Thursday, 08 Oct 2026 | 05:40 AM

Trending :

EXCLUSIVE

10,000 students in America are under investigation.

10,000 students in America are under investigation.

सुनयना चड्ढा. नई दिल्ली6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की है।

अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय छात्रों के लिए नई चिंता खड़ी हो गई है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की है। जांच के दायरे में करीब 10,000 विदेशी छात्र बताए जा रहे हैं, इनमें बड़ी संख्या भारतीय छात्रों की है।

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि कई छात्रों ने ऐसी शेल कंपनियों या फर्जी कंपनियों के जरिए नौकरी दिखाकर अपना वीसा स्टेटस बचाए रखा, जिनका असली कारोबार लगभग नहीं था। कुछ कंपनियां सिर्फ छात्रों को कानूनी रोजगार दिखाने और वीसा नियमों से बचाने के लिए ही बनाई गई थीं। जांच में कई कंपनियों के पते खाली इमारतों, बंद ऑफिसों या रिहायशी मकानों में मिले। कुछ मामलों में कंपनियों के अमेरिकी ऑफिस की जगह भारत में बैठे एचआर एजेंट छात्रों को मैनेज करते पाए गए।

आईसीई के कार्यकारी निदेशक टॉड लायंस ने कहा कि जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन के दौरान शुरू किए गए ओपीटी कार्यक्रम में केवल कुछ हजार लाभार्थियों के प्रशिक्षण प्राप्त करने और फिर घर लौटने की उम्मीद थी। इसके बजाय, ओपीटी के जरिये लाखों विदेशी छात्र अमेरिका में काम कर रहे हैं। कार्यक्रम का आकार बढ़ने के साथ ही धोखाधड़ी भी बढ़ गई है।

हालांकि जांच एजेंसियों ने साफ किया है कि कार्रवाई किसी देश विशेष या सभी भारतीय छात्रों के खिलाफ नहीं है, बल्कि केवल संदिग्ध नेटवर्क और कंपनियों पर केंद्रित है। फिर भी इस कार्रवाई ने अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

ओपीटी प्रोग्राम से पढ़ाई के बाद नौकरी में आसानी

ओपीटी प्रोग्राम अमेरिका में एफ-1 स्टूडेंट वीजा पर पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी करने की अनुमति देता है। एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) संकाय के छात्रों को इसके जरिये 36 महीने तक काम करने का मौका मिलता है। भारतीय छात्रों के लिए यह प्रोग्राम एच-1बी वीजा और अमेरिका में लंबा करियर बनाने की महत्वपूर्ण सीढ़ी माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार 68,000 भारतीय ओपीटी छात्र हाल के वर्षों में कई अमेरिकी टेक कंपनियों में काम कर रहे हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तलाक की खबरों से सुर्खियों में मौनी रॉय:पति को सोशल मीडिया से किया अनफॉलो, तस्वीरें भी हटाईं; 2022 में गोवा में की थी शादी

May 12, 2026/
9:39 am

बॉलीवुड एक्ट्रेस मौनी रॉय तलाक की अफवाहों से चर्चा में हैं। इसी बीच मौनी रॉय ने सोशल मीडिया से पति...

शेफाली जरीवाला की क्या इंजेक्शन लगवाने से हुई मौत:पति पराग बोले- इंसान को जवान रखने वाला इंजेक्शन होता, तो रतन टाटा जिंदा होते

May 14, 2026/
12:12 pm

एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए इंजेक्शन संबंधी दावों पर उनके पति पराग त्यागी...

IRFC Stake Sale: Govt Plans ₹5,430 Cr Raise

February 25, 2026/
10:07 am

मुंबई1 घंटे पहले कॉपी लिंक सरकार रेलवे की फाइनेंस कंपनी IRFC में अपनी 4% तक हिस्सेदारी बेच रही है। यह...

कब्ज का रामबाण इलाज है कीवी, रोज इस तरह से कारगर; पेट बिल्कुल साफ, दवा की भी जरूरत नहीं

March 6, 2026/
12:46 pm

लाइफस्टाइल और आर्किटेक्चर में बदलाव की वजह से रिकॉर्डिंग की शिकायत आम हो रही है। जंक फूड, कम पानी और...

मूवी रिव्यू – 'अल्फा':दमदार एक्शन, फीका इमोशन... आलिया की फिल्म में बॉबी देओल का नेगेटिव अवतार छाया, ऋतिक रोशन का कैमियो देता है सरप्राइज

July 3, 2026/
1:37 pm

यशराज स्पाई यूनिवर्स की पहली फीमेल लीड फिल्म अल्फा बड़े स्केल, हाई ऑक्टेन एक्शन और एक नए कॉन्सेप्ट के साथ...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

10,000 students in America are under investigation.

10,000 students in America are under investigation.

सुनयना चड्ढा. नई दिल्ली6 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की है।

अमेरिका में पढ़ाई के बाद नौकरी करने का सपना देखने वाले हजारों भारतीय छात्रों के लिए नई चिंता खड़ी हो गई है। अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी आईसीई (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) ने ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (ओपीटी) प्रोग्राम में बड़े पैमाने पर कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की है। जांच के दायरे में करीब 10,000 विदेशी छात्र बताए जा रहे हैं, इनमें बड़ी संख्या भारतीय छात्रों की है।

अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि कई छात्रों ने ऐसी शेल कंपनियों या फर्जी कंपनियों के जरिए नौकरी दिखाकर अपना वीसा स्टेटस बचाए रखा, जिनका असली कारोबार लगभग नहीं था। कुछ कंपनियां सिर्फ छात्रों को कानूनी रोजगार दिखाने और वीसा नियमों से बचाने के लिए ही बनाई गई थीं। जांच में कई कंपनियों के पते खाली इमारतों, बंद ऑफिसों या रिहायशी मकानों में मिले। कुछ मामलों में कंपनियों के अमेरिकी ऑफिस की जगह भारत में बैठे एचआर एजेंट छात्रों को मैनेज करते पाए गए।

आईसीई के कार्यकारी निदेशक टॉड लायंस ने कहा कि जॉर्ज डब्ल्यू बुश प्रशासन के दौरान शुरू किए गए ओपीटी कार्यक्रम में केवल कुछ हजार लाभार्थियों के प्रशिक्षण प्राप्त करने और फिर घर लौटने की उम्मीद थी। इसके बजाय, ओपीटी के जरिये लाखों विदेशी छात्र अमेरिका में काम कर रहे हैं। कार्यक्रम का आकार बढ़ने के साथ ही धोखाधड़ी भी बढ़ गई है।

हालांकि जांच एजेंसियों ने साफ किया है कि कार्रवाई किसी देश विशेष या सभी भारतीय छात्रों के खिलाफ नहीं है, बल्कि केवल संदिग्ध नेटवर्क और कंपनियों पर केंद्रित है। फिर भी इस कार्रवाई ने अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे भारतीय छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

ओपीटी प्रोग्राम से पढ़ाई के बाद नौकरी में आसानी

ओपीटी प्रोग्राम अमेरिका में एफ-1 स्टूडेंट वीजा पर पढ़ने वाले विदेशी छात्रों को पढ़ाई पूरी होने के बाद नौकरी करने की अनुमति देता है। एसटीईएम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स) संकाय के छात्रों को इसके जरिये 36 महीने तक काम करने का मौका मिलता है। भारतीय छात्रों के लिए यह प्रोग्राम एच-1बी वीजा और अमेरिका में लंबा करियर बनाने की महत्वपूर्ण सीढ़ी माना जाता है। आंकड़ों के अनुसार 68,000 भारतीय ओपीटी छात्र हाल के वर्षों में कई अमेरिकी टेक कंपनियों में काम कर रहे हैं।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.