Monday, 03 Aug 2026 | 03:49 PM

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मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कुवैत से भारत लौटीं उर्वशी:फ्लाइट में बैठते ही घबराईं, आंखों में आए आंसू; सुरक्षित भारत पहुंचकर फैंस को दिया अपडेट

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कुवैत से भारत लौटीं उर्वशी:फ्लाइट में बैठते ही घबराईं, आंखों में आए आंसू; सुरक्षित भारत पहुंचकर फैंस को दिया अपडेट

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला कुवैत से भारत लौट आई हैं। हालात बिगड़ने के बाद उन्होंने जल्दबाजी में कुवैत छोड़ दिया। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर बताया कि उस दौरान वह काफी डर गई थीं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। दरअसल, हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कई जगहों पर मिसाइल हमलों और सुरक्षा अलर्ट की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच उर्वशी रौतेला भी अपने एक प्रोफेशनल काम के सिलसिले में कुवैत गई हुई थीं, लेकिन हालात अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत वहां से निकलना पड़ा। एक्ट्रेस ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में बताया कि जब तक वह फ्लाइट में बैठीं, तब तक सब ठीक था, लेकिन सीट पर बैठने के बाद अचानक उन्हें घबराहट महसूस होने लगी। उन्होंने लिखा कि उनका दिल बहुत तेज धड़कने लगा और अचानक डर की भावना ने घेर लिया। उर्वशी ने कहा कि उस समय वह खुद को असुरक्षित और चिंतित महसूस कर रही थीं, इसलिए उन्होंने अपने फैंस से दुआ करने की अपील भी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुवैत एयरपोर्ट पर उस समय माहौल भी काफी तनावपूर्ण था। कई विदेशी नागरिक जल्दी-जल्दी देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई थी और यात्रियों में घबराहट साफ नजर आ रही थी। इसी दौरान उर्वशी भी एयरपोर्ट पर भावुक हो गईं और फ्लाइट में बैठने से पहले उनकी आंखों में आंसू आ गए। हालांकि राहत की बात यह है कि उर्वशी अब सुरक्षित भारत लौट चुकी हैं। भारत पहुंचने के बाद उन्होंने अपने फैंस को बताया कि वह ठीक हैं। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और एयरपोर्ट स्टाफ का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल हालात में यात्रियों की मदद की। भारत लौटने के बाद उर्वशी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वह अपने फैंस को अपडेट देती नजर आईं। इस वीडियो के जरिए उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि अब वह सुरक्षित हैं।

Team India T20 World Cup Win Welcome Celebration Photos; Suryakumar Yadav Olympic Target

Team India T20 World Cup Win Welcome Celebration Photos; Suryakumar Yadav Olympic Target

स्पोर्ट्स डेस्क10 मिनट पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय प्लेयर्स अपने-अपने घर पहुंच रहे हैं। जहां सभी का जोरदार स्वागत किया जा रहा है। मुंबई में कप्तान सूर्यकुमार यादव, पटना में ईशान किशन और दिल्ली में हेड कोच गौतम गंभीर का ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत हुआ। मुंबई में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा- ‘हमारा अगला गोल है – 2028 में भारत के लिए ओलिंपिक गोल्ड जीतना। उसी साल T20 वर्ल्ड कप भी होगा, इसलिए हम T20 हैट्रिक बनाने की पूरी कोशिश करेंगे।’ इस स्टोरी में क्रिकेटर्स के स्वागत के फोटो देखिए… घर पहुंचने पर मां ने सूर्यकुमार यादव का मुंह मीठा कराया। आरती भी उतारी। पटना एयरपोर्ट से बाहर निकलते ईशान किशन। संजू सैमसन अपने शहर तिरुवनंतपुरम पहुंचे। रिंकू सिंह अपनी मंगेतर प्रिया सरोज के साथ घर लौटे। हेड कोच गौतम गंभीर इंडिया को ट्रॉफी जिताने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। घर में भतीजे के साथ क्रिकेट खेलते ईशान। भारत ने दो दिन पहले जीता था वर्ल्डकप 2 दिन पहले भारत ने रविवार को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम किया था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया और ट्रॉफी जीती थी। इसके साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब बरकरार रखा और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई। भारतीय टीम ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया था। ———————————————————- टी-20 वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… BCCI टीम इंडिया को ₹131 करोड़ देगा, यह पैसा खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ मे बंटेगा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। यह पैसा खिलाड़ियो और सपोर्ट स्टाफ में बंटेगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win

BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win

Hindi News Sports Cricket BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win | Sanju Samson Suryakumar Yadav Jasprit Bumrah स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय टीम ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। भारत ने रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को हराया और ट्रॉफी जीत ली। इसके साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब बरकरार रखा और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई। BCCI ने खिलाड़ियों, स्टाफ और सिलेक्टर्स को बधाई दी BCCI ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और सिलेक्टर्स को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है। बोर्ड ने उम्मीद जताई कि टीम भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करती रहेगी। भारत 3 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहला देश भारतीय टीम 2024 के बाद 2026 में भी चैंपियन बनी और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई। इसके साथ ही इंडिया तीन टी-20 वर्ल्ड कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती। इससे पहले टीम ने 2007 में साउथ अफ्रीका और 2024 में वेस्टइंडीज में खिताब जीता था। अब भारत के नाम तीन टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हो गई हैं, जबकि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दो-दो बार ही यह खिताब जीत सके हैं। सूर्या का 500 साल पुरानी बावड़ी में फोटोशूट टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों के जश्न के अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। कप्तान सूर्यकुमार यादव गुजरात के गांधीनगर स्थित 500 साल पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी अडालज नी वाव में ट्रॉफी के साथ फोटोशूट करते नजर आए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win

BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win

Hindi News Sports Cricket BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win | Sanju Samson Suryakumar Yadav Jasprit Bumrah स्पोर्ट्स डेस्क8 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय टीम ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। भारत ने रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को हराया और ट्रॉफी जीत ली। इसके साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब बरकरार रखा और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई। BCCI ने खिलाड़ियों, स्टाफ और सिलेक्टर्स को बधाई दी BCCI ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और सिलेक्टर्स को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है। बोर्ड ने उम्मीद जताई कि टीम भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करती रहेगी। भारत 3 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहला देश भारतीय टीम 2024 के बाद 2026 में भी चैंपियन बनी और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई। इसके साथ ही इंडिया तीन टी-20 वर्ल्ड कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती। इससे पहले टीम ने 2007 में साउथ अफ्रीका और 2024 में वेस्टइंडीज में खिताब जीता था। अब भारत के नाम तीन टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हो गई हैं, जबकि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दो-दो बार ही यह खिताब जीत सके हैं। सूर्या का 500 साल पुरानी बावड़ी में फोटोशूट टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों के जश्न के अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। कप्तान सूर्यकुमार यादव गुजरात के गांधीनगर स्थित 500 साल पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी अडालज नी वाव में ट्रॉफी के साथ फोटोशूट करते नजर आए। ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में संजू-बुमराह समेत 4 भारतीय:साउथ अफ्रीका के मार्करम कप्तान, पाकिस्तान के फरहान और वेस्टइंडीज के होल्डर भी शामिल ICC ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान किया है। चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ी इस टीम में शामिल किए गए हैं। इनमें संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह का नाम है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India T20 World Cup Win

India T20 World Cup Win

1 घंटे पहले कॉपी लिंक संजू और अभिषेक ने टी-20 वर्ल्ड के आखिरी तीन मैचों में ओपनिंग की। रविवार को भारतीय टीम घर पर टी20 वर्ल्ड कप का खिताब जीतने वाली दुनिया की पहली टीम बन गई। टूर्नामेंट शुरू होने के पहले दिन से ही टीम इंडिया खिताब की सबसे प्रबल दावेदार थी, लेकिन ट्रॉफी के आंकड़े अलग कहानी कहते थे। किसी टीम ने टी20 वर्ल्ड कप के लगातार दो संस्करण नहीं जीते थे और न ही कोई टीम घर पर यह ट्रॉफी जीत पाई थी। लेकिन भारत ने अपने खेल से इन सभी धारणाओं को गलत साबित कर दिया। भारत ने अहमदाबाद के उस डर को भी पीछे छोड़ दिया, जो फाइनल से पहले हर फैन को सता रहा था। 2023 में टीम इंडिया इसी मैदान पर वनडे वर्ल्ड कप का फाइनल हारी थी। तब टीम की छवि ऐसी बन गई थी कि वह सेमीफाइनल और फाइनल तक तो दावेदार के अंदाज में खेलती है, लेकिन आखिरी पड़ाव पर हार जाती है। 2024 में टी20 वर्ल्ड कप फाइनल और 2025 में चैम्पियंस ट्रॉफी का खिताब जीतकर टीम ने उस छवि को काफी हद तक पीछे छोड़ दिया था। फिर भी सवाल था कि क्या इस बार भी टीम बिना दबाव के उसी तरह खेल पाएगी? क्या एक लाख दर्शकों की उम्मीदों का बोझ फिर से हावी हो जाएगा? लेकिन ऐसा नहीं हुआ। टीम ने जिस एकतरफा अंदाज में 96 रन से फाइनल जीता, उसमें डर नहीं, दबदबा दिखा। लगातार दो बार स्कोरबोर्ड पर 250+ का स्कोर लगाना इस बात का सबूत था कि टीम अब डरकर नहीं खेल रही थी, बल्कि उसके पास एक परफेक्ट गेमप्लान था, जो किसी भी दबाव से बड़ा साबित हुआ। शायद उसी गेमप्लान के दम पर टीम इंडिया आईसीसी इवेंट्स के पिछले 34 मैचों में सिर्फ दो ही हारी है। मौजूदा टूर्नामेंट के टॉप-5 स्कोर में से तीन भारत ने बनाए हैं। जानिए, टी20 वर्ल्ड कप में कौन सी वे बातें थीं, जिन्होंने भारत को चैम्पियन बनाया… गेंदबाजी: बुमराह ने एक बार फिर संभाला मोर्चा गेंदबाजी के लिहाज से यह भारत का सर्वश्रेष्ठ टूर्नामेंट नहीं रहा। सपाट पिचों पर भारत ने 21.88 के चौथे सर्वश्रेष्ट औसत और 8.48 की 9वीं सर्वश्रेष्ठ इकॉनोमी रेट से गेंदबाजी की। भारत को खासकर छठे गेंदबाज की कमी खली, क्योंकि इंग्लैंड के खिलाफ टीम 253 रन बचाते हुए भी 7 रन से जीत पाई थी। हालांकि, स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने एक बार फिर मोर्चा संभाला और 8 मैच में 14 विकेट लेकर सबसे सफल रहे। हाई स्कोरिंग मुकाबले खेलने के बावजूद उन्होंने सिर्फ 6.21 रन प्रति ओवर खर्च किए, जो टूर्नामेंट में 20+ ओवर फेंककर सबसे किफायती गेंदबाजी रही। इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में बुमराह ने ही लगातार दो कसे ओवर फेंककर भारत को जिताया था। संजू के आते ही स्ट्राइक रेट में 20% का इजाफासंजू सैमसन के टॉप ऑर्डर में आते ही भारत के टॉप-3 बल्लेबाजों ने अगले चार मैच में 566 रन ठोक दिए। संजू से पहले भारत का शुरुआती 10 ओवर में स्पिन के खिलाफ रन रेट सबसे खराब 6.95 का था। जब संजू आए तो स्पिन के खिलाफ औसत 36.75 हो गया, जो टूर्नामेंट में बेस्ट था। रन रेट उछलकर 8.64 हो गया। इसकी वजह थी कि जो ऑफ स्पिन अभिषेक को फंसा रही थी, संजू उसे टैकल कर दे रहे थे। एक अन्य फायदा यह हुआ कि इशान नंबर-3 पर चले गए। स्पिन के खिलाफ संघर्ष कर रहे तिलक को नंबर-5 पर तेज गेंदबाजों को हिट करने का रोल मिल गया। तिलक ने डेथ ओवर्स में 248 के स्ट्राइक रेट से 25 गेंद में 62 रन जड़े। यानी, सिर्फ संजू के आने से बैटिंग का हुलिया बदल गया। फाइनल में अभिषेक ने ऑफ स्पिनर फिलिप्स का ओवर खेलने की जिम्मेदारी संजू को दी और 18 गेंद में फिफ्टी जड़ गए। संजू सैमसन 2.0: इंपैक्ट में कोहली को पीछे छोड़ा; 175+ के स्ट्राइक रेट से सबसे तेज वर्ल्ड कप 2023 में पहली 23 पारियों में केवल एक फिफ्टी जड़ने वाले संजू ने 2024 के अंत में 5 हफ्ते के भीतर 3 टी20 शतक ठोके थे। हालांकि, जनवरी 2026 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 10, 6, 0, 24, 6 रन बनाकर ड्रॉप हुए, वर्ल्ड कप में वापसी ऐतिहासिक रही। तीन नॉकआउट मैचों में सैमसन ने 199 की स्ट्राइक रेट से 275 रन बनाए। वे 5 पारियों में 321 रन बनाकर ओवरऑल रन-स्कोरर लिस्ट में तीसरे नंबर पर रहे। सेमीफाइनल-फाइनल को मिलाकर 178 रन बनाए, जो कोहली (2014) के ऐतिहासिक रिकॉर्ड से भी 23% ज्यादा है। टी-20 वर्ल्ड कप इतिहास में किसी भी बैटर ने 175+ की स्ट्राइक रेट से सैमसन से ज्यादा रन नहीं बनाए हैं। टूर्नामेंट में भारत के दूसरे टॉप स्कोरर इशान किशन (317) हैं, जिन्होंने 9 मैच खेले हैं। टीम बैलेंस:संजू के आने से तैयार हो गया परफेक्ट टॉप-3, अभिषेक को स्पेस मिला, तिलक का रोल बदला टी-20 गेम में टीम का टॉप-3 कैसी बल्लेबाजी करता है, इससे मैच का नतीजा तय हो सकता है। फाइनल में भारत के टॉप-3; संजू, अभिषेक और इशान की तिकड़ी ने 92 गेंदों में 195 रन जोड़े। यह टूर्नामेंट इतिहास के किसी भी मैच में टॉप-3 का सबसे बड़ा योगदान था। लेकिन भारत का टॉप-ऑर्डर टूर्नामेंट के शुरू में इतना परफेक्ट नहीं था। शुरुआती 5 मैचों में भारत के टॉप-3 ने 320 रन बनाए थे, जिसमें औसत सिर्फ 21.33 था। उस समय अभिषेक और इशान ओपनिंग कर रहे थे, जबकि तिलक नंबर-3 पर उतर रहे थे। तीनों लेफ्ट हैंडर्स बैटर थे, जिन्हें विपक्षी ऑफ स्पिन से बांध दे रहे थे। अफ्रीका के खिलाफ सुपर-8 के पहले मैच में हार के बाद मैनेजमेंट बदलाव करने को मजबूर हो गया। बेंच से सैमसन की प्लेइंग इलेवन में एंट्री हुई और स्थिति बदल गई। संजू सैमसन के आते ही अगले चार मैचों में औसत दोगुना से ज्यादा बढ़कर 51.45 हो गया। ___________________ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में संजू-बुमराह समेत 4 भारतीय:साउथ अफ्रीका के मार्करम कप्तान, पाकिस्तान के फरहान और वेस्टइंडीज के होल्डर भी शामिल ICC ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान किया है। चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ी इस टीम

Indonesia BrahMos Missile Deal | India & Russia Talks $200M-$350M

Indonesia BrahMos Missile Deal | India & Russia Talks $200M-$350M

नई दिल्ली19 घंटे पहले कॉपी लिंक इंडोनेशिया ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने के लिए भारत के साथ एक एग्रीमेंट किया है। इंडोनेशिया डिफेंस मिनिस्ट्री के स्पोक्सपर्सन रिको रिकार्डो सिरैत ने सोमवार को न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को ये जानकारी दी। भारत और रूस की को-ओनरशिप वाली कंपनी ब्रह्मोस ने रॉयटर्स को बताया कि वह जकार्ता के साथ $200 मिलियन से $350 मिलियन की डील पर एडवांस्ड बातचीत कर रही है। रिको ने कहा कि यह एग्रीमेंट मिलिट्री हार्डवेयर और डिफेंस कैपेबिलिटीज़ के मॉडर्नाइजेशन का हिस्सा है। इससे पहले फिलीपींस ने भी ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम खरीदा था। 19 अप्रैल 2024: भारत ने फिलीपींस को भेजी थी ब्रह्मोस मिसालइ की पहली खेप, 3130 करोड़ में डील भारत ने फिलीपींस को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की पहली खेप 19 अप्रैल 2024 को सौंपी थी। ब्रह्मोस पाने वाला फिलीपींस पहला बाहरी देश है। भारत ने जनवरी 2022 में फिलीपींस से ब्रह्मोस मिसाइल की बिक्री के लिए 375 मिलियन डॉलर (3130 करोड़ रुपए) की डील की थी। इंडियन एयरफोर्स ने C-17 ग्लोब मास्टर विमान के जरिए इन मिसाइलों को फिलीपींस मरीन कॉर्प्स को सौंपा। इन मिसाइलों की स्पीड 2.8 मैक और मारक क्षमता 290 किमी है। एक मैक ध्वनि की गति 332 मीटर प्रति सेकेंड होती है। फिलीपींस को उस समय मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी मिली है, जब उसके और चीन के बीच साउथ चाइना सी में तनाव बढ़ा हुआ है। फिलीपींस ब्रह्मोस के 3 मिसाइल सिस्टम को तटीय इलाकों (साउथ चाइना सी) में तैनात करेगा, ताकि चीन के खतरे से निपटा जा सके। ब्रह्मोस के हर एक सिस्टम में दो मिसाइल लॉन्चर, एक रडार और एक कमांड एंड कंट्रोल सेंटर होता है। इसके जरिए सबमरीन, शिप, एयक्राफ्ट से दो ब्रह्मोस मिसाइलें 10 सेकेंड के अंदर दुश्मन पर दागी जा सकती है। इसके अलावा भारत फिलीपींस को मिसाइल ऑपरेट करने की भी ट्रेनिंग देगा। ​​​​पूरी खबर पढ़ें… भारत ने मिसाइल की खेप C-17 ग्लोबमास्टर विमान के जरिए फिलीपींस को पहुंचाई। कैसे नाम पड़ा ब्रह्मोस? ब्रह्मोस को भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) और रूस के फेडरल स्टेट यूनिटरी इंटरप्राइज NPOM के बीच साझा समझौते के तहत विकसित किया गया है। ब्रह्मोस एक मध्यम श्रेणी की स्टील्थ रैमजेट सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है। इस मिसाइल को जहाज, पनडुब्बी, एयरक्राफ्ट या फिर धरती से लॉन्च किया जा सकता है। रक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, ब्रह्मोस का नाम भगवान ब्रह्मा के ताकतवर शस्त्र ब्रह्मास्त्र के नाम पर दिया गया। हालांकि कुछ रिपोर्ट्स में ये भी दावा किया गया है कि इस मिसाइल का नाम दो नदियों भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा नदी के नाम पर रखा गया है। ऐसा माना जाता है कि ये एंटी-शिप क्रूज मिसाइल के रूप में दुनिया में सबसे तेज है। ब्रह्मोस पर एक नजर ब्रह्मोस एक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल है, जिसे पनडुब्बी, शिप, एयरक्राफ्ट या जमीन कहीं से भी छोड़ा जा सकता है। ब्रह्मोस रूस की P-800 ओकिंस क्रूज मिसाइल टेक्नोलॉजी पर आधारित है। इस मिसाइल को भारतीय सेना के तीनों अंगों, आर्मी, नेवी और एयरफोर्स को सौंपा जा चुका है। ब्रह्मोस मिसाइल के कई वर्जन मौजूद हैं। ब्रह्मोस के लैंड-लॉन्च, शिप-लॉन्च, सबमरीन-लॉन्च एयर-लॉन्च वर्जन की टेस्टिंग हो चुकी है। जमीन या समुद्र से दागे जाने पर ब्रह्मोस 290 किलोमीटर की रेंज में मैक 2 स्पीड से (2500किमी/घंटे) की स्पीड से अपने टारगेट को नेस्तनाबूद कर सकती है। पनडुब्बी से ब्रह्मोस मिसाइल को पानी के अंदर से 40-50 मीटर की गहराई से छोड़ा जा सकता है। पनडुब्बी से ब्रह्मोस मिसाइल दागने की टेस्टिंग 2013 में हुई थी। ————- ये खबर भी पढ़ें… भारत बना रहा बेबी ब्रह्मोस, 20 गुना कम कीमत:भविष्य की जंग की तैयारी, सुरक्षा का नया फॉर्मूला रूस-यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों ने साफ कर दिया है कि भविष्य की जंग अब महीनों और सालों खिंचेगी। इस हकीकत को देख भारत भी तैयारी में जुट गया है। हाल ही में पिनाका रॉकेट सिस्टम के ‘हवाई संस्करण’ के परीक्षण को इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। दरअसल, ब्रह्मोस जैसी अचूक सटीकता और मारक क्षमता के कारण इसे ‘बेबी ब्रह्मोस’ भी कहा जा रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Aamir Khan Denies Lahore 1947 Title Change Rumors

Aamir Khan Denies Lahore 1947 Title Change Rumors

11 घंटे पहले कॉपी लिंक हाल ही में सोशल मीडिया और कई रिपोर्ट्स में यह दावा किया गया कि सनी देओल स्टारर फिल्म ‘लाहौर 1947’ का नाम बदलकर ‘बंटवारा 1947’ कर दिया गया है। लेकिन अब फिल्म के प्रोड्यूसर आमिर खान ने इन खबरों को पूरी तरह गलत बताते हुए साफ कर दिया है कि फिल्म का टाइटल नहीं बदला गया है। बॉलीवुड हंगमा की रिपोर्ट के मुताबिक आमिर खान ने एक बयान में कहा कि फिल्म के नाम को लेकर जो खबरें सामने आ रही हैं, वे सही नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनकी फिल्म का नाम ‘लाहौर 1947’ ही है और इसमें किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से इंटरनेट पर यह चर्चा तेज थी कि फिल्म का नाम बदलकर ‘बंटवारा 1947’ रखा जा सकता है। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि भारत-पाकिस्तान के मौजूदा राजनीतिक माहौल को देखते हुए लाहौर शब्द विवाद पैदा कर सकता है, इसलिए नाम बदलने पर विचार किया गया। हालांकि आमिर खान के बयान के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है। यह फिल्म मशहूर निर्देशक राजकुमार संतोषी के निर्देशन में बन रही है और इसमें मुख्य भूमिका में सनी देओल नजर आएंगे। खास बात यह है कि सनी देओल और राजकुमार संतोषी की जोड़ी इससे पहले घायल, दामिनी और घातक जैसी सफल फिल्में दे चुकी है। इस वजह से दर्शकों को इस फिल्म से काफी उम्मीदें हैं। फिल्म की कहानी भारत के विभाजन यानी 1947 के दौर की पृष्ठभूमि पर आधारित है। यह कहानी मशहूर लेखक असगर असगर वजाहत के चर्चित नाटक “जिस लाहौर नई देख्या ओ जम्या ही नहीं” से प्रेरित बताई जाती है। इसमें उस समय के सामाजिक और मानवीय दर्द को दिखाया जाएगा, जब विभाजन के कारण लाखों लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा था। फिल्म में सनी देओल के साथ प्रीति जिंटा, शबाना आजमी, अली फजल, करण देओल और अभिमन्यु सिंह भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का संगीत ए. आर. रहमान ने तैयार किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फिल्म 13 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने की योजना है। फिलहाल आमिर खान के बयान के बाद यह साफ हो गया है कि फिल्म अपने मूल नाम “लाहौर 1947” के साथ ही रिलीज होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Elnaaz Norouzi Protests Mojtaba Khamenei Iran Supreme Leader Selection

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19 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरानी मूल की सेक्रेड गेम्स फेम एक्ट्रेस एलनाज नोरौजी ने मुजतबा खामेनेई को ईरान के नए सुप्रीम लीडर बनाए जाने पर कड़ा विरोध जताया है। एलनाज का कहना है कि मोजतबा के हाथों में ईरान का भविष्य बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर मोजतबा को सुप्रीम लीडर किसने चुना है। इससे पहले एलनाज ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत का समर्थन किया था। अब एलनाज ने कहा है कि वहां की सरकार लोगों की नहीं सुनती। लोग अपनी मर्जी से वोट भी नहीं दे सकते। वहां विरोध करने वालों को जेल में डाल दिया जाता है या गोली मार दी जाती है। एलनाज ने यह भी कहा कि इंडिया उनका दूसरा घर है, जहां वह बहुत खुश और सुरक्षित महसूस करती हैं। वह यहीं रहकर अपना काम जारी रखना चाहती हैं। ईरान में मुजतबा खामेनेई नया सुप्रीम लीडर बनाया गया है। वे अयातुल्ला अली खामेनेई के बेटे हैं। 6 साल की उम्र में लगवाए जाते थे नारे ईरान में जन्मी एलनाज का परिवार उनके बचपन में ही जर्मनी चला गया था। उनके पास जर्मनी की नागरिकता है। अपने पुराने दिनों को याद करते हुए एलनाज ने बताया कि जब वह महज 6 साल की थीं, तब स्कूल में उनसे जबरन ‘अमेरिका और इजराइल की मौत’ के नारे लगवाए जाते थे। उनके मुताबिक, ईरान की सरकार अपनी विचारधारा लोगों पर थोपती है। वहां लोगों के पास कोई अधिकार नहीं हैं। 98% गिर गई है ईरानी करेंसी की वैल्यू एलनाज ने ईरान की आर्थिक स्थिति पर भी दुख जताया। उन्होंने बताया कि ईरान तेल और प्राकृतिक संसाधनों से बहुत अमीर देश है, लेकिन सरकार ने इसे बर्बाद कर दिया है। वहां की करेंसी की वैल्यू 98 परसेंट तक गिर चुकी है। एलनाज का जन्म ईरान में हुआ था। परिवार एलनाज के बचपन में ही जर्मनी चला गया था। एक आम आदमी महीने में बमुश्किल 100 डॉलर कमा पाता है, जबकि रहने का खर्च बहुत ज्यादा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार लोगों का पैसा अपनी जनता पर खर्च करने के बजाय हमास और हिज्बुल्लाह जैसे संगठनों को फंड करने में लगा रही है। आजाद ईरान में लौटने की ख्वाहिश एलनाज चाहती हैं कि ईरान में बाल विवाह बंद हो और औरतों को फुटबॉल मैच देखने व जज बनने जैसे अधिकार मिलें। उन्होंने कहा कि जिस दिन ईरान आजाद होगा, वह अपने देश और परिवार के पास लौटेंगी। एलनाज नोरौजी भारत में भी कई प्रोजेक्ट्स में नजर आ चुकी हैं और वेब सीरीज ‘सेक्रेड गेम्स’ से उन्हें खास पहचान मिली थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Suryakumar Yadav T20 Trophy Photoshoot; Team India Adalaj Ni Vav Visit

Suryakumar Yadav T20 Trophy Photoshoot; Team India Adalaj Ni Vav Visit

स्पोर्ट्स डेस्क33 मिनट पहले कॉपी लिंक कप्तान सूर्या ट्रॉफी के साथ अडालज नी वाव पहुंचे। टी-20 वर्ल्ड कप जीत के बाद भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ट्रॉफी के साथ फोटोशूट के लिए सोमवार को गुजरात के गांधीनगर में स्थित ऐतिहासिक स्थल अडालज नी वाव पहुंचे। टीम इंडिया लगातार दूसरी और ओवरऑल तीसरी बार टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बन गई है। टीम ने रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया। वहीं, टीम के कुछ प्लेयर्स को अहमदाबाद एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया है। इसमें संजू सैमसन, मोहम्मद सिराज और तिलक वर्मा शामिल हैं। संजू ने फाइनल जीतने के बाद ट्रॉफी चूमकर फोटो शेयर की। सूर्या की अडालज नी वाव में 3 तस्वीरें देखें… कप्तान सूर्यकुमार यादव गुजरात के ऐतिहासिक स्थल अडालज नी वाव पहुंचे। कप्तान सूर्यकुमार यादव अडालज नी वाव के अंदर जाते हुए। टीम इंडिया की इस जीत का पूरे देश में जश्न मनाया गया। बतौर कप्तान सूर्या ने पहली ICC ट्रॉफी जीती। अब पढ़िए किस प्लेयर ने क्या पोस्ट किया भारतीयों का सपना- सूर्या कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इंस्टाग्राम पर ट्रॉफी के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा कि यह सिर्फ एक ट्रॉफी नहीं, बल्कि एक अरब भारतीयों का सपना है। उन्होंने टीम पर गर्व जताया और समर्थन देने वाले सभी लोगों को धन्यवाद कहा। वर्ल्ड चैंपियन बनना बचपन का सपना था- तिलक तिलक वर्मा ने भी पोस्ट कर अपनी खुशी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि वर्ल्ड चैंपियन बनना उनके बचपन का सपना था और इस टीम का हिस्सा बनकर देश का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व की बात है। संजू ने ट्रॉफी को चूमते हुए फोटो शेयर की टी-20 वर्ल्ड कप के प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट संजू सैमसन ने ट्रॉफी को चूमते हुए तस्वीर पोस्ट की और लिखा कि उन्होंने हमेशा चमत्कारों पर भरोसा किया है। कप्तान सूर्या चैंपियन बनने के बाद हनुमान मंदिर पहुंचे रविवार को फाइनल मैच के बाद सूर्यकुमार यादव देर रात वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे और पूजा की। इस दौरान ICC चेयरमैन जय शाह और टीम के हेड कोच गौतम गंभीर भी उनके साथ थे। कप्तान सूर्यकुमार यादव वर्ल्ड कप ट्रॉफी लेकर अहमदाबाद के हनुमान मंदिर पहुंचे। सैमसन को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया भारत के विकेटकीपर बैटर संजू सैमसन भारत के लिए ट्रंप कार्ड साबित हुए। उन्होंने टीम के लिए लगातार 3 मैचों में फिफ्टी लगाई। सैमसन ने बैटिंग के लिए चैलेंजिंग पिच पर नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर भारत को फाइटिंग टोटल तक पहुंचाया। इतना ही नहीं, सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 89-89 रनों की पारी खेली। वे इस टूर्नामेंट में भारत के टॉप स्कोरर रहे। उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। 15वां शताब्दी में बना था अडालज नी वाव अडालज नी वाव गुजरात के गांधीनगर के पास स्थित एक ऐतिहासिक बावड़ी है, जिसे 15वीं शताब्दी में बनवाया गया था। यह पांच मंजिला गहरी संरचना अपनी बारीक नक्काशी, स्तंभों और इंडो-इस्लामिक वास्तुकला के शानदार मिश्रण के लिए प्रसिद्ध है। उस समय इसे यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए पानी का मुख्य स्रोत और विश्राम स्थल के रूप में बनाया गया था। आज यह गुजरात के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है और अपनी खूबसूरत वास्तुकला और ऐतिहासिक महत्व के कारण देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटकों को आकर्षित करता है। ——————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… भारत टी-20 में तीसरी बार वर्ल्ड चैंपियन, न्यूजीलैंड को हराया टी-20 वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा का एक विज्ञापन आया। इसमें रोहित कहते नजर आए- ‘टीम इंडिया हिस्ट्री रिपीट भी करेगी और टीम इंडिया हिस्ट्री डिफीट भी करेगी।’ सूर्यकुमार यादव की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर हिस्ट्री रिपीट भी की और हिस्ट्री डिफीट भी की। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Kuno Cheetah Cub Births | India Cheetah Population Now 53

Kuno Cheetah Cub Births | India Cheetah Population Now 53

वन विभाग की एक्सपर्ट टीम ज्वाला और उसके शावकों की निगरानी कर रही है। मध्य प्रदेश में श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क से खुशखबरी आई है। नामीबियाई मादा चीता ‘ज्वाला’ ने 9 मार्च को 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ ही अब भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 53 हो गई है। . सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस जानकारी को साझा करते हुए इसे ‘प्रोजेक्ट चीता’ और वन्यजीव संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। उन्होंने लिखा- कूनो में आने के बाद ज्वाला ने यहां के वातावरण को पूरी तरह अपना लिया है और वह पार्क की सबसे सफल मादा चीताओं में शुमार हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने X पर यह पोस्ट की। तीसरी बार मां बनी नामीबियाई ज्वाला ज्वाला (पूर्व नाम सियाया) उन आठ चीतों में शामिल थी, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सितंबर 2022 में कूनो में छोड़ा था। यह ज्वाला का तीसरा प्रसव है। इससे पहले उसने मार्च 2023 में पहली बार 4 शावकों को जन्म दिया था, जिनमें से केवल एक- मुखी ही जीवित बचा था। जनवरी 2024 में 3 शावकों को जन्म देने के बाद अब 9 मार्च 2026 को तीसरी बार 5 शावकों को जन्म दिया है। वन विभाग कर रहा कड़ी निगरानी वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि ज्वाला और उसके पांचों नवजात शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं। विशेषज्ञों की टीम सीसीटीवी और मैदानी निगरानी के जरिए शावकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर नजर रख रही है। वन अधिकारियों के मुताबिक, ज्वाला और उसके पांचों शावक स्वस्थ हैं। कूनो में चीतों का अर्धशतक केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा- प्रोजेक्ट चीता के लिए गर्व का क्षण है कि नामीबियाई चीता और तीसरी बार मां बनी ज्वाला ने आज कूनो राष्ट्रीय उद्यान में पांच शावकों को जन्म दिया है। इसके साथ भारत में जन्मे स्वस्थ शावकों की संख्या बढ़कर 33 हो गई है, जो भारतीय धरती पर चीता के 10वें सफल शावक समूह (लिटर) का महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह भारत की चीता संरक्षण यात्रा में एक और अहम उपलब्धि है। यह सफलता उन पशु चिकित्सकों, फील्ड स्टाफ और सभी संबंधित लोगों के समर्पण, कौशल और निरंतर मेहनत का परिणाम है, जो इस अभियान को धरातल पर सफल बनाने में जुटे हैं। इन नए शावकों के आगमन के साथ भारत में कुल चीतों की संख्या अब 53 हो गई है। वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में यह एक ऐतिहासिक और हृदयस्पर्शी क्षण है। कामना है कि ज्वाला और उसके शावक स्वस्थ रहें और भारत की चीता कहानी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं। ये खबर भी पढ़ें… कूनो में बढ़ा चीतों का परिवार…गामिनी दूसरी बार बनी मां कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई चीता गामिनी ने 18 फरवरी को तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह ‘प्रोजेक्ट चीता’ के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। पढे़ं पूरी खबर…