dry eyes explainer news: भूल जाओ आई ड्रॉप, अब मां के दूध से बनी गोली करेगी सूखी आंखों का इलाज, एम्स ने दी मंजूरी, बाजार में कब तक आएगी? जान लीजिए

Dry Eye Treatment: जितना ज्यादा फोन, टीवी और डिजिटल स्क्रीन का इस्तेमाल बढ़ रहा है आंखों की समस्याएं भी उतनी ही बढ़ रही हैं. खासतौर पर ड्राई आई की समस्या बड़ों से लेकर बच्चों तक के लिए मुसीबत बन गई है. आंखों में जलन, खुजली, धुंधलापन और नमी की कमी को दूर करने के लिए अक्सर आई ड्रॉप्स का ही इस्तेमाल किया जाता है लेकिन अब ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली के आरपी सेंटर फॉर ऑप्थेल्मिक साइंसेज ने एक ऐसी गोली पर क्लिनिकल ट्रायल किया है जो न केवल आंखों को उनकी नमी लौटाएगी बल्कि ड्राई आइज की समस्या का स्थाई समाधान भी होगी. आरपी सेंटर नई दिल्ली ने यह टेबलेट मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन से तैयार की है और क्लीनिकल ट्रायल्स में इसके शानदार नतीजे मिले हैं. लैक्टोफेरिन नाम की यह टेबलेट ड्राई आंखों के इलाज में रामबाण बन सकती है. डॉक्टरों की मानें तो यह दवा जल्द ही बाजार में आ सकती है. डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल या लेसिक लेजर सर्जरी के चलते मरीजों को अक्सर आंखों में जलन, चुभन और सूखापन यानी ड्राई आई सिंड्रोम (शुष्क नेत्र या सूखी आंख) की दिक्कत होती है. खासतौर पर स्क्रीन के ज्यादा इस्तेमाल के चलते आज की तारीख में यह आंखों की सबसे कॉमन बीमारी बन चुकी है. नवोदय टाइम्स में छपी खबर में एम्स के आरपी सेंटर की नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. नम्रता शर्मा और बायोफिजिक्स विभाग की डॉ. सुजाता शर्मा ने बताया कि डिजिटल युग में बढ़ते स्क्रीन टाइम ने ड्राई आई सिंड्रोम को तेजी से बढ़ाया है. लगातार स्क्रीन देखने से आंखों की मैबोमियन ग्लैंड प्रभावित होती है, जिससे आंसू बनने और उनकी गुणवत्ता दोनों पर असर पड़ता है. नतीजतन आंखों में किरकिरी, धुंधलापन और लगातार थकान जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं, मानो आंखें अपनी ही नमी के लिए तरस रही हों. 400 आंखों पर हुआ ट्रायलडॉ. नम्रता शर्मा ने बताया कि ड्राई आई सिंड्रोम के इलाज के लिए एम्स ने ‘लैक्टोफेरिन’ दवा पर क्लीनिकल ट्रायल करने का फैसला किया. ट्रायल में ड्राई आई सिंड्रोम से पीड़ित 200 मरीजों (400 आंखों) को शामिल किया गया और उन्हें तीन महीने तक दिन में दो बार 250 एमजी लैक्टोफेरिन दिया गया. इसके बाद अगले छह महीने तक उनकी चिकित्सकीय निगरानी की गई और नतीजे शानदार रहे. इस दौरान लैक्टोफेरिन लेने वाले मरीजों की आंखों की नमी में सुधार हुआ, आंसुओं की मात्रा और गुणवत्ता दोनों बेहतर हुईं और सूखापन भी काफी हद तक कम हो गया. समस्या की जड़ पर वार करती है दवाइस ट्रायल की खास बात यह है कि ‘लैक्टोफेरिन’ दवा केवल लक्षणों को दबाने के बजाय समस्या की जड़ पर काम करती है और आंखों के पूरे सिस्टम को संतुलित करती है. डॉ. सुजाता शर्मा के अनुसार, लैक्टोफेरिन कोई कृत्रिम रसायन नहीं, बल्कि शरीर में पाया जाने वाला प्राकृतिक प्रोटीन है, जो खासतौर पर मां के दूध में मौजूद होता है और इम्युनिटी बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है. यही वजह है कि इसे आंखों के लिए एक प्रभावी नेचुरल हीलिंग विकल्प के रूप में देखा जा रहा है. इस दवा को जापान में तैयार करवाया गया है और आरपी सेंटर ने इसको क्लिनिकली परखा है, जिसमें यह सफल रही है. कैसे डेवलप होती है ड्राई आई की समस्या? . मोबाइल या लैपटॉप पर लंबे समय तक देखने से आंखों का ब्लिंक रेट यानी पलक झपकने की दर कम हो जाती है. ऐसे में पलकों के किनारों पर स्थित सूक्ष्म तेल ग्रंथियां -मीबोमियन ग्लैंड पर्याप्त या सही गुणवत्ता का तेल नहीं बना पातीं और वे ब्लॉक हो जाती हैं. . यह तेल आंसुओं की बाहरी तैलीय परत बनाता है और आंसुओं को जल्दी सूखने से भी बचाता है। मीबम नामक तेल का उत्पादन न होने पर आंखों में सूखापन, जलन और ड्राई आई की समस्या बढ़ जाती है. . ड्राई आईज होने पर मरीज को आंखों में जलन, चुभन, दर्द, खुजली और थकान जैसी परेशानी होती है. अभी तक कैसे होता था इलाज?डॉ शर्मा ने कहा, अब तक ड्राई आई का इलाज मुख्य रूप से आई ड्रॉप्स और कृत्रिम आंसुओं तक सीमित रहा है, जो केवल अस्थायी राहत देते हैं और समस्या दोबारा लौट आती है. ऐसे में ‘लैक्टोफेरिन’ एक नई उम्मीद के रूप में सामने आया है, जो लंबे समय तक स्थायी राहत दे सकता है. डिजिटल युग में बढ़ती आंखों की समस्याओं के बीच यह खोज बेहतर और टिकाऊ इलाज की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है. ड्राई आई क्या होती है?ड्राई आई में आखें सूखी हो जाती हैं और उनकी नमी कम हो जाती है. ड्राई आई का इलाज क्या है?अभी तक कृत्रिम आंसू वाली आई ड्रॉप्स से ड्राई आई का इलाज होता है. लैक्टोफेरिन कैसी दवा है?आरपी सेंटर द्वारा बनाई जार ही लैक्टोफेरिन एक गोली या टैबलेट होगी जो मरीज को खानी होगी. इसे ड्राई आई सिंड्रोम की स्थाई दवा बताया जा रहा है. क्या यह मां के दूध से बनी है?यह दवा मां के दूध में पाए जाने वाले प्रोटीन लैक्टोफेरिन से बनी है. बाजार में कब तक आएगी जल्दी ही इसके बाजार में आने की संभावना है.
जाकिर खान बोले- धुरंधर से सबकी जली:बॉलीवुड पर कसा तंज; कहा- बम ल्यारी में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा

19 मार्च को सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘धुरंधर 2: द रिवेंज’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार रिकॉर्ड ब्रेक कर रही है। इस बीच कॉमेडियन जाकिर खान ने फिल्म की सफलता को लेकर बॉलीवुड पर चुटकी ली है। जाकिर खान ने एक अवॉर्ड शो के दौरान कहा कि इंडस्ट्री के लोग आदित्य धर की इस फिल्म से अंदर ही अंदर जल रहे हैं। जाकिर ने कहा, “कितने ही बधाई पोस्ट आप डाल दें, कितनी ही स्टोरी शेयर कर दें या इंटरव्यू में इसे अपनी पसंदीदा फिल्म बता दें, मगर सच तो ये है कि धुरंधर से सबकी जली तो है।” ल्यारी वाले सीन पर ली चुटकी जाकिर ने फिल्म के एक्शन सीन्स का जिक्र करते हुए बांद्रा और जुहू (जहां बॉलीवुड स्टार्स रहते हैं) पर निशाना साधा। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “बम फिल्म में ल्यारी (कराची) में फूटे, पर धुआं बांद्रा से जुहू में उड़ा है।” उनका इशारा उन सेलेब्स की तरफ था जो फिल्म की ब्लॉकबस्टर ओपनिंग के समय चुप थे, लेकिन अब रिकॉर्ड टूटने पर इसकी तारीफ कर रहे हैं। साउथ के सितारों ने पहले की थी तारीफ ‘धुरंधर 2’ में रणवीर सिंह, आर माधवन, अर्जुन रामपाल, राकेश बेदी और सारा अर्जुन जैसे कलाकार मुख्य भूमिका में हैं। फिल्म की रिलीज के बाद सबसे पहले महेश बाबू, अल्लू अर्जुन और एसएस राजामौली जैसे साउथ के दिग्गजों ने इसकी सराहना की थी। इसके काफी समय बाद बॉलीवुड से आलिया भट्ट, करण जौहर और विक्की कौशल ने फिल्म के कलाकारों के काम की तारीफ की। मधुर भंडारकर जैसे कई लोगों का मानना है कि फिल्म को बॉलीवुड से उतना सपोर्ट नहीं मिल जितना मिलन चाहिए था। जाकिर ने बताई ब्रेक लेने की असली वजह इसी बीच, जाकिर खान ने अपने लाइव टूर से ब्रेक लेने की खबरों पर भी सफाई दी है। उन्होंने बताया कि इंटरनेट पर उनकी सेहत को लेकर चल रही खबरें गलत हैं। जाकिर ने कहा, “ब्रेक की असली कहानी ये है कि मेरे पास बहुत सारा लिखने का काम पेंडिंग था, जिसे मैं पिछले छह साल से नहीं कर पाया था। मेरी सेहत बहुत खराब नहीं है। जो कुछ भी आप पढ़ रहे हैं वो अनावश्यक बकवास है।”
बंगाल चुनाव 2026: ‘बंगाल में बीजेपी की सबसे बड़ी सहयोगी खुद ममता बनर्जी हैं’, कांग्रेस नेता का बयान से हंगामा

कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने ‘भाजपा का एजेंट’ कहे जाने पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी खुद बीजेपी के सबसे बड़े सहयोगी हैं. उनके रहते हुए बीजेपी को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती. पश्चिम बंगाल कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “जब तक ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में हैं, मैं भाजपा के करीब नहीं जा सकता। असल में ममता बनर्जी ही वही हैं जो भाजपा बंगाल लेकर आई थीं। इतना ही नहीं, वह एक समय भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री भी रहे हैं। पश्चिम बंगाल में जब तक ममता बनर्जी हैं, भाजपा को अधीर रंजन चौधरी की जरूरत नहीं हो सकती।” उन्होंने आगे कहा, “राजनीतिक समीकरणों के हिसाब से ममता बनर्जी खुद ही उनके सबसे बड़े सहयोगी हैं। दोनों सामूहिक चुनावी कलाकार हैं। दोनों के बीच कभी ‘प्रो एस मजबूत-नो एस मजबूत’ और कभी ‘प्रो एस मजबूत-नो एस मजबूत’ बनी रहती हैं।” कांग्रेस नेताओं ने पिछले दिनों रैलियों के दौरान हुए हमलों पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बताया, “चुनाव प्रचार के दौरान, पुराने कांग्रेस के कुछ लोगों ने मुझे अपमानित करने की कोशिश की। वहां मौजूद स्थानीय पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जबकि इस तरह की घटना की आशंका के बारे में उन्हें पहले ही सूचित कर दिया गया था। हम लोगों ने खुद का मुकाबला किया और हमारी रैली को आगे बढ़ाया।” पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के दावेदार अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “ये कार्यकर्ता नहीं बता रहे हैं. हम लोग लड़ रहे हैं, ये बड़ी बात है. हमें चुनाव से पहले तय करना है कि जो भी फैसला आएगा, वह अच्छा होगा.” इसी बीच अधीर रंजन चौधरी ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा स्टूडियो के ‘कोलकाता पर हमलों’ वाली टिप्पणी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, “वह सिर्फ बयान ही दे सकते हैं। वह खुद भूख मार रहे हैं। जो अपने लोगों को दो वक्त की रोटी नहीं दे सकते, वह कहां किसे मार जेल। पाकिस्तान को पहले अपने लोगों के पेट की पुष्टि का इंतजार करना चाहिए।” डीसीएच/
मोहाली कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी:कांप्लेक्स खाली कराया, 3 बजे तक एंट्री बंद; CM मान बोले- हल्के में नहीं ले रहे

चंडीगढ़ और जालंधर के स्कूलों व सरकारी इमारतों को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। यह धमकी आज ईमेल से जरिए आई। इसके बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई और सभी जगह सर्च ऑपरेशन चलाया गया। साथ ही एहतियातन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भी तैनात की गईं। ईमेल में पंजाब के CM भगवंत मान, DGP गौरव यादव, हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी और आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता अरविंद केजरीवाल को भी बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसके अलावा मोहाली कोर्ट, फिरोजपुर में कोर्ट कांप्लेक्स और अमृतसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर के स्टेच्यू को भी खत्म करने की धमकी है। मोहाली कोर्ट को खाली करवा दिया गया है और दोपहर 3 बजे तक एंट्री बैन कर दी है। हालांकि, ईमेल के जरिए आए दिन मिल रही धमकियों को स्कूलों ने गंभीरता से नहीं लिया। आज जालंधर के स्कूलों में छुट्टी नहीं की गई। बच्चे और स्टाफ स्कूलों में रुका है और पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है। बम स्क्वॉयड और डॉग स्क्वॉयड के साथ तलाशी ली जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ईमेल के स्रोत का पता लगाया जा रहा है और साइबर सेल भी जांच में शामिल है। वहीं, CM मान ने कहा है कि हम गंभीर हैं। इनकी जांच चल रही है। जालंधर में धमकी भरी ईमेल में ये बातें लिखीं धमकी वाली ईमेल में लिखा है- जालंधर के स्कूलों में बम ब्लास्ट होगा। अपने बच्चे बचाओ। पंजाब अब खालिस्तान बनेगा। देह सिवा बर मोहे स्टार्ट, जन-गण-मन बंद करो। बम और ग्रेनेड से हमला होगा, स्कूलों में 1.11 बजे और 2.11 बजे मेयर ऑफिस में बम फटेगा। ईमेल में आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं। हिंदुस्तान की मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। बम या ग्रेनेड हमले में सीएम भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल को भी ठोकेंगे। अमृतसर में डॉ. अंबेडकर के स्टेच्यू को 14 अप्रैल को बम धमाके से खत्म करेंगे। ईमेल पर भेजने वाले ने खालिस्तान नेशनल आर्मी का पता लिखा है। इसके नीचे इंजीनियर गुरनाख सिंह, रुकनशाह वाला, डॉ. गुरनिरबैर सिंह और खान राजादा का नाम लिखा है। धमकी वाली ईमेल का PHOTO चंडीगढ़ में मिली ईमेल में भी यही बातें चंडीगढ़ में आई ईमेल में लिखा है- चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान। देह सिवा बर मोहे स्टार्ट करो और जन-गण-मन बंद करो। स्कूलों में 1:11 बजे बम धमका होगा। मेयर ऑफिस में 2:11 बजे धमाका और सेक्रेटेरिएट में दोपहर 3:11 बजे धमाका होगा। अपने बच्चे बचाओ। आगे लिखा है- खालिस्तान वाले बच्चों के खिलाफ नहीं, हिंदुस्तान मोदी सरकार को तबाह करेंगे। खालिस्तान वोटों से या बम से। चंडीगढ में भगवंत मान, डीजीपी यादव और सीएम सैनी की रिहायश को निशाना बनाएंगे। चंडीगढ़ वालो, यहां बम धमाके – ग्रेनेड हमले चलते रहेंगे, जब तक मान, यादव, सैनी नहीं मरते। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी गांधी भवन में आज रात 9:11 बजे ग्रेनेड हमला होगा। चंडीगढ़ में भेजी गई ईमेल का PHOTO चंडीगढ़ में 4 स्कूलों को मिली धमकी चंडीगढ़ में सेक्टर-41, सेक्टर-32, सेक्टर-47 और सेक्टर-45 स्थित स्कूलों को यह धमकी भरा ईमेल मिला। इसके बाद पुलिस टीमों ने स्कूल परिसरों को खाली करवाकर जांच शुरू की। बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटी हुई हैं। स्कूलों और आसपास के इलाकों की तलाशी पुलिस की ओर से स्कूलों के अंदर और आसपास के इलाकों में भी तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। हर संदिग्ध वस्तु पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। पहले भी मिल चुकी हैं धमकियां बता दें कि इससे पहले भी चंडीगढ़ के कई प्राइवेट और सरकारी स्कूलों, डिस्ट्रिक्ट कोर्ट, हाईकोर्ट और पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। हालांकि, हर बार जांच के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ। पुलिस कर रही ईमेल की जांच फिलहाल पुलिस धमकी भरे ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। साइबर सेल की मदद से यह जानने की कोशिश की जा रही है कि ईमेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन लोग शामिल हैं। चंडीगढ़ थाना सेक्टर-34 के SHO सतिंदर ने कहा कि चेंकिंग करवा ली है। किसी तरह की कोई चीज नहीं मिली है। उनमें लोगों को किसी तरह की पैनिक लेने की जरूरत नहीं है। हमने मेल का प्रिंट ले लिया है। साथ ही कहा गया किसी तरह डरने की जरूरत नहीं है। मामले में पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
क्या अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों के लिए भी खतरनाक? गर्मियों में इससे कैसे करें बचाव, डॉक्टर से जानिए टिप्स

Last Updated:April 06, 2026, 10:04 IST Eye Care Tips in Summer: गर्मी में तेज धूप और अल्ट्रावायलेट किरणें आंखों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. इससे आंखों में जलन, रेडनेस और नजर कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है. डॉक्टर्स की मानें तो गर्मी में आंखों को हेल्दी रखने के लिए UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनें, धूप से बचें और आंखों की सही देखभाल करें. सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट किरणें आंखों की रेटिना को नुकसान पहुंचा सकती हैं. Summer Eye Safety Tips: गर्मी में तेज धूप लोगों से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. सूरज की किरणें तपिश लेकर आती हैं और इससे सेहत भी प्रभावित होती है. सूरज की किरणों में अल्ट्रावॉयलेट किरणें होती हैं, जिन्हें स्किन के लिए नुकसानदायक माना जाता है. गर्मियों के मौसम में तेज धूप और बढ़ती गर्मी के साथ अल्ट्रावायलेट किरणों का प्रभाव भी काफी बढ़ जाता है. आमतौर पर लोग स्किन पर इसके असर को लेकर अलर्ट रहते हैं और सनस्क्रीन लगाते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि UV किरणें आंखों के लिए भी उतनी ही खतरनाक हो सकती हैं. लंबे समय तक बिना सुरक्षा के धूप में रहने से आंखों की सेहत बिगड़ सकती है. नई दिल्ली के विजन आई सेंटर के मेडिकल डायरेक्टर और रिफ्रेक्टिव सर्जन डॉ. तुषार ग्रोवर ने News18 को बताया कि गर्मी में लोगों को तेज धूप में ज्यादा समय बिताने से बचना चाहिए. धूप की अल्ट्रावायलेट किरणें गर्मी में आंखों को नुकसान पहुंचा सकती हैं. ये किरणें आंखों की बाहरी सतह कॉर्निया से लेकर अंदर के लेंस तक असर डाल सकती हैं. यूवी किरणों के ज्यादा एक्सपोजर से फोटोकेराटाइटिस यानी आंखों की सनबर्न जैसी स्थिति हो सकती है. इसमें आंखों में जलन, रेडनेस, पानी आना और धुंधला दिखना जैसे लक्षण नजर आते हैं. कई बार धूल-मिट्टी भी आंखों में चली जाती है, जिससे इंफेक्शन की कंडीशन पैदा हो जाती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर ग्रोवर के मुताबिक तेज धूप हमारी आंखों की रेटिना को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिससे धीरे-धीरे नजर कमजोर हो सकती है. लंबे समय तक UV किरणों के संपर्क में रहने से आंखों में मोतियाबिंद का खतरा भी बढ़ सकता है. बच्चों और बुजुर्गों की आंखें UV किरणों के प्रति ज्यादा सेंसिटिव होती हैं. इसलिए उन्हें गर्मियों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होती है. दोपहर के समय धूप सबसे ज्यादा तेज होती है. इस दौरान बाहर निकलने से बचें या कम से कम समय के लिए ही बाहर जाएं. धूप में ज्यादा देर रहेंगे, तो इससे आंखों पर ही नहीं, बल्कि अन्य ऑर्गन्स पर भी बुरा असर पड़ सकता है. अब सवाल है कि गर्मियों में आंखों को नुकसान से कैसे बचाएं? इस पर डॉक्टर ने कहा कि गर्मी के मौसम में आंखों को UV किरणों से बचाने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं. सबसे जरूरी है कि बाहर निकलते समय UV प्रोटेक्शन वाले सनग्लासेस पहनें. इसके अलावा चौड़ी टोपी या कैप पहनना भी फायदेमंद होता है, जिससे सीधी धूप आंखों पर नहीं पड़ती. अगर आपको बाहर रहना जरूरी है, तो छाया में रहने की कोशिश करें. साथ ही आंखों को बार-बार ठंडे पानी से धोना और हाइड्रेटेड रहना भी जरूरी है, ताकि आंखों में ड्राइनेस न हो. अगर आंखों में लगातार जलन, लालिमा या नजर में बदलाव महसूस हो, तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें, ताकि समय रहते सही इलाज किया जा सके. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 10:04 IST
भीषण गर्मी में लू की मार से बचाने में मदद करेगा ये शरबत, जानें इसे घर पर बनाने की आसान विधि – News18 हिंदी

X भीषण गर्मी में लू की मार से बचाने में मदद करेगा ये शरबत, जानें बनाने की विधि Palash Flower Benefits: गर्मी का मौसम शुरू होते ही गांवों-जंगलों में पलाश (टेसू) के फूल खिलने लगते हैं, जो आग की तरह लाल-नारंगी रंग के नजर आते हैं. ग्रामीण इलाकों में इसे टेसू के नाम से जाना जाता है. आयुर्वेद में पलाश के फूल, बीज, पत्ते और छाल का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. खास बात ये कि इन फूलों से बनने वाला शरबत गर्मियों में किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. पलाश के फूलों का शरबत शरीर को ठंडक देने के साथ कई समस्याओं में राहत देता है. लू और गर्मी से बचाव पलाश का शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. तेज धूप में निकलने पर होने वाली थकान, सिरदर्द और बेचैनी को कम करने में मदद करता है. इसे पीने से लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है. यह शरबत पाचन तंत्र को मजबूत करता है. गैस, कब्ज, दस्त और पेट की जलन जैसी समस्याओं में राहत देता है. जिन लोगों को पेट में गर्मी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह काफी फायदेमंद माना जाता है.
पहलवान बिस्वा शर्मा का बड़ा आरोप- ‘कांग्रेस ने सोशल मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी के आधार पर मेरी पत्नी पर लगाया आरोप’

असम के मुख्यमंत्री हिमंत शर्मा विश्व ने अपने परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने मेरी पत्नी के खिलाफ आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा,” मेरी पत्नी के खिलाफ ग़रीब पति-पत्नी को लेकर कांग्रेस नेता पवन सह-लेखक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मेरी पत्नी के खिलाफ कांग्रेस के आरोप में असमंजस की स्थिति को प्रभावित करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं, इसके लिए कॉलेज की सजा हो सकती है।” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “…कोई भी 199 अमेरिकी डॉलर कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा सकता है। कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने रिंकी के नाम से एक और बनाई कंपनी…कांग्रेस ने सोशल मीडिया ग्रुप से प्राप्त पासपोर्ट और शेयरहोल्डिंग की स्थिति का इस्तेमाल किया। गौरव गोगोई ने भी एक सोशल मीडिया ग्रुप की मदद की। पाकिस्तान किस तरह असम चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, यह बहुत महत्वपूर्ण है।” #घड़ी | गुवाहाटी: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा कहते हैं, “…कोई भी 199 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करके एक कंपनी पंजीकृत कर सकता है। कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, उन्होंने रिनिकी के नाम पर एक और कंपनी बनाई…कांग्रेस ने एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया से प्राप्त पासपोर्ट और दस्तावेजों की छवियों का इस्तेमाल किया… https://t.co/S5bBLdtBKn pic.twitter.com/zPQr9lJs0V – एएनआई (@ANI) 6 अप्रैल 2026 क्या है मामला असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट कैसे हैं? उन्हें तीन पासपोर्ट रखने की क्या आवश्यकता है? क्या वे कोई अपराधी हैं? कांग्रेस के एक्स हैंडल पर पवन एसोसिएट का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया, ”असम की जनता पूछ रही है।” हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीतिक छवि के खिलाफ अपमान पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट दर्ज हैं, कैसे? भारत के कानून के खाते से आप द्विपक्षीय नागरिकता नहीं रख सकते हैं, तो क्या रिंकी भू लाइसेंस सरमा भारत का पासपोर्ट भी रखता है? हिमंता बिस्वा सरमा, अमित शाह के दत्तक पुत्र क्या हैं? और किस देश के मठाधीश को ये जानकारी थी कि उनके दत्तक पुत्र की पत्नी के 3 पासपोर्ट हैं? अमित शाह का जवाब- वो एसआईटी सहायक इस मामले की जांच क्या करेगी?” (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव 2026(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा शर्मा(टी)कांग्रेस(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा शर्मा(टी)कांग्रेस
जाह्नवी बोलीं- मैं पूरी तरह से मां पर निर्भर थी:उनके जाने के बाद कई गलत फैसले लिए, कई लोगों ने निजी जिंदगी में दखल दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी मां और सुपरस्टार श्रीदेवी के निधन और उसके बाद आई मुश्किलों पर बात की है। जाह्नवी ने बताया कि वे अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े फैसले के लिए मां पर निर्भर थीं। उनके अचानक चले जाने के बाद जाह्नवी को न सिर्फ अकेले फैसले लेना सीखना पड़ा, बल्कि दुनिया के कड़े व्यवहार और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। हर छोटी बात के लिए मां पर थीं निर्भर राज शमानी के पॉडकास्ट में जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी के रहते उन्होंने कभी खुद से कोई फैसला नहीं लिया था। जाह्नवी ने कहा, “मैं उन पर पूरी तरह निर्भर थी। मैं उनसे हर बात पूछती थी की क्या कपड़े पहनूं? क्या करूं? क्या सही है और क्या गलत? उनके जाने के बाद मुझे अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना सीखना पड़ा।” जाह्नवी ने यह भी माना कि इस दौरान उन्होंने कई गलत फैसले लिए और उन लोगों को अपनी निजी जिंदगी में दखल देने दिया, जिनका वहां कोई काम नहीं था। दुनिया मेरे दुख को जज कर रही थी जाह्नवी ने उस दौर के तनाव को याद करते हुए बताया कि लोग उनके दुख का पैमाना तय कर रहे थे। एक्ट्रेस के मुताबिक, “दुनिया मुझे तोड़ने की कोशिश कर रही थी। लोग कमेंट करते थे कि देखो वह अब कुछ ज्यादा ही मुस्कुरा रही है, वह उतनी दुखी नहीं है जितनी उसे होना चाहिए। मेरे परिवार पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए।” मां के जाने से बदल गए बोनी कपूर अपनी मां के मजाकिया स्वभाव को याद करते हुए जाह्नवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी की जगह दुनिया में कोई नहीं ले सकता। जाह्नवी ने अपने पिता बोनी कपूर के बारे में कहा, उस दिन मैंने सिर्फ परिवार का एक सदस्य नहीं खोया था, बल्कि अपने पिता को भी खो दिया था। जब मां हमारे साथ थीं, तब पापा बिल्कुल अलग इंसान थे। आज वह जैसे हैं मैं उससे खुश हूं, लेकिन वह पहले जैसे नहीं रहे।” जाह्नवी के मुताबिक, उनकी फैमिली की खुशी और पॉजिटिविटी में श्रीदेवी का सबसे बड़ा योगदान था। डेब्यू फिल्म के दौरान हुआ था निधन श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को यूएई में हुआ था। यह वह समय था जब जाह्नवी अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘धड़क’ की तैयारी कर रही थीं। जाह्नवी की फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, लेकिन उनकी इस सफलता को देखने के लिए उनकी मां उनके साथ नहीं थीं। श्रीदेवी ने करीब तीन दशकों तक हिंदी, तमिल और तेलुगू सिनेमा पर राज किया था।
जाह्नवी बोलीं- मैं पूरी तरह से मां पर निर्भर थी:उनके जाने के बाद कई गलत फैसले लिए, कई लोगों ने निजी जिंदगी में दखल दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी मां और सुपरस्टार श्रीदेवी के निधन और उसके बाद आई मुश्किलों पर बात की है। जाह्नवी ने बताया कि वे अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े फैसले के लिए मां पर निर्भर थीं। उनके अचानक चले जाने के बाद जाह्नवी को न सिर्फ अकेले फैसले लेना सीखना पड़ा, बल्कि दुनिया के कड़े व्यवहार और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। हर छोटी बात के लिए मां पर थीं निर्भर राज शमानी के पॉडकास्ट में जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी के रहते उन्होंने कभी खुद से कोई फैसला नहीं लिया था। जाह्नवी ने कहा, “मैं उन पर पूरी तरह निर्भर थी। मैं उनसे हर बात पूछती थी की क्या कपड़े पहनूं? क्या करूं? क्या सही है और क्या गलत? उनके जाने के बाद मुझे अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना सीखना पड़ा।” जाह्नवी ने यह भी माना कि इस दौरान उन्होंने कई गलत फैसले लिए और उन लोगों को अपनी निजी जिंदगी में दखल देने दिया, जिनका वहां कोई काम नहीं था। दुनिया मेरे दुख को जज कर रही थी जाह्नवी ने उस दौर के तनाव को याद करते हुए बताया कि लोग उनके दुख का पैमाना तय कर रहे थे। एक्ट्रेस के मुताबिक, “दुनिया मुझे तोड़ने की कोशिश कर रही थी। लोग कमेंट करते थे कि देखो वह अब कुछ ज्यादा ही मुस्कुरा रही है, वह उतनी दुखी नहीं है जितनी उसे होना चाहिए। मेरे परिवार पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए।” मां के जाने से बदल गए बोनी कपूर अपनी मां के मजाकिया स्वभाव को याद करते हुए जाह्नवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी की जगह दुनिया में कोई नहीं ले सकता। जाह्नवी ने अपने पिता बोनी कपूर के बारे में कहा, उस दिन मैंने सिर्फ परिवार का एक सदस्य नहीं खोया था, बल्कि अपने पिता को भी खो दिया था। जब मां हमारे साथ थीं, तब पापा बिल्कुल अलग इंसान थे। आज वह जैसे हैं मैं उससे खुश हूं, लेकिन वह पहले जैसे नहीं रहे।” जाह्नवी के मुताबिक, उनकी फैमिली की खुशी और पॉजिटिविटी में श्रीदेवी का सबसे बड़ा योगदान था। डेब्यू फिल्म के दौरान हुआ था निधन श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को यूएई में हुआ था। यह वह समय था जब जाह्नवी अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘धड़क’ की तैयारी कर रही थीं। जाह्नवी की फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, लेकिन उनकी इस सफलता को देखने के लिए उनकी मां उनके साथ नहीं थीं। श्रीदेवी ने करीब तीन दशकों तक हिंदी, तमिल और तेलुगू सिनेमा पर राज किया था।
‘अपना ब्लाउज फाड़ो…’: केरल कांग्रेस नेता ने पार्टीजनों से चुनावी प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करने को कहा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 अप्रैल, 2026, 09:35 IST इडुक्की कांग्रेस नेता सीपी मैथ्यू ने कथित तौर पर सुझाव दिया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ टकराव की स्थिति में महिला नेता अपने कपड़े फाड़ सकती हैं और शिकायत दर्ज करा सकती हैं। केरल कांग्रेस नेता सीपी मैथ्यू ने भी कथित तौर पर मामलों को कानूनी रूप से अधिक गंभीर बनाने के लिए एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए एससी/एसटी महिलाओं को शामिल करने की बात कही। (न्यूज़18 मलयालम) चुनावी राज्य केरल में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है जब एक वीडियो सामने आया जिसमें इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के अध्यक्ष सीपी मैथ्यू कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करने के लिए कह रहे हैं। यह टिप्पणी कथित तौर पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के उम्मीदवार रॉय के पॉलोस के लिए वज़हथॉप में एक चुनाव अभियान कार्यक्रम के दौरान की गई थी। भाषण में, मैथ्यू ने कथित तौर पर सुझाव दिया कि महिला नेता टकराव की स्थिति में अपने कपड़े फाड़ सकती हैं और शिकायत दर्ज करा सकती हैं, उनका दावा है कि इस तरह की रणनीति से प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मामले मजबूत होंगे। उन्होंने कथित तौर पर एससी/एसटी समुदायों की महिलाओं को शामिल करके अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों का उपयोग करने के बारे में भी बात की, जिससे संकेत मिलता है कि यह कानूनी रूप से मामलों को और अधिक गंभीर बना सकता है। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित टिप्पणियों ने राजनीतिक विरोधियों और नागरिक समाज की ओर से तीखी आलोचना शुरू कर दी है। जब यह टिप्पणी की गई तो केरल कांग्रेस के उपाध्यक्ष जैसन जोसेफ सहित वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने बयानों की कड़ी निंदा की, पार्टी नेताओं ने विपक्षी कांग्रेस पर चुनाव अवधि के दौरान हिंसा भड़काने और कानूनी प्रावधानों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने विरोधियों को फंसाने और चुनावी नतीजे को प्रभावित करने की सोची-समझी रणनीति का आरोप लगाया। यह पहली बार नहीं है जब मैथ्यू गर्म पानी में उतरा है। वह हाल ही में एक घटना को लेकर सुर्खियों में थे, जिसमें उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में एक पार्टी कार्यकर्ता के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। केरल में, कांग्रेस विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का हिस्सा है, जो सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ वाम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। जगह : इडुक्की, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 06 अप्रैल, 2026, 09:35 IST न्यूज़ इंडिया ‘अपना ब्लाउज फाड़ो…’: केरल कांग्रेस नेता ने पार्टीजनों से चुनावी प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करने को कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल राजनीतिक विवाद(टी)सीपी मैथ्यू वीडियो(टी)इडुक्की कांग्रेस प्रमुख(टी)झूठी शिकायतों का आरोप(टी)राजनीति में महिलाओं का इस्तेमाल(टी)एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग(टी)यूडीएफ बनाम एलडीएफ केरल(टी)केरल चुनाव 2026









