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world updates| russia, china, USA, putin, trump| India to Host BRICS & QUAD Foreign Ministers Meet in May 2026

world updates| russia, china, USA, putin, trump| India to Host BRICS & QUAD Foreign Ministers Meet in May 2026

Hindi News International World Updates| Russia, China, USA, Putin, Trump| India To Host BRICS & QUAD Foreign Ministers Meet In May 2026 22 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत मई में ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी करेगा। इस मंच पर ईरान और UAE के प्रतिनिधि आमने-सामने होंगे। 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद दोनों देशों के बीच यह पहला सीधा संपर्क होगा। सूत्रों के मुताबिक, भारत इस बैठक के जरिए क्षेत्रीय तनाव कम करने और बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश करेगा। ब्रिक्स मंच पर सुरक्षा और ऊर्जा से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इधर, भारत मई के आखिरी हफ्ते में क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक की मेजबानी की तैयारी में भी है। इसमें अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के प्रतिनिधि शामिल होंगे। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी संकेत दिए हैं कि विदेश मंत्री मार्को रुबियो मई में भारत आ सकते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में इस दौरे का जिक्र किया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… साउथ अफ्रीका ने अमेरिका में 1 साल बाद राजदूत की नियुक्ति की साउथ अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने अमेरिका में नए राजदूत की नियुक्ति कर दी है। उन्होंने वरिष्ठ नेता रूएल्फ मेयर को यह जिम्मेदारी सौंपी है। इसकी जानकारी राष्ट्रपति के प्रवक्ता ने दी। रूएल्फ मेयर 1990 के दशक में रंगभेद खत्म करने के लिए हुई ऐतिहासिक बातचीत में सरकार के मुख्य वार्ताकार रह चुके हैं। बाद में वे नेल्सन मंडेला की एकता सरकार का भी हिस्सा बने थे। अमेरिका में यह पद लंबे समय से खाली था। मार्च 2025 में पूर्व राजदूत इब्राहिम रसूल को डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन से विवाद के बाद निष्कासित कर दिया गया था। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना हुआ है। डोनाल्ड ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल के दौरान अमेरिका और साउथ अफ्रीका के संबंध और बिगड़े हैं। ट्रम्प ने साउथ अफ्रीका के श्वेत अफ्रीकानेर समुदाय पर उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। साथ ही उनके लिए एक विशेष शरणार्थी योजना भी शुरू की थी, जिसका साउथ अफ्रीका ने विरोध किया था। 78 साल के मेयर खुद अफ्रीकानेर समुदाय से आते हैं। उन्होंने 1979 में राजनीति में कदम रखा था और बाद में रक्षा व संवैधानिक मामलों के मंत्री भी रहे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

India Economy to Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast

India Economy to Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast

Hindi News Business India Economy To Surge Amidst Middle East Crisis; IMF Raises GDP Forecast नई दिल्ली22 मिनट पहले कॉपी लिंक इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) ने भारत की जीडीपी ग्रोथ को लेकर नए आंकड़े जारी किए हैं। IMF के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बावजूद भारतीय इकोनॉमी पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा तेजी से आगे बढ़ेगी। संस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर के अनुमान को बढ़ाकर 6.5% कर दिया है। इससे पहले जनवरी में जारी अपनी रिपोर्ट में IMF ने इसके 6.4% रहने का अनुमान जताया था। वित्त वर्ष 2027 के लिए अनुमान में 0.1% की बढ़ोतरी मंगलवार (14 अप्रैल) को जारी अपनी लेटेस्ट रिपोर्ट में IMF ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की ग्रोथ रेट में 0.1% की मामूली बढ़ोतरी की गई है। इसके पीछे दो मुख्य कारण बताए गए हैं। पहला- साल 2025 में भारतीय इकोनॉमी का शानदार प्रदर्शन और दूसरा- अमेरिका द्वारा भारतीय सामानों पर एडिशनल टैरिफ को 50% से घटाकर 10% करना। IMF का मानना है कि इन दो सकारात्मक कारणों का असर मिडिल ईस्ट संकट से होने वाले नुकसान से कहीं ज्यादा होगा। सरकारी अनुमान और IMF के आंकड़ों में अंतर भारत सरकार और IMF के आंकड़ों में काफी अंतर है। भारत सरकार का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2025-26 में इकोनॉमी 7.6% की रफ्तार से बढ़ेगी। यह IMF के पुराने अनुमान से 1% ज्यादा है। हालांकि, IMF ने कहा है कि साल 2027 में भी भारत की विकास दर 6.5% के स्तर पर स्थिर बनी रह सकती है। महंगाई 2.1% से बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है IMF ने महंगाई को लेकर सतर्क भी किया है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में महंगाई की दर में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। वित्त वर्ष 2025-26 में जहां महंगाई 2.1% रहने का अनुमान है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 में यह बढ़कर 4.7% पर पहुंच सकती है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वित्त वर्ष 2027-28 तक यह वापस रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के मिड-पॉइंट यानी 4% के करीब आ सकती है। चीन में कम रहेगी महंगाई, ग्लोबल ग्रोथ सुस्त पड़ेगी IMF का कहना है कि चीन में महंगाई निचले स्तरों से बढ़ना शुरू होगी। वहीं भारत में 2025 के दौरान फूड प्राइसेज (खाने-पीने की चीजों की कीमतों) में आई कमी की वजह से महंगाई काफी नीचे रहेगी, लेकिन इसके बाद यह फिर से टार्गेट लेवल की तरफ बढ़ेगी। ग्लोबल लेवल पर आर्थिक स्थिति कुछ खास अच्छी नहीं रहने वाली है। IMF ने दुनिया की कुल ग्रोथ रेट का अनुमान 3.3% से घटाकर 3.1% कर दिया है। साल 2025 में ग्लोबल इकोनॉमी 3.4% की दर से बढ़ी थी, यानी अब इसमें सुस्ती आने के संकेत हैं। यूरोप पर सबसे बुरा असर, अमेरिका-चीन सुरक्षित रहेंगे दुनियाभर में छाई सुस्ती का असर अलग-अलग देशों पर अलग होगा… यूरोप: इस क्षेत्र पर सबसे बुरा असर पड़ने वाला है। यूरो एरिया की ग्रोथ में 0.2% की गिरावट आ सकती है। ब्रिटेन: ब्रिटेन की इकोनॉमी के अनुमान में 0.5% की बड़ी कटौती की गई है। अमेरिका और चीन: ये दोनों बड़ी ताकतें इस सुस्ती से काफी हद तक सुरक्षित रहेंगी। इनके ग्रोथ रेट अनुमान में महज 0.1% की ही कमी की गई है। क्या होता है US टैरिफ और भारत को फायदा क्यों? जब अमेरिका किसी देश से आने वाले सामान पर टैरिफ कम करता है, तो वह सामान वहां सस्ता हो जाता है। भारत के मामले में यह शुल्क 50% से घटकर 10% हुआ है। इससे भारतीय एक्सपोर्टर्स के कपड़े, ज्वेलरी और आईटी सर्विसेज जैसे प्रोडक्ट्स अमेरिकी मार्केट में सस्ते होंगे, जिससे भारत की कमाई बढ़ेगी। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 तक महंगा हो सकता है: बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव के बाद बढ़ सकते हैं दाम, तेल कंपनियां नुकसान में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों की वजह से पेट्रोल ₹18 और डीजल ₹35 प्रति लीटर तक महंगा हो सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म मैक्वायरी की रिपोर्ट में कहा गया है कि क्रूड ऑयल महंगा होने के बावजूद देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं। इससे कंपनियों को नुकसान हो रहा है। ऐसे में पश्चिम बंगाल सहित 5 राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद कंपनियां दाम बढ़ा सकती हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Inflation Rises to 3.4%; Govt Denies Gas Shortage

India Inflation Rises to 3.4%; Govt Denies Gas Shortage

नई दिल्ली28 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रिटेल महंगाई से जुड़ी रही। मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। वहीं मार्च में भारत का रूस से तेल आयात 19 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया। यह 2 साल का उच्चतम स्तर है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज अंबेडकर जयंती के अवसर पर बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रिटेल महंगाई मार्च में बढ़कर 3.4% हुई: खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर; ईरान जंग से ये और बढ़ सकती है मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. रूस से तेल आयात 19 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा: मार्च में 2 साल का उच्चतम स्तर; मिडिल ईस्ट तनाव के बाद भारत ने खरीदारी बढ़ाई मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत ने एक बार फिर रूस की ओर रुख किया है। अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 90% आयात करने वाले भारत ने पिछले दो महीनों में रूसी क्रूड की खरीदारी में भारी बढ़ोतरी की है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत बढ़ गई है, जिसके चलते भारतीय रिफाइनर्स अब रूस से ज्यादा से ज्यादा तेल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. पहली बार AI से बनाई ₹17,000 करोड़ की कंपनी: सिर्फ दो भाई संभालते हैं काम; सैम ऑल्टमैन की 1 बिलियन डॉलर वाली भविष्यवाणी सच हुई लॉस एंजेलिस में रहने वाले 41 साल के मैथ्यू गैलाघर ने AI से ₹17 हजार करोड़ की कंपनी बना दी। कंपनी का नाम मेडली है जिसे बनाने में सिर्फ दो महीने और 18 लाख रुपए खर्च हुए हैं। मेडवी एक टेलीहेल्थ स्टार्टअप है जो वजन घटाने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और परामर्श देता है। यह इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसका सालाना रेवेन्यू करीब ₹17 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस कंपनी में सिर्फ 2 लोग हैं। मैथ्यू और उनके भाई इलियट। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

India Inflation Rises to 3.4%; Govt Denies Gas Shortage

India Inflation Rises to 3.4%; Govt Denies Gas Shortage

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर रिटेल महंगाई से जुड़ी रही। मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। वहीं मार्च में भारत का रूस से तेल आयात 19 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंच गया। यह 2 साल का उच्चतम स्तर है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज अंबेडकर जयंती के अवसर पर बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. रिटेल महंगाई मार्च में बढ़कर 3.4% हुई: खाने-पीने की चीजें महंगी होने का असर; ईरान जंग से ये और बढ़ सकती है मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. रूस से तेल आयात 19 लाख बैरल प्रतिदिन पहुंचा: मार्च में 2 साल का उच्चतम स्तर; मिडिल ईस्ट तनाव के बाद भारत ने खरीदारी बढ़ाई मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत ने एक बार फिर रूस की ओर रुख किया है। अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 90% आयात करने वाले भारत ने पिछले दो महीनों में रूसी क्रूड की खरीदारी में भारी बढ़ोतरी की है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत बढ़ गई है, जिसके चलते भारतीय रिफाइनर्स अब रूस से ज्यादा से ज्यादा तेल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. पहली बार AI से बनाई ₹17,000 करोड़ की कंपनी: सिर्फ दो भाई संभालते हैं काम; सैम ऑल्टमैन की 1 बिलियन डॉलर वाली भविष्यवाणी सच हुई लॉस एंजेलिस में रहने वाले 41 साल के मैथ्यू गैलाघर ने AI से ₹17 हजार करोड़ की कंपनी बना दी। कंपनी का नाम मेडली है जिसे बनाने में सिर्फ दो महीने और 18 लाख रुपए खर्च हुए हैं। मेडवी एक टेलीहेल्थ स्टार्टअप है जो वजन घटाने वाली दवाओं की ऑनलाइन बिक्री और परामर्श देता है। यह इसलिए चर्चा में है क्योंकि इसका सालाना रेवेन्यू करीब ₹17 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। इस कंपनी में सिर्फ 2 लोग हैं। मैथ्यू और उनके भाई इलियट। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IMD Monsoon Forecast 2026 | India Weather Update

IMD Monsoon Forecast 2026 | India Weather Update

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक भारत मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून के आसपास केरल तट पर पहुंच सकता है। इसके बाद यह आगे बढ़ते हुए भोपाल सहित मध्य भारत में 15 से 20 जून के बीच दस्तक देगा। पिछले साल मानसून तय समय से 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून केरल से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मध्य जून तक पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है। एल नीनो इफेक्ट की वजह से मानसून में देरी हो सकती है। हालांकि सीजन के आखिर में थोड़ी राहत मिल सकती है। इस साल कम बारिश का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार देश में मानसून सीजन के दौरान करीब 80 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर लॉन्ग पीरियड एवरेज 87 सेंटीमीटर है। IMD के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एम. मोहापात्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस साल देश में कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरे का करीब 92% रहने का अनुमान है, जिसे सामान्य से कम कैटेगरी में रखा गया है। क्या होता है लॉन्ग पीरियड एवरेज मौसम विभाग ने 1971-2020 की अवधि के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) को 87 सेमी (870 मिमी) निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि अगर किसी साल की बारिश 87 सेमी से ज्यादा होती है, तो उसे सामान्य से अधिक माना जाता है। अगर कम हो तो कमजोर मानसून माना जाता है। एल नीनो से मानसून में हल्की देरी संभव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जून के आसपास एल नीनो की स्थिति विकसित हो सकती है। यह आमतौर पर भारत में मानसून को कमजोर करता है, जिससे बारिश में कमी और ब्रेक की स्थिति बन सकती है। हालांकि, सीजन के आखिर (सितंबर) में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) के पॉजिटिव फेज में आने की संभावना है। यह स्थिति आमतौर पर बारिश को बढ़ाती है, जिससे एल नीनो के असर की कुछ भरपाई हो सकती है। अल नीनो और ला नीना क्लाइमेट (जलवायु) के दो पैटर्न होते हैं- अल नीनो: इसमें समुद्र का तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ जाता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है। इसके प्रभाव से ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र में कम और कम बारिश वाले क्षेत्र में ज्यादा बारिश होती है। ला नीना: इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है। आसमान में बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है। 1972 में सबसे देरी से केरल पहुंचा था मानसून IMD के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 150 साल में मानसून के केरल पहुंचने की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरल पहुंच गया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरल पहुंचा था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

IMD Monsoon Forecast 2026 | India Weather Update

IMD Monsoon Forecast 2026 | India Weather Update

नई दिल्ली21 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल बारिश सामान्य से कम रहने का अनुमान है। वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून 1 जून के आसपास केरल तट पर पहुंच सकता है। इसके बाद यह आगे बढ़ते हुए भोपाल सहित मध्य भारत में 15 से 20 जून के बीच दस्तक देगा। पिछले साल मानसून तय समय से 8 दिन पहले यानी 24 मई को ही केरल पहुंच गया था। मानसून केरल से आगे बढ़ते हुए महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में आमतौर पर मध्य जून तक पहुंचता है। 11 जून तक मुंबई और 8 जुलाई तक पूरे देश में फैल जाता है। इसकी वापसी उत्तर-पश्चिम भारत से 17 सितंबर को शुरू होती है और यह पूरी तरह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है। अल नीनो इफेक्ट की वजह से मानसून में देरी हो सकती है। हालांकि सीजन के आखिर में थोड़ी राहत मिल सकती है। इस साल कम बारिश का अनुमान मौसम विभाग के मुताबिक, इस बार देश में मानसून सीजन के दौरान करीब 80 सेंटीमीटर बारिश होने का अनुमान है, जबकि 1971-2020 के आंकड़ों के आधार पर लॉन्ग पीरियड एवरेज 87 सेंटीमीटर है। IMD के डिप्टी डायरेक्टर जनरल डॉ. एम. मोहापात्रा प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस साल देश में कुल बारिश लॉन्ग पीरियड एवरे का करीब 92% रहने का अनुमान है, जिसे सामान्य से कम कैटेगरी में रखा गया है। क्या होता है लॉन्ग पीरियड एवरेज मौसम विभाग ने 1971-2020 की अवधि के आधार पर दक्षिण-पश्चिम मानसून के लिए लॉन्ग पीरियड एवरेज (LPA) को 87 सेमी (870 मिमी) निर्धारित किया है। इसका मतलब है कि अगर किसी साल की बारिश 87 सेमी से ज्यादा होती है, तो उसे सामान्य से अधिक माना जाता है। अगर कम हो तो कमजोर मानसून माना जाता है। अल नीनो से मानसून में हल्की देरी संभव मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जून के आसपास अल नीनो की स्थिति विकसित हो सकती है। यह आमतौर पर भारत में मानसून को कमजोर करता है, जिससे बारिश में कमी और ब्रेक की स्थिति बन सकती है। हालांकि, सीजन के आखिर (सितंबर) में इंडियन ओशन डाइपोल (IOD) के पॉजिटिव फेज में आने की संभावना है। यह स्थिति आमतौर पर बारिश को बढ़ाती है, जिससे अल नीनो के असर की कुछ भरपाई हो सकती है। अल नीनो और ला नीना क्लाइमेट (जलवायु) के दो पैटर्न होते हैं- अल नीनो: इसमें समुद्र का तापमान 3 से 4 डिग्री बढ़ जाता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है। इसके प्रभाव से ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र में कम और कम बारिश वाले क्षेत्र में ज्यादा बारिश होती है। ला नीना: इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है। आसमान में बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है। 1972 में सबसे देरी से केरल पहुंचा था मानसून IMD के आंकड़ों के मुताबिक, बीते 150 साल में मानसून के केरल पहुंचने की तारीखें अलग-अलग रही हैं। 1918 में मानसून सबसे पहले 11 मई को केरल पहुंच गया था, जबकि 1972 में सबसे देरी से 18 जून को केरल पहुंचा था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

Hindi News Business India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update Israel Iran War नई दिल्ली15 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। आज 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है। महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन मार्च में बढ़कर 3.71% पर पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 3.47% था। ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में महंगाई थोड़ी कम रही। ग्रामीण महंगाई फरवरी के 3.37% से बढ़कर 3.63% हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.02% से बढ़कर 3.11% रही। नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी तीसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है। खाने-पीने की चीजों का वजन (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वेटेज बढ़ा दिया गया है। क्या हटा: वीसीआर और ऑडियो कैसेट जैसे पुराने सामान हटा दिए गए हैं। क्या जुड़ा: OTT सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज जैसे खर्चे शामिल किए हैं। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 3.4% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि मार्च 2026 में महंगाई 3.4% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मार्च 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.4% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे (जैसे चांदी के गहने 160% महंगे हुए)। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे (जैसे लहसुन 31% सस्ता हुआ)। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.4% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹103.4 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मार्च 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मार्च 2026 में ₹103.4 का हो गया है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update

Hindi News Business India Inflation | India Retail Inflation Rate March 2026 Update Israel Iran War नई दिल्ली31 मिनट पहले कॉपी लिंक मार्च में रिटेल महंगाई बढ़कर 3.4% पहुंच गई है। इससे पहले फरवरी में यह 3.21% थी। आज 13 अप्रैल को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। महंगाई में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग चल रही है। जंग लंबी चली तो महंगाई आगे और बढ़ सकती है। महंगाई बढ़ने की वजह- खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन मार्च में बढ़कर 3.71% पर पहुंच गया। फरवरी में यह आंकड़ा 3.47% था। ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरों में महंगाई थोड़ी कम रही। ग्रामीण महंगाई फरवरी के 3.37% से बढ़कर 3.63% हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.02% से बढ़कर 3.11% रही। पर्सनल केयर वाले सामान सबसे ज्यादा 18.65% महंगे हुए सेक्टर महंगाई दर (%) पर्सनल केयर, सोशल प्रोटेक्शन और अन्य सामान 18.65 पान, तंबाकू और नशीले पदार्थ 4.23 खाद्य और पेय पदार्थ 3.71 एजुकेशन सर्विसेज 3.30 कपड़े और जूते 2.75 रेस्टोरेंट और होटल सेवाएं 2.88 मनोरंजन, खेल और संस्कृति 2.28 स्वास्थ्य 1.75 आवास, पानी, बिजली और गैस 1.97 घरेलू उपकरण और रख-रखाव 1.39 सूचना और संचार 0.33 ट्रांसपोर्ट 0.00 मार्च में आलू महंगा, प्याज और लहसन सस्ता हुआ नंबर वस्तु महंगाई % (फरवरी, 2026) महंगाई % (मार्च, 2026) 1 प्याज -28.20 -27.76 2 आलू -18.47 -18.98 3 लहसन -31.10 -10.18 4 अरहर, तुअर दाल -16.00 -9.56 5 मटर, चने -8.26 -7.87 चांदी के गहनों की महंगाई दर घटकर 148.61% पर आई नंबर वस्तु महंगाई % (फरवरी, 2026) महंगाई % (मार्च, 2026) 1 चांदी के गहने 160.88 148.61 2 सोने/हीरे/प्लैटिनम 48.17 45.92 3 नारियल: खोपरा 46.16 45.52 4 टमाटर 45.18 35.99 5 फूलगोभी 43.76 34.11 नए तरीके से मापी जा रही महंगाई, OTT शामिल यह महंगाई के नए फॉर्मूले (2024 बेस ईयर) के तहत जारी तीसरा आंकड़ा है। सरकार ने महंगाई नापने के बास्केट में भी बदलाव किया है। खाने-पीने की चीजों का वजन (वेटेज) 45.9% से घटाकर 36.75% कर दिया गया है, जबकि हाउसिंग और बिजली-गैस का वेटेज बढ़ा दिया गया है। क्या हटा: वीसीआर और ऑडियो कैसेट जैसे पुराने सामान हटा दिए गए हैं। क्या जुड़ा: OTT सब्सक्रिप्शन, डिजिटल स्टोरेज जैसे खर्चे शामिल किए हैं। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 3.4% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि मार्च 2026 में महंगाई 3.4% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना मार्च 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 3.4% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे (जैसे चांदी के गहने 160% महंगे हुए)। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे (जैसे लहसुन 31% सस्ता हुआ)। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 3.4% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹103.4 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर मार्च 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मार्च 2026 में ₹103.4 का हो गया है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

India Ramps Up Russian Crude Oil Imports Amid Hormuz Strait Crisis 2026

India Ramps Up Russian Crude Oil Imports Amid Hormuz Strait Crisis 2026

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत रूसी तेल का तीसरा सबसे बड़ा खरीदार है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज रूट में सप्लाई प्रभावित होने के बाद भारत ने एक बार फिर रूस की ओर रुख किया है। अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का करीब 90% आयात करने वाले भारत ने पिछले दो महीनों में रूसी क्रूड की खरीदारी में भारी बढ़ोतरी की है। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी जंग के कारण ग्लोबल मार्केट में तेल की किल्लत बढ़ गई है, जिसके चलते भारतीय रिफाइनर्स अब रूस से ज्यादा से ज्यादा तेल जुटाने की कोशिश कर रहे हैं। मार्च में रूस से आयात 18.48 करोड़ बैरल प्रति दिन पहुंचा इंटेलिजेंस फर्म केप्लर के डेटा के मुताबिक, मार्च के महीने में रूस से कच्चे तेल का आयात औसत 1.98 मिलियन यानी 18.48 करोड़ बैरल प्रति दिन (bpd) रहा। यह जून 2023 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि, अप्रैल में यह आंकड़ा गिरकर 1.57 मिलियन यानी 14.65 करोड़ बैरल प्रति दिन रह गया है, लेकिन जानकारों का कहना है कि यह गिरावट मांग की कमी की वजह से नहीं, बल्कि नयारा एनर्जी की रिफाइनरी में मेंटेनेंस के लिए किए गए शटडाउन के कारण आई है। अगले महीने से इसमें फिर से उछाल आने की उम्मीद है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कच्चे तेल का उपभोक्ता है। भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 88% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखेगा सिंगापुर स्थित कंसल्टेंसी ‘वांडा इनसाइट्स’ की फाउंडर वंदना हरि का कहना है कि भारत वह सारा रूसी तेल खरीदने की कोशिश कर रहा है जो उसे मिल सकता है। उन्होंने बताया कि जब तक फारस की खाड़ी से होने वाली सप्लाई में दिक्कत बनी रहेगी, भारत रूसी तेल पर अपनी निर्भरता बनाए रखेगा। दरअसल, अमेरिका और इजरायल की ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई और होर्मुज रूट के बंद होने से दुनिया भर में सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद रिफाइनर्स को छूट की उम्मीद भारत ने पहले रूसी कंपनी रोसनेफ्ट और लुकोइल पर अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से खरीदारी कम कर दी थी। पिछले साल डोनाल्ड ट्रम्प प्रशासन के दबाव के कारण भारत को कुछ पाबंदियां झेलनी पड़ी थीं, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में समीकरण बदल गए हैं। भारतीय रिफाइनिंग कंपनियों के अधिकारियों का मानना है कि रूस से तेल आयात के लिए मिली अमेरिकी छूट को आगे बढ़ाया जा सकता है। अगर छूट नहीं भी बढ़ती है, तो भी सप्लाई के अन्य विकल्प सीमित होने के कारण भारत खरीदारी जारी रख सकता है। भारत का तर्क: ‘घरेलू मांग पूरी करना हमारी प्राथमिकता’ तेल मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने नई दिल्ली में एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, ‘हमारी प्राथमिकता घरेलू मांग को पूरा करने के लिए जरूरी ऊर्जा जुटाना है।’ जब उनसे अमेरिकी छूट की अनिवार्यता के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि रूसी तेल खरीदने का फैसला पूरी तरह से कॉमर्शियल और टेक्निकल फिजिबिलिटी पर आधारित है। यानी अगर भारतीय रिफाइनर्स को रूस से तेल लेना किफायती लग रहा है, तो वे इसे जारी रखेंगे। समुद्र में खड़े टैंकरों की संख्या घटी वोर्टेक्सा के डेटा के अनुसार, पिछले साल के अंत में जब भारत ने अमेरिकी प्रतिबंधों के डर से कदम पीछे खींचे थे, तब समुद्र में रूसी कच्चे तेल का स्टॉक काफी बढ़ गया था। जनवरी की शुरुआत तक करीब 155 मिलियन यानी 1,447 करोड़ बैरल तेल समुद्र में खड़े टैंकरों में जमा था, जो अब घटकर 100 मिलियन यानी 933 करोड़ बैरल के करीब आ गया है। इसका मतलब है कि भारतीय रिफाइनर्स ने पुराने अटके हुए शिपमेंट्स को भी अब प्रोसेस करना शुरू कर दिया है। क्या है होर्मुज रूट, भारत के लिए क्यों है अहम? होर्मुज रूट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है। यह ओमान और ईरान के बीच स्थित है। दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल यहीं से होकर गुजरता है। ईरान-अमेरिका के बीच तनाव के चलते अक्सर इस रास्ते को बंद करने की धमकी दी जाती है, जिससे ग्लोबल मार्केट में तेल की कीमतें बढ़ने लगती हैं। भारत के लिए यह रूट इसलिए अहम है क्योंकि सऊदी अरब, इराक और यूएई से आने वाला तेल इसी रास्ते से आता है। ये खबर भी पढ़ें… सरकार बोली- देश में गैस की कोई कमी नहीं: पैनिक बाइंग से बचने को कहा, 95% ग्राहक अब डिजिटल माध्यम से कर रहे बुकिंग देश में LPG सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह स्थिर और पर्याप्त है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) ने नागरिकों को भरोसा दिलाया है कि उन्हें घबराने या पैनिक बाइंग करने की जरूरत नहीं है। मंत्रालय ने कहा कि मौजूदा डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क मजबूत है और देशभर में बिना रुकावट गैस पहुंच रही है। सरकार इसकी लगातार निगरानी कर रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

John Nolan Death | Badminton Asia Championship India Silver

John Nolan Death | Badminton Asia Championship India Silver

Hindi News Career John Nolan Death | Badminton Asia Championship India Silver | April 13 Current Affairs 3 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. केंद्रीय मंत्री गडकरी उन्नत कृषि महोत्सव का समापन करेंगे 13 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी मध्य प्रदेश के रायसेन जिले में 3 दिवसीय उन्नत कृषि महोत्सव का समापन करेंगे। कृषि महोत्सव 11 अप्रैल को शुरू हुआ था, इसमें ड्रोन, पंप और सिंचाई सहित एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को लाइव दिखाया गया। महोत्सव में सीएम डॉ. मोहन यादव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के डायरेक्टर जनरल डॉ. मांगी लाल जाट समेत देशभर के कृषि वैज्ञानिक भी शामिल हुए। कृषि महोत्सव का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरक की जानकारी देना, सिंचाई और बागवानी की बारीकियां बताना है। कृषि महोत्सव में किसानों को बिजनेस मार्केट और क्रेडिट सिस्टम की जानकारी भी दी गई। कृषि महोत्सव में चार सेमिनार हॉल में 20 विषयों पर किसानों से सीधे बातचीत की गई, जिसमें कृषि में AI के उपयोग से लेकर एकीकृत खेती तक के विषय शामिल थे। 11 अप्रैल को रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रायसेन में उन्नत कृषि महोत्सव का उद्घाटन किया था। कृषि महोत्सव में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान भी शामिल रहे। कृषि महोत्सव में एप और प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया सॉइल (मृदा) मोबाइल एप : कृषि महोत्सव में सॉइल (मृदा) मोबाइल एप लॉन्च किया, जिससे सॉइल टेस्टिंग की जा सके। ई- फॉर्म्स प्लेटफॉर्म: कृषि महोत्सव में ई- फॉर्म्स प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया गया, ताकी इस प्लेटफॉर्म के जरिए किसानों तक योजना और बाजार की जानकारी पहुंच सके। कृषि महोत्सव में 300 से ज्यादा स्टॉल लगाए गए और इसमें 20 हजार से ज्यादा किसानों ने हिस्सा लिया। निधन (DEATH) 2. सिंगर आशा भोसले का निधन 12 अप्रैल को सिंगर आशा भोसले का निधन हो गया। आशा भोसले 92 साल की थीं और उन्हें लंग्स (फेफड़े) इंफेक्शन के चलते मुंबई के ब्रीच कैंडी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आशा ने 14 से ज्यादा भाषाओं में 12,000 से ज्यादा गीत गाए। वे पॉप, गजल, शास्त्रीय संगीत जैसी शैली में गाने के लिए मशहूर थीं। आशा का जन्म 8 सितंबर 1933 को महाराष्ट्र के सांगली में हुआ था। 1943 में 10 साल की उम्र में मराठी फिल्म ‘माझा बाल’ के लिए पहला गाना गाया था। आशा ने 1948 में पहला हिंदी गाना फिल्म ‘चुनरिया’ का ‘सावन आया’ गाया था। आशा ने 1960-70 के दशक में हिंदी सिनेमा में ‘कैबरे’ और ‘डिस्को’ गानों को एक नई ऊंचाई दी। आशा 1997 में ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नॉमिनेट होने वाली पहली भारतीय सिंगर बनीं। आशा को साल 2000 में दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड मिला। आशा को 2008 में भारत सरकार ने पद्म विभूषण से सम्मानित किया। 2011 में आशा का नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। आशा के गाए मशहूर गानों की फेहरिस्त बहुत लंबी है, जिसमें पिया तू अब तो आजा, दम मारो दम, उड़े जब-जब जुल्फें जैसे गाने शामिल हैं। आशा महशूर थियेटर एक्टर और सिंगर दीनानाथ मंगेशकर की बेटी और स्वर कोकिला लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं। आशा भोसले ने 50 से 90 के दशक के बीच ओपी नैयर, आरडी बर्मन, खय्याम और बप्पी लहरी जैसे कई संगीतकारों के साथ काम किया। आशा भोसले का आखिरी गाना ‘सैंया बिना’ है। इस गाने में उन्होंने परफॉर्म भी किया है। निधन (DEATH) 3. एक्टर जॉन नोलन का निधन 11 अप्रैल को मशहूर ब्रिटिश एक्टर जॉन नोलन का निधन हो गया। वे 87 साल के थे। जॉन 2005 में आई बैटमैन बिगिन्स और पर्सन ऑफ इंटरेस्ट जैसी फिल्मों में अपने किरदारों के लिए जाने जाते थे। नोलन प्रशंसित फिल्म निर्माता क्रिस्टोफर नोलन के अंकल थे और उनकी कई फिल्मों में दिखाई भी दिए। नोलन की सबसे मशहूर फिल्मों में 2012 में द डार्क नाइट राइजेस हैं। नोलन लंदन के प्रतिष्ठित ड्रामा सेंटर से ग्रेजुएट थे और इसमें हिस्सा लेने वाले पहले स्टूडेंट थे। नोलन ने शुरुआती करियर में रिचमंड थिएटर में रोमियो का किरदार निभाया था। नोलन ने रॉयल शेक्सपियर कंपनी थियेटर के साथ भी काम किया। नोलन के स्टेज पेरफॉर्मेस में बीक्वेस्ट टू द नेशन, टेरर और द वर्ल्ड इज फुल ऑफ मैरिड मेन शामिल हैं। इसके साथ-साथ टीवी सीरीज जनरल हॉस्पिटल और एनिमी एट द डोर थियेटर में भी नोलन नजर आए। ‘द डार्क नाइट राइजेज’ नोलन की सबसे चर्चित फिल्‍म थी। स्पोर्ट्स (SPORTS) 4. आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 में सिल्वर जीता 13 अप्रैल को भारत के आयुष शेट्टी ने बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 मेंस सिंगल में सिल्वर जीता। पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ चाइना के निंगबो में खेले गए फाइनल में आयुष वर्ल्ड चैंपियन चीनी प्लेयर शी युकी से हारे। आयुष मेंस सिंगल में सिल्वर जीतने वाले भारत के पहले और 61 साल में मेडल जीतने वाले दूसरे प्लेयर हैं। बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में आयुष से पहले दिनेश खन्ना ने 1965 में गोल्ड जीता था। दिनेश खन्ना बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप में गोल्ड जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं। आयुष ने 8 साल की उम्र में बेडमिंटन की ट्रेनिंग लेना शुरू की थी। आयुष ने 2023 में BWF वर्ल्ड जूनियर चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज जीता था। आयुष ने 2025 में BWF वर्ल्ड टूर टाइटल में US ओपन सुपर 300 जीता। 2025 में आयुष वर्ल्ड रैंकिंग टॉप 30 में शामिल हुए। 20 साल के आयुष बैडमिंटन वर्ल्ड रैंकिंग में 25वें नंबर पर हैं। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 5. विदेश सचिव विक्रम मिस्री पेरिस और बर्लिन की यात्रा पर 12 अप्रैल को विदेश सचिव विक्रम मिस्री पेरिस और बर्लिन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। ये यात्रा 2 दिन की होगी। विक्रम मिस्री, फ्रांसीसी विदेश मंत्रालय के महासचिव मार्टिन ब्रिएन्स के साथ भारत-फ्रांस फॉरेंन ऑफिस कंसल्टेशन की सह-अध्यक्षता करेंगे। दोनों देशों के प्रमुख इसमें फॉरेन अफेयर्स, सिविल न्यूक्लियर एनर्जी, स्पेस सायबर एंड डिजिटल सिक्युरिटी, आर्टिफिशियल इनोवेशन पर बात करेंगे। दोनों देशों के प्रमुख इस बैठक में ग्लोबल और रीजनल डेवलपमेंट पर भी बात करेंगे। बर्लिन में विक्रम, जर्मन फॉरेन ऑफिस के स्टेट सेक्रेटरी डॉ गेजा एंड्रियास वॉन गेयर के साथ भारत-जर्मनी फॉरेंन ऑफिस कंसल्टेशन की सह-अध्यक्षता करेंगे। दोनों देशों के प्रमुख बिजनेस और इंवेस्टमेंट, डिफेंस एंड सिक्योरिटी, टेक्नोलॉजी, ग्रीन एनर्जी और एजुकेशन पर बात