West Bengal Chief Secretary Controversy

Hindi News National West Bengal Chief Secretary Controversy | Election Official Manoj Agrawal SIR कोलकाता4 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में SIR कराने वाले चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल को सुवेंदु सरकार में बंगाल का नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। पश्चिम बंगाल कैडर के अधिकारी मनोज अग्रवाल की देखरेख में विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल में वोटर लिस्ट में विशेष गहन संशोधन (SIR) कराया गया था। जिसके तहत मतदाता सूची से लगभग 91 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए थे। इसके अलावा रिटायर्ड IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता को भी मुख्यमंत्री के सलाहकार के तौर पर शामिल किया गया है। सुब्रत को बंगाल में SIR के दौरान ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था। ये नियुक्तियां चुनाव आयोग और BJP के बीच खुली मिलीभगत और सांठगांठ को दर्शाती हैं। कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग ने चालाकी से भाजपा को फायदा पहुंचाया कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया X पर लिखा, ये नियुक्तियां ECI और BJP के बीच खुली मिलीभगत और सांठगांठ को दर्शाती हैं। अब तो इस मिलीभगत को छिपाने की कोई कोशिश भी नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नियुक्तियां इस बात का प्रमाण हैं कि ECI निष्पक्ष नहीं था और उसने पूरी तरह से BJP को फायदा पहुंचाने के मकसद से काम किया। रमेश ने कहा, चुनाव के दौरान 27 लाख लोगों को वोट करने से रोक दिया गया। ECI ने BJP को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए इस काम को बड़ी ही चालाकी से अंजाम दिया। टीएमसी बोली- अब भी कोई मानता है कि चुनाव निष्पक्ष हुए TMC नेता साकेत गोखले ने इस कदम को ‘बेहद बेशर्मी भरा बताया। वहीं टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने तंज वाले लहजे में इसे एक ‘संयोग’ कहा। X पर अपनी पोस्ट में, गोखले ने कहा कि इस कदम से पता चलता है कि BJP और ECI “चुनाव चुराने के मामले में खुलेआम सामने आ रहे हैं” और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अदालतें “अंधी हैं या इसमें मिलीभगत है”। तृणमूल की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने X पर पोस्ट किया: “तथाकथित ‘न्यूट्रल अंपायर’ को बंगाल में BJP सरकार के शीर्ष नौकरशाह के पद से नवाजा गया है। क्या अब भी कोई गंभीरता से मानता है कि बंगाल चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष थे? यह बेहद शर्मनाक कदम है। बंगाल सरकार में नियुक्त दोनों अधिकारियों के बारे में जानिए मनोज अग्रवाल पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे IIT कानपुर के पूर्व छात्र भी हैं। वे मौजूदा मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला की जगह लेंगे। हालांकि अग्रवाल का शुरुआती कार्यकाल छोटा होगा। वे जुलाई में रिटायर होने वाले हैं। 1990 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता ने चुनावों से पहले SIR प्रक्रिया के लिए ऑब्जर्वर के तौर पर काम किया। 9 मई को उन्हें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया। चुनाव के दौरान तृणमूल ने SIR प्रक्रिया और चुनाव के संचालन को लेकर इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
West Bengal Chief Secretary Controversy

Hindi News National West Bengal Chief Secretary Controversy | Election Official Manoj Agrawal SIR कोलकाता4 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में SIR कराने वाले चुनाव अधिकारी मनोज अग्रवाल को सुवेंदु सरकार में बंगाल का नया चीफ सेक्रेटरी नियुक्त किया गया है। पश्चिम बंगाल कैडर के अधिकारी मनोज अग्रवाल की देखरेख में विधानसभा चुनावों से पहले बंगाल में वोटर लिस्ट में विशेष गहन संशोधन (SIR) कराया गया था। जिसके तहत मतदाता सूची से लगभग 91 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए थे। इसके अलावा रिटायर्ड IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता को भी मुख्यमंत्री के सलाहकार के तौर पर शामिल किया गया है। सुब्रत को बंगाल में SIR के दौरान ऑब्जर्वर नियुक्त किया गया था। ये नियुक्तियां चुनाव आयोग और BJP के बीच खुली मिलीभगत और सांठगांठ को दर्शाती हैं। कांग्रेस बोली- चुनाव आयोग ने चालाकी से भाजपा को फायदा पहुंचाया कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया X पर लिखा, ये नियुक्तियां ECI और BJP के बीच खुली मिलीभगत और सांठगांठ को दर्शाती हैं। अब तो इस मिलीभगत को छिपाने की कोई कोशिश भी नहीं की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नियुक्तियां इस बात का प्रमाण हैं कि ECI निष्पक्ष नहीं था और उसने पूरी तरह से BJP को फायदा पहुंचाने के मकसद से काम किया। रमेश ने कहा, चुनाव के दौरान 27 लाख लोगों को वोट करने से रोक दिया गया। ECI ने BJP को चुनावी फायदा पहुंचाने के लिए इस काम को बड़ी ही चालाकी से अंजाम दिया। टीएमसी बोली- अब भी कोई मानता है कि चुनाव निष्पक्ष हुए TMC नेता साकेत गोखले ने इस कदम को ‘बेहद बेशर्मी भरा बताया। वहीं टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने तंज वाले लहजे में इसे एक ‘संयोग’ कहा। X पर अपनी पोस्ट में, गोखले ने कहा कि इस कदम से पता चलता है कि BJP और ECI “चुनाव चुराने के मामले में खुलेआम सामने आ रहे हैं” और उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अदालतें “अंधी हैं या इसमें मिलीभगत है”। तृणमूल की राज्यसभा सांसद सागरिका घोष ने X पर पोस्ट किया: “तथाकथित ‘न्यूट्रल अंपायर’ को बंगाल में BJP सरकार के शीर्ष नौकरशाह के पद से नवाजा गया है। क्या अब भी कोई गंभीरता से मानता है कि बंगाल चुनाव स्वतंत्र और निष्पक्ष थे? यह बेहद शर्मनाक कदम है। बंगाल सरकार में नियुक्त दोनों अधिकारियों के बारे में जानिए मनोज अग्रवाल पश्चिम बंगाल कैडर के 1990 बैच के IAS अधिकारी हैं। वे IIT कानपुर के पूर्व छात्र भी हैं। वे मौजूदा मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला की जगह लेंगे। हालांकि अग्रवाल का शुरुआती कार्यकाल छोटा होगा। वे जुलाई में रिटायर होने वाले हैं। 1990 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता ने चुनावों से पहले SIR प्रक्रिया के लिए ऑब्जर्वर के तौर पर काम किया। 9 मई को उन्हें मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी का सलाहकार नियुक्त किया गया। चुनाव के दौरान तृणमूल ने SIR प्रक्रिया और चुनाव के संचालन को लेकर इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
'विराट के खिलाफ बयान देने के लिए पैसे ऑफर हुए':जर्मन मॉडल लिजलाज बोलीं- मुझे अलग-अलग मैगजीन से बहुत सारे कॉल आए

जर्मन मॉडल लिजलाज ने हाल ही में दावा किया कि विराट कोहली द्वारा कथित तौर पर उनकी फोटो लाइक करने के बाद कुछ पत्रकारों ने उन्हें क्रिकेटर के खिलाफ गलत बयान देने के लिए पैसे ऑफर किए थे। फिल्मीमंत्रा को दिए इंटरव्यू में लिजलाज ने बताया कि विराट कोहली द्वारा कथित तौर पर पोस्ट लाइक किए जाने के बाद उन्हें लगातार लोगों के फोन आने लगे। सभी यही कह रहे थे कि विराट ने उनकी पोस्ट लाइक की है। अपने फेवरेट क्रिकेटर विराट द्वारा कथित तौर पर उनकी तस्वीर लाइक किए जाने पर लिजलाज ने कहा, ‘मैं इससे बहुत खुश थी और थोड़ा इमोशनल भी हो गई थी, लेकिन मुझे बिल्कुल उम्मीद नहीं थी कि ऐसा कुछ होगा। मुझे अलग-अलग मैगजीन से इतने सारे कॉल आने लगेंगे।’ लिजलाज ने यह भी दावा किया, ‘कुछ लोग आप पर ऐसी बातें बोलने का दबाव भी डालते हैं, जो आप कहना नहीं चाहते। कुछ पत्रकारों ने तो मुझे पैसे ऑफर किए ताकि मैं उनके (विराट कोहली) बारे में गलत बातें कहूं और ऐसे आरोप लगाऊं, जो उन्होंने कभी किए ही नहीं।’ उन्होंने आगे कहा, ‘लेकिन मैं ऐसा क्यों करूंगी? मैंने खुद कहा था कि वो मेरे पसंदीदा क्रिकेटर हैं। फिर मैं पैसों के लिए उनके बारे में गलत बातें क्यों बोलूं? मैं ऐसी इंसान नहीं हूं।’ बता दें कि लिजलाज की फोटो क्लिक करने वाले फोटोग्राफर अद्वैत वैद्य ने पिछले महीने इंस्टाग्राम पर एक स्क्रीनशॉट शेयर कर दावा किया था कि विराट कोहली के आधिकारिक अकाउंट से लिजलाज की पुरानी फोटो लाइक की गई थी। अद्वैत ने इस पर एक वीडियो भी पोस्ट किया था। अद्वैत ने कैप्शन में लिखा था, ‘इस पर कैसे रिएक्ट करें… जब GOAT विराट कोहली, आपकी पोस्ट लाइक कर दें। मैं और लिजलाज अभी भी अपनी आंखें मलकर देख रही हैं कि ये सच में हो रहा है या नहीं… हाहा… धन्यवाद GOAT।’
Tamil Nadu CM Vijay Oath Controversy

3 मिनट पहले कॉपी लिंक विजय के शपथ ग्रहण में पहले वंदे मातरम, फिर जन गण मन और तमिल राज्य गीत बजे। तमिलनाडु में सीएम विजय के शपथ ग्रहण समारोह में ‘तमिल थाई वाजथु’ (तमिल राज्य गीत) से पहले ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ बजाने पर विवाद शुरू हो गया है। डीएमके ने इस पर आपत्ति जताई है। डीएमके का कहना है कि राज्य के सम्मान के लिए तमिल राज्य गीत सबसे पहले बजाया जाना चाहिए था, लेकिन उसे तीसरे नंबर पर धकेल दिया गया। ये परंपरा के खिलाफ है। इसपर विजय की पार्टी (TVK) ने सफाई देते हुए कहा कि गाने कब बजेंगे ये फैसला राज्यपाल का था। लेकिन डीएमके नेता टी.के.एस. एलंगोवन ने कहा कि राज्य की परंपरा तमिल राज्य गीत को पहले और राष्ट्रगान को अंत में बजाने की रही है। विजय अब बीजेपी की विचारधारा की ओर झुक रहे हैं। विजय के शपथ ग्रहण में सबसे पहले 2 मिनट 52 सेकेंड तक वंदे मातरम बजा। फिर 52 सेकेंड के लिए जन गण मन बजा। इसके बाद 65 सेकेंड तक तमिल राज्य गीत बजाया गया। राष्ट्रगान, विंदे मातरम और तमिल राज्य गीत के दौरान खड़े राहुल गांधी, विजय और गवर्नर राजेंद्र आर्लेकर। सहयोगी दलों ने भी विरोध किया शपथग्रहण में तमिल राज्य गीत तीसरे नंबर पर बजने पर CPI, CPIM और VKC ने भी आलोचना की है। CPI के राज्य सचिव एम. वीरपांडियन ने कहा कि सरकारी कार्यक्रमों के प्रोटोकॉल में तमिल राज्य गीत को पहली प्राथमिकता मिलनी चाहिए। तमिलनाडु चुनावों में विजय की पार्टी 108 सीटें जीती थी। विजय की सरकार कांग्रेस, CPI, CPIM, IUML और VKC का समर्थन मिला हुआ है। वहीं, डीएमके की आईटी विंग ने विजय से पूछा कि क्या तमिल राज्य गीत को किनारे करना ही TVK के नए बदलाव का हिस्सा है। 1891 में लिखा गया तमिलनाडु का राज्य गीत ‘तमिल थाई वाजथु’ तमिलनाडु का राज्य गीत है। इसे 1891 में मनोन्मनीयम सुंदरम पिल्लई ने अपने नाटक ‘मनोन्मनीयम’ के शुरुआती भाग में तमिल देवी की स्तुति के रूप में लिखा था। बाद में एम.एस. विश्वनाथन ने इस गीत के लिए संगीत बनाया। यह गीत राज्य की सांस्कृतिक पहचान का एक बेहद अहम हिस्सा माना जाता है। यही कारण है कि इसे किसी भी सरकारी कार्यक्रम में सबसे पहले गाने की परंपरा रही है। 18 दिसंबर 2021 को DMK की तमिलनाडु सरकार ने ‘तमिल थाई वाजथु’ को आधिकारिक तौर पर स्टेट एंथम घोषित कर दिया है। सरकार ने निर्देश दिया है कि इसके गायन के दौरान वहां मौजूद सभी लोगों को सम्मान में खड़ा होना होगा। इससे पहले मद्रास हाईकोर्ट ने कहा था कि ‘तमिल थाई वाजथु’ केवल एक प्रार्थना गीत है, न कि कोई राष्ट्रगान या राज्य गान। —————————————————— ये खबर भी पढ़ें…. एक्टर विजय की शपथ में माता-पिता हाथ जोड़े रहे:पहली बार किसी तमिल नेता की कोट-पैंट में शपथ, राहुल के साथ सेल्फी ली; 7 मोमेंट्स तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) चीफ सी जोसेफ विजय रविवार को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री बन गए। एक्टर से नेता बने विजय की शपथ के दौरान कुछ मोमेंट्स ऐसे रहे जो चर्चा में हैं। शपथ पत्र न पढ़कर स्पीच देने लगे, जैसे ही बोला- ‘मैं जोसेफ विजय…..’ समर्थक 3 मिनट तक तालियां बजाते रहे। माता-पिता हाथ जोड़े दिखे। इस बीच गवर्नर ने टोक दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
TVK Congress Vs DMK; Tamil Nadu Govt Formation Alliance Controversy

Hindi News National TVK Congress Vs DMK; Tamil Nadu Govt Formation Alliance Controversy | Akhilesh Yadav 24 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में एक्टर विजय की पार्टी TVK को समर्थन देने के बाद द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) ने कांग्रेस से अपना गठबंधन खत्म कर लिया है। अब DMK सांसद कनिमोझी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर पार्टी सांसदों की सीटिंग व्यवस्था बदलने की मांग की है। कनिमोझी ने लेटर में कहा कि बदले हुए राजनीतिक हालात और कांग्रेस के साथ गठबंधन खत्म होने के बाद DMK सांसदों का कांग्रेस सांसदों के साथ बैठना उचित नहीं है। लोकसभा में 22 सांसदों वाली DMK, विपक्षी INDIA गठबंधन की चौथी सबसे बड़ी पार्टी है। इससे पहले INDIA गठबंधन के लोकसभा में दूसरे सबसे बड़े दल समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को ममता बनर्जी और एमके स्टालिन से मुलाकात की थी। उन्होंने कहा था- हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें। दरअसल INDIA गठबंधन की DMK तमिलनाडु में और TMC पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों में हार गई है। INDIA गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस ने पश्चिम बंगाल में TMC से अलग चुनाव लड़ा था। वहीं तमिलनाडु में रिजल्ट के बाद विजय की पार्टी TVK को समर्थन दिया है। कांग्रेस के TVK को समर्थन देने से DMK नाराज है। वहीं समाजवादी पार्टी ने भी DMK और TMC के साथ रहने का ऐलान किया है। कांग्रेस के DMK, TMC और समाजवादी पार्टी से रिश्तों खराब होने के बाद INDIA गठबंधन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। DMK नेताओं ने कांग्रेस पर “पीठ में छुरा घोंपने” का आरोप लगाया है। पार्टी प्रवक्ता सरवनन अन्नादुरई ने कहा कि कांग्रेस को तमिलनाडु में जो पांच सीटें मिलीं, वह DMK गठबंधन की वजह से मिलीं। उनका दावा है कि गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस एक भी सीट नहीं जीत पाती। वहीं कांग्रेस का कहना है कि उसने तमिलनाडु की जनता के जनादेश का सम्मान करते हुए TVK का समर्थन किया है और यही जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका है। DMK और कांग्रेस का गठबंधन कई दशकों पुराना रहा है। बीच-बीच में मतभेद जरूर हुए, लेकिन दोनों पार्टियां 2016 में फिर साथ आई थीं। अब यह गठबंधन टूटने के बाद राष्ट्रीय राजनीति में भी असर दिखने लगा है। इस घटनाक्रम के बीच समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी कांग्रेस पर अप्रत्यक्ष निशाना साधा। उन्होंने DMK प्रमुख एमके स्टालिन और TMC प्रमुख ममता बनर्जी के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा- हम वो नहीं जो मुश्किलों में साथ छोड़ दें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Ludhiana Boyfriend Suicide Case Girlfriend Video Chat Controversy

फोन में युवक के युवती के साथ वीडियो मिले हैं। . ये कहना है लुधियाना में फांसी लगाकर सुसाइड करने वाले युवक (21) की मां का। उन्होंने कहा कि लड़की बेटे को अपने घर बुलाती थी और उसके साथ फिजिकल हुई। मोबाइल में लड़की के घर के बेडरूम का वीडियो है, जिसमें दोनों न्यूड हैं और मस्ती कर रहे हैं। यही नहीं गर्लफ्रेंड बाथरूम में नहाते हुए चैट करती थी। मां ने दावा किया कि बेटे के मोबाइल में लड़की के 10 हजार से ज्यादा फोटो व वीडियो है। यही नहीं मोबाइल में दोनों के बीच की करीब दो ढाई साल की चैटिंग भी पड़ी है। दोनों इंस्टाग्राम और स्नैपचेट पर चैटिंग और वीडियो कॉलिंग करते थे। युवक की मां ने कहा कि उसकी कॉपियों में दो कॉपियां निकलीं, जिस पर उसने रोज की गतिविधियां लिखी थीं। उस पर लड़की ने भी लिखा है। दोनों स्कूल से बंक मारकर घूमते थे और उसके वीडियो भी मोबाइल में मौजूद थे। लड़की बार-बार बेटे पर शादी करने व भागने का दबाव डाल रही थी। सुसाइड से पहले भी बेटा दो बार सुसाइड अटैंप्ट कर चुका था। जिस दिन उसने सुसाइड किया उससे एक दिन पहले की वीडियो भी है, जिसमें वह बहुत सी गोलियां एक साथ खाते हुए दिख रहा है और आखिर में कहता है कि अब खुश है।…लव स्टोरी कैसे शुरू हुई, गर्लफ्रेंड ने क्या मैसेज भेजे, मोबाइल में कौन-कौन से वीडियो मिले…पढ़ें पूरी रिपोर्ट मां ने बताया कि लड़की बंक मारकर बेटे के साथ घूमती थी। बॉयफ्रेंड के मोबाइल में क्या-क्या है, मां की जुबानी… मोबाइल ने खोले राज: मृतक निखिल की मां गीता का ने कहा कि उसके बेटे का अफेयर एक लड़की के साथ था। इस बारे में पहले उन्हें पता चला था, तो उन्होंने उसे रोक दिया था। बेटे ने तब कहा कि अब वो उससे बात नहीं करता है। परिवार भी इस बात से निश्चिंत हो गया। दोनों का अफेयर इतने आगे बढ़ गया था, उन्हें तब पता चला जब उसने सुसाइड किया और फिर उसका मोबाइल खोला गया। मोबाइल की गैलरी, स्नैपचैट व इंस्टाग्राम के चैट बॉक्स में दोनों के अफेयर के कई सबूत मौजूद थे। यही नहीं बेटे ने सुसाइड क्यों किया इसके राज भी वहीं पर छुपे थे। पांच लाख से ज्यादा सबूत: मृतक निखिल की मां गीता ने कहा कि उसके मोबाइल में लड़की की 10 हजार से ज्यादा वीडियो व फोटो मौजूद हैं। इसके अलावा दोनों के बीच हुई चैटिंग भी इनबॉक्स में ज्यों की त्यों है। उन्होंने बताया कि चैटिंग के दौरान भी साफ लग रहा है कि दोनों के बीच गहरे संबंध थे और दोनों एक दूसरे के काफी नजदीक थे। बेडरूम में दोनों न्यूड: गीता ने बताया कि मोबाइल में आपत्तिजनक वीडियो भी हैं। उन्होंने बताया कि लड़की उसके बेटे को अपने घर बुला देती थी। घर में जाकर वो उसके साथ फिजिकल हुई। मोबाइल में लड़की के घर के बेडरूम का वीडियो है, जिसमें दोनों न्यूड हैं और मस्ती कर रहे हैं। बाथरूम में नहाते का वीडियो: गीता ने बताया कि मोबाइल में जो वीडियो व फोटो हैं, उससे साफ है कि लड़का व लड़की एक दूसरे के साथ हर एक्टिविटी शेयर करते थे। लड़की ने बाथरूम में नहाते हुए का वीडियो भी उसे भेजा है, जो कि लड़के के मोबाइल में मिला है। चैटिंग में लव यू व दिल की इमोजी: गीता ने बताया कि मोबाइल में जो चैटिंग है, उसमें दोनों ने एक दूसरे को अनगिनत बार लव यू लिखा है। दिल की इमोजी डाली हैं। साथ रहने के वादे किए हैं। दोनों एक दूसरे के साथ घंटों बातें करते थे। मृतक निखिल की मां गीता जानकारी देते हुए। लड़की बंक मारकर लड़के साथ घूमती रही: गीता ने बताया कि उसका बेटा 12 वीं क्लास में था। लड़की किस क्लास में है, उन्हें नहीं पता। उन्होंने बताया कि मोबाइल में कई वीडियो मिले, जिसमें दोनों स्कूल के बजाए बंक मारकर बाइक पर घूमते दिख रहे हैं। सुसाइड करने के कारणों का खुलासा: गीता ने कहा कि मोबाइल में सोशल मीडिया के मैसेंजर बॉक्स में जो मैसेज मिले हैं, उसमें साफ दिख रहा है कि लड़की उसके बेटे को मरने के लिए कह रही थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चैट में लड़की ने उनके बेटे को लिखा है कि तू मर क्यों नहीं जाता। गोलियां लेकर मर जा। यह बातें सुसाइड से एक दिन पहले लिखी हैं। 10-12 नीली गोलियां एक साथ निगली: गीता ने बताया कि मोबाइल में एक वीडियो है, जो कि सुसाइड से एक दिन पहले का है। उस वीडियो में बेटा 10-12 नीले रंग की गोलियां एक साथ खाता हुआ दिख रहा है। खाने के बाद वो वीडियो में कह रहा है कि खाली अब खुश है। लड़की ने कहा था गोलियां खाकर मर जा: गीता ने बताया कि बेटे के मोबाइल में चैटिंग मौजूद है, जिसमें वो बेटे को कह रही है कि गोलियां खाकर मर जा। उसके बाद ही बेटे ने गोलियां खाई हैं। जिससे साफ है कि लड़की उस पर बार-बार मरने का दबाव डाल रही थी। गोलियां खाकर नहीं मरा तो लड़की ने अगले दिन उसे फिर मैसेज किया कि तू गोलियां खाकर भी नहीं मरा। उसके बाद ही बेटे ने फंदा लगाकर सुसाइड किया है। वीडियो में मरने से पहले निखिल गोलियां एक साथ खाते हुए दिख रहा है और आखिर में कहता है कि अब खुश है। कैसे शुरु हुई दोनों की लव स्टोरी, जानिए … जगराते में मिले दोनों: निखिल की मां गीता ने बताया कि उनके मोहल्ले में 2023 में एक जगराता हुआ था। निखिल व लड़की उसी जगराते में मिले थे। वहीं से दोनों की जान पहचान हुई और उसी दिन दोनों एक दूसरे का नंबर लिया और बाद में सोशल मीडिया की आईडी ली। दोनों मिलने जुलने लगे: निखिल की मां ने बताया कि उसके बाद दोनों एक दूसरे को मिलने जुलने लगे। निखिल ने घर में नहीं बताया। दोनों एक दूसरे के साथ सोशल मीडिया पर चैट करने लगे। दोनों की दोस्ती गहरी होती गई। इस बारे में उनको कुछ भी पता नहीं था। पता चलने पर बेटे को रोका: गीता ने बताया कि जब उन्हें पता चला तो
Rajasthan Royals Auction Controversy | Somani Group Alleges Bias

नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स की नीलामी प्रक्रिया में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इसमें शामिल अमेरिकी कारोबारी काल सोमानी के नेतृत्व वाले सोमानी ग्रुप ने नीलामी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रुप ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपनी गहरी निराशा व्यक्त की है। उनका आरोप है कि अंतिम फैसला निष्पक्ष नहीं था और उन्हें समान अवसर (Level playing field) नहीं दिया गया। सोमानी ग्रुप का कहना है कि वे पिछले छह महीनों से इस रेस में सबसे आगे थे और उन्होंने कभी भी अपनी बोली वापस नहीं ली थी। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि सोमानी ग्रुप ने नाम वापस ले लिया है। हाल ही में दिग्गज उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल और उनके बेटे आदित्य मित्तल ने अदार पूनावाला के साथ मिलकर राजस्थान रॉयल्स की 93% हिस्सेदारी करीब 15,600 करोड़ रुपये ($1.65 बिलियन) में खरीद ली है। नई डील के अनुसार लक्ष्मी मित्तल का परिवार RR में लगभग 75% हिस्सेदारी रखेगा, जबकि अदार पूनावाला के पास 18% हिस्सा होगा। शेष 7% हिस्सेदारी पुराने निवेशक मनोज बडाले और अन्य के पास रहेगी। टीम के नए बोर्ड में लक्ष्मी मित्तल, आदित्य मित्तल, वनीषा मित्तल-भाटिया, अदार पूनावाला और मनोज बडाले शामिल होंगे। इस बड़े बदलाव के साथ राजस्थान रॉयल्स अब IPL की सबसे महंगी टीमों में से एक बन गई है। सोमानी ग्रुप का आरोप- प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी सोमानी ग्रुप (जिसमें वॉलमार्ट और फोर्ड ग्रुप के दिग्गज शामिल थे) का कहना है कि उनकी बोली $1.63 बिलियन की थी और वे डील क्लोज करने के लिए पूरी तरह तैयार थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पास पर्याप्त फंडिंग थी, फिर भी आखिरी वक्त पर उनकी बोली को दरकिनार कर दिया गया। ग्रुप के मुताबिक, इस तरह की बड़ी नीलामी में पारदर्शिता और ईमानदारी की कमी होना चिंताजनक है। सोमानी ग्रुप का स्टेटमेंट देखिए मौजूदा मालिकों ने डॉक्यूमेंटेशन में बताई कमी सूत्रों के मुताबिक, राजस्थान रॉयल्स के मौजूदा मालिकों (मनोज बडाले और अन्य) ने सोमानी ग्रुप की बोली में कुछ तकनीकी और दस्तावेजी कमियां पाई थीं। जांच के दौरान सोमानी ग्रुप के पेपर्स तय मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके कारण मित्तल ग्रुप की बोली को मंजूरी दी गई। हालांकि, सोमानी ग्रुप ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए इसे छवि खराब करने की कोशिश बताया है। 2008 में चैंपियन बनी थी राजस्थान शेन वॉर्न की कप्तानी में राजस्थान रॉयल्स ने IPL का पहला सीजन 2008 में जीता था। उसके बाद से टीम सिर्फ एक बार 2022 में फाइनल में पहुंची है। तब गुजरात टाइटंस के खिलाफ फाइनल मुकाबले में उसे हार मिली। साल 2008 में पहली बार में ही राजस्थान रॉयल्स IPL चैंपियन बनी थी। उस समय शेन वार्न टीम के कप्तान थे। 2 साल के लिए बैन हुई थी RR राजस्थान रॉयल्स को 2015 में सामने आए स्पॉट-फिक्सिंग मामले की वजह से 2 साल के लिए बैन कर दिया गया था। जांच के बाद लोढ़ा समिति ने टीम के सह-मालिक राज कुंद्रा को सट्टेबाजी का दोषी पाया था। इसके कारण राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स दोनों को 2016 और 2017 के आईपीएल सीजन से बाहर कर दिया गया। बाद में 2018 में राजस्थान रॉयल्स ने फिर से आईपीएल में वापसी की। ———————————————- राजस्थान रॉयल्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… RR ₹15,660 करोड़ में बिकी; मित्तल फैमिली ने पूनावाला के साथ मिलकर IPL की फ्रेंचाइजी खरीदी IPL फ्रेंचाइजी राजस्थान रॉयल्स को दुनिया के नंबर वन स्टील कारोबारी लक्ष्मी निवास मित्तल और आदित्य मित्तल ने खरीद लिया है। सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक अदार पूनावाला भी इसमें पार्टनर हैं। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
न्यूयॉर्क में सिख टैक्सी ड्राइवर से बदसलूकी का VIDEO:2 युवतियों को लेकर झगड़ा, अश्वेत युवक ने बीच सड़क धक्का दिया, बुजुर्ग 15 फीट दूर जा गिरा

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में एक सिख टैक्सी ड्राइवर की दो अश्वेत युवकों के साथ बहस और हाथापाई का वीडियो सामने आया है। इस दौरान अश्वेत युवक बुजुर्ग टैक्सी ड्राइवर को धक्का देकर सड़क पर गिरा देता है। बुजुर्ग धक्का लगने से करीब 15 फीट दूर सड़क पर गिरा। युवक बुजुर्ग टैक्सी ड्राइवर पर आरोप लगा रहा था कि उसने उसकी दो महिला दोस्तों को अपनी गाड़ी से टक्कर मारी है। जबकि, बुजुर्ग इन आरोपों से इनकार कर रहा था। उल्टा वह कह रहा था कि ये युवतियां खुद उसकी गाड़ी की ओर आईं। हाथापाई के बाद बुजुर्ग सिख ड्राइवर ने मौके पर पुलिस बुलाई। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों के बीच झगड़ा सुलझाकर वहां से चली जाती है। हालांकि, यह मामला कब का है और इसमें दिख रहा सिख ड्राइवर कौन है, यह जानकारी सामने नहीं आई है। 2 युवतियों की टक्कर के आरोप से विवाद हुआ जानकारी के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब एक युवक ने यह आरोप लगाया कि बुजुर्ग सिख टैक्सी ड्राइवर ने सड़क पर 2 युवतियों को अपनी टैक्सी से टक्कर मार दी। इसके बाद वहां से भागने की कोशिश की। वहीं, सिख टैक्सी ड्राइवर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि कोई दुर्घटना नहीं हुई। उल्टा युवतियां खुद उसकी गाड़ी के पास आई थीं, जिससे यह स्थिति बनी। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में दिख रहा है मौके पर मौजूद 2 युवक लगातार बुजुर्ग ड्राइवर को रोक रहे हैं और उसे अपनी गाड़ी तक जाने नहीं दे रहे। बहस इतनी बढ़ गई कि स्थिति हाथापाई तक पहुंच गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि एक अश्वेत युवक अचानक आक्रामक हो जाता है और बुजुर्ग ड्राइवर को जोर से धक्का दे देता है, जिससे बुजुर्ग सड़क पर गिर जाता है। इस दौरान वीडियो बनाने वाला युवक उसे लगातार अपराधी कहकर संबोधित करता है। पुलिस के आने पर युवकों का व्यवहार बदला कुछ समय बाद मौके पर न्यूयॉर्क पुलिस (NYPD स्कूल सेफ्टी ऑफिसर्स) पहुंचती है। पुलिस के सामने सिख ड्राइवर अपनी बात रखने की कोशिश करता है। जबकि, युवक दावा करता है कि उसके पास पूरी घटना का वीडियो सबूत मौजूद है। पुलिस के पहुंचने के बाद युवक का व्यवहार अचानक बदल जाता है और वह शांत होकर अधिकारियों से बातचीत करता दिखाई देता है। वह युवाओं के लिए सकारात्मक संदेश देने की भी बात करता है। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर स्थिति को संभाला और दोनों पक्षों से जानकारी ली। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो में क्या दिख रहा एक बुजुर्ग सिख टैक्सी ड्राइवर (पगड़ी और चेक शर्ट पहने हुए) कुछ युवकों से बहस कर रहा है। वहां मौजूद युवक टैक्सी ड्राइवर पर चिल्ला रहे हैं कि उसने अपनी गाड़ी से लड़कियों को टक्कर मारी है। वे यह भी आरोप लगा रहे हैं कि ड्राइवर बिना रुके मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। इसके जवाब में बुजुर्ग ड्राइवर कहता है कि उसने कोई टक्कर नहीं मारी, बल्कि लड़कियां खुद उसकी गाड़ी से टकराई हैं। वह यह भी कहता है कि उसकी टैक्सी में सवारी बैठी हुई है और वह सिर्फ अपना काम कर रहा था। युवक ड्राइवर को वहां से जाने नहीं देते। जब ड्राइवर वहां से जाने की कोशिश करता है, तो एक युवक उसे धक्का देकर गिरा देता है। इसके बाद बुजुर्ग कहता है, तुमने मुझे धक्का क्यों मारा? इसके बाद बुजुर्ग पुलिस को फोन करता है। मौके पर पुलिस पहुंचती है और आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी रहता है। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबियों के लिए न्यूजीलैंड जाना हुआ मुश्किल:42% स्टडी वीजा कैंसिल, एंट्री में दिक्कतें, सबको अंग्रेजी जरूरी, सरप्राइज इंटरव्यू में फेल तो डिपोर्ट न्यूजीलैंड सरकार ने इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव किए हैं, जिनका असर भारतीयों खासकर पंजाबियों पर दिखने लगा है। एक हफ्ते के भीतर पंजाब के दो लोगों को देश में एंट्री के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि 42 फीसदी स्टूडेंट वीजा रद्द होने की बात सामने आई है। पढ़ें पूरी खबर…
NEET Exam Center Controversy | Rajasthan Burqa Entry Row 2026

12 मिनट पहले कॉपी लिंक 3 मई को हुई NEET UG परीक्षा के एग्जाम सेंटर वीडियोज इस साल भी वायरल हैं। अलग-अलग राज्यों में छात्र छात्राओं की सख्ती से चेकिंग के वीडियोज सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे हैं जो चर्चा का विषय बने हैं। बुर्का पहनकर सेंटर पहुंची छात्रा पहला वीडियो राजस्थान के बाड़मेर जिले का है, जिसमें बुर्का पहने एक NEET एस्पिरेंट को बस चेहरा आडेंटिफाई करके एग्जाम सेंटर में एंट्री मिल गई। इस वीडियो पर कईयों का कहना है कि इतनी सख्त चेकिंग के बीच किसी को बुर्का पहनकर एग्जाम सेंटर में घुसने की इजाजत कैसे दी जा रही है। हालांकि, इस वीडियो के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि छात्रा को पेपर देने की अनुमति मिली है। वीडियो में छात्रा चेकिंग कराकर आगे जाते दिखाई दे रही है। छात्रा से उतरवाई तुलसी माला वहीं दूसरा वीडियो गुजरात के सूरत का है, जहां एक छात्रा को कंठी (तुलसी माला) के साथ एंट्री नहीं मिलने पर काफी बवाल हुआ। वीडियो में छात्रा के पिता ने इस सख्त चेकिंग को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने ये तक कह दिया कि ‘हम सूरत में हैं, पाकिस्तान में नहीं।’ छात्रा को वापस कंठी पहनाता पिता। एग्जाम में बुर्का अलाउड नहीं, फिर इसके साथ एंट्री कैसे? इसके बाद सोशल मीडिया पर ऑनलाइन डिबेट-सी छिड़ गई कि एक ओर इतनी सख्त चेकिंग जहां हिंदू धर्म के प्रतीकों तक को नहीं छोड़ा जा रहा, वहीं दूसरी ओर मुस्लिम कैंडिडेट को बुर्का के साथ एग्जाम सेंटर में एंट्री मिली। वो भी तब जबकि NEET एग्जाम में हिजाब तो अलाउड है पर बुर्का नहीं। रबड़बैंड-कलावा कटवाया, इन सबमें पढ़ा हुआ भूली इसी बीच NEET 2024 क्वालिफाई करने वाली एक डॉक्टर की भी वीडियो वायरल हुई, जिसमें उन्होंने 2024 में अपने एग्जाम का अनुभव साझा किया है। उन्होंने बताया कि एग्जाम सेंटर में एंट्री से पहले कलावा कटवाया था, रबड़बैंड तक हटाने को कह दिया था। वो आगे कहती हैं, ‘इन सबके चक्कर में इतना क्यॉटिक माहौल हो गया था कि जितना मैंने पढ़ा था, उससे ज्यादा तो मैं भूल रही थी। उस वक्त मुझे बुखार तक आ गया।’ सीकर में पजामे का नाड़ा-चेन काटकर हटाया, फिर एंट्री तीसरा वीडियो भी राजस्थान के सीकर का है, जिसमें कैंडिडेट्स के पजामे का नाड़ा और यहां तक कि चेन भी काटकर निकाला गया। इसके बाद ही एंट्री मिली। 🚨लोवर या पैंट की ज़िप से क्या तात्पर्य?? आप बताएं🤔3 मई 2026 को सीकर में NEET परीक्षा कड़ी सुरक्षा और कड़ी चेकिंग (धागे, चैन तक की तलाशी) के बीच शांतिपूर्वक संपन्न हुई। पिपराली और फतेहपुर रोड पर भारी ट्रैफिक जाम रहा। बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के बाद ही छात्रों को केंद्र में… pic.twitter.com/7UYcuD980q— Abhimanyu Singh (@Abhimanyu1305) May 4, 2026 चौथा वीडियो तमिलनाडु के नामक्कल जिले का है, जहां एक छात्र को एडमिट कार्ड पर लगी सेम फोटो साथ नहीं लाने पर सेंटर में एंट्री नहीं मिली। 20.05 लाख कैंडिडेट्स एग्जाम देने पहुंचे ऐसे कुछ बवालों के बावजूद 3 मई को NEET एग्जाम सफल हुआ। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के मुताबिक, NEET UG 2026 में करीब 20.05 लाख कैंडिडेट्स एग्जाम देने पहुंचे। इस एग्जाम के लिए 22.79 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों ने रजिस्ट्रेशन किया था। NTA के ऑफिशियल नोटिस के मुताबिक, 3 मई को देश के 551 शहरों और देश के बाहर के 14 शहरों के एग्जामिनेशन सेंटर्स पर एग्जाम हुए। एग्जाम दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक ऑफलाइन मोड यानी पेन-पेपर मोड में आयोजित हुई थी। NEET UG 2026 का पेपर बैलेंस्ड, लेकिन लेंदी रहा दिल्ली में विशनरी मास्टर्ज के डायरेक्टर हरप्रीत सिंह के मुताबिक, NEET UG 2026 परीक्षा का स्तर कुल मिलाकर मॉडरेट रहा। हालांकि, अभ्यर्थियों के मुताबिक पेपर बैलेंस्ड, लेकिन लेंदी था। फिजिक्स सेक्शन रैंक डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकता है फिजिक्स वाला सेक्शन काफी चैलेंजिग रहा, जिसमें करेंट करेंट इलेक्ट्रिसिटी, मैग्नेटिक इफेक्ट्स, जैसे विषयों से कॉन्सेप्चुअल और कैलकुलेटिव सवाल ज्यादा पूछे गए, जिससे ये सेक्शन रैंक डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकता है। केमिस्ट्री में ज्यादातर सवाल NCERT बेस्ड केमिस्ट्री का लेवल आसान से मॉडरेट रहा, जहां फिजिकल केमिस्ट्री आसान रही, जबकि ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के कुछ सवाल थोड़े पेचीदा थे और ज्यादातर सवाल NCERT बेस्ड थे। बायोलॉजी में एस्पिरेंट्स की कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग को परखा बायोलॉजी सबसे ज्यादा स्कोरिंग सेक्शन रहा, जिसमें Human Physiology, Genetics, Biotechnology और Plant Physiology जैसे टॉपिक्स से सीधे सवाल पूछे गए। इस साल बायोलॉजी सेक्शन में स्टेटमेंट-बेस्ड और मैच-द-कोलम जैसे ज्यादा सवाल रहे, जिनमें एस्पिरेंट्स की कॉन्सेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग, NCERT की लाइन-बाई-लाइन समझ और आपस में मिलते-जुलते कॉन्सेप्ट्स में अंतर करने की क्षमता को परखा गया, न कि सिर्फ रटने की क्षमता को। कुल मिलाकर पेपर में कॉन्सेप्ट की समझ और NCERT पर पकड़ को प्रायॉरिटी दी गई और एस्पिरेंट्स का मानना है कि सवाल आसान थे, लेकिन अच्छा स्कोर करने के लिए टाइम मैनेजमेंट बेहद जरूरी रहा। स्टोरी – सोनाली राय —————————– ये खबर भी पढ़ें… NEET-एस्पिरेंट अंकिता का एडमिट कार्ड मलबे में दबा, वीडियो वायरल:एग्जाम से एक दिन पहले घर टूटा और डॉक्टर बनने का सपना भी आज 3 मई को देशभर में NEET का एग्जाम हुआ। इससे ठीक एक दिन पहले, जहां एक ओर सारे एस्पिरेंट्स इसकी आखिरी तैयारी में लगे थे, वहीं दूसरी ओर भोपाल की NEET एस्पिरेंट अंकिता दांगी मलबे में से अपना एडमिट कार्ड खोज रही थी। वही मलबा जो शनिवार सुबह तक उसका घर था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Diljit Dosanjh Khalistani Controversy | Canada Show 2026

कैलगरी शो में खालिस्तानियों के झंडे दिखाने पर दिलजीत दोसांझ ने थापी देकर गुस्सा दिखाया। – फाइल फोटो पंजाबी सिंगर दिलजीत दोसांझ का ऑरा वर्ल्ड टूर 2026 विवादों में घिर गया गया है। 30 अप्रैल को कनाडा में कैलगरी शो के दौरान खालिस्तानी झंडे दिखाए गए। इसके जवाब में दिलजीत ने जांघ पर थापी देकर कहा था- मैं बाहर उठाकर फेंकूंगा। . अब दिलजीत की इस थापी को लेकर खालिस्तानी चिढ़ गए हैं। इसे लेकर 3 मई को @बब्बर अकाउंट से दिलजीत को चैलेंज किया गया कि अब सामने खड़े रहना। यह थापी खालिस्तान को नहीं पंथ को मारी गई है। खालिस्तानी ने धमकाते हुए कहा- तुम्हें नत्थ डालेंगे। थापी मारकर तुमने सिख होने का मुखौटा उतार दिया है। बब्बू मान और गुरदास मान का अहंकार भी इसी तरह से तोड़ा था। खालिस्तानियों ने यह भी दावा किया कि कैलगरी में दिलजीत के खिलाफ शिकायत दी गई है। शिकायत में कहा गया है कि दिलजीत ने उठाकर बाहर फेंकने की बात कहकर ऑस्ट्रेलिया के शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने के कानून का उल्लंघन किया है। हालांकि, कैलगरी पुलिस ने इस संबंध में ऑफिशियल नोट जारी नहीं किया है। @बब्बर हैंडल से दिलजीत दोसांझ को खालिस्तानी धमकाता हुआ। खालिस्तानी ने वीडियो में ये धमकी दी… यह थापी पंथ को मारी है: खालिस्तानी हैंडल @बब्बर से शेयर वीडियो में खालिस्तानी ने कहा- दिलजीत ने जो थापी अपने शो में मारी है वह हमें नहीं सिख पंथ को मारी है। इससे पहले ऐसा ही अहंकार गुरदास मान और बब्बू मान को हुआ था। इसके बाद क्या हुआ, सब जानते हैं। अब माफियां मांगते हैं। दिलजीत का भी अहंकार इसी तरह निकालेंगे और इस थापी का जवाब देंगे। अमिताभ बच्चन के पांव क्यों छुए: खालिस्तानी ने कहा कि दिलजीत ने इससे पहले केबीसी (कौन बनेगा करोड़पति) शो में अमिताभ बच्चने के पैर छूकर गलत किया। हालांकि, दिलजीत इस मसले पर कह चुके हैं कि वह अमिताभ के शो में पंजाबियों और बाढ़ पीड़ितों के लिए फंड जुटाने गए थे, न कि अपने प्रमोशन के लिए। चमकीला को जानबूझकर बच्चे-बच्चे तक पहुंचाया: खालिस्तानी ने दिवंगत पंजाबी सिंगर अमरजीत चमकीला को लेकर बनाई गई फिल्म को लेकर भी दिलजीत दोसांझ को धमकाया। खालिस्तानी ने कहा कि जिस चमकीला का पंजाब से नाम मिटा दिया गया था, उसे दिलजीत ने फिर से बच्चे-बच्चे तक पहुंचा दिया। दिलजीत बोले- मैं तो बीच में फंस गया दिलजीत ने खालिस्तानी झंडे दिखाने को लेकर हुए विवाद पर 2 मई को एडमंटन (कनाडा) में शो के दौरान कहा- मैं तो बीच में फंस गया हूं। भारत जाता हूं तो वहां कई लोग कहते हैं कि खालिस्तानी आ गया। जब मैं विदेश में आता हूं तो ये कहते हैं कि भारत का बंदा आ गया। ऐसे में मैं क्या करूं? कभी-कभी मुझे लगता है कि मैं सही रास्ते पर चल रहा हूं। अमिताभ बच्चन के पैर छूने पर भी खालिस्तानियों ने खड़ी की थी कंट्रोवर्सी। जानें क्या है पूरा विवाद… 30 अप्रैल को खालिस्तानियों ने दिखाए झंडे: पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ को ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान कनाडा के कैलगरी में शो के दौरान खालिस्तानियों ने झंडे दिखाए। इस पर दिलजीत दिलजीत भड़क गए और पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। दिलजीत ने सिद्धू मूसेवाला स्टाइल में अपनी जांघ पर थापी देते हुए कहा कि जिसने आना है, मैदान में आ जाए। मैं उठाकर बाहर फेंकूंगा। इससे खालिस्तानी भड़क गए और दिलजीत के खिलाफ ट्रोलिंग शुरू कर दी। दिलजीत बोले- हर प्लेटफॉर्म पर करता हूं पंजाब की बात: 30 अप्रैल को शो के दौरान दिलजीत ने कहा कि वह जिस भी प्लेटफॉर्म पर जाते हैं, चाहे वह राष्ट्रीय हो या अंतरराष्ट्रीय, वे हमेशा पंजाब की बात करते हैं। टीवी चैनलों पर जाकर अपनी किसी फिल्म या गानों का प्रचार नहीं किया, बल्कि केवल पंजाब के मुद्दों को उठाने के लिए वहां गए। दिलजीत ने बताया कि वह बाढ़ पीड़ितों की मदद करने के लिए 6 महीने तक जमीन पर रहे। इसके लिए उन्होंने अपना ऑस्ट्रेलिया का टूर तक मिस कर दिया। विरोध करना है तो शौक से करें: दिलजीत ने कहा कि जब उन्हें नेशनल मीडिया ने मौका दिया कि वह पंजाब की बात रखेंगे तभी वह वहां गए ताकि पूरे भारत के लोगों तक अपनी बात पहुंचा सकें। दिलजीत ने कड़े शब्दों में कहा कि अगर पंजाब की बात करने के कारण कोई उनका विरोध करना चाहता है, तो वह शौक से करे। वह इसके लिए तैयार हैं। रोज झंडे दिखाएं, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता: दिलजीत ने कहा कि अगर कोई उनके पंजाब प्रेम के कारण उन्हें झंडे दिखाना चाहता है, तो वे रोज दिखाएं। उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने यह भी साफ किया कि उनके कॉन्सर्ट में बुजुर्ग और बच्चे भी आते हैं। अगर कोई वहां आकर माहौल खराब करेगा या हंगामा करेगा, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दिया जाएगा। शो में विरोध बर्दाश्त नहीं करूंगा: सरे में शो के दौरान हुए हंगामे का जिक्र करते हुए दिलजीत ने साफ कर दिया कि वह वेन्यू पर किसी भी तरह की अनुशासनहीनता या बाधा को बर्दाश्त नहीं करेंगे। उनका काम किसी को खुश करना नहीं, बल्कि अपने लोगों की सेवा करना है। ॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… दिलजीत दोसांझ ने खालिस्तानियों को भगाया:अमेरिका में शो के दौरान मूसेवाला स्टाइल में थापी मारी, बोले- भागो वर्ना उठाकर बाहर मारूंगा पंजाबी और बॉलीवुड सिंगर दिलजीत दोसांझ ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान अमेरिका के कैलगरी में शो में खालिस्तानियों पर भड़क गए। दिलजीत ने पोस्टर दिखा रहे खालिस्तानी समर्थकों को स्टेज से ही जवाब दिया। अपने किसी शो में दिलजीत पहली बार इतने गुस्से में दिखे। पढ़ें पूरी खबर…









