)स्वास्थ्य युक्तियाँ आयुर्वेद(टी)खराब भोजन संयोजन(टी)पोषण संबंधी गलतियाँ
तरबूज खाएं या खरबूजा? गर्मियों में कौन है असली ‘हेल्थ टॉनिक’, जानें कैंसर से बचाव और वजन घटाने के लिए क्या है बेस्ट!

Last Updated:April 09, 2026, 10:48 IST Watermelon Muskmelon Benefits: गर्मियों ने दस्तक दे दी है. इस मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है. जब भी हम बाजार जाते हैं, तो दो फल हमें सबसे ज्यादा नजर आते हैं- लाल रसीला तरबूज (Watermelon) और खुशबूदार खरबूजा (Muskmelon). लेकिन अक्सर हमारे मन में यह सवाल उठता है कि इन दोनों में से सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद कौन सा है? क्या ये सिर्फ प्यास बुझाते हैं या इनके पीछे कोई गहरा औषधीय गुण भी छिपा है? आइए, जानते हैं कि आपकी सेहत के लिए असली ‘हेल्थ टॉनिक’ कौन सा है. Tarbuj-Kharbuja ke fayde : गर्मियों के इन दोनों सुपरफूड्स की सबसे बड़ी खूबी इनका वॉटर कंटेंट है. USDA के अनुसार, तरबूज में लगभग 92% पानी होता है, जो इसे डिहाइड्रेशन से लड़ने का सबसे शक्तिशाली हथियार बनाता है. दूसरी ओर, खरबूजे में करीब 90% पानी के साथ-साथ फाइबर की मात्रा थोड़ी अधिक होती है. अगर आप चिलचिलाती धूप से लौटकर आए हैं, तो तरबूज शरीर के तापमान को तुरंत कम करने में मदद करता है, जबकि खरबूजा आपके पाचन तंत्र को ठंडक पहुँचाने का काम करता है. इम्यूनिटी बढ़ाने की बात करें, तो खरबूजा यहाँ बाजी मारता नजर आता है. खरबूजे में विटामिन C और विटामिन A प्रचुर मात्रा में होते हैं. विटामिन C न केवल संक्रमण से लड़ने वाली सफेद रक्त कोशिकाओं को बढ़ाता है, बल्कि आपकी त्वचा में कोलेजन के स्तर को भी बनाए रखता है. वहीं, तरबूज में मौजूद लाइकोपीन (Lycopene) एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है, जो कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाता है और शरीर की आंतरिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है. आजकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए लोग प्राकृतिक रास्तों की तलाश कर रहे हैं. तरबूज का गहरा लाल रंग उसमें मौजूद लाइकोपीन की वजह से होता है. कई शोध बताते हैं कि लाइकोपीन प्रोस्टेट कैंसर और फेफड़ों के कैंसर के जोखिम को कम करने में मददगार हो सकता है. खरबूजा भी पीछे नहीं है; इसमें मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में जाकर विटामिन A में बदल जाता है, जो फ्री-रेडिकल्स से लड़ने में शरीर की मदद करता है और कैंसर जैसी स्थितियों के विरुद्ध सुरक्षा कवच तैयार करता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आपका लक्ष्य वजन घटाना (Weight Loss) है, तो ये दोनों ही फल आपके बेस्ट फ्रेंड बन सकते हैं. तरबूज में कैलोरी बहुत कम होती है (प्रति 100 ग्राम केवल 30 कैलोरी), और इसे खाने से पेट जल्दी भर जाता है. वहीं खरबूजा अपने उच्च फाइबर कंटेंट की वजह से आपको लंबे समय तक भूख का अहसास नहीं होने देता. अगर आपको मीठा खाने की क्रेविंग होती है, तो खरबूजा एक बेहतरीन विकल्प है क्योंकि यह तरबूज की तुलना में थोड़ा ज्यादा ‘फिलिंग’ महसूस होता है. दिल की सेहत (Heart Health) के लिए तरबूज में मौजूद सिट्रुलिन (Citrulline) नाम का अमीनो एसिड रक्तचाप को नियंत्रित करने में सहायक होता है. यह धमनियों में रक्त के प्रवाह को सुचारू बनाता है. दूसरी तरफ, खरबूजे में पोटेशियम की मात्रा काफी अच्छी होती है, जो सोडियम के प्रभाव को कम कर ब्लड प्रेशर को स्थिर रखता है. यानी, अगर आप हाई बीपी के मरीज हैं, तो ये दोनों फल आपके लिए किसी टॉनिक से कम नहीं हैं. आंखों की रोशनी और त्वचा की चमक के मामले में खरबूजा काफी प्रभावी माना जाता है. इसमें मौजूद विटामिन A आंखों की मासपेशियों को ताकत देता है. तरबूज आपकी स्किन को हाइड्रेटेड रखकर ‘नेचुरल ग्लो’ देता है और धूप से होने वाले सनबर्न के असर को कम करता है. एथलीट्स और जिम जाने वालों के लिए तरबूज का रस मांसपेशियों के दर्द (Muscle Soreness) को कम करने के लिए एक जादुई ड्रिंक की तरह काम करता है. अंत में, सवाल वही है—किसे चुनें? असलियत यह है कि तरबूज और खरबूजा दोनों के अपने अलग फायदे हैं. अगर आपको ज्यादा प्यास लगती है और आप वर्कआउट करते हैं, तो तरबूज आपके लिए बेस्ट है. लेकिन अगर आप पाचन सुधारना चाहते हैं और अपनी इम्यूनिटी पर ध्यान देना चाहते हैं, तो खरबूजा एक बेहतरीन चुनाव है. सबसे अच्छा तरीका यह है कि आप अपनी डाइट में दोनों को शामिल करें, लेकिन ध्यान रहे कि इन्हें खाने के तुरंत बाद पानी न पिएं और रात के समय इनके सेवन से बचें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) First Published : April 09, 2026, 10:48 IST
इंदौर में सगाई में रिश्तेदारों के बीच खूनी संघर्ष:खाने-पीने की बात पर विवाद, डंडे-पेचकस से हमला, युवक की मौत

इंदौर के तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में दो परिवारों के बीच हुए विवाद ने एक युवक की जान ले ली। मामला सगाई समारोह में शुरू हुए झगड़े से जुड़ा है, जो बाद में सड़क पर हिंसक हमले में बदल गया। तेजाजी नगर टीआई देवेंद्र मरकाम के मुताबिक, मृतक की पहचान शुभम पुत्र संगतनाथ निवासी महादेव नगर (नार्थ मोहल्ला) के रूप में हुई है। बुधवार रात वह अपने परिवार के साथ उमरीखेड़ा में एक सगाई कार्यक्रम में शामिल होने गया था। पुलिस के अनुसार, झगड़े की शुरुआत खाने-पीने की बात को लेकर हुई थी, जो बाद में हिंसक रूप ले बैठा। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पुलिस ने मामले में शुभम के दोस्त रितिक, करण और एक अन्य युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद करने वाले लोग आपस में रिश्तेदार हैं। सगाई में शुरू हुआ विवाद, बायपास पर घेरकर हमला बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। इसके बाद शुभम अपने साथियों के साथ वहां से निकल गया। आरोप है कि दूसरे पक्ष के लोगों ने उसे बायपास पर घेर लिया और डंडों व पेचकस से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल शुभम को परिजन चोइथराम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर शुभम दुकानों पर नींबू-मिर्ची बांधने का काम करता था। उसके परिवार में एक बड़ा भाई है, जिसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं बताई जा रही है। पिता बारदान (गोदाम) में काम करते हैं, जबकि मां मजदूरी करती है।
भिंड में हेमंत खंडेलवाल बोले- 'धर्म से ऊपर राष्ट्र':इंदौर में पार्षद ने वंदेमातरम न गाकर शहीदों का अपमान किया

भिंड आए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने इंदौर में कांग्रेस पार्षद द्वारा वंदेमातरम गायन में शामिल न होने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आजादी के 75 साल बाद भी कांग्रेस वंदेमातरम व देशप्रेम की भावना से नहीं जुड़ सकी है। उन्होंने कहा कि वंदेमातरम में शामिल न होने पर इंदौर में कांग्रेस पार्षद न होकर उन शहीदों का अपमान किया है, जिन्होंने देश की आजादी में सर्वश्व न्यौछार कर दिया। पत्रकारों से औपचारिक बातचीत के दौरान बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि इंदौर की पार्षद फौजिया शेख अलीम ने धार्मिक भावना के आधार पर वंदेमातरम गायन करने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म से ऊपर राष्ट्र है। राष्ट्रप्रेम की भावना हर व्यक्ति के अंदर होना चाहिए परंतु कांग्रेस राष्ट्रवाद व देशप्रेम की भावना को दिखाती है। उन्होंने कहा कि वंदेमारतम के डेढ़ सौ साल हो गए। भारत सरकार ने उसके सम्मान में पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए है। उन्होंने कहा कि कोई भी धर्म हो। हमारा जो गायन है उसका सम्मान करते है। मैं समझता हूं देश का अपमान है। देश के वीरों का अपमान है। जिन्होंने देश के आजादी के लिए प्राणों की आहूति दी उनका अपमान है। आगे प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस जोकि स्वयं को राष्ट्रवादी संगठन कहता है। मैं समझता हूं कि वो अपने दल के इस पार्षद के खिलाफ एक्शन भी लेगा और रिएक्शन भी लेगा। इसके बाद प्रदेशाध्यक्ष से सवाल किया गया कि भिंड जिले में पिछले कुछ महीनों में विधायकों से तालमेल होता नहीं दिखा? कुछ महीने पहले भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह का भिंड के तात्कालीन कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव से बंगले पर विवाद हुआ था। इसके बाद लहार विधायक अम्बरीश शर्मा द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया। क्या कारण है अधिकारी सुनते नहीं या फिर अनुशासनहीनता है? इस धरना प्रदर्शन के दौरान उन्होंने भिंड कलेक्टर किरोड़ीलाल मीणा को अक्षम अधिकारी बताया और बिजली कंपनी की उप महाप्रबंधक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस सवाल पर प्रदेशाध्यक्ष ने इस पर चुप्पी साध ली। वहीं साथ मैं मौजूद भिंड विधायक कुशवाह ने आगे चलने के लिए कहा। इस दौरान सिर्फ इतना कहा कि कई बार इंड्युजल बातें हो जाती है। इससे पहले उन्होंने कहा कि मैंने आज कार्यकर्ताओं की बैठक ली। संगठन को मजबूत किए जाने के लिए बैठक की। इस दौरान उन्होंने कहा कि भिंड में बीजेपी मजबूत है। आने वाले चुनाव में भिंड से सभी सीटों पर बीजेपी जीतेगी।
विधानसभा चुनाव 2026: पीएम मोदी ने असम, केरल और पुडुचेरी के लोगों से की वोट देने की अपील, जानिए क्या कहा

विधानसभा चुनाव 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम, केरल और पुडुचेरी के लोगों से अपने प्रदेश के विधानसभा चुनाव में बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की। अंग्रेजी के अलावा असमिया, मलयालम और तमिल में जारी अलग-अलग मिर्जा में प्रधानमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं से आगे ज्ञान मतदान करने का आग्रह किया। उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान शुरू होने के साथ, मैं असम के लोगों से बड़ी संख्या में अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील करता हूं। मुझे उम्मीद है कि राज्य के युवाओं और महिलाओं के उत्साह में हिस्सेदारी रहेगी और इस चुनाव में लोकतंत्र और जन अनुकूलता का संतुलन रहेगा।’ केरल के लोगों की बड़ी संख्या में मतदान का आह्वान करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य की लोकतांत्रिक भावना को और बढ़ावा देने के लिए रिकॉर्ड भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा, ‘मैं विशेष रूप से राज्य के युवाओं और महिलाओं से आगे बड़ी संख्या में मतदान करने का प्रस्ताव रखता हूं।’ प्रधानमंत्री ने पुडुचेरी के प्रत्येक मतदाता से एक भी रिकॉर्ड संख्या में मतदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, ‘मैं विशेष रूप से हमारे युवाओं और महिला पुस्तकालयों से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने की अपील करता हूं। पुडुचेरी के भविष्य को आकार देना हर वोट महत्वपूर्ण है।’ असम की 126, केरल की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों के लिए सीटों पर बढ़त हो रही है। पुडुचेरी विधानसभा में 30 सीटों पर जनता के वोट से कब्ज़ा होता है जबकि तीन दलों को केंद्र सरकार द्वारा मनोनीत किया जाता है। (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव(टी)बंगालचुनाव(टी)नरेंद्र मोदी(टी)पीएम मोदी(टी)9 अप्रैल चुनाव असम(टी)ट्विटर(टी)पुडुचेरी(टी)विधानसभा चुनाव 2026(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम चुनाव(टी)बंगाल चुनाव(टी)नरेंद्र मोदी(टी)प्रधानमंत्री मोदी(टी)9 अप्रैल असम चुनाव(टी)ट्विटर(टी)पुडुचेरी(टी)विधानसभा चुनाव 2026
मऊ में तेजी से बढ़ रहे हैं लिवर कैंसर के मामले, जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

Last Updated:April 09, 2026, 09:48 IST मऊ में लिवर कैंसर के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. खराब खान-पान और जीवनशैली इसकी बड़ी वजह बन रही है. विशेषज्ञों के अनुसार समय पर पहचान और संतुलित आहार से इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है. मऊ: वर्तमान समय में लोगों का खान-पान और रहन-सहन कई बीमारियों का कारण बनता जा रहा है. मऊ जिले में भी लिवर कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है. यह एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसमें छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. आइए जानते हैं विशेषज्ञ से कि इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है और किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है. लिवर शरीर का सबसे बड़ा अंग है लोकल 18 से बातचीत में प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार मद्धेशिया बताते हैं कि लिवर कैंसर, लिवर के अंदर होने वाली एक गंभीर विकृति (मैलिग्नेंसी) है. लिवर शरीर का सबसे बड़ा अंग होता है और इसका कार्य बेहद महत्वपूर्ण होता है. आजकल लोग बाहर का खाना अधिक पसंद कर रहे हैं, जिसमें मिलावटी तेल, केमिकल्स और खराब गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल होता है. इससे शरीर में कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व (कार्सिनोजेन) प्रवेश कर जाते हैं, जो धीरे-धीरे लिवर कैंसर का कारण बनते हैं. लिवर कैंसर से बचने के लिए संतुलित आहार जरूरी यदि आप लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचना चाहते हैं, तो अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें. कम मात्रा में और संतुलित भोजन करें. तैलीय और बाहर के फास्ट फूड जैसे चाउमीन, बर्गर और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थों से परहेज करें. यदि तेल का उपयोग करना ही हो, तो घर में शुद्ध सरसों के तेल का इस्तेमाल करें. लिवर पर अधिक दबाव डालने से बचें, क्योंकि इस बीमारी में छोटी सी लापरवाही भी घातक साबित हो सकती है. छोटी सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा लिवर कैंसर के प्रमुख लक्षणों में भूख न लगना, हेपेटाइटिस, डायरिया, पेट दर्द और कमजोरी शामिल हैं. यदि ऐसे कोई लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी योग्य चिकित्सक से संपर्क करें और जांच कराएं. शुरुआती अवस्था में इस बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन अंतिम चरण में इसका उपचार बेहद कठिन हो जाता है. इसलिए समय पर जांच और उपचार बहुत जरूरी है. About the Author Vivek Kumar विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें Location : Maunath Bhanjan,Mau,Uttar Pradesh First Published : April 09, 2026, 09:47 IST
‘धुरंधर’ की स्क्रिप्ट चोरी मामले में आदित्य धर को राहत:बॉम्बे हाईकोर्ट ने 16 अप्रैल तक संतोष कुमार को आरोपों को दोहराने से रोका

बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को फिल्म प्रोड्यूसर संतोष कुमार के खिलाफ एक अंतरिम आदेश पारित किया है। इस आदेश के तहत उन्हें फिल्म धुरंधर और इसके सीक्वल धुरंधर: द रिवेंज की स्क्रिप्ट चोरी के आरोपों को दोहराने या फिल्म के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ कोई भी मानहानिकारक (defamatory) बयान देने से अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। न्यायमूर्ति आरिफ एस. डॉक्टर की बेंच ने यह फैसला आदित्य धर द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान सुनाया। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने कहा कि संतोष कुमार को नोटिस दिया गया था, लेकिन उनकी ओर से कोई पेश नहीं हुआ। आदेश में कहा गया कि अगली सुनवाई तक कुमार इस तरह के शब्दों को दोहराने से परहेज करें। यह आदेश केवल संतोष कुमार पर लागू रहेगा और 16 अप्रैल तक प्रभावी रहेगा, जब मामले की अगली सुनवाई होगी। बता दें कि एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करके संतोष कुमार ने दावा किया था कि ‘धुरंधर’ और ‘धुरंधर 2’ की कहानी उनकी साल 2023 में रजिस्टर्ड स्क्रिप्ट ‘डी साहेब’ से चुराई गई है। इसके बाद धर ने कुमार को लीगल नोटिस भेजा, जिसमें इन आरोपों से इनकार किया गया और आगे ऐसी टिप्पणी न करने की चेतावनी दी गई। नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर धर ने हाईकोर्ट का रुख किया और बयानबाजी पर रोक तथा हर्जाने की मांग की। उनके वकील बीरेंद्र सराफ ने कोर्ट में कहा कि कुमार के बयान मानहानिकारक और इमेज को नुकसान पहुंचाने वाले हैं। वहीं, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि कथित मानहानिकारक टिप्पणियां व्यापक रूप से शेयर की गई थीं। इसके आधार पर अदालत ने सीमित अंतरिम राहत देने का फैसला लिया।
कबाड़ बीनने वाले ने की 5 लाख की चोरी:नर्मदापुरम में रैकी कर सूने मकान में घुसा; खंडवा से गिरफ्तार हुआ 19 वर्षीय शादाब

नर्मदापुरम के जुमेराती क्षेत्र में 3 अप्रैल को सूने मकान का ताला तोड़कर 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवर और नकदी चोरी करने वाले 19 वर्षीय आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कबाड़ बीनने का काम करने वाले इस आरोपी ने पहले घर की रैकी की और फिर वारदात को अंजाम दिया। वर्तमान में कोतवाली पुलिस ने आरोपी को उसके गांव सिहाड़ा (खंडवा) से गिरफ्तार कर चोरी किया गया 5 लाख रुपए का पूरा माल बरामद कर लिया है। 3 अप्रैल को गांव गया था फरियादी का परिवार कोतवाली थाना टीआई कंचन सिंह ठाकुर ने बताया कि 3 अप्रैल को फरियादी रामगोपाल पाण्डे अपने परिवार के साथ गांव गए थे। इसी दौरान अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर में घुसकर गोदरेज का ताला तोड़ा और सोने-चांदी के आभूषण व 2,500 रुपए नकद चोरी कर लिए। फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने चोरी का अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से खंडवा पहुंची पुलिस एसपी सांई कृष्णा के मार्गदर्शन और एसडीओपी जितेंद्र पाठक के नेतृत्व में कोतवाली टीआई ने टीम गठित की। टीम ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध व्यक्ति की लोकेशन खंडवा में ट्रेस की। इसके बाद पुलिस टीम खंडवा के ग्राम सिहाड़ा पहुंची और संदिग्ध की पहचान 19 वर्षीय शेख शादाब (पिता शेख नौशाद) के रूप में की गई। रैकी के बाद दिया था वारदात को अंजाम पुलिस टीम ने शेख शादाब को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिस पर उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से नर्मदापुरम में रहकर कबाड़ बीनने का काम कर रहा था। 3 अप्रैल को उसने फरियादी रामगोपाल पाण्डे के सूने मकान की पहले रैकी की और फिर घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 5 लाख रुपए कीमत के सोने-चांदी के जेवर बरामद कर लिए हैं।
एनर्जी का खजाना है ये काला चना! गर्मी में थकान और सुस्ती भगाएगा दूर, सुबह खाने से पूरे दिन देगा ताकत

Last Updated:April 09, 2026, 07:46 IST Kaala Chana Superfood: पलामू के आयुर्वेद एक्सपर्ट शिव पाण्डेय के मुताबिक नाश्ते में काला चना और दोपहर में सत्तू का शरबत गर्मी में ऊर्जा का सूपरफूड है. इससे ठंडक और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. ख़बरें फटाफट पलामू: गर्मी के मौसम में तेज धूप, उमस और लगातार काम करने के कारण शरीर जल्दी थक जाता है. कई बार दिन में ही सुस्ती और नींद महसूस होने लगती है, जिससे काम करने की क्षमता प्रभावित होती है. ऐसे में दिन की शुरुआत यानी सुबह का नाश्ता बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है. यदि नाश्ता पौष्टिक और संतुलित हो, तो पूरे दिन शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. इस कड़ी में काला चना एक सस्ता, सुलभ और बेहद फायदेमंद विकल्प बनकर सामने आता है, जिसे ‘पावर बूस्टर’ कहना गलत नहीं होगा. जानें आयुर्वेद के एक्सपर्ट से पलामू के आयुर्वेद के एक्सपर्ट शिव पाण्डेय ने लोकल 18 को बताया कि काला चना प्रोटीन, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है. जो शरीर को ताकत देने के साथ-साथ पाचन को भी दुरुस्त रखता है. इसे नाश्ते में शामिल करने का सबसे आसान तरीका है. रात में एक कटोरी काला चना भिगोकर रख दें. सुबह इसे छानकर तैयार कर लें और नाश्ते के समय इसमें बारीक कटा प्याज, हरी मिर्च, धनिया पत्ता, काला नमक, धनिया पाउडर और थोड़ा सा सौंफ मिलाकर स्वादिष्ट मिश्रण तैयार करें. यह नाश्ता न केवल स्वाद में लाजवाब होता है. बल्कि शरीर को ठंडक भी देता है और दिनभर तरोताजा बनाए रखता है. रोग प्रतिरोधक बढ़ जाएगी क्षमता एक्सपर्ट ने आगे कहा कि नियमित रूप से इस तरह तैयार काला चना खाने से शरीर में ऊर्जा की कमी नहीं होती और थकान दूर रहती है. साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी मजबूत करता है, जिससे आप गर्मी के दुष्प्रभावों से बचे रहते हैं. इस नाश्ते को गर्मी के दिनों अपने डाइट में शामिल कर सकते है. सत्तू का शरबत है बेहतरीन विकल्प वहीं, दोपहर के समय शरीर को ठंडक देने के लिए सत्तू का शरबत भी एक बेहतरीन विकल्प है. जौ और चने से तैयार सत्तू न केवल शरीर को ठंडा रखता है. बल्कि लू से भी बचाव करता है. इसके लिए 200 ग्राम पानी में 50 ग्राम सत्तू मिलाएं और उसमें बारीक कटा प्याज, धनिया पत्ता, नींबू का रस, काला नमक और पुदीना की चटनी मिलाकर पीएं. यह पेय शरीर में तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है और अंदर से शीतलता बनाए रखता है. उन्होंने बताया कि आज के समय में जहां लोग कोल्ड ड्रिंक्स की ओर आकर्षित हो रहे हैं. वहीं, काला चना और सत्तू जैसे पारंपरिक आहार कहीं ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक और असरदार हैं. यदि आप गर्मी में खुद को फिट, एक्टिव और तरोताजा रखना चाहते हैं तो इन देसी उपायों को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल करें. About the Author Brijendra Pratap Singh बृजेंद्र प्रताप सिंह डिजिटल-टीवी मीडिया में (2021) लगभग 5 सालों से सक्रिय हैं. मेट्रो न्यूज 24 टीवी चैनल मुंबई, ईटीवी भारत डेस्क, दैनिक भास्कर डिजिटल डेस्क के अनुभव के साथ 14 मई 2024 से News.in में सीनियर कंटें…और पढ़ें Location : Palamu,Jharkhand First Published : April 09, 2026, 07:44 IST
‘वंदे मातरम’ पर घमासान:पार्षद ने वंदे मातरम गाने से किया इंकार; आपत्ति ली तो बोलीं-एक्ट दिखाओ

नगर निगम के बजट सत्र में बुधवार को ‘वंदे मातरम’ पर घमासान हुआ। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम के वंदे मातरम गाने से साफ इनकार करने पर सदन ‘गद्दार’ और ‘गुंडागर्दी’ के नारों से गूंज उठा। इसी बवाल के बीच 8,455 करोड़ का बजट बिना किसी सार्थक चर्चा के पास हो गया और बैठक तय समय से ढाई घंटे पहले ही खत्म कर दी गई। भाजपा पार्षद सुरेश कुरवाड़े ने फौजिया पर वंदे मातरम से बचने के लिए देर से आने का तंज कसा। इस पर फौजिया ने दो-टूक कहा, मैं नहीं गाऊंगी, वो एक्ट दिखाओ जिसमें यह अनिवार्य है। भाजपा पार्षद महेश बसवाल, मनोज मिश्रा, योगेश गेंदर व रूपा पांडे ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान बताते हुए कार्रवाई की मांग की। सभापति मुन्नालाल यादव ने फौजिया को सदन से बाहर कर दिया। विवाद बढ़ाते हुए कांग्रेसी पार्षद रुबीना खान ने कहा, कुरान इसकी इजाजत नहीं देता। अमेरिका ने ईरान के खामेनेई को शहीद किया, तो वहां से तेल क्यों ले रहे हैं? सिर्फ मुस्लिमों को टारगेट किया जा रहा है। संविधान में धर्म पालन की छूट है। इस्लाम में वंदे मातरम नहीं बोल सकते। – फौजिया शेख, कांग्रेसी पार्षद जिस देश का अन्न-जल लेते हैं, उसका सम्मान न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। ईरान के नेता को श्रद्धांजलि देते हैं, लेकिन भारत माता की जय बोलने में पेट दर्द होता है। – पुष्यमित्र भार्गव, महापौर वंदे मातरम नहीं गाना है, वहां तक भी ठीक है, लेकिन ऐसे सदन में सार्वजनिक रूप से राष्ट्रगीत का अपमान कैसे कर सकते हैं कि नहीं गाऊंगी। – राजेन्द्र राठौर, एमआईसी सदस्य कांग्रेस की रग-रग में वंदे मातरम है। फौजिया के बयान से पार्टी का सरोकार नहीं। – चिंटू चौकसे, नेता प्रतिपक्ष









