Ludhiana Mayor Husband Lewd Chat Call Recording Controversy

लेडी प्रिंसिपल द्वारा वीडियो कॉल के दौरान लिया गया स्क्रीनशॉट, उसका दावा है कि इसमें मेयर पति उससे बात कर रहा है। लेडी प्रिंसिपल से अश्लील चैटिंग के बाद अब लुधियाना के मेयर पति की कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें मेयर इंद्रजीत कौर का पति रवि आनंद उर्फ लक्की लेडी प्रिंसिपल से बार-बार पिक (फोटो) मांग रहा है। लेडी प्रिंसिपल लगातार उसकी डिमांड को नकार रही है। लेडी . करीब सवा 2 मिनट की कॉल रिकार्डिंग में रवि आनंद ने 9 बार लेडी प्रिंसिपल से पिक मांगी है। प्रिंसिपल बार-बार उसे कहती रही कि वो पिक नहीं देगी। आखिर में तो लेडी प्रिंसिपल ने उसे यहां तक कह दिया कि रिश्ते की कुछ शर्म भी होती है। लेडी प्रिसिंपल का दावा है कि यह कॉल रिकार्डिंग उसने फेसबुक मेसेंजर से की है। लेडी प्रिंसिपल ने रवि आनंद की अब तक जितनी भी चेटिंग सार्वजनिक की है उनमें रवि आनंद बार-बार फिगर फोटो मांग रहा था। मेयर पत्नी इंद्रजीत कौर के साथ रवि आनंद उर्फ लक्की, जिस पर लेडी प्रिंसिपल ने गंभीर आरोप लगाए हैं। लेडी प्रिंसिपल और मेयर पति के बीच बातचीत हूबहू पढ़ें… रवि आनंद: प्रिंसिपल बहुत तेज है लेडी प्रिंसिपल: तेज होकर ही काम चल रहा है अब हम #$%$ थोड़े हैं कि अब फ्री में एडमिशन थोड़े करेंगे। पागल ही होंगे एक तो आदमी नहीं सिर पर दूसरा बच्चे बनकर काम करें। जो 19 साल से स्कूल चला रहा है वो तेज नहीं होगा। मैं तो पहले ही तेज थी। जब तू काम करता था तब मैं तेज नहीं थी क्या? तब भी मैं बहुत तेज थी। मैंने तो एक साल ही लोगों से मिन्नतें की थी कि एडमिशन करवा लो जी। रवि आनंद: मैडम पिक नहीं भेजनी क्या? लेडी प्रिंसिपल: कौन सी पिक? रवि आनंद: मैंने जो कही थी। लेडी प्रिंसिपल: तूने क्या करना है पिक का मुझे बताओ। रवि आनंद: चल तेरी मर्जी। लेडी प्रिंसिपल: लक्की तू उसको पूछ कि जब तू स्कूल की एड लगाता था, तब तुझे स्कूल की बिल्डिंग नहीं दिखी। रवि आनंद: छोड़ तू इसको। मैं भी इसको 40-40, 50-50 हजार की एड देता हूं। मैं क्यों पूछूं बताओ। लेडी प्रिंसिपल: फिर रवि आनंद: मैं तेरी भी 15 हजार रुपए की एड दे देता हूं बता। पिक भेज दो। लेडी प्रिंसिपल: मैं तो एड देती हूं। तुम क्यों दोगो। रवि आनंद: तू बता पिक देनी है या नहीं। मैंने तेरे साथ फालतू बात करनी है। लेडी प्रिंसिपल: फालतू बात करनी मतलब। रवि आनंद: मैं फ्री हूं आज। लेडी प्रिंसिपल: कहां है तेरी मैडम। रवि आनंद: प्रोग्रामों में गई है। एक भेज दे। लेडी प्रिंसिपल: मैंने नहीं भेजनी। रवि आनंद: भेज दे एक सेकेंड बाद डिलीट मार देना। लेडी प्रिंसिपल: मैंने नहीं भेजनी। बात समझो मेरी। रवि आनंद: मैंने जब कह दिया कि एक सेकेंड बाद डिलीट मार देना भेज यार। लेडी प्रिंसिपल: मेरी बात समझो मैंने नहीं भेजनी। रवि आनंद: तुम्हारी मर्जी लेडी प्रिंसिपल: पहली मेरी बात समझो। हर रिश्ते में एक शर्म होती है। आपके साथ मेरा पहले और रिश्ता रहा है। तुम मुझे कहोगे कि फिगर की पिक भेज तो मैं नहीं भेज पाउंगी। समझो न तुम। रवि आनंद: भेजो न एक मैं तुरंत डिलीट कर दूंगा। लेडी प्रिंसिपल: नहीं भेजनी। कॉल पर बात कर दो वीर जी। रिकार्डिंग के डर से नॉर्मल कॉल नहीं करता था लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि रवि आनंद लक्की बेहद शातिर है। वह नॉर्मल कॉल नहीं करता था ताकि कोई रिकॉर्डिंग न हो। उन्होंने बताया कि सबूत एकत्रित करने के लिए उसे कई बार कहा कि नॉर्मल फोन कॉल कर लेकिन उसने नहीं की। वो सिर्फ मेसेंजर पर ही कॉल करता था। उन्होंने बताया कि सबूत एकत्रित करने के लिए फिर स्क्रीन रिकाॅर्डिंग के बारे में जानकारी हासिल की और तब यह रिकॉर्डिंग की। स्क्रीन रिकॉर्डिंग के जरिए ही चैट रिकार्ड की लेडी प्रिंसिपल का कहना है कि जब वो उसे ज्यादा अश्लीलता वाले मैसेज भेजने लगा तो उसने ट्रैप लगाया ताकि सबूत कलेक्ट किए जा सकें। लेडी प्रिंसिपल ने बताया कि उसने जो भी मैसेज भेजे साथ के साथ डिलीट एवरीवन कर देता था ताकि कोई पढ़ ही न सके। उन्होंने एक दिन स्क्रीन रिकार्ड ऑन करके उसके मैसेज रिकार्ड कर दिए। मेयर पति की लेडी प्रिंसिपल से अश्लील चैटिंग देखें… ************** ये खबर भी पढ़ें.. लेडी प्रिंसिपल बोली- मेयर पति ने फिगर फोटो मांगी:हॉट-सेक्सी के मैसेज भेजे, पंजाब AAP नेताओं ने मदद नहीं की लुधियाना की मेयर इंद्रजीत कौर के पति रवि आनंद लक्की पर अश्लील मैसेज भेजने के आरोप लगाने वाली प्रिंसिपल खुलकर सामने आई है। प्रिंसिपल ने कहा कि मेयर का पति मैसेज में उसे हॉट-सेक्सी लिखता था। उसकी फिगर फोटो मांगता था। लॉन्ग ड्राइव पर मनाली चलने का ऑफर देता था। प्राइवेट पार्ट को लेकर कई तरह की बातें कहता था (पढ़ें पूरी खबर)
कनाडा में निहंग को पीटा, दाढ़ी खींची,VIDEO:ड्राइवर की हिमायत में पैसे मांगने गया था, बहस के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने हमला किया

कनाडा में ट्रांसपोर्ट कंपनी के ऑफिस में निहंग के साथ मारपीट की गई। इस दौरान निहंग की दाढ़ी खींची गई। ्इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दो लोगों के बीच झड़प होते हुए दिख रही है। मारपीट का करण एक ट्रक ड्राइवर के पैसों को लेकर बताया जा रहा है। ड्राइवर का आरोप कि हाल ही में हुए एक्सीडेंट में उसकी गलती न होने के बावजूद कंपनी ने पैसे काटने की बात कही। इसके बाद उसने निहंग को मामला बताया। ड्राइवर के मुताबिक, बातचीत के दौरान कंपनी मालिक ने निहंग की दाढ़ी पकड़ ली और उसकी पत्नी के साथ भी मारपीट की। हालांकि वीडियो वायरल होने के बाद ट्रांसपोर्ट कंपनी का मालिक भी सामने आया है। उसने विवाद बढ़ने पर माफी मांग ली है। ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने कहा कि मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं था कि निहंग के केशों को छुएं या किसी भी तरह की बेअदबी करें। उसने ट्रक ड्राइवर के आरोपों भी गलत बताया है। पहले जानिए विवाद क्यों हुआ… मारपीट की इस घटना का कारण ट्रक ड्राइवर के पैसे न मिलने को बताया जा रहा है। इसी कंपनी में काम करने वाले एक ट्रक ड्राइवर ने कहा कि वह दिसंबर से इस कंपनी में काम कर रहा था, लेकिन कंपनी उसे उसका पैसा नहीं दे रही। ड्राइवर ने बताया कि कुछ दिन पहले ट्रक का एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें उसी कंपनी का दूसरा ड्राइवर ट्रक चला रहा था और वह खुद ट्रक के पीछे सो रहा था। नियमों के अनुसार उसकी कोई गलती नहीं थी, फिर भी कंपनी ने कहा कि उसके पैसे भी काट लिए जाएंगे। इसके बाद मैंनें यह बात निहंग सिंह को बताई। जब वह इस मामले में बात करने गया, तो वहां के मालिक रमन ने उस निहंग की दाढ़ी को पकड़ लिया और साथ ही मेरी पत्नी के साथ भी मारपीट की। ट्रांसपोर्ट कंपनी मालिक ने सफाई में क्या कहा.. वीडियो बनाने के बाद कहासुनी हुई: रैपिडएक्स ट्रांसपोर्ट कंपनी के मालिक रमन ने वीडियो जारी कर कहा- 23 अप्रैल को जब मैं अपने ऑफिस से बाहर जा रहा, इस वक्त अपने ड्राइवर के साथ बातचीत कर रहा था। तभी निहंग वहां आया और वीडियो बनाने लगा, जिसके बाद कहासुनी शुरू हो गई। ऑफिस में महिलाओं से अभद्रता की: रमन ने कहा कि इसके बाद मैं वहां से चला गया। इसके बाद वही निहंग उनके ऑफिस आया और वहां गलत व्यवहार करने लगा। उसने ऑफिस के फ्रंट गेट को भी नुकसान पहुंचाया और महिला कर्मचारियों के सामने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। रोकने की कोशिश, पर झड़प हो गई: रमन ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए मैंने उसे रोकने की कोशिश की, जिसके दौरान हम दोनों के बीच झड़प हो गई। वे उस व्यक्ति को न तो जानते हैं और न ही पहचानते हैं। अगर कोई इस तरह से ऑफिस में आकर हंगामा करेगा, तो कोई भी व्यक्ति आत्मरक्षा में कदम उठाएगा। ट्रक ड्राइवर के आरोप झूठे: रमन ने ट्रक ड्राइवर के पैसों के विवाद को लेकर कहा कि ये सक झूठ है और कहा कि मैंने कभी भी यह नहीं कहा कि मैं तुम्हारे पैसे काटूगा। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि घटना की रिपोर्ट भर दो। क्योंकि जो ट्रक चलाया जा रहा था, उसके अंदर लगा कैमरा टूटकर गिर गया था, जिसकी वजह से हमें कोई वीडियो या फोटो नहीं मिल पाई। ड्राइवर को सिर्फ रिपोर्ट भरने के लिए कहा: रमन ने कहा कि मैंने ड्राइवर भाई से कहा था कि आप रिपोर्ट भर दें और उसमें लिख दें कि मैं पीछे सो रहा था। यह सब बीमा (इंश्योरेंस) के उद्देश्य के लिए जरूरी था, क्योंकि ड्राइवर का बयान होना आवश्यक होता है। मैंने केवल इतना ही कहा था कि आप अपना बयान दे दें और जो आपके बनते पैसे हैं, उनका चेक ले लें। मैंने इसके अलावा कोई भी गलत बात नहीं कही। मुझे समझ नहीं आया कि यह मुद्दा इतना बड़ा कैसे बन गया। और जो ड्राइवर उस समय ट्रक चला रहा था, वह आज भी मेरी कंपनी में काम कर रहा है।
इंदौर के पार्षद कालरा की रिकॉर्डिंग वायरल:सोशल मीडिया पर आई बातचीत की रिकॉर्डिंग, दुकान को लेकर कर रहे बात

इंदौर में पार्षद कमलेश कालरा की ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। तीन अलग-अलग पार्ट में यह रिकॉर्डिंग सामने आई है। रिकॉर्डिंग में वह किसी व्यक्ति से दुकान के संबंध में बात कर रहे हैं। रिकॉर्डिंग के सामने आने के बाद एक रिकॉर्डिंग ओर सामने आई, जिसमें वह कह रहे हैं कि मीडिया तक ये रिकॉर्डिंग कैसे पहुंची। रिकॉर्डिंग की बात करें तो इसमें वह और दूसरे व्यक्ति से बात कर रहे हैं। जिसमें किसी दुकान को लेकर चर्चा की जा रही है। तीन अलग-अलग पार्ट में सामने आई रिकॉर्डिंग तीन अलग-अलग रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें पहली रिकॉर्डिंग में सामने वाला किसी विजय का नाम लेकर पार्षद से कर रहा है कि वह आपसे मिलना चाहते हैं। इसमें शाम को मिलने की बात पर पार्षद कहते हैं कि पार्षद हैं ना। कभी भी कुछ भी काम आ जाता है, तो उसी टाइम जाना पड़ता है। सामने वाले ने कहा कि वह कह रहे हैं कि एक दुकान खाली करा देंगे। ये वाली दुकान का जैसा भैया कहेंगे वैसा कर लेंगे। आधा किराया भैया को दे देंगे। वहीं सामने वाला पार्षद को कहता है कि आप तो इस दुकान की चॉबी ही ले लेना। वहीं, दूसरी रिकॉर्डिंग में ऐसे फोन पर बात मत कराया करो। सबसे तुम ही बात कर लिया करो। सामने वाला कहता है कि वह मेरी बात नहीं मानेंगे, इस पर पार्षद कहते हैं कि जेसीबी आएगी तब मान जाएंगे। वहीं, तीसरी रिकॉर्डिंग में वह कह रहे हैं कि बाजार में ये ऑडियो कैसे आ गई मीडिया के पास। मीडिया में चल रही है। तुम ऐसे करोगे तो कैसे काम चलेगा। ये हटवाओ। आरोपों को गलत बताया जब पार्षद कमलेश कालरा से बात की तो उन्होंने कहा कि विजय नामक व्यक्ति ने दो दुकानों पर कब्जा कर रखा था। आज कार्रवाई हुई है, जबकि आज वे इलाके में थे भी नहीं, वे कोर्ट में थे। उन्होंने लेन-देन के आरोप को भी गलत बताया है।
US President Trump Blasts Journalist Over Rapist Allegations

वॉशिंगटन डीसी32 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प CBC न्यूज के इंटव्यू देते हुए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प एक इंटरव्यू के दौरान महिला पत्रकार पर भड़क गए। यह मामला कोल टॉमस एलेन के मैसेज से जुड़ा था, जिस पर गोलीबारी करने का आरोप है। एलेन ने हमले से 10 मिनट पहले परिवार को एक मैनिफेस्टो (लिखित बयान) भेजा था। इसमें उसने ‘पेडोफाइल, रेपिस्ट और गद्दार’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था, लेकिन उसने किसी का नाम सीधेतौर पर नहीं लिया। इसी मामले को लेकर पत्रकार नोरा ओ डोनल ने जब ट्रम्प से पूछा कि क्या ये आरोप उन्हीं की तरफ इशारा करते हैं? इस पर ट्रम्प ने कहा कि वे न तो रेपिस्ट हैं और न ही किसी का रेप किया है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा, “तुमने एक बीमार आदमी की बकवास टीवी पर पढ़ दी। मुझे उन चीजों से जोड़ा गया जिनसे मेरा कोई लेना-देना नहीं है। मुझे पहले ही पूरी तरह क्लीन चिट मिल चुकी है।” इस पर नोरा ने साफ किया कि वो उनके अपने शब्द नहीं थे, बल्कि आरोपी ने लिखा था। लेकिन ट्रम्प ने कहा कि ऐसे आरोप टीवी पर पढ़ना ही गलत था। ट्रम्प बोले- गोलीबारी के दौरान डर नहीं लगा इंटरव्यू में जब ट्रम्प से पूछा गया कि क्या वह खुद निशाने पर थे, तो उन्होंने कहा कि उन्हें पक्का नहीं है। ट्रम्प ने आगे कहा कि इस घटना के दौरान उन्हें डर नहीं लगा, क्योंकि दुनिया ऐसी ही है और ऐसी घटनाएं हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पहले उन्हें लगा था कि यह छोटी घटना है, लेकिन फिर समझ आया कि मामला गंभीर है। उस वक्त एक कलाकार शो कर रहा था और माहौल सामान्य लग रहा था, लेकिन अचानक सब बदल गया। ट्रम्प ने कहा कि सुरक्षा टीम उन्हें तुरंत बाहर ले जाना चाहती थी, लेकिन वह पहले देखना चाहते थे कि क्या हो रहा है। बाद में एजेंट्स ने उन्हें नीचे झुकने को कहा, तो वह और मेलानिया दोनों जमीन पर लेट गए और फिर सुरक्षित जगह ले जाए गए। उन्होंने बताया कि वह आधे रास्ते तक खड़े होकर जा रहे थे, फिर एजेंट्स के कहने पर नीचे झुक गए क्योंकि वहां खतरा ज्यादा था। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने पहले भी ऐसी स्थितियां देखी हैं, लेकिन मेलानिया के लिए यह नया अनुभव था। फिर भी उन्होंने स्थिति को अच्छे से संभाला। गोलीबारी के दौरान ट्रम्प डिनर कर रहे थे। वह भागने के दौरान गिर गए। ट्रम्प बोले- डेमोक्रेटिक नेताओं के बयानों से हिंसा भड़क रही इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि घटना खराब थी, लेकिन उतनी बड़ी नहीं बनी क्योंकि किसी की मौत नहीं हुई और कोई घायल नहीं हुआ। ऐसी हिंसा कोई नई बात नहीं है। यह 20, 50, 100 या 500 साल से होती आ रही है। लोग मारे जाते हैं, घायल होते हैं। उन्हें नहीं लगता कि आज यह पहले से ज्यादा हो रहा है। उन्होंने राजनीतिक हिंसा भड़काने के लिए डेमोक्रेट नेताओं की “हेट स्पीच” को जिम्मेदार ठहराया और कहा कि यह बहुत खतरनाक स्थिति है। ट्रम्प सरकार के कई मंत्री हमलावर के निशाने पर थे आरोपी ने अपने लिखे नोट में कहा था कि सरकार के बड़े नेता उसके निशाने पर थे और वह उन्हें एक-एक करके टारगेट करना चाहता था। उसने लिखा कि वह अब किसी “देशद्रोही” के काम में शामिल नहीं होना चाहता। अच्छी बात यह रही कि वह उस हॉल तक नहीं पहुंच पाया, जहां ट्रम्प, उनकी पत्नी मेलानिया ट्रम्प और बड़े अधिकारी मौजूद थे। सुरक्षा टीम ने समय रहते उसे रोक लिया और ट्रम्प को तुरंत वहां से बाहर ले जाया गया। इस घटना के बाद एक बार फिर ट्रम्प की सुरक्षा को लेकर सवाल उठे हैं, क्योंकि पहले भी उन पर हमले की कोशिश हो चुकी है। ————————————– वॉशिंगटन डिनर से जुड़ी खबर यहां पढ़ें… वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला:चश्मदीद बोले- 7 राउंड फायरिंग हुई, गेस्ट टेबल के नीचे छिपे; हमलावर पकड़ाया अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में सालाना व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर के दौरान फायरिंग हो गई। शनिवार शाम के इस कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पत्नी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई बडे़ अफसर मौजूद थे। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Dhirendra Shastri apologises for his remarks on Chhatrapati Shivaji Maharaj

Hindi News National Dhirendra Shastri Apologises For His Remarks On Chhatrapati Shivaji Maharaj नागपुर12 मिनट पहले कॉपी लिंक छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास स्वामी के बारे में अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने माफी मांग ली। रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला। मैं जिस स्वराज और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का सम्मान करता हूं, उसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का स्थान सर्वोच्च है। उनके बारे में नकारात्मक बोलना तो दूर, मैं ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकता। उन्होंने आगे कहा- संदर्भ बिल्कुल अलग था। छत्रपति शिवाजी महाराज की संतों और अपने गुरु समर्थ रामदास स्वामी के प्रति गहरी निष्ठा थी। हम एक शिष्य की अपने गुरु के प्रति भक्ति के बारे में बात कर रहे थे। ठीक वैसे ही जैसे महाभारत में अर्जुन ने भगवान कृष्ण से कहा कि वह अपने ही लोगों से युद्ध नहीं करेंगे, तब कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। हमारा उद्देश्य केवल छत्रपति शिवाजी महाराज महानता को उजागर करना था कि वे संतों के प्रति कितने गहरे रूप से समर्पित थे, लेकिन एक छोटा सा अंश संदर्भ से काटकर फैला दिया गया। धीरेंद्र शास्त्री नागपुर में विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में हुए थे शामिल। क्या था विवादित बयान? नागपुर के एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को त्यागने की इच्छा जताई थी। शास्त्री के अनुसार, महाराज अपना मुकुट लेकर गुरु समर्थ रामदास के पास पहुंचे थे। शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट उनके चरणों में रख दिया था। शास्त्री ने यह भी कहा था कि तब गुरु रामदास ने मुकुट वापस शिवाजी के सिर पर रखा और उन्हें सिखाया कि थकान के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना ही सच्ची सेवा है। मैं तो संतों के प्रति महाराज की भक्ति बता रहा था: धीरेंद्र शास्त्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया। हम उन लोगों की आलोचना कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिनके स्वराज्य ने हमें ‘हिंदू राष्ट्र’ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। मैंने अपने शब्दों में महाराज और संतों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज में आस्था रखने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं। अगर हम ऐसे मुद्दों पर आपस में बहस करेंगे, तो इससे केवल दूसरों को ही फायदा होगा। मेरा किसी के प्रति कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मैं माफी मांगता हूं। उन्होंने कहा कि मैं तो संतों के प्रति महाराज की भक्ति बता रहा था। नागपुर के कार्यक्रम में संतों के साथ-साथ RSS चीफ मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री गडकरी और महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस भी मौजूद रहे। राजनीतिक घमासान भी मचा पूर्व राज्यसभा सदस्य संभाजीराजे छत्रपति ने कहा-जिस मध्यप्रदेश से शास्त्री आते हैं, वहां के महान योद्धा छत्रसाल बुंदेला ने शिवाजी महाराज से ही प्रेरित होकर मुगलों के खिलाफ जंग जीती थी। संभाजीराजे ने शास्त्री के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए उन्हें अपने ही राज्य का इतिहास न जानने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे पाखंडी बाबाओं के कार्यक्रमों पर राज्य में रोक लगाई जाए। महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे इतिहास बदलने की साजिश बताया। उन्होंने नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस से भी माफी की मांग की। फडणवीस ने इस पर कहा कि इतिहास की किताबों में ऐसा कोई प्रसंग नहीं मिलता। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और हर्षवर्धन सपकाल ने इसे ‘इतिहास का विकृत रूप’ बताया है। शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि शिवाजी महाराज एक संप्रभु शासक थे और यह कहना कि उन्होंने अपना राज्य किसी और को सौंप दिया था, एक ऐतिहासिक पाप है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे बयानों के लिए मंच मुहैया करा रही है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने बाबा के महाराष्ट्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब यह बयान दिया जा रहा था, तब राज्य के सत्ताधारी नेता मंच पर मौजूद थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो जनता खुद उन्हें सबक सिखाएगी। धीरेंद्र शास्त्री ने रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने बयानों पर स्पष्टीकरण दिया। चारों बच्चों वाले बयान पर भी दिया स्पष्टीकरण नागपुर में उसी कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हर किसी को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को देना चाहिए। उनके इस बयान पर भी काफी विवाद में रहा। धीरेंद्र शास्त्री ने इस पर भी स्पष्टीकरण देते हुए कहा- संघ को पुत्र देने का अर्थ है उसे राष्ट्रवादी बनाना। चाहे वह कलेक्टर हो, शिक्षक हो या कुछ और, मेरा इरादा यही था कि बच्चे सनातनी विचारधारा के हों। शास्त्री ने यह भी कहा की कि वे भविष्य में विवाह करेंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी हिंदू आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे। —————– धीरेंद्र शास्त्री के बयान से जु़ड़ी ये खबर भी पढ़ें… धीरेंद्र शास्त्री बोले-नक्कटा तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले:लेंसकार्ट के तिलक-मंगलसूत्र पाबंदी पर भड़के प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी। उन्होंने कहा- “एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है, उसने बोला है अपनी कंपनी के वर्करों को कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Dhirendra Shastri Chatrapati Shivaji Maharaj Controversy

Hindi News National Dhirendra Shastri Chatrapati Shivaji Maharaj Controversy | Bageshwar Baba नागपुर8 घंटे पहले कॉपी लिंक रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला। छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास स्वामी के बारे में अपनी टिप्पणी को लेकर विवादों में घिरे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने माफी मांग ली। रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला। मैं जिस स्वराज और हिंदू राष्ट्र की अवधारणा का सम्मान करता हूं, उसमें छत्रपति शिवाजी महाराज का स्थान सर्वोच्च है। उनके बारे में नकारात्मक बोलना तो दूर, मैं ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकता। उन्होंने आगे कहा- संदर्भ बिल्कुल अलग था। छत्रपति शिवाजी महाराज की संतों और अपने गुरु समर्थ रामदास स्वामी के प्रति गहरी निष्ठा थी। हम एक शिष्य की अपने गुरु के प्रति भक्ति के बारे में बात कर रहे थे। ठीक वैसे ही जैसे महाभारत में अर्जुन ने भगवान कृष्ण से कहा कि वह अपने ही लोगों से युद्ध नहीं करेंगे, तब कृष्ण ने गीता का उपदेश दिया था। हमारा उद्देश्य केवल छत्रपति शिवाजी महाराज की महानता को उजागर करना था कि वे संतों के प्रति कितने गहरे रूप से समर्पित थे, लेकिन एक छोटा सा अंश संदर्भ से काटकर फैला दिया गया। धीरेंद्र शास्त्री नागपुर में विश्व के पहले ‘भारतदुर्गा मंदिर’ के शिलान्यास समारोह में शामिल हुए थे। क्या था विवादित बयान? नागपुर के एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को त्यागने की इच्छा जताई थी। शास्त्री के अनुसार, महाराज अपना मुकुट लेकर गुरु समर्थ रामदास के पास पहुंचे थे। शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट उनके चरणों में रख दिया था। शास्त्री ने यह भी कहा था कि तब गुरु रामदास ने मुकुट वापस शिवाजी के सिर पर रखा और उन्हें सिखाया कि थकान के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना ही सच्ची सेवा है। मैं तो संतों के प्रति महाराज की भक्ति बता रहा था: धीरेंद्र शास्त्री प्रेस कॉन्फ्रेंस में धीरेंद्र शास्त्री ने आगे कहा- कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। हम उन लोगों की आलोचना कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिनके स्वराज्य ने हमें ‘हिंदू राष्ट्र’ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। मैंने अपने शब्दों में महाराज और संतों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज में आस्था रखने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं। अगर हम ऐसे मुद्दों पर आपस में बहस करेंगे, तो इससे केवल दूसरों को ही फायदा होगा। मेरा किसी के प्रति कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मैं माफी मांगता हूं। नागपुर के कार्यक्रम में संतों के साथ-साथ RSS चीफ मोहन भागवत, केंद्रीय मंत्री गडकरी और महाराष्ट्र के सीएम फडणवीस भी मौजूद रहे। राजनीतिक घमासान भी मचा पूर्व राज्यसभा सदस्य संभाजीराजे छत्रपति ने कहा-जिस मध्यप्रदेश से शास्त्री आते हैं, वहां के महान योद्धा छत्रसाल बुंदेला ने शिवाजी महाराज से ही प्रेरित होकर मुगलों के खिलाफ जंग जीती थी। संभाजीराजे ने शास्त्री के ज्ञान पर सवाल उठाते हुए उन्हें अपने ही राज्य का इतिहास न जानने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे पाखंडी बाबाओं के कार्यक्रमों पर राज्य में रोक लगाई जाए। महाराष्ट्र के कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने इसे इतिहास बदलने की साजिश बताया। उन्होंने नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस से भी माफी की मांग की। फडणवीस ने इस पर कहा कि इतिहास की किताबों में ऐसा कोई प्रसंग नहीं मिलता। उन्होंने लोगों से जिम्मेदारी से व्यवहार करने की अपील की। कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और हर्षवर्धन सपकाल ने इसे ‘इतिहास का विकृत रूप’ बताया है। शिवसेना (UBT) के प्रवक्ता संजय राउत ने कहा कि शिवाजी महाराज एक संप्रभु शासक थे और यह कहना कि उन्होंने अपना राज्य किसी और को सौंप दिया था, एक ऐतिहासिक पाप है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ऐसे बयानों के लिए मंच मुहैया करा रही है। एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक रोहित पवार ने बाबा के महाराष्ट्र में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब यह बयान दिया जा रहा था, तब राज्य के सत्ताधारी नेता मंच पर मौजूद थे। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कार्रवाई नहीं की, तो जनता खुद उन्हें सबक सिखाएगी। धीरेंद्र शास्त्री ने रविवार को नागपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपने बयानों पर स्पष्टीकरण दिया। चार बच्चों वाले बयान पर भी दिया स्पष्टीकरण नागपुर में उसी कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि हर किसी को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को देना चाहिए। उनके इस बयान पर भी काफी विवाद रहा। धीरेंद्र शास्त्री ने इस पर भी स्पष्टीकरण देते हुए कहा- संघ को पुत्र देने का अर्थ है उसे राष्ट्रवादी बनाना। चाहे वह कलेक्टर हो, शिक्षक हो या कुछ और, मेरा इरादा यही था कि बच्चे सनातनी विचारधारा के हों। शास्त्री ने यह भी कहा कि वे भविष्य में विवाह करेंगे। उन्होंने कहा कि वे स्वयं भी हिंदू आबादी बढ़ाने में योगदान देंगे। —————– धीरेंद्र शास्त्री के बयान से जु़ड़ी ये खबर भी पढ़ें… धीरेंद्र शास्त्री बोले-नक्कटा तू अपनी कंपनी लाहौर में खोल ले:लेंसकार्ट के तिलक-मंगलसूत्र पाबंदी पर भड़के प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) में बागेश्वर धाम के पं. धीरेंद्र शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान लेंसकार्ट कंपनी को चेतावनी दी। उन्होंने कहा- “एक कंपनी है उसका नाम लेंसकार्ट है, उसने बोला है अपनी कंपनी के वर्करों को कि हमारे यहां कोई तिलक लगा के नहीं आ सकता, मंगलसूत्र पहन के नहीं आ सकता, सिंदूर लगा के नहीं आ सकता। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
जाकिर खान पर फिर भड़कीं अमीषा पटेल:बोलीं- अचीवर्स पर जोक बनाना आसान, सुपरस्टार बनके दिखाओ; धुरंधर से इंडस्ट्री जल नहीं, सीख रही है

बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने कॉमेडियन जाकिर खान के उस बयान पर एक बार फिर नाराजगी जताई है, जिसमें जाकिर ने कहा था कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ की कामयाबी से पूरी इंडस्ट्री जल रही है। अमीषा ने जाकिर के बयान को गलत बताते हुए कहा कि किसी अचीवर का मजाक उड़ाना बहुत आसान है, लेकिन उस मुकाम तक पहुंचना बहुत मुश्किल। एक्ट्रेस ने साफ किया कि इंडस्ट्री इस फिल्म की सफलता से असुरक्षित नहीं है, बल्कि इससे सीख ले रही है। अचीवर्स पर जोक बनाना आसान हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अमीषा ने इस विवाद पर कहा, “मैं जाकिर को पर्सनली जानती हूं, लेकिन एक बात जरूर कहूंगी कि स्टेज पर खड़े होकर अचीवर्स के बारे में बात करना और उनका मजाक उड़ाना बहुत आसान है। पहले अचीवर या सुपरस्टार बनकर तो दिखाओ, फिर जब आप पर जोक बनेगा तब देखूंगी कि आप उसे कैसे लेते हो। किसी को नीचा दिखाकर उस पर जोक बनाना सही नहीं है।” इंडस्ट्री जल नहीं रही, सीख रही है अमीषा ने जाकिर के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने जलन की बात कही थी। एक्ट्रेस ने सवाल किया, “क्या किसी ने आपको फोन करके बताया कि ‘धुरंधर’ हिट हो गई और मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूं? आपको यह कैसे पता चला?” अमीषा के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ के आने के बाद राम गोपाल वर्मा जैसे फिल्ममेकर्स और कई एक्टर्स ने फिल्म की तारीफ की है। लोग इस फिल्म को एक मानक मान रहे हैं और अपने काम को और बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। कॉम्पिटिशन से होता है सुधार अमीषा का मानना है कि कॉम्पिटिशन बुरा नहीं होता। उन्होंने कहा, “अगर हम कॉम्पिटिशन का सामना नहीं करेंगे, तो हम खुद को बेहतर कैसे बनाएंगे? दर्शकों को अच्छा कंटेंट कैसे देंगे? हमें अपनी कमियों को सुधारने के लिए किसी ऐसे की जरूरत होती है जो हमें बेहतर करने के लिए प्रेरित करे। जाकिर को यह कहना चाहिए था कि हम इस फिल्म से सीख रहे हैं।” अमीषा ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे उन 10 लोगों के नाम जानना चाहती हैं जिन्होंने जाकिर को फोन करके अपनी असुरक्षा के बारे में बताया। क्या था जाकिर खान का बयान? यह पूरा विवाद एक अवॉर्ड शो से शुरू हुआ था, जिसे जाकिर खान और आलिया भट्ट होस्ट कर रहे थे। शो के दौरान जाकिर ने कहा था, “आप चाहे कितने भी बधाई वाले पोस्ट डाल दें या इंटरव्यू में इसे अपनी फेवरेट फिल्म बता दें, लेकिन सच तो यह है कि ‘धुरंधर 2’ से सबकी जली तो है। बम लयारी में फटे हैं, लेकिन धुआं बांद्रा और जुहू में उठा है।” उनके इसी कमेंट पर अमीषा पटेल ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी उन्हें घेरा था।
जाकिर खान पर फिर भड़कीं अमीषा पटेल:बोलीं- अचीवर्स पर जोक बनाना आसान, सुपरस्टार बनके दिखाओ; धुरंधर से इंडस्ट्री जल नहीं, सीख रही है

बॉलीवुड एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने कॉमेडियन जाकिर खान के उस बयान पर एक बार फिर नाराजगी जताई है, जिसमें जाकिर ने कहा था कि फिल्म ‘धुरंधर 2’ की कामयाबी से पूरी इंडस्ट्री जल रही है। अमीषा ने जाकिर के बयान को गलत बताते हुए कहा कि किसी अचीवर का मजाक उड़ाना बहुत आसान है, लेकिन उस मुकाम तक पहुंचना बहुत मुश्किल। एक्ट्रेस ने साफ किया कि इंडस्ट्री इस फिल्म की सफलता से असुरक्षित नहीं है, बल्कि इससे सीख ले रही है। अचीवर्स पर जोक बनाना आसान हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान अमीषा ने इस विवाद पर कहा, “मैं जाकिर को पर्सनली जानती हूं, लेकिन एक बात जरूर कहूंगी कि स्टेज पर खड़े होकर अचीवर्स के बारे में बात करना और उनका मजाक उड़ाना बहुत आसान है। पहले अचीवर या सुपरस्टार बनकर तो दिखाओ, फिर जब आप पर जोक बनेगा तब देखूंगी कि आप उसे कैसे लेते हो। किसी को नीचा दिखाकर उस पर जोक बनाना सही नहीं है।” इंडस्ट्री जल नहीं रही, सीख रही है अमीषा ने जाकिर के उस दावे को भी खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने जलन की बात कही थी। एक्ट्रेस ने सवाल किया, “क्या किसी ने आपको फोन करके बताया कि ‘धुरंधर’ हिट हो गई और मैं असुरक्षित महसूस कर रहा हूं? आपको यह कैसे पता चला?” अमीषा के मुताबिक, ‘धुरंधर 2’ के आने के बाद राम गोपाल वर्मा जैसे फिल्ममेकर्स और कई एक्टर्स ने फिल्म की तारीफ की है। लोग इस फिल्म को एक मानक मान रहे हैं और अपने काम को और बेहतर करने की कोशिश कर रहे हैं। कॉम्पिटिशन से होता है सुधार अमीषा का मानना है कि कॉम्पिटिशन बुरा नहीं होता। उन्होंने कहा, “अगर हम कॉम्पिटिशन का सामना नहीं करेंगे, तो हम खुद को बेहतर कैसे बनाएंगे? दर्शकों को अच्छा कंटेंट कैसे देंगे? हमें अपनी कमियों को सुधारने के लिए किसी ऐसे की जरूरत होती है जो हमें बेहतर करने के लिए प्रेरित करे। जाकिर को यह कहना चाहिए था कि हम इस फिल्म से सीख रहे हैं।” अमीषा ने चुटकी लेते हुए कहा कि वे उन 10 लोगों के नाम जानना चाहती हैं जिन्होंने जाकिर को फोन करके अपनी असुरक्षा के बारे में बताया। क्या था जाकिर खान का बयान? यह पूरा विवाद एक अवॉर्ड शो से शुरू हुआ था, जिसे जाकिर खान और आलिया भट्ट होस्ट कर रहे थे। शो के दौरान जाकिर ने कहा था, “आप चाहे कितने भी बधाई वाले पोस्ट डाल दें या इंटरव्यू में इसे अपनी फेवरेट फिल्म बता दें, लेकिन सच तो यह है कि ‘धुरंधर 2’ से सबकी जली तो है। बम लयारी में फटे हैं, लेकिन धुआं बांद्रा और जुहू में उठा है।” उनके इसी कमेंट पर अमीषा पटेल ने पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर भी उन्हें घेरा था।
Abhishek Sharma Fan Grab Controversy

जयपुर2 मिनट पहले कॉपी लिंक जयपुर में सनराइजर्स हैदराबाद के क्रिकेटर अभिषेक शर्मा का युवती ने हाथ पकड़कर खींच लिया। अचानक हुई इस घटना से अभिषेक चौंक गए। इस दौरान उनके साथ मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने युवती से हाथ छुड़वाया और अभिषेक को लेकर रवाना हुए। दरअसल, अभिषेक शर्मा शनिवार को राजस्थान के खिलाफ IPL मैच के लिए होटल से SMS स्टेडियम जा रहे थे। इसी दौरान होटल की लॉबी में यह घटना हुई। इस घटना के बाद क्रिकेट खिलाड़ियों की सुरक्षा और निजी सीमाओं को लेकर सवाल उठने लगे। क्रिकेटर अभिषेक शर्मा होटल से निकलते हुए। मैच से पहले होटल से निकलने दौरान हुई घटना जयपुर के SMS स्टेडियम में शनिवार को सनराइजर्स हैदराबाद का मैच राजस्थान रॉयल्स के साथ था। अभिषेक मैच के लिए स्टेडियम के पास स्थित होटल से निकल रहे थे। इस दौरान भीड़ के बीच से एक महिला फैन अभिषेक शर्मा के करीब पहुंची और उनका हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचने लगी। इस दौरान क्रिकेटर के साथ मौजूद सुरक्षा कर्मी तुरंत हरकत में आए और महिला फैन से अभिषेक का हाथ छुड़वाया और उनको लेकर स्टेडियम के लिए रवाना हुए। हालांकि यह घटना कुछ सेकंड की थी, लेकिन अचानक हुई इस हरकत से अभिषेक शर्मा असहज और हैरान नजर आए। खिलाड़ियों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल इसके घटना को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। कई यूजर्स ने इस व्यवहार को “उत्पीड़न” करार दिया और कहा कि किसी भी खिलाड़ी की निजी सीमा का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है। कुछ लोगों ने सवाल उठाया कि अगर यही हरकत किसी पुरुष फैन ने महिला खिलाड़ी के साथ की होती तो प्रतिक्रिया क्या होती? फैंस का मानना है कि भीड़भाड़ वाली जगहों पर खिलाड़ियों के लिए सख्त सुरक्षा इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके। ये खबर भी पढ़ें IPL:जयपुर में ध्रुव जुरेल का सिक्स, गेंद स्टेडियम के बाहर:वैभव सूर्यवंशी ने लगाए 12 छक्के; हैदराबाद ने राजस्थान को 5 विकेट से हराया जयपुर के SMS स्टेडियम में शनिवार (25 अप्रैल) को खेले गए IPL मैच में सनराइजर्स हैदराबाद ने राजस्थान रॉयल्स को 5 विकेट से हरा दिया। मैच के 11वें ओवर की चौथी गेंद पर ध्रुव जुरेल ने 101 मीटर का सिक्स लगाया। गेंद RCA एकेडमी के पीछे वाले ग्राउंड में चली गई। अंपायर को नई गेंद मंगवानी पड़ी। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh

Hindi News National Raghav Chadha BJP Joining Controversy; AAP Sanjay Singh | Sandeep Pathak Swati Maliwal नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल को शुक्रवार शाम को भाजपा कार्यालय में पार्टी की सदस्यता दिलाई थी। आम आदमी पार्टी (AAP) अपने सात राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने की घोषणा के बाद उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए राज्यसभा चेयरमैन को लेटर लिखेगी। AAP का आरोप है कि इन सांसदों का कदम असंवैधानिक है और उन्हें अयोग्य घोषित करना चाहिए। सांसद संजय सिंह ने कहा कि दलबदल विरोधी कानून के तहत राज्यसभा और लोकसभा में किसी भी प्रकार के विभाजन या गुटबाजी को मान्यता नहीं दी जाती, चाहे वह दो-तिहाई बहुमत के साथ ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि संविधान की 10वीं अनुसूची भी ऐसे किसी अलग गुट को वैध नहीं मानती। AAP के 10 राज्यसभा सांसदों में से राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने शुक्रवार को BJP जॉइन कर ली थी। राघव चड्ढा ने कहा था कि हरभजन सिंह, विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल, राजेंदर गुप्ता भी हमारे साथ हैं। BJP में शामिल होने की घोषणा के 24 घंटे के भीतर राघव चड्ढा के इंस्टाग्राम फॉलोअर्स करीब 13 लाख घटकर 14.6 मिलियन से 13.3 मिलियन रह गए। एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये युवा यूजर्स की प्रतिक्रिया हो सकती है। स्वाति मालीवाल बोलीं- केजरीवाल महिला विरोधी हैं स्वाति मालीवाल ने AAP और अरविंद केजरीवाल पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने 2006 से केजरीवाल के साथ काम किया, हर आंदोलन में साथ दिया, लेकिन बाद में उनके साथ पार्टी में दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके घर में उनके साथ मारपीट कराई गई और FIR वापस लेने के लिए दबाव बनाया गया। मालीवाल ने कहा कि उन्हें दो साल तक संसद में बोलने का मौका नहीं दिया गया जो बेहद शर्मनाक है। उन्होंने केजरीवाल को महिला विरोधी, भ्रष्ट और गुंडागर्दी करने वाला नेता बताया। साथ ही पंजाब सरकार पर भी आरोप लगाया कि वहां अवैध खनन और ड्रग्स का कारोबार चरम पर है और सरकार रिमोट कंट्रोल से चलाई जा रही है। मालीवाल ने यह भी कहा कि उन्होंने BJP किसी दबाव में नहीं, बल्कि पीएम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्वास के चलते भाजपा जॉइन की है। विपक्ष के अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया सौरभ भारद्वाज- BJP ऐसी पार्टियों से डरती है जो सत्ता से सवाल पूछती हैं। AAP सिर्फ सांसदों की पार्टी नहीं, बल्कि आम कार्यकर्ताओं की पार्टी है, जो बिना किसी पद के भी संघर्ष करते हैं। बड़े नेताओं को ED और CBI जैसी एजेंसियों के डर से तोड़ा जा सकता है, लेकिन AAP के जमीनी कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे लगातार सवाल उठाते रहेंगे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश- BJP की वॉशिंग मशीन फिर चालू हो गई है। जो नेता पहले खुद को ईमानदार और सिद्धांतवादी बताते थे, अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। संजय राउत- भाजपा बकासुर जैसी हो गई है, जिसकी भूख कभी खत्म नहीं होती। BJP किसी भी नेता को अपने साथ शामिल कर लेती है और दलबदल करने वाले नेताओं को गलत जगह पर जाने वाला बताया। अन्ना हजारे- व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए पार्टी बदलना सही नहीं है। जनप्रतिनिधियों को संविधान की भावना के अनुसार काम करना चाहिए और ऐसे फैसले लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









