Sunday, 12 Apr 2026 | 01:03 AM

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ग्वालियर में युवक पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर:दोस्तों ने विवाद के बाद मारा चाकू, लिवर में फंसा, जयपुर रेफर पुलिस आरक्षक-अधिवक्ता का हुआ विवाद:दोनों में मारपीट का CCTV, वकील का आरोप- पुलिस नहीं दर्ज हो रही है FIR हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट, क्या ज्यादा जानलेवा? आशा भोसले की हेल्थ को लेकर आई ये बड़ी खबर इंदौर में आग से मर्सिडीज कार जलकर खाक:दो बाइक भी जलीं, दमकल की गाड़ियां पहुंची और आग को फैलने से रोका बच्चों को बचाने में बाइक फिसली, युवक घायल:डायल-112 ने पहुंचाया अस्पताल, बहुती स्कूल के सामने हादसा हाथों में कंपकंपी- मांसपेशियों में जकड़न, बिना देरी भागें डॉक्टर के पास, हो सकती है ये न्यूरोलॉजिकल प्रॉब्लम
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ओलावृष्टि-बारिश से दतिया के 42 गांवों की गेहूं फसल बर्बाद:सेवढ़ा क्षेत्र में जलभराव से सड़ी फसल, मुआवजे के इंतजार में किसान

ओलावृष्टि-बारिश से दतिया के 42 गांवों की गेहूं फसल बर्बाद:सेवढ़ा क्षेत्र में जलभराव से सड़ी फसल, मुआवजे के इंतजार में किसान

दतिया की सेवढ़ा तहसील क्षेत्र में बीते सप्ताह हुई ओलावृष्टि और लगातार बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। 42 गांवों में गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। हालत यह है कि खेतों में अब भी पानी भरा हुआ है और खड़ी फसल सड़कर नष्ट हो रही है। किसान न तो फसल काट पा रहे हैं और न ही उसमें से एक दाना निकालने की उम्मीद बची है। दैनिक भास्कर टीम ने आलमपुर बुजुर्ग, जरौली, दिगुवा सहित कई गांवों का दौरा किया। जहां किसानों ने बताया कि 7 दिन बीत जाने के बाद भी खेतों में जलभराव बना हुआ है। गेहूं पूरी तरह सड़ चुकी है, जिससे खाने के लिए अनाज तक नहीं बचा। वहीं पशुओं के लिए भूसे का भी गंभीर संकट खड़ा हो सकता है। किसानों का कहना है कि अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें अपने पशु बेचने तक की नौबत आ गई है। परिवार के भरण-पोषण के साथ बेटियों की शादी जैसी जिम्मेदारियां भी उनके सामने बड़ी चुनौती बन गई हैं। आरोप- कई गांवों में सर्वे नहीं हुआ ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि अभी तक कई गांवों में सर्वे टीम नहीं पहुंची है। किसान मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। लेकिन सर्वे में देरी से उन्हें राहत मिलने पर भी संशय बना हुआ है। किसानों का दर्द है कि फसल पूरी तरह खत्म हो चुकी है, लेकिन खेतों की सफाई के लिए भी अब उन्हें अलग से खर्च करना पड़ेगा। इधर, जनप्रतिनिधि और नेता केवल आश्वासन दे रहे हैं। जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। मामले की लेकर अपर कलेक्टर महेंद्र सिंह कपचे ने बताया कि सर्वे टिम लगी हुई है, जो जल्द सर्वे कर जांच रिपोर्ट सौंपेगी।

रिटायर्ड फौजी ने खुद को मारी गोली मौत:परिजन बोले-बंदूक साफ करते समय हुआ हादसा, स्पॉट से राइफल और शराब मिली

रिटायर्ड फौजी ने खुद को मारी गोली मौत:परिजन बोले-बंदूक साफ करते समय हुआ हादसा, स्पॉट से राइफल और शराब मिली

ग्वालिय में एक रिटायर्ड फौजी की संदिग्ध हालत में गोली लगने से मौत हो गई है। परिजन का कहना है की बंदूक साफ करते में गोली लगी है जबकि पुलिस का कहना है कि यह खुदकुशी है। घटनास्थल से बंदूक और एक शराब का क्वार्टर मिला है। आसपास बंदूक साफ करने का कोई भी सामान नहीं मिला है। घटना गुरुवार रात 11:00 की है। पड़ोसी घायल फौजी को लेकर पहले बिरला हॉस्पिटल पहुंचे फिर ज्यारोग्य अस्पताल। यहां डॉक्टर ने फौजी को मृत घोषित कर दिया। रात 1 बजे पुलिस को सूचना दी गई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। शहर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र के आदित्यपुरम निवासी 58 वर्षीय रामस्वरूप भदौरिया आर्मी से रिटायर्ड जवान हैं। वह भिंड के अटेर स्थित मोरा गांव के रहने वाले हैं। कुछ दिन पहले उनका बेटा और अन्य परिजन गांव में खेती का काम देखने के लिए गए थे और घर पर वह अकेले थे। रात 11 बजे के लगभग उनके घर से गोली चलने की आवाज आई। गोली की आवाज सुनते ही पड़ोसी उनके घर में पहुंचे तो रामस्वरूप घायल हालत में कमरे में पड़े हुए थे। पास ही उनकी लाइसेंसी राइफल पड़ी हुई थी। साथ ही एक शराब का क्वाटर भी पड़ा था। मामले की सूचना पड़ोसियों ने उनके बेटे विजय को दी। मामले का पता चलते ही विजय ने पड़ोसियों से पिता को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने को बोला और पास ही रहने वाले अपने बहनोई रायसिंह को बताया। मामले का पता चलते ही वह उन्हें लेकर अस्पताल पहुंचे। जहां पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीने में लगी है गोली मामले का पता चलते ही महाराजपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और रिटायर्ड फौजी का शव निगरानी में लेकर पीएम हाउस पहुंचाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस जांच में पता चला है कि गोली उनके सीने में लगी है। राइफल साफ करते चली गोली या सुसाइड पुलिस को प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि गोली रामस्वरूप के सीने में लगी है और उनके बगल में ही उनकी राइफल पड़ी हुई थी। अब पुलिस पता लगा रही है कि गोली राइफल साफ करते समय असावधानी से चली या फिर उन्होंने सुसाइड किया है। पुलिस का कहना इस मामले में टीआई महारजपुरा यशवंत गोयल ने बताया कि एक रिटायर्ड फौजी की गोली लगने से मौत हुई है। अभी मामला सुसाइड का लग रहा है। परिजन बन्दूक साफ करते समय गोली चलने से हादसे कि बात कह रहे हैं।

शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर:पेड़ से टकराकर रुका; जगतपुर तिराहा पर बड़ा हादसा टला

शिवपुरी में बिना ड्राइवर दौड़ा ट्रैक्टर:पेड़ से टकराकर रुका; जगतपुर तिराहा पर बड़ा हादसा टला

शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे के जगतपुर तिराहा पर गुरुवार देर शाम एक बड़ा हादसा टल गया। सड़क किनारे खड़े एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में पीछे से दूसरी ट्रॉली ने टक्कर मार दी, जिससे आगे खड़ा ट्रैक्टर बिना ड्राइवर के ही स्टार्ट होकर अनियंत्रित दौड़ पड़ा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई राहगीर या वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। जानकारी के अनुसार, कुमरौआ गांव निवासी किसान राजेंद्र धाकड़ अपनी फसल बेचकर कोलारस अनाज मंडी से वापस गांव लौट रहे थे। उन्होंने जगतपुर तिराहा पर अपना ट्रैक्टर-ट्रॉली सड़क किनारे खड़ा कर दिया और पास की दुकान पर सामान लेने चले गए। इसी दौरान, खोंकर गांव निवासी उत्तम चंदेल अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली से वहां पहुंचे और पीछे से खड़े ट्रैक्टर में टक्कर मार दी। बताया गया है कि राजेंद्र का ट्रैक्टर गियर में खड़ा था, जिसके कारण टक्कर लगते ही वह स्टार्ट होकर आगे बढ़ गया। बिना ड्राइवर के ही ट्रैक्टर कुछ दूरी तक सड़क पर चलता रहा और फिर सड़क से उतरकर एक पेड़ से टकराकर रुक गया। घटना के वक्त आसपास कोई राहगीर या वाहन मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी दुर्घटना टल गई।

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प के एक बयान ने अचानक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका कुख्यात यौन अपराधी जैफ्री एपस्टीन से कभी कोई रिश्ता नहीं रहा। मेलानिया ने कहा, “मैं कभी भी एपस्टीन की दोस्त नहीं रही। मैं कभी उसके प्लेन में नहीं बैठी और न ही उसके प्राइवेट आइलैंड पर गई।” उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से एपस्टीन के जरिए नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, अगर कभी मुलाकात हुई भी तो बस कुछ सामाजिक कार्यक्रमों में ही हुई थी। असल में, जैफ्री एपस्टीन एक बड़ा कारोबारी था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी, लेकिन आज भी उसका मामला काफी विवादों में रहता है और कई बड़े नाम इससे जुड़ते रहे हैं। मेलानिया का यह बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि हाल में ऐसा कोई मुद्दा सामने नहीं आया था, फिर भी उन्होंने खुद सामने आकर सफाई दी। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने अभी यह बात क्यों कही। खुद डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा कि उन्हें इस बयान की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। जानकारों का मानना है कि हो सकता है आगे किसी तरह का खुलासा होने वाला हो, उससे पहले ही मेलानिया ने अपनी स्थिति साफ कर दी हो। वहीं कुछ लोग इसे इस तरह भी देख रहे हैं कि मौजूदा बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकती है।

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प की पत्नी मेलानिया बोलीं- मेरा यौन अपराधी एपस्टीन से कोई रिश्ता नहीं था

अमेरिका की फर्स्ट लेडी मेलानिया ट्रम्प के एक बयान ने अचानक हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा है कि उनका कुख्यात यौन अपराधी जैफ्री एपस्टीन से कभी कोई रिश्ता नहीं रहा। मेलानिया ने कहा, “मैं कभी भी एपस्टीन की दोस्त नहीं रही। मैं कभी उसके प्लेन में नहीं बैठी और न ही उसके प्राइवेट आइलैंड पर गई।” उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी मुलाकात डोनाल्ड ट्रम्प से एपस्टीन के जरिए नहीं हुई थी। उनके मुताबिक, अगर कभी मुलाकात हुई भी तो बस कुछ सामाजिक कार्यक्रमों में ही हुई थी। असल में, जैफ्री एपस्टीन एक बड़ा कारोबारी था, जिस पर नाबालिग लड़कियों के शोषण जैसे गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में जेल में उसकी मौत हो गई थी, लेकिन आज भी उसका मामला काफी विवादों में रहता है और कई बड़े नाम इससे जुड़ते रहे हैं। मेलानिया का यह बयान इसलिए चर्चा में है क्योंकि हाल में ऐसा कोई मुद्दा सामने नहीं आया था, फिर भी उन्होंने खुद सामने आकर सफाई दी। इससे सवाल उठ रहे हैं कि आखिर उन्होंने अभी यह बात क्यों कही। खुद डोनाल्ड ट्रम्प ने भी कहा कि उन्हें इस बयान की पहले से कोई जानकारी नहीं थी। जानकारों का मानना है कि हो सकता है आगे किसी तरह का खुलासा होने वाला हो, उससे पहले ही मेलानिया ने अपनी स्थिति साफ कर दी हो। वहीं कुछ लोग इसे इस तरह भी देख रहे हैं कि मौजूदा बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश हो सकती है।

100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

100 फीट ऊंची पानी टंकी पर स्टंट:दतिया में वायरल होने के लिए रील बनाई,,जान जोखिम में डालकर पाइप से उतरा युवक

दतिया में सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ अब जानलेवा स्टंट में बदलती जा रही है। बड़ौनी नगर पंचायत क्षेत्र में युवकों द्वारा 100 फीट ऊंची पानी की टंकी पर चढ़कर रील और वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि एक युवक पाइप के सहारे टंकी से नीचे खिसकते हुए उतर गया। यदि जरा सी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। पेयजल टंकी की सुरक्षा व्यवस्था फेल गल्ला मंडी के पास बनी यह पानी की टंकी नगर की पेयजल व्यवस्था का अहम हिस्सा है, लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से लचर नजर आ रही है। टंकी पर चढ़ने से रोकने के लिए न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग है और न ही कोई निगरानी व्यवस्था मौजूद है। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले कुछ समय से लगातार ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां युवा सोशल मीडिया पर लाइक और व्यूज पाने के लिए खतरनाक हरकतें कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार नगर पंचायत को इस बारे में अवगत कराया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। नतीजा यह है कि अब यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना को न्योता दे रही है। बड़े हादसे का बना खतरा सबसे चिंताजनक बात यह है कि इतनी ऊंचाई से गिरने पर किसी की जान भी जा सकती है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। टंकी के आसपास सुरक्षा गार्ड की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे और सख्त निगरानी जैसी जरूरी व्यवस्थाएं अब तक नहीं की गई हैं। सीएमओ ने दिया गोलमोल जवाब नगर पंचायत के सीएमओ से जब इस मामले में बात की गई तो उन्होंने स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल बातें कर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

मूवी रिव्यू – ‘डकैत एक प्रेम कथा’:प्यार से बदले तक पहुंचने की कहानी है, मृणाल ठाकुर की दमदार एक्टिंग, जानिए कैसी है फिल्म

मूवी रिव्यू – ‘डकैत एक प्रेम कथा’:प्यार से बदले तक पहुंचने की कहानी है, मृणाल ठाकुर की दमदार एक्टिंग, जानिए कैसी है फिल्म

‘डकैत: एक प्रेम कथा’ एक ऐसी फिल्म है जो शुरुआत में लव स्टोरी लगती है, लेकिन धीरे-धीरे इमोशनल और गहरी कहानी में बदल जाती है। डायरेक्टर शनेल देव ने इसमें रिश्तों, हालात और फैसलों के असर को दिखाने की कोशिश की है। फिल्म का ट्रीटमेंट थोड़ा अलग रखने की कोशिश की गई है, जहां कहानी सीधी न होकर परतों में आगे बढ़ती है। हालांकि, यह अंदाज हर दर्शक को पूरी तरह बांध पाए, ऐसा जरूरी नहीं। फिल्म की कहानी कहानी हरि, यानी अदिवि शेष और सरस्वती उर्फ जूलियट, यानी मृणाल ठाकुर के रिश्ते के इर्द-गिर्द घूमती है। यह एक ऐसा रिश्ता है, जो प्यार से शुरू होकर धोखे और हालातों में टूट जाता है। दोनों अलग-अलग बैकग्राउंड से आते हैं और एक-दूसरे से प्यार करते हैं। लेकिन यही रिश्ता उनके लिए परेशानी बन जाता है। एक झूठ और हालातों के दबाव में सरस्वती की गवाही, हरि को जेल पहुंचा देती है। सालों जेल में रहने के बाद हरि बाहर निकलता है। अब उसका मकसद सिर्फ आजादी नहीं है, बल्कि अपने अतीत से हिसाब बराबर करना भी है। इसके लिए वह देश छोड़कर भागने की योजना बनाता है, और उसे पैसों की जरूरत होती है। इसी बीच हरि की मुलाकात फिर से सरस्वती से होती है। अब वह एक अलग जिंदगी जी रही है और खुद भी बड़ी मजबूरी में फंसी हुई है। हालात ऐसे बनते हैं कि दोनों को साथ आना पड़ता है। वे मिलकर एक बड़ा और जोखिम भरा कदम उठाने का फैसला करते हैं। यहीं से कहानी नया मोड़ लेती है। प्यार, बदला और मजबूरी तीनों एक साथ टकराते हैं। फिल्म इसी टकराव के जरिए दिखाती है कि वक्त और हालात कैसे रिश्तों को बदल देते हैं। और कैसे कुछ फैसले पूरी जिंदगी की दिशा बदल देते हैं। फिल्म में एक्टिंग फिल्म में अदिवि शेष हर सीन में पूरी तरह नजर आते हैं। उन्होंने अपने किरदार को अलग बनाने की कोशिश की है। हालांकि, कुछ जगहों पर उनका प्रदर्शन थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला लगता है। मृणाल ठाकुर फिल्म की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उन्होंने अपने किरदार की भावनाओं को अच्छे तरीके से निभाया है और कई सीन में असर छोड़ती हैं। सपोर्टिंग कास्ट में अनुराग कश्यप, प्रकाश राज और अतुल कुलकर्णी जैसे कलाकार हैं। लेकिन उन्हें ज्यादा स्क्रीन टाइम या गहराई नहीं मिल पाती। फिल्म का डायरेक्शन, स्टोरी और टेक्निकल पहलू फिल्म का डायरेक्शन शनेल देव ने किया है। उन्होंने कहानी को परतों में दिखाने की कोशिश की है। फिल्म का पहला हिस्सा थोड़ा धीमा लगता है। वहीं दूसरा हिस्सा कहानी को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाता है। स्क्रीनप्ले में उतार-चढ़ाव है। इसकी वजह से कुछ जगह फिल्म की पकड़ कमजोर पड़ती है। सिनेमैटोग्राफी अच्छी है और विजुअल ट्रीटमेंट काफी प्रभावित करता है। बैकग्राउंड म्यूजिक भी कई सीन में फिल्म को सपोर्ट करता है। हालांकि, कुछ सीन और एक्शन सीक्वेंस उतने असरदार नहीं बन पाते। इसी वजह से फिल्म पूरी तरह से अपना असर नहीं छोड़ पाती। फिल्म का म्यूजिक और बैकग्राउंड स्कोर फिल्म के गाने औसत हैं और ज्यादा देर तक याद नहीं रहते। बैकग्राउंड स्कोर जरूर फिल्म की मजबूती है, जो कई सीन को बेहतर बनाता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट डकैत: एक प्रेम कथा एक ऐसी फिल्म है जो एक अलग अंदाज में रिश्तों और हालातों की कहानी कहने की कोशिश करती है। इसमें अच्छे कलाकार और कुछ प्रभावशाली पल हैं, लेकिन कमजोर पकड़ इसे और बेहतर बनने से रोकती है। कुल मिलाकर, यह एक शांत और साधारण फिल्म है जिसे आप एक बार देख सकते हैं।

गोलीकांड में 10 पर केस, एक गिरफ्तार:वीडियो से जांच में आया नया मोड़; अस्पताल से आरोपी गायब

गोलीकांड में 10 पर केस, एक गिरफ्तार:वीडियो से जांच में आया नया मोड़; अस्पताल से आरोपी गायब

नरसिंहपुर जिले के गोटेगांव थाना क्षेत्र के मालीवाड़ा गांव में हुए फायरिंग कांड की जांच में तीसरे दिन नया मोड़ आया है। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के कुल 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। एक आरोपी शरद पटेल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना अब सिर्फ गोलीबारी तक सीमित नहीं रही, बल्कि सोशल मीडिया पर भी दोनों पक्षों के बीच खुलकर टकराव देखने को मिल रहा है। दोनों पक्षों की ओर से आईडी पर तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है, जिससे विवाद और बढ़ गया है। घायल महिला सविता के पति ऋषिराज पटेल ने दूसरे पक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट की थीं, जिन्हें बाद में हटा लिया गया। वहीं, दूसरे पक्ष के शुभम पटेल ने आईडी से लाइव के जरिए खुद को जान का खतरा बताते हुए पुलिस पर कार्रवाई न करने के आरोप लगाए। पुलिस ने इन वीडियो और पोस्ट्स को जांच में शामिल कर लिया है। इनमें दिख रहे लोगों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है, जिससे मामले की तह तक पहुंचा जा सके। अस्पताल में भर्ती एक पक्ष के कुछ लोग अचानक वहां से गायब हो गए हैं। आशंका जताई जा रही है कि ये लोग गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हुए हैं। हालांकि, पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस पहलू पर भी जांच जारी है। एसडीओपी मनीष त्रिपाठी के नेतृत्व में गोटेगांव पुलिस ने मालीवाड़ा गांव में आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की है। हालांकि, अभी तक कोई हथियार बरामद नहीं हुआ है। पुलिस मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। अस्पताल से गायब हुए आरोपी एसडीओपी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि मामले की विवेचना जारी है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। घायल दोनों पक्षों के आरोपी सविता पटेल और गिरवर पटेल को जबलपुर के एक अस्पताल किया गया था। जहां उनका इलाज चल रहा था। इसी दौरान दोनों वहां से गायब हो गए।

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि ₹10 हजार से ज्यादा के ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उनमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार, 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं।

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

₹10,000 से ज्यादा के ऑनलाइन-पेमेंट पर 1 घंटे का होल्ड:गलत ट्रांजैक्शन कैंसिल करने का मौका मिलेगा, RBI ने 'किल स्विच' का सुझाव भी दिया

जल्द ही ऐसा हो सकता है कि आपका ₹10 हजार से ज्यादा का ऑनलाइन ट्रांजैक्शन तुरंत न हो। उसमें 1 घंटे की देरी हो सकती है। इससे ग्राहकों को गलत ट्रांजैक्शन रोकने या कैंसिल करने का मौका मिलेगा। देश में बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को रोकने के लिए RBI ने ये प्रस्ताव रखा है। RBI का मानना है कि जालसाज अक्सर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाकर जल्दबाजी में पैसे ट्रांसफर करवाते हैं, यह देरी उस दबाव को खत्म करेगी। फिलहाल ज्यादातर डिजिटल ट्रांजैक्शन तुरंत होते हैं, जिससे यूजर को सोचने या गलती सुधारने का मौका नहीं मिलता। RBI के प्रस्ताव से जुड़ी 3 अन्य बड़ी बातें 1. सीनियर सिटीजंस के लिए ‘ट्रस्टेड पर्सन’ सुविधा 70 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों और दिव्यांगों के लिए सुरक्षा और सख्त होगी। 50,000 रुपए से ज्यादा के ट्रांजैक्शन के लिए एक ‘ट्रस्टेड पर्सन’ (भरोसेमंद व्यक्ति) की मंजूरी जरूरी हो सकती है। यह फ्रॉड के खिलाफ सुरक्षा की एक दूसरी लेयर की तरह काम करेगा। 2. भरोसेमंद को ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकेंगे अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति या मर्चेंट को पैसे भेज रहे हैं, जिसे आप जानते हैं, तो आप उसे अपनी ‘व्हाइटलिस्ट’ में शामिल कर सकते हैं। व्हाइटलिस्टेड लोगों को पेमेंट करने पर यह 1 घंटे की देरी लागू नहीं होगी, जिससे नियमित लेन-देन में परेशानी नहीं आएगी। 3. डिजिटल पेमेंट बंद करने के लिए ‘किल स्विच’ RBI ने एक ‘किल स्विच’ का सुझाव भी दिया है। अगर किसी ग्राहक को लगता है कि उसका अकाउंट हैक हो गया है या कोई गलत ट्रांजैक्शन हो रहा है, तो वह एक क्लिक से अपनी सभी डिजिटल पेमेंट सेवाओं को तुरंत बंद कर सकेगा। टेबल में समझिए क्या बदल जाएगा? क्यों पड़ी इसकी जरूरत? पिछले साल देश में डिजिटल फ्रॉड के कारण होने वाला नुकसान 22 हजार करोड़ रुपए के पार पहुंच गया। RBI के अनुसार 10 हजार रुपए से ऊपर के ट्रांजैक्शन कुल फ्रॉड केस का सिर्फ 45% हैं, लेकिन कुल फ्रॉड वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी 98.5% है। इसी को ध्यान में रखते हुए 10 हजार की लिमिट तय की गई है। कब तक लागू हो सकता है नियम? RBI फिलहाल बैंकों और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के साथ मिलकर इसके तकनीकी पहलुओं पर चर्चा कर रहा है। इसमें मुख्य चुनौती यह है कि डिजिटल पेमेंट की ‘रफ्तार’ और ‘सुरक्षा’ के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले कुछ महीनों में इसके लिए विस्तृत गाइडलाइन जारी की जा सकती है और चरणबद्ध तरीके से इसे लागू किया जाएगा। एक्सपर्ट व्यू: सुरक्षा और स्पीड के बीच संतुलन RBI ने माना है कि डिजिटल पेमेंट का मूल सिद्धांत ‘इंस्टेंट’ यानी तुरंत पेमेंट है। अनिवार्य देरी से यूजर्स को कुछ असुविधा हो सकती है, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से यह जरूरी है। RBI ने इस चर्चा पत्र पर 8 मई तक आम जनता और स्टेकहोल्डर्स से सुझाव मांगे हैं। ————— लोन से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रेपो रेट में बदलाव नहीं, लोन महंगे नहीं होंगे:RBI ने ब्याज दर 5.25% पर बरकरार रखी; 2025 में चार बार में 1.25% की कटौती नए वित्त वर्ष की पहली मीटिंग में रेपो रेट में बदलाव नहीं किया गया है। इसे 5.25% पर बरकरार रखा है। इससे लोन महंगे नहीं होंगे और EMI नहीं बढ़ेगी। RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने 8 अप्रैल को मॉनीटरी पॉलिसी कमेटी के फैसलों की जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ें…