भीषण गर्मी में लू की मार से बचाने में मदद करेगा ये शरबत, जानें इसे घर पर बनाने की आसान विधि – News18 हिंदी

X भीषण गर्मी में लू की मार से बचाने में मदद करेगा ये शरबत, जानें बनाने की विधि Palash Flower Benefits: गर्मी का मौसम शुरू होते ही गांवों-जंगलों में पलाश (टेसू) के फूल खिलने लगते हैं, जो आग की तरह लाल-नारंगी रंग के नजर आते हैं. ग्रामीण इलाकों में इसे टेसू के नाम से जाना जाता है. आयुर्वेद में पलाश के फूल, बीज, पत्ते और छाल का उपयोग कई बीमारियों के इलाज में किया जाता है. खास बात ये कि इन फूलों से बनने वाला शरबत गर्मियों में किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. पलाश के फूलों का शरबत शरीर को ठंडक देने के साथ कई समस्याओं में राहत देता है. लू और गर्मी से बचाव पलाश का शरबत शरीर को अंदर से ठंडा रखता है. तेज धूप में निकलने पर होने वाली थकान, सिरदर्द और बेचैनी को कम करने में मदद करता है. इसे पीने से लू लगने का खतरा भी कम हो जाता है. यह शरबत पाचन तंत्र को मजबूत करता है. गैस, कब्ज, दस्त और पेट की जलन जैसी समस्याओं में राहत देता है. जिन लोगों को पेट में गर्मी की शिकायत रहती है, उनके लिए यह काफी फायदेमंद माना जाता है.
पहलवान बिस्वा शर्मा का बड़ा आरोप- ‘कांग्रेस ने सोशल मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी के आधार पर मेरी पत्नी पर लगाया आरोप’

असम के मुख्यमंत्री हिमंत शर्मा विश्व ने अपने परिवार पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने मेरी पत्नी के खिलाफ आरोप लगाते हुए सोशल मीडिया ग्रुप से मिली जानकारी का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा,” मेरी पत्नी के खिलाफ ग़रीब पति-पत्नी को लेकर कांग्रेस नेता पवन सह-लेखक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। मेरी पत्नी के खिलाफ कांग्रेस के आरोप में असमंजस की स्थिति को प्रभावित करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं, इसके लिए कॉलेज की सजा हो सकती है।” असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “…कोई भी 199 अमेरिकी डॉलर कंपनी का रजिस्ट्रेशन करा सकता है। कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद उन्होंने रिंकी के नाम से एक और बनाई कंपनी…कांग्रेस ने सोशल मीडिया ग्रुप से प्राप्त पासपोर्ट और शेयरहोल्डिंग की स्थिति का इस्तेमाल किया। गौरव गोगोई ने भी एक सोशल मीडिया ग्रुप की मदद की। पाकिस्तान किस तरह असम चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा है, यह बहुत महत्वपूर्ण है।” #घड़ी | गुवाहाटी: असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा कहते हैं, “…कोई भी 199 अमेरिकी डॉलर का भुगतान करके एक कंपनी पंजीकृत कर सकता है। कल की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, उन्होंने रिनिकी के नाम पर एक और कंपनी बनाई…कांग्रेस ने एक पाकिस्तानी सोशल मीडिया से प्राप्त पासपोर्ट और दस्तावेजों की छवियों का इस्तेमाल किया… https://t.co/S5bBLdtBKn pic.twitter.com/zPQr9lJs0V – एएनआई (@ANI) 6 अप्रैल 2026 क्या है मामला असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी पर गंभीर आरोप लगाए हैं. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी के पास तीन अलग-अलग पासपोर्ट कैसे हैं? उन्हें तीन पासपोर्ट रखने की क्या आवश्यकता है? क्या वे कोई अपराधी हैं? कांग्रेस के एक्स हैंडल पर पवन एसोसिएट का वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा गया, ”असम की जनता पूछ रही है।” हिमंता बिस्वा सरमा की पूरी राजनीतिक छवि के खिलाफ अपमान पर आधारित है, लेकिन उनकी पत्नी दो मुस्लिम देशों के पासपोर्ट दर्ज हैं, कैसे? भारत के कानून के खाते से आप द्विपक्षीय नागरिकता नहीं रख सकते हैं, तो क्या रिंकी भू लाइसेंस सरमा भारत का पासपोर्ट भी रखता है? हिमंता बिस्वा सरमा, अमित शाह के दत्तक पुत्र क्या हैं? और किस देश के मठाधीश को ये जानकारी थी कि उनके दत्तक पुत्र की पत्नी के 3 पासपोर्ट हैं? अमित शाह का जवाब- वो एसआईटी सहायक इस मामले की जांच क्या करेगी?” (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव 2026(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा शर्मा(टी)कांग्रेस(टी)असम चुनाव 2026(टी)असम(टी)हिमंत बिस्वा शर्मा(टी)कांग्रेस
जाह्नवी बोलीं- मैं पूरी तरह से मां पर निर्भर थी:उनके जाने के बाद कई गलत फैसले लिए, कई लोगों ने निजी जिंदगी में दखल दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी मां और सुपरस्टार श्रीदेवी के निधन और उसके बाद आई मुश्किलों पर बात की है। जाह्नवी ने बताया कि वे अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े फैसले के लिए मां पर निर्भर थीं। उनके अचानक चले जाने के बाद जाह्नवी को न सिर्फ अकेले फैसले लेना सीखना पड़ा, बल्कि दुनिया के कड़े व्यवहार और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। हर छोटी बात के लिए मां पर थीं निर्भर राज शमानी के पॉडकास्ट में जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी के रहते उन्होंने कभी खुद से कोई फैसला नहीं लिया था। जाह्नवी ने कहा, “मैं उन पर पूरी तरह निर्भर थी। मैं उनसे हर बात पूछती थी की क्या कपड़े पहनूं? क्या करूं? क्या सही है और क्या गलत? उनके जाने के बाद मुझे अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना सीखना पड़ा।” जाह्नवी ने यह भी माना कि इस दौरान उन्होंने कई गलत फैसले लिए और उन लोगों को अपनी निजी जिंदगी में दखल देने दिया, जिनका वहां कोई काम नहीं था। दुनिया मेरे दुख को जज कर रही थी जाह्नवी ने उस दौर के तनाव को याद करते हुए बताया कि लोग उनके दुख का पैमाना तय कर रहे थे। एक्ट्रेस के मुताबिक, “दुनिया मुझे तोड़ने की कोशिश कर रही थी। लोग कमेंट करते थे कि देखो वह अब कुछ ज्यादा ही मुस्कुरा रही है, वह उतनी दुखी नहीं है जितनी उसे होना चाहिए। मेरे परिवार पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए।” मां के जाने से बदल गए बोनी कपूर अपनी मां के मजाकिया स्वभाव को याद करते हुए जाह्नवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी की जगह दुनिया में कोई नहीं ले सकता। जाह्नवी ने अपने पिता बोनी कपूर के बारे में कहा, उस दिन मैंने सिर्फ परिवार का एक सदस्य नहीं खोया था, बल्कि अपने पिता को भी खो दिया था। जब मां हमारे साथ थीं, तब पापा बिल्कुल अलग इंसान थे। आज वह जैसे हैं मैं उससे खुश हूं, लेकिन वह पहले जैसे नहीं रहे।” जाह्नवी के मुताबिक, उनकी फैमिली की खुशी और पॉजिटिविटी में श्रीदेवी का सबसे बड़ा योगदान था। डेब्यू फिल्म के दौरान हुआ था निधन श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को यूएई में हुआ था। यह वह समय था जब जाह्नवी अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘धड़क’ की तैयारी कर रही थीं। जाह्नवी की फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, लेकिन उनकी इस सफलता को देखने के लिए उनकी मां उनके साथ नहीं थीं। श्रीदेवी ने करीब तीन दशकों तक हिंदी, तमिल और तेलुगू सिनेमा पर राज किया था।
जाह्नवी बोलीं- मैं पूरी तरह से मां पर निर्भर थी:उनके जाने के बाद कई गलत फैसले लिए, कई लोगों ने निजी जिंदगी में दखल दिया

बॉलीवुड एक्ट्रेस जाह्नवी कपूर ने हाल ही में एक पॉडकास्ट में अपनी मां और सुपरस्टार श्रीदेवी के निधन और उसके बाद आई मुश्किलों पर बात की है। जाह्नवी ने बताया कि वे अपनी जिंदगी के हर छोटे-बड़े फैसले के लिए मां पर निर्भर थीं। उनके अचानक चले जाने के बाद जाह्नवी को न सिर्फ अकेले फैसले लेना सीखना पड़ा, बल्कि दुनिया के कड़े व्यवहार और ट्रोलिंग का भी सामना करना पड़ा। हर छोटी बात के लिए मां पर थीं निर्भर राज शमानी के पॉडकास्ट में जाह्नवी ने बताया कि श्रीदेवी के रहते उन्होंने कभी खुद से कोई फैसला नहीं लिया था। जाह्नवी ने कहा, “मैं उन पर पूरी तरह निर्भर थी। मैं उनसे हर बात पूछती थी की क्या कपड़े पहनूं? क्या करूं? क्या सही है और क्या गलत? उनके जाने के बाद मुझे अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेना सीखना पड़ा।” जाह्नवी ने यह भी माना कि इस दौरान उन्होंने कई गलत फैसले लिए और उन लोगों को अपनी निजी जिंदगी में दखल देने दिया, जिनका वहां कोई काम नहीं था। दुनिया मेरे दुख को जज कर रही थी जाह्नवी ने उस दौर के तनाव को याद करते हुए बताया कि लोग उनके दुख का पैमाना तय कर रहे थे। एक्ट्रेस के मुताबिक, “दुनिया मुझे तोड़ने की कोशिश कर रही थी। लोग कमेंट करते थे कि देखो वह अब कुछ ज्यादा ही मुस्कुरा रही है, वह उतनी दुखी नहीं है जितनी उसे होना चाहिए। मेरे परिवार पर भी कई तरह के आरोप लगाए गए।” मां के जाने से बदल गए बोनी कपूर अपनी मां के मजाकिया स्वभाव को याद करते हुए जाह्नवी भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि श्रीदेवी की जगह दुनिया में कोई नहीं ले सकता। जाह्नवी ने अपने पिता बोनी कपूर के बारे में कहा, उस दिन मैंने सिर्फ परिवार का एक सदस्य नहीं खोया था, बल्कि अपने पिता को भी खो दिया था। जब मां हमारे साथ थीं, तब पापा बिल्कुल अलग इंसान थे। आज वह जैसे हैं मैं उससे खुश हूं, लेकिन वह पहले जैसे नहीं रहे।” जाह्नवी के मुताबिक, उनकी फैमिली की खुशी और पॉजिटिविटी में श्रीदेवी का सबसे बड़ा योगदान था। डेब्यू फिल्म के दौरान हुआ था निधन श्रीदेवी का निधन 24 फरवरी 2018 को यूएई में हुआ था। यह वह समय था जब जाह्नवी अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म ‘धड़क’ की तैयारी कर रही थीं। जाह्नवी की फिल्म तो बॉक्स ऑफिस पर हिट रही, लेकिन उनकी इस सफलता को देखने के लिए उनकी मां उनके साथ नहीं थीं। श्रीदेवी ने करीब तीन दशकों तक हिंदी, तमिल और तेलुगू सिनेमा पर राज किया था।
‘अपना ब्लाउज फाड़ो…’: केरल कांग्रेस नेता ने पार्टीजनों से चुनावी प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करने को कहा | भारत समाचार

आखरी अपडेट:06 अप्रैल, 2026, 09:35 IST इडुक्की कांग्रेस नेता सीपी मैथ्यू ने कथित तौर पर सुझाव दिया कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ टकराव की स्थिति में महिला नेता अपने कपड़े फाड़ सकती हैं और शिकायत दर्ज करा सकती हैं। केरल कांग्रेस नेता सीपी मैथ्यू ने भी कथित तौर पर मामलों को कानूनी रूप से अधिक गंभीर बनाने के लिए एससी/एसटी अधिनियम के प्रावधानों को लागू करने के लिए एससी/एसटी महिलाओं को शामिल करने की बात कही। (न्यूज़18 मलयालम) चुनावी राज्य केरल में एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है जब एक वीडियो सामने आया जिसमें इडुक्की जिला कांग्रेस कमेटी (डीसीसी) के अध्यक्ष सीपी मैथ्यू कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं से राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज करने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करने के लिए कह रहे हैं। यह टिप्पणी कथित तौर पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के उम्मीदवार रॉय के पॉलोस के लिए वज़हथॉप में एक चुनाव अभियान कार्यक्रम के दौरान की गई थी। भाषण में, मैथ्यू ने कथित तौर पर सुझाव दिया कि महिला नेता टकराव की स्थिति में अपने कपड़े फाड़ सकती हैं और शिकायत दर्ज करा सकती हैं, उनका दावा है कि इस तरह की रणनीति से प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ मामले मजबूत होंगे। उन्होंने कथित तौर पर एससी/एसटी समुदायों की महिलाओं को शामिल करके अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के प्रावधानों का उपयोग करने के बारे में भी बात की, जिससे संकेत मिलता है कि यह कानूनी रूप से मामलों को और अधिक गंभीर बना सकता है। सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित टिप्पणियों ने राजनीतिक विरोधियों और नागरिक समाज की ओर से तीखी आलोचना शुरू कर दी है। जब यह टिप्पणी की गई तो केरल कांग्रेस के उपाध्यक्ष जैसन जोसेफ सहित वरिष्ठ नेता मंच पर मौजूद थे, लेकिन उन्होंने अब तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) ने बयानों की कड़ी निंदा की, पार्टी नेताओं ने विपक्षी कांग्रेस पर चुनाव अवधि के दौरान हिंसा भड़काने और कानूनी प्रावधानों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने विरोधियों को फंसाने और चुनावी नतीजे को प्रभावित करने की सोची-समझी रणनीति का आरोप लगाया। यह पहली बार नहीं है जब मैथ्यू गर्म पानी में उतरा है। वह हाल ही में एक घटना को लेकर सुर्खियों में थे, जिसमें उन्होंने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में एक पार्टी कार्यकर्ता के साथ कथित तौर पर मारपीट की थी। केरल में, कांग्रेस विपक्षी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) का हिस्सा है, जो सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले सत्तारूढ़ वाम डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। राज्य में 9 अप्रैल को मतदान होगा और वोटों की गिनती 4 मई को होगी। जगह : इडुक्की, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 06 अप्रैल, 2026, 09:35 IST न्यूज़ इंडिया ‘अपना ब्लाउज फाड़ो…’: केरल कांग्रेस नेता ने पार्टीजनों से चुनावी प्रतिद्वंद्वियों को फंसाने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल करने को कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल राजनीतिक विवाद(टी)सीपी मैथ्यू वीडियो(टी)इडुक्की कांग्रेस प्रमुख(टी)झूठी शिकायतों का आरोप(टी)राजनीति में महिलाओं का इस्तेमाल(टी)एससी एसटी एक्ट का दुरुपयोग(टी)यूडीएफ बनाम एलडीएफ केरल(टी)केरल चुनाव 2026
प्राकृतिक शुगर, कार्बोहाइड्रेट से होता है भरपूर, महुआ का फूल है सेहत का खजाना, शरीर को रखता है पावरफुल

Last Updated:April 06, 2026, 09:34 IST महुआ एक पेड़ का फूल होता है, जो मुख्य रूप से भारत के जंगलों और ग्रामीण इलाकों में पाया जाता है. इसका स्वाद प्राकृतिक रूप से मीठा होता है, इसलिए लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. महुआ के फूल को आमतौर पर सुखाकर रखा जाता है, ताकि इसे लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके. इससे कई तरह के पारंपरिक पकवान, मिठाइयां भी बनाए जाते हैं. वहीं सेहत के लिए फायदेमंद होता है. गर्मी का मौसम आते ही जंगलों और गांवों में एक खास फूल की खुशबू फैलने लगती है, जिसे महुआ कहा जाता है. महुआ का फूल न सिर्फ स्वाद में मीठा होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत फायदेमंद माना जाता है. खासकर ग्रामीण इलाकों में लोग इसे सुखाकर साल भर इस्तेमाल करते हैं. वैद्य का मानना है कि महुआ में कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ताकत देते हैं और कई बीमारियों से बचाते हैं. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य जमुना प्रसाद यादव बताते हैं कि महुआ में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करते हैं. खासकर गर्मियों में जब शरीर जल्दी थक जाता है या कमजोरी महसूस होती है, तब महुआ का सेवन काफी फायदेमंद साबित होता है. यह शरीर को ताकत देने के साथ-साथ दिनभर एक्टिव बनाए रखने में भी मदद करता है. वैद्य जमुना प्रसाद यादव के अनुसार महुआ पेट के लिए बेहद फायदेमंद होता है. इसका सेवन करने से कब्ज, गैस और अपच जैसी आम समस्याओं में राहत मिलती है. महुआ में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो पाचन क्रिया को सुधारते हैं और आंतों को स्वस्थ रखते हैं. अगर इसे नियमित और संतुलित मात्रा में लिया जाए, तो यह पेट को साफ रखने के साथ-साथ भोजन को अच्छे से पचाने में मदद करता है, जिससे शरीर हल्का और स्वस्थ महसूस करता है. Add News18 as Preferred Source on Google महुआ का सेवन गर्मियों में शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इस मौसम में अक्सर शरीर में पानी की कमी हो जाती है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में महुआ शरीर को अंदर से ठंडक पहुंचाता है और तापमान को संतुलित रखने में मदद करता है. यही कारण है कि गांवों में लोग गर्मी के दिनों में इसका अधिक उपयोग करते हैं, ताकि शरीर ठंडा रहे और लू जैसी समस्याओं से बचाव हो सके. महुआ में आयरन जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में खून की कमी यानी एनीमिया को दूर करने में मदद करते हैं. इसका नियमित और संतुलित सेवन शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक होता है. खासकर जो लोग कमजोरी, थकान या चक्कर जैसी समस्या महसूस करते हैं, उनके लिए महुआ काफी फायदेमंद माना जाता है और शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है. महुआ में ऐसे प्राकृतिक गुण पाए जाते हैं, जो शरीर के दर्द और सूजन को कम करने में मदद करते हैं. जमुना प्रसाद यादव के अनुसार, इसका सेवन करने या महुआ के तेल से मालिश करने पर जोड़ों के दर्द में आराम मिल सकता है. यह मांसपेशियों को ढीलापन देता है और शरीर की जकड़न को कम करता है. नियमित उपयोग से चलने-फिरने में आसानी होती है और शरीर हल्का महसूस करता है, जिससे खासकर बुजुर्गों और मेहनत करने वाले लोगों को राहत मिलती है. महुआ दुबले-पतले लोगों के लिए फायदेमंद माना जाता है. इसमें कैलोरी और प्राकृतिक शुगर की मात्रा अधिक होती है, जो शरीर को अतिरिक्त ऊर्जा देती है. नियमित और संतुलित सेवन से धीरे-धीरे वजन बढ़ाने में मदद करता है. साथ ही यह शरीर को ताकत देता है और कमजोरी दूर करता है. खासकर जो लोग कमजोर महसूस करते हैं या वजन बढ़ाना चाहते हैं, उनके लिए महुआ एक प्राकृतिक और आसान विकल्प हो सकता है, जो शरीर को स्वस्थ तरीके से पोषण देता है. First Published : April 06, 2026, 09:33 IST
लिफ्ट से ज्यादा ऊपर जाते वक्त आपके भी कान बंद हो जाते हैं? क्या है इसकी वजह, हर दिन होने लगे तो क्या करें

Last Updated:April 06, 2026, 09:11 IST Frequent Ear Blockage Causes: लिफ्ट से ऊपर जाते समय कान बंद होना आमतौर पर एयर प्रेशर में बदलाव के कारण होता है. यह समस्या सामान्य है और कुछ मिनट में अपने आप ठीक हो जाती है. अगर यह बार-बार कान बंद हों या लंबे समय तक परेशानी बनी रहे, तो यह किसी अन्य समस्या का संकेत हो सकता है. ऐसे में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. लिफ्ट में ऊपर जाते वक्त एयर प्रेशर बदल जाता है, जिससे कान बंद हो जाते हैं. Ear Popping in Elevators Causes: जब भी आप किसी ऊंची बिल्डिंग में लिफ्ट से जाते हैं, तब ऊंचाई पर पहुंचते ही आपके कान बंद हो जाते हैं. कई बार आपने भी यह चीज नोटिस की होगी. अधिकतर लोगों को कान बंद होने, दबाव महसूस होने या हल्की सी पॉप आवाज आने का अनुभव होता है. कुछ सेकंड बाद कान अपने आप खुल जाते हैं और कंडीशन नॉर्मल हो जाती है. यह एक सामान्य बात है, जिसे लोग नजरअंदाज कर देते हैं. कई बार यह समस्या इतनी ज्यादा बढ़ जाती है कि लोगों को डॉक्टर के पास भागना पड़ता है. अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि लिफ्ट में कान क्यों बंद हो जाते हैं और इससे कैसे बचें? वेबएमडी की रिपोर्ट के मुताबिक ऊंचाई पर जाते वक्त कान बंद होना शरीर की एक सामान्य प्रतिक्रिया है. यह समस्या हमारे कान की संरचना से जुड़ी होती है. कान के अंदर एक नली होती है, जिसे यूस्टेशियन ट्यूब (Eustachian Tube) कहा जाता है. यह ट्यूब कान के अंदर के दबाव को बाहरी वातावरण के दबाव के बराबर बनाए रखने में मदद करती है. जब आप लिफ्ट से तेजी से ऊपर जाते हैं, तो बाहरी एयर प्रेशर अचानक कम हो जाता है, लेकिन कान के अंदर का दबाव तुरंत एडजस्ट नहीं हो पाता. इसी वजह से कान बंद होने या भरे-भरे लगने की समस्या होती है. हालांकि कुछ देर में स्थिति सामान्य हो जाती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो आमतौर पर यह स्थिति कुछ सेकंड या मिनट में खुद ही ठीक हो जाती है, क्योंकि यूस्टेशियन ट्यूब धीरे-धीरे दबाव को संतुलित कर देती है. कई बार आपको पॉप की आवाज सुनाई देती है, जो इस बात का संकेत है कि दबाव बराबर हो गया है. यह बिल्कुल वैसा ही होता है, जैसा हवाई यात्रा या पहाड़ों पर चढ़ते समय महसूस होता है. हालांकि अगर यह समस्या हर दिन होने लगे या लंबे समय तक बनी रहे, तो इसके पीछे कुछ अन्य कारण भी हो सकते हैं. साइनस इंफेक्शन, एलर्जी, सर्दी-जुकाम या कान में वैक्स ज्यादा होने से भी यह प्रॉब्लम बार-बार हो सकती है. इन कंडीशन में यूस्टेशियन ट्यूब ठीक से काम नहीं कर पाती, जिससे दबाव को बैलेंस करने में दिक्कत होती है और कान बार-बार बंद होने लगते हैं. अगर आप भी लिफ्ट यूज करते समय कान बंद होने से बचना चाहते हैं, तो इसके लिए कुछ उपाय कर सकते हैं. लिफ्ट में जाते वक्त कुछ निगलने या पानी पीने से ट्यूब खुल जाती है. लिफ्ट में आप च्युइंग गम चबाएं, तो इस समस्या से बच सकते हैं. दरअसल च्युइंग गम चबाने में जबड़े की मांसपेशियों का उपयोग होता है, जो यूस्टेशियन ट्यूब को खोलने में मदद करता है. इसके अलावा जानबूझकर जम्हाई लेने से भी कान तुरंत खुल जाते हैं. अगर समस्या लगातार बनी रहती है, दर्द होता है या सुनने में कमी आने लगे, तो तुरंत ENT विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर दवाइयां या अन्य ट्रीटमेंट सजेस्ट कर सकते हैं. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 09:11 IST
चमकती त्वचा के लिए गोल्ड फेशियल: पॉलिश नहीं, अब घर पर मिनटों में करें गोल्ड फेशियल; बिना खर्च किये सोने सा चमकेगा चेहरा

घर पर फेशियल कैसे करें: हर कोई चाहता है कि उसका चेहरा साफ, चमकीला और चमकता हुआ दिखे। इसके लिए लोग रिटेल रिटेल मैक्सिल गोल्ड फेशियल करवाते हैं। लेकिन अब आपको पैसे खर्च करने की जरूरत नहीं है। आप घर पर आसानी से गोल्ड फेशियल कर सकते हैं और वो भी कुछ ही मिनट में। गोल्ड फेशियल क्या होता है? गोल्ड फ़ेशियल एक ऐसा स्कार्फ प्रोजेक्ट है जो त्वचा को गहराई से साफ़ करता है, डेड फ़ेशियल हटाता है और चेहरे पर ग्लो पेश करता है। यह त्वचा को प्लांट और फ्रेशनर की दुकान में मदद करता है। घर पर गोल्ड फेशियल कैसे करें? सफाई सबसे पहले अपने चेहरे को साफ करें। इसके लिए कच्चा दूध लेन और कॉटन डब्बेकर फेस पर तैयार किया जाता है। अब 2-3 मिनिट में हाथ से मसाज करें। यह आपके चेहरे की गंदगी और तेल निकालने में मदद करेगा। स्क्रब अब डेड स्किन रिमूवल के लिए आवेदन करें। इसके लिए 1 चीनी चीनी और 1 मिशिगन पूरे चेहरे पर छोटे हाथ से राँचे और फिर धो लें। मसाज (मालिश) ग्लोम के साथ काम करना बहुत जरूरी है। इसके लिए एलोवेरा जेल या क्रीम लें और 5-10 मिनट तक चेहरे पर सर्कूल मोशन में मसाज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और त्वचा चमकदार दिखती है। फेस पैक (फेस पैक) अब फेस पैक रूम। फेस पैक बनाने के लिए 1 मिंट बेसन, 1 हल्दी और थोड़ा दूध या गुलाब जल एक कटोरी में लें। इसे पूरे प्लांट पर फर्नीचर और फैक्ट्री के बाद धो लें। टोनिंग और टिनटिंग आख़िर में गुलाब जल से टोनिंग करें। फिर से इलेक्ट्रोमैग्नेटिक यूनिट। गोल्ड फेसियल के फायदे क्या हैं? चेहरे पर तुरंत चमक आती है। त्वचा की प्रदर्शनी और साफ-सुथरी कलाकृतियाँ। डेड स्किन हटती है। जुर्रियाँ कम होती हैं। कंकाल और ताज़े दिखते हैं। किन बातों का रखें प्रबंध? आस्था हमेशा के लिए हाथ से बनाएं। अगर आपका स्किन सेन्स प्रतिबंधित है तो पहले पैच टेस्ट करा लें। ज्यादा से ज्यादा बार फेशियल न करें। महीने में 1-2 बार काफी है। अब चमकदार त्वचा पाने के लिए आपको फ्लोर की जरूरत नहीं है। घर पर आसानी से बेचा गया गोल्ड फेशियल भी आकर्षक ही होता है। अगर आप इसे सही तरीके से चलाएंगे, तो आपका चेहरा भी सोने जैसा चमकने लगेगा। यह अवश्य पढ़ें: चेहरे के बाल हटाना: चेहरे से अनचाहे बाल हटाने के लिए काम आएगा ये 3 देसी नुस्खा, 10 मिनट में चेहरे से बाल हटाएं अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
Health Tips: पोषण का पावरहाउस है ये साग, सेवन से मिलेंगे कई लाभ, पाचन से लेकर इम्यूनिटी तक सब रहेगा ठीक

Last Updated:April 06, 2026, 08:50 IST Health Benefit Chaulai ka Saag: हरी सब्जियों में चौलाई का साग सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. पोषण तत्वों से भरपूर यह साग शरीर को ताकत देने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है. इसमें आयरन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन ए, सी और प्रोटीन प्रचुर मात्रा में पाए जाते है जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते है. नियमित सेवन से खून की कमी दूर होती है और हड्डियां मजबूत बनती है. चौलाई का साग पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या में राहत देता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करते है. यह दिल की सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में सहायक होता है. कम कैलोरी होने के कारण वजन घटाने वालों के लिए भी यह एक बेहतर विकल्प है. यह साग हड्डियों की मजबूती के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. इसमें कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे जरूरी खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते है. यह बढ़ती उम्र में होने वाली ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाव में भी सहायक है. अगर इसे भोजन में शामिल किया जाए, तो जोड़ों का दर्द और हड्डियों की कमजोरी जैसी परेशानियां कम हो सकती है. अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे है तो चौलाई आपके लिए बेहद उपयोगी है. इसमें कम कैलोरी और ज्यादा पोषण होता है. यह पेट भरने के साथ-साथ वजन को नियंत्रित रखने में मददगार है. इसमें अमीनो एसिड और विटामिन पाए जाते हैं, जो त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद हैं. इससे बाल मजबूत और त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है. यह आंखों की सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी है. इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन ए पाया जाता है जो आंखों की रोशनी बढ़ाने में मददगार है. यह लगातार स्क्रीन देखने वाले लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. इसके अलावा, इसमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भी होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता हैं, जिससे संक्रमण और बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google चौलाई का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है. जैसे – साग के रूप में, दाल में मिलाकर या स्वादिष्ट पराठों में डालकर इत्यादि. खासतौर पर गर्मियों में इसका सेवन शरीर को ठंडक देता है और पित्त-कफ को संतुलित रखता है. हालांकि, इसका सेवन भी संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. अगर सही तरीके से इसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल किया जाए तो कई फायदे मिल सकते हैं. मरीज बगैर डॉक्टर से सलाह लिए इसका सेवन न करें. बढ़ते कोलेस्ट्रॉल और शुगर की समस्या आजकल आम हो गई है. लेकिन चौलाई इन दोनों को कंट्रोल करने की क्षमता रखती है. यह ब्लड शुगर लेवल को संतुलित कर और शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने का काम करती है. इसी के चलते डॉक्टर भी हेल्दी डाइट में हरी सब्जियों को शामिल करने की सलाह देते हैं, जिसमें चौलाई अलग ही महत्व है. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, यह साग पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में अहम भूमिका निभाती है. यह आंतों को साफ कर भोजन को आसानी से पचाने में सहायक होता है. जिन लोगों को गैस, अपच या पेट भारी रहने की शिकायत रहती है, उनके लिए यह साग एक प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है और पेट को हल्का व स्वस्थ बनाए रखता है. चौलाई का साग खून की कमी यानी एनीमिया से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है. इसमें आयरन होते हैं, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाते है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से कमजोरी, थकान और चक्कर जैसी समस्याएं धीरे-धीरे कम होने लगती हैं. खासकर महिलाओं और बच्चों के लिए यह एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है, जो बिना दवाइयों के शरीर में खून की मात्रा बढ़ाने में सहायक है. First Published : April 06, 2026, 08:50 IST
हाई ब्लड प्रेशर को जड़ से मिटा देगी यह दवा ! वैज्ञानिकों ने खोजा पावरफुल ट्रीटमेंट, तुरंत दिखाएगा असर

Last Updated:April 06, 2026, 08:16 IST New Hypertension Treatment: वैज्ञानिकों ने हाई ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने की नई दवा बनाई है, जिसका नाम बैक्सड्रोस्टैट है. यह दवा उन मरीजों के लिए उम्मीद बनकर सामने आई है, जिनका ब्लड प्रेशर सामान्य दवाओं से कंट्रोल नहीं होता है. यह दवा एल्डोस्टेरोन हार्मोन को कंट्रोल करके ब्लड प्रेशर को कम करती है. इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा घट सकता है. क्लीनिकल ट्रायल में बैक्सड्रोस्टैट दवा ने काफी अच्छा रिजल्ट दिया है. ब्लड प्रेशर की नई दवा बैक्सड्रोस्टैट है, जो ट्रायल्स में बेहद असरदार साबित हुई है. Baxdrostat for Resistant Hypertension: हाई ब्लड प्रेशर की समस्या पूरी दुनिया में तेजी से बढ़ रही है. मेडिकल की भाषा में इसे हाइपरटेंशन कहा जाता है. हाई बीपी के भारत में भी करोड़ों मरीज हैं और उनमें से तमाम लोगों को इस बीमारी का पता ही नहीं है. अगर ब्लड प्रेशर लंबे समय तक ज्यादा रहे, तो इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, किडनी डिजीज और समय से पहले मौत का खतरा बढ़ जाता है. हाई बीपी को कंट्रोल करने के लिए लोगों को नियमित रूप से दवा लेनी पड़ती है. सबसे बड़ी समस्या यह है कि कई मरीजों में दवा लेने के बावजूद ब्लड प्रेशर कंट्रोल नहीं हो पाता है. वैज्ञानिकों ने अब इस परेशानी को दूर करने के लिए नई दवा खोज ली है, जो अन्य दवाएं फेल होने के बाद भी काम करेगी और बीपी पर लगाम लगाएगी. साइंस डेली की रिपोर्ट के मुताबिक अनकंट्रोल ब्लड प्रेशर को काबू में करने के लिए डेवलप की गई नई दवा बैक्सड्रोस्टैट (Baxdrostat) है. यह दवा उन मरीजों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है, जिन पर बीपी कंट्रोल करने वाली अन्य दवाएं काम नहीं कर रही हैं और ब्लड प्रेशर बेकाबू रहता है. इस दवा के काम करने का तरीका भी खास है. बैक्सड्रोस्टैट शरीर में बनने वाले एक हार्मोन एल्डोस्टेरोन (Aldosterone) को कंट्रोल करती है. यह हार्मोन शरीर में नमक और पानी के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है, लेकिन जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है, तो शरीर में पानी और नमक जमा होने लगता है, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है. बैक्सड्रोस्टैट इस हार्मोन के उत्पादन को रोककर सीधे समस्या की जड़ पर काम करती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. वैज्ञानिकों के अनुसार यह दवा उन मरीजों के लिए खासतौर पर उपयोगी हो सकती है, जिन्हें रेजिस्टेंट हाइपरटेंशन यानी ऐसा हाई ब्लड प्रेशर होता है, जो कई दवाओं के बावजूद कंट्रोल नहीं होता. यह खोज न सिर्फ इलाज के लिहाज से अहम है, बल्कि इससे यह भी समझने में मदद मिलती है कि एल्डोस्टेरोन का बढ़ा हुआ स्तर इस समस्या में बड़ी भूमिका निभाता है. यह दवा लंबे समय तक सुरक्षित और प्रभावी भी पाई गई है. दुनिया भर में करीब 130 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित हैं, जिनमें से बड़ी संख्या भारत और चीन में है. ऐसे में बैक्सड्रोस्टैट जैसी नई दवा भविष्य में करोड़ों लोगों के लिए राहत साबित हो सकती है. हालांकि अभी इस दवा का फेज 3 क्लीनिकल ट्रायल हुआ है. बाजार में आने से पहले इसे कई ट्रायल्स और मंजूरी की जरूरत होगी. अब तक के रिजल्ट यह संकेत देते हैं कि यह दवा हाई ब्लड प्रेशर के इलाज में एक बड़ा बदलाव ला सकती है. हाल ही में किए गए एक इंटरनेशनल फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल में इस दवा की प्रभावशीलता को परखा गया. इस अध्ययन में दुनिया भर के 214 क्लीनिकों से लगभग 800 मरीजों को शामिल किया गया. ये सभी ऐसे मरीज थे, जिनका ब्लड प्रेशर पहले से चल रहे इलाज के बावजूद बहुत ज्यादा था. इस रिसर्च का नेतृत्व यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन (UCL) के प्रोफेसर ब्रायन विलियम्स ने किया और इसके नतीजे यूरोपियन सोसाइटी ऑफ कार्डियोलॉजी (ESC) कांग्रेस 2025 में प्रस्तुत किए गए. इस अध्ययन के परिणाम काफी उत्साहजनक रहे. जिन मरीजों को बैक्सड्रोस्टैट दी गई, उनका सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर औसतन 9 से 10 mmHg तक कम हो गया, जो कि एक महत्वपूर्ण गिरावट मानी जाती है. इस स्तर की कमी से हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक घट सकता है. खास बात यह रही कि लगभग 40% मरीजों का ब्लड प्रेशर सामान्य स्तर तक पहुंच गया, जबकि प्लेसीबो लेने वालों में यह आंकड़ा 20% से भी कम था. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : April 06, 2026, 08:16 IST









