Historic feat of 11th class student

द न्यूयॉर्क टाइम्स33 मिनट पहले कॉपी लिंक कूपर 800 मीटर और 600 मीटर (1:14.15 मिनट) में अंडर-20 इंडोर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं। उम्र महज 17 साल, 3 महीने, 3 दिन। जिस उम्र में बच्चे स्कूल की पढ़ाई, क्लासरूम और परीक्षाओं की उलझनों में फंसे होते हैं, उस उम्र में अमेरिका के 11वीं के छात्र कूपर लुटकेनहॉस ने दुनिया जीत ली है। टेक्सास के ‘नॉर्थवेस्ट हाई स्कूल’ में पढ़ने वाले कूपर क्लास से छुट्टी लेकर पोलैंड पहुंचे और इतिहास रच दिया। टोरून में आयोजित वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स की 800 मीटर रेस में उन्होंने गोल्ड जीता। वे वर्ल्ड इंडोर के इतिहास में गोल्ड जीतने वाले सबसे कम उम्र के चैम्पियन बन गए हैं। कूपर ने फाइनल रेस 1 मिनट 44.24 सेकंड में पूरी की, जो उनके करियर की दूसरी सबसे तेज टाइमिंग है। इस रोमांचक फाइनल में उन्होंने बेल्जियम के इलियट क्रेस्टन (सिल्वर) को मात्र 0.14 सेकंड के करीबी अंतर से मात दी। स्पेन के मोहम्मद अताउई ने ब्रॉन्ज मेडल जीता। फाइनल में कूपर ने उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्वता दिखाई। लेन 4 से शुरुआत करते हुए वे रेस के शुरुआती हिस्से में क्रेस्टन के ठीक पीछे रहे। 400 मीटर की दूरी 51.92 सेकंड में तय हुई, लेकिन जैसे ही तीसरा लैप (600 मीटर) शुरू हुआ, कूपर ने रेस का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया। उन्होंने जो तूफानी रफ्तार पकड़ी, उसने सबको हैरान कर दिया। उनका आखिरी लैप ट्रैक पर मौजूद सभी एथलीट में सबसे तेज (26.17 सेकंड) रहा। इससे पहले सेमीफाइनल में भी उन्होंने 1:44.48 मिनट का बेहतरीन समय निकाला था। ग्लोबल मंच पर कूपर का यह पहला मेडल है। लेकिन यह सफलता रातों-रात नहीं मिली। महज सात महीने पहले, 16 साल की उम्र में वे टोक्यो वर्ल्ड एथलेटिक्स में अपनी हीट में 7वें स्थान पर रहकर बाहर हो गए थे। लेकिन उस हार ने उन्हें तोड़ा नहीं। 2025 में ही उन्होंने कॉलेज एथलेटिक्स छोड़कर पेशेवर बनने का फैसला किया। उसी साल उन्हें ‘यंग एथलीट ऑफ द ईयर’ चुना गया था और फरवरी में उन्होंने यूएस इंडोर का खिताब भी जीता। कूपर 800 मीटर और 600 मीटर (1:14.15 मिनट) में अंडर-20 इंडोर वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर हैं। उनकी जीत ने 800 मीटर में अमेरिका का दबदबा कायम रखा है। यह लगातार तीसरा मौका है, जब यह ग्लोबल इंडोर खिताब अमेरिकी ने जीता है। 2025 में जोश होए और 2024 में ब्राइस होपेल विजेता बने थे। जीत के बाद कूपर लुटकेनहॉस बोले मैं यह सोचकर मैदान पर उतरा था कि शायद मैं इस रेस का फेवरेट नहीं हूं। हो सकता है यह मेरे कम उम्र होने का असर हो, लेकिन तीसरे लैप में मुझे खुद पर भरोसा था और मैंने यहीं से रेस को कंट्रोल करने का फैसला किया। आखिरी 150 मीटर में मेरे साथियों की चीयरिंग ने मुझे फिनिश लाइन तक सबसे पहले पहुंचा दिया। – दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
इजराइल पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से हड़कंप:इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम में सेंध लगने की जांच शुरू, यूएस से अधिक गोला-बारूद की मांग

इजराइल में शनिवार को डिमोना और नजदीकी शहर अराद पर गिरी ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजराइलियों को स्तब्ध कर दिया है। इजराइल के दक्षिण नेगेव रेगिस्तान में डिमोना शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित उसके प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर और रिएक्टर के मुकाबले कुछ ही स्थान ऐसे होंगे जो इनसे ज्यादा सुरक्षित हों। इसलिए तीन घंटे के अंतर से गिरी दो ईरानी मिसाइलों ने इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि पिछले सालईरान से 12 दिन के युद्ध में इनका जखीरा खत्म हो गया होगा। यह चिंता आने वाले सप्ताहों में और गहरी होगी। इजराइल के सैनिक अधिकारियों ने बताया, वे जांच कर रहे हैं कि गड़बड़ी कहां हुई है। लेकिन विस्तृत ब्योरे पर चुप्पी साध रखी है। रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने प्रभावित स्थानों का दौरा करने के बाद इजराइलियों से कहा कि वे बेफिक्र न रहें। मिसाइल अलर्ट आने पर बम शेल्टर में शरण लें। इजराइली सेना ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की दर 90% बताई है। अधिकारियों का कहना है कि डिफेंस सिस्टम रोकथाम की 100% क्षमता कभी हासिल नहीं कर सकते हैं। इजराइली एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के पूर्व कमांडर ब्रिगेडियर जनरल रैन कोचाव ने बताया कि डिमोना बहुस्तरीय इजराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम से सुरक्षित था। यह ऑपरेशनल नाकामी है। इजराइल के मिसाइल डिफेंस में आयरन डोम प्रमुख है। लेकिन इसे हमास की कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का उसका सबसे आधुनिक हथियार एरो-3 है, लेकिन एरो-3सिस्टम महंगा है। उसे बनाने में समय लगता है। इजराइली मीडिया ने रविवार को बताया कि अराद और डिमोना में एरो-3 तैनात नहीं था। इजराइल और अमेरिका द्वारा तैयार एंटीबैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम धरती के वातावरण के बाहर अंतरिक्ष में मिसाइलों को रोकता है। इजराइल में अमेरिका का थाड सिस्टम भी तैनात है। अधिक इंटरसेप्टर की मांग इजराइली रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल अमीर बराम इस माह अधिक इंटरसेप्टर और गोला-बारूद सप्लाई करने की मांग करने वाशिंगटन गए थे। नामन बताने की शर्त पर तीन इजराइली अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या अमेरिका अधिक सप्लाई के लिए सहमत हो गया है। क्लस्टर मिसाइलों से खतरा जमीन से कुछ किलोमीटर ऊपर फटने वाली ईरान की क्लस्टर मिसाइलें घातक साबित हो रही हैं। अराद, डिमोना, तेल अवीव और यरूशलम के पास बेट शेमेश पर हमलों के अलावा अन्य इलाकों में बड़े मिसाइल के हिस्सों या क्लस्टर मिसाइलों से कई बिल्डिंग और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इजराइल के सेफ्टी सिस्टम के कमजोर होने पर चिंता पिछले साल जून में 12 दिन के युद्ध कीसमाप्ति के बाद इजराइली सेना ने चिंताजताई थी कि क्या देश का मिसाइल एयरडिफेंस सिस्टम ईरान की बैलिस्टिकमिसाइल खत्म होने से पहले ही चुकजाएगा। उस वक्त अधिकारियों ने कहा थाकि इजराइल को अपने इंटरसेप्टर बचा करखर्च करना होंगे। उसे सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चरको अहमियत देना पड़ेगी। वैसे इजराइली सेना ने इन बातों का खंडन किया है।
इजराइल पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से हड़कंप:इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम में सेंध लगने की जांच शुरू, यूएस से अधिक गोला-बारूद की मांग

इजराइल में शनिवार को डिमोना और नजदीकी शहर अराद पर गिरी ईरान की दो बैलिस्टिक मिसाइलों ने इजराइलियों को स्तब्ध कर दिया है। इजराइल के दक्षिण नेगेव रेगिस्तान में डिमोना शहर से लगभग 14 किलोमीटर दूर स्थित उसके प्रमुख परमाणु रिसर्च सेंटर और रिएक्टर के मुकाबले कुछ ही स्थान ऐसे होंगे जो इनसे ज्यादा सुरक्षित हों। इसलिए तीन घंटे के अंतर से गिरी दो ईरानी मिसाइलों ने इजराइल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञ अनुमान लगा रहे हैं कि पिछले सालईरान से 12 दिन के युद्ध में इनका जखीरा खत्म हो गया होगा। यह चिंता आने वाले सप्ताहों में और गहरी होगी। इजराइल के सैनिक अधिकारियों ने बताया, वे जांच कर रहे हैं कि गड़बड़ी कहां हुई है। लेकिन विस्तृत ब्योरे पर चुप्पी साध रखी है। रविवार को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतनयाहू ने प्रभावित स्थानों का दौरा करने के बाद इजराइलियों से कहा कि वे बेफिक्र न रहें। मिसाइल अलर्ट आने पर बम शेल्टर में शरण लें। इजराइली सेना ने ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने की दर 90% बताई है। अधिकारियों का कहना है कि डिफेंस सिस्टम रोकथाम की 100% क्षमता कभी हासिल नहीं कर सकते हैं। इजराइली एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम के पूर्व कमांडर ब्रिगेडियर जनरल रैन कोचाव ने बताया कि डिमोना बहुस्तरीय इजराइली और अमेरिकी डिफेंस सिस्टम से सुरक्षित था। यह ऑपरेशनल नाकामी है। इजराइल के मिसाइल डिफेंस में आयरन डोम प्रमुख है। लेकिन इसे हमास की कम दूरी की मिसाइलों को रोकने के लिए बनाया गया है। बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का उसका सबसे आधुनिक हथियार एरो-3 है, लेकिन एरो-3सिस्टम महंगा है। उसे बनाने में समय लगता है। इजराइली मीडिया ने रविवार को बताया कि अराद और डिमोना में एरो-3 तैनात नहीं था। इजराइल और अमेरिका द्वारा तैयार एंटीबैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम धरती के वातावरण के बाहर अंतरिक्ष में मिसाइलों को रोकता है। इजराइल में अमेरिका का थाड सिस्टम भी तैनात है। अधिक इंटरसेप्टर की मांग इजराइली रक्षा मंत्रालय के डायरेक्टर जनरल अमीर बराम इस माह अधिक इंटरसेप्टर और गोला-बारूद सप्लाई करने की मांग करने वाशिंगटन गए थे। नामन बताने की शर्त पर तीन इजराइली अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि क्या अमेरिका अधिक सप्लाई के लिए सहमत हो गया है। क्लस्टर मिसाइलों से खतरा जमीन से कुछ किलोमीटर ऊपर फटने वाली ईरान की क्लस्टर मिसाइलें घातक साबित हो रही हैं। अराद, डिमोना, तेल अवीव और यरूशलम के पास बेट शेमेश पर हमलों के अलावा अन्य इलाकों में बड़े मिसाइल के हिस्सों या क्लस्टर मिसाइलों से कई बिल्डिंग और सड़कों को नुकसान पहुंचा है। इजराइल के सेफ्टी सिस्टम के कमजोर होने पर चिंता पिछले साल जून में 12 दिन के युद्ध कीसमाप्ति के बाद इजराइली सेना ने चिंताजताई थी कि क्या देश का मिसाइल एयरडिफेंस सिस्टम ईरान की बैलिस्टिकमिसाइल खत्म होने से पहले ही चुकजाएगा। उस वक्त अधिकारियों ने कहा थाकि इजराइल को अपने इंटरसेप्टर बचा करखर्च करना होंगे। उसे सामरिक इंफ्रास्ट्रक्चरको अहमियत देना पड़ेगी। वैसे इजराइली सेना ने इन बातों का खंडन किया है।
मॉल जाकर शॉपिंग करना पसंद कर रही जेन-जी:हर साल 5% बढ़ रही अमेरिका के ए-क्लास मॉल्स की आय

अमेरिका में रियल एस्टेट डेवलपर ऐसा सोचते रहे हैं कि शॉपिंग मॉल्स खत्म हो गए हैं। लेकिन अब स्थिति बदल रही है। नई पीढ़ी (जेन-जी)खुद जाकर शॉपिंग करना पसंद कर रही है। लिहाजा खास किस्म के मॉल चलने लगे हैं। अमेरिका में ज्यादातर ए-क्लास मॉल्स की मालिक साइमन प्रॉपर्टी के न्यूयॉर्क शहर के रूजवेल्ट फील्ड पर स्थित मॉल की 96.3%जगह किराए पर है। एक्स फेंटी, अरमानी, हर्मीस और रोलेक्स उसकी किराएदार हैं।शॉपिंग मॉल्स की नई सफलता और इनोवेशन में युवाओं खास तौर पर जेन-जी की अहम भूमिका है। इस्पॉस कंज्यूमर ट्रैकर के सर्वे के अनुसार 18 से 34 वर्ष आयु के 58%खरीदारों ने बताया कि वे अक्सर मॉल्स में शॉपिंग करते हैं। उनकी ये दर 55 साल कीआयु के लोगों से दोगुनी है। 1990 के दशक में शॉपिंग मॉल किसी बड़ी कंपनी या स्टोर के कारण ही सफल हो पाते थे।आज साइमन व जीजीपी जैसी कंपनियों के मॉल रिटेल, खानपान, मनोरंजन सहित कुछ नए स्टोर की वजह से चलने लगे हैं। हालांकि बी और सी क्लास के मॉल्स की आय हर साल 5%कम हो रही है। शॉपिंग मॉल्स K-आकार की रिकवरी कर रहे हैं। इसका मतलब है कि अच्छे मॉल और ऊंचाइयों पर जा रहे हैं, वहीं पुराने और साधारण मॉल तेजी से बंद हो रहे हैं। ग्रोथ फैक्टर के अनुसार 2024 में मॉल्स में आने वाले कंज्यूमर की संख्या में 9.7% बढ़ोतरी हुई है। टॉप 100 मॉल्स की हिस्सेदारी 50% अमेरिका में लगभग 900 मॉल हैं। लेकिन उनमें कुछ ही कामयाब हैं। टॉप 100 मॉल्स का मूल्य पूरे सेक्टर का 50 फीसदी है। जबकि सबसे निचले 350 मॉल का मूल्य सिर्फ दस प्रतिशत है।ए-मॉल्स की आय हर साल पांच फीसदी बढ़ रही है। ब्रुकफील्ड प्रॉपर्टीज के मॉल्स डिवीजन जीजीपी के किराएदारों की बिक्री 2019 के बाद बीस प्रतिशत बढ़ी है। कंपनी हर साल किराया बढ़ा रही है।
The dominance of ‘wonderkids’, players being developed at a young age

Hindi News Sports The Dominance Of ‘wonderkids’, Players Being Developed At A Young Age लंदन25 मिनट पहले कॉपी लिंक क्रिकेट में 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी आईपीएल और अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने और शतक लगाने वाले सबसे युवा बैटर हैं। खेलों की दुनिया में अद्भुत ट्रेंड नजर आने लगा है। इंग्लिश फुटबॉल क्लब आर्सनल के मैक्स डॉवमैन हाल ही में प्रीमियर लीग के इतिहास में गोल करने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने हैं। स्केटबोर्डिंग में 17 वर्षीय स्काई ब्राउन और डार्ट्स में 18 वर्षीय ल्यूक लिटलर दो-दो बार वर्ल्ड चैम्पियन बन चुके हैं। क्रिकेट में 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी आईपीएल और अंडर-19 वर्ल्ड कप खेलने और शतक लगाने वाले सबसे युवा बैटर हैं। टेनिस में एमा राडुकानू ने 18 की उम्र में ग्रैंड स्लैम जीता था। फॉर्मूला-1 में 19 वर्षीय किमी एंटोनेली दूसरे सबसे कम उम्र के रेस विनर बने हैं। ऐसा लगता है टीनेजर्स खेलों पर राज कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि आंकड़े कुछ और कहानी बताते हैं। 1992 से 2021 के बीच ओलिंपियंस की औसत उम्र में वास्तव में दो साल का इजाफा हुआ है। टेनिस, क्रिकेट और फुटबॉल में खिलाड़ी अब ज्यादा उम्र तक अपने करियर के शीर्ष पर खेल रहे हैं। तो फिर औसत उम्र का बढ़ना और दूसरी तरफ 14-18 साल के युवाओं का विश्व स्तर पर धूम मचाना, आखिर इस चमत्कार के पीछे क्या वजह है? विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे बड़ा कारण आधुनिक स्पोर्ट्स साइंस, मनोविज्ञान और एडवांस ट्रेनिंग है। फॉर्मूला-1 की ड्राइवर एकेडमी में नेक्स्ट-जेनरेशन सिमुलेटर और ट्रेनिंग की मदद से युवाओं को कम अनुभव के बावजूद कम उम्र में ही शारीरिक और मानसिक दबाव के लिए तैयार कर लिया जाता है। फुटबॉल में भी ‘एलीट प्लेयर परफॉर्मेंस प्लान’ जैसी व्यवस्थाओं ने बड़ी क्रांति ला दी है। डेस रयान कहते हैं कि अब खिलाड़ियों को फिजिकल, मेडिकल, साइकोलॉजिकल और एजुकेशनल तौर पर जो सुविधाएं मिल रही हैं, वे उन्हें बड़े मंच के लिए जल्दी तैयार कर रही हैं। प्रोफेसर शॉन कमिंग बताते हैं कि अब खेल पहले से कहीं ज्यादा तेज और ताकतवर हो गया है। जो बच्चे जल्दी विकसित होते हैं, उन्हें बेहतर सपोर्ट मिलता है। एकेडमी में बच्चों पर भारी वजन उठाने का दबाव नहीं डाला जाता, बल्कि उन्हें सही टेक्निक सिखाई जाती है ताकि शरीर तैयार होने पर वे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें। हालांकि, सफलता के साथ कुछ सावधानियां भी जरूरी हैं। विशेषज्ञों की चेतावनी है कि इन युवा एथलीटों का शरीर 22 साल की उम्र तक बढ़ता है, इसलिए चोटों से बचाने के लिए वर्कलोड मैनेज करना जरूरी है। युवाओं का दिमाग 23 साल तक पूरी तरह परिपक्व नहीं होता। वे गलतियां कर सकते हैं, इसलिए मैदान के बाहर भी उन्हें सही मेंटरशिप और सुरक्षा की उतनी ही जरूरत होती है जितनी मैदान पर। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
जारा ने चीन में आधी दुकानें बंद की:फास्ट फैशन की जंग में चीनी ब्रांड शीन-टेमू को दी मात, प्रीमियम कस्टमर पर फोकस, रिकॉर्ड 4.3 लाख करोड़ की बिक्री

फैशन जगत में जब शीन और टेमू जैसे चीनी ब्रांड्स ने ‘अल्ट्रा-चीप’ मॉडल से तहलका मचाया, तो माना गया कि जारा को टिके रहने के लिए कीमतें घटानी होंगी। लेकिन स्पेनिश दिग्गज इंडिटेक्स ने इसके उलट ‘प्रीमियम रणनीति’ अपनाई। ये स्पेनिश क्लॉदिंग ग्रुप है, जिसकी कुल बिक्री का दो-तिहाई हिस्सा जारा से आता है। नतीजा? साल 2025 में कंपनी की सालाना बिक्री 4.3 लाख करोड़ और शुद्ध कमाई रिकॉर्ड 67 हजार करोड़ रुपए पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6% अधिक है। जारा का ऑपरेटिंग प्रॉफिट प्रतिद्वंद्वी एचएंडएम से पांच गुना ज्यादा है। रोथ्सचाइल्ड बैंक के जेफ लोअरी के अनुसार, फास्ट-फैशन को ‘लग्जरी लुक’ के साथ बेचना अब रंग ला रहा है। इंडिटेक्स ने कीमत के बजाय स्टाइल पर फोकस किया। कंपनी ने 50वीं वर्षगांठ पर नामी फोटोग्राफर स्टीवन मेसेल और टॉप मॉडल्स के साथ ‘लग्जरी कैंपेन’ चलाया, जिसने ब्रांड की छवि बदल दी। मेसेल लग्जरी ब्रांड्स के साथ काम करने के लिए जाने जाते हैं। इस शूट के हेयर स्टाइलिस्ट और मेकअप आर्टिस्ट भी उसी आला दर्जे के थे। इन विज्ञापनों में बीते 30 वर्षों की हर टॉप-पेड मॉडल को डोना समर के गाने ‘आई फील लव’ पर थिरकते हुए दिखाया गया। यह ग्लैमर इंडिटेक्स के लिए एक सफल रणनीति का प्रतीक है। आज इंस्टाग्राम पर जारा के विज्ञापन किसी महंगे लग्जरी हाउस जैसे दिखते हैं। ग्रुप के फाउंडर अमानसियो ओर्टेगा ने जारा को एक फुर्तीले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क पर खड़ा किया है, जो हर हफ्ते नया स्टॉक पेश करता है। इससे डेड-स्टॉक का जोखिम कम होता है और ब्रांड को ऊंची कीमतें रखने की ताकत मिलती है। बर्नस्टीन के विलियम वुड्स कहते हैं कि जारा उन 30-40 साल के खरीदारों को टार्गेट करता है जो एचएंडएम के ग्राहकों से अधिक समृद्ध हैं। शीन और टेमू जैसे चीनी ‘इवन-फास्टर-फैशन’ रिटेलर्स की प्रतिस्पर्धा ने एचएंडएम समेत कई प्रतिद्वंद्वियों को कीमतें घटाने पर मजबूर किया। फुर्तीला बिजनेस मॉडल, हर हफ्ते नए आइटम उतार रहे इंडिटेक्स के प्रमुख ऑस्कर गार्सिया मसेइरास इस सफलता का श्रेय कंपनी के आधे दशक पुराने बिजनेस मॉडल को देते हैं। संस्थापक अमानसियो ओर्टेगा ने इस व्यवसाय को एक फुर्तीले लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के इर्द-गिर्द भुना है, जो ग्राहकों की पसंद के आधार पर माल को तुरंत बदलने की अनुमति देता है। जारा और उसके सहयोगी ब्रांड हर हफ्ते, और कभी-कभी हफ्ते में दो बार नए आइटम पेश करने का लक्ष्य रखते हैं। इससे यह जोखिम कम हो जाता है कि ब्रांड ऐसे कपड़े बनाए जिन्हें कोई नहीं चाहता और फिर उन्हें भारी छूट पर बेचना पड़े। यह जारा को ऊंची कीमतें निर्धारित करने की छूट भी देता है, क्योंकि इसके कपड़े लोकप्रिय शैलियों को तुरंत अपना लेते हैं। 2021 में मार्टा ओर्टेगा के प्रेसिडेंट बनने के बाद जारा और अधिक ‘प्रीमियम’ हुआ है। ब्रांड ने हाल ही में जॉन गैलियानो और स्टेफानो पिलाती जैसे दिग्गज डिजाइनरों के साथ साझेदारी की है। सुपर बाउल में गायक ‘बैड बनी’ की स्टाइलिंग भी इसी रणनीति का हिस्सा है। पर्सनल शॉपर्स, लग्जरी बुटीक के आइडिया से बड़ा बदलाव लाई इंडिटेक्स प्रमुख ऑस्कर गार्सिया मसेइरास कहते हैं, ‘ग्राहक अब कपड़ों की खरीद से परे कुछ और (अनुभव) तलाश रहे हैं।’ जारा ने चीन में अपनी लोकेशन आधी कर दी है, लेकिन बाकी बची दुकानों को बड़ा और आलीशान बनाया। इसका असर यह हुआ कि डॉयचे बैंक के अनुसार, 2022-25 के बीच प्रति वर्ग मीटर बिक्री 46% बढ़ी है। ब्रांड अब ‘फास्ट फैशन’ की छवि छोड़ ‘किफायती लक्जरी’ की ओर बढ़ रहा है, जहां ग्राहकों को हाई-एंड बुटीक जैसा अहसास मिलता है। अब स्टोर में हैंडबैग-जूतों के लिए अलग बुटीक एरिया और ग्राहकों की मदद के लिए ‘पर्सनल शॉपर्स’ मौजूद हैं। जारा का यह ‘लग्जरी टच’ अब मुनाफे की नई इबारत लिख रहा है।
वार्ड-4 में तीन दिन से स्ट्रीट लाइट बंद, अंधेरे से परेशानी

राजगढ़| वार्ड-4 में पिछले करीब तीन दिन से स्ट्रीट लाइट बंद है, जिससे पूरे इलाके में रात के समय अंधेरा बना रहता है। रहवासियों को आवाजाही में परेशानी हो रही है व दुर्घटना का खतरा भी बना हुआ है। अंधेरे के कारण असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है। कई बार शिकायत के बाद भी अब तक समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। रहवासियों ने जिम्मेदार विभाग से जल्द स्ट्रीट लाइट चालू कराने की मांग की है। -राजेंद्र कटारिया, रहवासी की रिपोर्ट।
नई वेबसीरीज:करण जौहर की ‘नजदीकियां’ में दिखेंगे ‘हीरामंडी’ के नवाब ताजदार

बॉलीवुड अभिनेता ताहा शाह बदुशा इन दिनों लगातार चर्चा में हैं। हाल ही में उन्होंने ‘हीरामंडी’ में नवाब ताजदार का किरदार निभाकर दर्शकों का दिल जीत लिया। इस सीरीज में उनके अभिनय को खूब सराहा गया और इससे उन्हें एक नई पहचान मिली। अब ताहा शाह जल्द ही फिल्म निर्माता करण जौहर की नई वेब सीरीज ‘नजदीकियां’ में नजर आने वाले हैं। यह सीरीज धर्मा प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनेगी और प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी। वेब सीरीज करण जौहर की फिल्म ‘कभी अलविदा ना कहना’ से प्रेरित हो सकती है, जिसमें रिश्तों की जटिलताओं को दिखाया गया था। सीरीज की कहानी दो शादीशुदा जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां उनके पति एक-दूसरे के प्यार में पड़ जाते हैं। इस कहानी में कर्तव्य और व्यक्तिगत खुशी के बीच संघर्ष को दिखाया जाएगा। धर्मा के साथ फिर से काम करना मेरे लिए खास सीरीज में ताहा शाह के साथ परेश पाहुजा, आकांक्षा सिंह और निकिता दत्ता भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। इसका निर्देशन रुचिर अरुण करेंगे। ताहा ने इस प्रोजेक्ट को लेकर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि धर्मा प्रोडक्शन के साथ फिर काम करना उनके लिए खास है। इससे पहले वह ‘गिप्पी’ में भी काम कर चुके हैं। ताहा शाह ने अपने करियर की शुरुआत 2011 में फिल्म ‘लव का द एंड’ से की थी। इसके बाद वह कई प्रोजेक्ट्स में नजर आए।
‘डकैत’ में दिखेगी एंग्री लव स्टोरी:अदिवि शेष ने कहा- इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल है ये फिल्म

अदिवि शेष जल्द ही ‘डकैत: ए लव स्टोरी’ में नजर आने वाले हैं। फिल्म में उनके साथ मृणाल ठाकुर भी हैं। अदिवि ने दैनिक भास्कर से बातचीत की- यह प्रेम कहानी होने के बावजूद आपने शीर्षक ‘डकैत’ क्यों चुना? फिल्म का विचार हमारे सिनेमाई जुनून और पुरानी यादों का मेल है। मैं और मेरे करीबी दोस्त व निर्देशक शनि, हम दोनों ही ‘द मैग्निफिसेंट सेवन’ और ‘द गुड, ‘द बैड एंड द अग्ली’ जैसी क्लासिक काउबॉय फिल्मों के प्रशंसक रहे हैं। काफी समय से मेरा मन एक प्रेम कहानी पर काम करने का था, लेकिन मैं उसे पारंपरिक रूप में नहीं देखना चाहता था। हमने सोचा, क्या होगा अगर तपते रेगिस्तान, रेल की पटरियों, बंदूकों और खून-खराबे के उस खौफनाक काउबॉय माहौल के बीच एक ‘एंग्री लव स्टोरी’ बुनी जाए? बस, इसी कल्पना ने ‘डकैत’ को जन्म दिया। यह असल में डकैती के हिंसक बैकड्रॉप में रची गई एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहां दो किरदारों के बीच प्यार और नफरत का एक बेहद बारीक और गहरा संघर्ष चलता है। क्या लीड पेयर पूरी तरह से डकैती से जुड़ा है? देखिए जब माहौल ही इतना कठोर हो, तो किरदारों को भी उसी रंग में ढलना पड़ता है। यही वजह है कि यह कहानी एक बिल्कुल अलग और यूनिक संयोजन बनकर सामने आई है। आमतौर पर दर्शक या तो पूरी तरह एक्शन से भरी फिल्म देखते हैं, या फिर एक ऐसी प्रेम कहानी, जहां भावनाएं आंसुओं और गीतों में बहती हैं। लेकिन हमने इस सोच को थोड़ा मोड़ा। हमने तय किया कि इस बार प्यार की बात तो होगी, लेकिन उस नरम, मासूम अंदाज में नहीं, बल्कि गुस्से, टकराव और तीखे जज्बातों के साथ। यानी यह एक ऐसी प्रेम कहानी है, जहां भावनाएं दबी नहीं रहती, बल्कि खुलकर, तेज और कभी-कभी चिल्लाते हुए सामने आती हैं। इस फिल्म में आपने प्यार का कौन सा अनछुआ पहलू छुआ है? फिल्म ‘डकैत’ की प्रेम कहानी पारंपरिक सामाजिक संघर्षों, जैसे जाति, धर्म या अमीरी-गरीबी तक सीमित नहीं है। इसका केंद्र किरदारों की आंतरिक संवेदनाएं और उनके निजी अनुभव हैं। यहां प्रेम को एक बेहद व्यक्तिगत एहसास की तरह दिखाया गया है, जो माता-पिता और संतान के रिश्ते जितना गहरा हो सकता है। जब भावनाएं इतनी निजी हो जाती हैं, तो उनका प्रभाव भी अनोखा बनता है। कहानी इस बात को टटोलती है कि कोई रिश्ता क्यों खास बनता है और टूटने पर भीतर क्या बदल जाता है, यही इसकी असली ताकत है। ‘ एक्शन और इसकी कोरियोग्राफी आपके लिए कैसी रही? मैं अपनी एक्शन कोरियोग्राफी के लिए जाना जाता हूं। मैं नियमित रूप से ‘मास’ फिल्में नहीं करता, बल्कि मुझे ‘हाइपर-रियल’ एक्शन पसंद है, जो दिखने में असली भी लगे और ग्लैमरस भी। अगर मेरी फिल्म में कोई बंदा हवा में उड़ रहा है, तो उसके पीछे एक तार्किक कारण होना चाहिए। इस फिल्म के निर्देशक सुनील, जो मेरे बहुत अच्छे दोस्त भी हैं, उन्होंने सिनेमैटोग्राफी की थी। वह अब डायरेक्टर बन गया है। हम दोनों की एक्शन को लेकर जो अमेरिकन सेंसिबिलिटी है, उसे हम इस फिल्म में लेकर आए हैं। हॉलीवुड की तकनीक और जिस तरह से वे एक्शन को कट और डायरेक्ट करते हैं, हमने उसे इस्तेमाल किया है। आप इसे इंडियन सोल और अमेरिकन टेक्नीक का मेल कह सकते हैं। अनुराग कश्यप से इस प्रोजेक्ट को लेकर पहली बार कब बात हुई? मेरे दोस्त शोभिता धुलिपाला और नागा चैतन्य की शादी का मौका था, जहां अनुराग कश्यप भी मौजूद थे। मैंने मौका देखते ही अनुराग सर का हाथ पकड़ा और उसी माहौल में उन्हें ‘डकैत’ की कहानी सुनानी शुरू कर दी। शादी के जश्न के बीच ही मैंने उन्हें फिल्म के लिए पिच किया और इसी तरह वे हमारे इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बन गए।
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Hindi News International Now The Trump Family Will Bet On Betting, Donald Trump, Taj Mahal Casino, Truth Predict, Trump Media Group’s New Platform वॉशिंगटन30 मिनट पहले कॉपी लिंक अप्रैल 1990 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ताजमहल’ कैसिनो खोला था। हालांकि अब ट्रम्प परिवार सट्टे से कमाई का नया रास्ता प्रेडिक्शन मार्केट में देख रहा है। वॉशिंगटन में इन दिनों ‘प्रेडिक्शन मार्केट’ (भविष्यवाणी बाजार) को लेकर सियासी और कानूनी पारा चढ़ा हुआ है। विवाद की जड़ में है ट्रम्प मीडिया ग्रुप का नया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ प्रेडिक्ट’ और डोनाल्ड ट्रम्प जूनियर का ‘काल्शी’ व ‘पॉलीमार्केट’ जैसी दिग्गज कंपनियों से जुड़ना। इन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लोग चुनाव से लेकर खेल तक, भविष्य की घटनाओं पर पैसा लगाते हैं। आलोचकों का मानना है कि सरकारी रेगुलेशन वाले इस सेक्टर में राजनीतिक परिवार की मौजूदगी पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े करती है। पारंपरिक कैसिनो बनाम डिजिटल मार्केट के इस बढ़ते बाजार ने पुराने खिलाड़ियों की नींद उड़ा दी है। दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल 1990 में डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ताजमहल’ कैसिनो खोला था, जिसे उन्होंने ‘दुनिया का आठवां अजूबा’ करार दिया था। तीन दशक बाद ट्रम्प परिवार कैसिनो कारोबार से बाहर है और अब खेल सट्टे से कमाई का नया रास्ता प्रेडिक्शन मार्केट में देख रहा है। कैसिनो और स्पोर्ट्सबुक ऑपरेटरों का आरोप है कि ये प्रेडिक्शन कंपनियां बिना लाइसेंस के ‘ऑनलाइन सट्टेबाजी’ चला रही हैं। विवाद तब और गहरा गया जब कमोडिटी फ्यूचर ट्रेडिंग कमीशन (सीएफटीसी) ने इन प्लेटफॉर्म्स को राज्यों के कड़े जुआ कानूनों से छूट देने की दिशा में कदम बढ़ाए। इससे नेवादा और न्यूजर्सी जैसे राज्यों में कानूनी जंग छिड़ गई है, जहां स्पोर्ट्स बेटिंग पर सख्त पाबंदियां हैं। ‘आर्टेमिस एनालिटिक्स’ के मुताबिक, दुनियाभर में इन प्लेटफॉर्म्स पर हर हफ्ते लगभग 41,000 करोड़ रुपए से ज्यादा का दांव लग रहा है। इस साल फरवरी में ‘सुपर बाउल’ के दिन जहां ‘काल्शी’ ने 1 अरब डॉलर की ट्रेडिंग का दावा किया, वहीं नेवादा के पारंपरिक कैसिनो में सट्टेबाजी 10 साल के निचले स्तर पर पहुंच गई। साफ है कि डिजिटल बाजार अब पारंपरिक गेमिंग उद्योग को निगल रहा है। विवादों के बीच ट्रम्प जूनियर के प्रवक्ता ने सफाई दी है कि वे न तो खुद ट्रेडिंग करते हैं और न ही सरकार में किसी कंपनी की पैरवी। वहीं, व्हाइट हाउस ने भी स्पष्ट किया है कि प्रशासन के सभी फैसले केवल जनहित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं। फिलहाल, यह मामला अदालतों और रेगुलेटरी फाइलों के बीच उलझा हुआ है। इनसाइडर ट्रेडिंग पर लगेगी लगाम, इस साल 6 बिल पेश हुए इस बीच अमेरिकी कांग्रेस में सख्ती के संकेत हैं। इस साल कम से कम छह बिल पेश हुए हैं, जिनमें इनसाइडर ट्रेडिंग पर रोक, चुनावी बाजारों पर नियंत्रण और सीएफटीसी की शक्तियां बढ़ाने जैसे प्रावधान शामिल हैं। एक द्विदलीय प्रस्ताव में स्पोर्ट्स, युद्ध, आतंकवाद और हत्या से जुड़े दांव पर प्रतिबंध की मांग की गई है। कुल मिलाकर, प्रेडिक्शन मार्केट का तेजी से बढ़ता दायरा अब नियमन, पारदर्शिता और राजनीतिक हितों के टकराव के बड़े सवाल खड़े कर रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









