Khalistan Supporters Threaten Hindus, Target Temples in Canada April 5, 2026

कनाडा के मंदिर जिनके बाहर खालिस्तान समर्थकों ने 5 अप्रैल को प्रदर्शन करने की धमकी दी है। खालिस्तान समर्थकों ने कनाडा में फिर से हिंदुओं को धमकियां देनी शुरू कर दी। खालिस्तान चरमपंथी संगठनों(CBKE) ने 5 अप्रैल 2026 को 2 बड़े हिंदू मंदिरों के बाहर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ रैलियां और प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। . खालिस्तान समर्थक ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर को टारगेट कर रहे हैं। खालिस्तानियों ने बकायदा सोशल मीडिया पर इन मंदिरों के गेट पर प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है। वहीं, हिंदू कैनेडियन फाउंडेशन (HCF) ने इस पर तुरंत सख्त बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है “हमारे मंदिर पूजा के पवित्र स्थान हैं, ये प्रदर्शन के मैदान नहीं हैं। हम धमकी के आगे नहीं झुकेंगे।” HCF ने पूरे कनाडा की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इन चरमपंथियों को रोको, वरना हिंदू समुदाय का भरोसा कनाडा की पुलिस और सरकार से टूट जाएगा। खालिस्तान समर्थकों की तरफ से जारी पोस्टर। खालिस्तान समर्थकों की धमकी पर हिंदुओं जवाब, जानिए.. खालिस्तानियों की धमकी: CBKE ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके साफ ऐलान किया कि 5 अप्रैल को ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और सरे के लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर ‘खालिस्तान जिंदाबाद रैली’ निकाली जाएगी। ये रैलियां सीधे मंदिर के गेट पर होगी। हिंदुओं को सुनने पड़ेंगे नारे: खालिस्तान समर्थकों ने धमकी देते हुए कहा है कि हिंदू जब पूजा करने आएंगे तो उन्हें नारे सुनने पड़ेंगे, धक्का-मुक्की हो सकती है। खालिस्तान समर्थक कनाडा में पहले भी मंदिरों के बाहर माहौल खराब करने की कोशिश कर चुके हैं।खालिस्तान समर्थक एसजेएफ की तरफ से सोशल मीडिया पर की गई पोस्ट। हिंदुओं को उकसाने की साजिश: खालिस्तानियों की धमकी के बाद HCF का कहना है कि ये कोई शांतिपूर्ण विरोध नहीं, बल्कि जानबूझकर उकसावे की साजिश है। मंदिर को राजनीतिक स्टेज बनाने की कोशिश की जा रही है। 2024 में हिंदुओं पर लाठियां चलाई थी: HCF का कहना है कि 3 नवंबर 2024 को ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर पर खालिस्तान समर्थकों ने दिन-दहाड़े हमला बोल दिया था। महिलाएं, बच्चे, बुजुर्गों पर लाठियां चलाई थी। सिर्फ इसलिए क्योंकि वे शांतिपूर्वक पूजा कर रहे थे। HCF कहता है कि वो हमला अकेला नहीं था, लगातार मंदिरों को टारगेट किया जा रहा है, भक्तों को डराया जा रहा है। महिलाओं-बच्चों को धमकाया जा रहा है। अब की बार पीछे नहीं हटेंगे: HCF ने अपने बयान में बहुत साफ-साफ शब्दों में जवाब दिया है और कहा है कि हमारे मंदिर पवित्र हैं। ये विरोध प्रदर्शन के स्थल नहीं, न ही राजनीतिक मंच हैं। अगर इस बार कोई हरकत हुई तो हम डरकर पीछे नहीं हटेंगे। HCF का कहना है कि हम चुप नहीं रहेंगे। हम डरेंगे नहीं। हम अपने मंदिरों से नहीं भागेंगे। उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय कनाडा का अभिन्न हिस्सा है। वे शांतिप्रिय हैं, लोकतंत्र और प्लूरलिज्म में विश्वास रखते हैं। लेकिन अब काफी हो चुका। सरकार हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करे।नवंबर 2024 में मंदिर के बाहर खालिस्तान समर्थकों का हंगामा और हिंदुओं पर हमला करते हुए। फाइल फोटो मंदिरों के आसपास बने बबल जोन: HCF कहना है कि कनाडा की संसद ने पहले ही बिल C-9 पास किया है। इसमें पूजा स्थलों पर घृणा, धमकी और बाधा डालने को सख्त सजा का प्रावधान है। ब्रैम्पटन में पहले से ही मंदिरों के आसपास ‘बबल जोन’ बना दिए गए हैं, जहां प्रदर्शन करना मना है। टारगेट करना प्रोस्टेस्ट नहीं, धमकी है: हिंदू संगठन ने साफ कहा किटारगेट करना कोई प्रोटेस्ट नहीं, ये धमकी है। पूजा में बाधा डालना कोई फ्री स्पीच नहीं, ये जबरदस्ती है। खालिस्तान समर्थक हिंदू समुदाय को चुप कराने की कोशिश कर रहा है। HCF ने चेतावनी दी कि ये सिर्फ हिंदुओं का मुद्दा नहीं है, बल्कि पूरे कनाडा की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और सामाजिक भाईचारे के लिए खतरा है। खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ करें कार्रवाई: HCF ने कनाडा के अलग-अलग शहरों की पुलिस को पोसट टैग करते हुए लिखा है कि खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। हिंसा भड़काने वालों की जवाबदेही तय हो: HCF ने कहा है कि कनाडा की खुफिया एजेंसी ने कई बार चेतावनी दी है कि कनाडा-आधारित खालिस्तानी चरमपंथी घरेलू सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं। HCF का कहना है कि जो लोग हिंसा को भड़काते हैं, उनकी पहचानकर जवाबदेही तय की जाए।
Bank Holidays April 2026 India: 14 Days Closed

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक अगले महीने यानी अप्रैल में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 14 दिन बैंकों में कामकाज नहीं होगा। RBI की ओर से जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले महीने 4 रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार के अलावा 8 दिन अलग-अलग जगहों पर बैंक बंद रहेंगे। महीने की शुरुआत यानी 1 अप्रैल को छुट्टी से होगी। पूरे देश में बैंक सालाना अकाउंट क्लोजिंग के कारण बंद रहेंगे। इस दिन बैंक में कोई भी ऑफलाइन काम नहीं हो पाएगा। यहां देखें अप्रैल 2026 में आपके राज्य या लोकेशन में बैंक कब-कब बंद रहेंगे… ऑनलाइन बैंकिंग के जरिए निपटा सकेंगे काम आप बैंकों की छुट्टी के बावजूद ऑनलाइन बैंकिंग और ATM के जरिए पैसे का लेनदेन या अन्य काम कर सकते हैं। इन सुविधाओं पर बैंकों की छुट्टियों का कोई असर नहीं पड़ेगा। अप्रैल में शेयर बाजार में 10 दिन कारोबार नहीं अप्रैल 2026 में शेयर बाजार में 10 दिन कारोबार नहीं होगा। इसमें 8 दिन शनिवार और रविवार को कारोबार नहीं होगा। इसके अलावा शेयर बाजार 3 अप्रैल को गुड फ्राइडे और 14 अप्रैल को डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर जयंती पर भी बंद रहेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India Buys 60 Million Barrels Russian Crude for April Amid Israel-Iran War & Hormuz Crisis

Hindi News Business India Buys 60 Million Barrels Russian Crude For April Amid Israel Iran War & Hormuz Crisis नई दिल्ली7 घंटे पहले कॉपी लिंक फोटो क्रेडिट- AI मिडिल ईस्ट में जारी इजराइल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस संकट से निपटने के लिए भारतीय रिफाइनर्स ने रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, अप्रैल महीने की डिलीवरी के लिए भारत ने रूस से लगभग 60 मिलियन यानी 6 करोड़ बैरल कच्चे तेल का सौदा किया है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने के बाद भारत को सऊदी अरब और इराक से होने वाली सप्लाई में दिक्कत आ रही थी। इस कमी को पूरा करने के लिए भारत अब फिर से रूसी तेल पर भरोसा जता रहा है। फरवरी के मुकाबले दोगुनी हुई रूसी तेल की खरीद डेटा इंटेलिजेंस फर्म केपलर के मुताबिक, अप्रैल के लिए रूस से की गई यह खरीदारी फरवरी के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। हालांकि, यह मात्रा मार्च के लगभग बराबर ही है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सप्लाई रुकने से भारतीय कंपनियां अब उन रास्तों को तलाश रही हैं, जहां से तेल की सप्लाई बिना किसी रुकावट के हो सके। इसी वजह से पिछले कुछ हफ्तों में रूसी तेल की मांग में अचानक तेजी आई है। क्रूड से 15 डॉलर तक महंगा मिल रहा रूसी तेल हैरानी की बात यह है कि जो रूसी तेल कभी भारत को भारी डिस्काउंट पर मिलता था, अब उसके लिए प्रीमियम चुकाना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सौदे ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर 5 से 15 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम (अतिरिक्त कीमत) पर बुक किए गए हैं। सप्लाई की कमी और मांग ज्यादा होने की वजह से कीमतों में यह उछाल देखा जा रहा है। अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी भारत की इस खरीदारी के पीछे अमेरिका द्वारा दी गई एक विशेष छूट का बड़ा हाथ है। अमेरिका ने भारत को उन रूसी तेल कार्गो को लेने की अनुमति दी है, जो 5 मार्च से पहले जहाजों पर लोड हो चुके थे। बाद में इस छूट का दायरा बढ़ाकर 12 मार्च कर दिया गया। यह छूट विशेष रूप से इसलिए दी गई ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से पैदा हुई तेल की किल्लत को दूर किया जा सके। सऊदी और इराक का तेल खाड़ी देशों में फंसा पिछले साल के अंत में अमेरिकी दबाव के कारण भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी थी और सऊदी अरब व इराक जैसे देशों की ओर रुख किया था। लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद इन देशों का अधिकांश तेल ‘पर्शियन गल्फ’ के अंदर ही फंस गया है। नई दिल्ली के अधिकारियों को उम्मीद है कि जब तक होर्मुज में स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक अमेरिका अपनी छूट की समय सीमा को आगे बढ़ाता रहेगा। MRPL-हिंदुस्तान मित्तल एनर्जी की बाजार में वापसी दिसंबर से रूसी तेल से दूरी बनाने वाली भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां अब फिर से एक्टिव हो गई हैं। मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) और हिंदुस्तान मित्तल एनर्जी लिमिटेड जैसी कंपनियों ने रूसी बाजार में वापसी की है। इन कंपनियों का फोकस अब घरेलू मांग को पूरा करने के लिए स्टॉक जमा करने पर है। वेनेजुएला से भी आयात बढ़ा, 4 साल का रिकॉर्ड टूटा सिर्फ रूस ही नहीं, भारत अपनी तेल की जरूरतों के लिए वेनेजुएला पर भी निर्भरता बढ़ा रहा है। केपलर के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में वेनेजुएला से भारत का कच्चा तेल आयात 8 मिलियन बैरल तक पहुंच सकता है। यह अक्टूबर 2020 के बाद का उच्चतम स्तर है। भारत अपनी सप्लाई को डाइवर्सिफाई करने के लिए दक्षिण अमेरिकी देशों से भी संपर्क बढ़ा रहा है। डिमांड के कारण रूस को अच्छा मुनाफा हो रहा भारत और चीन जैसे देशों की बढ़ती मांग और ऊंची कीमतों के कारण रूस को अच्छा मुनाफा हो रहा है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट रेवेन्यू रूस इसी समय कमा रहा है। मार्च 2022 के बाद रूसी तेल की मांग और कमाई अपने हाई पर है। मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत के पास अभी रूस के अलावा कोई बेहतर विकल्प नहीं है, क्योंकि वेनेजुएला की क्वालिटी रूसी तेल जैसी नहीं है और मिडिल ईस्ट का रास्ता असुरक्षित है। ये खबर भी पढ़ें… घर के पास PNG पाइपलाइन, तो कनेक्शन लेना ही होगा: कंपनी 3 महीने का नोटिस देगी, कनेक्शन नहीं लिया तो LPG सप्लाई बंद होगी अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Indian Railways Ticket Cancellation Refund Rules Change From April 1

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक अब आप ट्रेन छूटने के 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इसके साथ ही कंफर्म टिकट कैंसिल कराने पर मिलने वाले रिफंड के स्लैब में भी बदलाव किया गया है। इसके तहत अब ट्रेन के डिपार्चर टाइम से 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल कराने पर 50% रिफंड मिलेगा। इसकी जानकारी केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने बताया कि रेलवे ने टिकटों की कालाबाजारी रोकने के लिए कैंसिलेशन और बोर्डिंग नियमों में बदलाव किए हैं। नए नियम 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच अलग-अलग फेज में लागू होंगे। रेल मंत्री ने बताया क्यों जरूरी था यह फैसला रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि टिकट दलालों के पैटर्न को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। दलाल अक्सर एक्स्ट्रा टिकट बुक कर लेते थे और ग्राहक न मिलने पर ट्रेन छूटने से ठीक पहले उन्हें कैंसिल कर रिफंड ले लेते थे। रिफंड के नियमों को सख्त करने से दलालों द्वारा टिकटों की ‘कॉर्नरिंग’ (टिकट दबाकर रखना) कम होगी और आम यात्रियों को कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ट्रेन टिकट कैंसिलेशन और बोर्डिंग से जुड़े रेलवे के नए नियमों की जानकारी दी। अब चार्ट बनने के बाद भी बदल सकेंगे स्टेशन रेल मंत्रालय ने बोर्डिंग स्टेशन बदलने की समय सीमा बढ़ा दी है। अब यात्री ट्रेन के शेड्यूल डिपार्चर टाइम से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग पॉइंट बदल सकेंगे। अभी तक यह सुविधा सिर्फ चार्ट तैयार होने से पहले तक ही मिलती थी। यह नियम उन बड़े शहरों में बहुत मददगार साबित होगा जहां एक से ज्यादा रेलवे स्टेशन हैं, यात्री अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी नजदीकी स्टेशन से ट्रेन पकड़ सकेंगे। यात्री IRCTC की वेबसाइट, एप या रेलवे काउंटर के जरिए अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। हालांकि एक बार बोर्डिंग पॉइंट बदलने के बाद आप पुराने स्टेशन से ट्रेन नहीं पकड़ पाएंगे। 4 घंटे पहले तक मिलता था आधा रिफंड पुराने नियमों की तुलना में नए नियम यात्रियों के लिए थोड़े सख्त हुए हैं। अब रिफंड की राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि आप ट्रेन छूटने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल कर रहे हैं। पहले, ट्रेन छूटने से 48 घंटे पहले तक फ्लैट चार्ज कटता था। 48 से 12 घंटे के बीच 25% और 12 से 4 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करने पर 50% रिफंड मिल जाता था। अब 50% रिफंड के लिए कम से कम 8 घंटे पहले टिकट कैंसिल करना जरूरी होगा। वेटिंग और RAC टिकटों के लिए फिलहाल पुराने चार्ज (₹20 + GST) ही प्रभावी रहेंगे। ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट होने पर पूरा रिफंड मिलेगा रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुछ खास परिस्थितियों में रिफंड के पुराने नियम जारी रहेंगे। अगर ट्रेन पूरी तरह कैंसिल हो जाती है या अपने तय समय से 3 घंटे से ज्यादा लेट होती है, तो यात्री TDR फाइल करके पूरा रिफंड क्लेम कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर चार्ट बनने के बाद भी टिकट पूरी तरह वेटिंग में रह जाता है, तो वह ऑटोमैटिक कैंसिल हो जाएगा और पूरा पैसा वापस मिलेगा। ———————– रेलवे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… आज से बिना आधार सुबह 8-12 रेल टिकट बुकिंग नहीं: नियम रिजर्व बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू; 12 जनवरी से सिर्फ रात में बुकिंग आज यानी, 29 दिसंबर से बिना आधार लिंक वाले IRCTC यूजर्स सुबह 8 बजे से दोपहर 12 बजे तक टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। ये नियम केवल रिजर्व रेल टिकट बुकिंग खुलने के पहले दिन पर लागू होगा। रिजर्व टिकट की बुकिंग ट्रेन डिपार्चर की तारीख के 60 दिन पहले खुलती है। रेलवे इस नियम को तीन फेज में लागू कर रहा है। पहला फेज आज से लागू हो चुका है। वहीं दूसरे फेज में 5 जनवरी से और तीसरा फेज 12 जनवरी से लागू होगा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
RPSC RAS Interview Phase 9 Starts April 1

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से RAS-2024 के इंटरव्यू का 9वां चरण 1 अप्रैल से शुरू करने जा रहा है। ये इंटरव्यू 17 अप्रैल तक चलेंगे। फिलहाल, 8वें चरण के इंटरव्यू चल रहे हैं।इंटरव्यू का पहला चरण 1 दिसंबर से शुरू हुआ था। . भर्ती कुल 1096 पदों के लिए है, जिनके लिए 2461 उम्मीदवार इंटरव्यू देने के लिए चुने गए हैं। इंटरव्यू में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को ऑनलाइन भरा हुआ विस्तृत आवेदन पत्र (एप्लीकेशन फॉर्म) दो कॉपी में, साथ ही अपने सभी ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स और उनकी फोटोकॉपी भी साथ लानी होंगी। इसके अलावा, एक हाल ही का पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो और एक ओरिजिनल फोटो पहचान पत्र (आईडी प्रूफ) भी साथ लाना अनिवार्य है। RPSC ने 2 सितंबर 2024 को भर्ती विज्ञापन जारी किया था। 18 अक्टूबर 2024 तक 6 लाख 75 हजार उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। 2 फरवरी 2025 को प्रारंभिक परीक्षा (प्री-एग्जाम) हुई, जिसमें 3 लाख 75 हजार 657 उम्मीदवार शामिल हुए थे। 20 फरवरी को परिणाम जारी हुआ और 21 हजार 539 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा (मेंस एग्जाम) के लिए चयनित हुए थे। इसके बाद 17 और 18 जून 2025 को मुख्य परीक्षा आयोजित की गई थी। 8 अक्टूबर 2025 को मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया, जिसमें 2461 उम्मीदवार साक्षात्कार (इंटरव्यू) के लिए चयनित हुए थे। पहले 733 पदों पर भर्ती निकाली गई थी। 17 फरवरी 2025 को पदों की संख्या बढ़ाकर 1096 कर दी गई थी, जिनमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 पद हैं। पहले चरण के साक्षात्कार की शुरुआत 1 दिसंबर से हुई। आरएएस-2024 से संबंधित ये खबरें भी पढ़ें… आरएएस मेंस-2024 का रिजल्ट घोषित:2461 कैंडिडेट्स इंटरव्यू के लिए सिलेक्ट; 17-18 जून को हुआ था एग्जाम RAS प्री-2024 का रिजल्ट जारी:जनरल कैटेगरी में मेल की कटऑफ 71.59 और फीमेल की 69.80 रही अब 1096 पदों पर होगी RAS-2024 भर्ती:RPSC ने 363 पद बढ़ाए RPSC ने 733 पदों पर निकाली RAS की भर्ती
Price Band ₹201-212, Listing April 2; Raises ₹440 Cr

Hindi News Business Aeroplane Rice Co. IPO: Price Band ₹201 212, Listing April 2; Raises ₹440 Cr मुंबई4 घंटे पहले कॉपी लिंक एयरोप्लेन ब्रांड से बासमती चावल बेचने वाली कंपनी अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स का आईपीओ 24 से 27 मार्च तक खुला रहेगा। कंपनी ने इस इश्यू के लिए ₹201 से ₹212 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी का प्लान ₹440 करोड़ जुटाने का है। कम से कम ₹14,840 का निवेश करना होगा कंपनी ने आईपीओ के लिए 70 शेयरों का लॉट साइज तय किया है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड ₹212 के हिसाब से निवेशकों को कम से कम ₹14,840 का निवेश करना होगा। 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए और 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है। पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ होगा, OFS का कोई हिस्सा नहीं इस आईपीओ में कोई ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) नहीं है। यानी, प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं, बल्कि पूरे ₹440 करोड़ के नए शेयर होंगे। इस रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा। 9 महीने में कंपनी को हुआ ₹48 करोड़ का मुनाफा 31 दिसंबर 2024 को खत्म हुई 9 महीने की अवधि में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1,421.3 करोड़ रहा है। इस दौरान कंपनी ने ₹48.77 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। प्री-आईपीओ राउंड के बाद कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹1,877 करोड़ आंकी गई है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप ₹2,195 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स बासमती चावल बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली 50 साल पुरानी और जानी-मानी कंपनी है। KRBL और LT फूड्स जैसी कंपनियों से है मुकाबला अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स मुख्य रूप से बासमती चावल की प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट का काम करती है। बाजार में इसका मुकाबला ‘इंडिया गेट’ ब्रांड वाली कंपनी KRBL लिमिटेड, ‘दावत’ वाली LT फूड्स और सर्वेश्वर फूड्स जैसे बड़े नामों से है। चावल के अलावा कंपनी अब FMCG सेक्टर में भी हाथ आजमा रही है और किचन के जरूरी सामान बेच रही है। 2 अप्रैल को शेयर बाजार में एंट्री होगी शेयरों का अलॉटमेंट 30 मार्च को फाइनल हो सकता है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 1 अप्रैल तक रिफंड मिल जाएगा और अलॉटमेंट पाने वालों के डीमैट अकाउंट में उसी दिन शेयर क्रेडिट हो जाएंगे। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 2 अप्रैल को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर होने की उम्मीद है। रिस्क फैक्टर चेकलिस्ट बासमती चावल का बड़ा हिस्सा विदेशों में एक्सपोर्ट होता है। सरकार अक्सर घरेलू कीमतों को काबू में रखने के लिए मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) तय कर देती है। अगर MEP बहुत ज्यादा हो चावल के महंगे होने से एक्सपोर्ट कम हो सकता है। धान की खेती के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। अगर मानसून कमजोर रहता है या बेमौसम बारिश होती है, तो पैदावार कम हो सकती है। इससे कच्चे माल (धान) की कीमतें बढ़ जाती हैं, जो कंपनी के मुनाफे को कम कर देती हैं। बासमती का बड़ा बाजार खाड़ी देश हैं। हाल के ईरान-इजराइल तनाव जैसे युद्ध की स्थिति में सप्लाई चेन बाधित होती है, जिससे माल ढुलाई और इंश्योरेंस का खर्च बढ़ जाता है। एक्सपोर्ट बिजनेस होने के कारण भुगतान डॉलर में होता है। डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में होने वाले बड़े बदलाव कंपनी के रेवेन्यू पर सीधा असर डालते हैं। अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स के बारे में जानें… यह बासमती चावल बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली 50 साल पुरानी और जानी-मानी कंपनी है। भारत के टॉप-5 बासमती चावल प्रोड्यूसर्स और एक्सपोर्टर्स में इसका नाम आता है। धान की खरीद, स्टोरेज और प्रोसेसिंग के लिए कंपनी का नेटवर्क हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, यूपी और एमपी तक फैला हुआ है। कंपनी दुनिया के 6 महाद्वीपों में सेवाएं दे रही है। कंपनी के CMD जगदीश सूरी है। कंपनी अपने ब्रांड ‘एयरोप्लेन राइस’ के लिए पहचानी जाती है। इसके अलावा ला-टेस्ट, अलीबाबा, वर्ल्ड कप, हानी, पाम ट्री, ग्रीनफील्ड, सोफिया और अल जजीरा जैसे ब्रांड्स के जरिए कंपनी चावल की अलग-अलग वैरायटी बेचती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
UP Egg Expiry Date Rule From April 2026

यूपी सरकार ने लोगों की सेहत से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। 1 अप्रैल, 2026 से प्रदेश में अंडे पर एक्सपायरी डेट लिखना होगा। इस नियम के लागू होने के बाद दुकानदार अब ताजा अंडा कहकर पुराने या खराब अंडे बेच नहीं पाएंगे। ग्राहक खुद तारीख देखकर फैसला ले पाएंग . क्यों लाया गया यह नियम? पशुपालन विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच में सामने आया कि कई जगहों पर पुराने या खराब अंडे ‘फ्रेश’ बताकर बेचे जा रहे थे, जिससे लोगों की सेहत को खतरा हो सकता था। नियमों का पालन नहीं हो रहा था। FSDA के जॉइंट कमिश्नर हरिशंकर सिंह ने बताया, दो साल से इसकी कवायद चल रही थी। पहले बैच नंबर लिखने का निर्णय हुआ, लेकिन ये प्रैक्टिकली संभव नहीं था। क्योंकि अंडे अलग-अलग जगह आते हैं, ऐसे में बैच नंबर लिखना संभव नहीं था। इसलिए ये निर्णय लिया गया है कि अंडे पर डेट लिखा जाए। इसके लिए अंडों पर लेइंग और एक्सपायरी डेट को मुहर से अंकित किया जाएगा। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… पशुपालन और डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा, सरकार ने उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा के लिए ये कदम उठाया है। यह कदम खाद्य पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 18 मार्च को अंडा वितरकों की बैठक हरिशंकर सिंह ने बताया, 18 मार्च को प्रदेश के प्रमुख अंडा डिस्ट्रीब्यूटर्स की एक बैठक बुलाई है। इसमें शासनादेश को समझने और लागू करने के लिए उनसे चर्चा होगी। 1 अप्रैल से ये लागू होना है, हम समझना चाहते हैं कि इसे कैसे लागू किया जाए और कैसे इसकी निगरानी की जाएगी। अगर अंडे को लगभग 30 डिग्री सेल्सियस के सामान्य तापमान पर रखा जाए, तो वह लेइंग डेट से दो हफ्तों के अंदर खाने के लिए सुरक्षित रहता है। अंडे पर क्या-क्या छपा होगा? लेइंग डेट: मुर्गी ने अंडा कब दिया यानी उत्पादन तारीख। एक्सपायरी डेट: अंडा कब तक सुरक्षित रहेगा यानी खराब होने की तारीख। अभी क्या था नियम: अंडे की ट्रे पर उत्पादन तिथि लिखी जाती है, लेकिन हर अंडे पर व्यक्तिगत स्टैंपिंग नहीं। नियम तोड़ने पर सजा क्या? अगर कोई उत्पादक, किसान, पोल्ट्री फार्म या दुकानदार इस नियम का पालन नहीं करता, तो सख्त कार्रवाई होगी। उनके अंडों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा या उन पर ‘मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त’ की मुहर लगा दी जाएगी। ऐसे अंडे बाजार में नहीं बिक सकेंगे। नियम मानने के लिए सभी को मजबूर किया जाएगा। अंडे कितने दिन तक सुरक्षित रहते हैं? हरिशंकर सिंह के मुताबिक– सामान्य कमरे के तापमान (लगभग 25 से 35 डिग्री सेल्सियस) पर अंडा 2 हफ्ते तक सुरक्षित रहता है। अगर 8-12 डिग्री सेल्सियस के कंट्रोल्ड तापमान पर रखा जाए, तो लगभग 5 हफ्ते तक सुरक्षित रहेगा। बाजार में बिकने वाले खराब अंडे से लोगों की सेहत पर खराब असर पड़ता है। पेट में सूजन, डिहाइड्रेशन हो सकता है। अलग स्टोरेज क्यों जरूरी? फूड सेफ्टी नियमों के मुताबिक, अंडों को सब्जियों या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ एक ही कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा जा सकता। दोनों को अलग-अलग तापमान और परिस्थितियों की जरूरत होती है। सही स्टोरेज से अंडों की ताजगी लंबे समय तक बनी रहती है। यूपी में कोल्ड स्टोरेज की हालत फिलहाल, राज्य में अंडों के लिए सिर्फ दो विशेष कोल्ड स्टोरेज हैं। एक आगरा में और दूसरा झांसी में। पूरे राज्य के लिए यह संख्या बहुत कम है। स्टोरेज की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार को भविष्य में और कोल्ड स्टोरेज बनाने की जरूरत होगी ताकि नए नियम आसानी से लागू हो सकें। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि व्यापारियों और मुर्गी पालन करने वालों को अनिवार्य तौर पर इस नियम का पालन करना होगा। यूपी में प्रतिदिन 2.5 करोड़ अंडे की खपत प्रदेश में प्रतिदिन 2.50 करोड़ अंडों की खपत होती है। अभी प्रदेश में अंडा उत्पादन करीब 1.60 करोड़ है। 90 लाख से अधिक अंडे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों से मंगाए जाते हैं। इंड में अंडे की खपत 20 से 25 प्रतिशत बढ़ जाती है। देश में प्रति व्यक्ति अंडे की सालाना खपत 106 है। हालांकि यूपी में प्रति व्यक्ति सालाना खपत 30 अंडे की है। यदि राष्ट्रीय औसत 106 अंडे प्रतिवर्ष की तरह यूपी में भी खपत बढ़ जाए तो यहां प्रतिदिन 7 करोड़ अंडे चाहिए होगा। खराब अंडे खाने से किस तरह का नुकसान FSDA के मुताबिक, खराब अंडे खाने से सबसे बड़ा खतरा फूड पॉइजनिंग का होता है। खासकर अंडे में पनपने वाले साल्मोनेला बैक्टीरिया के संक्रमण से ये होता है। खराब अंडे में अन्य बैक्टीरिया जैसे ई–कोलाई भी बढ़ सकते हैं, जो गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं। इसकी वजह से पेट में तेज दर्द, ऐंठन, उल्टी, मतली, बुखार, सिर दर्द, थकान, पेट में सूजन, डिहाइड्रेशन हो सकता है। कई बार तो खून वाले दस्त भी हो सकते हैं। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और डायबिटीज या कैंसर पेशेंट के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है। अब अंडे के हेल्थ बेनिफिट्स जानिए… —————— यह खबर भी पढ़िए:- काशी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी, VIDEO:चिकन बिरयानी परोसी, हिंदू संगठन बोले- हडि्डयां नदी में फेंकीं; 14 गिरफ्तार काशी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की गई। सोमवार को हुई इस पार्टी में आयोजकों ने रोजेदारों को फल और मेवे के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी। साथ ही इफ्तार पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। जल्द ही वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगा। पढ़ें पूरी खबर…
10 Big Changes in Perks & Salary Tax from April 2026

Hindi News Business New Income Tax Rules 2026: 10 Big Changes In Perks & Salary Tax From April 2026 नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 से देश में नया इनकम टैक्स सिस्टम लागू करने जा रही है। यह नया कानून मौजूदा इंकम-टैक्स एक्ट 1961 की जगह लेगा। इनकम-टैक्स रूल्स 2026 के ड्राफ्ट के मुताबिक, मिडिल क्लास टैक्सपेयर्स, प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों और बड़े बिजनेस घरानों के लिए टैक्स कैलकुलेशन के तरीके पूरी तरह बदल जाएंगे। इन ड्राफ्ट नियमों को 22 फरवरी 2026 तक जनता के सुझावों के लिए रखा गया था। नए नियमों का मकसद सैलरी के साथ मिलने वाली सुविधाओं जैसे- कंपनी का घर, कार और गिफ्ट्स की वैल्यू तय करने के लिए एक फिक्स फॉर्मूला बनाना है, ताकि टैक्स असेसमेंट यानी कैलकुलेशन में पारदर्शिता रहे। 10 बड़े बदलाव जो आपकी जेब पर असर डालेंगे… 1. नया कानून FY 2026-27 से प्रभावी होगा इनकम-टैक्स रूल्स 2026 आधिकारिक तौर पर 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इसका मतलब है कि ये नियम वित्त वर्ष 2026-27 की कमाई और असेसमेंट ईयर 2027-28 के टैक्स रिटर्न पर लागू होंगे। यह नया इनकम-टैक्स एक्ट 2025 को सपोर्ट करने के लिए लाया गया है। जिसमें टैक्स कैलकुलेशन की प्रोसेस को और सरल बनाया गया है। 2. रिटायरमेंट फंड में ₹7.5 लाख से ज्यादा योगदान पर टैक्स अगर आपकी कंपनी आपके PF, NPS और सुपरएन्युएशन फंड में सालभर में ₹7.5 लाख से ज्यादा जमा करती है, तो अब उस पर टैक्स लगेगा। ड्राफ्ट रूल्स में एक खास फॉर्मूला दिया गया है, जिससे ₹7.5 लाख की सीमा से ऊपर वाले कॉन्ट्रीब्यूशन और उस पर मिलने वाले रिटर्न (ब्याज/लाभांश) को ‘टैक्सेबल पर्र्क्स’ माना जाएगा। 3. कंपनी के एकोमोडेशन की वैल्यू फिक्स होगी प्राइवेट सेक्टर कर्मचारियों को मिलने वाले एकोमोडेशन यानी घर की टैक्स वैल्यू अब शहर की आबादी के आधार पर तय होगी… 40 लाख से ज्यादा आबादी: सैलरी का 10% हिस्सा टैक्सेबल वैल्यू माना जाएगा। 15 से 40 लाख की आबादी: सैलरी का 7.5% हिस्सा टैक्सेबल वैल्यू माना जाएगा। अन्य शहर: सैलरी का 5% हिस्सा। यदि कर्मचारी खुद कुछ किराया चुका रहा है, तो उसे इस वैल्यू में से घटा दिया जाएगा। 4. लीज पर लिए घर के लिए अलग नियम अगर कंपनी खुद घर किराए पर लेकर कर्मचारी को देती है, तो नियम अलग होगा। इस मामले में कंपनी द्वारा चुकाया गया वास्तविक किराया या कर्मचारी की सैलरी का 10%, इनमें से जो भी कम हो उसे टैक्सेबल वैल्यू माना जाएगा। यह नियम मेट्रो शहरों के लीज रेंटल पर लागू होगा। 5. ऑफिस की कार का इस्तेमाल अब महंगा पड़ेगा ऑफिस की गाड़ी पर्सनल और आधिकारिक दोनों कामों के लिए इस्तेमाल करने पर फिक्स मंथली टैक्स वैल्यू तय की गई है… 1.6 लीटर इंजन तक: ₹5,000 प्रति महीना। 1.6 लीटर से बड़े इंजन: ₹7,000 प्रति महीना। ड्राइवर की सुविधा: ₹3,000 प्रति महीना अतिरिक्त। इन फिक्स वैल्यू को सैलरी इनकम के साथ जोड़कर टैक्स निकाला जाएगा। 6. त्यौहार पर गिफ्ट्स की लिमिट ₹15,000 की कंपनियों से मिलने वाले गिफ्ट, वाउचर या टोकन अब सालभर में कुल ₹15,000 तक ही टैक्स-फ्री होंगे। अगर पूरे साल में गिफ्ट्स की वैल्यू ₹15,000 से ज्यादा हुई, तो पूरी राशि पर टैक्स देना होगा। अब तक यह सीमा काफी कम थी। 7. ऑफिस में ₹200 तक का खाना टैक्स-फ्री वर्किंग ऑवर्स के दौरान मिलने वाले खाने या नॉन-अल्कोहलिक बेवरेज पर टैक्स नहीं लगेगा, बशर्ते उसकी वैल्यू ₹200 प्रति मील से ज्यादा न हो। इसमें ऑफिस कैंटीन, मील कूपन और कॉर्पोरेट मील प्रोग्राम शामिल हैं। 8. एम्प्लॉयर से लिए गए लोन पर टैक्स अगर कंपनी बिना ब्याज या कम ब्याज पर लोन देती है, तो उस फायदे पर टैक्स लगेगा। टैक्स का कैलकुलेशन SBI की ब्याज दर के आधार पर होगी। ₹2 लाख तक के लोन या गंभीर बीमारी के इलाज के लिए लिए गए लोन पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। 9. टैक्स-फ्री इनकम से जुड़े खर्चों पर नियम अगर आप ऐसी कमाई करते हैं जिस पर टैक्स नहीं लगता, तो उससे जुड़े खर्चों को क्लेम करने का नया फॉर्मूला आया है। निवेश की एवरेज सालाना वैल्यू का 1% हिस्सा खर्च के रूप में माना जाएगा, लेकिन यह राशि आपके द्वारा क्लेम किए गए कुल खर्च से ज्यादा नहीं हो सकती। 10. विदेशी डिजिटल बिजनेस पर ₹2 करोड़ की लिमिट डिजिटल बिजनेस करने वाली विदेशी कंपनियों के लिए ‘सिग्निफिकेंट इकोनॉमिक प्रेजेंस’ की सीमा तय की गई है। अगर किसी कंपनी का भारत में रेवेन्यू ₹2 करोड़ से ज्यादा है या उसके 3 लाख से ज्यादा भारतीय यूजर्स हैं, तो उसे भारत में टैक्स देना होगा। क्या होता है ‘पर्र्क्स’? सैलरी के अलावा कंपनी से मिलने वाली सुविधाओं को पर्र्क्स कहते हैं। जैसे फ्री कार, घर, क्लब मेंबरशिप या नौकर। इनकम टैक्स विभाग इन्हें भी आपकी ‘कमाई’ मानता है और इनकी एक वैल्यू निकालकर उस पर टैक्स वसूलता है। फॉर्म 16 और सैलरी स्लिप पर असर टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन बदलावों का सीधा असर आपकी ‘टेक होम’ सैलरी पर पड़ सकता है। कंपनियों को अपनी सैलरी स्ट्रक्चर और सॉफ्टवेयर अपडेट करने होंगे ताकि फॉर्म 16 और सैलरी स्लिप में नई वैल्यू दिख सके। क्या करें टैक्सपेयर्स? नए नियम लागू होने से पहले अपने एम्प्लॉयर के साथ सैलरी कंपोनेंट्स (जैसे कार, घर और रिटायरमेंट फंड) को रिव्यू करें ताकि टैक्स लायबिलिटी को मैनेज किया जा सके। ये खबर भी पढ़ें… नए इनकम टैक्स नियमों का ड्राफ्ट जारी: नियमों की संख्या 511 से घटकर 333 हुई; 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा नया सिस्टम इनकम टैक्स विभाग ने शनिवार को ‘इनकम टैक्स रूल्स, 2026’ का नया ड्राफ्ट जारी कर दिया है। ये नए नियम अगले फाइनेंशियल ईयर यानी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे। सरकार का मकसद टैक्स फाइलिंग की प्रक्रिया को सरल बनाना और आम टैक्स पेयर्स के लिए नियमों को आसान बनाना है। नए प्रस्तावित ड्राफ्ट में नियमों और फॉर्म की संख्या में भी कटौती की गई है। अभी तक लागू ‘इनकम टैक्स रूल्स, 1962’ में कुल 511 नियम और 399 फॉर्म थे। नए ड्राफ्ट में इन्हें घटाकर अब सिर्फ 333 नियम और 190 फॉर्म कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
MP Pension Offices Closing; SBI Takes Over Payment Process From April 2026

मध्य प्रदेश सरकार राज्य के लगभग साढ़े चार लाख पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन भुगतान की व्यवस्था में बदलाव करने वाली है। नई व्यवस्था के तहत, अब किसी भी बैंक में खाता रखने वाले सरकारी कर्मचारी सेवानिवृत्ति के बाद सीधे अपने उसी खाते में पेंशन . राज्य शासन ने इस प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त बनाने के मकसद से भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को एकमात्र ‘एग्रीगेटर बैंक’ के रूप में नियुक्त किया है। यह महत्वपूर्ण बदलाव 1 अप्रैल, 2026 से पूरे प्रदेश में प्रभावी होगा। बता दें कि एमपी में पेंशन की मौजूदा व्यवस्था में कई समस्याएं हैं इसकी वजह से पेंशन भुगतान की प्रक्रिया में अक्सर देरी होती है। साथ ही तकनीकी बाधाओं की वजह से भी पेंशन मिलने में दिक्कत होती है। सरकार ने जिला पेंशन कार्यालयों को भी बंद करने का फैसला किया है। आखिर क्या है नईे व्यवस्था? इसका कितना फायदा होगा और दूसरे बैंकों की भूमिका क्या रहेगी। पढ़िए रिपोर्ट मौजूदा व्यवस्था की 4 प्रमुख समस्याएं मौजूदा पेंशन प्रणाली कई जटिलताएं और चुनौतियां हैं। इसकी वजह से पेंशनर्स को अक्सर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। प्रमुख रूप से 4 समस्याएं हैं… बैंक बदलने की मजबूरी: कई मामलों में, पेंशनभोगियों को पेंशन लेने के लिए उन्हीं बैंकों में अकाउंट बनाए रखना पड़ता था, जहां उनका सैलरी अकाउंट था। तकनीकी असमानता: महंगाई भत्ते (DA) में वृद्धि या वेतनमान में संशोधन जैसी स्थितियों में पेंशन राशि को अपडेट करने की प्रक्रिया जटिल है। यह कार्य सेंट्रलाइज्ड पेंशन प्रोसेसिंग सेल (CPPC) के माध्यम से किया जाता है, और यह सुविधा केवल 4 प्रमुख बैंकों में ही उपलब्ध है। जिन बैंकों में यह सिस्टम नहीं है, वहां पेंशन अपडेट होने में काफी समय लगता है, जिससे पेंशनर्स को एरियर के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। PPO हस्तांतरण में देरी: सेवानिवृत्ति से पहले कर्मचारी का पेंशन अदायगी आदेश (PPO) संबंधित बैंक को भेजा जाता है। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता है और समन्वय की कमी के कारण अक्सर सेवानिवृत्ति के तुरंत बाद पेंशन शुरू होने में देरी होती है। वेतनमान फिक्सेशन की त्रुटियां: कर्मचारियों के वेतनमान फिक्सेशन (Pay Fixation) में फिट-मेंट फैक्टर, मूल वेतन या महंगाई भत्ते की गणना में हुई मामूली गलती भी पेंशन प्रक्रिया को रोक देती है, जिसे सुधारने में महीनों लग जाते है। पेंशनर्स का आरोप- कर्मचारी रिश्वत लेते हैं पेंशनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष गणेशदत्त जोशी इन समस्याओं के अलावा एक और मुद्दे पर ध्यान दिलाते हैं। उनके मुताबिक अभी पेंशन प्रकरणों का काम जिला और संभागीय पेंशन दफ्तरों के पास है। जैसे ही कोई कर्मचारी रिटायर होता है और उसका प्रकरण जब पेंशन कार्यालय में जाता है तो वहां मौजूद कर्मचारी एक ही प्रकार की कई आपत्तियां लगाते हैं। इन आपत्तियों को वो बार बार लगाकर कर्मचारी के संबंधित कार्यालय को भेजते हैं। जोशी के मुताबिक वो ऐसा इसलिए करते हैं ताकि रिटायर्ड कर्मचारी उनकी सेवा करें( रिश्वत) और इसके बदले वो उनका पीपीओ जारी करें। मौजूदा व्यवस्था में क्या बदलाव होगा पूरी प्रोसेस को सेंट्रलाइज्ड किया जा रहा है। राज्य सरकार पेंशन की पूरी राशि केवल भारतीय स्टेट बैंक (SBI) को हस्तांतरित करेगी, जिसमें राज्य सरकार का मुख्य खाता है। SBI एक नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करते हुए, प्रदेश के सभी पेंशनभोगियों के बैंक खातों में पेंशन की राशि वितरित करेगा, चाहे उनका खाता किसी भी बैंक में क्यों न हो। अब तक जो क्लेम और कमीशन 11 अलग-अलग बैंकों को मिलता था, वह अब केवल SBI को मिलेगा, क्योंकि पेंशन वितरण का पूरा प्रबंधन और क्लेम भेजने की जिम्मेदारी सिर्फ SBI की होगी। प्रशासनिक स्तर पर बदलाव: बंद होंगे जिला पेंशन कार्यालय इस सुधार प्रक्रिया के तहत राज्य सरकार ने एक और बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के सभी जिलों में स्थित पेंशन कार्यालयों को बंद किया जाएगा। हालांकि, संभागीय मुख्यालयों में स्थित कार्यालय पहले की तरह काम करते रहेंगे। पेंशन निर्धारण की पूरी प्रक्रिया अब भोपाल स्थित मुख्यालय से केंद्रीकृत रूप से संचालित होगी। इस प्रणाली की सबसे खास बात इसकी पारदर्शिता और सीक्रेसी है। अब किसी भी कर्मचारी को यह पता नहीं चलेगा कि उसकी पेंशन का निर्धारण कौन-सा अधिकारी कर रहा है। उदाहरण के लिए, भिंड में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारी की पेंशन फाइल का निर्धारण जबलपुर में बैठा कोई भी डिप्टी डायरेक्टर कर सकता है। सरकार का मानना है कि इस कदम से स्थानीय स्तर पर होने वाले भ्रष्टाचार और अनावश्यक दबाव पर पूरी तरह से रोक लगेगी। SBI ने शुरू की तैयारी, 2 लाख PPO होंगे ट्रांसफर इस नई व्यवस्था को धरातल पर उतारने के लिए SBI ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। वर्तमान में लगभग 4 लाख 46 हजार पेंशनर्स हैं, और इस साल 22 हजार और कर्मचारी सेवानिवृत्त होंगे। SBI ने अन्य 10 बैंकों से 2 लाख से अधिक PPO वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस बड़े पैमाने के कार्य को पूरा होने में 3 से 4 महीने लगने का अनुमान है। ये खबर भी पढ़ें…. MP के 22 लाख पेंशनर्स को झटका:केंद्र का सहायता राशि बढ़ाने से इनकार, नीति आयोग की सिफारिश के बावजूद वृद्धि नहीं मध्य प्रदेश के करीब 22.5 लाख बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशनर्स के लिए दिल्ली से निराशाजनक खबर है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने राज्यसभा में स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) के तहत दी जाने वाली पेंशन राशि में बढ़ोतरी करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है। केंद्र सरकार के इस फैसले का सीधा असर उन लाखों लोगों पर पड़ेगा, जो महंगाई के इस दौर में आर्थिक मदद बढ़ने की उम्मीद लगाए बैठे थे। पूरी खबर पढ़ें….
Bangladesh Imports 45,000 Tonnes Diesel from India by April 2026 via Friendship Pipeline

Hindi News Business Bangladesh Imports 45,000 Tonnes Diesel From India By April 2026 Via Friendship Pipeline | Fuel Supply Resumed नई दिल्ली45 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से अतिरिक्त डीजल इम्पोर्ट करने का फैसला किया है। अप्रैल तक भारत से कुल 45,000 टन डीजल बांग्लादेश पहुंचेगा। इसमें से 5,000 टन की पहली खेप पहुंच चुकी है, जबकि अगली खेप 18 या 19 मार्च तक पहुंचने की उम्मीद है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के जनरल मैनेजर (ऑपरेशंस) मोहम्मद मुर्शिद हुसैन आजाद ने बताया कि 40,000 टन अतिरिक्त डीजल के इम्पोर्ट का प्रस्ताव मिल चुका है। लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) और अन्य फॉर्मेलिटीज पूरी होते ही यह खेप भी अप्रैल तक आ जाएगी। बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद रुकी थी सप्लाई भारत और बांग्लादेश के बीच डीजल की सप्लाई को आसान बनाने के लिए मार्च 2023 में ‘भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन’ (IBFP) का उद्घाटन किया गया था। इसका उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली किया था। इससे पहले डीजल की सप्लाई रेल वैगनों के जरिए होती थी, जो काफी खर्चीली और समय लेने वाली प्रक्रिया थी। हालांकि, पिछले साल बांग्लादेश में हुए राजनीतिक बदलाव और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान इस पाइपलाइन से सप्लाई रुक गई थी। तारिक रहमान सरकार के आते ही बदली स्थिति बांग्लादेश में हाल ही में हुए चुनावों के बाद जब प्रधानमंत्री तारिक रहमान की सरकार ने सत्ता संभाली, तो भारत के साथ ऊर्जा सहयोग फिर से पटरी पर लौट आया है। पिछले कुछ दिनों में ही पाइपलाइन के जरिए 5,000 टन डीजल की सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है। यह डीजल भारत की सरकारी कंपनी ‘नुमालीगढ़ रिफाइनरी लिमिटेड’ (NRL) से सीधे बांग्लादेश के पार्बतीपुर डिपो भेजा जा रहा है। भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन नुमालीगढ़ रिफाइनरी से शुरू होकर उत्तरी बांग्लादेश के दिनाजपुर जिले के पार्बतीपुर डिपो तक जाती है। पश्चिम एशिया में तनाव से बढ़ी थी तेल की किल्लत पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और इजराइल-ईरान जंग के कारण बांग्लादेश में ईंधन की कमी की आशंका पैदा हो गई थी। इसके चलते पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ जमा होने लगी थी और लोग पैनिक बाइंग कर रहे थे। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने तेल की बिक्री पर राशनिंग (सीमित बिक्री) लागू कर दी थी। अब भारत से सप्लाई बहाल होने के बाद सरकार ने यह पाबंदी हटा ली है। अधिकारियों का कहना है कि अब देश में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और घबराने की जरूरत नहीं है। ईद की छुट्टियों के लिए लिया गया फैसला बांग्लादेश में ईद सबसे बड़ा त्यौहार है। इस दौरान लाखों लोग शहरों से अपने गांव जाते हैं। परिवहन व्यवस्था सुचारू रहे और आम लोगों को यात्रा में कोई दिक्कत न आए, इसलिए सरकार ने तेल की राशनिंग खत्म करने का फैसला लिया है। डीजल की उपलब्धता बढ़ने से बसों और अन्य वाहनों को ईंधन मिलने में आसानी होगी। क्या है भारत-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन? लंबाई: यह पाइपलाइन करीब 131.5 किलोमीटर लंबी है। विस्तार: इसका 5 किमी हिस्सा भारत में और 126.5 किमी हिस्सा बांग्लादेश में है। क्षमता: पाइपलाइन के जरिए सालाना 10 लाख मीट्रिक टन डीजल भेजा जा सकता है। फायदा: इससे परिवहन की लागत कम होती है और कार्बन फुटप्रिंट भी घटता है। ये खबर भी पढ़ें… भारत ने बांग्लादेश को 5,000 टन डीजल भेजा: ईरान-इजराइल युद्ध के बीच नुमालीगढ़ रिफाइनरी से सप्लाई शुरू, सालाना 1.80 लाख टन सप्लाई का है समझौता मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनियाभर में एनर्जी पर संकट मंडरा रहा है, ऐसे में भारत ने असम की नुमालीगढ़ रिफाइनरी से क्रॉस-बॉर्डर पाइपलाइन के जरिए बांग्लादेश को डीजल भेजना शुरू कर दिया है। बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने बताया कि मंगलवार तक करीब 5,000 टन डीजल की पहली खेप बांग्लादेश पहुंच गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







