Air India Flights Costlier From April 8, 2026

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अपने फ्यूल सरचार्ज को बढ़ा दिया है। इससे आने वाले दिनों में हवाई सफर महंगा हो जाएगा। ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई तेजी के बाद एयरलाइन ने यह फैसला लिया है। नई दरें कल यानी 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। एयरलाइन के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, जिससे लागत बढ़ गई है। मार्च के अंत तक जेट फ्यूल की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। इससे पहले हाल ही में इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। फ्यूल सरचार्ज क्या होता है फ्यूल सरचार्ज वो अतिरिक्त चार्ज है, जो एयरलाइन कंपनी आपको पेट्रोल/डीजल की महंगाई के कारण लगाती है। मान लीजिए हवाई यात्रा का किराया 5000 रुपए है। अगर पेट्रोल बहुत महंगा हो जाए, तो कंपनी 5000 + फ्यूल सरचार्ज (जैसे ₹500) लगाकर कुल 5500 रुपए लेगी। यह क्यों लगता है क्योंकि ईंधन की कीमत बढ़ने से कंपनी का खर्च बढ़ जाता है। ये खर्च सीधे यात्रियों पर डाल दिया जाता है, जिसे फ्यूल सरचार्ज कहते हैं। घरेलू रूट्स पर दूरी के हिसाब से लगेगा सरचार्ज एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए एक फ्लैट सरचार्ज व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब यात्रियों को दूरी के आधार पर पैसे देने होंगे। यह सरचार्ज प्रति यात्री, प्रति सेक्टर ₹299 से शुरू होकर ₹899 तक जाएगा। यह नियम एयर इंडिया के साथ-साथ उसकी सहयोगी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू होगा। घरेलू रूट्स के लिए रिवाइज फ्यूल चार्ज रूट/दूरी (Km में) रिवाइज फ्यूल चार्ज (₹ में) 0 – 500 Km ₹299 501 – 1,000 Km ₹399 1001 – 1,500 Km ₹549 1501 – 2,000 Km ₹749 2,000 Km से ज्यादा ₹899 इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर $280 तक की बढ़ोतरी विदेशी रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज की दरें और भी ज्यादा रखी गई हैं, क्योंकि वहां ईंधन की कीमतों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता। सार्क (SAARC) देशों के लिए यह चार्ज 24 डॉलर से शुरू होगा। वहीं, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के रूट्स के लिए यात्रियों को 280 डॉलर (करीब ₹23,000 से ज्यादा) अतिरिक्त चुकाने होंगे। दूसरे देशों के लिए सरचार्ज की स्थिति: सिंगापुर: 60 डॉलर पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया): 50 डॉलर साउथ ईस्ट एशिया: 100 डॉलर अफ्रीका: 130 डॉलर यूरोप और यूके: 205 डॉलर एयरलाइन बोली- हम पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रहे कंपनी का कहना है कि विमान ईंधन की लागत सिर्फ कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की वजह से नहीं, बल्कि रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने के कारण भी बढ़ी है। एयरलाइन ने बयान में कहा, “बढ़ा हुआ सरचार्ज ईंधन की बढ़ी हुई पूरी लागत की भरपाई नहीं करता है। कंपनी अभी भी इस बोझ का एक हिस्सा खुद वहन कर रही है।” एयरलाइन बाजार की स्थितियों के आधार पर समय-समय पर इन दरों की समीक्षा करेगी। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है जेट-फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। तेल की कीमतों में आए इस अचानक बदलाव ने एयरलाइंस के बजट को बिगाड़ दिया है। एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी बड़ी कंपनियों ने भी साफ कर दिया है कि वे बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
In Takhatgarh (Pali), Rajasthan, the funeral was held on the same pyre for two friends, April 6, 2026

पाली जिले के तखतगढ़ में 5 घंटे के अंतराल पर दो सहेलियों ने दम तोड़ दिया। इनकी दोस्ती की मिसाल दी जा रही है। दोस्ती की मिसालें तो बहुत सुनी होंगी, लेकिन पाली जिले के तखतगढ़ में जो हुआ, उसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। यहां सालों पुरानी दो सहेलियों ने अपनी दोस्ती को मौत के बाद भी नहीं टूटने दिया। एक सहेली की मौत हुई, तो दूसरी यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकी और . पाली जिले के तखतगढ़ में 2 बुजुर्ग सहेलियों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया कहा सच हुआ : पहले कोई भी जाए, दूसरी को साथ लेकर जाए पाली से करीब 78 किमी दूर तखतगढ़ के नागचौक इलाके में जो हुआ, वह लोग सालों तक याद रखेंगे। देवासियों की गली में रहने वाली जेठी बाई (पत्नी स्व. मालाराम कलबी) और उनकी पड़ोसी भीकीबाई (पत्नी स्व. भूराराम कलबी) के बीच दशकों पुरानी दोस्ती थी। मोहल्ले वाले बताते हैं कि दोनों अक्सर हंसी-मजाक में कहती थीं- अगर हममें से कोई पहले जाए, तो दूसरी को भी अपने साथ ही लेकर जाए। नियति ने इस बात को सच कर दिखाया। एक को आई मौत, दूसरी को लगा गहरा सदमा 4 अप्रैल को जेठी बाई की तबीयत बिगड़ी और रात को उनका निधन हो गया। 5 अप्रैल की सुबह जैसे ही सहेली की मौत की खबर भीकीबाई तक पहुंची, वे गहरे सदमे में चली गईं। सदमा इतना गहरा था कि उसी दिन सुबह करीब 8 बजे उन्होंने भी दम तोड़ दिया। दोपहर में पूरे कस्बे में खबर फैलते ही मातम छा गया। दोनों परिवारों ने मिलकर फैसला लिया कि जब ये साथ रहीं, तो विदाई भी साथ ही होगी। पांच घंटे के अंतराल में 2 सहलियों की मौत के बाद उनकी अर्थी भी एक साथ ही उठी। सैकड़ों नम आंखों के बीच एक ही चिता पर विदाई गोगरा रोड स्थित श्मशान घाट पर 5 अप्रैल की दोपहर एक दुर्लभ दृश्य दिखा। दो अर्थियां एक साथ उठीं और दोनों सहेलियों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। श्मशान घाट में मौजूद सैकड़ों लोग इस संयोग और दोस्ती को देखकर भावुक हो गए। पूरे मोहल्ले में मशहूर थी दोस्ती भीकीबाई के बेटे हंसाराम कहते हैं- दो दिन पहले मां के पैर में दर्द था, लेकिन जैसे ही उन्हें अपनी सहेली जेठी बाई के जाने का पता चला, वे यह दुख सह नहीं पाईं। उनकी दोस्ती पूरे मोहल्ले में मशहूर थी। दोनों सहेलियों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। रिश्तों का ऐसा संयोग : पतियों में भी थी गहरी दोस्ती यह संयोग सिर्फ इन दो महिलाओं तक सीमित नहीं था। उनके पति स्व. मालाराम और स्व. भूराराम भी आपस में पक्के दोस्त थे। दोनों सहेलियों का पीहर भी जालोर जिले के आहोर क्षेत्र (हरजी और थुम्बा गांव) में था। जेठीबाई का बेटा पहले ही गुजर चुका था, उनके पोते बाहर से आए। भीकीबाई के पीछे उनका भरा-पूरा परिवार है। जेठी बाई और उनकी पड़ोसी भीकीबाई की दोस्ती की चर्चा पूरे गांव में होती है। दोनों का अंतिम संस्कार एक ही चिता पर किया गया। सीकर में भी दिखा था ऐसा ही प्रेम इलाके के लोग इसे एक संयोग मान रहे हैं। इसी साल जनवरी में सीकर के घसीपुरा में भी ऐसा ही मामला आया था, जहां देवरानी-जेठानी की मौत के बाद उनका एक ही चिता पर अंतिम संस्कार हुआ था। तखतगढ़ में दो सहेलियों का इस तरह साथ जाना कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है।
Dr. Praveen Togadia to Visit Dhar for Bhojshala Satyagrah on April 7, 2026

अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के संस्थापक डॉ. प्रवीण तोगड़िया 7 अप्रैल 2026 को धार का दौरा करेंगे। इस दौरान वे ऐतिहासिक भोजशाला में सत्याग्रह में शामिल होंगे और कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। . राम जन्मभूमि आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक डॉ. तोगड़िया अपने धार प्रवास के दौरान भोजशाला सत्याग्रह में भाग लेंगे। वे यहां कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन भी करेंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, डॉ. तोगड़िया सुबह 9:30 बजे अखंड ज्योति मंदिर पहुंचेंगे। यहां वे पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए समसामयिक मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। इसके बाद, वे शहर के मिलन महल गार्डन में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में शिरकत करेंगे। इस सम्मेलन में बड़ी संख्या में संगठन पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहेंगे, जहां संगठन के विस्तार और आगामी रणनीतियों पर चर्चा की जाएगी। डॉ. तोगड़िया के इस दौरे को लेकर प्रशासन और संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। उनके कार्यक्रम के लिए सुरक्षा और व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
INS Aridham Nuclear Sub Commissioned Navy; April 6 Current Affairs

Hindi News Career INS Aridham Nuclear Sub Commissioned Navy; April 6 Current Affairs 29 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. टाटा ग्रुप के ट्रस्टी वेणु श्रीनिवासन ने इस्तीफा दिया 4 अप्रैल को वेणु श्रीनिवासन ने टाटा ग्रुप के ‘हीराबाई चैरिटेबल ट्रस्ट’ के ट्रस्टी पद से इस्तीफा दे दिया। वेणु श्रीनिवासन टाटा ग्रुप के सात ट्रस्टों के वाइस चेयरमैन और TVS मोटर के चेयरमैन हैं। श्रीनिवासन ने इस्तीफे की वजह व्यक्तिगत बताई और कहा कि समय की कमी की वजह से उन्होंने ये फैसला लिया है। श्रीनिवासन ने 1975 में TVS जॉइन की थी। वे TVS के संस्थापक टी वी सुंदरम के पोते हैं। श्रीनिवासन को 2010 में भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्मश्री मिला। 2020 में श्रीनिवासन को भारत का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण दिया गया। 2. ISRO ने मिशन मित्र शुरू किया 4 अप्रैल को ISRO यानी इंडियन स्पेस रिसर्च सेंटर ने लेह में ‘मिशन मित्र’ (मिशन फॉर इंटिग्रेटेड टेक्नोलॉजी रिसर्च एंड एप्लीकेशन) शुरू किया। ‘मिशन मित्र’ गगनयान जाने वाले यात्रियों की फिजिकल और मेंटल हेल्थ ट्रेनिंग के लिए है। मिशन मित्र 9 अप्रैल तक लेह में 3500 से 5000 मीटर की ऊंचाई पर चलेगा। मिशन मित्र में लेह में मंगल (मार्स) और चंद्रमा जैसा एनवायरमेंट तैयार किया गया है। ट्रेनिंग के लिए जमीन पर ही ह्यूमन स्पेसफ्लाइट सपोर्ट सिस्टम बनाया गया है। एस्ट्रोनॉट्स के लिए हाइपोक्सिया (ऑक्सीजन की कमी), कम टेम्परेचर और अकेले रहने जैसा एनवायरमेंट होगा। मिशन मित्र में पूरे एनवायरमेंट को अंतरिक्ष उड़ान के लिए एक प्राकृतिक माहौल जैसा बनाया जाएगा। मिशन मित्र भविष्य में गगनयान और लूनर एक्सप्लोरेशन जैसे मिशन के लिए उपयोग किया जाएगा। 3. INS अरिदमन नौसेना में कमीशन हुआ 3 अप्रैल को भारतीय नौसेना में तीसरी परमाणु सबमरीन INS अरिदमन कमीशन की गई। INS अरिदमन को कई महीनों के ट्रायल के बाद केरल स्थित नौसैनिक अड्डे पर नौसेना को सौंपा गया। INS अरिदमन भारत का तीसरा एंटी सबमरीन वारफेयर शैलो वाटर क्राफ्ट (ASW SWC) है। INS अरिदमन पानी में दुश्मन की पनडुब्बियों का पता लगाकर उसे निष्क्रिय कर सकता है। INS अरिदमन परमाणु हथियार ले जाने और लंबे समय तक समुद्र में तैनात रहने में सक्षम है। शिप बिल्डर्स सेंटर विशाखापट्टनम (SBC) ने INS अरिदमन का निर्माण किया है। INS अरिदमन न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन कार्यक्रम SSBN का हिस्सा है। INS अरिदमन के शामिल होने से भारत की न्यूक्लियर ट्रायड क्षमता और मजबूत होगी। न्यूक्लियर ट्रायड का मतलब जमीन, समुद्र और हवा, तीनों माध्यमों से परमाणु हमला करने की क्षमता है। इससे पहले INS अरिहंत (2016) और INS अरिघात (2024) को नौसेना में शामिल किया जा चुका है। 2016 में INS अरिहंत के नौसेना में शामिल होने के बाद भारत उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया, जो जमीन, हवा और समुद्र तीनों तरफ से परमाणु हमला कर सकते हैं। इस लिस्ट में अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन आते हैं। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में पायल ने गोल्ड जीता 4 अप्रैल को वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में भारत की पायल नाग ने गोल्ड मेडल जीता। पायल ने वर्ल्ड नंबर-1 शीतल देवी को हराकर गोल्ड जीता। पायल ने करियर में पहली बार सीनियर कैटेगरी में इंटरनेशनल गोल्ड जीता। पायल ने एक साल में दूसरी बार शीतल को हराया है। 2015 में पायल ने 8 साल की उम्र में ओडिशा के बलांगीर के ईंट भट्टे में बिजली के तार की चपेट में आकर अपने दोनों हाथ और दोनों पैर खो दिए थे। पायल ने शुरुआत में मुंह से लिखना सीखा और फिर स्केचिंग शुरू की। आर्चरी से पहले पायल ने माउथ-पेंटिंग में राज्य स्तर पर गोल्ड जीता था। पायल ने एक अनोखी टेक्निक विकसित की और वे अपने प्रोस्थेटिक पैरों से धनुष थामती हैं। पायल के इस हुनर को देखकर वर्ल्ड नंबर-1 आर्चरी प्लेयर शीतल ने उन्हें ‘इंडियाज मिरेकल आर्चर’ नाम दिया। भारत ने वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में 7 गोल्ड, 5 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज सहित कुल 16 मेडल जीते। वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज बैंकाक के आर्चरी सेंटर में हुई। वुमेन कंपाउंड डबल्स में पायल (दायें) ने शीतल (बाएं) के साथ भी गोल्ड मेडल जीता। निधन (DEATH) 5. फुटबॉलर गिल्बर्टसन संगमा का निधन 4 अप्रैल को फुटबॉलर गिल्बर्टसन संगमा का निधन हो गया। वे 71 साल के थे। संगमा ‘मैन विद द गोल्डन बूट’ के नाम से जाने जाते थे। उन्होंने 1970 और 80 के दशक के दौरान असम फुटबॉल को पहचान दिलाई। संगमा 1975 में इंडियन नेशनल फुटबॉल टीम में चुने गए और इंडोनेशिया और थाईलैंड में अंतरराष्ट्रीय मैचों में भारत का प्रतिनिधित्व किया। खेल में उनके योगदान के लिए 2022 में संगमा को असम सौरभ पुरस्कार से सम्मानित किया गया, जो राज्य का दूसरा सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है। संगमा ने 1974-75 सीजन में असम की संतोष ट्रॉफी अभियान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज का इतिहास 6 अप्रैल 1896 में एथेंस में पहले ओलिंपिक खेलों की शुरुआत हुई। 1917 में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान अमेरिका ने जर्मनी के खिलाफ युद्ध की घोषणा की। 1919 में महात्मा गांधी ने रौलट एक्ट के खिलाफ पहली हड़ताल की। 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई। —————————– ये खबरें भी पढ़ें… फ्लाइट में 20% सीटें ही बिना एक्स्ट्रा चार्ज के मिलेंगी: NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिला; 4 अप्रैल के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
MP Wheat Procurement Starts April 9-10

गेहूं उर्पाजन की तैयारियों की समीक्षा करते सीएम डॉ. मोहन यादव। एमपी में गेहूं की सरकारी खरीदी अब 9-10 अप्रैल से शुरू हो जाएगी। सीएम डॉ. मोहन यादव ने रविवार को दो बार अफसरों के साथ गेहूं खरीदी को लेकर बैठक की। बैठक में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोवि . छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा बैठक में सीएम ने कहा प्रदेश में इस साल गेहूं की खरीदी तय समय पर शुरू होगी। खास बात यह है कि इस बार खरीदी प्रक्रिया में छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। छोटे किसानों का गेहूं पहले खरीदा जाएगा, उसके बाद मध्यम और बड़े किसानों की बारी आएगी। प्रदेश में बारदानों की 3.12 लाख गठानों की जरूरत है, सरकार का दावा है कि बारदानों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने 10 अप्रैल से पहले सभी तौल केंद्रों का गहन निरीक्षण करने के आदेश दिए हैं। कब और कहां होगी खरीदी? 7 अप्रैल से इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों के लिए स्लॉट बुकिंग शुरू हो जाएगी। 9-10 अप्रैल से: इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में खरीदी शुरू होगी। 15 अप्रैल से: प्रदेश के बाकी सभी संभागों में उपार्जन शुरू होगा। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत से दैनिक भास्कर ने गेहूं खरीदी को लेकर चर्चा की। सवाल: गेहूं खरीदी देरी से क्यों शुरू हो रही है? मंत्री राजपूत- ये बात पूरे देश, प्रदेश में पक्ष-विपक्ष और सबको मालूम है कि युद्ध की स्थिति बनी हुई है। इस कारण से कई समस्याएं आईं। जितना गेहूं बाहर निर्यात होता था, संभवत: उतना निर्यात नहीं हो पा रहा। हमें तारीख इसलिए बढ़ानी पड़ी क्योंकि बारदाना जूट कमिश्नर कलकत्ता के माध्यम से आता है। बारदाना आने में विलंब हुआ। हम ये नहीं चाहते थे कि पर्याप्त बारदाने के बिना हम खरीद शुरू करें। ताकि हमारे किसानों को और कोई परेशानी हो। जब हमारे पास पर्याप्त बारदाना आ गया, तब हमने खरीदी शुरू की है। करीब 50 हजार गठानें हमारे पास आ चुकी हैं। 50 हजार गठानें और आने वाली हैं। अब हमारे पास पर्याप्त मात्रा में बारदाना आ गया है और समस्या होगी तो हमें भारत सरकार ने पीपीपी बैग खरीदने की अनुमति दी है। उसके टेंडर भी हो गए हैं। जितना हम खरीदेंगे, उतना वारदाना हमारे पास आ चुका है। सवाल: गेहूं खरीदी की तारीखों में कुछ बदलाव कर रहे हैं? मंत्री राजपूत- 7 अप्रैल से स्लॉट बुकिंग शुरू हो जाएगी। हम 9 और 10 तारीख से खरीदी शुरू कर देंगे। इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में 9-10 तारीख से खरीद शुरू होगी। बाकी संभागों में 15 अप्रैल से खरीद शुरू होगी। सवाल: मप्र में कितना गेहूं खरीदेंगे और प्रदेश में कितनी भंडारण क्षमता है? मंत्री राजपूत- मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हम पिछले साल की तुलना में ज्यादा गेहूं खरीदेंगे। पिछले साल 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदेंगे। लोग अफवाहें उड़ा रहे हैं, हमारे पास भंडारण की कोई दिक्कत नहीं है। हमारे पास ढाई करोड़ टन भंडारण क्षमता है। इसके अलावा साइलो बैग के टेंडर भी बुलाए गए हैं। हमारे पास स्टील साइलो भी हैं। कुल मिलाकर जितनी खरीदी करेंगे, उसे रखने की पर्याप्त व्यवस्था है। सवाल: बारिश की वजह से किसी का गेहूं खराब न हो, उसके लिए क्या व्यवस्था है? मंत्री राजपूत: पर्याप्त मात्रा में बारदाना आ गया है। मुख्यमंत्री जी के निर्देश हैं कि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। पीने के पानी की भी पर्याप्त व्यवस्था रहे। खरीदी के साथ ही ट्रांसपोर्टेशन भी होता रहे। खरीदी मंडियों और वेयरहाउस के आसपास होगी। हमारी कोशिश होगी कि गेहूं को जल्द से जल्द परिवहन कर सुरक्षित भंडारण में रखा जाए। सवाल: मुख्यमंत्री जी ने एक दिन में दो बार इसी विषय पर बैठक की, उसमें क्या चर्चा हुई? मंत्री राजपूत: मुख्यमंत्री जी का स्पष्ट निर्देश है कि किसानों को कोई परेशानी न हो। यदि बारदाने और अन्य व्यवस्थाओं की समस्या सुलझ गई है, तो गेहूं खरीदी शुरू की जाए। बैठक सकारात्मक माहौल में हुई और उनके निर्देशों का पूर्णतः पालन किया जाएगा।
Due to the Iran-Israel-America war, 2.5 billion worth of goods from Sojat’s henna factories got stuck, April 4, 2026

अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण सोजत (पाली) में मेहंदी का उत्पादन घटकर 20% तक आ गया है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध की आग में मारवाड़ की विश्व प्रसिद्ध मेहंदी उद्योग भी झुलस रहा है। राजस्थान के सोजत (पाली) में 150 से ज्यादा फैक्ट्रियों में मशीनों के पहिए थम गए हैं। 2200 से ज्यादा मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। सोजत के नि . युद्ध की वजह से सोजत की एक मेहंदी फैक्ट्री में काम बंद पड़ा है। प्रोडक्शन 80% गिरा, फैक्ट्रियां बंद होने की कगार पर व्यापारियों के अनुसार, पिछले एक महीने से एक्सपोर्ट पूरी तरह ठप है। सोजत में करीब 35 ऐसी बड़ी फैक्ट्रियां हैं, जो खास तौर पर मिडिल ईस्ट के लिए नेचुरल मेहंदी और हेयर डाई बनाती हैं। मांग न होने के कारण उत्पादन 20% तक सिमट गया है। व्यापारी नितेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना काल के बाद पहली बार ऐसे हालात बने हैं। पलायन बनी मजबूरी मेहंदी व्यापारी अनिल हिरानी ने बताया कि काम बंद होने के कारण अब तक करीब 2200 मजदूरों को घर भेजा जा चुका है। इनमें से 80% श्रमिक यूपी, बिहार और कोटपूतली (राजस्थान) के हैं। काम न मिलने के कारण श्रमिक पलायन को मजबूर हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और मंडी सप्लायर्स पर भी बुरा असर पड़ा है। माल भाड़ा हुआ डबल, पेमेंट भी फंसा निर्यातक विनोद लोढ़ा के अनुसार, मुंबई पोर्ट और दिल्ली एयर कार्गो में करीब 150 करोड़ का माल अटका हुआ है। युद्ध के कारण खाड़ी देशों की ओर जाने वाले जहाजों का जोखिम बढ़ गया है, जिससे शिपिंग कंपनियों ने माल भाड़ा दोगुना कर दिया है। पुराने भेजे गए माल का पेमेंट भी समय पर नहीं मिल पा रहा है। सोजत में केवल लोकल में सप्लाई होने वाले मेहंदी कोन ही तैयार किए जा रहे हैं। यहां मजूदरों की संख्या को भी कम कर दिया है। रमजान के बाद आए ऑर्डर ठप, 100 करोड़ का माल गोदामों में कैद सोजत के मैन्युफैक्चरर और एक्सपोर्टर विनोद लोढ़ा ने बताया- रमजान से पहले के ऑर्डर तो समय पर चले गए थे, लेकिन उसके बाद आए सभी ऑर्डर युद्ध के कारण रुक गए हैं। वर्तमान में करीब 100 करोड़ रुपए की मेहंदी अकेले सोजत के गोदामों में तैयार पड़ी है, जिसे दुबई भेजा जाना था। लेकिन न तो नए ऑर्डर मिल रहे हैं और न ही पुराने ऑर्डर्स की डिस्पैचिंग हो पा रही है। गुजरात से आने वाला कच्चा माल हुआ महंगा मेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी ने बताया कि मेहंदी के कोन और पाउडर बनाने के लिए जरूरी रॉ-मटेरियल मुख्य रूप से गुजरात से आता है। युद्ध के कारण सप्लाई चेन प्रभावित होने से वहां के सप्लायर्स ने रेट बढ़ा दिए हैं। 10 ग्राम से लेकर 1 किलो तक की पैकिंग में इस्तेमाल होने वाला मटेरियल, जो पहले 250 रुपए किलो मिलता था, वह अब 350 रुपए तक पहुंच गया है। खाड़ी देशों से ऑर्डर नहीं आ रहे हैं। ऐसे में मशीनों को बंद करना पड़ा है। कच्चा माल होने के बाद भी यहां काम नहीं हो पा रहा है। एक्सपोट्र्स बोले- न दाम बढ़ा सकते, न माल बेच सकते हैं एक्सपोट्र्स की सबसे बड़ी दुविधा यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में मंदी और डिमांड की कमी के चलते वे अपनी फिनिश्ड गुड्स (तैयार माल) की कॉस्ट नहीं बढ़ा पा रहे हैं। लागत में 40% तक की बढ़ोतरी होने के बावजूद पुरानी रेट पर भी खरीदार नहीं मिल रहे हैं। घरेलू बाजार में भी माल भेजना अब महंगा हो गया है, क्योंकि ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ चुकी है। 130 देशों का ‘ग्लोबल मार्केट’ अब अधर में सोजत की मेहंदी का रसूख इतना बड़ा है कि यह केवल भारत या खाड़ी देशों तक सीमित नहीं है। यह फ्रांस, पेरिस, आयरलैंड, रूस और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों तक अपनी पहुंच बना चुकी है। व्यापारियों के अनुसार, सोजत से निकलने वाली प्रीमियम मेहंदी और नेचुरल हेयर डाई की मांग यूरोपीय देशों में साल भर रहती है, लेकिन मौजूदा युद्ध ने शिपिंग रूट्स को इतना असुरक्षित बना दिया है कि 130 देशों का यह विशाल नेटवर्क ठप होने की कगार पर है। जो मेहंदी स्पेन, यूनान और माल्टा जैसे देशों के बाजारों की शोभा बढ़ाती थी, वह अब ट्रांसपोर्टेशन और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के कारण सोजत के गोदामों से बाहर नहीं निकल पा रही है। क्वालिटी का डर- 1 महीने में खराब हो जाता है मेहंदी कोन व्यापारियों की सबसे बड़ी चिंता क्वालिटी को लेकर है। मेहंदी कोन की लाइफ महज एक महीना होती है, जिसके बाद वह खराब होने लगता है। हेयर डाई की क्वालिटी भी 6 महीने बाद गिरने लगती है। अगर युद्ध लंबा चला, तो व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। 4 से 5 हजार रुपए का सालाना टर्नओवर सोजत का मेहंदी कारोबार का सालाना टर्नओवर 4 से 5 हजार रुपए सालाना है। व्यापारियों ने दावा किया- यदि युद्ध आज भी रुक जाए, तो स्थिति को सामान्य होने में कम से कम 4 से 6 महीने का समय लगेगा। व्यापारी बोले- समझ नहीं आ रहा उद्योग कैसे बचाएं मेहंदी व्यापारी सुरेन हिरानी कहते हैं- सोजत की मेहंदी का सीधा कनेक्शन मिडिल ईस्ट से है। वहां युद्ध शुरू होते ही हमारी सप्लाई लाइन कट गई। अब गुजरात से आने वाला कच्चा माल महंगा हो गया और ट्रांसपोर्ट के दाम बढ़ गए। समझ नहीं आ रहा कि उद्योग को कैसे बचाएं। पिछले एक महीने से फैक्ट्रियों में मेहंदी के कट्टे पैक पड़े हुए हैं। ऑर्डर नहीं मिलने से व्यापारी परेशान हैं। 80% श्रमिक बाहरी राज्यों के, रोजी-रोटी का संकट सोजत के मेहंदी उद्योग में उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान के कोटपूतली (राजस्थान) क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रमिक आते हैं। कुल निकाले गए मजदूरों में 80 फीसदी प्रवासी हैं, जबकि 20 फीसदी स्थानीय लोग हैं। इन मजदूरों के लिए मेहंदी सीजन ही साल भर की कमाई का मुख्य जरिया होता है, लेकिन युद्ध ने उनके इस भरोसे को तोड़ दिया है। केवल मजदूर नहीं, पूरी ‘सप्लाई चेन’ प्रभावित काम बंद होने का असर केवल फैक्ट्री के भीतर तक सीमित नहीं है। इसका ‘चेन रिएक्शन’ पूरे सिस्टम पर दिख रहा है। किसान: मेहंदी की फसल बेचने वाले किसानों को खरीदार
RPSC SI Recruitment Exam Starts April 5

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से एसआई भर्ती परीक्षा-2025 कल से शुरू होगी। दो पारियों में दो दिन ये एग्जाम होंगे। करीब 7.70 लाख अभ्यर्थियों के लिए प्रदेश के 41 शहरों में 1174 केंद्र बनाए जा चुके हैं। भर्ती 1015 पदों के लिए है। इसके लिए सभी तैयार . गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट ने एसआई भर्ती/प्लाटून कमांडर भर्ती परीक्षा- 2021 की भर्ती में भाग ले चुके अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी थी और उन्हें अस्थायी तौर पर 5 व 6 अप्रैल को होने वाली भर्ती परीक्षा में शामिल करने के निर्देश दिए। इसके बाद शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट की विशेष बैंच द्वारा एसआई भर्ती परीक्षा 2021 के सभी अभ्यर्थियों के स्थान पर मात्र कोर्ट के समक्ष इसके लिए प्रार्थना-पत्र दायर करने वाले अभ्यर्थी तक ही सम्मिलित करने के आदेश किए। बता दें कि एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक व डमी कैंडिडेट्स को लेकर चर्चा में रही और बाद में इस भर्ती को रद्द कर दिया गया। हाफ बाजू शर्ट व चप्पल में मिलेगी एंट्री पुरुष अभ्यर्थी को आधी आस्तीन (हाफ स्लीव) की शर्ट/टी-शर्ट/कुर्ता, पेंट-पायजामा और हवाई चप्पल/स्लीपर में ही आना होगा। महिला अभ्यर्थी को सलवार सूट या साड़ी, आधी आस्तीन का कुर्ता/ब्लाउज और हवाई चप्पल पहनकर आना होगा। बालों में साधारण रबर बैंड की अनुमति है। लाख या कांच की पतली चूड़ियों के अलावा किसी भी प्रकार के आभूषण पर रोक। सिख अभ्यर्थी: कड़ा, कृपाण और पगड़ी जैसे धार्मिक प्रतीकों के साथ परीक्षा में शामिल हो सकेंगे। ये बैन -जूते-मोजे, आभूषण, घड़ी, धूप का चश्मा, बेल्ट, हैंड बैग, हेयर पिन, गंडा/ताबीज, कैप/हैट, स्कार्फ, स्टॉल, शॉल और मफलर जैसी चीजें। एसओजी की आमजन से अपील किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी वाट्सएप नंबर 9530429258 पर तुरंत दें। नकल और पेपर लीक रोकने के लिए एसओजी द्वारा सूचना देने वाले को 1 लाख रुपए इनाम देने की घोषणा अभ्यर्थी के लिए हेल्पलाइन नंबर 0145-2635200, 0145- 2635212 प्रवेश पत्र ऐसे करें डाउनलोड आयोग सचिव रामनिवास मेहता के अनुसार- परीक्षा में हर प्रश्न पत्र के लिए OMR आंसरशीट के पांचवें विकल्प को भरने के लिए 10 मिनट का एक्स्ट्रा समय भी दिया जाएगा। एक घंटे पहले मिलेगी सेंटर पर एंट्री केंद्र पर किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा शुरू होने के 60 मिनट पहले तक ही एंट्री दी जाएगी। इसके बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अभ्यर्थी समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर उपस्थित हों। सुरक्षा जांच और पहचान कार्य समय पर पूरा हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा से वंचित हो सकते हैं। आरपीएससी ने कहा- अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर के बहकावे में न आएं। ये बातें ध्यान रखनी होंगी अभ्यर्थी मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) साथ लेकर जाएं। अगर आधार कार्ड पर फोटो पुरानी या धुंधली है तो ये ले जाएं- वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस (सभी में रंगीन और साफ नया फोटो होना चाहिए)। एडमिट कार्ड पर भी लेटेस्ट कलर फोटो चिपकाना न भूलें। बिना साफ फोटो वाले पहचान पत्र के अंदर नहीं जाने देंगे। बहकावें में नहीं आएं, करें सूचना RPSC ने कहा- आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी और आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाए जाने एवं अनुचित कृत्यों में शामिल होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम-2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दंडित और चल-अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। ……… पढें ये खबर भी… SI भर्ती परीक्षा- ओवरएज 713 अभ्यर्थी ही हो सकेंगे शामिल:सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश को किया संशोधित, कहा- याचिकाकर्ता तक ही सीमित रहेगा एसआई भर्ती-2025 की परीक्षा से दो दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने आरपीएससी को राहत दी है। शुक्रवार को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की स्पेशल वेकेशन बेंच ने पहले के आदेश में संशोधन करते हुए ओवरएज अभ्यर्थियों को दी गई राहत के दायरे सीमित कर दिया। पूरी खबर पढें SI भर्ती-2025 के एग्जाम से पहले सुप्रीम-कोर्ट का बड़ा आदेश:2021 की भर्ती के ओवरएज हो चुके अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल करने के लिए कहा SI भर्ती-2025 की परीक्षा से 3 दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आयु सीमा में छूट मांग रहे 2021 की भर्ती के अभ्यर्थियों को अंतरिम राहत दी है। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बैंच ने SI भर्ती-2021 के सभी अभ्यर्थियों को 3 दिन बाद होने वाली परीक्षा में शामिल करने के आदेश दिए हैं। पूरी खबर पढें RPSC-एसआई भर्ती एग्जाम के ADMIT-CARD अपलोड:1174 सेंटर पर 5 व 6 अप्रैल को दो पारियों में होगी परीक्षा; 7.70 लाख कैंडिडेट्स रजिस्टर्ड राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से SI भर्ती एग्जाम 5 एवं 6 अप्रैल को होंगे। परीक्षा के प्रवेश पत्र वेबसाइट और SSO पोर्टल पर अपलोड कर दिए गए हैं। प्रदेश के 41 चयनित शहरों में स्थापित 1174 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 7.70 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। ये भर्ती 1015 पदों के लिए है। परीक्षा के जिलों की जानकारी पहले से SSO पोर्टल पर उपलब्ध है। पूरी खबर पढें ‘SI भर्ती-2025’ एग्जाम इस बार दो दिन!:पेपरलीक से बचने के लिए बड़े बदलाव; जानिए-पिछले-इस एग्जाम में क्या अंतर? राजस्थान लोक सेवा आयोग की सब इंस्पेक्टर भर्ती-2025 का एग्जाम इस बार तीन दिन के बजाय दो दिन में ही होने की संभावना है। हर दिन दो पारियों में पेपर होंगे। इस परीक्षा में करीब पौने आठ लाख कैंडिडेट्स ने आवेदन किए हैं। (पूरी खबर पढे़ं)
NCERT Deemed University Status | April 4 Current Affairs

1 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. INS तारागिरी इंडियन नेवी में कमीशन हुआ 3 अप्रैल को INS तारागिरी विशाखापत्तनम में इंडियन नेवी में कमीशन हुआ। INS तारागिरी की कमीशनिंग के मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मौजूद रहे। तारागिरी, पूरी तरह से आत्मनिर्भर नौसैनिक युद्धपोत फ्रिगेट है। ये एक मध्यम आकार का, तेज गति वाला और बहुत ज्यादा फुर्तीवाला युद्धपोत है। INS तारागिरी का मुख्य काम समुद्र में गश्त करना, बड़े जहाजों की सुरक्षा करना, पनडुब्बियों को नष्ट करना और हवाई हमले से रक्षा करना है। INS तारागिरी एक हाईस्पीड, मल्टी डाइमेंशल मैरिटाइम कंबाइंड डीजल या गैस (CODOG) से ऑपरेट होने वाला युद्धपोत है। इस फ्रिगेट में हेलिकॉप्टर हैंगर भी हैं, जिसमें दो हेलिकॉप्टर आसानी से लैंड किए जा सकते हैं। तारागिरी प्रोजेक्ट-17A मेक इन इंडिया का हिस्सा है और ये नीलगिरि क्लास का चौथा जहाज है। INS तारागिरी को मझगांव डॉक शिपबिल्डिंग लिमिटेड (MDL) ने बनाया है। नीलगिरि क्लास के सात युद्धपोत हैं। पहला INS नीलगिरी जनवरी 2025 में नौसेना में शामिल किया गया था। साल 2026 की शुरुआत में एंटी-सबमरीन वॉरफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट ‘अंजदीप’ को भी नौसेना में शामिल किया गया था। 21 मार्च को रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट INS ‘तारागिरी F41’ को नौसेना में शामिल किया था। प्रोजेक्ट 17 और 17A के सभी फ्रिगेट के नाम भारत की पर्वत शृंखलाओं पर रखे गए हैं। जैसे- शिवालिक, सह्याद्रि, सतपुड़ा, नीलगिरी, हिमगिरी, तारागिरी, उदयगिरी, दूनागिरी, महेंद्रगिरि और विंध्यगिरि। ‘तारागिरी’ उसी नाम के पुराने युद्धपोत का एडवांस्ड वर्जन है, जिसने 1980 से 2013 तक नौसेना में 33 सालों तक सेवा दी थी। 2. फ्लाइट में 60% सीटें बिना एक्स्ट्रा चार्ज के देने के नियम पर रोक 3 अप्रैल को केंद्र सरकार ने फ्लाइट में 60% सीटें बिना एक्स्ट्रा चार्ज के देने के आदेश पर अस्थाई रोक लगा दी। ये नियम 20 अप्रैल से सभी फ्लाइटस पर लागू होना था। अब इसे अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने 18 मार्च को घरेलू हवाई यात्रा को ज्यादा सुविधाजनक बनाने के लिए नए नियम जारी किए थे। नए आदेश के मुताबिक, एयरलाइंस को हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के देनी थीं। मंत्रालय के मुताबिक, फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइंस ने इस फैसले से ऑपरेशन्स और किराए पर प्रभाव की समस्या के मुद्दे को उठाया है। मंत्रालय ने कहा कि जांच पूरी होने तक 60% सीटें मुफ्त देने का प्रावधान लागू नहीं किया जाएगा। मौजूदा नियमों में पैसेंजर्स के लिए 20% सीटें ही बिना एक्स्ट्रा चार्ज के बुक होती हैं, जबकि बाकी सीटों के लिए भुगतान करना पड़ता है। एविएशन मिनिस्ट्री ने नए नियम में स्पोर्ट्स इक्विपमेंट और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट के ट्रांसपोर्ट को भी ट्रांसपेरेंट बनाने की भी बात कही थी। नए नियम में एयरलाइंस की पहुंच और अवेयरनेस बढ़ाने के लिए रीजनल भाषाओं में यात्रियों के लिए अनाउंसमेंट की भी बात कही थी। एयरलाइन वेबसाइट, मोबाइल एप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयर काउंटर्स पर सभी जानकारी स्पष्ट लिखी होनी चाहिए। सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अभी एयरलाइंस पंसद की सीटें चुनने पर 500 से 3000 रुपए तक एक्स्ट्रा चार्ज करती हैं। 3. भारतीय नौसेना के IOS SAGAR मिशन को हरी झंडी मिली 2 अप्रैल को भारतीय नौसेना ने मुंबई के नेवल डॉकयार्ड से IOS- SAGAR मिशन की शुरुआत की। IOS- SAGAR का पूरा नाम इंडियन ओशियन शिप – सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन है। मिशन IOS- SAGAR पर ऑफशोर वेसल सुनयना को भेजा गया है। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने मुंबई से IOS- SAGAR को हरी झंडी दिखाई। IOS- SAGAR भारतीय नौसेना का एक इनिशिएटिव है। इसके तहत हिंद महासागर रीजन (IOR) में समुद्री सुरक्षा, सहयोग और मानवीय समर्थन को मजबूत करने के लिए 16 देश साथ मिलकर काम करेंगे। इस मिशन का उद्देश्य वेस्ट एशिया (हॉर्मुज जलडमरूमध्य) में जारी तनाव और समुद्री चुनौतियों के बीच 16 मित्र देशों के साथ मिलकर सहयोग बढ़ाना, समुद्री निगरानी करना और ट्रेनिंग करना है। ये मिशन 50 दिनों का होगा और इस मिशन में IOS- SAGAR दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर क्षेत्र के कई देशों का दौरा करेगा। जहाज सुनयना श्रीलंका के कोलंबो, थाईलैंड के फुकेट, इंडोनेशिया के जकार्ता, सिंगापुर, बांग्लादेश के चटगांव, म्यांमार के यांगून और मालदीव के माले पर पहुंचेगा। ये IOS SAGAR का दूसरा संस्करण है। हर पड़ाव पर नौसैनिकों के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। INS सुनयना, सरयू कैटेगरी का ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPV) है, जिसे गोवा शिपयार्ड लिमिटेड ने बनाया है। IOS- SAGAR मिशन कोच्चि में खत्म होगा। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. मिन आंग ह्लाइंग म्यांमार के राष्ट्रपति चुने गए 3 अप्रैल को म्यांमार के सेना प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग को राष्ट्रपति चुना गया। संसद में हुए वोट में मिन आंग ह्लाइंग को जीत मिली, जहां ज्यादातर सांसद सेना समर्थक थे। 69 साल के ह्लाइंग 2011 से म्यांमार की सेना के प्रमुख रहे हैं। ह्लाइंग ने 2021 में आंग सान सूची की चुनी हुई सरकार को हटाकर सत्ता पर कब्जा किया था और उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। सेना ने 2020 के चुनावों में धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए आपातकाल की स्थिति घोषित कर दी थी। आपातकाल के समय देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए, जो बाद में सशस्त्र संघर्ष में बदल गए। राष्ट्रपति बनने के लिए विन ऊ, ह्लाइंग की जगह सेना प्रमुख होंगे। ये चुनाव जनवरी 2026 में हुए थे। जिसमें सेना समर्थित यूनियन सॉलिडैरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (USDP) को जीत मिली। मिसलीनियस MISCELLANEOUS 5. NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी की मान्यता मिली 3 अप्रैल केंद्र सरकार ने नेशनल काउंसिल फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग यानी NCERT को डीम्ड यूनिवर्सिटी घोषित किया। एजुकेशन मिनिस्ट्री ने ये फैसला यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) की सिफारिश के आधार पर लिया है। केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, NCERT को UGC एक्ट 1956 की धारा 3 के तहत एक स्पेशल कैटेगरी में मान्यता दी गई है। मंत्रालय ने बताया कि NCERT ने ‘डीम्ड निवर्सिटी’ का दर्जा पाने के लिए UGC की वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन किया था। डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद NCERT, नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 के तहत
iran middle east war Fake lockdown notice war april fool

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया और वॉट्सएप पर एक अप्रैल को ‘वॉर लॉकडाउन नोटिस’ वायरल हुआ, जिससे लोगों में घबराहट फैल गई। अशोक चक्र और मंत्रालय जैसे प्रतीकों के साथ बनाया गया यह नोटिस पहली नजर में आधिकारिक लगा, लेकिन बाद में यह अप्रैल फूल का मजाक निकला। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लॉकडाउन की अफवाहों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर किसी भी तरह के लॉकडाउन प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहें न फैलाने की अपील की। मंगलवार को वायरल हुए इस नोटिस का फॉर्मेट और भाषा बिल्कुल सरकारी आदेश जैसी रखी गई थी, जिससे कई लोगों ने इसे बिना सत्यापन आगे फॉरवर्ड कर दिया। हालांकि, दस्तावेज को खोलने पर सच्चाई सामने आई। उसमें ‘April Fool’ लिखा था और साथ में एक इमोजी दिया गया था। इससे साफ हो गया कि यह महज मजाक के तौर पर तैयार किया गया फर्जी नोटिस था। मंत्री बोले- लॉकडाउन की खबर झूठी हैं हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि लॉकडाउन की खबर पूरी तरह झूठी हैं। सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इस तरह की अफवाहें फैलाना गैर-जिम्मेदाराना और नुकसानदायक है। हाल के दिनों में ईरान से जुड़े तनाव, हॉरमुज जलडमरूमध्य में सप्लाई रुकने की आशंका और भारत में पेट्रोल, डीजल व एलपीजी की बढ़ती कीमतों को लेकर लोग पहले से ही चिंतित थे। इसी वजह से कई लोगों ने वायरल पोस्ट को सच मान लिया। इसके साथ ही 2020 के कोविड लॉकडाउन की यादें और उसी समय के आसपास का माहौल भी इस अफवाह के तेजी से फैलने की एक बड़ी वजह बना। कोई आधिकारिक लॉकडाउन नहीं है सरकार या किसी भी सरकारी एजेंसी ने युद्ध या सुरक्षा कारणों से किसी लॉकडाउन की कोई सलाह या सूचना जारी नहीं की है। यह घटना फिर से बताती है कि डर और भ्रम के माहौल में फर्जी संदेश बहुत तेजी से फैल जाते हैं। विशेषज्ञों ने लोगों से कहा है कि किसी भी मैसेज को आगे भेजने से पहले उसकी सच्चाई आधिकारिक सोर्स से जरूर जांच लें। सरकार के 3 मंत्रियों ने लॉकडाउन की खबरों को नकारा… लॉकडाउन की अफवाहें प्रधानमंत्री मोदी के संसद में दिए गए बयान के बाद शुरू हुई थीं। उन्होंने कहा था कि इस युद्ध के कारण दुनिया में जो कठिन हालात बने हैं, उनका प्रभाव लंबे समय तक बने रहने की आशंका है। हम कोरोना के समय भी एकजुटता से ऐसी चुनौतियों का सामना कर चुके हैं। 27 मार्च को सरकार के तीन मंत्रियों ने इसे नकारा था… संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू: लॉकडाउन की अफवाह कौन उड़ा रहा है। पीएम ने साफ तौर पर कहा था कि पैनिक नहीं होना है। आम लोगों को तकलीफ न हो इसके लिए टॉप लेवल से लेकर नीचे लेवल तक, यहां तक कि पीएम खुद मॉनीटर कर रहे हैं। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी: लॉकडाउन को लेकर फैल रही अफवाहें पूरी तरह गलत हैं। मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ऐसे समय में जरूरी है कि हम सभी शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण: मैं लोगों को भरोसा दिलाना चाहती हूं कि कोविड के दौरान जैसा लॉकडाउन हमने देखा, वैसा कोई लॉकडाउन नहीं होगा। मुझे हैरानी है कि कुछ नेता कह रहे हैं कि लॉकडाउन होगा और फ्यूल की कमी होगी। ये बेबुनियाद बातें हैं। लॉकडाउन पर राहुल-खड़गे का बयान राहुल गांधी: मोदी जी ने कह दिया कि कोविड जैसा समय आने वाला है। कोविड में जो किया था वो भूल गए कि कितने लोग मरे थे। कैसी दुखद स्थिति हुई थी। मल्लिकार्जुन खड़गे: कोविड के दौरान हुई दुखद पीड़ा को नहीं भूला जा सकता। ऐसे में पीएम क्या 140 करोड़ भारतीयों को एक बार फिर खुद ही ऊर्जा संकट के साथ-साथ भोजन, उर्वरक और महंगाई के बढ़ते दबाव जैसे संकट का सामना करने के लिए कह रहे हैं। ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… PM मोदी की ईरान जंग पर मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक, कहा- मिलकर काम करें और तैयारियां मजबूत रखें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 मार्च को ईरान जंग को लेकर राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा था कि सभी राज्य टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करें और अपनी तैयारियां मजबूत रखें। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में PM ने राज्यों की तैयारियों और योजनाओं की समीक्षा की। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
April 2026 Events Calendar; Assembly Election Hanuman Jayanti Baisakhi IPL

Hindi News National April 2026 Events Calendar; Assembly Election Hanuman Jayanti Baisakhi IPL 25 मिनट पहले कॉपी लिंक अप्रैल शुरू हो चुका है। आज वित्त वर्ष 2026-27 का पहला दिन है। इस महीने हनुमान जयंती भी है। IPL का 19वां सीजन पूरे महीने एंटरटेन करेगा। साथ ही अक्षय तृतीया के साथ चारधाम यात्रा भी शुरू हो जाएगी। इसी महीने 5 राज्यों में विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन, वोटिंग जैसे काम भी होंगे। अप्रैल में और क्या हैं आपके काम की तारीखें, ग्राफिक्स में देखें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







