Sunday, 06 Sep 2026 | 05:31 AM

Trending :

Bangladesh Power Crisis | Market Shutdown Order & India Aid Request

Bangladesh Power Crisis | Market Shutdown Order & India Aid Request

ढाका7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश में बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में रोज 8 से 10 घंटे तक बिजली कट रही है। इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

बिजली की कमी से निपटने के लिए सरकार ने बुधवार से देशभर में शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है। व्यापारिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रात 8 बजे तक खत्म करने होंगे। सजावटी लाइटों पर रोक लगा दी गई है, जबकि डिजिटल लाइटिंग बोर्ड शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे। अस्पताल और मेडिकल स्टोर को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है।

गैस की कमी से 1,500 मेगावाट बिजली कम बनी

बांग्लादेश में बिजली संकट की सबसे बड़ी वजह ईंधन की कमी है। खासकर प्राकृतिक गैस की कमी ने बिजली उत्पादन को प्रभावित किया है। देश अपने इस्तेमाल का 90% से ज्यादा तेल और करीब 30% गैस दूसरे देशों से खरीदता है।

मौजूदा संकट के पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं…

पहली वजह– अमेरिकी कंपनी एक्सेलरेट एनर्जी के LNG टर्मिनल में 21 जुलाई को आग लग गई। इसके बाद टर्मिनल बंद हो गया था। इस हफ्ते की शुरुआत में यहां कुछ काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन तब तक LNG की सप्लाई आधी रह गई थी।

दूसरी वजह- समुद्र में खराब मौसम की वजह से कम से कम दो LNG जहाज टर्मिनल तक नहीं पहुंच पाए और अपना माल नहीं उतार सके। दूसरे देशों से आने वाली बिजली की सप्लाई भी कम हुई है।

इन वजहों से बांग्लादेश में बिजली उत्पादन करीब 1,500 मेगावाट घट गया है।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा कटौती

बांग्लादेश में बिजली की सप्लाई छह वितरण कंपनियां करती हैं। राजधानी ढाका को फिलहाल उसकी जरूरत के मुताबिक बिजली मिल रही है। लेकिन ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में करीब 80 बिजली सहकारी समितियां सप्लाई करती हैं।

मयमनसिंह, बरिशाल, रंगपुर, सिलहट, राजशाही और खुलना में बिजली संकट का ज्यादा असर है। ज्यादातर इलाकों में रोज 3 से 5 घंटे बिजली कट रही है। वहीं खुलना में लोगों ने 9 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायत की है।

नाराज लोगों ने बिजली घरों पर हमला किया

लगातार बिजली कटने से लोगों में गुस्सा भी बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में नाराज लोगों ने बिजली से जुड़ी फैसिलिटी पर हमला किया है। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की भी खबरें सामने आई हैं। इसके बाद बिजली विभाग ने सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी है।

बिजली कटौती का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। खेती, रेस्टोरेंट और कारखानों का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को बिजली की जगह डीजल जनरेटर चलाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है।

झींगा पालने वाले किसानों की परेशानी और ज्यादा है। बिजली जाने पर पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली मशीनें बंद हो जाती हैं। इससे पानी में ऑक्सीजन कम होने लगती है और झींगों के मरने का खतरा बढ़ जाता है। बांग्लादेश दुनिया में झींगा निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।

देश के कपड़ा और गारमेंट उद्योग पर भी बिजली संकट का असर पड़ रहा है। यह सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।

बिजली बचाने के लिए रात 8 बजे तक बंद होंगी दुकानें

सरकार को फिलहाल बिजली संकट से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए बिजली की खपत घटाने के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं।

अब शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करना होगा। व्यापारिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इसी समय तक खत्म करने होंगे। सजावटी लाइटें बंद रहेंगी और रोशन विज्ञापन बोर्ड शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे।

ऐसा कदम बांग्लादेश में पहले भी उठाया जा चुका है। कुछ महीने पहले अप्रैल में ऊर्जा संकट बढ़ने के दौरान सरकार ने दुकानों और शॉपिंग मॉल को शाम 6 बजे तक बंद करने का आदेश दिया था।

भारत से मांगा अतिरिक्त डीजल

बिजली संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने अब भारत से अतिरिक्त डीजल देने की मांग की है।

बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने पिछले हफ्ते भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात के दौरान यह मांग रखी थी।

महमूद ने पत्रकारों से कहा कि भारत के साथ एक पाइपलाइन है, जिससे बांग्लादेश को डीजल मिलता है। उन्होंने भारत से इसकी सप्लाई बढ़ाने का अनुरोध किया है।

भारत और बांग्लादेश के बीच इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन 2017 में शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच 15 साल का समझौता है। इसके तहत भारत को हर साल बांग्लादेश को 1.80 लाख मीट्रिक टन डीजल देना है।

मध्य-पूर्व में हालिया संकट के दौरान भारत मार्च और अप्रैल में बांग्लादेश को पहले ही 30 हजार टन से ज्यादा डीजल भेज चुका है।

रिश्तों में तनाव के बीच भारत से मदद की मांग

डीजल की मांग ऐसे समय आई है, जब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में ढाका छोड़ने के बाद भारत आई थीं और फिलहाल भारत में हैं।

हाल ही में दिल्ली में हसीना ने मीडिया को संबोधित किया था। 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक भाषण था। उनके बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

इसके बावजूद बिजली संकट के बीच बांग्लादेश ने भारत से ईंधन की सप्लाई बढ़ाने की मांग की है।

संकट ने दिखाई दूसरे देशों पर निर्भरता

मौजूदा बिजली संकट ने बांग्लादेश की ईंधन और गैस के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता को फिर सामने ला दिया है। LNG की सप्लाई में रुकावट और दूसरे देशों से आने वाली बिजली कम होने का सीधा असर घरेलू बिजली उत्पादन पर पड़ा है।

ऐसे में भारत से अतिरिक्त डीजल मिलने पर बांग्लादेश को फिलहाल कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन मौजूदा संकट यह भी दिखाता है कि ईंधन की सप्लाई में थोड़ी सी रुकावट का असर पूरे देश की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ट्रक की टक्कर से 3 गायों की मौत:बैल मृत साथियों को उठाने का प्रयास करता दिखा, वीडियो वायरल

April 5, 2026/
2:52 pm

शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में तीन गायों की मौत हो गई। स्टेशन रोड पर...

IPL में कैसा खेल रहे टी-20 वर्ल्ड चैंपियंस:सैमसन ने शतक लगाया, चक्रवर्ती-बुमराह को विकेट नहीं मिल रहे; रिंकू, हार्दिक और अर्शदीप फ्लॉप

April 12, 2026/
4:22 am

IPL में 19वें सीजन के 18 मैच खत्म हो चुके हैं। भारत को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले 15 प्लेयर्स...

सिंगर रिहाना दूसरी बार भारत पहुंचीं:एयरपोर्ट पर पैपराजी को फ्लाइंग किस दी, 2024 में अनंत अंबानी की शादी में परफॉर्म किया था

April 24, 2026/
10:05 am

इंटरनेशनल सिंगर रिहाना शुक्रवार को दूसरी बार भारत पहुंचीं। मुंबई के कलिना एयरपोर्ट पर उनका फैंस और पैपराजी ने स्वागत...

A vehicle sits charred after being set on fire, on a road in Guadalajara, Jalisco state, Mexico, Sunday, Feb. 22, 2026, after the death of the leader of the Jalisco New Generation Cartel, Nemesio Rubén Oseguera Cervantes, known as"El Mencho." (AP)

February 23, 2026/
7:42 am

आखरी अपडेट:23 फ़रवरी 2026, 07:42 IST सिंगूर और नंदीग्राम आंदोलनों के दिनों से लेकर पश्चिम बंगाल में पार्टी की सत्ता...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Bangladesh Power Crisis | Market Shutdown Order & India Aid Request

Bangladesh Power Crisis | Market Shutdown Order & India Aid Request

ढाका7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश में बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में रोज 8 से 10 घंटे तक बिजली कट रही है। इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

बिजली की कमी से निपटने के लिए सरकार ने बुधवार से देशभर में शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है। व्यापारिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रात 8 बजे तक खत्म करने होंगे। सजावटी लाइटों पर रोक लगा दी गई है, जबकि डिजिटल लाइटिंग बोर्ड शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे। अस्पताल और मेडिकल स्टोर को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है।

गैस की कमी से 1,500 मेगावाट बिजली कम बनी

बांग्लादेश में बिजली संकट की सबसे बड़ी वजह ईंधन की कमी है। खासकर प्राकृतिक गैस की कमी ने बिजली उत्पादन को प्रभावित किया है। देश अपने इस्तेमाल का 90% से ज्यादा तेल और करीब 30% गैस दूसरे देशों से खरीदता है।

मौजूदा संकट के पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं…

पहली वजह– अमेरिकी कंपनी एक्सेलरेट एनर्जी के LNG टर्मिनल में 21 जुलाई को आग लग गई। इसके बाद टर्मिनल बंद हो गया था। इस हफ्ते की शुरुआत में यहां कुछ काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन तब तक LNG की सप्लाई आधी रह गई थी।

दूसरी वजह- समुद्र में खराब मौसम की वजह से कम से कम दो LNG जहाज टर्मिनल तक नहीं पहुंच पाए और अपना माल नहीं उतार सके। दूसरे देशों से आने वाली बिजली की सप्लाई भी कम हुई है।

इन वजहों से बांग्लादेश में बिजली उत्पादन करीब 1,500 मेगावाट घट गया है।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा कटौती

बांग्लादेश में बिजली की सप्लाई छह वितरण कंपनियां करती हैं। राजधानी ढाका को फिलहाल उसकी जरूरत के मुताबिक बिजली मिल रही है। लेकिन ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में करीब 80 बिजली सहकारी समितियां सप्लाई करती हैं।

मयमनसिंह, बरिशाल, रंगपुर, सिलहट, राजशाही और खुलना में बिजली संकट का ज्यादा असर है। ज्यादातर इलाकों में रोज 3 से 5 घंटे बिजली कट रही है। वहीं खुलना में लोगों ने 9 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायत की है।

नाराज लोगों ने बिजली घरों पर हमला किया

लगातार बिजली कटने से लोगों में गुस्सा भी बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में नाराज लोगों ने बिजली से जुड़ी फैसिलिटी पर हमला किया है। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की भी खबरें सामने आई हैं। इसके बाद बिजली विभाग ने सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी है।

बिजली कटौती का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। खेती, रेस्टोरेंट और कारखानों का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को बिजली की जगह डीजल जनरेटर चलाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है।

झींगा पालने वाले किसानों की परेशानी और ज्यादा है। बिजली जाने पर पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली मशीनें बंद हो जाती हैं। इससे पानी में ऑक्सीजन कम होने लगती है और झींगों के मरने का खतरा बढ़ जाता है। बांग्लादेश दुनिया में झींगा निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।

देश के कपड़ा और गारमेंट उद्योग पर भी बिजली संकट का असर पड़ रहा है। यह सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।

बिजली बचाने के लिए रात 8 बजे तक बंद होंगी दुकानें

सरकार को फिलहाल बिजली संकट से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए बिजली की खपत घटाने के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं।

अब शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करना होगा। व्यापारिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इसी समय तक खत्म करने होंगे। सजावटी लाइटें बंद रहेंगी और रोशन विज्ञापन बोर्ड शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे।

ऐसा कदम बांग्लादेश में पहले भी उठाया जा चुका है। कुछ महीने पहले अप्रैल में ऊर्जा संकट बढ़ने के दौरान सरकार ने दुकानों और शॉपिंग मॉल को शाम 6 बजे तक बंद करने का आदेश दिया था।

भारत से मांगा अतिरिक्त डीजल

बिजली संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने अब भारत से अतिरिक्त डीजल देने की मांग की है।

बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने पिछले हफ्ते भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात के दौरान यह मांग रखी थी।

महमूद ने पत्रकारों से कहा कि भारत के साथ एक पाइपलाइन है, जिससे बांग्लादेश को डीजल मिलता है। उन्होंने भारत से इसकी सप्लाई बढ़ाने का अनुरोध किया है।

भारत और बांग्लादेश के बीच इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन 2017 में शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच 15 साल का समझौता है। इसके तहत भारत को हर साल बांग्लादेश को 1.80 लाख मीट्रिक टन डीजल देना है।

मध्य-पूर्व में हालिया संकट के दौरान भारत मार्च और अप्रैल में बांग्लादेश को पहले ही 30 हजार टन से ज्यादा डीजल भेज चुका है।

रिश्तों में तनाव के बीच भारत से मदद की मांग

डीजल की मांग ऐसे समय आई है, जब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में ढाका छोड़ने के बाद भारत आई थीं और फिलहाल भारत में हैं।

हाल ही में दिल्ली में हसीना ने मीडिया को संबोधित किया था। 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक भाषण था। उनके बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

इसके बावजूद बिजली संकट के बीच बांग्लादेश ने भारत से ईंधन की सप्लाई बढ़ाने की मांग की है।

संकट ने दिखाई दूसरे देशों पर निर्भरता

मौजूदा बिजली संकट ने बांग्लादेश की ईंधन और गैस के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता को फिर सामने ला दिया है। LNG की सप्लाई में रुकावट और दूसरे देशों से आने वाली बिजली कम होने का सीधा असर घरेलू बिजली उत्पादन पर पड़ा है।

ऐसे में भारत से अतिरिक्त डीजल मिलने पर बांग्लादेश को फिलहाल कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन मौजूदा संकट यह भी दिखाता है कि ईंधन की सप्लाई में थोड़ी सी रुकावट का असर पूरे देश की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.