Central India AIIMS Free Clinical Autopsy

एमपी मातृ और शिशु स्वास्थ्य के मामले में देश के सबसे पीछे रहने वाला राज्य है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदेश में हर एक लाख प्रसव में 159 माताएं और हर एक हजार जन्म में 40 नवजात अपनी जान गंवा रहे हैं। ये आंकड़े सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि उन परिवारों की . यही नहीं कई बार मौत की असली वजह सामने नहीं आ पाती, जिससे सुधार के ठोस कदम भी नहीं उठ पाते। अब इसी चुनौती से निपटने के लिए एम्स भोपाल ने एक अहम पहल शुरू की है। यहां गर्भावस्था या प्रसव के दौरान हुई महिलाओं की मौत के मामलों में क्लिनिकल ऑटोप्सी की सुविधा दी जा रही है, जिससे मौत की असली वजह सामने लाई जा सके। खास बात यह है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह फ्री है और इसमें पुलिस की कोई भूमिका नहीं होती। परिवार की सहमति से होने वाली इस जांच से न केवल परिजनों को सच्चाई पता चलती है, बल्कि सरकार को भी ऐसा डेटा मिलता है, जिससे भविष्य में मातृ मृत्यु को कम करने की रणनीति तैयार की जा सके। AIIMS Bhopal के डॉक्टरों के अनुसार, मध्यप्रदेश उन राज्यों में शामिल है जहां मातृ मृत्यु के मामले अपेक्षाकृत अधिक हैं। मातृ मृत्यु का मतलब है कि गर्भावस्था के दौरान, प्रसव के समय या गर्भसमापन के 42 दिनों के भीतर महिला की मौत। ऐसे मामलों को रोकना सरकार की बड़ी जिम्मेदारी होती है। अब मौत के कारणों की होगी सटीक पहचान इन मामलों में मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाती। ऐसे में एम्स भोपाल में क्लिनिकल ऑटोप्सी के जरिए वैज्ञानिक तरीके से कारणों की जांच की जा रही है। इससे यह समझने में मदद मिलेगी कि कौन सी मौत रोकी जा सकती थी और किन मामलों में स्थिति गंभीर थी। यह प्रक्रिया मेडिको-लीगल ऑटोप्सी से अलग होती है। इसमें पुलिस की जरूरत नहीं होती और यह परिवार के अनुरोध पर की जाती है। इसमें शरीर के जरूरी हिस्सों की जांच कर बीमारी या जटिलता की सही वजह पता की जाती है। परिवार को मिलती है पूरी जानकारी ऑटोप्सी के बाद डॉक्टर हिस्टोपैथोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी रिपोर्ट तैयार करते हैं। कुछ ही दिनों में यह रिपोर्ट परिवार को दी जाती है। इससे परिजनों को यह समझने में मदद मिलती है कि मौत क्यों हुई और कोई लापरवाही तो नहीं हुई। इस पहल से सरकार को मातृ मृत्यु के मामलों का सटीक और प्रमाणिक डेटा मिलेगा। इसके आधार पर स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार, सुविधाओं की कमी और इलाज की खामियों को पहचान कर बेहतर रणनीति बनाई जा सकेगी। इसलिए जरूरी यह प्रक्रिया SRS मैटरनल बुलेटिन 2020-22 के अनुसार, मध्यप्रदेश में मातृ मृत्यु दर (MMR) 159 है। जबकि भारत का औसत MMR 88 है। मध्यप्रदेश का IMR-MMR देश के औसत से लगभग दोगुना है। जो इसे सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला राज्य बनाता है। देश और राज्यों से MMR की तुलना उत्तरप्रदेश और छत्तीसगढ़ का MMR भी 141 है, जो मध्यप्रदेश से थोड़ा बेहतर, लेकिन गंभीर स्थिति में है। ओडिशा का MMR 136 है, जो उच्च MMR वाले राज्यों में से एक है। केरल 18 और महाराष्ट्र 36 MMR के साथ मातृ देखभाल में बेहतर मॉडल प्रस्तुत करते हैं। सम्मान के साथ पूरी होती है प्रक्रिया ऑटोप्सी करीब डेढ़ घंटे में पूरी हो जाती है और इसमें पूरी सावधानी और सम्मान का ध्यान रखा जाता है। जांच के लिए केवल जरूरी ऊतक लिए जाते हैं और बाद में सभी अंगों को वापस सुरक्षित तरीके से शरीर में रख दिया जाता है। शरीर को सही तरीके से सिलकर परिवार को सौंपा जाता है और चेहरे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाता। डॉक्टरों से सीधे बात कर सकते हैं परिजन इस प्रक्रिया के दौरान परिवार के सदस्य डॉक्टरों से पहले और बाद में बात कर सकते हैं। इससे उनकी शंकाएं दूर होती हैं और उन्हें पूरी पारदर्शिता के साथ जानकारी मिलती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर मौत के असली कारण समय पर समझ आ जाएं, तो भविष्य में ऐसी कई घटनाओं को रोका जा सकता है।
delhi top hospitals rank number 1 in india experts in heart and cancer treatment list

Last Updated:April 09, 2026, 19:43 IST Delhi Top Hospitals In India: दिल्ली में देश के कुछ ऐसे हॉस्पिटल हैं जो की अलग-अलग बीमारियों की विशेषज्ञ इलाज के लिए देश भर में नंबर वन माने जाते हैं. इसमें कोई हॉस्पिटल दिल के इलाज तो कोई हॉस्पिटल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में माहिर हैं. इसलिए देश और विदेश से पीड़ित यहां पर आकर अपना इलाज करवाते हैं. वहीं तकनीक और अनुभवी डॉक्टरों के मामले में भी यह हॉस्पिटल प्रसिद्ध हैं. देश का सबसे टॉप हॉस्पिटल दिल्ली का हॉस्पिटल ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़, एम्स हॉस्पिटल माना जाता है. इसके कई कारण है. मगर सबसे बड़ा कारण जिसकी वजह से यह हॉस्पिटल नंबर वन माना जाता है, वह इसकी रिसर्च क्षमता है. वहीं एम्स को एंकोलॉजी, न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी के लिए भी देश में सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटल माना जाता है. वल्लभभाई पटेल चेस्ट इंस्टीट्यूट देश के उन चुनिंदा चेस्ट डिजीज हॉस्पिटल में से एक है जो कि देश का काफी बड़ा और टॉप हॉस्पिटल माना जाता है. वहीं इस हॉस्पिटल में टीबी, अस्थमा, COPD और रेस्पिरेटरी ICU जैसी गंभीर फेफड़ों की बीमारियों का अत्याधुनिक और विशेष उपचार होता है. देश का टॉप कैंसर हॉस्पिटल भी दिल्ली में ही है. जिसे राजीव गांधी कैंसर इंस्टिट्यूट के नाम से जाना जाता है. इस हॉस्पिटल में हर प्रकार के कैंसर का इलाज होता है. यह देश के टॉप हॉस्पिटल्स में से एक है. Add News18 as Preferred Source on Google लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज और इससे जुडा कलावती सरन बाल चिकित्सालय देश में महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए संदेश के कई बड़े संस्थानों में से एक माना जाता है. यह हॉस्पिटल खासकर गाइनकोलॉजी और मैटरनिटी जैसी टॉप सुविधाएं देने के लिए भी देश भर में प्रसिद्ध है. लोक नायक हॉस्पिटल भारत के उन टॉप हॉस्पिटल्स में से एक है, जहां बाकी हॉस्पिटल्स की तुलना में संक्रामक रोगों का इलाज बहुत ही बेहतरीन तरीके से किया जाता है. अलग-अलग संक्रमण से संक्रमित होने वाले लोग भी इस अस्पताल में अन्य राज्यों से जाकर इलाज करवाते हैं. दिल्ली का इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज देश का प्रमुख सरकारी लिवर हॉस्पिटल माना जाता है. यह संस्थान लिवर से जुड़ी गंभीर बीमारियों जैसे हेपेटाइटिस, सिरोसिस और लिवर ट्रांसप्लांट का जैसे गंभीर इलाजों के लिए देशभर में नंबर वन माना जाता है. दिल्ली में देश के इन टॉप हॉस्पिटल्स के अलावा भी कई और सर्वश्रेष्ठ हॉस्पिटल्स हैं जैसे कि गुरु तेग बहादुर, हॉस्पिटल, सफदरजंग, हॉस्पिटल और अन्य कई जो दिल्ली के टॉप हॉस्पिटल माने जाते हैं. वहीं दिल्ली में प्राइवेट और गवर्नमेंट हॉस्पिटल्स में ऐसे ओर कई हॉस्पिटल्स हैं जो कई तरह के रोगों के लिए देशभर में नंबर वन हॉस्पिटल के रूप में अपना दर्जा रखते हैं. First Published : April 09, 2026, 19:43 IST
Swara Vermas Sheesha Tops Billboard India; Haryanvi Singers Club Journey

स्वरा वर्मा साल 2023 के लास्ट में पहला ब्रेक मासूम शर्मा ने दिया और उसके बाद लगातार आगे बढ़ रही हैं हरियाणा के करनाल के असंध की एक साधारण परिवार की बेटी आज देश के सबसे बड़े म्यूजिक प्लेटफॉर्म पर अपनी आवाज का परचम लहरा रही है। स्वरा वर्मा का ‘शीशा’ गीत बिलबोर्ड इंडिया पर लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने की कहानी उतनी ही कठ . कभी उसके घर की आर्थिक हालत ऐसी थी कि उसे पढ़ाई बीच में छोड़नी पड़ी, कभी स्टूडियो जाने के लिए दोस्तों से 200 रुपये उधार लेने पड़े, तो कभी लोगों के तानों ने मन तोड़ने की कोशिश की। लेकिन इन सबके बीच स्वरा ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। क्लबों में छोटी-छोटी रकम पर गाना गाने वाली यह बेटी आज लाखों युवाओं के लिए उम्मीद और हौसले की मिसाल बन चुकी है। स्वरा वर्मा क्लब में जाकर गाना गाती थी सबसे पहले ‘शीशा’ सॉन्ग के बारे में जानिए… बिलबोर्ड इंडिया चार्ट तक पहुंचने वाले ‘शीशा’ गाने के पीछे भी एक दिलचस्प और प्रेरणादायक कहानी है। स्वरा वर्मा बताती हैं कि इस गाने के लेखक मीता रोड, जो मूल रूप से करनाल के ही रहने वाले हैं और इन दिनों अमेरिका में जॉब कर रहे हैं, ने साल 2025 में सोशल मीडिया के जरिए उनसे संपर्क किया था। मीता पहले से ही शायरी और कंटेंट क्रिएशन में एक्टिव थे और उन्होंने स्वरा की आवाज और उनके संघर्ष को देखकर इस गाने के लिए कोलैबोरेशन का प्रस्ताव रखा। शुरुआत में स्वरा को यह एक सामान्य ऑफर लगा, लेकिन जब मीता ने गाने की थीम, बोल और विजन विस्तार से समझाया, तो उन्हें महसूस हुआ कि यह कुछ बड़ा हो सकता है। इसके बाद “शीशा” गाने की ऑडियो करनाल के विक्की तरावड़ी के स्टूडियो में रिकॉर्ड की गई। गाना रिलीज होते ही इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर तेजी से ट्रेंड करने लगा।पहले दिल्ली में और फिर पूरे भारत में यह लोगों की जुबान पर चढ़ गया। गाने की लोकप्रियता को देखते हुए 2026 में इसकी फीचरिंग और वीडियो सोनी म्यूजिक इंडिया द्वारा रिलीज किया गया, जिसके बाद यह सीधा बिलबोर्ड इंडिया चार्ट में पहुंच गया और लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। स्वरा के मुताबिक, इस गाने की सफलता में मीता रोड का कॉन्सेप्ट, बोल और इंटरनेशनल सोच के साथ उनकी आवाज का मेल ही सबसे बड़ी ताकत साबित हुआ। अब जानिए कौन है नेपाली सिंगर स्वरा वर्मा की कहानी… नेपाल से हरियाणा तक एक परिवार की संघर्ष भरी कहानी:स्वरा वर्मा का परिवार मूल रूप से काठमांडू, नेपाल का रहने वाला है। बेहतर भविष्य की तलाश में उनके माता-पिता हरियाणा के करनाल जिले के असंध में आकर बस गए। साल 2004 में यहीं स्वरा का जन्म हुआ। एक छोटे से घर में सीमित संसाधनों के बीच पली-बढ़ी स्वरा ने बचपन से ही अभावों को करीब से देखा। घर की हालत ऐसी थी कि हर दिन एक नई चिंता सामने खड़ी रहती थी। गरीबी के कारण बीच में छोड़ी पढ़ाई, लेकिन नहीं छीना हौसला:परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी कमजोर थी कि स्वरा अपनी पढ़ाई पूरी नहीं कर सकीं। घर चलाने की जिम्मेदारी धीरे-धीरे उनके कंधों पर भी आने लगी। मां घर-घर जाकर खाना बनाती थीं और पिता भी कुकिंग का काम करके जैसे-तैसे परिवार का पेट भरते थे। कई बार ऐसा भी समय आता था जब खर्च और जरूरतों के बीच संतुलन बैठाना मुश्किल हो जाता था। ऐसे में स्वरा ने पढ़ाई छोड़कर परिवार का सहारा बनने का फैसला किया- यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन हालात ने उन्हें समय से पहले बड़ा बना दिया। मासूम शर्मा के साथ स्टूडियों में स्वरा वर्मा भाषा बनी चुनौती, तानों ने दी ताकत:घर में नेपाली भाषा बोली जाती थी, जबकि बाहर हरियाणवी माहौल था। शुरुआत में स्वरा को हरियाणवी बोलने और समझने में काफी परेशानी होती थी। लोगों के ताने-“तुमसे हरियाणवी नहीं होगी”, “तुम गाना नहीं गा पाओगी” उनके कानों में गूंजते रहते थे। लेकिन यही ताने उनके लिए प्रेरणा बन गए। उन्होंने ठान लिया कि अब खुद को साबित करना है। दिन-रात मेहनत कर उन्होंने हरियाणवी सीखी और उसी भाषा में अपनी पहचान बना ली। किटी पार्टियों और क्लबों से शुरू हुआ सफर:साल 2020 में स्वरा ने प्राइवेट पार्टियों, किटी पार्टियों और क्लबों में गाना शुरू किया। उस समय उन्हें संगीत की कोई तकनीकी जानकारी नहीं थी। ना सुर की समझ, ना ताल की पहचान। बस गाने का शौक और कुछ करने की जिद थी। छोटी-छोटी जगहों पर गाते हुए उन्हें 1000 से 1500 रुपये मिलते थे, लेकिन उनके लिए यह सिर्फ पैसे नहीं, बल्कि अपने सपनों की पहली सीढ़ी थी। 200 रुपये से शुरू हुआ सफर, मां का भरोसा बना ताकत:स्वरा की जिंदगी का एक भावुक पल वह था, जब पहली बार स्टूडियो जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। उन्होंने अपनी मां से किराए के लिए 200 रुपये मांगे। मां ने जैसे-तैसे वह पैसे दिए।शायद उन्हें भी नहीं पता था कि यही 200 रुपये उनकी बेटी की किस्मत बदल देंगे। स्वरा कहती हैं कि वही 200 रुपये उनके करियर की सबसे बड़ी पूंजी थे। दिन-रात मेहनत, एक दिन में 20 गाने तक रिकॉर्ड:संघर्ष के दिनों में स्वरा ने कभी काम से पीछे हटना नहीं सीखा। कई बार वह एक दिन में 15 से 20 गाने तक रिकॉर्ड करती थीं। इसके बदले उन्हें सिर्फ 1000-1500 रुपये मिलते थे। वह रोहतक, दिल्ली और करनाल के अलग-अलग स्टूडियो में जातीं, घंटों काम करतीं और फिर अगले दिन उसी जिद के साथ फिर खड़ी हो जातीं। यह सिलसिला करीब तीन साल तक चला। सोशल मीडिया से मिली राह:सोशल मीडिया के जरिए उनकी मुलाकात दीपक से हुई, जिन्होंने उन्हें सुर और ताल की बारीकियां सिखाईं। इसके बाद असंध के ही प्रदीप पांचाल ने उन्हें स्टूडियो में गाने के तरीके सिखाए। धीरे-धीरे वह समझने लगीं कि संगीत सिर्फ शौक नहीं, बल्कि एक कला है, जिसे सीखना और निखारना जरूरी है। मासूम शर्मा ने दिया पहला ब्रेक:2023 के अंत में जब मासूम शर्मा का फोन आया, तो स्वरा को यकीन ही नहीं हुआ। उन्हें लगा कोई मजाक कर रहा है। लेकिन जब सच्चाई सामने आई, तो उनकी जिंदगी ने नया मोड़ ले लिया। ‘ठेकेदार का
Seychelles Receives 250 MT Food Aid; Bangladesh FM Rahman Visits India

Hindi News Career Seychelles Receives 250 MT Food Aid; Bangladesh FM Rahman Visits India | April 9 Current Affairs 42 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… निधन (DEATH) 1. पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का निधन 8 अप्रैल को पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का निधन हो गया। मोहसिना 93 साल की थीं और मेरठ से 2 बार सांसद रहीं थीं। मोहसिना साल 1980 और 1984 के चुनाव में कांग्रेस पार्टी से सांसद चुनी गईं थीं। मोहसिना किदवई मेरठ की पहली और अब तक की अकेली महिला सांसद हैं। मोहसिना ने पूर्व पीएम इंदिरा गांधी और राजीव गांधी के कार्यकाल में केंद्र सरकार में कई महत्वपूर्ण मंत्रालय संभाले। 1984 से 86 तक मोहसिना स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण शहरी विकास मंत्री रहीं। मोहसिना 1986 में पर्यटन मंत्री बनीं और 1989 में परिवहन और ग्रामीण विकास मंत्री रहीं। मोहसिना 2004 से 2010 और 2010 से 2016 तक राज्यसभा की सदस्य भी रहीं। मोहसिना किदवई मेरठ की पहली और अब तक की अकेली महिला सांसद हैं। 2. बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान भारत दौरे पर 8 अप्रैल को भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान के साथ मुलाकात की। बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान 3 दिन की यात्रा पर भारत आए हैं। रहमान की इस यात्रा को ‘सद्भावना यात्रा’ नाम दिया गया है, हालांकि इसमें द्विपक्षीय मुद्दों पर भी बात होगी। यात्रा के दौरान रहमान ट्रेड और कनेक्टिविटी, बॉर्डर के पार इलैक्ट्रिसिटी ट्रेड और मेडिकल टूरिज्म पर भी बातचीत कर सकते हैं। दोनों नेताओं के बीच गंगा वाटर ट्रीटी पर भी बातचीत हो सकती है, जो जल्द ही एक्सपायर होने वाली है। रहमान ने अपनी इस यात्रा के दौरान 7 अप्रैल को नेशनल सिक्योरिटी एड्वाइजर अजीत डोभाल से भी मुलाकात की। ढाका में नए पीएम तारिक रहमान के सत्ता संभालने के बाद ये किसी विदेश मंत्री की पहली भारत यात्रा है। Pleased to host FM Khalilur Rahman of Bangladesh and his delegation this afternoon.We discussed strengthening our bilateral relationship in its various facets. Also exchanged views on regional and global developments.Agreed to remain in close touch.@BDMOFA 🇮🇳 🇧🇩 pic.twitter.com/qAf87w2cvr— Dr. S. Jaishankar (@DrSJaishankar) April 8, 2026 3. ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप में भारत ने 2 गोल्ड जीते 7 अप्रैल को ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप में भारतीय निशानेबाज पलक और मुकेश की जोड़ी ने 10मी एयर पिस्टल में गोल्ड जीता। भारत ने फाइनल मुकाबले में चीन की जोड़ी कियानसुन याओ और काई हू ने को हराया। पलक ने 2023 में 18 सालों में पहली बार एशियाई गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल में गोल्ड जीता था। 2024 में पलक ने पेरिस ओलिंपिक टीम में भी क्वालीफाई किया था। वहीं, 2024 में मुकेश ने 25 मीटर पिस्टल में जूनियर वर्ल्ड चैंपियन का खिताब जीता था। मुकेश ने 2026 में एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड में गोल्ड जीता था। ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप 4 से 13 अप्रैल तक स्पेन के ग्रेनाडा के लास गैबियास शूटिंग सेंटर में हो रहा है। ISSF शूटिंग वर्ल्ड कप में टूर्नामेंट का आयोजन इंटरनेशनल शूटिंग स्पोर्ट फेडरेशन (ISSF) करता है। 4. भारत ने सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न भेजा 7 अप्रैल को भारत ने सेशेल्स को 250 मीट्रिक टन खाद्यान्न की खेप भेजी। ये खाद्यान्न विदेश मंत्रालय ने 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज के तहत भेजा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी दी। सेशेल्स को फूड सिक्योरिटी सपोर्ट के तहत ये पहली खेप भेजी गई है और आने वाले समय में और भी अनाज भेजा जाएगा। भारत द्वारा घोषित 175 मिलियन डॉलर के स्पेशल इकोनॉमिक पैकेज में 125 मिलियन डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट और 50 मिलियन डॉलर की सहायता शामिल है। ये मदद मैरीटाइम सिक्योरिटी, कैपिसिटी बिल्डिंग, इंफ्रा स्ट्रक्चर एंड डेवपलमेंट प्रोजेक्ट्स और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए दी जाएगी। सेशेल्स आयात पर निर्भर रहने वाला एक छोटा सा द्वीप है। भारत-सेशेल्स के बीच डिप्लोमेटिक रिलेशन 1976 से हैं। विशेष आर्थिक पैकेज भारत की ‘नेबरहुड फर्स्ट’ नीति का हिस्सा है। 5. TRAI ने टेलिकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन 2026 का ड्राफ्ट जारी किया 7 अप्रैल को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी TRAI ने टेलिकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (13वां संशोधन) रेगुलेशन, 2026 के लिए ड्राफ्ट जारी किया। TRAI ने इससे पहले 2024 में कंज्यूमर प्रोटेक्शन (12वां संशोधन) रेगुलेशन 2024 जारी किया था। इस ड्राफ्ट के मुताबिक, सभी टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स को वॉयस और एसएमएस के लिए कम से कम एक स्पेशल टैरिफ वाउचर देना होगा। ट्राई ने कहा, ‘कई ऐसे सुझाव आए हैं कि कंज्यूमर को कम ड्यूरेशन के वॉयस और एसएमएस के पैक की जरूरत है।’ कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन में संशोधन का उद्देश्य खासतौर पर बुजुर्ग और कम डेटा यूज करने वाले यूजर्स को डेटा सर्विस के खर्च से बचाना है। कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन में अब कम समय और लंबे समय, सभी तरह के पैक होंगे। ट्राई ने अपनी वेबसाइट पर ड्राफ्ट डाल दिया है। इस पर 28 अप्रैल तक सुझाव भेजे जा सकते हैं। 20 फरवरी 1997 को एक अधिनियम के तहत TRAI की स्थापना हुई। इसके अध्यक्ष अनिल कुमार लाहोटी हैं। 6. भारत फास्ट ब्रीडर रिएक्टर बनाने वाला दुनिया का दूसरा देश बना 7 अप्रैल को तमिलनाडु के कलपक्कम में भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड (BHAVINI) का 500 मेगावाट का प्रोटोटाइप फास्ट ब्रीडर रिएक्टर (PFBR) कमर्शियल प्रोडक्शन लिए तैयार हो गया है। रूस के बाद भारत दुनिया का दूसरा ऐसा देश बन गया है, जिसने फास्ट ब्रीडर रिएक्टर बनाया। परमाणु विशेषज्ञों के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी खूबी ये है कि ये जितना ईंधन (यूरेनियम) इस्तेमाल करता है, उससे कहीं ज्यादा प्रोड्यूस करता है, इसीलिए इसे ‘ब्रीडर’ कहा जाता है। ये पूरी तरह स्वदेशी इंजीनियरिंग से तैयार किया गया है। इसे बनाने में 200 से ज्यादा भारतीय MSME और निजी कंपनियों ने कलपुर्जे बनाए हैं। यह रिएक्टर भारत के ‘तीन चरणों वाले परमाणु कार्यक्रम’ के दूसरे चरण का हिस्सा है, जिससे भविष्य में थोरियम के इस्तेमाल का रास्ता खुलेगा। भारत में लगभग 9.63 लाख टन थोरियम का भंडार है। एक बार जब तीसरा चरण पूरा हो
Khabar Hatke | Child Swims Sri Lanka To India

केन्या में तस्कर चींटी बेचकर करोड़पति बन रहे हैं। वहीं एक 7 साल बच्चा श्रीलंका से भारत तक तैरकर आएगा। उधर चीन में अब महिलाओं के कपड़ों पर अर्थ टैक्स लगेगा। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
Air India Flights Costlier From April 8, 2026

नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक एअर इंडिया ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अपने फ्यूल सरचार्ज को बढ़ा दिया है। इससे आने वाले दिनों में हवाई सफर महंगा हो जाएगा। ग्लोबल मार्केट में विमान ईंधन (ATF) की कीमतों में आई तेजी के बाद एयरलाइन ने यह फैसला लिया है। नई दरें कल यानी 8 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगी। एयरलाइन के मुताबिक, पिछले कुछ हफ्तों में जेट फ्यूल की कीमतें लगभग दोगुनी हो गई हैं, जिससे लागत बढ़ गई है। मार्च के अंत तक जेट फ्यूल की औसत कीमत 195.19 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई है, जो फरवरी के अंत में 99.40 डॉलर थी। इससे पहले हाल ही में इंडिगो ने भी फ्यूल सरचार्ज बढ़ाया था। फ्यूल सरचार्ज क्या होता है फ्यूल सरचार्ज वो अतिरिक्त चार्ज है, जो एयरलाइन कंपनी आपको पेट्रोल/डीजल की महंगाई के कारण लगाती है। मान लीजिए हवाई यात्रा का किराया 5000 रुपए है। अगर पेट्रोल बहुत महंगा हो जाए, तो कंपनी 5000 + फ्यूल सरचार्ज (जैसे ₹500) लगाकर कुल 5500 रुपए लेगी। यह क्यों लगता है क्योंकि ईंधन की कीमत बढ़ने से कंपनी का खर्च बढ़ जाता है। ये खर्च सीधे यात्रियों पर डाल दिया जाता है, जिसे फ्यूल सरचार्ज कहते हैं। घरेलू रूट्स पर दूरी के हिसाब से लगेगा सरचार्ज एयर इंडिया ने घरेलू उड़ानों के लिए एक फ्लैट सरचार्ज व्यवस्था को खत्म कर दिया है। अब यात्रियों को दूरी के आधार पर पैसे देने होंगे। यह सरचार्ज प्रति यात्री, प्रति सेक्टर ₹299 से शुरू होकर ₹899 तक जाएगा। यह नियम एयर इंडिया के साथ-साथ उसकी सहयोगी एयरलाइन एयर इंडिया एक्सप्रेस पर भी लागू होगा। घरेलू रूट्स के लिए रिवाइज फ्यूल चार्ज रूट/दूरी (Km में) रिवाइज फ्यूल चार्ज (₹ में) 0 – 500 Km ₹299 501 – 1,000 Km ₹399 1001 – 1,500 Km ₹549 1501 – 2,000 Km ₹749 2,000 Km से ज्यादा ₹899 इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर $280 तक की बढ़ोतरी विदेशी रूट्स पर फ्यूल सरचार्ज की दरें और भी ज्यादा रखी गई हैं, क्योंकि वहां ईंधन की कीमतों पर सरकार का कोई नियंत्रण नहीं होता। सार्क (SAARC) देशों के लिए यह चार्ज 24 डॉलर से शुरू होगा। वहीं, अमेरिका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे लंबी दूरी के रूट्स के लिए यात्रियों को 280 डॉलर (करीब ₹23,000 से ज्यादा) अतिरिक्त चुकाने होंगे। दूसरे देशों के लिए सरचार्ज की स्थिति: सिंगापुर: 60 डॉलर पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया): 50 डॉलर साउथ ईस्ट एशिया: 100 डॉलर अफ्रीका: 130 डॉलर यूरोप और यूके: 205 डॉलर एयरलाइन बोली- हम पूरा बोझ यात्रियों पर नहीं डाल रहे कंपनी का कहना है कि विमान ईंधन की लागत सिर्फ कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की वजह से नहीं, बल्कि रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने के कारण भी बढ़ी है। एयरलाइन ने बयान में कहा, “बढ़ा हुआ सरचार्ज ईंधन की बढ़ी हुई पूरी लागत की भरपाई नहीं करता है। कंपनी अभी भी इस बोझ का एक हिस्सा खुद वहन कर रही है।” एयरलाइन बाजार की स्थितियों के आधार पर समय-समय पर इन दरों की समीक्षा करेगी। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च होता है जेट-फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट-फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। तेल की कीमतों में आए इस अचानक बदलाव ने एयरलाइंस के बजट को बिगाड़ दिया है। एयर न्यूजीलैंड और क्वांटास जैसी बड़ी कंपनियों ने भी साफ कर दिया है कि वे बढ़े हुए खर्च का बोझ यात्रियों पर डालेंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
anushka sharma virat kohli praise ranveer singh’s dhurandhar 2, actress said- never seen a cinematic experience like this made in India

Hindi News Entertainment Bollywood Anushka Sharma Virat Kohli Praise Ranveer Singh’s Dhurandhar 2, Actress Said Never Seen A Cinematic Experience Like This Made In India 6 मिनट पहले कॉपी लिंक आदित्य धर के निर्देशन में बनी फिल्म धुरंधर 2 लगातार बॉक्स ऑफिस पर बड़े रिकॉर्ड कायम कर रही है, जिसे न सिर्फ आम जनता बल्कि फिल्म इंडस्ट्री की भी जमकर तारीफें मिल रही हैं। अब हाल ही में पावर कपल विराट कोहली-अनुष्का शर्मा ने फिल्म देखकर इसकी तारीफों के पुल बांध दिए हैं। विराट कोहली ने तो ये तक कहा कि उन्होंने ऐसी फिल्म भारत में पहले कभी नहीं देखी। वहीं रणवीर सिंह की पूर्व को-स्टार अनुष्का शर्मा ने उनके अभिनय की सराहना की है। अनुष्का शर्मा ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से फिल्म धुरंधर-2 का रिव्यू कर लिखा है, ‘आपने कितनी शानदार फिल्म बनाई है आदित्य धर। लगभग 4 घंटे लंबी फिल्म बनाने के लिए बहुत हिम्मत चाहिए होती है। यह फिल्म बेहद रोचक और आपको पूरी तरह बांधे रखने वाली है। बहुत बारीकी से बनाई गई है और शुरुआत से अंत तक आपका ध्यान बनाए रखती है। आप एक बेहद मौलिक और आत्मविश्वासी फिल्ममेकर हैं।’ आगे अनुष्का ने लिखा, ‘रणवीर सिंह, आपने जिंदगी में एक बार मिलने वाले किरदार को पूरी तरह जी लिया और एक दमदार, बेदाग परफॉर्मेंस दी। आर.माधवन, अर्जुन रामपाल और राकेश बेदी सर और फिल्म के सभी शानदार एक्टर्स, आप सभी की परफॉर्मेंस एकदम सटीक थी। आप में से हर एक के बिना यह फिल्म अधूरी है। इससे जुड़े हर शख्स को बधाई।’ विराट कोहली ने भी की धुरंधर 2 की तारीफ अनुष्का के अलावा विराट कोहली ने भी फिल्म धुरंधर के तारीफों के पुल बांधे हैं। उन्होंने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘आज मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि मैंने भारत में इससे पहले कभी ऐसा सिनेमाई अनुभव नहीं देखा। इस फिल्म ने हर तरह की भावना को सतह पर ला दिया और पूरे 4 घंटे तक मैं एक बार भी पलक नहीं झपका पाया।’ आगे उन्होंने लिखा, ‘आदित्य धर आपका टैलेंट और आपका दृढ़ विश्वास आपके काम में साफ झलकता है। आपको सलाम। आप जीनियस हैं। भले ही सभी एक्टर्स अपने-अपने रोल में बेहतरीन थे, लेकिन रणवीर सिंह, आप इस फिल्म के बाद एक अलग लेवल पर पहुंच गए हैं और आपकी परफॉर्मेंस शानदार से भी कहीं बढ़कर थी। बिल्कुल वॉव।’ बता दें कि अनुष्का शर्मा ने करियर की शुरुआती सालों में रणवीर सिंह के साथ 2 फिल्में बैंड बाजा बारात और लेडीज वर्सेस रिक्की बहल के साथ काम किया था। दोनों फिल्में हिट रही थीं। तब दोनों की डेटिंग की खबरें भी सुर्खियों में थीं। करण जौहर ने भी एआईबी में दोनों के रिलेशनशिप और ब्रेकअप पर कंफर्मेशन दी थी। बॉलीवुड की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म बनी धुरंधर-2 19 मार्च को रिलीज हुई फिल्म धुरंधर ने 1622 करोड़ रुपए का वर्ल्डवाइड कलेक्शन कर लिया है। ये बॉलीवुड के इतिहास की दूसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन चुकी है। फिलहाल ये आमिर खान की दंगल से पीछे है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Brahmos Scientist Alexander Dies | Divya Everest Climber; Air India Suspends Tel Aviv Flights

Hindi News Career Brahmos Scientist Alexander Dies | Divya Everest Climber; Air India Suspends Tel Aviv Flights 30 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. एयर इंडिया ने तेल अवीव के लिए फ्लाइट सस्पेंड की 5 अप्रैल को एयर इंडिया ने नई दिल्ली से तेल अवीव यानी इजराइल रूट पर चलने वाली सभी उड़ानों को 31 मई तक के लिए सस्पेंड कर दिया है। वेस्ट एशिया में चल रहे वार के चलते ये फैसला लिया गया है। तेल अवीव के लिए ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस पहले ही अपनी उड़ानें बंद कर चुकी हैं। एयर इंडिया की फ्लाइट सस्पेंड होने से 40 हजार से ज्यादा भारतीय प्रभावित होंगे। अब तेल अवीव से भारत आने के लिए जॉर्डन या मिस्र के रास्ते गुजरना पड़ेगा। भारत के राजदूत जेपी सिंह और दूतावास की टीम ने इजराइल में भारतीय मजदूरों और छात्रों के साथ वर्चुअल बातचीत की। नई दिल्ली-तेल अवीव के बीच सीधी उड़ान सेवा 1 जनवरी 2026 से शुरू हुई थी, जिसमें सप्ताह में चार फ्लाइट बोइंग 787 ड्रीमलाइनर से ऑपरेट की जा रही थीं। तेल अवीव में स्थित भारतीय दूतावास ने रेगुलर कॉन्टेक्ट बनाए रखने के लिए 24×7 हेल्प लाइन शुरू की है और रजिस्ट्रेशन शुरू किए हैं। 2. नेविस के विदेश मंत्री डेंजिल डगलस नई दिल्ली पहुंचे 5 अप्रैल को नेविस के विदेश मंत्री डेंजिल डगलस नई दिल्ली पहुंचे। वे भारत की आधिकारिक यात्रा पर आए हैं। नेविस कैरेबियन सागर में स्थित एक छोटा सा द्वीप है। डेंजिल की इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ाना है। डेंजिल इस यात्रा के दौरान भारत में सेंट किट्स और नेविस के हाई कमीशन का उद्घाटन भी करेंगे। अपनी इस भारत यात्रा के दौरान डगलस, विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। दोनों देशों के प्रमुख इस मुलाकात में व्यापार एवं आर्थिक सहयोग, साझेदारी और कैरेबियाई क्षेत्र के साथ संबंधों को मजबूत करने पर बातचीत करेंगे। डेंजिल 1995 से 2015 तक सीनियर कैरेबियाई नेता और नेविस के पूर्व पीएम भी रहे। डेंजिल 2022 से विदेश मंत्री के पद पर कार्यरत हैं। 2024 में डेंजिल डगलस पहली बार भारत आए थे। निधन (DEATH) 3. ब्रह्मोस मिसाइल के साइंटिस्ट अलेक्जेंडर लियोनोव का निधन 5 अप्रैल को ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े रूस के वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का निधन हो गया। लियोनोव 74 साल के थे। वे रूस के प्रमुख मिसाइल डिजाइनरों में शामिल थे। लियोनोव NPO माशिनोस्ट्रोएनिया (NPOMASH) के CEO और चीफ डिजाइनर थे। NPO माशिनोस्ट्रोएनिया रूस की एक प्रमुख एयरोस्पेस और मिसाइल डिजाइन कंपनी है। NPO माशिनोस्ट्रोएनिया भारत-रूस की ब्रह्मोस एयरोस्पेस की प्रमुख साझेदार कंपनी है। लियोनोव ने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। लियोनोव ने इसके अलावा ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के डेवलपमेंट में भी भूमिका निभाई। लियोनोव को रूस की जिरकोन मिसाइल को डिजाइन करने का श्रेय दिया जाता है। ये एक जहाज-आधारित हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जो 3K22 मिसाइल प्रणाली का हिस्सा है। ब्रह्मोस : ब्रह्मोस भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज चलने वाली क्रूज मिसाइलों में से एक है। ऑपरेशन सिन्दूर के दौरान भी ब्रह्मोस का उपयोग किया गया था। ब्रह्मोस को रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) और रूस के NPO मशीनोस्ट्रोयेनिया ने मिलकर विकसित किया है। लियोनोव हीरो ऑफ लेबर के गोल्डन स्टार से सम्मानित हैं। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में राहुल द्रविड़, अनिल कुंबले के नाम पर स्टैंड 5 अप्रैल को एम चिन्नास्वामी स्टेडियम, बेंगलुरू में राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के नाम पर स्टैंड का अनावरण हुआ। कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के अध्यक्ष वेंकटेश प्रसाद और उपाध्यक्ष सुजीत सोमसुंदर इस अनावरण में शामिल रहे। KSCA ने 14 फरवरी को राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के नाम पर स्टैंड के नाम रखने की घोषणा की थी। द्रविड़ ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 24,177 रन बनाए हैं और कुंबले ने इंटरनेशनल क्रिकेट में 956 विकेट लिए हैं। अब BEML एंड का नाम ‘राहुल द्रविड़ एंड’ होगा और पवेलियन एंड का नाम अनिल कुंबले एंड होगा। भारत की पूर्व महिला क्रिकेटर शांता रंगास्वामी के नाम पर भी चिन्नास्वामी में स्टैंड होगा। एम चिन्नास्वामी स्टेडियम के 50 साल पूरे होने के मौके पर राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले के नाम पर स्टैंड का नाम रखा गया। 5. भारत ने अफगानिस्तान बाढ़, भूकंप पीड़ितों के लिए सहायता भेजी 5 अप्रैल को भारत ने अफगानिस्तान में आई बाढ़ और भूकंप से पीड़ितों की मदद के लिए अफगानिस्तान में राहत सामग्री की एक नई खेप भेजी है। इस राहत सामग्री में भारत ने किचन सेट, हाईजीन किट, प्लास्टिक शीट, तिरपाल, स्लीपिंग बैग जैसे सामान भेजे। 3 अप्रैल को उत्तरी अफगानिस्तान में 5.8 तीव्रता के भूकंप के बाद काबुल के बाहरी इलाके में कम से कम 77 लोग मारे जा चुके हैं। इससे पहले मार्च में पाकिस्तानी हमलों के बाद घायलों के इलाज के लिए भी 2.5 टन इमरजेंसी मेडिकल सहायता भेजी गई थी। 3 अप्रैल को दिल्ली NCR के कई हिस्सों में भी भूकंप आया। जम्मू-कश्मीर, पंजाब और हरियाणा समेत उत्तर भारत के अन्य हिस्सों में भी झटके महसूस किए गए। इस खेप को ह्यूमन असिस्टेंस एंड डिजास्टर रिलीफ (HDAR) नाम दिया गया। 6. दिव्या सिंह एवरेस्ट बेस कैंप तक साइकिल से पहुंची 5 अप्रैल को उत्तर प्रदेश की दिव्या सिंह काठमांडू से एवरेस्ट बेस कैंप तक साइकिल से पहुंचने वाली भारत की पहली महिला बनीं। दिव्या सिंह ने 14 दिनों में काठमांडू से एवरेस्ट बेस कैंप तक साइकिल चलाई। बर्फीली हवाओं, कम होते ऑक्सीजन के स्तर और ऊबड़-खाबड़ पहाड़ी रास्तों के बीच उन्होंने रास्ता तय किया। काठमांडू से एवरेस्ट बेस कैंप तक की दूरी 17,560 फीट (5,364 मीटर) थी, जिसे उन्होंने तय किया। दिव्या ने -12°C टेम्परेचर में रोज लगभग 10-12 घंटे तक साइकिल चलाई। ऐसे रास्ते जहां ट्रैक बहुत ज्यादा मुश्किल था, वहां दिव्या ने अपनी साइकिल कंधों पर ले ली थी। 28 साल की दिव्या ऐसा करने वाली भारत की पहली और दुनिया की दूसरी महिला बन गई हैं। आज का इतिहास 7 अप्रैल 1827 में जॉन वॉकर ने पहली माचिस का आविष्कार किया। 1920
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1 घंटे पहले कॉपी लिंक आदित्य धर की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ भारत में सबसे तेजी से 1000 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन करने वाली फिल्म बन गई है। फिल्म का वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन अब 1622 करोड़ रुपए के पार पहुंच गया है। तीसरे वीकेंड में भी फिल्म की कमाई की रफ्तार कम नहीं हुई है। रिलीज के 16वें दिन (शुक्रवार) को फिल्म ने 23 करोड़, 17वें दिन (शनिवार) को 27 करोड़ और 18वें दिन (रविवार) को 30 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया। इस तरह तीसरे वीकेंड पर फिल्म ने कुल 80 करोड़ रुपए की कमाई की। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन अब 1041 करोड़ रुपए और ग्रॉस कलेक्शन 1228 करोड़ रुपए हो चुका है। विदेशों में भी कमाई के रिकॉर्ड तोड़ रही फिल्म ‘धुरंधर 2’ न केवल भारत में बल्कि विदेशों में भी नए बेंचमार्क सेट कर रही है। फिल्म ने ओवरसीज मार्केट में अब तक 394 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है। यह नॉर्थ अमेरिका में 25 मिलियन डॉलर का आंकड़ा पार करने वाली पहली भारतीय फिल्म बन गई है। इसके अलावा जर्मनी में भी इसने 1 मिलियन यूरो से ज्यादा की कमाई कर एक नया रिकॉर्ड बनाया है। फिल्म ने नॉर्थ अमेरिका में अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म का खिताब भी अपने नाम कर लिया है। पार्ट 1 के लाइफटाइम रिकॉर्ड को 10 दिन में तोड़ा इस फिल्म की कामयाबी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसने ‘धुरंधर’ के पहले पार्ट के ओवरसीज लाइफटाइम कलेक्शन को महज 10 दिनों में ही पीछे छोड़ दिया था। यह सबसे तेजी से 1000 करोड़ रुपए (वर्ल्डवाइड) कमाने वाली फिल्म बन गई है। फिल्म ने भारत में 100 करोड़ से लेकर 1000 करोड़ तक के सभी माइलस्टोन सबसे कम समय में हासिल किए हैं। साथ ही, यह अब तक की सबसे बड़ी हिंदी ओपनर और वर्ल्डवाइड सबसे बड़ा ओपनिंग वीकेंड देने वाली फिल्म भी बन चुकी है। फिल्म के नाम दर्ज हुए ये बड़े रिकॉर्ड्स भारत में 1000 करोड़ नेट कलेक्शन करने वाली पहली फिल्म। नॉर्थ अमेरिका में 25 मिलियन डॉलर कमाने वाली पहली भारतीय फिल्म। सबसे तेजी से 1000 करोड़ का ग्लोबल आंकड़ा पार करने वाली फिल्म। जर्मनी में 1 मिलियन यूरो का आंकड़ा छूने वाली पहली भारतीय फिल्म। ऑल टाइम सबसे बड़ी भारतीय ब्लॉकबस्टर। आगे भी जारी रह सकती है कमाई ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का पहला पार्ट पिछले साल दिसंबर में रिलीज हुआ था, जिसे दर्शकों ने काफी पसंद किया था। 19 मार्च को रिलीज हुए इसके सीक्वल ने उम्मीदों से कहीं ज्यादा प्रदर्शन किया है। फिल्म की कहानी, एक्शन और मेकिंग की तुलना ग्लोबल सिनेमा से की जा रही है। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिल्म की लंबी दौड़ अभी जारी रहेगी क्योंकि फिलहाल कोई बड़ी फिल्म इसे टक्कर देने के लिए मैदान में नहीं है। नेट और ग्रॉस कलेक्शन में क्या अंतर होता है? फिल्मों की कमाई में नेट कलेक्शन और ग्रॉस कलेक्शन दो अलग तरीके से गिने जाते हैं। ग्रॉस कलेक्शन वह कुल रकम होती है जो टिकट बेचकर आती है, इसमें टैक्स (जैसे GST) भी शामिल होता है। जबकि नेट कलेक्शन वह रकम होती है जो टैक्स हटाने के बाद बचती है, यानी असली कमाई जो फिल्म के खाते में मानी जाती है। आसान शब्दों में, ग्रॉस पूरी कमाई है और नेट टैक्स निकालने के बाद की साफ कमाई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Gold & Silver Prices Surge in India

नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में आज 6 अप्रैल को तेजी है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,283 रुपए बढ़कर 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले 3 अप्रैल को इसकी कीमत 1.47 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 3,215 रुपए बढ़कर 2.31 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले शुक्रवार को इसकी कीमत 2.28 लाख रुपए प्रति किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना इस साल ₹14,696 और चांदी ₹608 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 14,696 रुपए और चांदी 608 रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.48 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.31 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। लेकिन, 28 फरवरी को अमेरिका और इजारइल की ईरान से जंग शुरू होने के बाद लगातार गिरावट देखी जा रही है। तब से 38 दिन में सोना 11,206 रुपए और चांदी 35,672 रुपए गिरी है। विदेशी जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना होगा सरकार ने सोने-चांदी और प्लैटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा असर बाजार की सप्लाई दिख रहा है, जिससे आज सोना-चांदी की कीमतों में बढ़ोतरी हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी किसी भी देश से गहने मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या परमिशन लेना होगा। सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








