भोपाल के बड़ा तालाब किनारे कार्रवाई:50 मीटर के दायरे में 11 कब्जे हटाए; फार्म हाउस, स्विमिंग पूल भी तोड़ा

नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने भोपाल के बड़े तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर के दायरे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को सैवनिया गौंड इलाके में 11 अवैध निर्माण हटाए गए। आज शुक्रवार को भी यह कार्रवाई चलेगी। कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को सुनवाई का अवसर दिया गया था। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने बाउंड्री वॉल, टीन शेड और कच्ची-पक्की फेंसिंग को हटाया। साथ ही तालाब की सीमा में बने स्विमिंग पूल को भी ध्वस्त किया गया। इस अभियान में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की सास रेखा तिवारी का फार्म हाउस भी शामिल रहा। सीमांकन के दौरान फार्महाउस का बड़ा हिस्सा 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में पाया गया, जहां बने स्विमिंग पूल पर बुलडोजर चलाया गया। अब तक यह कार्रवाई प्रशासन के अनुसार, 2026 के सर्वे में कुल 302 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। जिनमें से अब तक 49 से अधिक हटाए जा चुके हैं। एसडीएम अर्चना शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। इन बड़े अतिक्रमण पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई बड़ा तालाब की हद जानने इनका सीमांकन भी सूत्रों के अनुसार, वन विहार रोड स्थित होटल रंजीत, होटल टोरकस, अन्नतास गार्डन, लेक हाउस का कुछ हिस्सा आ रहा है। वहीं, मैथलीशरण गुप्ता, कीर्ति जैन, पीएस भटनागर, मोहिनी देवी, बसंत कौर, सौम्या श्रीवास्तव, प्रकाश चंदेल, मुकेश शर्मा आदि के निर्माण भी जद में आ रहे हैं। इसके अलावा बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में शामिल बड़ा तालाब का काफी हिस्सा भी जद में है। भास्कर पड़ताल में देखिए, तालाब की हद में बने आलिशान घर दैनिक भास्कर ने 200 फीट की ऊंचाई से भोपाल की लाइफ लाइन से खिलवाड़ करने वाले अतिक्रमण को ड्रोन कैमरे में कैद किया। करीब 9 महीने पहले ही एफटीएल से जुड़कर ही एक 2 मंजिला मकान बना दिया गया। इसी में स्वीमिंग पूल भी है। इसे टीटी नगर एसडीएम वृत की टीम ने लिस्टेड किया है। इन अतिक्रमण की जद में रसूखदारों के साथ-साथ होटल जहांनुमा, सायाजी, वन विहार समेत नगर निगम के सरकारी निर्माण भी हैं। बावजूद अब तक इन्हें नहीं हटाया गया है। प्राइवेट के साथ सरकारी अतिक्रमण भी बता दें कि पिछले महीने हुए सर्वे में प्राइवेट के साथ सरकारी अतिक्रमण भी सामने आए हैं। एफटीएल के 50 मीटर के दायरे में सैर सपाटा, बोट क्लब, विंड एंड वेव्स होटल और वन विहार का कुछ हिस्सा भी आ रहा है। इन जगहों पर ज्यादा अतिक्रमण बैरागढ़ सर्किल में 220 अतिक्रमण हैं। टीटी नगर में 127 अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें 59 निजी और 78 सरकारी शामिल हैं। प्रशासन ने सेवनिया गोंड, प्रेमपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी सीमांकन किया था। वन विहार के पास जॉक रेस्टोरेंट, लहर रेस्टोरेंट, विंड्स एंड वेब, होटल रंजीत लेकव्यू, फूड जोन की 26 दुकानें, गेम जोन, कचरा कैफे, सुलभ कॉम्प्लेक्स और लहर जिम सहित अन्य निर्माण शामिल हैं।एक्सपर्ट राशिद नूर ने बताया, शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन एफटीएल मुनार से सटकर ही पक्के निर्माण बना दिए गए हैं। सिलसिलेवार जानिए, अब तक क्या हुआ… पहला सर्वे: साल 2016 में डीजीपीएस सर्वे, पर रिपोर्ट सामने नहीं आई साल 2016 में नगर निगम ने डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराया था। यह जमीन का सटीक माप करने की तकनीक है, जो जीपीएस की तुलना में ज्यादा जानकारी सामने लाती है। जमीन की सीमा, आकार का सटीक डेटा इकट्ठा करती है। इस सर्वे में बड़ा तालाब का क्षेत्र 38.72 वर्ग किमी बताया गया था, जबकि पहले यह एरिया 32 वर्ग किमी माना जाता था। इसकी रिपोर्ट में तालाब के एफटीएल के को-ऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। इन को-ऑर्डिनेट्स के आधार पर धरातल पर भी सीमाएं तय की जा सकती हैं। तालाब की सीमा में आ रही निजी जमीन के मालिकाना हक का भी निर्धारण हो सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट निगम की फाइलों में दबकर रह गई। रिपोर्ट का आज तक खुलासा नहीं हो सका। दूसरा सर्वे: 141 मुनारें ही गायब हो गईं इसी साल एनजीटी ने बड़े तालाब का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसमें 943 में से 802 मुनारें ही मिली थीं। इसमें भी 337 मुनारें पानी के भीतर डूबी हुईं थीं, यानी उन्हें एफटीएल से पहले ही लगाया गया था। 141 मुनारें मौके से गायब थीं, लेकिन इसके बाद मुनारें दोबारा लगाने और अतिक्रमण रोकने की कोई ठोस पहल नहीं हुई। तीसरा सर्वे: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सर्वे हुआ, रिपोर्ट का अता-पता नहीं इस साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे किया गया। जिला प्रशासन ने मप्र झील संरक्षण प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वे किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। ये रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। न ही सरकार के किसी दस्तावेज में यह जिक्र आया है कि इस सर्वे का क्या हुआ? एक मोबाइल ऐप पर इसकी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही जाती है। जब तक यह दस्तावेज में नहीं आएगा तब तक धरातल पर सीमांकन नहीं हो सकता। 6 महीने पहले CM दे चुके निर्देश, सांसद ने कहा-मास्टर प्लान बने बड़ा तालाब को लेकर सरकार तो गंभीर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। करीब छह महीने पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने तालाब के आसपास के अतिक्रमण का नए सिरे से सर्वे करने के निर्देश नगरीय आवास एवं विकास विभाग की बैठक में दिए थे। वहीं, कुछ समय पहले भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब का मास्टर प्लान बनाने की पैरवी की थी। कहा था कि मास्टर प्लान बनने से तालाब को सुरक्षित किया जा सकेगा। बड़ा तालाब के 50 मीटर के दायरे में 1300 से ज्यादा अतिक्रमण सामने आया था। 10 साल में सिर्फ 1 बड़ी कार्रवाई, महीनों तक विस्थापन नहीं करीब दो साल पहले भदभदा झुग्गी बस्ती से कुल 386 घरों को हटाया गया था। एनजीटी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण की 10 साल में यही बड़ी कार्रवाई थी। इसके बाद प्लान बने, लेकिन जमीन पर नहीं आए।
Sambhal Bulldozer Action LIVE Video Update; Mubarakpur Band Masjid

संभल5 मिनट पहले कॉपी लिंक संभल में शुक्रवार सुबह साढ़े 9 बजे से मस्जिद और दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई चल रही है संभल में मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार शुक्रवार दोपहर डेढ़ बजे गिरा दी गई। अब बुलडोजर मस्जिद के बाकी हिस्सों को तोड़ रहा है। इससे पहले, सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर की पांच दुकानों को तोड़ा गया। मस्जिद की मीनार तोड़ने के लिए प्रशासन ने दो हाइड्रा मशीनें बुलाईं। एक मजदूर मीनार पर चढ़कर रस्सी को बांधा, फिर उसके दूसरे सिरे को दोनों हाइड्रा मशीनों से बांधा। इसके बाद मशीनों से खींचकर मीनार को गिरा दिया। मामला मुबारकपुर बंद गांव का है। प्रशासन के मुताबिक, 15 साल पहले सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था। फिलहाल, डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके बिश्नोई समेत 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी मौके पर हैं। गांव वाले जुटने लगे तो विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। 12 दिन पहले, यानी 5 अप्रैल को मस्जिद पर कार्रवाई होनी थी, लेकिन उस समय बुलडोजर चालक ने मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार तोड़ने से मना कर दिया था। तर्क दिया था कि मीनार बुलडोजर के ऊपर गिर सकती है। हालांकि उस दिन मदरसा, पांच दुकानें और मस्जिद का गेट तोड़ दिया गया था। दुकानों का करीब 20 फीसदी हिस्सा बच गया था, जिसे आज गिराया गया। बुलडोजर एक्शन की तस्वीरें देखिए- एक मजदूर मीनार पर चढ़कर रस्सी को बांधा, फिर उसके दूसरे सिरे को दोनों हाइड्रा मशीनों से बांधा। हाइड्रा ने खींचकर मीनार को गिरा दिया। मस्जिद की छत पर मीनार जा गिरी। सुबह साढ़े 9 बजे से दोपहर 1 बजे तक मस्जिद के बाहर की 5 दुकानों को तोड़ा गया। गांव वाले जुटने लगे तो विरोध की आशंका को देखते हुए पुलिस ने उन्हें खदेड़ दिया। ग्राम समाज की जमीन पर बने दो मकान भी बने हैं। प्रशासन ने कब्जेदारों को इन्हें तोड़ने को कहा है। दो ग्रामीण अपने मकान खुद तोड़ रहे मुबारकपुर बंद गांव गुलाम रसूल और आसमा के मकानों के कुछ हिस्से सरकारी जमीन पर बने हैं। प्रशासन ने दोनों से खुद ही कब्जा हटाने को कहा है। इसके बाद आसमा ने घर के आगे बने हिस्से को और गुलाम ने घर के गेट को छैनी-हथौड़ी से तोड़ना शुरू कर दिया है। गुलाम ने कहा- अब क्या कहें साहब..यह जमीन प्रधान के चाचा से 30 हजार में खरीदी थी, हमें कोई जानकारी नहीं थी कि यह ग्राम समाज की जमीन है। बहुत नुकसान हो गया है। वहीं, आशा कार्यकर्ता आसमा ने कहा- अगर यह सरकारी जमीन थी, तो प्रधानों ने इसे क्यों बेचा? हमने 30 साल पहले जमीन खरीद थी। अगर उन्हें जमीन खाली करनी पड़ रही है तो उन्हें दी गई राशि वापस मिलनी चाहिए। जानिए पूरा मामला मुबारकपुर बंद गांव में करीब 30 साल पहले सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था। 15 साल पहले खेल मैदान पर 150 वर्गमीटर में मस्जिद का निर्माण किया गया। इसके साथ ही पांच दुकानें और आठ मकान भी बना लिए गए। हैरानी की बात यह है कि इसी जमीन पर दो सरकारी प्राइमरी स्कूल भी बने हुए हैं। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत डीएम को मिली थी। इसके बाद तहसीलदार कोर्ट ने 28 मार्च को अवैध निर्माण हटाने के लिए नोटिस जारी किया। उसी दिन जमीन की नाप कराई गई। 30 मार्च से स्थानीय मजदूरों के जरिए निर्माण हटाने का काम शुरू हुआ। 31 मार्च से मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद ही मदरसा गौसुल और पांच दुकानों को तोड़ना शुरू किया, लेकिन काम पूरा नहीं हो सका। मस्जिद कमेटी और ग्राम प्रधानपति हाजी मुनव्वर की मांग पर 5 अप्रैल को प्रशासन ने 2100 रुपए शुल्क लेकर करीब दो घंटे में मदरसा और दुकानों को ध्वस्त करा दिया। ग्रामीणों ने मस्जिद को खुद नहीं तोड़ा और प्रशासन से इसे हटाने की मांग की थी। ग्राम प्रधानपति का कहना है कि स्कूलों को छोड़कर बाकी अवैध संपत्तियों को हटाया जाए। बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… अपडेट्स 50 मिनट पहले कॉपी लिंक संभल डीएम बोले- सरकारी जमीन पर हुआ था अवैध निर्माण संभल डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने कहा- मुबारकपुर बंद गांव में ग्राम प्रधान ने 3 महीने पहले सरकारी जमीन पर निर्माण की शिकायत की थी। तहसील में मुकदमा दायर किया गया। सुनवाई के बाद 30 दिन अपील का समय भी दिया गया। यह अवैध निर्माण एक प्राथमिक विद्यालय और एक उच्च प्राथमिक विद्यालय के बीच स्थित खेल के मैदान और खाद के गड्ढे की 600 वर्ग मीटर भूमि पर था। इस कब्जे के कारण दोनों विद्यालय एक-दूसरे से अलग हो गए थे। अब कब्जा हटने से दोनों स्कूल खेल के मैदान के माध्यम से आपस में जुड़ जाएंगे। हम लगातार ‘लैंड बैंक’ तैयार करने की प्रक्रिया में हैं। सरकारी या सुरक्षित भूमि पर जहां भी अवैध कब्जे हैं, उन्हें पुलिस और प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से हटाया जा रहा है। 08:31 AM17 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एसपी बोले- जिन्होंने भी कब्जा किया, वे हटा लें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने कहा- सरकार के निर्देश पर जिले के एसडीएम, तहसीलदार और सीओ गांव-गांव में सरकारी संपत्तियों और सरकारी जमीनों को चिह्नित करने का काम कर रहे हैं। इसी क्रम में मुबारकपुर बंद गांव में खेल के मैदान और खाद के गड्ढों की जमीन पर बने दो स्ट्रक्चरों को ढहाया जा रहा है। इस कार्रवाई के लिए दो प्लाटून पीएसी, एक कंपनी आरआरएफ और असमोली सर्किल के चार थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात की गई है। यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि जिन्होंने भी सरकारी जमीन पर कब्जा किया है, वे खुद ही हटा लें, नहीं तो कार्रवाई की जाएगी। 08:00 AM17 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक मस्जिद की 35 फीट ऊंची मीनार ढहाई गई 07:40 AM17 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक पुलिस से मस्जिद के आसपास इकट्ठा भीड़ को हटाया मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन देखने के लिए काफी संख्या में भीड़ जमा हो गई। पुलिस ने भीड़ को वहां से हटा दिया है। 07:33 AM17 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक मस्जिद के आसपास छतों पर जवान तैनात
Sambhal Bulldozer Action LIVE Video Update; Imambara Eidgah

संभल8 मिनट पहले कॉपी लिंक संभल में ईदगाह और इमामबाड़े पर गुरुवार सुबह 8 बजे से बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है। संभल में ईदगाह और इमामबाड़े पर गुरुवार सुबह 8 बजे से बुलडोजर की कार्रवाई चल रही है। इमामबाड़ा गिरा दिया गया है। अब ईदगाह को चार बुलडोजरों से तोड़ा जा रहा है। मौके पर 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC तैनात की गई है। इसी बीच, गांव के लोग मौके पर जुट गए। विरोध की आशंका को देखते हुए अफसरों ने उन्हें वहां से हटा दिया। प्रशासन के मुताबिक, करीब 7 बीघा चारागाह की जमीन पर ईदगाह और खाद गड्ढे की भूमि पर इमामबाड़ा बनाया गया था। गांव वालों की शिकायत के बाद लेखपाल स्पर्श गुप्ता ने 18 जनवरी को तहसीलदार कोर्ट में अपील दायर की थी। 31 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर नोटिस अखबार में छपवाया गया। कहा गया कि जो भी कब्जेदार हैं, वे सामने आएं। हालांकि, कोई भी सामने नहीं आया। गुरुवार सुबह करीब 7.30 बजे एसडीएम निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल टीम के साथ मौके पर पहुंचे। वहां कुछ लोग छीनी-हथौड़ी से इमामबाड़े को तोड़ रहे थे। हालांकि, प्रशासन ने उन्हें हटा दिया। मामला कोतवाली संभल क्षेत्र के बिछोली गांव का है। बुलडोजर एक्शन की तस्वीरें देखिए… बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके पर गांव के लोग जुट गए, लेकिन अफसरों ने उन्हें हटा दिया। इमामबाड़ा गिरा दिया गया है। अब मलबा उठाने का काम चल रहा है। बिछोली गांव में बुलडोजर कार्रवाई वाली जगह पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पुलिसवाले आसपास के घरों की छत से निगरानी कर रहे हैं। मौके पर SDM और नायब तहसीलदार मौजूद रहे। 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC तैनात है। बुलडोजर एक्शन से जुड़े अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 19 मिनट पहले कॉपी लिंक डीएम और एसपी पहुंचे, ध्वस्तीकरण अभियान की रिपोर्ट ली दोपहर 12 बजे डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस-प्रशासन की टीमों से ध्वस्तीकरण अभियान की रिपोर्ट ली और जरूरी दिशा-निर्देश दिए। 20 मिनट पहले कॉपी लिंक संभल में इमामबाड़े की दीवार जेसीबी पर गिरी, चालक घायल नगर पालिका परिषद संभल के जेसीबी ऑपरेटर सौरभ सिरसवाल के दाहिने हाथ में चोट आई है। इमामबाड़े की दीवार को तोड़ते समय दीवार अचानक से जेसीबी के ऊपर गिर गई। जेसीबी का शीशा टूट गया। मशीन को भी नुकसान हुआ। घटना के बाद मशीन खराब हो गई। उसे वापस भेज दिया गया है। 05:59 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक संभल में बुलडोजर एक्शन के 3 VIDEO देखिए 05:58 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक एसडीएम बोलीं- पशुचर और गढ्ढे की जमीन पर हुआ था अतिक्रमण एसडीएम निधि पटेल ने बताया- पशुचर और गढ्ढे की जमीन पर अतिक्रमण करके निर्माण कराए गए थे। आज तहसीलदार कोर्ट के आदेश पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। 04:18 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक संभल में बुलडोजर एक्शन पर अपडेट दे रहे हैं भास्कर रिपोर्टर प्रशासन के पहुंचने से पहले लोग खुद ही छीनी-हथौड़ी से इमामबाड़ा तोड़ने लगे। लेकिन, प्रशासन ने उन्हें वहां से हटा दिया। 04:14 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक अफसरों ने मौके पर जुटी भीड़ को हटाया, देखिए VIDEO बुलडोजर कार्रवाई के दौरान मौके गांव वालों की भीड़ जुटने लगी। पुलिस ने तत्काल उन्हें हटाया और वापस भेजा। 04:13 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक 5 थानों की फोर्स, SDM और नायब तहसीलदार मौके पर मौजूद जिस गांव में बुलडोजर चल रहा है, वहां 5 थानों की पुलिस फोर्स और एक कंपनी PAC तैनात की गई है। SDM निधि पटेल और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल टीम के साथ मौके पर मौजूद हैं। 03:51 AM16 अप्रैल 2026 कॉपी लिंक संभल में ईदगाह, इमामबाड़ा को तोड़ने पहुंचा बुलडोजर थोड़ी देर में कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके लिए प्रशासन चार बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंच गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Balaghat Tehsildar Action | Revenue Dues; 2.41 Lakhs Deposited

बालाघाट शहर में राजस्व बकायादारों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। तहसीलदार सुनील वर्मा और राजस्व टीम ने लाखों रुपए का बकाया न चुकाने पर दो व्यापारियों, मणि जैन और राकेश गुप्ता की दुकानों को सील कर दिया है। . तहसीलदार सुनील वर्मा ने बताया कि राजस्व वसूली के लिए संपत्ति कुर्की की कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई डायवर्सन और नजूल भूमि की बकाया राशि की वसूली के लिए जारी नोटिस के बाद भी भुगतान न करने पर की गई। दुकानों की कुर्की और सीलिंग करते हुए प्रशासनिक टीम। बकाया राशि न चुकाने पर प्रशासन ने सील किया राकेश गुप्ता पर 1,20,632 रुपए का बकाया था, जिसके चलते उनके मद्रास कैफे रेस्टोरेंट और कपड़े की दुकान को सील किया गया। वहीं, मणि पिता राकेश जैन पर 1,20,500 रुपए की डायवर्सन राशि बकाया थी। भुगतान न करने पर उनके घर से संचालित दुकान को भी प्रशासन ने सील कर दिया। तहसीलदार वर्मा ने यह भी बताया कि अन्य बकायादारों के यहां कुर्की की कार्रवाई के लिए पहुंची टीम को देखकर तीन बकायादारों ने मौके पर ही 2.41 लाख रुपए की राशि जमा कर दी। यह कार्रवाई कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर की जा रही है। तहसीलदार सुनील वर्मा बकाया राशि वसूली की कार्रवाई का निरीक्षण किया। बकाया राशि के लिए प्रशासन राजस्व वसूली जारी रखेगा मणि जैन की दुकान पर कार्रवाई के दौरान विवाद की स्थिति पैदा हुई थी। तहसीलदार सुनील वर्मा ने बताया कि विवाद करने वाले धीरज सुराना पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को अभी भी 20 लाख रुपए से अधिक की राजस्व वसूली करनी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बकाया राशि जमा न करने वाले अन्य लोगों के खिलाफ भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
PM Modi Warns LPG Hoarders; Strict Action on Black Marketing

नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित NXT समिट में बोल रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि LPG को लेकर कुछ लोग जानबूझकर डर फैला रहे हैं और इससे फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग अपना एजेंडा चलाना चाहते हैं, लेकिन संकट के समय इस तरह का माहौल देश के लिए नुकसानदायक होता है। प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि LPG की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। प्रधानमंत्री गुरुवार को दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित NXT समिट में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात चुनौतीपूर्ण हैं और युद्ध की वजह से दुनिया भर में ऊर्जा संकट की स्थिति बनी है। उन्होंने कहा- ऐसे समय में देश को शांति और धैर्य के साथ परिस्थितियों का सामना करना होगा। संकट के समय हर किसी की जिम्मेदारी होती है। इसमें चाहे वह राजनीतिक दल हों, मीडिया हो, सामाजिक संस्थाएं हों या फिर गांव और शहर के लोग। प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी का उदाहरण देते हुए कहा कि जब पूरा देश एकजुट होकर काम करता है तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी आसान हो जाती है। उन्होंने कहा कि आज देश के सामने एक और चुनौती है और इसे भी हमें मिलकर ही पार करना होगा। पीएम की स्पीच की 6 बड़ी बातें… किसी भी संकट से शांति और धैर्य के साथ निपटना चाहिए। इसमें सरकार, राजनीतिक दल, मीडिया, सामाजिक संस्थाएं, गांव और शहर सभी की भूमिका होती है। भारत ऊर्जा के अलग-अलग स्रोतों को बढ़ावा दे रहा है। सरकार ने दो स्तर पर काम किया, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करना और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाना। 2014 में देश में करीब 14 करोड़ LPG कनेक्शन थे। अब यह बढ़कर करीब 33 करोड़ से ज्यादा हो गए हैं। पिछले 11 साल में गैस बॉटलिंग क्षमता दोगुनी हुई। 2014 में 4 LNG टर्मिनल थे, अब इनकी संख्या दोगुनी हो गई है। पहले 25-26 लाख घरों में पाइप गैस थी, अब 1.25 करोड़ से ज्यादा घरों तक पहुंच गई है। सरकार ने रेलवे का तेजी से विद्युतीकरण किया। 2014 तक केवल 20% रेलवे लाइनें ही बिजली से चलती थीं। अब लगभग 100% लाइनें विद्युतीकृत हो चुकी हैं। 2024-25 में रेलवे ने 180 करोड़ लीटर ईंधन की बचत की है। पहले कई इलाके माओवादी हिंसा से प्रभावित थे। अब ऐसे जिलों की संख्या घटकर सिंगल डिजिट में आ गई है। 2100 से ज्यादा नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। करीब 300 को मार गिराया गया। समिट में दुनियाभर के पॉलिटिकल लीडर्स शामिल हो रहे NXT समिट 2026 एक तीन दिन का लीडरशिप फोरम है, जिसमें दुनिया भर के राजनीतिक नेता, राजनयिक, वैज्ञानिक और बिजनेस से जुड़े बड़े लोग शामिल हो रहे हैं। यह समिट ITV नेटवर्क की NXT पहल के तहत संडे गार्डियन फाउंडेशन और न्यूज-एक्स के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है। समिट में केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी हिस्सा लेंगे। इनमें पीयूष गोयल, अश्विनी वैष्णव, जितेंद्र सिंह, मनोहर लाल खट्टर और अर्जुन राम मेघवाल शामिल हैं। इसके अलावा देश के कई राजनीतिक नेता भी चर्चा में भाग लेंगे। इनमें नायब सिंह सैनी, विवेक तन्खा, निशिकांत दुबे, मनीष तिवारी और शशि थरूर शामिल हैं। वहीं विदेश नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा में पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला भी हिस्सा लेंगे। ————– ये खबर भी पढ़ें… PM बोले-कांग्रेस के युवराज छोटे दायरे में सिमटे:उन्हें विकास नहीं दिखेगा; तमिलनाडु में कहा-वेस्ट एशिया मामले ने सबपर असर डाला, पैनिक होने की जरूरत नहीं PM नरेंद्र मोदी बुधवार को केरलम (केरल) दौरे पर थे। प्रधानमंत्री ने कहा- कांग्रेस के युवराज को यह नहीं पता कि भारत के युवा आज ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग में कमाल कर रहे हैं। उन्हें यह भी नहीं पता कि केरल के युवाओं ने ड्रोन विकसित करने के लिए स्टार्टअप शुरू किए हैं। जो व्यक्ति अपने छोटे दायरे में सिमटा हो, उसे देश का विकास कभी नहीं दिखेगा। वेस्ट एशिया पर कहा- हम इंडिया फर्स्ट की पॉलिसी पर भरोसा करते हैं। पैनिक होने की और अफवाहों पर ध्यान देने की कोई जरूरत नहीं है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
चैंबर में उतरने से कर्मचारियों की मौत की होगी जांच:महापौर बोले-मृतकों के आश्रितों को नौकरी देंगे, दोषियों पर कार्रवाई करेंगे; चैंबर में बगैर संसाधन-किट नहीं उतरते कर्मचारी

इंदौर में सोमवार शाम को सीवर टैंक में उतरने से नगर निगम के दो कर्मचारियों की मौत के मामले में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने जांच के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। जांच में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी और मृत कर्मचारियों के आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने निगम कर्मचारियों से कहा है कि वे बिना संसाधन व किट के सीवर टैंक में ना उतरें। जोन 13 में चोइथराम मंडी गेट के पास 30 फीट गहरे सीवर टैंक में करण यादव और अजय डोडियार उतरे थे। टैंक के अंदर जहरीली गैस थी, इस कारण उनकी दम घुटने से मौत हो गई थी। जानकारी के अनुसार कर्मचारियों की ड्यूटी शाम 5 बजे तक थी। उस समय मौके पर तीन कर्मचारी मौजूद थे। शाम करीब 6:30 बजे नगर निगम के आउटसोर्स से कार्यरत दो कर्मचारी जोन-13 क्षेत्र में प्राइमरी मेन लाइन में सेफ्टी टैंक की डीवॉटरिंग की जा रही थी, तभी पाइप का टुकड़ा चैंबर में गिरा था उसे वे निकाल रहे थे, तभी ये हादसा हुआ था। आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी देंगे महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने बताया कि दोनों कर्मचारी आउटसोर्स पर थे। इसलिए हमने दोनों के आश्रितों को आउटसोर्स पर नौकरी देने के लिए कहा है। इस दुख की घड़ी में नगर निगम की पूरी टीम दोनों परिवार के साथ है। घटनाक्रम क्या है, कैसे हुआ है। इसके पीछे कोई दोषी है, इसकी जांच करने के लिए निर्देश दे दिए हैं। सीएम डॉ.मोहन यादव ने भी इस दुखद घटना का तुरंत संज्ञान लेकर मृतकों के परिवारों को 30-30 लाख रुपए की राहत राशि देने की घोषणा भी की है। चैंबर की सफाई के लिए नहीं उतरे थे कर्मचारी महापौर ने बताया कि दोनों कर्मचारी ड्रेनेज लाइन या चैंबर की सफाई के लिए नहीं उतरे थे, बल्कि प्राइमरी लाइन में सेफ्टी टैंक की डीवॉटरिंग के दौरान पाइप का तुकड़ा चैंबर में गिर गया था, जिसे निकालने के लिए पहले एक कर्मचारी उतरा और जब वह वापस नहीं आया तो दूसरा कर्मचारी उसे देखने के लिए उतर गया और गैस से दोनों की मौत हो गई। इन कर्मचारियों को सफाई के निर्देश भी नहीं दिए गए थे। उन्होंने बताया कि सभी को स्पष्ट निर्देश हैं कि छोटी लाइन हो या बड़ी। चैंबर के अंदर उतरकर किसी भी प्रकार की सफाई नहीं करना है। ड्रेनेज-चैंबर की सफाई के लिए जो प्रॉटोकॉल है, जो संसाधन है, जो किट है, जो प्रक्रिया है उसी अनुरूप टीम उस काम को करती है। ये डीवॉटरिंग का काम किसके निर्देश पर हो रहा था, क्यों हो रहा था इसकी जांच करवाई जा रही है। जांच में जो स्थिति आएगी उस आधार पर सभी दोषियों पर कार्रवाई भी की जाएगी। दोनों को CPR भी दिया था निगम कर्मियों को बचाने के लिए सीवर टैंक में उतरे अमन सेम ने बताया कि मुझे पता चला कि दो लोग चैंबर में डूब गए हैं। मैंने अपनी कमर में रस्सी बांधी और चैंबर में नीचे उतरा। हुक को एक आदमी की बेल्ट से फंसा दिया। इस दौरान मेरे मुंह में गैस भर गई थी, फिर हम दोनों ऊपर आ गए। करण और अजय को बाहर निकाला और उन्हें CPR भी दिया। उनके फेफड़ों में पानी भर गया था। पानी निकालने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए थे।
Murshidabad-Malda 19 Lakh Documents Pending; BJP Calls It Action Against Infiltrators

Hindi News National Murshidabad Malda 19 Lakh Documents Pending; BJP Calls It Action Against Infiltrators कोलकाता46 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद शनिवार को फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। लिस्ट के मुताबिक, राज्य के करीब 60.06 लाख वोटर्स के दस्तावेज अभी भी जांच के घेरे में हैं। इनमें सबसे बड़ी संख्या मुस्लिम बहुल और सीमावर्ती जिलों की है। आयोग ने राज्य की मतदाता सूची से कुल 63.66 लाख नाम हटा दिए हैं। बंगाल के कुल वोटर्स की संख्या 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई है। वहीं भाजपा ने इसे ‘घुसपैठियों के खिलाफ निर्णायक जंग’ करार दिया है। मुर्शिदाबाद और मालदा पेडिंग केसेस में टॉप पर चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, मुर्शिदाबाद जिले में सबसे ज्यादा 11.01 लाख वोटर्स ऐसे हैं जिनकी स्क्रूटनी अभी पेंडिंग है। इसके ठीक बाद मालदा का नंबर आता है, जहां 8.28 लाख वोटर्स के दस्तावेजों की न्यायिक अधिकारियों द्वारा जांच की जानी बाकी है। 2011 की जनगणना के अनुसार मुर्शिदाबाद में 66% और मालदा में 51% मुस्लिम आबादी है और ये दोनों ही जिले बांग्लादेश की सीमा से सटे हुए हैं। बॉर्डर वाले जिलों में सबसे ज्यादा ‘संदिग्ध’ उत्तर 24 परगना (5.91 लाख), दक्षिण 24 परगना (5.22 लाख) और उत्तर दिनाजपुर (4.80 लाख) जैसे सीमावर्ती जिलों में भी पेंडिंग मामलों की संख्या काफी अधिक है। इसके उलट, राज्य के पहाड़ी और आदिवासी बहुल इलाकों जैसे कालिम्पोंग (6,790) और झाड़ग्राम (6,682) में ऐसे वोटर्स की संख्या सबसे कम पाई गई है। इन 60 लाख वोटर्स का क्या होगा? चुनाव आयोग के अधिकारियों ने साफ किया है कि जिन वोटर्स का नाम ‘अंडर एडजूडिकेशन’ में रखा गया है, उन्हें फिलहाल लिस्ट से बाहर नहीं किया गया है। न्यायिक अधिकारी इन दस्तावेजों की गहन जांच करेंगे और पूरी जांच के बाद ही सुधार या नाम हटाने की प्रक्रिया होगी। आयोग का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र नागरिक का नाम न कटे। इसके लिए आने वाले समय में सप्लीमेंट्री लिस्ट भी जारी की जा सकती है। भाजपा बोली- वोटर लिस्ट से घुसपैठिए साफ वहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने दावा किया कि वोटर लिस्ट से हटाए गए 50 लाख से ज्यादा लोग ‘घुसपैठिए’ थे। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इन घुसपैठियों के फर्जी कागज बनवाकर उन्हें अपना वोट बैंक बनाया और कानूनी सुरक्षा दी। नवीन ने कहा कि ये घुसपैठिए भारतीयों के हक की सरकारी नौकरियों और योजनाओं का फायदा उठा रहे थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अब इन लोगों को बंगाल से बाहर करने का समय आ गया है। पूरी खबर पढ़ें… —————————- ये खबर भी पढ़ें: बंगाल SIR- फाइनल लिस्ट में 7.04 करोड़ से ज्यादा वोटर:63 लाख लोगों के नाम हटे; अब तक 11 राज्यों-UT की अंतिम मतदाता सूची जारी पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हो गई। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
नर्मदापुरम में 20 हजार पौधे उखाड़ फॉरेस्ट जमीन पर कब्जा:विभाग ने अतिक्रकण हटाया, देखरेख करने वाले वनकर्मियों पर कार्रवाई की तैयारी

नर्मदापुरम जिले के बानापुरा रेंज की झाड़बीड़ा बीट में प्लांटेशन की जमीन पर लगे करीब 20 हजार पौधों को उखाड़कर नष्ट कर दिया गया। आरोप है कि राजलढ़ाना गांव के करीब 100 ग्रामीणों ने खेती करने के उद्देश्य से लगभग 20 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की। वन विभाग को जब इसकी जानकारी मिली तो राजस्व और पुलिस विभाग की मदद से संयुक्त कार्रवाई की गई। करीब 230 वनकर्मी, पुलिस और राजस्व अधिकारी मौके पर पहुंचे और कब्जा हटाया गया। कार्रवाई के दौरान वहां बनाई गई अस्थायी टपरियां हटाई गईं और बड़े गड्ढे खोदे गए, ताकि दोबारा खेती नहीं की जा सके। 2019 में हुआ था प्लांटेशन डीएफओ गौरव शर्मा ने बताया कि इस क्षेत्र में वर्ष 2019 में पौधारोपण किया गया था। अतिक्रमणकारियों ने करीब 20 हजार पौधों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे विभाग को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है। अब वन अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर पौधों पर हुए खर्च की वसूली की जाएगी। जिम्मेदार स्टाफ पर भी होगी कार्रवाई डीएफओ ने यह भी कहा कि इस मामले में वन विभाग के जिन कर्मचारियों की लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था ठीक से क्यों नहीं की गई, इस संबंध में रेंजर को जांच के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त टीम ने हटाया अवैध कब्जा झाड़बीड़ा बीट के कंपार्टमेंट नंबर 159 में राजलढ़ाना और पतलई गांव के कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया था। इसे हटाने के लिए वन विभाग को पुलिस और राजस्व विभाग की सहायता लेनी पड़ी। अभियान के दौरान एसडीओ अनिल विश्वकर्मा, नायब तहसीलदार कीर्ति प्रधान, एसडीओपी महेंद्र सिंह चौहान और थाना प्रभारी सुधाकर बरसकर सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। फिलहाल वन विभाग ने साफ कर दिया है कि वन भूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Pakistan Afghanistan War Action LIVE Photos Update; Taliban PAK Forces

Hindi News International Pakistan Afghanistan War Action LIVE Photos Update; Taliban PAK Forces | Islamabad Military Bases काबुल/इस्लामाबाद43 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों मारे गए हैं, जबकि 500 से ज्यादा हुए हैं। दोनों देश आगे भी एक दूसरे को सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दे रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अमेरिका दखल देगा? इस पर उन्होंने कहा कि मैं दखल दे सकता हूं, लेकिन मेरे पाकिस्तान से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा कर रहा है। वहीं पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि देश में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका है। उनका कहना है कि इन गतिविधियों के लिए अफगान तालिबान के क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत गुरुवार देर रात हुई, जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई की। इसके बाद में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू किया। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया, नंगरहार और अन्य प्रांतों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान का दावा- 274 अफगान लड़ाके मारे पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, अब तक 274 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं। उनका कहना है कि 115 टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट की गईं, 74 चौकियां तबाह की गईं और 18 चौकियों पर पाकिस्तानी सेना ने कंट्रोल कर लिया है। पाकिस्तान ने यह भी स्वीकार किया कि उसके 12 सैनिक मारे गए और 27 घायल हुए हैं। वहीं तालिबान का कहना है कि उसके सिर्फ 8 से 13 लड़ाके मारे गए और कुछ घायल हुए हैं। उसने दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने आगे हमला किया तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के हवाई हमले की फुटेज… पाकिस्तान के हमले से तबाह अफगान ठिकाने का सैटेलाइट फुटेज। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई रिहायशी ठिकानों पर भी हमला किया। पाकिस्तान में निजी ड्रोन उड़ाने पर रोक अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के अंदर ड्रोन से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिरा दिए गए और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी आदिल राजा ने दावा किया कि अफगानिस्तान से उड़ाए गए ड्रोन ने इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर समेत कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव पास पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।विदेश मंत्रालय ने कहा कि आगे किसी भी उकसावे पर “मापा हुआ, लेकिन कड़ा और निर्णायक” जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने अफगान तालिबान सरकार को गैर-कानूनी बताते हुए आरोप लगाया कि वहां महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। पाकिस्तान ने TTP और ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। अफगानिस्तान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की थी। तालिबान का कहना था कि हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नंगरहार में एक घर पर हमले के बाद एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे। वहीं, अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। अफगानिस्तान का नंगरहार का बड़ा इलाका पाकिस्तानी हमले के बाद आग की लपटों में घिर गया था। (सोर्स- X) दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है। ——————– यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान-अफगानिस्तान में जंग के हालात:PAK बोला- 274 अफगान लड़ाके मारे, 400 से ज्यादा घायल, तालिबान हमलों के पीछे भारत पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात जंग जैसे हो गए हैं। पाकिस्तान एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में फिर से एयरस्ट्राइक की है। वहीं तालिबान ने दावा किया है कि उसने इस्लामाबाद के फैजाबाद सैन्य ठिकाने समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Pakistan Afghanistan War Action LIVE Photos Update; Taliban PAK Forces

Hindi News International Pakistan Afghanistan War Action LIVE Photos Update; Taliban PAK Forces | Islamabad Military Bases काबुल/इस्लामाबाद1 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों मारे गए हैं, जबकि 500 से ज्यादा घायल हुए। दोनों देश आगे भी एक दूसरे को सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दे रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अमेरिका दखल देगा? इस पर उन्होंने कहा कि मैं दखल दे सकता हूं, लेकिन मेरे पाकिस्तान से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वहीं पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि देश में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका है। उनका कहना है कि इन गतिविधियों के लिए अफगान तालिबान के क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत गुरुवार देर रात हुई, जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई की। इसके बाद में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू किया। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया, नंगरहार और अन्य प्रांतों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान का दावा- 274 अफगान लड़ाके मारे पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, अब तक 274 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं। उनका कहना है कि 115 टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट की गईं, 74 चौकियां तबाह की गईं और 18 चौकियों पर पाकिस्तानी सेना ने कंट्रोल कर लिया है। पाकिस्तान ने यह भी स्वीकार किया कि उसके 12 सैनिक मारे गए और 27 घायल हुए हैं। वहीं तालिबान का कहना है कि उसके सिर्फ 8 से 13 लड़ाके मारे गए और कुछ घायल हुए हैं। उसने दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने आगे हमला किया तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के हवाई हमले की फुटेज… पाकिस्तान के हमले से तबाह अफगान ठिकाने का सैटेलाइट फुटेज। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई रिहायशी ठिकानों पर भी हमला किया। पाकिस्तान में निजी ड्रोन उड़ाने पर रोक अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के अंदर ड्रोन से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिरा दिए गए और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी आदिल रजा ने दावा किया कि अफगानिस्तान से उड़ाए गए ड्रोन ने इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर समेत कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव पास पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आगे किसी भी उकसावे पर कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने अफगान तालिबान सरकार को गैर-कानूनी बताते हुए आरोप लगाया कि वहां महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। पाकिस्तान ने TTP और ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। अफगानिस्तान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की थी। तालिबान का कहना था कि हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नंगरहार में एक घर पर हमले के बाद एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे। वहीं, अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। अफगानिस्तान का नंगरहार का बड़ा इलाका पाकिस्तानी हमले के बाद आग की लपटों में घिर गया था। (सोर्स- X) दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है। ——————– यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान-अफगानिस्तान में जंग के हालात:PAK बोला- 274 अफगान लड़ाके मारे, 400 से ज्यादा घायल, तालिबान हमलों के पीछे भारत पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात जंग जैसे हो गए हैं। पाकिस्तान एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में फिर से एयरस्ट्राइक की है। वहीं तालिबान ने दावा किया है कि उसने इस्लामाबाद के फैजाबाद सैन्य ठिकाने समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









