Monday, 08 Jun 2026 | 12:30 AM

Trending :

EXCLUSIVE

ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं

ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन को हेल होल (नरक का द्वार) बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी पोस्ट की है जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता देने की आलोचना की गई है और भारत-चीन समेत कई देशों पर विवादित टिप्पणी की गई है। इस पत्र में उन्होंने कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर में भारत और चीन के लोगों के दबदबे का दावा किया। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर नागरिकता से प्रवासी अपने बच्चों को नागरिकता दिलाते हैं। फिर पूरा परिवार अमेरिका आ जाता है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस मुद्दे का फैसला अदालतों या वकीलों को नहीं, बल्कि देशव्यापी वोटिंग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सोशल मीडिया सर्वे (पोल) में ज्यादातर लोगों ने यह राय दी कि जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करना चाहिए। उन्होंने यह भी इशारा किया कि उन्हें अदालतों और कानूनी संस्थाओं पर भरोसा नहीं है कि वे इस मुद्दे पर सही फैसला लें। ट्रम्प बोले- कैलिफोर्निया में भारत-चीन का दबदबा ट्रम्प ने चिट्ठी में कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाई-टेक नौकरियों में भारत और चीन के लोगों का बहुत ज्यादा असर है। उसके मुताबिक, वहां की कंपनियों में भर्ती का माहौल ऐसा बन गया है कि बाकी लोगों के लिए मौके बहुत कम रह गए हैं। इन जगहों पर नौकरी पाने के लिए योग्यता से ज्यादा यह मायने रखता है कि आप किस देश से हैं, और उसके अनुसार सिस्टम इस तरह काम कर रहा है कि भारतीय और चीनी लोगों को प्राथमिकता मिलती है। यानी उसके हिसाब से भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है, बल्कि कुछ खास समूहों के पक्ष में झुकी हुई है। प्रवासियों के लिए काम करने वाले संगठन पर नाराजगी जताई उन्होंने चिट्ठी में लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाली अमेरिकन सिविल लिबर्टी यूनियन पर भी निशाना साधा गया। कहा कि यह संगठन अवैध प्रवासियों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियों का समर्थन करता है। ट्रम्प ने कहा कि इस संगठन पर संगठित अपराध जैसे कड़े कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। ट्रम्प ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवासी स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जिसका खर्च करदाताओं पर पड़ता है। उन्होंने कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में कथित वेलफेयर धोखाधड़ी और प्रवास से सांस्कृतिक व भाषाई पहचान पर असर पड़ने की बात भी कही गई। उन्होंने कहा कि अब अस्पतालों में प्रवासी ज्यादा इलाज कराते हैं और सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे हैं। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि छोटी बीमारी पर भी बहुत बड़ा खर्च दिखाया जाता है। 157 साल पहले मिला जन्मजात नागरिकता का अधिकार दुनिया में दो तरह से बच्चों को नागरिकता मिलती है। पहला- राइट ऑफ सॉइल यानी कि बच्चे का जहां जन्म हुआ हो, वह अपने आप वहां का नागरिक बन जाता है। दूसरा राइट ऑफ ब्लड यानी कि बच्चे के मां-बाप जहां के नागरिक हों, बच्चे वहीं के नागरिक माने जाएंगे। अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता (राइट ऑफ सॉइल) मिलती है। 1865 में गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। कोर्ट में बर्थडे सिटीजनशिप पर सुनवाई जारी ट्रम्प ने 20 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) पर रोक लगाने की कोशिश की थी। इसके कुछ ही दिन बाद फेडरल कोर्ट ने इस पर अस्थायी रोक (पहले 14 दिन) लगा दी। इसके बाद अदालतों में इस आदेश को चुनौती दी गई और कई जगहों पर कोर्ट ने इसे लागू होने से रोका हुआ है। मामला अभी भी कानूनी लड़ाई में है और अलग-अलग अदालतों में सुनवाई चल रही है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
उदयपुर के अरुण बने इंटरनेशनल रैपिड शतरंज चैंपियन:उज्जैन में आयोजित प्रतियोगिता में 8.5 अंक से जीता खिताब

March 23, 2026/
7:21 pm

उदयपुर के फिडे मास्टर अरुण कटारिया ने उज्जैन में आयोजित फर्स्ट रायसोनी मेमोरियल इंटरनेशनल फिडे रेटिंग रैपिड शतरंज प्रतियोगिता का...

सीएम केयर योजना को कैबिनेट की मंजूरी:कैंसर- हार्ट के गरीब मरीजों का सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल में होगा मुफ्त इलाज, जानिए कैसे उठा सकेंगे फायदा

April 22, 2026/
9:02 pm

मप्र की मोहन सरकार ने बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सीएम केयर योजना को मंजूरी दे दी है। इस...

DC Vs MI Live Score: Follow latest updates from IPL 2026 match today. (PTI Photo)

April 4, 2026/
12:55 pm

आखरी अपडेट:04 अप्रैल, 2026, 12:55 IST राहुल गांधी ने कहा कि एलडीएफ की नीतियां अब वामपंथी मूल्यों को प्रतिबिंबित नहीं...

ईरान-इजराइल युद्ध से बासमती चावल एक्सपोर्ट अटका:फाजिल्का से भेजा लाखों टन चावल फंसा, शिपिंग एजेंसियां $2000 डालर प्रति कंटेनर मांग रहीं

March 4, 2026/
6:14 am

खाड़ी देशों में हो रहे युद्ध के चलते इसका सीधा असर अब पंजाब के बासमती राइस एक्सपोर्टर पर पड़ा है।...

PM Modi: 19 Cr Rural Homes Tap Water by 2028

March 12, 2026/
4:32 am

30 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स...

MP का बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज मान्यता फर्जीवाड़ा:हाईकोर्ट ने CBI से पूछा-कॉलेज अपात्र मिलने पर क्यों नहीं की कानूनी कार्रवाई

April 29, 2026/
12:01 am

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित नर्सिंग कालेज मान्यता फर्जीवाड़े मामले पर हाईकोर्ट में आज मंगलवार को एक बार फिर से सुनवाई हुई।...

राजनीति

ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं

ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन को हेल होल (नरक का द्वार) बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी पोस्ट की है जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता देने की आलोचना की गई है और भारत-चीन समेत कई देशों पर विवादित टिप्पणी की गई है। इस पत्र में उन्होंने कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर में भारत और चीन के लोगों के दबदबे का दावा किया। उन्होंने कहा कि जन्म के आधार पर नागरिकता से प्रवासी अपने बच्चों को नागरिकता दिलाते हैं। फिर पूरा परिवार अमेरिका आ जाता है। ट्रम्प ने यह भी कहा कि इस मुद्दे का फैसला अदालतों या वकीलों को नहीं, बल्कि देशव्यापी वोटिंग से होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सोशल मीडिया सर्वे (पोल) में ज्यादातर लोगों ने यह राय दी कि जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता को सीमित करना चाहिए। उन्होंने यह भी इशारा किया कि उन्हें अदालतों और कानूनी संस्थाओं पर भरोसा नहीं है कि वे इस मुद्दे पर सही फैसला लें। ट्रम्प बोले- कैलिफोर्निया में भारत-चीन का दबदबा ट्रम्प ने चिट्ठी में कैलिफोर्निया के टेक सेक्टर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि हाई-टेक नौकरियों में भारत और चीन के लोगों का बहुत ज्यादा असर है। उसके मुताबिक, वहां की कंपनियों में भर्ती का माहौल ऐसा बन गया है कि बाकी लोगों के लिए मौके बहुत कम रह गए हैं। इन जगहों पर नौकरी पाने के लिए योग्यता से ज्यादा यह मायने रखता है कि आप किस देश से हैं, और उसके अनुसार सिस्टम इस तरह काम कर रहा है कि भारतीय और चीनी लोगों को प्राथमिकता मिलती है। यानी उसके हिसाब से भर्ती प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं है, बल्कि कुछ खास समूहों के पक्ष में झुकी हुई है। प्रवासियों के लिए काम करने वाले संगठन पर नाराजगी जताई उन्होंने चिट्ठी में लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए काम करने वाली अमेरिकन सिविल लिबर्टी यूनियन पर भी निशाना साधा गया। कहा कि यह संगठन अवैध प्रवासियों को फायदा पहुंचाने वाली नीतियों का समर्थन करता है। ट्रम्प ने कहा कि इस संगठन पर संगठित अपराध जैसे कड़े कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए। ट्रम्प ने यह भी आरोप लगाया कि प्रवासी स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सरकारी सुविधाओं का ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, जिसका खर्च करदाताओं पर पड़ता है। उन्होंने कैलिफोर्निया जैसे राज्यों में कथित वेलफेयर धोखाधड़ी और प्रवास से सांस्कृतिक व भाषाई पहचान पर असर पड़ने की बात भी कही गई। उन्होंने कहा कि अब अस्पतालों में प्रवासी ज्यादा इलाज कराते हैं और सिस्टम का गलत फायदा उठा रहे हैं। ट्रम्प ने आरोप लगाया कि छोटी बीमारी पर भी बहुत बड़ा खर्च दिखाया जाता है। 157 साल पहले मिला जन्मजात नागरिकता का अधिकार दुनिया में दो तरह से बच्चों को नागरिकता मिलती है। पहला- राइट ऑफ सॉइल यानी कि बच्चे का जहां जन्म हुआ हो, वह अपने आप वहां का नागरिक बन जाता है। दूसरा राइट ऑफ ब्लड यानी कि बच्चे के मां-बाप जहां के नागरिक हों, बच्चे वहीं के नागरिक माने जाएंगे। अमेरिका में जन्म के आधार पर नागरिकता (राइट ऑफ सॉइल) मिलती है। 1865 में गृहयुद्ध खत्म होने के बाद, जुलाई 1868 में संसद में 14वें संशोधन को मंजूरी दी गई थी। इसमें कहा गया था कि देश में पैदा हुए सभी अमेरिकी नागरिक हैं। इस संशोधन का मकसद गुलामी के शिकार अश्वेत लोगों को अमेरिकी नागरिकता देना था। हालांकि, इस संशोधन की व्याख्या इस प्रकार की गई है कि इसमें अमेरिका में जन्में सभी बच्चों को शामिल किया जाएगा, चाहे उनके माता-पिता का इमिग्रेशन स्टेट्स कुछ भी हो। इस कानून का फायदा उठाकर गरीब और युद्धग्रस्त देशों से आए लोग अमेरिका आकर बच्चों को जन्म देते हैं। ये लोग पढ़ाई, रिसर्च, नौकरी के आधार पर अमेरिका में रुकते हैं। बच्चे का जन्म होते ही उन्हें अमेरिकी नागरिकता मिल जाती है। नागरिकता के बहाने माता-पिता को अमेरिका में रहने की कानूनी वजह भी मिल जाती है। अमेरिका में यह ट्रेंड काफी लंबे समय से जोरों पर है। आलोचक इसे बर्थ टूरिज्म कहते हैं। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है। कोर्ट में बर्थडे सिटीजनशिप पर सुनवाई जारी ट्रम्प ने 20 जनवरी 2025 को आदेश जारी कर जन्म के आधार पर मिलने वाली नागरिकता (बर्थराइट सिटिजनशिप) पर रोक लगाने की कोशिश की थी। इसके कुछ ही दिन बाद फेडरल कोर्ट ने इस पर अस्थायी रोक (पहले 14 दिन) लगा दी। इसके बाद अदालतों में इस आदेश को चुनौती दी गई और कई जगहों पर कोर्ट ने इसे लागू होने से रोका हुआ है। मामला अभी भी कानूनी लड़ाई में है और अलग-अलग अदालतों में सुनवाई चल रही है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.