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मऊ में तेजी से बढ़ रहे हैं लिवर कैंसर के मामले, जानिए इसके कारण, लक्षण और बचाव के तरीके

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मऊ में लिवर कैंसर के बढ़ते मामलों ने चिंता बढ़ा दी है. खराब खान-पान और जीवनशैली इसकी बड़ी वजह बन रही है. विशेषज्ञों के अनुसार समय पर पहचान और संतुलित आहार से इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है.

मऊ: वर्तमान समय में लोगों का खान-पान और रहन-सहन कई बीमारियों का कारण बनता जा रहा है. मऊ जिले में भी लिवर कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है. यह एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसमें छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. आइए जानते हैं विशेषज्ञ से कि इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है और किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है.

लिवर शरीर का सबसे बड़ा अंग है

लोकल 18 से बातचीत में प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार मद्धेशिया बताते हैं कि लिवर कैंसर, लिवर के अंदर होने वाली एक गंभीर विकृति (मैलिग्नेंसी) है. लिवर शरीर का सबसे बड़ा अंग होता है और इसका कार्य बेहद महत्वपूर्ण होता है. आजकल लोग बाहर का खाना अधिक पसंद कर रहे हैं, जिसमें मिलावटी तेल, केमिकल्स और खराब गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल होता है. इससे शरीर में कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व (कार्सिनोजेन) प्रवेश कर जाते हैं, जो धीरे-धीरे लिवर कैंसर का कारण बनते हैं.

लिवर कैंसर से बचने के लिए संतुलित आहार जरूरी

यदि आप लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचना चाहते हैं, तो अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें. कम मात्रा में और संतुलित भोजन करें. तैलीय और बाहर के फास्ट फूड जैसे चाउमीन, बर्गर और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थों से परहेज करें. यदि तेल का उपयोग करना ही हो, तो घर में शुद्ध सरसों के तेल का इस्तेमाल करें. लिवर पर अधिक दबाव डालने से बचें, क्योंकि इस बीमारी में छोटी सी लापरवाही भी घातक साबित हो सकती है.

छोटी सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा

लिवर कैंसर के प्रमुख लक्षणों में भूख न लगना, हेपेटाइटिस, डायरिया, पेट दर्द और कमजोरी शामिल हैं. यदि ऐसे कोई लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी योग्य चिकित्सक से संपर्क करें और जांच कराएं. शुरुआती अवस्था में इस बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन अंतिम चरण में इसका उपचार बेहद कठिन हो जाता है. इसलिए समय पर जांच और उपचार बहुत जरूरी है.

About the Author

Vivek Kumar

विवेक कुमार एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें मीडिया में 10 साल का अनुभव है. वर्तमान में न्यूज 18 हिंदी के साथ जुड़े हैं और हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की लोकल खबरों पर नजर रहती है. इसके अलावा इन्हें देश-…और पढ़ें

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मऊ: वर्तमान समय में लोगों का खान-पान और रहन-सहन कई बीमारियों का कारण बनता जा रहा है. मऊ जिले में भी लिवर कैंसर के मरीजों की संख्या बढ़ती दिखाई दे रही है. यह एक ऐसी गंभीर बीमारी है, जिसमें छोटी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है. आइए जानते हैं विशेषज्ञ से कि इस बीमारी से कैसे बचा जा सकता है और किन बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी है.

लिवर शरीर का सबसे बड़ा अंग है

लोकल 18 से बातचीत में प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के लिवर रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण कुमार मद्धेशिया बताते हैं कि लिवर कैंसर, लिवर के अंदर होने वाली एक गंभीर विकृति (मैलिग्नेंसी) है. लिवर शरीर का सबसे बड़ा अंग होता है और इसका कार्य बेहद महत्वपूर्ण होता है. आजकल लोग बाहर का खाना अधिक पसंद कर रहे हैं, जिसमें मिलावटी तेल, केमिकल्स और खराब गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल होता है. इससे शरीर में कैंसर उत्पन्न करने वाले तत्व (कार्सिनोजेन) प्रवेश कर जाते हैं, जो धीरे-धीरे लिवर कैंसर का कारण बनते हैं.

लिवर कैंसर से बचने के लिए संतुलित आहार जरूरी

यदि आप लिवर कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचना चाहते हैं, तो अपने खान-पान पर विशेष ध्यान दें. कम मात्रा में और संतुलित भोजन करें. तैलीय और बाहर के फास्ट फूड जैसे चाउमीन, बर्गर और अन्य तले हुए खाद्य पदार्थों से परहेज करें. यदि तेल का उपयोग करना ही हो, तो घर में शुद्ध सरसों के तेल का इस्तेमाल करें. लिवर पर अधिक दबाव डालने से बचें, क्योंकि इस बीमारी में छोटी सी लापरवाही भी घातक साबित हो सकती है.

छोटी सी लापरवाही बन सकती है जानलेवा

लिवर कैंसर के प्रमुख लक्षणों में भूख न लगना, हेपेटाइटिस, डायरिया, पेट दर्द और कमजोरी शामिल हैं. यदि ऐसे कोई लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत किसी योग्य चिकित्सक से संपर्क करें और जांच कराएं. शुरुआती अवस्था में इस बीमारी का इलाज संभव है, लेकिन अंतिम चरण में इसका उपचार बेहद कठिन हो जाता है. इसलिए समय पर जांच और उपचार बहुत जरूरी है.

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