Wednesday, 10 Jun 2026 | 03:11 PM

Trending :

हैरी ब्रूक दुनिया के नंबर-1 टेस्ट बल्लेबाज बने:ICC रैंकिंग में जो रूट को पीछे छोड़ा; शुभमन गिल आठवें नंबर पर पहुंचे 'डायरेक्टर ने अपना हाथ रख दिया':कुमकुम भाग्य फेम शिखा सिंह ने फिल्ममेकर की हरकत के बाद फिल्म के ऑडिशन देना छोड़ दिए पीएम मोदी का नया रिकॉर्ड, बॉलीवुड कलाकारों ने दी बधाई:कंगना, अनूप जलोटा और भंडारकर ने की काम की तारीफ; जलोटा बोले- वे हमेशा पीएम रहें Reliance-Meta AI Data Center | Jamnagar Gujarat 168MW मटर पनीर कोफ्ता रेसिपी: रेस्तरां स्टाइल में अब घर पर पक्के स्टीम्ड मटर-पनीर कोफ्ता, फटाफट नोट कर लें रेसिपी ‘ममता धृतराष्ट्र बन गई हैं’: बागी सांसद शताब्दी रॉय का टीएमसी प्रमुख पर विस्फोटक हमला | भारत समाचार
EXCLUSIVE

India Buys 60 Million Barrels Russian Crude for April Amid Israel-Iran War & Hormuz Crisis

India Buys 60 Million Barrels Russian Crude for April Amid Israel-Iran War & Hormuz Crisis
  • Hindi News
  • Business
  • India Buys 60 Million Barrels Russian Crude For April Amid Israel Iran War & Hormuz Crisis

नई दिल्ली7 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

फोटो क्रेडिट- AI

मिडिल ईस्ट में जारी इजराइल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस संकट से निपटने के लिए भारतीय रिफाइनर्स ने रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदने का फैसला किया है।

जानकारी के मुताबिक, अप्रैल महीने की डिलीवरी के लिए भारत ने रूस से लगभग 60 मिलियन यानी 6 करोड़ बैरल कच्चे तेल का सौदा किया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने के बाद भारत को सऊदी अरब और इराक से होने वाली सप्लाई में दिक्कत आ रही थी। इस कमी को पूरा करने के लिए भारत अब फिर से रूसी तेल पर भरोसा जता रहा है।

फरवरी के मुकाबले दोगुनी हुई रूसी तेल की खरीद

डेटा इंटेलिजेंस फर्म केपलर के मुताबिक, अप्रैल के लिए रूस से की गई यह खरीदारी फरवरी के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। हालांकि, यह मात्रा मार्च के लगभग बराबर ही है।

मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सप्लाई रुकने से भारतीय कंपनियां अब उन रास्तों को तलाश रही हैं, जहां से तेल की सप्लाई बिना किसी रुकावट के हो सके। इसी वजह से पिछले कुछ हफ्तों में रूसी तेल की मांग में अचानक तेजी आई है।

क्रूड से 15 डॉलर तक महंगा मिल रहा रूसी तेल

हैरानी की बात यह है कि जो रूसी तेल कभी भारत को भारी डिस्काउंट पर मिलता था, अब उसके लिए प्रीमियम चुकाना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सौदे ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर 5 से 15 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम (अतिरिक्त कीमत) पर बुक किए गए हैं। सप्लाई की कमी और मांग ज्यादा होने की वजह से कीमतों में यह उछाल देखा जा रहा है।

अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी

भारत की इस खरीदारी के पीछे अमेरिका द्वारा दी गई एक विशेष छूट का बड़ा हाथ है। अमेरिका ने भारत को उन रूसी तेल कार्गो को लेने की अनुमति दी है, जो 5 मार्च से पहले जहाजों पर लोड हो चुके थे।

बाद में इस छूट का दायरा बढ़ाकर 12 मार्च कर दिया गया। यह छूट विशेष रूप से इसलिए दी गई ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से पैदा हुई तेल की किल्लत को दूर किया जा सके।

सऊदी और इराक का तेल खाड़ी देशों में फंसा

पिछले साल के अंत में अमेरिकी दबाव के कारण भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी थी और सऊदी अरब व इराक जैसे देशों की ओर रुख किया था। लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद इन देशों का अधिकांश तेल ‘पर्शियन गल्फ’ के अंदर ही फंस गया है।

नई दिल्ली के अधिकारियों को उम्मीद है कि जब तक होर्मुज में स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक अमेरिका अपनी छूट की समय सीमा को आगे बढ़ाता रहेगा।

MRPL-हिंदुस्तान मित्तल एनर्जी की बाजार में वापसी

दिसंबर से रूसी तेल से दूरी बनाने वाली भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां अब फिर से एक्टिव हो गई हैं। मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) और हिंदुस्तान मित्तल एनर्जी लिमिटेड जैसी कंपनियों ने रूसी बाजार में वापसी की है। इन कंपनियों का फोकस अब घरेलू मांग को पूरा करने के लिए स्टॉक जमा करने पर है।

वेनेजुएला से भी आयात बढ़ा, 4 साल का रिकॉर्ड टूटा

सिर्फ रूस ही नहीं, भारत अपनी तेल की जरूरतों के लिए वेनेजुएला पर भी निर्भरता बढ़ा रहा है। केपलर के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में वेनेजुएला से भारत का कच्चा तेल आयात 8 मिलियन बैरल तक पहुंच सकता है। यह अक्टूबर 2020 के बाद का उच्चतम स्तर है। भारत अपनी सप्लाई को डाइवर्सिफाई करने के लिए दक्षिण अमेरिकी देशों से भी संपर्क बढ़ा रहा है।

डिमांड के कारण रूस को अच्छा मुनाफा हो रहा

भारत और चीन जैसे देशों की बढ़ती मांग और ऊंची कीमतों के कारण रूस को अच्छा मुनाफा हो रहा है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट रेवेन्यू रूस इसी समय कमा रहा है। मार्च 2022 के बाद रूसी तेल की मांग और कमाई अपने हाई पर है।

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत के पास अभी रूस के अलावा कोई बेहतर विकल्प नहीं है, क्योंकि वेनेजुएला की क्वालिटी रूसी तेल जैसी नहीं है और मिडिल ईस्ट का रास्ता असुरक्षित है।

ये खबर भी पढ़ें…

घर के पास PNG पाइपलाइन, तो कनेक्शन लेना ही होगा: कंपनी 3 महीने का नोटिस देगी, कनेक्शन नहीं लिया तो LPG सप्लाई बंद होगी

अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

March 8, 2026/
11:04 pm

High Protein Breakfast: सुबह का समय अक्सर अलार्म, जल्दी तैयार होने और काम की लिस्ट के बीच निकल जाता है....

सरपंच पति पर हमला करने वाले तीन आरोपी पकड़ाए:शादी विवाद में रॉड से किया था वार , 6 बदमाश अभी भी फरार

April 17, 2026/
5:54 pm

बालाघाट जिले के हट्टा थाना क्षेत्र में सरपंच पति आतिश लिल्हारे पर हुए जानलेवा हमले के मामले में पुलिस ने...

दतिया में ईद-उल-फितर पर 10 स्थानों पर अदा हुई नमाज:ईदगाह और मस्जिदों में उमड़े नमाजी, अमन-चैन की मांगी दुआ

March 21, 2026/
1:02 pm

दतिया जिले में ईद-उल-फितर का त्योहार हर्षोल्लास और सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाया गया। शहर सहित पूरे जिले में करीब 10...

जेफ बेजोस की कंपनी का रॉकेट लॉन्चपैड पर फटा:आग का बड़ा गोला बनते देखा गया; बेजोस बोले- सभी कर्मचारी सुरक्षित, फिर कोशिश करेंगे

May 29, 2026/
9:55 am

अमेजन के मालिक जेफ बेजोस की कंपनी ‘ब्लू ओरिजिन’ का न्यू ग्लेन रॉकेट फ्लोरिडा में टेस्ट के दौरान लॉन्च पैड...

जन सेना के तेलंगाना विस्तार को लेकर पवन कल्याण का कांग्रेस से टकराव | #सही स्टैंड

June 3, 2026/
8:59 pm

सीएनएन नाम, लोगो और सभी संबंधित तत्व ® और © 2026 केबल न्यूज नेटवर्क एलपी, एलएलएलपी। एक टाइम वार्नर कंपनी।...

राजनीति

India Buys 60 Million Barrels Russian Crude for April Amid Israel-Iran War & Hormuz Crisis

India Buys 60 Million Barrels Russian Crude for April Amid Israel-Iran War & Hormuz Crisis
  • Hindi News
  • Business
  • India Buys 60 Million Barrels Russian Crude For April Amid Israel Iran War & Hormuz Crisis

नई दिल्ली7 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

फोटो क्रेडिट- AI

मिडिल ईस्ट में जारी इजराइल-ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है। इस संकट से निपटने के लिए भारतीय रिफाइनर्स ने रूस से भारी मात्रा में तेल खरीदने का फैसला किया है।

जानकारी के मुताबिक, अप्रैल महीने की डिलीवरी के लिए भारत ने रूस से लगभग 60 मिलियन यानी 6 करोड़ बैरल कच्चे तेल का सौदा किया है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रभावित होने के बाद भारत को सऊदी अरब और इराक से होने वाली सप्लाई में दिक्कत आ रही थी। इस कमी को पूरा करने के लिए भारत अब फिर से रूसी तेल पर भरोसा जता रहा है।

फरवरी के मुकाबले दोगुनी हुई रूसी तेल की खरीद

डेटा इंटेलिजेंस फर्म केपलर के मुताबिक, अप्रैल के लिए रूस से की गई यह खरीदारी फरवरी के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। हालांकि, यह मात्रा मार्च के लगभग बराबर ही है।

मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण सप्लाई रुकने से भारतीय कंपनियां अब उन रास्तों को तलाश रही हैं, जहां से तेल की सप्लाई बिना किसी रुकावट के हो सके। इसी वजह से पिछले कुछ हफ्तों में रूसी तेल की मांग में अचानक तेजी आई है।

क्रूड से 15 डॉलर तक महंगा मिल रहा रूसी तेल

हैरानी की बात यह है कि जो रूसी तेल कभी भारत को भारी डिस्काउंट पर मिलता था, अब उसके लिए प्रीमियम चुकाना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सौदे ब्रेंट क्रूड की कीमतों पर 5 से 15 डॉलर प्रति बैरल के प्रीमियम (अतिरिक्त कीमत) पर बुक किए गए हैं। सप्लाई की कमी और मांग ज्यादा होने की वजह से कीमतों में यह उछाल देखा जा रहा है।

अमेरिका ने भारत को रूसी तेल खरीदने की अनुमति दी

भारत की इस खरीदारी के पीछे अमेरिका द्वारा दी गई एक विशेष छूट का बड़ा हाथ है। अमेरिका ने भारत को उन रूसी तेल कार्गो को लेने की अनुमति दी है, जो 5 मार्च से पहले जहाजों पर लोड हो चुके थे।

बाद में इस छूट का दायरा बढ़ाकर 12 मार्च कर दिया गया। यह छूट विशेष रूप से इसलिए दी गई ताकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से पैदा हुई तेल की किल्लत को दूर किया जा सके।

सऊदी और इराक का तेल खाड़ी देशों में फंसा

पिछले साल के अंत में अमेरिकी दबाव के कारण भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी थी और सऊदी अरब व इराक जैसे देशों की ओर रुख किया था। लेकिन युद्ध शुरू होने के बाद इन देशों का अधिकांश तेल ‘पर्शियन गल्फ’ के अंदर ही फंस गया है।

नई दिल्ली के अधिकारियों को उम्मीद है कि जब तक होर्मुज में स्थिति सामान्य नहीं होती, तब तक अमेरिका अपनी छूट की समय सीमा को आगे बढ़ाता रहेगा।

MRPL-हिंदुस्तान मित्तल एनर्जी की बाजार में वापसी

दिसंबर से रूसी तेल से दूरी बनाने वाली भारतीय रिफाइनिंग कंपनियां अब फिर से एक्टिव हो गई हैं। मंगलौर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स लिमिटेड (MRPL) और हिंदुस्तान मित्तल एनर्जी लिमिटेड जैसी कंपनियों ने रूसी बाजार में वापसी की है। इन कंपनियों का फोकस अब घरेलू मांग को पूरा करने के लिए स्टॉक जमा करने पर है।

वेनेजुएला से भी आयात बढ़ा, 4 साल का रिकॉर्ड टूटा

सिर्फ रूस ही नहीं, भारत अपनी तेल की जरूरतों के लिए वेनेजुएला पर भी निर्भरता बढ़ा रहा है। केपलर के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में वेनेजुएला से भारत का कच्चा तेल आयात 8 मिलियन बैरल तक पहुंच सकता है। यह अक्टूबर 2020 के बाद का उच्चतम स्तर है। भारत अपनी सप्लाई को डाइवर्सिफाई करने के लिए दक्षिण अमेरिकी देशों से भी संपर्क बढ़ा रहा है।

डिमांड के कारण रूस को अच्छा मुनाफा हो रहा

भारत और चीन जैसे देशों की बढ़ती मांग और ऊंची कीमतों के कारण रूस को अच्छा मुनाफा हो रहा है। यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक का सबसे ज्यादा एक्सपोर्ट रेवेन्यू रूस इसी समय कमा रहा है। मार्च 2022 के बाद रूसी तेल की मांग और कमाई अपने हाई पर है।

मार्केट एनालिस्ट्स का कहना है कि भारत के पास अभी रूस के अलावा कोई बेहतर विकल्प नहीं है, क्योंकि वेनेजुएला की क्वालिटी रूसी तेल जैसी नहीं है और मिडिल ईस्ट का रास्ता असुरक्षित है।

ये खबर भी पढ़ें…

घर के पास PNG पाइपलाइन, तो कनेक्शन लेना ही होगा: कंपनी 3 महीने का नोटिस देगी, कनेक्शन नहीं लिया तो LPG सप्लाई बंद होगी

अगर आपके घर के पास गैस पाइपलाइन आ गई है और आपने PNG कनेक्शन नहीं लिया है, तो अगले 3 महीने में आपके घर आने वाला LPG सिलेंडर बंद कर दिया जाएगा। मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध और गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने ‘नेचुरल गैस और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूशन ऑर्डर 2026’ लागू किया है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.