Sunday, 23 Aug 2026 | 07:43 PM

Trending :

कार रेसिंग में हादसे का शिकार हुए एक्टर अजित कुमार:बेकाबू होकर दूसरी कार से टकराई गाड़ी, सुरक्षित बचे जापान में 5.9 तीव्रता का भूकंप, 37 लोग घायल:ट्रेन सेवाओं पर असर; सुनामी का खतरा नहीं 'अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया जन गण मन':मुकेश खन्ना बोले- ये राष्ट्रगान नहीं हो सकता; इसमें अंग्रेजों को भाग्य विधाता बताया गया पहली भारतीय महिला मिमिक्री आर्टिस्ट आशा सिंह जयसवाल का निधन:मीना कुमारी की नकल से फेम मिला, बीआर चोपड़ा की महाभारत में द्रोणाचार्य की पत्नी बनी थीं पाकिस्तान में 12-12 घंटे बिजली कटौती:लोग सड़कों पर उतरे, रास्ता जाम किया; लगातार कटौती से पानी सप्लाई ठप 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' एक्टर मोहसिन ने सगाई की:मंगेतर तमन्ना के साथ तस्वीरें शेयर की; बोले- पहली नजर में लगा हमसफर मिल गई
EXCLUSIVE

Bangladesh Power Crisis | Market Shutdown Order & India Aid Request

Bangladesh Power Crisis | Market Shutdown Order & India Aid Request

ढाका7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश में बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में रोज 8 से 10 घंटे तक बिजली कट रही है। इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

बिजली की कमी से निपटने के लिए सरकार ने बुधवार से देशभर में शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है। व्यापारिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रात 8 बजे तक खत्म करने होंगे। सजावटी लाइटों पर रोक लगा दी गई है, जबकि डिजिटल लाइटिंग बोर्ड शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे। अस्पताल और मेडिकल स्टोर को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है।

गैस की कमी से 1,500 मेगावाट बिजली कम बनी

बांग्लादेश में बिजली संकट की सबसे बड़ी वजह ईंधन की कमी है। खासकर प्राकृतिक गैस की कमी ने बिजली उत्पादन को प्रभावित किया है। देश अपने इस्तेमाल का 90% से ज्यादा तेल और करीब 30% गैस दूसरे देशों से खरीदता है।

मौजूदा संकट के पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं…

पहली वजह– अमेरिकी कंपनी एक्सेलरेट एनर्जी के LNG टर्मिनल में 21 जुलाई को आग लग गई। इसके बाद टर्मिनल बंद हो गया था। इस हफ्ते की शुरुआत में यहां कुछ काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन तब तक LNG की सप्लाई आधी रह गई थी।

दूसरी वजह- समुद्र में खराब मौसम की वजह से कम से कम दो LNG जहाज टर्मिनल तक नहीं पहुंच पाए और अपना माल नहीं उतार सके। दूसरे देशों से आने वाली बिजली की सप्लाई भी कम हुई है।

इन वजहों से बांग्लादेश में बिजली उत्पादन करीब 1,500 मेगावाट घट गया है।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा कटौती

बांग्लादेश में बिजली की सप्लाई छह वितरण कंपनियां करती हैं। राजधानी ढाका को फिलहाल उसकी जरूरत के मुताबिक बिजली मिल रही है। लेकिन ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में करीब 80 बिजली सहकारी समितियां सप्लाई करती हैं।

मयमनसिंह, बरिशाल, रंगपुर, सिलहट, राजशाही और खुलना में बिजली संकट का ज्यादा असर है। ज्यादातर इलाकों में रोज 3 से 5 घंटे बिजली कट रही है। वहीं खुलना में लोगों ने 9 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायत की है।

नाराज लोगों ने बिजली घरों पर हमला किया

लगातार बिजली कटने से लोगों में गुस्सा भी बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में नाराज लोगों ने बिजली से जुड़ी फैसिलिटी पर हमला किया है। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की भी खबरें सामने आई हैं। इसके बाद बिजली विभाग ने सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी है।

बिजली कटौती का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। खेती, रेस्टोरेंट और कारखानों का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को बिजली की जगह डीजल जनरेटर चलाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है।

झींगा पालने वाले किसानों की परेशानी और ज्यादा है। बिजली जाने पर पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली मशीनें बंद हो जाती हैं। इससे पानी में ऑक्सीजन कम होने लगती है और झींगों के मरने का खतरा बढ़ जाता है। बांग्लादेश दुनिया में झींगा निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।

देश के कपड़ा और गारमेंट उद्योग पर भी बिजली संकट का असर पड़ रहा है। यह सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।

बिजली बचाने के लिए रात 8 बजे तक बंद होंगी दुकानें

सरकार को फिलहाल बिजली संकट से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए बिजली की खपत घटाने के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं।

अब शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करना होगा। व्यापारिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इसी समय तक खत्म करने होंगे। सजावटी लाइटें बंद रहेंगी और रोशन विज्ञापन बोर्ड शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे।

ऐसा कदम बांग्लादेश में पहले भी उठाया जा चुका है। कुछ महीने पहले अप्रैल में ऊर्जा संकट बढ़ने के दौरान सरकार ने दुकानों और शॉपिंग मॉल को शाम 6 बजे तक बंद करने का आदेश दिया था।

भारत से मांगा अतिरिक्त डीजल

बिजली संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने अब भारत से अतिरिक्त डीजल देने की मांग की है।

बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने पिछले हफ्ते भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात के दौरान यह मांग रखी थी।

महमूद ने पत्रकारों से कहा कि भारत के साथ एक पाइपलाइन है, जिससे बांग्लादेश को डीजल मिलता है। उन्होंने भारत से इसकी सप्लाई बढ़ाने का अनुरोध किया है।

भारत और बांग्लादेश के बीच इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन 2017 में शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच 15 साल का समझौता है। इसके तहत भारत को हर साल बांग्लादेश को 1.80 लाख मीट्रिक टन डीजल देना है।

मध्य-पूर्व में हालिया संकट के दौरान भारत मार्च और अप्रैल में बांग्लादेश को पहले ही 30 हजार टन से ज्यादा डीजल भेज चुका है।

रिश्तों में तनाव के बीच भारत से मदद की मांग

डीजल की मांग ऐसे समय आई है, जब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में ढाका छोड़ने के बाद भारत आई थीं और फिलहाल भारत में हैं।

हाल ही में दिल्ली में हसीना ने मीडिया को संबोधित किया था। 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक भाषण था। उनके बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

इसके बावजूद बिजली संकट के बीच बांग्लादेश ने भारत से ईंधन की सप्लाई बढ़ाने की मांग की है।

संकट ने दिखाई दूसरे देशों पर निर्भरता

मौजूदा बिजली संकट ने बांग्लादेश की ईंधन और गैस के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता को फिर सामने ला दिया है। LNG की सप्लाई में रुकावट और दूसरे देशों से आने वाली बिजली कम होने का सीधा असर घरेलू बिजली उत्पादन पर पड़ा है।

ऐसे में भारत से अतिरिक्त डीजल मिलने पर बांग्लादेश को फिलहाल कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन मौजूदा संकट यह भी दिखाता है कि ईंधन की सप्लाई में थोड़ी सी रुकावट का असर पूरे देश की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
इक्वाडोर ने 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को हराया:20 साल बाद नॉकआउट में पहुंचा, जर्मनी लगातार 11 जीत के बाद हारी

June 26, 2026/
7:41 am

24वीं रैंक की टीम इक्वाडोर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में शुक्रवार को 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 2-1...

सीहोर में 9 साल की बेटी की हत्या:मां और उसका प्रेमी गिरफ्तार; प्रेम प्रसंग में रोड़ा बन रही थी, इसलिए रची थी साजिश

February 21, 2026/
6:32 pm

सीहोर जिले के रेहटी थाना क्षेत्र के ग्राम बाबरी में 9 वर्षीय बालिका राधिका की गला घोंटकर हत्या करने के...

Pakistan-Afghanistan Border Clash: 8 Posts Captured

February 26, 2026/
10:34 pm

इस्लामाबाद20 मिनट पहले कॉपी लिंक तालिबान का पाकिस्तान पर हमले का यह फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल है। अफगानिस्तान ने...

माइक्रोसॉफ्ट ने सॉफ्टवेयर बेचने दुनिया को स्क्रीन से चिपकाया:सीईओ श्रीनिवास का दावा - ‘बिल गेट्स ने दुनिया को 9-5 की जॉब में फंसाया

July 8, 2026/
4:06 pm

क्या आप भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक कंप्यूटर के सामने बैठकर डेस्क जॉब करते हैं? अगर हां,...

विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: पश्चिम बंगाल में स्ट्रॉन्ग रूम 'ड्रामा', थानी में ममता और बीजेपी, EC ने पूरी सफाई पर सफाई दी

May 1, 2026/
7:04 am

पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में मतदान समाप्त होने के बाद, वोट पोल के नतीजे भी आ गए...

उत्तराखंड चुनाव 2027: बीजेपी के पहले इलेक्शन मूड में कांग्रेस, फोन से रैली को बता कर राहुल गांधी नेफोटा 2027 चुनाव का बिगुल

June 4, 2026/
1:48 pm

लोकसभा चुनाव में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने उत्तराखंड से कांग्रेस के 2027 विधानसभा चुनाव अभियान की शुरुआत की।...

राजनीति

Bangladesh Power Crisis | Market Shutdown Order & India Aid Request

Bangladesh Power Crisis | Market Shutdown Order & India Aid Request

ढाका7 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

बांग्लादेश में बिजली संकट लगातार गंभीर होता जा रहा है। देश के कई हिस्सों में रोज 8 से 10 घंटे तक बिजली कट रही है। इसका सबसे ज्यादा असर राजधानी ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में देखने को मिल रहा है। तेज गर्मी और हीटवेव ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

बिजली की कमी से निपटने के लिए सरकार ने बुधवार से देशभर में शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करने का आदेश दिया है। व्यापारिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी रात 8 बजे तक खत्म करने होंगे। सजावटी लाइटों पर रोक लगा दी गई है, जबकि डिजिटल लाइटिंग बोर्ड शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे। अस्पताल और मेडिकल स्टोर को इन पाबंदियों से बाहर रखा गया है।

गैस की कमी से 1,500 मेगावाट बिजली कम बनी

बांग्लादेश में बिजली संकट की सबसे बड़ी वजह ईंधन की कमी है। खासकर प्राकृतिक गैस की कमी ने बिजली उत्पादन को प्रभावित किया है। देश अपने इस्तेमाल का 90% से ज्यादा तेल और करीब 30% गैस दूसरे देशों से खरीदता है।

मौजूदा संकट के पीछे दो बड़ी वजहें बताई जा रही हैं…

पहली वजह– अमेरिकी कंपनी एक्सेलरेट एनर्जी के LNG टर्मिनल में 21 जुलाई को आग लग गई। इसके बाद टर्मिनल बंद हो गया था। इस हफ्ते की शुरुआत में यहां कुछ काम दोबारा शुरू हुआ, लेकिन तब तक LNG की सप्लाई आधी रह गई थी।

दूसरी वजह- समुद्र में खराब मौसम की वजह से कम से कम दो LNG जहाज टर्मिनल तक नहीं पहुंच पाए और अपना माल नहीं उतार सके। दूसरे देशों से आने वाली बिजली की सप्लाई भी कम हुई है।

इन वजहों से बांग्लादेश में बिजली उत्पादन करीब 1,500 मेगावाट घट गया है।

ग्रामीण इलाकों में ज्यादा कटौती

बांग्लादेश में बिजली की सप्लाई छह वितरण कंपनियां करती हैं। राजधानी ढाका को फिलहाल उसकी जरूरत के मुताबिक बिजली मिल रही है। लेकिन ढाका के बाहर ग्रामीण इलाकों में करीब 80 बिजली सहकारी समितियां सप्लाई करती हैं।

मयमनसिंह, बरिशाल, रंगपुर, सिलहट, राजशाही और खुलना में बिजली संकट का ज्यादा असर है। ज्यादातर इलाकों में रोज 3 से 5 घंटे बिजली कट रही है। वहीं खुलना में लोगों ने 9 से 10 घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायत की है।

नाराज लोगों ने बिजली घरों पर हमला किया

लगातार बिजली कटने से लोगों में गुस्सा भी बढ़ रहा है। कुछ इलाकों में नाराज लोगों ने बिजली से जुड़ी फैसिलिटी पर हमला किया है। कई जगहों पर तोड़फोड़ और आगजनी की भी खबरें सामने आई हैं। इसके बाद बिजली विभाग ने सुरक्षा के लिए पुलिस से मदद मांगी है।

बिजली कटौती का असर सिर्फ घरों तक सीमित नहीं है। खेती, रेस्टोरेंट और कारखानों का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को बिजली की जगह डीजल जनरेटर चलाने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ रहा है।

झींगा पालने वाले किसानों की परेशानी और ज्यादा है। बिजली जाने पर पानी में ऑक्सीजन पहुंचाने वाली मशीनें बंद हो जाती हैं। इससे पानी में ऑक्सीजन कम होने लगती है और झींगों के मरने का खतरा बढ़ जाता है। बांग्लादेश दुनिया में झींगा निर्यात करने वाला दूसरा सबसे बड़ा देश है।

देश के कपड़ा और गारमेंट उद्योग पर भी बिजली संकट का असर पड़ रहा है। यह सेक्टर बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद अहम है।

बिजली बचाने के लिए रात 8 बजे तक बंद होंगी दुकानें

सरकार को फिलहाल बिजली संकट से जल्द राहत मिलने की उम्मीद कम है। इसलिए बिजली की खपत घटाने के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं।

अब शॉपिंग मॉल, बाजार और दुकानों को रात 8 बजे तक बंद करना होगा। व्यापारिक मेले और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी इसी समय तक खत्म करने होंगे। सजावटी लाइटें बंद रहेंगी और रोशन विज्ञापन बोर्ड शाम 7 बजे तक बंद करने होंगे।

ऐसा कदम बांग्लादेश में पहले भी उठाया जा चुका है। कुछ महीने पहले अप्रैल में ऊर्जा संकट बढ़ने के दौरान सरकार ने दुकानों और शॉपिंग मॉल को शाम 6 बजे तक बंद करने का आदेश दिया था।

भारत से मांगा अतिरिक्त डीजल

बिजली संकट से निपटने के लिए बांग्लादेश ने अब भारत से अतिरिक्त डीजल देने की मांग की है।

बांग्लादेश के ऊर्जा मंत्री इकबाल हसन महमूद ने पिछले हफ्ते भारतीय हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी से मुलाकात के दौरान यह मांग रखी थी।

महमूद ने पत्रकारों से कहा कि भारत के साथ एक पाइपलाइन है, जिससे बांग्लादेश को डीजल मिलता है। उन्होंने भारत से इसकी सप्लाई बढ़ाने का अनुरोध किया है।

भारत और बांग्लादेश के बीच इंडिया-बांग्लादेश फ्रेंडशिप पाइपलाइन 2017 में शुरू हुई थी। दोनों देशों के बीच 15 साल का समझौता है। इसके तहत भारत को हर साल बांग्लादेश को 1.80 लाख मीट्रिक टन डीजल देना है।

मध्य-पूर्व में हालिया संकट के दौरान भारत मार्च और अप्रैल में बांग्लादेश को पहले ही 30 हजार टन से ज्यादा डीजल भेज चुका है।

रिश्तों में तनाव के बीच भारत से मदद की मांग

डीजल की मांग ऐसे समय आई है, जब भारत और बांग्लादेश के रिश्ते तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे हैं। बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना 2024 में ढाका छोड़ने के बाद भारत आई थीं और फिलहाल भारत में हैं।

हाल ही में दिल्ली में हसीना ने मीडिया को संबोधित किया था। 2024 में बांग्लादेश छोड़ने के बाद यह उनका पहला सार्वजनिक भाषण था। उनके बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

इसके बावजूद बिजली संकट के बीच बांग्लादेश ने भारत से ईंधन की सप्लाई बढ़ाने की मांग की है।

संकट ने दिखाई दूसरे देशों पर निर्भरता

मौजूदा बिजली संकट ने बांग्लादेश की ईंधन और गैस के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता को फिर सामने ला दिया है। LNG की सप्लाई में रुकावट और दूसरे देशों से आने वाली बिजली कम होने का सीधा असर घरेलू बिजली उत्पादन पर पड़ा है।

ऐसे में भारत से अतिरिक्त डीजल मिलने पर बांग्लादेश को फिलहाल कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन मौजूदा संकट यह भी दिखाता है कि ईंधन की सप्लाई में थोड़ी सी रुकावट का असर पूरे देश की बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.