Monday, 12 Oct 2026 | 12:46 PM

Trending :

EXCLUSIVE

रिश्वतखोर PWD यंत्री को 4 साल की सजा:15 लाख के बिल पास करने के लिए ली थी 20 हजार रिश्वत; 2022 में हुआ था ट्रैप

रिश्वतखोर PWD यंत्री को 4 साल की सजा:15 लाख के बिल पास करने के लिए ली थी 20 हजार रिश्वत; 2022 में हुआ था ट्रैप

सागर में 15 लाख रुपए के बिलों का भुगतान कराने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले लोक निर्माण विभाग (PWD) पीआईयू के तत्कालीन परियोजना यंत्री मुलायम प्रसाद अहिरवार (64) को अदालत ने 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मकरोनिया के गौरनगर निवासी आरोपी यंत्री को 10 जनवरी 2022 को लोकायुक्त ने रंगेहाथों पकड़ा था। वर्तमान में विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की कोर्ट ने अभियोजन के साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपी पर 40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 90 लाख का था टेंडर, बिल निकालने के मांगे थे 1.5% अभियोजन के अनुसार, ठेकेदार और फरियादी नीलेश कुमार दीक्षित ने लोकायुक्त एसपी कार्यालय सागर में शिकायत दर्ज कराई थी। नीलेश ने बताया था कि उसने पीआईयू सागर द्वारा जारी निविदा के माध्यम से वर्ष 2016-17 में 90 लाख रुपए की लागत से इंडोर स्टेडियम खुरई का ठेका लिया था। इस कार्य के चल देयक भुगतान के करीब 15 लाख रुपए के बिलों को निकालने के एवज में तत्कालीन परियोजना यंत्री मुलायम प्रसाद 1.5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था। लोकायुक्त ने 20 हजार रुपए लेते रंगेहाथों किया था ट्रैप फरियादी की शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले की जांच की, जो सही पाई गई। इसके बाद योजना बनाकर 10 जनवरी 2022 को फरियादी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेकर भेजा गया। जैसे ही फरियादी ने तत्कालीन यंत्री मुलायम प्रसाद को रिश्वत की राशि दी, तभी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया था। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ एलपी कुर्मी ने की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य और दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर विशेष कोर्ट ने आरोपी मुलायम प्रसाद अहिरवार को दोषी माना और सजा सुनाई।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
इंदौर में नाश्ता 1 से 10 रुपए तक महंगा:सराफा, 56 दुकान, चौपाटी पर पोहे, कचोरी, समोसे, पेटीज के दाम बढ़े; थाली भी महंगी

April 3, 2026/
2:28 pm

शहर में एलपीजी की किल्लत और पीएनजी के रेट बढ़ने का असर अब आम लोगों की थाली पर साफ दिखने...

लिस्टिंग के बाद मस्क ने की लाखों करोड़ की डील:देर से समझ आई रॉकेट-एआई की कहानी; लिस्ट होने के पहले ही महीने 35% गिरे शेयर

July 14, 2026/
3:39 pm

12 जून की वो शाम याद कीजिए, जब एलन मस्क की स्पेसएक्स पहली बार शेयर बाजार में उतरी थी। कंपनी...

हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई कर पुलिस को फटकारा:नाबालिग के अपहरण मामले में हाईकोर्ट ने कहा- 'बच्ची को हर हाल में पेश करो'

April 5, 2026/
12:52 am

इंदौर3 घंटे पहले कॉपी लिंक 23 फरवरी को एक नाबालिग किशोरी का अपहरण हुआ था। पुलिस एफआईआर करने में नानुकुर...

विधानसभा चुनाव से पहले 'द केरल स्टोरी 2' पर राजनीति गरमाई: 'लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश' | राजनीति समाचार

February 19, 2026/
4:59 pm

आखरी अपडेट:19 फरवरी, 2026, 16:59 IST राजीव चन्द्रशेखर ने द केरल स्टोरी 2 का विरोध करने के लिए पिनाराई विजयन...

Air India 86.85% Flights On Time in June 2026

July 9, 2026/
7:52 pm

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक टाटा ग्रुप की एअर इंडिया दुनिया की चौथी सबसे पंक्चुअल (समय की पाबंद) एयरलाइंस...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

रिश्वतखोर PWD यंत्री को 4 साल की सजा:15 लाख के बिल पास करने के लिए ली थी 20 हजार रिश्वत; 2022 में हुआ था ट्रैप

रिश्वतखोर PWD यंत्री को 4 साल की सजा:15 लाख के बिल पास करने के लिए ली थी 20 हजार रिश्वत; 2022 में हुआ था ट्रैप

सागर में 15 लाख रुपए के बिलों का भुगतान कराने के एवज में 20 हजार रुपए की रिश्वत लेने वाले लोक निर्माण विभाग (PWD) पीआईयू के तत्कालीन परियोजना यंत्री मुलायम प्रसाद अहिरवार (64) को अदालत ने 4 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मकरोनिया के गौरनगर निवासी आरोपी यंत्री को 10 जनवरी 2022 को लोकायुक्त ने रंगेहाथों पकड़ा था। वर्तमान में विशेष न्यायाधीश शहाबुद्दीन हाशमी की कोर्ट ने अभियोजन के साक्ष्यों को सही मानते हुए आरोपी पर 40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। 90 लाख का था टेंडर, बिल निकालने के मांगे थे 1.5% अभियोजन के अनुसार, ठेकेदार और फरियादी नीलेश कुमार दीक्षित ने लोकायुक्त एसपी कार्यालय सागर में शिकायत दर्ज कराई थी। नीलेश ने बताया था कि उसने पीआईयू सागर द्वारा जारी निविदा के माध्यम से वर्ष 2016-17 में 90 लाख रुपए की लागत से इंडोर स्टेडियम खुरई का ठेका लिया था। इस कार्य के चल देयक भुगतान के करीब 15 लाख रुपए के बिलों को निकालने के एवज में तत्कालीन परियोजना यंत्री मुलायम प्रसाद 1.5 प्रतिशत कमीशन की मांग कर रहा था। लोकायुक्त ने 20 हजार रुपए लेते रंगेहाथों किया था ट्रैप फरियादी की शिकायत के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले की जांच की, जो सही पाई गई। इसके बाद योजना बनाकर 10 जनवरी 2022 को फरियादी को 20 हजार रुपए रिश्वत लेकर भेजा गया। जैसे ही फरियादी ने तत्कालीन यंत्री मुलायम प्रसाद को रिश्वत की राशि दी, तभी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया था। साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सुनाया फैसला इस प्रकरण में शासन की ओर से पैरवी एडीपीओ एलपी कुर्मी ने की। सुनवाई के दौरान अभियोजन ने मामले से जुड़े सभी साक्ष्य और दस्तावेज कोर्ट में पेश किए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पेश किए गए ठोस साक्ष्यों के आधार पर विशेष कोर्ट ने आरोपी मुलायम प्रसाद अहिरवार को दोषी माना और सजा सुनाई।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.