Monday, 03 Aug 2026 | 07:39 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Cancer treatment in India: कैंसर के ये डॉक्टर हो गए बेकार! मरीजों का नहीं कर सकते इलाज,PMJAY का नया नियम बना नासूर

authorimg

PMJAY rules for Oncologist: कैंसर भारत की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक बनता जा रहा है. फिलहाल देश में 15 लाख से ज्यादा कैंसर के मरीज हैं और एक अनुमान के मुताबिक आने वाले 20 सालों में यह संख्या करीब 25 लाख के आसपास पहुंचने वाली है, जो कि किसी बड़े शहर की आबादी जितनी होगी, लेकिन इससे भी बड़ी समस्या अब इन मरीजों के इलाज को लेकर पैदा होने वाली है और इसकी वजह है आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के नए नियम. ऑन्कोलॉजिस्टों ने बताया कि पीएमजेएवाई के नए नियमों का हवाला देकर कई राज्य प्राइवेट सेक्टर के सैकड़ों अनुभवी, फेलोशिप-ट्रेनिंग पाए ऑन्कोलॉजिस्ट को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के मरीजों का इलाज करने से रोक रहे हैं. डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें इसलिए नहीं रोका जा रहा कि उनकी ट्रेनिंग या अनुभव कम है, बल्कि इसलिए इलाज नहीं करने दिया जा रहा है कि उनके पास एनएमसी से मान्यता प्राप्त DM, MCh या DrNB जैसी सुपर-स्पेशियलिटी डिग्रियां नहीं हैं. टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर में इस कदम से प्रभावित डॉक्टरों ने बताया कि कुछ दशक पहले तक, ऑन्कोलॉजी में आने का एकमात्र रास्ता फेलोशिप ही था. तब कोई औपचारिक कोर्स मौजूद नहीं थे. आज भी, पीजी डॉक्टरों के लिए कैंसर अस्पतालों में सिर और गर्दन की सर्जरी, स्त्री रोग-ऑन्कोलॉजी, रक्त-ऑन्कोलॉजी या बच्चों की कैंसर सर्जरी में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग के लिए 2-3 साल की फेलोशिप हासिल करना बहुत प्रतिष्ठित माना जाता है. उन्होंने कहा कि जिन लोगों को अब नए नियम के चलते अयोग्य बताया जा रहा है उनमें से कई आगे चलकर डिपार्टमेंट के हेड, मेडिकल डायरेक्टर, टीचर और सीनियर सर्जन बन चुके हैं. ये दशकों से कैंसर के मरीजों का इलाज कर रहे हैं. सूरत के डॉ. हेमिश कानिया, जिन्होंने राज्यों भर में प्रभावित ऐसे 300 से ज्यादा डॉक्टरों का डेटा इकट्ठा किया है, ने बताया कि जिन डॉक्टरों को अब रोका जा रहा है, उनमें से कुछ ने तो DM या DrNB के छात्रों को ऑन्कोलॉजी भी पढ़ाई है. इस नियम से बढ़ रही डॉक्टरों की कमी योग्यता के नियमों में यह बदलाव न केवल भारत में कैंसर के बढ़ते बोझ की वजह से चौंकाने वाला है, बल्कि कैंसर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की कमी की वजह से भी हैरान करने वाला है. भारत में हर दस लाख लोगों पर लगभग एक मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट है और सिर्फ 4,000 के करीब ऑन्कोसर्जन हैं. ऐसे में PMJAY से जुड़े इलाज से 300 प्रशिक्षित स्पेशलिस्ट डॉक्टरों को बाहर करने से इलाज तक पहुंच कम हो सकती है, खासकर छोटे शहरों में जहां प्राइवेट इंश्योरेंस की पहुंच कम है, और उन गरीब मरीजों के लिए तो यह बहुत बड़ी दिक्कत बन सकती है जो सरकारी मेडिकल इंश्योरेंस का लाभ उठाते हैं. क्या फेलोशिप बेकार हैं?डॉ. किशन(बदला हुआ नाम) UP के एक 42 साल के जनरल सर्जन ने बताया कि उन्होंने टाटा मेमोरियल हॉस्पिटल, परेल से सिर और गर्दन के कैंसर में तीन साल की फेलोशिप पूरी की थी, 2021 में, वह अपने टियर-II शहर में वापस लौटे, इस उम्मीद के साथ कि कैंसर देखभाल में मौजूद कमी को पूरा कर सकेंगे, लेकिन शहर में केवल छह ऑन्कोसर्जन थे, जिनमें से चार फेलोशिप-प्रशिक्षित थे. हालांकि, उन्होंने पाया कि उन्हें PMJAY के कैंसर मरीजों का ऑपरेशन करने से रोक दिया गया है. उन्होंने कहा, अगर छह में से चार निजी क्षेत्र के कैंसर सर्जनों को बाहर कर दिया जाए, तो PMJAY के मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता है.’ वहीं एक अन्य डॉक्टर ने बताया कि वह सुरक्षित हैं क्योंकि वह एक सरकारी अस्पताल में काम करते हैं. उन्होंने कहा,’सरकारी अस्पतालों में टीम में कम से कम एक सदस्य ऐसा होने की संभावना होती है जिसे PMJAY के तहत मान्यता प्राप्त हो, लेकिन अगर मैं निजी क्षेत्र में कदम रखता हूं, तो स्थिति अलग हो सकती है.’ कुछ डॉक्टरों ने बताया कि उनके नाम HEM 2.0 पोर्टल से हटा दिए गए हैं. इस पोर्टल का इस्तेमाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा PMJAY के प्रबंधन के लिए किया जाता है. डॉक्टरों ने कहा कि अस्पताल अपने अनुबंध खत्म कर रहे हैं क्योंकि ये विशेषज्ञ अब PMJAY के तहत क्लेम (दावे) जेनरेट नहीं कर सकते. क्यों हो रही ये दिक्कत डॉक्टरों ने बताया कि कई मुद्दों के कारण यह मौजूदा समस्या खड़ी हुई है, विशेष रूप से राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा एनएचए और एनएमसी के नियमों की व्याख्या का तरीका. इस समस्या की जड़ 2018 से पहले के समय में ढूंढी जा सकती है, जब तत्कालीन भारतीय चिकित्सा परिषद (MCI) ने ऑन्कोलॉजी शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के प्रयास शुरू किए थे. टाटा मेमोरियल सेंटर के पूर्व अकादमिक डीन, डॉ. केएस शर्मा ने कहा कि 2002 और 2010 के बीच, मेडिकल और सर्जिकल ऑन्कोलॉजी में DM और MCh की सीटें बहुत कम थीं. 2011 में, जब वह तत्कालीन MCI के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स में शामिल हुए, तो उन्होंने प्रतिष्ठित कैंसर अस्पतालों में फेलोशिप कार्यक्रमों का विस्तार करके शिक्षकों की कमी को दूर करने की एक योजना बनाई. उन्होंने कहा, ‘इन फेलोशिप को MCI द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं थी, लेकिन इनका अपना एक महत्व और विश्वसनीयता थी.’ फिर एमसीआई ने लागू किया नियम MCI ने एक नियम लागू किया जिसके तहत MS या MD की डिग्री वाले पोस्ट-ग्रेजुएट डॉक्टरों को, जिन्होंने किसी विशेष कैंसर अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट या फेलो के तौर पर दो साल का अनुभव प्राप्त किया हो, तब तक शिक्षक माना जा सकता था जब तक कि भारत में पर्याप्त संख्या में डिग्रीधारी ऑन्कोलॉजिस्ट उपलब्ध नहीं हो जाते. इस प्रकार, कई प्रशिक्षित फेलो ने सरकारी कैंसर संस्थानों में शिक्षण के पद संभाले, और समय के साथ, उनमें से कुछ छोटे शहरों में चले गए ताकि वे अपनी स्वतंत्र प्रैक्टिस शुरू कर सकें. लेकिन 2020 में, MCI की जगह एनएमसी ने ले ली, जिसने ऐसे दिशानिर्देश जारी किए जिनके अनुसार ऑन्कोलॉजिस्ट के पास मान्यता प्राप्त डिग्रियां होना अनिवार्य था. इन दिशानिर्देशों में फेलोशिप का कोई जिक्र नहीं किया गया था. अब फिर से उठा है मुद्दा एनएचए के CEO डॉ. सुनील कुमार बर्नवाल ने कहा कि NHA अस्पतालों को पैनल में शामिल करता है, डॉक्टरों को नहीं, और डॉक्टरों की योग्यता NMC तय करता है. NMC

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और उस पर किसी भी तरह का राजनीतिक प्रभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूसरे संवैधानिक संस्थाओं को भी अपनी गरिमा बनाकर रखनी चाहिए। उन्होंने पटना की चाणक्य नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में ‘कॉन्स्टीट्यूशनलिज्म बियॉन्ड राइट्स: व्हाई स्ट्रक्चर मैटर्स’ पर बात की। जस्टिस नागरत्ना ने कहा- यदि संवैधानिक ढांचा धीरे-धीरे कमजोर होता है, तो इससे संवैधानिक ब्रेकडाउन की स्थिति पैदा हो सकती है, भले ही अधिकार औपचारिक रूप से मौजूद रहें। जस्टिस नागरत्ना सितंबर 2027 में सीनियरिटी के आधार पर देश की चीफ जस्टिस बन सकती हैं। जस्टिस नागरत्ना बोलीं- संस्थान एक-दूसरे की जांच करें जस्टिस बीवी नागरत्ना ने आगे कहा कि जब संस्थाएं एक-दूसरे की जांच और निगरानी करना बंद कर देती हैं, तभी असली समस्या शुरू होती है। चुनाव आयोग, कंट्रोलर एंड ऑडिटर जनरल ऑफ इंडिया (CAG) और वित्त आयोग जैसी संस्थाएं निष्पक्ष व्यवस्था बनाए रखने में जरूरी भूमिका निभाती हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया पर कहा कि हमारे लोकतंत्र में समय पर चुनाव होने से सरकारें सही तरीके से बदलती रहती हैं। इस प्रक्रिया पर नियंत्रण का मतलब राजनीतिक मुकाबले के नियमों को अपने हाथ में लेना है। 2 अप्रैल: बंगाल में चुनाव अधिकारियों को बंधक बनाया, सुप्रीम कोर्ट नाराज इससे पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग और उसके अधिकारियों के संबंध में टिप्पणी की थी। दरअसल गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में SIR से जुड़े 7 इलेक्शन ऑब्जर्वर को बंधक बना लिया गया था। इस घटना पर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई थी। कोर्ट ने कहा था- उन्हें नौ घंटे बंधक बनाकर रखा। खाना-पानी तक नहीं मिला। यह घटना सोची-समझी और भड़काऊ लगती है। हमें पता है उपद्रवी कौन हैं, इनका मकसद न्यायिक अधिकारियों का मनोबल गिराना और चुनावी प्रक्रिया को बाधित करना है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की बेंच ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था ढह गई है। बेंच ने राज्य के गृह सचिव, डीजीपी और अन्य अधिकारियों से उनकी निष्क्रियता पर जवाब मांगा। CEC ज्ञानेश कुमार ने मामले की जांच NIA को सौंप दी। NIA टीम शुक्रवार को पश्चिम बंगाल पहुंचेगी। ———————————— ये खबर भी पढ़ें… केरलम में 339 करोड़पति कैंडिडेट, 38% पर क्रिमिनल केस, 5 साल में 48% बढ़े करोड़पति उम्मीदवार केरलम विधानसभा चुनाव में 38% उम्मीदवारों पर क्रिमिनल केस दर्ज हैं। इनमें सबसे ज्यादा 72 उम्मीदवार कांग्रेस से हैं। BJP के 59 और CPI(M) के 51 उम्मीदवार हैं। वहीं, 23% पर हत्या और बलात्कार जैसे गंभीर केस दर्ज हैं। पूरी खबर पढ़ें…

India Smartphone Upgrade Stalled | Inflation Hits 22 Crore Users

India Smartphone Upgrade Stalled | Inflation Hits 22 Crore Users

नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक एआई (इमेज)। देश में 22 करोड़ लोग फीचर फोन इस्तेमाल कर रहे हैं। वे स्मार्टफोन पर शिफ्ट होना चाहते हैं। पर बजट और महंगे हैंडसेट बड़ी बाधा हैं। एक भरोसेमंद स्मार्टफोन और एंट्री-लेवल फीचर फोन के बीच ₹4-6 हजार का अंतर है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक मेमोरी चिप की कीमतें बढ़ने से अंतर 6-8 हजार हो सकता है। केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मुताबिक महंगे स्मार्टफोन डिजिटल इंडिया के लिए चुनौती हैं। बेसिक स्मार्टफोन की कीमत यूजर की मासिक आय का 30-40% तक है। यह सामर्थ्य के तय मानक 5% से कई गुना है। सिंधिया ने सुझाव दिया है कि पीएलआई स्कीम को मेक इन इंडिया से आगे बढ़ाकर ‘अफोर्डेबल इन इंडिया’ की दिशा में ले जाना चाहिए। देश का सबसे सस्ता 4जी स्मार्टफोन आईटेल जेनो ₹5799 रुपए का है। हिस्सेदारी 5-10 हजार सेगमेंट: बाजार हिस्सेदारी 24% है और इसमें 71% मॉडल अब 5जी तकनीक वाले हैं। 15 हजार से कम सेगमेंट: इसकी कुल मार्केट हिस्सेदारी 4% रह गई है और इसमें 100% मॉडल 4जी हैं। फीचर फोन से 7 गुना महंगा स्मार्टफोन देश का सबसे सस्ता 4जी स्मार्टफोन आईटेल जेनो ₹5799 रुपए का है। वहीं लावा शार्क ₹8999 रुपए में सबसे सस्ता 5जी स्मार्टफोन विकल्प है। इसके मुकाबले स्नेक्सलैन गुरु 301 जैसा 2जी फीचर फोन महज ₹649 और कार्बन के1 जैसा 4जी फीचर फोन मात्र ₹835 रुपए में उपलब्ध है। मेमोरी चिप महंगी होने से बढ़ेंगी कीमतें काउंटरपॉइंट रिसर्च के डायरेक्टर तरुण पाठक के मुताबिक 4जी फीचर फोन से 4जी स्मार्टफोन पर अपग्रेड के लिए ₹4 हजार अतिरिक्त खर्च करने पड़ते हैं। यदि ग्राहक 5जी फोन चुनता है तो बोझ 6 हजार रुपए तक बढ़ जाता है। मेमोरी शॉर्टेज से कीमतें बढ़ने पर स्मार्टफोन खरीदना और मुश्किल होगा। ……………………… यह खबर भी पढ़ें… आइटेल का स्मार्टफोन जेनो 100 भारत में लॉन्च: मिलिट्री-ग्रेड के साथ 5000mAh बैटरी, बिना नेटवर्क कॉल कर सकेंगे टेक ब्रांड आइटेल ने भारतीय बाजार में अपना नया लो-बजट फोन ‘आईटेल जेनो 100’ लॉन्च किया है। फोन में सबसे खास इसकी मजबूती और प्रीमियम लुक है। कंपनी का दावा है कि मिलिट्री-ग्रेड फोन 1.2 मीटर की ऊंचाई से गिरने पर भी सुरक्षित रहेगा। इससे बिना नेटवर्क के भी कॉल कर सकेंगे। पूरी खबर पढ़ें… फोन में प्रोसेसर कौन सा चुनें, रैम कितनी जरूरी: नया फोन खरीदने से पहले इन 9 फीचर्स के बारे में जानिए आज बाजार में हर बजट, हर जरूरत और हर यूजर के लिए फोन मिल रहा है। सिर्फ ब्रांड या विज्ञापन देखकर फोन खरीद लेना समझदारी नहीं है। अगर आप नया फोन लेने जा रहे हैं तो ये 9 बातें जानना जरूरी है। फोन में रैम, प्रोसेसर या डिस्प्ले चुनते समय इन बातों का ध्यान रखें। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Frances Flying Whales Expands Heavy Cargo Project in India

Frances Flying Whales Expands Heavy Cargo Project in India

नई दिल्ली45 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आधिकारिक मुलाकात के बाद फ्लाइंग व्हेल्स और भारत के BLP ग्रुप ने हाथ मिलाया है। इस साझेदारी का मकसद भारत को नेक्स्ट जेन कार्गो एयरशिप मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाना है। यह समझौता एक बड़े औद्योगिक प्लान का पहला हिस्सा है। इसके तहत भारत, फ्रांस और कनाडा के बाद फ्लाइंग व्हेल्स का तीसरा ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा। इसका लक्ष्य मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक क्षेत्र में हैवी लिफ्ट एयरशिप टेक्नोलॉजी को तेजी से पहुंचाना है। पीएम नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की मुलाकात के बाद भारत में कार्गो एयरशिप बनाने की घोषणा की गई। (फाइल फोटो) भारत को चुना गया तीसरा ग्लोबल एयरोस्पेस हब इस समझौते (MoU) के तहत, फ्लाइंग व्हेल्स और BLP ग्रुप मिलकर भारत में LCA60T कार्गो एयरशिप की असेंबली लाइन लगाएंगे। इसके लिए तमिलनाडु को लोकेशन के तौर पर देखा जा रहा है। इस प्रोजेक्ट से एयरोनॉटिक्स क्षेत्र में 300 से ज्यादा हाई-स्किल्ड नौकरियां मिलने की उम्मीद है। इससे देश के एयरोस्पेस सप्लाई चेन को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे एडवांस और सस्टेनेबल एविएशन मैन्युफैक्चरिंग में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। भारत वाला प्लांट फ्लाइंग व्हेल्स के ग्लोबल स्ट्रक्चर का तीसरा बड़ा स्तंभ होगा। पहला फ्रांस में है जो यूरोप और अफ्रीका को देखेगा। दूसरा कनाडा में है जो अमेरिका के लिए है। अब भारत का प्लांट मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक क्षेत्र की जरूरतों को पूरा करेगा। हर हब की अपने क्षेत्र के लिए विशेष उत्पादन और संचालन की जिम्मेदारी होगी, लेकिन सभी ग्लोबल तकनीकी मानकों का पालन करेंगे। LCA60T ट्रांसपोर्ट का एक नया और आधुनिक तरीका है। यह हवा में एक ही जगह स्थिर रहकर भी टनों में भारी सामान को लोड और अनलोड कर सकता है, जिससे जमीन पर कोई असर नहीं पड़ता। इसमें हाइब्रिड प्रोपल्शन सिस्टम लगा है, जिसे आगे चलकर पूरी तरह इलेक्ट्रिक बनाया जा सकता है। इससे यह बिना किसी प्रदूषण के उड़ान भर सकेगा। भविष्य के लॉजिस्टिक्स में LCA60T का रोल इस साझेदारी के केंद्र में LCA60T (लार्ज कैपेसिटी एयरशिप 60 टन) है। यह हीलियम से चलने वाला मजबूत एयरशिप है जो 60 टन तक वजन ले जा सकता है। इसे ऐसे दूरदराज और दुर्गम इलाकों में काम करने के लिए बनाया गया है जहां सड़क, रेलवे या पोर्ट की सुविधा नहीं है। इसकी हवा में स्थिर रहने की खूबी और वर्टिकल लोडिंग सिस्टम की मदद से भारी बुनियादी ढांचे के उपकरण सीधे साइट पर पहुंचाए जा सकते हैं। उम्मीद है कि यह एयरशिप विंड टरबाइन के ब्लेड और बिजली के टावरों जैसे रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स में काफी मदद करेगा। इसका इस्तेमाल कंस्ट्रक्शन, डिफेंस, राहत कार्यों, मोबाइल मेडिकल यूनिट और दूरदराज के इलाकों में माल ढुलाई के लिए भी किया जाएगा। कंपनियों का कहना है कि ट्रेडिशनल हेवी लिफ्ट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के मुकाबले इसका पर्यावरण पर बहुत कम असर पड़ता है। ग्लोबल डिमांड और शुरुआती समझौते फ्लाइंग व्हेल्स ने मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक क्षेत्र में पहले ही 25 से ज्यादा कॉमर्शियल समझौते कर लिए हैं, जो इस टेक्नोलॉजी में लोगों की दिलचस्पी को दर्शाता है। कंपनी के मुताबिक, उसकी सर्विस यूनिट के जरिए दुनिया भर में कुल 90 ऐसे समझौते हो चुके हैं। भारत में हब बनने से उन इलाकों में काम तेज होगा जहां खराब रास्तों या मुश्किल इलाकों की वजह से ट्रांसपोर्ट की चुनौती रहती है। तीन स्तंभों वाली ग्लोबल स्ट्रेटजी फ्लाइंग व्हेल्स ने अपनी लॉन्ग-टर्म स्ट्रेटजी को तीन क्षेत्रीय हब में बांटा है: फ्रांस: यूरोप और अफ्रीका के लिए कनाडा: अमेरिका के लिए भारत: मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक के लिए भारत के तीसरे मुख्य केंद्र के तौर पर जुड़ने के साथ ही कंपनी का ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग प्लान अब पूरा हो गया है। इसे इस तरह डिजाइन किया गया है ताकि उत्पादन एक ही जगह सीमित न रहकर अलग-अलग देशों में हो सके और इंटरनेशनल ऑपरेशंस को बड़े स्तर पर बढ़ाया जा सके। फ्लाइंग व्हेल्स एक फ्रेंच-कनाडाई एरोस्पेस कंपनी है, जिसे फ्रांस की सरकार और प्राइवेट सेक्टर के पार्टनर्स का साथ मिला हुआ है। फ्लाइंग व्हेल्स दुनिया का सबसे बड़ा एयरशिप प्रोग्राम तैयार कर रही है, जिसका फोकस भारी सामान की ढुलाई पर है। इनका LCA60T एयरशिप बिजली के टावर, विंड एनर्जी के पुर्जे और यहां तक कि टैंक जैसे मिलिट्री साजो-सामान को भी दूरदराज के इलाकों तक ले जाने के लिए बनाया गया है। कंपनी अपना पहला मैन्युफैक्चरिंग प्लांट फ्रांस में लगा रही है, जबकि दूसरा प्लांट क्यूबेक सरकार की मदद से कनाडा में तैयार किया जा रहा है। ऑस्ट्रेलिया तक फैले इस विशाल क्षेत्र के लिए भारत को तीसरे ग्लोबल हब के तौर पर पहली पसंद माना गया था, जिसे अब इस पार्टनरशिप के जरिए फाइनल कर दिया गया है। लीडरशिप के बयान फ्लाइंग व्हेल्स के प्रेसिडेंट सेबेस्टियन बोगन ने इसे कंपनी के सफर का एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा, “भारत के साथ यह साझेदारी इनोवेशन और बड़े लक्ष्यों को साथ लाने का एक बड़ा मोड़ है। फ्रांस और कनाडा के साथ मिलकर हम सिर्फ एयरशिप नहीं बना रहे, बल्कि ट्रांसपोर्ट का एक नया सस्टेनेबल मॉडल तैयार कर रहे हैं जो दूरदराज के इलाकों को जोड़ेगा और भारी लॉजिस्टिक्स में प्रदूषण कम करेगा। बीएलपी ग्रुप मिडिल ईस्ट और एशिया पैसिफिक में हमारी रणनीति का मुख्य हिस्सा होगा।” BLP ग्रुप के सीईओ तेजप्रीत एस चोपड़ा और फ्लाइंग व्हेल्स के प्रेसिडेंट सेबस्टियन बुगोन। बीएलपी ग्रुप के सीईओ तेजप्रीत एस चोपड़ा ने कहा कि यह सहयोग टेक्नोलॉजी और सस्टेनेबिलिटी के एक जैसे विजन को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “LCA60T से इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और डिफेंस जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाएं खुलेंगी। हमें भारत में इस एयरोस्पेस इकोसिस्टम को बनाने में मदद करने पर गर्व है।” BLP ग्रुप और उसका AI इकोसिस्टम BLP ग्रुप एक भारतीय ग्रुप है, जो इंफ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट, रिन्यूएबल एनर्जी और एडवांस इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में काम करता है। कंपनी ने विंड और सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट्स के लिए इटली की एनेल ग्रीन पावर और नॉर्वे की स्टैटक्राफ्ट के साथ जॉइंट वेंचर किया है, साथ ही यह एपी मोलर कैपिटल की भी पार्टनर है। इसकी टेक्नोलॉजी विंग, ‘इंडस्ट्री एआई’, मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए इंडस्ट्रियल इंटेलिजेंस सिस्टम तैयार करती है। इनके प्लेटफॉर्म के केंद्र

AAPs Raghav Chadha Removed as Rajya Sabha Deputy Leader

AAPs Raghav Chadha Removed as Rajya Sabha Deputy Leader

2 मिनट पहले कॉपी लिंक राघव चड्डा 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया है। उनकी जगह यह पोस्ट राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल दे दी है। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर यह जानकारी दी। लेटर में कहा कि सदन में पार्टी की तरफ से बोलने का समय न दिया जाए। राघव 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल 2028 तक है। पार्टी ने इस फैसले की वजह नहीं बताई है। हालांकि उन्होंने लंबे समय से पार्टी से दूरी बना ली थी और AAP को लेकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं। 27 फरवरी को जब एक निचली अदालत से अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में राहत मिली, तब भी उन्होंने कोई बयान नहीं दिया था। राज्यसभा में भी वे गिग वर्कर्स और स्कूल की फीस जैसे उठा रहे थे। पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं अशोक मित्तल अशोक मित्तल भी पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं। वे जालंधर के रहने वाले हैं। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे। राजनीति में आने से पहले वह एक सफल उद्यमी रहे हैं। उनका परिवार ‘लवली ग्रुप’ का मालिक है, जो ऑटोमोबाइल और मिठाई (लवली स्वीट्स) के व्यवसाय से जुड़ा है। खबर अपडेट हो रही है… ————————————– ये खबर भी पढें… पंजाब सांसद राघव चड्ढा बने डिलीवरी बॉय,VIDEO:ठंड में लोगों के घर पहुंचाया सामान पंजाब से राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा डिलीवरी बॉय बने। वह खुद सामान लेकर लोगों के घर पहुंचे पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

AAPs Raghav Chadha Removed as Rajya Sabha Deputy Leader

AAPs Raghav Chadha Removed as Rajya Sabha Deputy Leader

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक राघव चड्ढा 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने गुरुवार को सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया। राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल को उनकी जगह दे दी। पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर जानकारी दी। लेटर में कहा कि सदन में पार्टी की तरफ से बोलने का समय न दिया जाए। राघव 2022 से पंजाब से राज्यसभा सांसद हैं। उनका कार्यकाल 2028 तक है। पार्टी ने इस फैसले की वजह नहीं बताई है। हालांकि, उन्होंने लंबे समय से पार्टी से दूरी बना ली थी और AAP को लेकर कोई बयान नहीं दे रहे हैं। 27 फरवरी को जब सीबीई की अदालत से अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में राहत मिली, तब भी उन्होंने कोई बयान नहीं दिया था। राज्यसभा में वे लोगों से जुड़े गिग वर्कर्स और स्कूल फीस जैसे मुद्दे उठा रहे थे। AAP के फैसले के बाद राघव ने शेयर किया वीडियो इस घोषणा के बाद शाम 6.56 बजे राघव ने अपने X अकाउंट पर खुद का वीडियो पोस्ट किया। इसमें कई वीडियो के क्लिप्स हैं। वीडियो में राघव संसद में उठाए उनके जनहित के मुद्दों को सदन में रखने सुनाई दे रहे हैं। वहीं न्यूज एजेंसी एएनआई के सूत्रों के मुताबिक राज्यसभा सचिवालय ने गुरुवार को आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद राघव चड्ढा की जन विश्वास संशोधन विधेयक पर सदन में बोलने की मांग को अस्वीकार कर दिया। यह फैसला इसलिए लिया गया क्योंकि पार्टी की ओर से उनके लिए बोलने का समय निर्धारित नहीं किया गया था। संसद के पिछले दो सत्रों में राघव ने आम लोगों से जुड़े मुद्दे उठाए शीतकालीन सत्र 2025 गिग वर्कर्स का मुद्दा: ब्लिंकिट, जोमैटो और स्विगी जैसे डिलीवरी पार्टनर्स के कम वेतन, 10-मिनट डिलीवरी मॉडल और सामाजिक सुरक्षा की कमी। डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स: कॉपीराइट एक्ट 1957 में संशोधन की मांग की, ताकि शिक्षकों और इन्फ्लुएंसर्स को एल्गोरिदम और गलत ‘टेकडाउन’ से बचाया जा सके। स्वास्थ्य क्षेत्र: ‘एक देश, एक स्वास्थ्य उपचार’ (One Nation, One Health Treatment) की वकालत की और सरकारी अस्पतालों की बदहाली पर चिंता जताई। बजट सत्र 2026 खाद्य मिलावट: राज्यसभा में यूरिया और अन्य मिलावटों का मुद्दा उठाया। एयरपोर्ट पर सस्ता खाना: यात्रियों को सस्ता खाना मिले, इसके लिए सभी 150+ एयरपोर्ट्स के डिपार्चर एरिया में किफायती कैफे की मांग की। 28-दिन का रीचार्ज: मोबाइल रीचार्ज 28 दिन के बजाय पूरे कैलेंडर महीने (30 ये 31) का हो, बचा हुआ डेटा अगले महीने जुड़ जाए। बैंक पेनल्टी: मिनिमम बैलेंस न रखने पर लगने वाले जुर्माने को पूरी तरह खत्म करने का प्रस्ताव दिया। संयुक्त इनकम टैक्स फाइलिंग: विवाहित जोड़ों के लिए एक साथ इनकम टैक्स फाइलिंग का विकल्प दिया जाए। पितृत्व अवकाशः भारत में पितृत्व अवकाश (paternity leave) को एक कानूनी अधिकार बनाया जाना चाहिए। अशोक मित्तल भी पंजाब से सांसद, लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर अशोक मित्तल भी पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं। पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर हैं। 2022 में राज्यसभा सांसद बने थे। राजनीति में आने से पहले वह कामयाब बिजनेसमैन रहे हैं। उनका परिवार ‘लवली ग्रुप’ का मालिक है, जो ऑटोमोबाइल और मिठाई (लवली स्वीट्स) के व्यवसाय से जुड़ा है। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के फाउंडर और चांसलर अशोक मित्तल पंजाब से AAP के राज्यसभा सांसद हैं। ————————————– ये खबर भी पढें… पंजाब सांसद राघव चड्ढा बने डिलीवरी बॉय,VIDEO:ठंड में लोगों के घर पहुंचाया सामान पंजाब से राज्यसभा सांसद और आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता राघव चड्ढा डिलीवरी बॉय बने। वह खुद सामान लेकर लोगों के घर पहुंचे पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase

NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase

Hindi News Sports NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase | Wellington वेलिंग्टन1 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेलिया केर ने 98 रन बाउंड्री से बनाए। न्यूजीलैंड ने विमेंस वनडे का सबसे बड़ा रनचेज कर लिया। टीम ने दूसरे वनडे में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 विकेट से जीत हासिल की। अमेलिया केर की नाबाद 179 रन की पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने 348 रन का लक्ष्य 49.4 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल किया और सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। वेलिंग्टन में बुधवार को न्यूजीलैंड ने भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में इंडियन विमेंस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 विकेट खोकर 341 रन का टारगेट हासिल किया था। इसाबेला की पारी ने मैच पलटा 348 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सूजी बेट्स जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद अमेलिया केर ने पारी संभाली और जॉर्जिया प्लिमर के साथ 52 रन की साझेदारी की। मिडिल ओवर्स में टीम का स्कोर 130/4 हो गया था और मैच साउथ अफ्रीका की पकड़ में दिख रहा था। तभी केर को इसाबेला गेज का साथ मिला, जिन्होंने 48 गेंद में 68 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। दोनों के बीच 120 रन की तेज साझेदारी हुई, जिसने न्यूजीलैंड को मुकाबले में वापस ला दिया। इसाबेला गेज ने 11 चौके की मदद से 68 रन की पारी खेली। केर ने 23 चौके लगाए अमेलिया केर ने 139 गेंद में नाबाद 179 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। उन्होंने पहले पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। आखिर में केर ने ही चौका लगाकर मैच खत्म किया और टीम को यादगार जीत दिलाई। अमेलिया केर ने 139 गेंद में नाबाद 179 रन बनाए। साउथ अफ्रीका ने 346 रन बनाए थे इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 50 ओवर में 346/6 रन बनाए थे। लौरा वोलवार्ट और एनेके बोश ने दूसरे विकेट के लिए 132 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में क्लो ट्रायन ने 25 गेंद में नाबाद 52 रन बनाकर स्कोर 347 तक पहुंचाया। लौरा वोलवार्ट ने 74 बॉल पर 69 रन की पारी खेली। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase

NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase

Hindi News Sports NZ Breaks India Record: Kerrs 179 Leads South Africa Chase | Wellington वेलिंग्टन24 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेलिया केर ने 98 रन बाउंड्री से बनाए। न्यूजीलैंड ने विमेंस वनडे का सबसे बड़ा रनचेज कर लिया। टीम ने दूसरे वनडे में साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2 विकेट से जीत हासिल की। अमेलिया केर की नाबाद 179 रन की पारी के दम पर न्यूजीलैंड ने 348 रन का लक्ष्य 49.4 ओवर में 8 विकेट खोकर हासिल किया और सीरीज 1-1 से बराबर कर ली। वेलिंग्टन में बुधवार को न्यूजीलैंड ने भारत का रिकॉर्ड तोड़ दिया। विमेंस वर्ल्ड कप 2025 के सेमीफाइनल में इंडियन विमेंस ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 विकेट खोकर 341 रन का टारगेट हासिल किया था। इसाबेला की पारी ने मैच पलटा 348 रन के बड़े लक्ष्य का पीछा करते हुए न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सूजी बेट्स जल्दी आउट हो गईं। इसके बाद अमेलिया केर ने पारी संभाली और जॉर्जिया प्लिमर के साथ 52 रन की साझेदारी की। मिडिल ओवर्स में टीम का स्कोर 130/4 हो गया था और मैच साउथ अफ्रीका की पकड़ में दिख रहा था। तभी केर को इसाबेला गेज का साथ मिला, जिन्होंने 48 गेंद में 68 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। दोनों के बीच 120 रन की तेज साझेदारी हुई, जिसने न्यूजीलैंड को मुकाबले में वापस ला दिया। इसाबेला गेज ने 11 चौके की मदद से 68 रन की पारी खेली। केर ने 23 चौके लगाए अमेलिया केर ने 139 गेंद में नाबाद 179 रन बनाए, जिसमें 23 चौके और 1 छक्का शामिल रहा। उन्होंने पहले पारी को संभाला और फिर तेजी से रन बनाते हुए टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। आखिर में केर ने ही चौका लगाकर मैच खत्म किया और टीम को यादगार जीत दिलाई। अमेलिया केर ने 139 गेंद में नाबाद 179 रन बनाए। साउथ अफ्रीका ने 346 रन बनाए थे इससे पहले साउथ अफ्रीका ने 50 ओवर में 346/6 रन बनाए थे। लौरा वोलवार्ट और एनेके बोश ने दूसरे विकेट के लिए 132 रन जोड़कर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। अंत में क्लो ट्रायन ने 25 गेंद में नाबाद 52 रन बनाकर स्कोर 347 तक पहुंचाया। लौरा वोलवार्ट ने 74 बॉल पर 69 रन की पारी खेली। ———————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Cricket T20 Series Zimbabwe July 2026

India Cricket T20 Series Zimbabwe July 2026

स्पोर्ट्स डेस्क17 मिनट पहले कॉपी लिंक 2024 जिम्बाब्वे के आखिरी दौरे पर भारत ने 5 टी-20 मैचों की सीरीज 4-1 से जीती थी। भारतीय क्रिकेट टीम जुलाई 2026 में जिम्बाब्वे दौरे पर जाएगी। इस दौरे पर तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जाएगी। सभी मुकाबले हरारे में होंगे। 23 जुलाई को पहला मैच बुधवार को जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने सीरीज की तारीखों की पुष्टि की। 23 जुलाई को पहला टी-20 खेला जाएगा। 25 और 26 जुलाई को दूसरा और तीसरा मैच होगा। 2024 में 4-1 से सीरीज अपने नाम की थी भारत ने आखिरी बार 2024 में जिम्बाब्वे का दौरा किया था। उस समय कप्तानी शुभमन गिल ने संभाली थी। भारत ने पहला मैच गंवाने के बाद वापसी की और सीरीज 4-1 से अपने नाम की थी। जिम्बाब्वे बोर्ड का बयान जिम्बाब्वे क्रिकेट के निदेशक गिवमोर मकोनी ने कहा कि भारत के खिलाफ मैच हमेशा दर्शकों में उत्साह पैदा करते हैं। उनके अनुसार, यह सीरीज घरेलू मैदान पर खिलाड़ियों के लिए खुद को परखने का अच्छा अवसर होगी। जिम्बाब्वे भारत भी आएगी जिम्बाब्वे टीम जनवरी 2027 में भारत दौरे पर आएगी। इस दौरान तीन वनडे मैच खेले जाएंगे। मुकाबले कोलकाता (3 जनवरी), हैदराबाद (6 जनवरी) और मुंबई (9 जनवरी) में होंगे। ————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL में आज LSG vs DC:दिल्ली ने लखनऊ के खिलाफ 7 में 4 मैच जीते, पिछले सीजन दोनों मैचों में हराया IPL के पांचवें मुकाबले में आज लखनऊ सुपर जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने-सामने होंगी। दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला लखनऊ के भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में खेला जाना है। मैच शाम 7:30 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…