Shobha De Questions Ranveer Singh Action

4 मिनट पहले कॉपी लिंक राइटर और कॉलमिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि ‘डॉन 3’ विवाद की आड़ में रणवीर सिंह और ‘धुरंधर’ के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ एक साजिश रची जा रही है। फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया है। इसी मुद्दे पर बात करते हुए गुरुवार को शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। साथ ही कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं… सब कुछ एक जैसा दिखता है, लेकिन अलग है। सबको साथ लेकर चलने की जगह अलगाव क्यों? धमकियां और दबाव बनाने की कोशिशें काम नहीं करेंगी। पहले भी नहीं कीं और आगे भी नहीं करेंगी।’ वीडियो में शोभा डे ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद और दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद की तुलना की। उन्होंने कहा, ‘मैं रणवीर सिंह वाले मामले को भी देख रही हूं और दिल्ली जिमखाना वाले मामले को भी। दोनों में मुझे ज्यादा फर्क नहीं दिखता। कई मायनों में रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं।’ शोभा डे की पोस्ट। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब से सफदरजंग रोड स्थित परिसर खाली करने को कहा है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में सरकारी और रक्षा संस्थानों के पास मौजूद इस जमीन की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए है। शोभा डे ने कहा, ‘पूरा मामला आखिर है किस बारे में? यह ताकत, कंट्रोल और लोगों पर रोक लगाने की कोशिश के बारे में है। यह लोगों को उनकी जगह दिखाने और सबक सिखाने की कोशिश है। उन लोगों या संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें कुछ लोग जरूरत से ज्यादा विशेष अधिकार मिलने वाला मानते हैं।’ शोभा डे एक लेखिका, उपन्यासकार, पत्रकार और सामाजिक टिप्पणीकार हैं। शोभा डे ने रणवीर को समझदार और शांत बताया शोभा डे ने रणवीर की तारीफ करते हुए कहा, ‘रणवीर समझदार हैं और उन्हें सही सलाह मिल रही है। वह चुप हैं और पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दे रहे। उनके फैंस और समर्थक उनकी तरफ से जवाब दे रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी अलग है। वहां पुराने सदस्य बैठे हैं और खुद को बाकी दुनिया से अलग रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का मामला है। दोनों खबरें अलग हैं, लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं।’ शोभा डे ने यह भी कहा कि FWICE अचानक चर्चा में आ गया है। संगठन यह कह रहा है कि वह भारत के सबसे सफल सितारों में से एक रणवीर सिंह को स्टूडियो में जाकर काम नहीं करने देगा।’ शोभा डे ने आगे कहा, ‘अगर यह मामला एक्सेल एंटरटेनमेंट, फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का था, तो वे वकील रख सकते थे और अदालत का रुख कर सकते थे। इसके लिए दूसरे लोगों को बीच में लाने की जरूरत नहीं थी।’ उन्होंने कहा, ‘जो कुछ अभी हो रहा है, वह बहुत गलत और परेशान करने वाला लग रहा है।’ आदित्य धर को ताकतवर लोगों के लिए खतरा बताया शोभा डे ने कहा, ‘रणवीर सिंह एक बड़े और खास फिल्म स्टार हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक अलग ही मुकाम की है। ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता का श्रेय इसके निर्देशक और निर्माता को भी जाता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि यह सिर्फ रणवीर सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि ‘धुरंधर’ से जुड़े सभी लोगों, खासकर इसके डायरेक्टर आदित्य धर और निर्माता के खिलाफ भी एक साजिश हो सकती है।’ शोभा ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या आदित्य धर बॉलीवुड के कुछ ताकतवर लोगों के लिए इतना बड़ा खतरा बन गए हैं? ऐसा तो लगता है।’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस पूरे विवाद में रणवीर सिंह को फायदा हुआ है। राइटर ने कहा, ‘रणवीर ने चुप रहकर बहुत समझदारी दिखाई है। इससे उनकी लोकप्रियता और उनकी ब्रांड वैल्यू दोनों बढ़ी हैं। अब इस लड़ाई में आखिर जीत किसकी होगी, यह आने वाला समय बताएगा।’ वीडियो के अंत में शोभा डे ने फरहान अख्तर से अपील की कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाए। उन्होंने कहा, ‘कानून को तय करने दीजिए कि किसने क्या गलती की है, क्योंकि आम लोगों के लिए अभी यह बिल्कुल साफ नहीं है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Shobha De Questions Ranveer Singh Action

16 मिनट पहले कॉपी लिंक राइटर और कॉलमनिस्ट शोभा डे ने दावा किया है कि ‘डॉन 3’ विवाद की आड़ में रणवीर सिंह और ‘धुरंधर’ के डायरेक्टर आदित्य धर के खिलाफ साजिश रची जा रही है। फिल्म ‘डॉन 3’ से अचानक बाहर होने के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ ‘नॉन-कोऑपरेशन डायरेक्टिव’ (असहयोग निर्देश) जारी कर दिया है। इसी मुद्दे पर बात करते हुए गुरुवार को शोभा डे ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया। साथ ही कैप्शन में उन्होंने लिखा, ‘रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं… सब कुछ एक जैसा दिखता है, लेकिन अलग है। सबको साथ लेकर चलने की जगह अलगाव क्यों? धमकियां और दबाव बनाने की कोशिशें काम नहीं करेंगी। पहले भी नहीं कीं और आगे भी नहीं करेंगी।’ वीडियो में शोभा डे ने रणवीर सिंह के ‘डॉन 3’ विवाद और दिल्ली जिमखाना क्लब विवाद की तुलना की। उन्होंने कहा, ‘मैं रणवीर सिंह वाले मामले को भी देख रही हूं और दिल्ली जिमखाना वाले मामले को भी। दोनों में मुझे ज्यादा फर्क नहीं दिखता। कई मायनों में रणवीर सिंह बॉलीवुड के दिल्ली जिमखाना जैसे हैं।’ शोभा डे की पोस्ट। बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने दिल्ली जिमखाना क्लब से सफदरजंग रोड स्थित परिसर खाली करने को कहा है। सरकार का कहना है कि लुटियंस दिल्ली में सरकारी और रक्षा संस्थानों के पास मौजूद इस जमीन की जरूरत रक्षा ढांचे को मजबूत करने और सुरक्षा से जुड़े कामों के लिए है। शोभा डे ने कहा, ‘पूरा मामला आखिर है किस बारे में? यह ताकत, कंट्रोल और लोगों पर रोक लगाने की कोशिश के बारे में है। यह लोगों को उनकी जगह दिखाने और सबक सिखाने की कोशिश है। उन लोगों या संस्थाओं को निशाना बनाया जा रहा है, जिन्हें कुछ लोग जरूरत से ज्यादा विशेष अधिकार मिलने वाला मानते हैं।’ शोभा डे एक लेखिका, उपन्यासकार, पत्रकार और सामाजिक टिप्पणीकार हैं। शोभा डे ने रणवीर को समझदार और शांत बताया शोभा डे ने रणवीर की तारीफ करते हुए कहा, ‘रणवीर समझदार हैं और उन्हें सही सलाह मिल रही है। वह चुप हैं और पूरे मामले पर कोई बयान नहीं दे रहे। उनके फैंस और समर्थक उनकी तरफ से जवाब दे रहे हैं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘दिल्ली जिमखाना क्लब की कहानी अलग है। वहां पुराने सदस्य बैठे हैं और खुद को बाकी दुनिया से अलग रखते हैं। वहीं दूसरी तरफ रणवीर सिंह का मामला है। दोनों खबरें अलग हैं, लेकिन इनमें कई समानताएं भी हैं।’ शोभा डे ने यह भी कहा कि FWICE अचानक चर्चा में आ गया है। संगठन यह कह रहा है कि वह भारत के सबसे सफल सितारों में से एक रणवीर सिंह को स्टूडियो में जाकर काम नहीं करने देगा। शोभा डे ने आगे कहा, ‘अगर यह मामला एक्सेल एंटरटेनमेंट, फरहान अख्तर और रणवीर सिंह के बीच का था, तो वे वकील रख सकते थे और अदालत का रुख कर सकते थे। इसके लिए दूसरे लोगों को बीच में लाने की जरूरत नहीं थी।’ उन्होंने कहा, ‘जो कुछ अभी हो रहा है, वह बहुत गलत और परेशान करने वाला लग रहा है।’ आदित्य धर को ताकतवर लोगों के लिए खतरा बताया शोभा डे ने कहा, ‘रणवीर सिंह एक बड़े फिल्म स्टार हैं। उनकी पहचान सिर्फ एक अभिनेता की नहीं, बल्कि एक अलग ही मुकाम की है। ‘धुरंधर’ की जबरदस्त सफलता का श्रेय इसके निर्देशक और निर्माता को भी जाता है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘मुझे ऐसा लगता है कि यह सिर्फ रणवीर सिंह के खिलाफ नहीं, बल्कि ‘धुरंधर’ से जुड़े सभी लोगों, खासकर इसके डायरेक्टर आदित्य धर और निर्माता के खिलाफ भी एक साजिश हो सकती है।’ शोभा ने सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या आदित्य धर बॉलीवुड के कुछ ताकतवर लोगों के लिए इतना बड़ा खतरा बन गए हैं? ऐसा तो लगता है।’ वीडियो के अंत में शोभा डे ने फरहान अख्तर से अपील की कि इस मामले को अदालत में ले जाया जाए। उन्होंने कहा, ‘कानून को तय करने दीजिए कि किसने क्या गलती की है, क्योंकि आम लोगों के लिए अभी यह बिल्कुल साफ नहीं है।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
FWICE can take strict action against ranveer singh for backing out of farhat akhtar’s don 3

7 मिनट पहले कॉपी लिंक धुरंधर की सक्सेस के बाद शूटिंग से ठीक पहले डॉन 3 छोड़ने से रणवीर सिंह विवादों में घिर गए हैं। फिल्म के डायरेक्टर और प्रोड्यूसर फरहान अख्तर की शिकायत के बाद अब FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न सिने एंप्लॉय्ज) उनके खिलाफ सख्त एक्शन ले सकती है। फेडरेशन के चीफ एडवाइजर अशोक पंडित का कहना है कि इस तरह इंडस्ट्री बर्बाद नहीं होने दी जाएगी। अशोक पंडित ने इस मामले पर बॉम्बे टाइम्स से बातचीत में कहा- यह बेहद गंभीर मामला है, और यह ट्रेंड बिल्कुल गलत है। शूट शुरू होने से सिर्फ 10 दिन पहले आप किसी प्रोजेक्ट से पीछे नहीं हट सकते। पहले हम अंदरूनी बैठक करेंगे, उसके बाद ही कोई फैसला लेंगे। आगे उन्होंने कहा, “अब हम वही करेंगे जो सही और न्यायसंगत होगा। हम इंडस्ट्री को इस तरह बर्बाद नहीं होने देंगे। कल को कोई भी फिल्म छोड़कर चला जाएगा। हम जो भी कदम उठाएंगे, वह इंडस्ट्री के हित में ही होगा।” अशोक पंडित FWICE के चीफ एडवाइजर हैं। आज होगी मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस डॉन 3 कास्टिंग विवाद पर आज 4 बजकर 30 मिनट पर मुंबई में फेडरेशन द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया है। प्रेस नोट में फेडरेशन ने लिखा है, यह प्रेस कॉन्फ्रेंस FWICE द्वारा अभिनेता रणवीर सिंह के खिलाफ दायर शिकायत पर लिए गए निर्णय के संबंध में आयोजित की जा रही है, जिसमें उन पर आगामी फिल्म डॉन 3 से कथित तौर पर अलग होने का आरोप है। FWICE को यह शिकायत श्री फरहान अख्तर से मिली है, जो इसकी संबद्ध संस्था इंडियन फिल्म एंड टेलीविजन डायरेक्टर्स एसोसिएशन (IFTDA) के सदस्य भी हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान, FWICE इस मामले पर आधिकारिक रूप से अपनी बात रखेगा और शिकायत तथा उससे जुड़ी परिस्थितियों की जांच के बाद अपना रुख और निर्णय साझा करेगा। क्या है डॉन 3 का पूरा विवाद? फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन 3 की घोषणा, एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 1978 में आई अमिताभ बच्चन स्टारर फिल्म डॉन और शाहरुख स्टारर डॉन (2006) के बाद ये डॉन फ्रैंचाइजी की तीसरी फिल्म है। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन 3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी। फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिड डे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे। जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 40 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला। अब फरहान अख्तर द्वारा FWICE को शिकायत की गई है, जिस पर जल्द ही कोई एक्शन लिया जाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Amit Shah Jihadi Drug Action; NCB Drug Captagon Seizure Update

Hindi News National Amit Shah Jihadi Drug Action; NCB Drug Captagon Seizure Update | Delhi News 5 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कैप्टागॉन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह से लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागॉन जब्त किया गया है। जिसे जिहादी ड्रग भी कहते हैं, इसकी कीमत 182 करोड़ रुपए है। गृह मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कैप्टागॉन की पहली खेप जब्त करने के लिए एजेंसी की सराहना की। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नशामुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। क्यों कहते हैं जिहादी ड्रग कैप्टागॉन एक आम नाम है जो फेनेथिलिन से जुड़ा है। यह 1960 के दशक में बनाया गया एक सिंथेटिक स्टिमुलेंट (उत्तेजक) है। इसका गलत इस्तेमाल और तस्करी पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में एक्टिविस्ट और कॉन्फ्लिक्ट जोन के नेटवर्क से जुड़ी है। इसे जिहादी ड्रग का नाम इसलिए मिला क्योंकि इस ड्रग के असर से इसका इस्तेमाल करने वाले लोग लंबे समय तक जाग पाते थे। डर और थकान को दबाया जा सकता है। इतना ही नहीं एग्रेसिव और जोखिम लेने वाला व्यवहार भी बढ़ाया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से तनाव वाले हालात में लंबे समय तक लड़ाई जैसी गतिविधियों को जारी रखा जा सकता है। गृह मंत्रालय बोला- ऑपरेशन रेजपिल नशामुक्त भारत के लिए चलाया MHA ने एक बयान में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से जानकारी मिली थी कि भारत का इस्तेमाल कैप्टागॉन की तस्करी के लिए एक ट्रांजिट रूट के तौर पर किया जा रहा है। नई दिल्ली के नेब सराय में एक घर की पहचान की गई, और 11 मई को वहां तलाशी ली गई, जिसके दौरान एक कमर्शियल चपाती-काटने वाली मशीन में छिपाई गई लगभग 31.5 किलो कैप्टागॉन टैबलेट बरामद हुई। इस मशीन को सऊदी अरब के जेद्दाह में एक्सपोर्ट करने का इरादा था। दिल्ली में रह रहे सीरिया के नागरिक से मिला था इनपुट नेब सराय का यह घर एक सीरियाई नागरिक ने किराए पर लिया था, जो 15 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। MHA ने बताया कि उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को खत्म हो गया था। वह गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहा था। उससे पूछताछ के आधार पर 14 मई को गुजरात के मुंद्रा में कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन (CFS) में रखे एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलो कैप्टागॉन पाउडर बरामद किया गया। यह कंटेनर सीरिया से मंगाया गया था, जिसमें भेड़ की ऊन बताई गई थी। कंटेनर की पूरी तरह से तलाशी लेने पर, उसमें से 3 बैग बरामद हुए जिनमें 196.2 किलोग्राम कैप्टागॉन पाउडर भरा हुआ था। शुरुआती जांच से पता चला है कि बरामद किए गए इस सामान को खाड़ी क्षेत्र खासकर सऊदी अरब और आस-पास के मध्य-पूर्वी देशों में भेजा जाना था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Amit Shah Jihadi Drug Action; NCB Drug Captagon Seizure Update

Hindi News National Amit Shah Jihadi Drug Action; NCB Drug Captagon Seizure Update | Delhi News 21 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने कैप्टागॉन की तस्करी में शामिल एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह से लगभग 227.7 किलोग्राम कैप्टागॉन जब्त किया गया है। जिसे जिहादी ड्रग भी कहते हैं, इसकी कीमत 182 करोड़ रुपए है। गृह मंत्री अमित शाह ने X पर एक पोस्ट में कैप्टागॉन की पहली खेप जब्त करने के लिए एजेंसी की सराहना की। शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने नशामुक्त भारत बनाने का संकल्प लिया है। क्यों कहते हैं जिहादी ड्रग कैप्टागॉन एक आम नाम है जो फेनेथिलिन से जुड़ा है। यह 1960 के दशक में बनाया गया एक सिंथेटिक स्टिमुलेंट (उत्तेजक) है। इसका गलत इस्तेमाल और तस्करी पश्चिम एशिया के कुछ हिस्सों में एक्टिविस्ट और कॉन्फ्लिक्ट जोन के नेटवर्क से जुड़ी है। इसे जिहादी ड्रग का नाम इसलिए मिला क्योंकि इस ड्रग के असर से इसका इस्तेमाल करने वाले लोग लंबे समय तक जाग पाते थे। डर और थकान को दबाया जा सकता है। इतना ही नहीं एग्रेसिव और जोखिम लेने वाला व्यवहार भी बढ़ाया जा सकता है। इसके इस्तेमाल से तनाव वाले हालात में लंबे समय तक लड़ाई जैसी गतिविधियों को जारी रखा जा सकता है। गृह मंत्रालय बोला- ऑपरेशन रेजपिल नशामुक्त भारत के लिए चलाया MHA ने एक बयान में कहा कि नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को एक विदेशी ड्रग कानून प्रवर्तन एजेंसी से जानकारी मिली थी कि भारत का इस्तेमाल कैप्टागॉन की तस्करी के लिए एक ट्रांजिट रूट के तौर पर किया जा रहा है। नई दिल्ली के नेब सराय में एक घर की पहचान की गई, और 11 मई को वहां तलाशी ली गई, जिसके दौरान एक कमर्शियल चपाती-काटने वाली मशीन में छिपाई गई लगभग 31.5 किलो कैप्टागॉन टैबलेट बरामद हुई। इस मशीन को सऊदी अरब के जेद्दाह में एक्सपोर्ट करने का इरादा था। दिल्ली में रह रहे सीरिया के नागरिक से मिला था इनपुट नेब सराय का यह घर एक सीरियाई नागरिक ने किराए पर लिया था, जो 15 नवंबर 2024 को टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था। MHA ने बताया कि उसका वीजा 12 जनवरी 2025 को खत्म हो गया था। वह गैर-कानूनी तरीके से भारत में रह रहा था। उससे पूछताछ के आधार पर 14 मई को गुजरात के मुंद्रा में कंटेनर फैसिलिटेशन स्टेशन (CFS) में रखे एक कंटेनर से लगभग 196.2 किलो कैप्टागॉन पाउडर बरामद किया गया। यह कंटेनर सीरिया से मंगाया गया था, जिसमें भेड़ की ऊन बताई गई थी। कंटेनर की पूरी तरह से तलाशी लेने पर, उसमें से 3 बैग बरामद हुए जिनमें 196.2 किलोग्राम कैप्टागॉन पाउडर भरा हुआ था। शुरुआती जांच से पता चला है कि बरामद किए गए इस सामान को खाड़ी क्षेत्र खासकर सऊदी अरब और आस-पास के मध्य-पूर्वी देशों में भेजा जाना था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Justice Swarnkantha Sharma Threatens Contempt Action

नई दिल्ली2 मिनट पहले कॉपी लिंक 13 अप्रैल को शराब नीति घोटाला मामले अरविंद केजरीवाल ने सुनवाई के दौरान कोर्ट में अपनी दलील खुद रखी थी। दिल्ली हाईकोर्ट की जज जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के छह नेताओं के खिलाफ अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई शुरू करने का फैसला किया है। मनीष सिसोदिया, दुर्गेश पाठक, सौरभ भारद्वाज, संजय सिंह और विनय मिश्रा पर भी अवमानना की कार्रवाई होगी। जस्टिस शर्मा ने कहा कि उनके और कोर्ट के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक और बदनाम करने वाली बातें पोस्ट की गईं। ऐसे में वह चुप नहीं रह सकतीं। केजरीवाल का व्यवहार क्रिमिनल कंटेम्प्ट के बराबर है और अगर इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो इससे अराजकता फैल जाएगी। उन्होंने खुद को शराब नीति घोटाला मामले की सुनवाई से अलग करते हुए कहा- ये केस कोई और बेंच सुनेगी। क्योंकि कानून के मुताबिक जो जज कंटेम्प्ट प्रोसिडिंग्स ड्रॉ करते हैं वो मेन केस को नहीं सुन सकते हैं। मैं इस मामले को CJ के सामने लिस्ट करूंगी ताकि केस की सुनवाई कोई दूसरा जज कर सके। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शराब घोटाला केस से जस्टिस शर्मा को हटाने की मांग की थी। केजरीवाल का आरोप था कि जस्टिस शर्मा RSS के कार्यक्रम में 4 बार शामिल हो चुकी हैं। उनसे न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। 27 अप्रैल को अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा पर कई आरोप लगाए थे। 27 अप्रैल: केजरीवाल बोले- हाईकोर्ट में पेश नहीं होऊंगा अरविंद केजरीवाल ने वीडियो जारी कर कहा था- ‘शराब नीति घोटाला मामले में मैं हाईकोर्ट में न खुद पेश होऊंगा और न ही कोई मेरी तरफ से दलीलें रखेगा। हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से न्याय मिलने की उम्मीद नहीं है। केजरीवाल ने आरोप लगाया था- सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता दोनों बच्चों को केस देते हैं। उनके बेटे को 2023 से 2025 के बीच करीब 5904 केस मिले। अगर जज के बच्चों का भविष्य सॉलिसिटर जनरल तय कर रहे हैं तो क्या जज साहिबा उनके खिलाफ फैसला सुना पाएंगी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और आम आदमी पार्टी के नेता दुर्गेश पाठक ने जस्टिस शर्मा की कोर्ट में पेश होना बंद कर दिया है। उन्होंने न तो व्यक्तिगत रूप से और न ही वकील के जरिए अदालत में उपस्थित होने का फैसला किया। 20 अप्रैल: AAP नेताओं ने जज से हटने की मांग की थी दिल्ली हाईकोर्ट की जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने शराब नीति केस से जुड़े पूर्व CM अरविंद केजरीवाल की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें जज के केस से हटने की मांग की गई थी। जस्टिस स्वर्णकांता ने कहा था- मैं इस मामले से खुद को अलग नहीं करूंगी। मैं सुनवाई करूंगी। मैं हट गई तो संदेश जाएगा कि दबाव डालकर किसी भी केस से जज हटा सकते हैं। दरअसल, केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता पर पक्षपात और हितों के टकराव का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि जज RSS से जुड़े संगठन के कार्यक्रम में कई बार गई हैं। उनके बच्चे केंद्र सरकार का प्रतिनिधित्व करने वाले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के साथ काम करते हैं। जस्टिस शर्मा ने केजरीवाल के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा था- अगर कोई जज पद की शपथ लेता है तो इसका मतलब यह नहीं है कि उसका परिवार भी इस पेशे में न आने की शपथ ले। जज के बच्चे या परिवार अपनी जिंदगी कैसे जिएंगे, यह कोई भी तय नहीं कर सकता। एमिकस क्यूरी नियुक्त करने की तैयारी AAP नेताओं की ओर से कोई वकील पेश नहीं हो रहा था, इसलिए हाईकोर्ट ने सीनीयर एडवोकेट को ‘एमिकस क्यूरी’ यानी कोर्ट की सहायता के लिए नियुक्त करने का फैसला किया था। जस्टिस शर्मा ने कहा कि कुछ वरिष्ठ वकीलों ने इसके लिए सहमति भी दे दी है। इस बीच कोर्ट ने कहा कि सुनवाई के दौरान उसे सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर अदालत व जज के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री की जानकारी मिली, जिसके बाद अवमानना कार्रवाई का फैसला लिया गया। CBI ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी दरअसल हाईकोर्ट में सीबीआई की उस याचिका पर सुनवाई हो रही है जिसमें ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती दी गई है। ट्रायल कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और 21 अन्य आरोपियों को शराब नीति मामले में डिस्चार्ज कर दिया था। 27 फरवरी को ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि यह मामला न्यायिक जांच में टिक नहीं पाया और पूरी तरह कमजोर साबित हुआ। इसी आधार पर कोर्ट ने केजरीवाल, सिसोदिया समेत 21 लोगों को राहत दी थी। केजरीवाल 156 दिन, सिसोदिया 530 दिन तक जेल में रहे दिल्ली सरकार ने 2021 में राजस्व बढ़ाने और शराब व्यापार में सुधार के लिए आबकारी नीति बनाई थी, जिसे बाद में अनियमितताओं के आरोप लगने के बाद वापस ले लिया गया। इसके बाद उपराज्यपाल विनय सक्सेना ने CBI जांच के आदेश दिए थे। CBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि इस नीति के जरिए निजी कंपनियों को लाभ पहुंचाया गया और इसमें भ्रष्टाचार हुआ। इस मामले में केजरीवाल को 2024 लोकसभा चुनाव के दौरान गिरफ्तार कर हिरासत में भेजा गया था। उन्हें 156 दिन की हिरासत के बाद सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली। वहीं सिसोदिया इस मामले में 530 दिन तक जेल में रहे। ————————————- ये खबर भी पढ़ें… जज से बहस वाले वीडियो पर केजरीवाल को नोटिस, हाईकोर्ट ने पूछा- सबसे पहले अपलोड किसने किया दिल्ली हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व CM अरविंद केजरीवाल को नोटिस जारी किया। याचिका बिना इजाजत कोर्ट की कार्यवाही रिकॉर्ड करने और उसे सोशल मीडिया पर सर्कुलेट करने को लेकर है। कोर्ट ने सभी वीडियो डिलीट करने और लिंक हटाने के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Bihar DGP Action | Police Dowry Cases Action

पटना30 मिनट पहले कॉपी लिंक “प्रदेश की पुलिस गैंगरेप पीड़िता से भी पैसे मांग लेती है। ऐसे पुलिस वालों को डूबकर मर जाना चाहिए।” बिहार के DGP विनय कुमार ने मंगलवार को पुलिस मुख्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित जेंडर बेस्ड वॉयलेंस पर एकदिवसीय कार्यशाला में यह बात कही। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने दैनिक भास्कर की उस खबर का जिक्र किया, जिसमें मोतिहारी की एक महिला पुलिस अधिकारी पर गैंगरेप पीड़िता से मेडिकल जांच कराने के नाम पर 9 हजार रुपए मांगने का आरोप लगा था। DGP ने कहा कि संबंधित महिला SHO ने पीड़िता के परिजनों से किराये पर गाड़ी भी ली थी और उसी गाड़ी से चार दिनों तक इधर-उधर घूमती रही। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “पुलिस की वर्दी लोगों की मदद करने के लिए होती है, गरीबों को परेशान करने के लिए नहीं। ऐसे पुलिस वालों को वर्दी उतार देनी चाहिए। घर में खाना बनाना चाहिए या फिर डूबकर मर जाना चाहिए।” उन्होंने कहा कि कई मामलों में महिला SHO वर्दी और पिस्टल की धौंस जमाते देखी गई हैं। दहेज लेने वाले पुलिस वालों को बर्खास्त कर देना चाहिए बिहार के DGP विनय कुमार ने राज्य के सभी पुलिसकर्मियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है, जो लोग शादी के बाद दारोगा बनने पर पहली पत्नी को छोड़ दूसरी शादी करते हैं, उन्हें नौकरी में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि, बिहार पुलिस के कई जवान और पदाधिकारी भी दहेज मामलों में संलिप्त पाए गए हैं। करीब एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। जो लोग दहेज जैसी सामाजिक बुराई में शामिल हैं, उन्हें पुलिस सेवा में रहने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसे दोषियों को तत्काल सेवा मुक्त कर देना चाहिए। DGP ने महिला थाना के पुलिस पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा, ‘वे केवल थाना स्तर तक सीमित न रहें, बल्कि पंचायत स्तर तक जाकर लोगों के बीच जागरूकता अभियान चलाएं।’ DGP ने जोर दिया कि ‘जेंडर बेस्ड वॉयलेंस केवल कानून व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि सामाजिक सोच से जुड़ा गंभीर विषय है।’ DGP ने पुलिस वालों को जनता से बेहतर संवाद करने का निर्देश दिया है। दहेज मांगने वालों को समाज से बाहर करना चाहिए DGP ने कहा कि, जब तक समाज की मानसिकता नहीं बदलेगी, तब तक महिलाओं के खिलाफ अपराध पूरी तरह खत्म नहीं हो सकता। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों की जिम्मेदारी पर बल देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना और यौन अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। कार्यक्रम में शामिल महिलाएं। पुलिसकर्मियों को जनता के साथ बेहतर संवाद करना चाहिए DGP विनय कुमार ने कहा कि पुलिस का काम केवल अपराधियों को पकड़ना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है। पुलिसकर्मियों को जनता के साथ बेहतर संवाद करना चाहिए, ताकि लोगों का भरोसा पुलिस पर मजबूत हो सके। उन्होंने महिला पुलिसकर्मियों से खास तौर पर अपील की कि वे पीड़ित महिलाओं और बच्चियों के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति के साथ पेश आएं। कई बार पीड़ित महिलाएं मानसिक रूप से बेहद टूट चुकी होती हैं। ऐसे में पुलिस का व्यवहार उनके लिए सबसे बड़ी उम्मीद होती है। जिम्मेदारियों को संवेदनशीलता के साथ निभाने की अपील DGP ने महिला थाना पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जेंडर बेस्ड वॉयलेंस से जुड़े मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की दिशा में काम हो। बिहार के विभिन्न जिलों और थाना स्तर पर सहयोग शिविर और जागरूकता अभियान से जेंडर बेस्ड वॉयलेंस के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा। इसका मकसद महिलाओं को सुरक्षित माहौल देना है। अब वो पूरी खबर पढ़िए जिसका DGP ने जिक्र किया रेप केस में मेडिकल के लिए पुलिस की डिमांड-बोलेरो लाओ:महिला SI बोली- पैसे नहीं हैं तो केस क्यों करते हो; 48 घंटे बाद सस्पेंड मोतिहारी पुलिस रेप के मामले की जांच के लिए पीड़िता के परिवार से ही लग्जरी गाड़ी की डिमांड कर रही है। महिला SI कहती है पैसे नहीं हैं तो केस ही नहीं करना चाहिए था। रेप के 48 घंटे बाद मेडिकल कराने को लेकर महिला SI को SP स्वर्ण प्रभात ने सस्पेंड कर दिया है। एसपी ने कहा ‘मामला की जांच अरेराज SDPO से कराई गई।’ पूरी खबर पढ़ें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
ओरी बोले- 24 घंटे कंगना रनोट संग रह सकता हूं:खतरों के खिलाड़ी 15 में दिखेंगे, कहा- मोटिवेशन नहीं सिर्फ एक्शन पर भरोसा करता हूं

सोशल मीडिया सेंसेशन ओरहान अवात्रामणि उर्फ ओरी अब स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आने वाले हैं। अपने अनोखे अंदाज, फनी जवाबों और वायरल पर्सनैलिटी के लिए मशहूर ओरी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो, डर, मोटिवेशन, सोशल मीडिया इमेज और अपनी निजी सोच को लेकर खुलकर बातें कीं। बातचीत के दौरान ओरी ने बताया कि उन्हें पानी या खतरनाक स्टंट्स से डर नहीं लगता और वे मोटिवेशन की बजाय एक्शन में भरोसा करते हैं। साथ ही उन्होंने ‘ओरी टच’, सेलिब्रिटी फ्रेंडशिप्स और रोहित शेट्टी के साथ अपनी केमिस्ट्री को लेकर भी मजेदार जवाब दिए। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जाने को लेकर एक्साइटेड ज्यादा हैं या नर्वस? जवाब: सच बोलूं तो मुझे डर महसूस नहीं हो रहा। मैं काफी कॉन्फिडेंट हूं। सवाल: रियल लाइफ में किसी चीज से डर लगता है? जवाब: नहीं। मुझे किसी चीज से खास डर नहीं लगता। सवाल: आपने पहले कभी ‘खतरों के खिलाड़ी’ देखा था? जवाब: नहीं, मैंने कभी शो फॉलो नहीं किया। सवाल: शो में हाइट, पानी और खतरनाक स्टंट होते हैं। इनमें से सबसे मुश्किल क्या लग रहा है? जवाब: लोग बार-बार पानी का नाम ले रहे हैं, लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि पानी से डर कैसे लग सकता है। पानी डरावना नहीं होता। सवाल: आपकी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव रहे। ऐसी कौन-सी चीज है जो आपको आगे बढ़ने की ताकत देती है? जवाब: मैं मोटिवेशन में विश्वास नहीं करता। अगर आप सिर्फ मोटिवेशन के भरोसे काम करेंगे, तो एक दिन मोटिवेशन खत्म हो जाएगा और काम भी रुक जाएगा। जो करना है, वो इसलिए करो क्योंकि आपको करना है। सवाल: फिर आपके हिसाब से काम करने की असली वजह क्या होनी चाहिए? जवाब: सिर्फ यही कि आपको वो काम करना है। मैं ज्यादा सोचता नहीं, बस कर देता हूं। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने के पीछे सबसे बड़ी वजह क्या रही? जवाब: मैं थोड़ा बोर हो गया था। लगा कुछ नया करना चाहिए, तो मैंने हां कह दिया। सवाल: क्या ये आपका पहला रियलिटी शो है? जवाब: हां, बिल्कुल। मैं खुद को ‘रियलिटी शो वर्जिन’ कहता हूं। ये मेरा पहला शो है और शायद आखिरी भी। सवाल: ऐसा क्या था जिसने आपको इस शो के लिए मना लिया? जवाब: जब मैंने देखा कि अविनाश मिश्रा भी शो कर रहे हैं, तो मैंने सोचा मैं भी कर लेता हूं। सवाल: क्या आपने अविनाश को बिग बॉस में फॉलो किया था? जवाब: नहीं, मैं बिग बॉस नहीं देखता। लेकिन उनकी आंखें बहुत अच्छी हैं। सवाल: क्या आप अगली बार बिग बॉस में जाएंगे? जवाब: शायद। सवाल: सोशल मीडिया पर लोग आपको जानते हैं, लेकिन असली ओरी कौन है? जवाब: अंदर से मैं बिल्कुल नॉर्मल इंसान हूं। दो फेफड़े, एक दिल, एक पेट… बाकी सबकी तरह ही। सवाल: अगर आपको 24 घंटे बिना फोन किसी सेलिब्रिटी के साथ एक कमरे में रहना पड़े, तो किसे चुनेंगे? जवाब: कंगना रनोट। उनसे लंबी बातचीत करना दिलचस्प होगा। सवाल: क्या आप सारा अली खान के अच्छे दोस्त हैं? जवाब:अच्छा दोस्त था। अभी नहीं हूं। सवाल: क्या आप अमृता सिंह के बहुत करीबी हैं? जवाब: अभी नहीं। सवाल: किसी सेलिब्रिटी से डर लगता है? जवाब: नहीं, किसी से नहीं। सवाल: अपने बारे में सुना सबसे अजीब या मजेदार रूमर कौन-सा था? जवाब: शायद जो लोग रूमर कहते हैं, उनमें से कई सच भी होते हैं। सवाल: लोग कहते हैं कि आपका ‘टच’ काफी फेमस है। आखिर ये कॉन्सेप्ट क्या है? जवाब: लोग कहते हैं कि जब मैं उनके कंधे या सिर पर हाथ रखता हूं, तो उन्हें अलग एनर्जी महसूस होती है। कोई कहता है स्ट्रेस कम हो गया, कोई कहता है अच्छा महसूस हुआ। अब ये लोग कहते हैं, मैं नहीं। सवाल: क्या कोई ऐसा सेलिब्रिटी है जिसके साथ आपका वो ‘ओरी टच’ अभी बाकी है? जवाब: हमारे ऑनरेबल पीएम। उनसे मिलना चाहूंगा। सवाल: शो में दर्शकों को ओरी का कौन-सा नया रूप देखने मिलेगा? जवाब: मेरा सबसे फिट और पतला वर्जन। मैंने शो के लिए काफी वजन कम किया है, क्योंकि टीवी पर इंसान ज्यादा भारी दिखता है। सवाल: रोहित शेट्टी के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी रहने वाली है? जवाब: वो तो शो देखकर ही पता चलेगा। मुझे खुद भी इंतजार है।
Kyle Jamieson on Vaibhav Surya Wicket | BCCI Action

“मुझे नहीं लगता कि मैं अपनी जिंदगी में किसी 15 साल के बच्चे से इतना डरा होऊंगा, लेकिन हां, हमने मैच से पहले प्लानिंग की थी और उसका फायदा भी मिला।” . इंडियन प्रीमियर लीग के 43वें मैच में वैभव सूर्यवंशी को आउट करने के बाद काइल जेमिसन ने ये बातें कहीं। दरअसल, शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स और राजस्थान रॉयल्स के बीच एक रोचक मुकाबला खेला गया। दिल्ली के गेंदबाज काइल जेमिसन ने सूर्यवंशी को आउट कर आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया। इस दौरान जेमिसन ने ताली बजाते हुए वैभव को आंखें भी दिखाईं। काइल जेमिसन के इस व्यवहार पर भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड (BCCI) ने भी कार्रवाई की है। सूर्यवंशी का विकेट सेलिब्रेट करते काइल जैमिसन। सोशल मीडिया पर जेमिसन पर भड़के क्रिकेट फैन्स वैभव सूर्यवंशी और दिल्ली के गेंदबाज काइल जेमिसन के बीच दूसरे ओवर में जबरदस्त भिड़ंत देखने को मिली। पहले सूर्यवंशी ने अपनी पहली गेंद पर लॉन्ग ऑफ पर चौका जड़ा। इसके अगली ही गेंद पर जेमिसन ने डिपिंग फुल टॉस पर सूर्यवंशी को क्लीन बोल्ड कर दिया। विकेट लेने के बाद जेमिसन, सूर्यवंशी के पास गए और आक्रामक अंदाज में जश्न मनाया। मैच खत्म होने के बाद जेमिसन ने कहा, राजस्थान रॉयल्स की टीम के टॉप दो बल्लेबाज कितने खतरनाक हैं, यह सभी को पता है। एक को मिचेल स्टार्क ने आउट किया और दूसरे को मैंने अपनी यॉर्कर से पवेलियन भेजा।” सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रेमियों ने काइल जेमिसन के इस रवैये की आलोचना की और इसे खेल भावना के खिलाफ बताया। खासकर एक युवा खिलाड़ी के साथ इस तरह का व्यवहार लोगों को पसंद नहीं आया। IPL की टीम ने सोशल मीडिया X पर जेमिसन का वीडियो शेयर किया है, जिसमें उन्होंने कहा कि वे वैभव को देखकर डर गए थे। BCCI ने जेमिसन पर की कार्रवाई वैभव सूर्यवंशी को आंख दिखाना न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज काइल जेमिसन को महंगा पड़ गया। जेमिसन को IPL की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.5 का उल्लंघन करते हुए पाया गया, जिसके बाद BCCI ने एक डिमेरिट पॉइंट दिया है। IPL के नियम के मुताबिक, मैच के दौरान अगर कोई खिलाड़ी मैदान पर ऐसा इशारा, भाषा या गलत व्यवहार करता है, जिससे सामने वाले खिलाड़ी को अपमानित महसूस हो या झगड़ा भड़क सकता हो, तो उस पर कार्रवाई होती है। जेमिसन ने अपनी गलती स्वीकार कर ली है, जिसके बाद उन्हें भविष्य में संयम बरतने की सलाह दी गई है। काइल जेमिसन के आक्रामक जश्न के बावजूद वैभव सूर्यवंशी ने खुद को शांत रखा और कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। आज हैदराबाद और कोलकात के बीच मुकाबला IPLका 45वां मुकाबला आज सनराइज हैदराबाद (SRH) कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के खिलाफ खेला जाएगा। मैच हैदराबाद के राजीव गांधी क्रिकेट स्टेडियम में दोपहर 3.30 बजे से शुरू होगा। कोलकाता और हैदराबाद के बीच सीजन का ये दूसरा मुकाबला है। हैदराबाद 12 पॉइंट के साथ पॉइंट टेबल में तीसरे नंबर पर है। वहीं, कोलकाता का परफॉर्मेंस इस सीजन में काफी निराशाजनक रहा है। पिछले मैच में ईशान किशन बिना खाता खोले आउट हो गए थे। कोलकाता के खिलाफ एक बार उनके ऊपर नजर रहेगी।
सिंगरौली में हाईवा की टक्कर से युवक की मौत:गुस्साए ग्रामीणों ने किया सड़क जाम; मुआवजे और कार्रवाई की मांग पर अड़े

सिंगरौली जिले के माड़ा थाना क्षेत्र के छतौली गांव में आज शुक्रवार सुबह एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। मृतक की पहचान शुभग लाल सिंह गोंड के रूप में हुई है। वह एक शादी समारोह से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। चालक वाहन सहित मौके से फरार हादसे के बाद हाईवा चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। इसकी सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे लगभग दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। माड़ा थाना से भारी पुलिस बल मौके पर तैनात स्थिति बिगड़ती देख माड़ा थाना से भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस ने ग्रामीणों को समझाइश दी और काफी देर तक बातचीत के बाद परिजन शांत हुए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा और जाम हटवाया। माड़ा थाना प्रभारी शिवपूजन मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार हाईवा चालक की तलाश शुरू कर दी गई है। ग्रामीणों ने आरोपी चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।









