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Vaibhav Suryavanshi Wins Big at IPL 2026

Vaibhav Suryavanshi Wins Big at IPL 2026

पटना21 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 से वैभव सूर्यवंशी की टीम राजस्थान रॉयल्स भले ही फाइनल से बाहर हो गई थी। इसके बावजूद वैभव ने रिकॉर्ड बना दिया है। IPL फाइनल में 15 साल के वैभव ने 5 अवॉर्ड अपने नाम किए हैं। वैभव को सबसे ज्यादा रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप के साथ इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन, मोस्ट वैलुएबल प्लेयर, सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन और मोस्ट सिक्सेज का भी खिताब मिला है। इन पुरस्कारों के जरिए उन्होंने कुल 45 लाख रुपए की इनामी राशि हासिल की, जबकि सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन बनने पर उन्हें टाटा सियेरा कार भी पुरस्कार में मिली। ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने वैभव वैभव को ऑरेंज कैप मिला है। वह ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने महज 15 साल और 65 दिन की उम्र में यह उपलब्धि अपने नाम की है। 16 मैचों में उन्होंने 776 रन बनाए हैं, जो इस सीजन किसी भी बल्लेबाज के सबसे ज्यादा रन हैं। इस बीच उन्होंने एक शतक और 5 अर्धशतक भी अपने नाम किए हैं। वैभव ने साई सुदर्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। साई सुदर्शन आईपीएल 2025 में ऑरेंज कैप जीतने वाले सबसे युवा खिलाड़ी बने थे। उन्होंने ये उपलब्धि 23 साल 237 दिन की उम्र में हासिल की थी। सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए। वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे। इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है। अवॉर्ड पाने के बाद वैभव ने क्या कहा था ? अवार्ड मिलने के बाद वैभव ने मजाकिया अंदाज में कहा कि इंटरव्यू देना उनके लिए बल्लेबाजी से ज्यादा मुश्किल काम है। वैभव ने कहा, ‘अच्छा लग रहा है, लेकिन इंटरव्यू देने के कारण थोड़ा दबाव महसूस हो रहा है। मैं आजकल दूध भी नहीं पी रहा हूं। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में लगातार सफलता हासिल करने के लिए हर मैच में एक जैसी बल्लेबाजी नहीं की जा सकती और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालना पड़ता है। हर मैच को एक ही मोड से नहीं खेला जा सकता। आपको हर मुकाबले के हिसाब से अपनी योजना बनानी पड़ती है। आने वाले समय में फिटनेस उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। बॉलीवुड की भी वैभव पर नजर वैभव के शानदार प्रदर्शन के कारण अब बॉलीवुड की भी नजर उनपर पड़ी है। पद्म भूषण से सम्मानित डायरेक्टर शेखर कपूर ने वैभव को अपने फिल्म में कास्ट करने की इच्छा जताई है। शेखर कपूर इन दिनों अपनी आइकॉनिक फिल्म ‘मासूम’ के नए सीक्वल की तैयारियों में बिजी हैं। इस बीच उन्होंने सोशल मीडिया पर वैभव की तारीफ करते हुए एक बयान दिया है। उन्होंने X पर लिखा कि अगर सूर्यवंशी इतने शानदार क्रिकेटर न होते, तो मैं उन्हें ‘मासूम’ फिल्म में कास्ट कर सकता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

RCB IPL Champions Again! Rajat Patidar Captaincy, Kohlis 600 Runs, Bumrahs 26 Wickets

बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर:टीम में 8 मैच विनर; कोहली ने 675 रन बनाए, भुवनेश्वर ने 28 विकेट लिए

स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक 18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी ‘अंडरअचीवर’ कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। उसने रविवार को खेले गए फाइनल में गुजरात को 5 विकेट से हराकर IPL 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। कप्तान रजत पाटीदार लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने वाले सिर्फ तीसरे कप्तान बने। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी (2009, 2010) और रोहित शर्मा (2019, 2020) ही ऐसा कर पाए थे। RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजह यह रही कि टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही। बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने रन बनाए। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम और जोश हेजलवुड ने जिम्मेदारी संभाली। टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। लगातार दूसरा IPL खिताब जीतने वाली RCB टीम। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स… 1. टॉप ऑर्डर ने मिलकर दबाव नहीं बनने दिया बेंगलुरु की बल्लेबाजी इस सीजन उसकी सबसे बड़ी ताकत रही। ओपनर विराट कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की पारी खेलकर टीम को चैंपियन बनाया। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 165.84 का रहा और एक शतक के साथ 5 अर्धशतक भी लगाए। कप्तान रजत पाटीदार ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 15 मैचों में 501 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 192.69 का रहा। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 464 रन बनाकर टॉप ऑर्डर को और मजबूत किया। इन तीनों बल्लेबाजों ने मिलकर 1640 रन बनाए। वहीं वेंकटेश अय्यर 6 इनिंग में 209 रन बनाए। फाइनल में उन्होंने 16 बॉल पर 32 रन की पारी खेली। यही कारण रहा कि RCB को पूरे सीजन में मिडिल ऑर्डर में ज्यादा दबाव नहीं झेलना पड़ा। 2. भुवनेश्वर-हेजलवुड ने संभाली गेंदबाजी RCB की बॉलिंग यूनिट इस सीजन बेहद संतुलित नजर आई। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट लेकर टीम को लीड किया। रसिख सलाम ने 12 मैचों में 19 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। वहीं जोश हेजलवुड ने सिर्फ 13 मैच खेलकर 15 विकेट लिए। जैकब डफी ने भी 6 मैचों में 9 विकेट निकालकर योगदान दिया। स्पिन डिपार्टमेंट में क्रुणाल पंड्या ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 226 रन बनाने के साथ 14 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने के कारण वे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर साबित हुए। जब तेज गेंदबाज विकेट नहीं निकाल पाते थे, तब क्रुणाल और सुयश शर्मा (9 विकेट) जैसे स्पिनर बीच के ओवरों में रन रोककर मैच का रुख बदल देते थे। यही बैलेंस RCB की गेंदबाजी को बाकी टीमों से अलग बनाता रहा। 3. अलग-अलग 8 मैच विनर किसी भी चैंपियन टीम की पहचान उसके मैच विनर्स होते हैं और RCB के पास उनकी कोई कमी नहीं थी। इस सीजन टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 3 बार यह अवॉर्ड जीता। जोश हेजलवुड 2 बार और टिम डेविड, जैकब डफी, वेंकटेश अय्यर, भुवनेश्वर कुमार, रजत पाटीदार और फिल सॉल्ट भी एक-एक बार प्लेयर ऑफ द मैच बने। यानी टीम की जीत सिर्फ कोहली या पाटीदार पर निर्भर नहीं रही। अलग-अलग मुकाबलों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को जीत दिलाई। यही कारण रहा कि जब किसी एक खिलाड़ी का दिन खराब रहा, तब दूसरा खिलाड़ी टीम को जीत की मंजिल तक ले गया। 4. होमग्राउंड में 86% मैच जीते RCB ने इस सीजन अपने घरेलू मैदान को किला बना दिया। टीम ने होम ग्राउंड पर खेले 7 में से 6 मुकाबले जीते और जीत प्रतिशत 86 रहा। पिछले सीजन टीम को घर पर हुए 6 मैचों में 3 में हार मिली थी। 2 में जीत मिली वहीं एक मैच बेनतीजा रहा। बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के अलावा रायपुर को भी अपने घरेलू मैदान के तौर पर इस्तेमाल किया और दोनों जगह शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि टीम पूरे सीजन कभी लगातार दो से ज्यादा मैच नहीं हारी। बेंगलुरु ने अपने घर में सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस जैसी मजबूत टीमों को हराया। घरेलू मैदान पर उसे सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार मिली। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के साथ-साथ रजत पाटीदार की कप्तानी भी शानदार रही। उन्होंने परिस्थितियों और बल्लेबाजों की कमजोरी के हिसाब से गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। यही वजह रही कि टीम लीग स्टेज में लगातार जीत दर्ज करती रही और प्लेऑफ में मजबूत स्थिति के साथ पहुंची। 5. कोहली के लगातार चौथे सीजन 600+ रन विराट कोहली का शानदार फॉर्म RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रहा। उन्होंने लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाए। इससे भी खास बात यह रही कि पूरे सीजन टीम का ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदलता रहा, लेकिन कोहली के प्रदर्शन में कोई गिरावट नहीं आई। RCB के ओपनर फिल सॉल्ट चोट के कारण सिर्फ 6 मैच ही खेल सके। इसके बाद टीम ने जैकब बेथेल को मौका दिया, लेकिन वे 7 मैचों में सिर्फ 96 रन ही बना पाए। लीग स्टेज के आखिरी मुकाबलों और प्लेऑफ में वेंकटेश अय्यर ने कोहली के साथ पारी की शुरुआत की। लगातार बदलते ओपनिंग पार्टनर्स के बावजूद कोहली ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने सीजन में टीम के लिए सबसे ज्यादा 675 रन बनाए। बड़े मैचों में उन्होंने पारी को संभाला, जबकि दूसरे बल्लेबाज अटैकिंग बैटिंग करते रहे। RCB की इस खिताबी जीत ने साबित कर दिया कि IPL सिर्फ स्टार खिलाड़ियों के दम पर नहीं जीता जाता। मजबूत टीम कॉम्बिनेशन, कई मैच विनर्स, बैलेंस्ड बॉलिंग और बेहतरीन कप्तानी ही किसी टीम को चैंपियन बनाते हैं। ————————————————————– IPL से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. बेंगलुरु लगातार दूसरी बार IPL चैंपियन; गुजरात को 5 विकेट से हराया रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरी बार IPL जीत लिया है। उसने रविवार को फाइनल में गुजरात टाइटंस को 5 विकेट से हराया। विराट कोहली ने 18वें ओवर की आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर टीम को जीत दिलाई। कोहली 75 रन पर नाबाद लौटे। विराट को प्लेयर ऑफ द मैच

पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाकर जीत दिलाई। दूसरी ओर, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में 72 सिक्स लगाकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने। इस सीजन बल्लेबाजों ने मिलकर रन बनाने का नया इतिहास भी रच दिया। पूरे सीजन में 27,450 रन बने, जो IPL के किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर… 1. बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली चौथी टीम बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। टीम लगातार दो सीजन (2025, 2026) चैंपियन बनने वाली सिर्फ तीसरी फ्रेंचाइजी बनी। इससे पहले केवल चेन्नई सुपर किंग्स (2010, 2011) और मुंबई इंडियंस (2019, 2020) ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे। बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली टीमों की लिस्ट में कोलकाता (3), मुंबई (5) और चेन्नई (5) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गई। टीम ने अपने दोनों ट्रॉफी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीते। वे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के बाद एक ही मैदान पर दो IPL फाइनल जीतने वाली चौथी टीम बन गई। 2. कोहली की 25 बॉल में फिफ्टी कोहली ने फाइनल में गुजरात के खिलाफ 25 बॉल में फिफ्टी लगा दी। यह IPL में उनकी सबसे तेज फिफ्टी है। इससे पहले उन्होंने 2018 में 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। 3. पाटीदार ने लगातार दूसरा खिताब जीता रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगातार दूसरा IPL टाइटल जिताया। वे ऐसा करने वाले तीसरे कप्तान बने। उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा की बराबरी की। धोनी ने 2010 और 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स को खिताब जिताया था, जबकि रोहित ने 2019 और 2020 में मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाया था। 4. वैभव ने क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने इस सीजन 72 छक्के लगाए। गेल ने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 5. IPL के एक दिन में 986 रन बने इस सीजन 25 अप्रैल रिकॉर्ड का दिन रहा, जब दो मुकाबलों में कुल 986 रन बन गए। दिन के पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने 264/2 का स्कोर बनाया, जिसे पंजाब ने 5 विकेट रहते चेज कर लिया। दूसरे मैच में राजस्थान के 229 रन के टारगेट को हैदराबाद ने चेज किया। इससे पहले 2024 में एक दिन में 899 रन बने थे। 6. पंजाब ने सबसे बड़ा रन चेज किया पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया। टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बना डाले। उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2024 में कोलकाता के खिलाफ 262 रन चेज कर बनाया था। 7. एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगे IPL 2026 के सीजन में कुल 14 बल्लेबाजों ने 15 शतक लगाए। संजू 2 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। इससे पहले 2024 में सबसे ज्यादा 14 शतक लगे थे। 8. वैभव सबसे कम बॉल पर हजार रन बनाने वाले बैटर वैभव ने IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने इसके लिए 440 गेंद खेली। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 9. वैभव ने वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने इस सीजन पावरप्ले में 521 रन बनाए। उन्होंने 233.63 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा। वॉर्नर ने 2016 के पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 10. वैभव सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड प्लेयर वैभव को सीजन में 776 रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप मिली। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज बन गए। पहले यह रिकॉर्ड उनके ही साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल के नाम था, जिन्होंने 2023 में राजस्थान के लिए 625 रन बनाए थे। 11. राहुल IPL में 150 रन बनाने पहले भारतीय राहुल ने पंजाब के खिलाफ 67 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए। यह किसी भारतीय का IPL में सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम था। उन्होंने पंजाब के खिलाफ ही 141 रन बनाए थे। ओवरऑल IPL के सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर में पहले स्थान पर क्रिस गेल (175*) और दूसरे पर ब्रेंडन मैकुलम (158*) हैं। राहुल का 152 रन टी-20 में किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2024 में भारतीय डोमेस्टिक टूर्नामेंट सैय्यद मुस्ताक अली में राजकोट के मैदान में मेघालय के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 12. पाटीदार सबसे तेज 200 टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीय पाटीदार ने टी-20 क्रिकेट में सिर्फ 105 पारियों में 200 छक्के लगाए। वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अभिषेक शर्मा (125 पारी) को पीछे छोड़ा। 13. हैदराबाद एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने 9 बार इस आंकड़े को पार किया। ये रिकॉर्ड पहले गुजरात के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। 14. प्रभसिमरन लगातार दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड बैटर प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन 510 रन बना दिए। वे पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 2025 में भी 549 रन बनाए थे। 15. गिल-सुदर्शन ने 11 बार शतकीय साझेदारी की शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने एलिमिनेटर में राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी

बेंगलुरु को दोबारा चैंपियन बनाने वाले टॉप-5 फैक्टर:टीम में 8 मैच विनर; कोहली ने 675 रन बनाए, भुवनेश्वर ने 28 विकेट लिए

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18 साल तक ट्रॉफी का इंतजार… फिर लगातार दो खिताब। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL में अपनी कहानी ही बदल दी है। जिस टीम को कभी ‘अंडरअचीवर’ कहा जाता था, वही अब लगातार दूसरी बार चैंपियन बन गई है। उसने रविवार को खेले गए फाइनल में गुजरात को 5 विकेट से हराकर IPL 2026 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। कप्तान रजत पाटीदार लगातार दो IPL ट्रॉफी जीतने वाले सिर्फ तीसरे कप्तान बने। उनसे पहले महेंद्र सिंह धोनी (2009, 2010) और रोहित शर्मा (2019, 2020) ही ऐसा कर पाए थे। RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजह यह रही कि टीम किसी एक खिलाड़ी पर निर्भर नहीं रही। बल्लेबाजी में विराट कोहली, रजत पाटीदार और देवदत्त पडिक्कल ने रन बनाए। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार, रसिख सलाम और जोश हेजलवुड ने जिम्मेदारी संभाली। टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। RCB के टाइटल जीतने के 5 फैक्टर्स… 1. टॉप ऑर्डर ने मिलकर दबाव नहीं बनने दिया बेंगलुरु की बल्लेबाजी इस सीजन उसकी सबसे बड़ी ताकत रही। ओपनर विराट कोहली ने फाइनल में नाबाद 75 रन की पारी खेलकर टीम को चैंपियन बनाया। उन्होंने 16 मैचों में 675 रन बनाए। स्ट्राइक रेट 165.84 का रहा और एक शतक के साथ 5 अर्धशतक भी लगाए। कप्तान रजत पाटीदार ने भी आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 15 मैचों में 501 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 192.69 का रहा। वहीं देवदत्त पडिक्कल ने 464 रन बनाकर टॉप ऑर्डर को और मजबूत किया। इन तीनों बल्लेबाजों ने मिलकर 1640 रन बनाए। वहीं वेंकटेश अय्यर 6 इनिंग में 209 रन बनाए। फाइनल में उन्होंने 16 बॉल पर 32 रन की पारी खेली। यही कारण रहा कि RCB को पूरे सीजन में मिडिल ऑर्डर में ज्यादा दबाव नहीं झेलना पड़ा। 2. भुवनेश्वर-हेजलवुड ने संभाली गेंदबाजी RCB की बॉलिंग यूनिट इस सीजन बेहद संतुलित नजर आई। अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने 16 मैचों में 28 विकेट लेकर टीम को लीड किया। रसिख सलाम ने 12 मैचों में 19 विकेट लेकर सभी को प्रभावित किया। वहीं जोश हेजलवुड ने सिर्फ 13 मैच खेलकर 15 विकेट लिए। जैकब डफी ने भी 6 मैचों में 9 विकेट निकालकर योगदान दिया। स्पिन डिपार्टमेंट में क्रुणाल पंड्या ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 226 रन बनाने के साथ 14 विकेट भी लिए। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान देने के कारण वे टूर्नामेंट के सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर साबित हुए। जब तेज गेंदबाज विकेट नहीं निकाल पाते थे, तब क्रुणाल और सुयश शर्मा (9 विकेट) जैसे स्पिनर बीच के ओवरों में रन रोककर मैच का रुख बदल देते थे। यही बैलेंस RCB की गेंदबाजी को बाकी टीमों से अलग बनाता रहा। 3. अलग-अलग 8 मैच विनर किसी भी चैंपियन टीम की पहचान उसके मैच विनर्स होते हैं और RCB के पास उनकी कोई कमी नहीं थी। इस सीजन टीम के 8 अलग-अलग खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच बने। विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 3 बार यह अवॉर्ड जीता। जोश हेजलवुड 2 बार और टिम डेविड, जैकब डफी, वेंकटेश अय्यर, भुवनेश्वर कुमार, रजत पाटीदार और फिल सॉल्ट भी एक-एक बार प्लेयर ऑफ द मैच बने। यानी टीम की जीत सिर्फ कोहली या पाटीदार पर निर्भर नहीं रही। अलग-अलग मुकाबलों में अलग-अलग खिलाड़ियों ने जिम्मेदारी संभाली और टीम को जीत दिलाई। यही कारण रहा कि जब किसी एक खिलाड़ी का दिन खराब रहा, तब दूसरा खिलाड़ी टीम को जीत की मंजिल तक ले गया। 4. होमग्राउंड में 86% मैच जीते RCB ने इस सीजन अपने घरेलू मैदान को किला बना दिया। टीम ने होम ग्राउंड पर खेले 7 में से 6 मुकाबले जीते और जीत प्रतिशत 86 रहा। पिछले सीजन टीम को घर पर हुए 6 मैचों में 3 में हार मिली थी। 2 में जीत मिली वहीं एक मैच बेनतीजा रहा। बेंगलुरु ने चिन्नास्वामी स्टेडियम के अलावा रायपुर को भी अपने घरेलू मैदान के तौर पर इस्तेमाल किया और दोनों जगह शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि टीम पूरे सीजन कभी लगातार दो से ज्यादा मैच नहीं हारी। बेंगलुरु ने अपने घर में सनराइजर्स हैदराबाद, चेन्नई सुपर किंग्स, लखनऊ सुपर जायंट्स और गुजरात टाइटंस जैसी मजबूत टीमों को हराया। घरेलू मैदान पर उसे सिर्फ दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ हार मिली। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के साथ-साथ रजत पाटीदार की कप्तानी भी शानदार रही। उन्होंने परिस्थितियों और बल्लेबाजों की कमजोरी के हिसाब से गेंदबाजों का इस्तेमाल किया। यही वजह रही कि टीम लीग स्टेज में लगातार जीत दर्ज करती रही और प्लेऑफ में मजबूत स्थिति के साथ पहुंची। 5. कोहली के लगातार चौथे सीजन 600+ रन विराट कोहली का शानदार फॉर्म RCB की सफलता की सबसे बड़ी वजहों में शामिल रहा। उन्होंने लगातार चौथे सीजन 600 से ज्यादा रन बनाए। इससे भी खास बात यह रही कि पूरे सीजन टीम का ओपनिंग कॉम्बिनेशन बदलता रहा, लेकिन कोहली के प्रदर्शन में कोई गिरावट नहीं आई। RCB के ओपनर फिल सॉल्ट चोट के कारण सिर्फ 6 मैच ही खेल सके। इसके बाद टीम ने जैकब बेथेल को मौका दिया, लेकिन वे 7 मैचों में सिर्फ 96 रन ही बना पाए। लीग स्टेज के आखिरी मुकाबलों और प्लेऑफ में वेंकटेश अय्यर ने कोहली के साथ पारी की शुरुआत की। लगातार बदलते ओपनिंग पार्टनर्स के बावजूद कोहली ने अपनी लय बरकरार रखी। उन्होंने सीजन में टीम के लिए सबसे ज्यादा 675 रन बनाए। बड़े मैचों में उन्होंने पारी को संभाला, जबकि दूसरे बल्लेबाज अटैकिंग बैटिंग करते रहे। RCB की इस खिताबी जीत ने साबित कर दिया कि IPL सिर्फ स्टार खिलाड़ियों के दम पर नहीं जीता जाता। मजबूत टीम कॉम्बिनेशन, कई मैच विनर्स, बैलेंस्ड बॉलिंग और बेहतरीन कप्तानी ही किसी टीम को चैंपियन बनाते हैं।

पाटीदार ने धोनी और रोहित की बराबरी की:कोहली की फास्टेस्ट फिफ्टी, सूर्यवंशी ने सीजन में सबसे ज्यादा 72 सिक्स लगाए; टॉप-15 रिकॉर्ड्स

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IPL 2026 रिकॉर्ड्स वाला सीजन साबित हुआ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतकर इतिहास रचा। कप्तान रजत पाटीदार ने महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा के खास क्लब में जगह बना ली। वे लगातार दो ट्रॉफी जीतने वाले तीसरे कप्तान बने। फाइनल में विराट कोहली ने अपने IPL करियर की सबसे तेज फिफ्टी लगाकर जीत दिलाई। दूसरी ओर, 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में 72 सिक्स लगाकर क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया और एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने। इस सीजन बल्लेबाजों ने मिलकर रन बनाने का नया इतिहास भी रच दिया। पूरे सीजन में 27,450 रन बने, जो IPL के किसी भी सीजन में सबसे ज्यादा हैं। आइए नजर डालते हैं IPL 2026 के 15 सबसे बड़े रिकॉर्ड्स पर… 1. बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली चौथी टीम बेंगलुरु ने लगातार दूसरी बार IPL ट्रॉफी जीतकर इतिहास रच दिया। टीम लगातार दो सीजन (2025, 2026) चैंपियन बनने वाली सिर्फ तीसरी फ्रेंचाइजी बनी। इससे पहले केवल चेन्नई सुपर किंग्स (2010, 2011) और मुंबई इंडियंस (2019, 2020) ही यह उपलब्धि हासिल कर सके थे। बेंगलुरु सबसे ज्यादा ट्रॉफी जीतने वाली टीमों की लिस्ट में कोलकाता (3), मुंबई (5) और चेन्नई (5) के बाद चौथे स्थान पर पहुंच गई। टीम ने अपने दोनों ट्रॉफी अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में जीते। वे मुंबई, चेन्नई और कोलकाता के बाद एक ही मैदान पर दो IPL फाइनल जीतने वाली चौथी टीम बन गई। 2. कोहली की 25 बॉल में फिफ्टी कोहली ने फाइनल में गुजरात के खिलाफ 25 बॉल में फिफ्टी लगा दी। यह IPL में उनकी सबसे तेज फिफ्टी है। इससे पहले उन्होंने 2018 में 26 बॉल पर फिफ्टी लगाई थी। कोहली फाइनल में प्लेयर ऑफ द मैच भी रहे। 3. पाटीदार ने लगातार दूसरा खिताब जीता रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगातार दूसरा IPL टाइटल जिताया। वे ऐसा करने वाले तीसरे कप्तान बने। उन्होंने एमएस धोनी और रोहित शर्मा की बराबरी की। धोनी ने 2010 और 2011 में चेन्नई सुपर किंग्स को खिताब जिताया था, जबकि रोहित ने 2019 और 2020 में मुंबई इंडियंस को चैंपियन बनाया था। 4. वैभव ने क्रिस गेल के छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी ने एक सीजन में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उन्होंने इस सीजन 72 छक्के लगाए। गेल ने 2012 में बेंगलुरु के लिए 59 छक्के लगाए थे। 5. IPL के एक दिन में 986 रन बने इस सीजन 25 अप्रैल रिकॉर्ड का दिन रहा, जब दो मुकाबलों में कुल 986 रन बन गए। दिन के पहले मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने 264/2 का स्कोर बनाया, जिसे पंजाब ने 5 विकेट रहते चेज कर लिया। दूसरे मैच में राजस्थान के 229 रन के टारगेट को हैदराबाद ने चेज किया। इससे पहले 2024 में एक दिन में 899 रन बने थे। 6. पंजाब ने सबसे बड़ा रन चेज किया पंजाब ने दिल्ली के खिलाफ टूर्नामेंट इतिहास का सबसे बड़ा रन चेज किया। टीम ने 18.5 ओवर में 265 रन बना डाले। उन्होंने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा, जो 2024 में कोलकाता के खिलाफ 262 रन चेज कर बनाया था। 7. एक सीजन में सबसे ज्यादा शतक लगे IPL 2026 के सीजन में कुल 14 बल्लेबाजों ने 15 शतक लगाए। संजू 2 शतक लगाने वाले इकलौते खिलाड़ी रहे। इससे पहले 2024 में सबसे ज्यादा 14 शतक लगे थे। 8. वैभव सबसे कम बॉल पर हजार रन बनाने वाले बैटर वैभव ने IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। उन्होंने इसके लिए 440 गेंद खेली। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। 9. वैभव ने वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा वैभव ने इस सीजन पावरप्ले में 521 रन बनाए। उन्होंने 233.63 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर का रिकॉर्ड तोड़ा। वॉर्नर ने 2016 के पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। 10. वैभव सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड प्लेयर वैभव को सीजन में 776 रन बनाने के लिए ऑरेंज कैप मिली। वे IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले अनकैप्ड बल्लेबाज बन गए। पहले यह रिकॉर्ड उनके ही साथी ओपनर यशस्वी जायसवाल के नाम था, जिन्होंने 2023 में राजस्थान के लिए 625 रन बनाए थे। 11. राहुल IPL में 150 रन बनाने पहले भारतीय राहुल ने पंजाब के खिलाफ 67 गेंद पर नाबाद 152 रन बनाए। यह किसी भारतीय का IPL में सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले यह रिकॉर्ड अभिषेक शर्मा के नाम था। उन्होंने पंजाब के खिलाफ ही 141 रन बनाए थे। ओवरऑल IPL के सबसे बड़े इंडिविजुअल स्कोर में पहले स्थान पर क्रिस गेल (175*) और दूसरे पर ब्रेंडन मैकुलम (158*) हैं। राहुल का 152 रन टी-20 में किसी भी भारतीय का सबसे बड़ा स्कोर भी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड तिलक वर्मा के नाम था, जिन्होंने 2024 में भारतीय डोमेस्टिक टूर्नामेंट सैय्यद मुस्ताक अली में राजकोट के मैदान में मेघालय के खिलाफ 151 रन बनाए थे। 12. पाटीदार सबसे तेज 200 टी-20 छक्के लगाने वाले भारतीय पाटीदार ने टी-20 क्रिकेट में सिर्फ 105 पारियों में 200 छक्के लगाए। वे इस आंकड़े तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बल्लेबाज बन गए। उन्होंने अभिषेक शर्मा (125 पारी) को पीछे छोड़ा। 13. हैदराबाद एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ रन बनाने वाली टीम बनी हैदराबाद IPL के एक सीजन में सबसे ज्यादा बार 200+ स्कोर करने वाली टीम बन गई। टीम ने 9 बार इस आंकड़े को पार किया। ये रिकॉर्ड पहले गुजरात के नाम था, जिन्होंने 2025 में 8 बार 200 या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया। 14. प्रभसिमरन लगातार दो सीजन में 500+ रन बनाने वाले पहले अनकैप्ड बैटर प्रभसिमरन सिंह ने इस सीजन 510 रन बना दिए। वे पहले अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने दो सीजन में 500 से ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 2025 में भी 549 रन बनाए थे। 15. गिल-सुदर्शन ने 11 बार शतकीय साझेदारी की शुभमन गिल और साई सुदर्शन ने एलिमिनेटर में राजस्थान के खिलाफ 167 रन की साझेदारी

अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बैटर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने कहा- वैभव वाकई बेहद खास खिलाड़ी हैं। उनमें मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की अद्भुत कला है। 53 साल के तेंदुलकर ने सलाह दी कि कोई भी उनके नेचुरल गेम के साथ छेड़छाड़ न करें। मुंबई में आयोजित क्रिकइन्फो ऑनर्स इवेंट में तेंदुलकर को 21वीं सदी का सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल मेंस बैटर चुना गया। एक दिन पहले शनिवार को अमिताभ बच्चन ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ सचिन- वैभव सिर्फ हवा में शॉट नहीं घुमा रहे तेंदुलकर ने कहा- ‘आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने भी उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें कुछ बहुत खास बात है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया।’ सचिन ने कहा, ‘मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वे सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते हैं।’ तेंदुलकर की सलाह टेस्ट क्रिकेट के लिए जल्दीबाजी न करें, दबाव से बचाएं क्या वैभव को जल्द भारतीय टेस्ट टीम में चुनना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वे भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वे चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ‘वैभव एक ऐसे खिलाड़ी दिखते हैं जो बहुत कॉन्फिडेंट हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट (स्वाभाविक प्रवृत्ति) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं, वह बेहतरीन है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट (प्रभावित) हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।’ चयन का फैसला सिलेक्टर्स पर छोड़ें सचिन ने कहा, ‘न केवल मैं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी स्टेज पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेगा। उस पर लगातार यह दबाव नहीं बनाना चाहिए कि उसे इस स्क्वॉड में चुना जाना चाहिए। यह फैसला उन सिलेक्टर्स पर छोड़ देना चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।’ गेल का रिकॉर्ड तोड़ा; IPL में बनाए 776 रन, 72 छक्के जड़े वैभव सूर्यवंशी के लिए IPL 2026 का सीजन रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए 15 साल के इस खिलाड़ी ने 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 72 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव ने क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स, सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर

अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

अमिताभ के बाद तेंदुलकर ने वैभव की तारीफ की:बोले- इस लड़के में कुछ खास, टेस्ट के लिए जल्दबाजी न करें; नेचुरल गेम खेलने दें

पूर्व दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने युवा बैटर वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने कहा- वैभव वाकई बेहद खास खिलाड़ी हैं। उनमें मैदान के चारों ओर शॉट खेलने की अद्भुत कला है। 53 साल के तेंदुलकर ने सलाह दी कि कोई भी उनके नेचुरल गेम के साथ छेड़छाड़ न करें। मुंबई में आयोजित क्रिकइन्फो ऑनर्स इवेंट में तेंदुलकर को 21वीं सदी का सर्वश्रेष्ठ इंटरनेशनल मेंस बैटर चुना गया। एक दिन पहले शनिवार को अमिताभ बच्चन ने सोशल प्लेटफॉर्म X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ सचिन- वैभव सिर्फ हवा में शॉट नहीं घुमा रहे तेंदुलकर ने कहा- ‘आज सभी वैभव की बात कर रहे हैं। मैंने भी उन्हें बैटिंग करते हुए देखा है। उनमें कुछ बहुत खास बात है। सिर्फ गेंद को हिट करने की ताकत ही नहीं, बल्कि उनकी कलाई का काम (रिस्ट वर्क) भी कमाल का है, जिसने मुझे सबसे ज्यादा प्रभावित किया।’ सचिन ने कहा, ‘मैदान के हर कोने में शॉट खेलने के लिए आपकी कलाई मजबूत होनी चाहिए। वे सिर्फ हवा में बल्ला नहीं घुमा रहे। वे बाकी खिलाड़ियों की तुलना में गेंद की लाइन और लेंथ को जल्दी भांप लेते हैं और आसानी से बाउंड्री पार करा देते हैं।’ तेंदुलकर की सलाह टेस्ट क्रिकेट के लिए जल्दीबाजी न करें, दबाव से बचाएं क्या वैभव को जल्द भारतीय टेस्ट टीम में चुनना चाहिए। इस पर तेंदुलकर ने कहा कि वे भी वैभव को टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहते हैं, लेकिन इसमें जल्दबाजी नहीं होनी चाहिए। वे जैसे हैं, वैसे ही रहें। टेस्ट में अनुभव के साथ वे चुनौतियों से निपटना सीख जाएंगे। मास्टर ब्लास्टर ने कहा, ‘वैभव एक ऐसे खिलाड़ी दिखते हैं जो बहुत कॉन्फिडेंट हैं और उन्हें पता है कि उन्हें क्या करना है। मैं उनके नेचुरल इंस्टिंक्ट (स्वाभाविक प्रवृत्ति) के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं चाहूंगा। जिस तरह से वे गेंद को देखते हैं और उस पर रिएक्ट करते हैं, वह बेहतरीन है। अगर हम उन्हें एक साथ बहुत सारी चीजें बताकर बाधाएं खड़ी करेंगे, तो उनका वह सिग्नल इंटरप्ट (प्रभावित) हो जाएगा। मैं उन्हें खुलकर अपना खेल खेलने की आजादी दूंगा।’ चयन का फैसला सिलेक्टर्स पर छोड़ें सचिन ने कहा, ‘न केवल मैं, बल्कि हर कोई उन्हें किसी न किसी स्टेज पर टेस्ट क्रिकेट खेलते देखना चाहेगा। उस पर लगातार यह दबाव नहीं बनाना चाहिए कि उसे इस स्क्वॉड में चुना जाना चाहिए। यह फैसला उन सिलेक्टर्स पर छोड़ देना चाहिए जो इसके लिए जिम्मेदार हैं।’ गेल का रिकॉर्ड तोड़ा; IPL में बनाए 776 रन, 72 छक्के जड़े वैभव सूर्यवंशी के लिए IPL 2026 का सीजन रिकॉर्ड तोड़ने वाला रहा। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए 15 साल के इस खिलाड़ी ने 237.31 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इस दौरान उन्होंने 72 छक्के जड़े। इसके साथ ही वैभव ने क्रिस गेल के एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ————————————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL 2026 ने दिए भारत को 10 फ्यूचर स्टार्स, सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। पढ़ें पूरी खबर

IPL 2026 के टॉप-10 फ्यूचर स्टार्स:सूर्यवंशी ने 776 रन बनाए, प्रिंस ने कोहली को बोल्ड किया; प्रफुल ने वैभव को दो बार आउट किया

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IPL का फाइनल आज अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खेला जाएगा। इस सीजन में कई अनकैप्ड खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से टीमों की जीत में अहम भूमिका निभाई। वैभव सूर्यवंशी, प्रिंस यादव, प्रफुल हिंगे और आयुष म्हात्रे जैसे युवा सितारे चर्चा में रहे। स्टोरी में ऐसे ही 10 अनकैप्ड भारतीय प्लेयर्स, जो आने वाले समय में टीम इंडिया के लिए डेब्यू कर सकते हैं। 1. वैभव सूर्यवंशी, राजस्थान रॉयल्स बिहार के 15 साल के लेफ्ट हैंड बैटर वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा दी। पिछले सीजन में सबसे कम उम्र में IPL डेब्यू और सबसे तेज भारतीय शतक लगाने वाले वैभव ने इस बार 16 मैचों में 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.30 का रहा, जबकि उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाए। राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 2025 मेगा ऑक्शन में 1.10 करोड़ रुपए में खरीदा था। वैभव ने 12 साल की उम्र में रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया था और भारत की अंडर-19 टीम का हिस्सा भी रह चुके हैं। वैभव ने 20 या इससे कम गेंदों में 5 फिफ्टी लगाई। इस सीजन उन्होंने 36 बॉल में शतक लगाया। हालांकि उनका सबसे यादगार प्रदर्शन प्लेऑफ के एलिमिनेटर में आया, जब उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ महज 29 गेंदों पर 97 रन ठोक दिए। इस पारी में उन्होंने 12 छक्के लगाए और एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने के मामले में क्रिस गेल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। उनके नाम अब 72 छक्के लगाने का रिकॉर्ड हैं। वैभव ने इसके बाद क्वालिफायर-2 में गुजरात टाइटंस के खिलाफ 47 गेंदों पर 96 रन बनाए। हालांकि राजस्थान रॉयल्स उस मैच में हारकर फाइनल तक पहुंचाने में नाकाम रही। 15 साल की उम्र में उन्होंने सीजन में 600+ रन बनाने वाले वे पहले बैटर भी बने। 2. आयुष म्हात्रे, चेन्नई सुपर किंग्स मुंबई के 18 साल के ओपनर आयुष म्हात्रे चोट की वजह से इस IPL में सिर्फ 6 ही मैच खेल सके। इसमें उन्होंने 177.87 की स्ट्राइक रेट से 201 रन बनाए। आयुष ने 17 साल की उम्र में मुंबई के लिए फर्स्ट क्लास डेब्यू किया और 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन के अपने तीसरे ही मैच में शतक जड़ दिया। 2024 के आखिर में उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 117 गेंदों पर 181 रन बनाकर लिस्ट-ए क्रिकेट में 150+ रन बनाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज का रिकॉर्ड बनाया। IPL 2025 के मेगा ऑक्शन में आयुष अनसोल्ड रहे, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के चोटिल होने के बाद उन्हें रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर टीम में शामिल किया गया। मुंबई के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में उन्होंने अपना IPL और टी-20 डेब्यू किया। CSK के सबसे युवा खिलाड़ी के रूप में मैदान पर उतरे आयुष ने पहली ही पारी में 15 गेंदों पर 32 रन बनाकर अपनी प्रतिभा की झलक दिखा दी। 3. अंगकृष रघुवंशी, कोलकाता नाइट राइडर्स दिल्ली में जन्मे अंगकृष 11 साल की उम्र में मुंबई आ गए थे। यहां उन्होंने पूर्व भारतीय क्रिकेटर अभिषेक नायर और कोच ओमकार साल्वी की देखरेख में ट्रेनिंग ली। इसके बाद उन्होंने मुंबई को ही अपना स्थायी ठिकाना बना लिया। 2023-24 सीजन में उन्होंने मुंबई के लिए लिस्ट-ए और टी-20 डेब्यू किया। उनकी प्रतिभा को देखते हुए कोलकाता ने IPL 2024 ऑक्शन में 20 लाख रुपए में अपने साथ जोड़ा। 21 साल के रघुवंशी 2022 अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे। अंगकृष ने IPL 2026 में 13 मैचों में 422 रन बनाए और 5 अर्धशतक लगाए। उनका स्ट्राइक रेट 146.52 का रहा। इस सीजन के दौरान कई बार शुरुआती विकेट गिरने के बाद अंगकृष ने पारी को संभालने और अंत तक ले जाने की भूमिका निभाई। 4. मुकुल चौधरी, लखनऊ सुपर जायंट्स राजस्थान के 21 साल के विकेटकीपर-बल्लेबाज मुकुल चौधरी ने अपनी तेज बल्लेबाजी से पहचान बनाई। अंडर-23 स्तर पर शानदार खेल दिखाने वाले मुकुल ने 2025-26 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में 5 पारियों में 198.85 के स्ट्राइक रेट से 173 रन बनाए थे। इसी प्रदर्शन से प्रभावित होकर लखनऊ सुपर जायंट्स ने उन्हें IPL 2026 ऑक्शन में 2.60 करोड़ रुपए में खरीदा। मुकुल ने अपने पहले IPL सीजन के 10 मैचों में 170 रन बनाए, जिसमें एक अर्धशतक शामिल रहा। कोलकाता के खिलाफ मुकुल ने IPL करियर की यादगार पारी खेली। उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों पर नाबाद 54 रन बनाए, जिसमें 7 छक्के शामिल थे। 200 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी की बदौलत लखनऊ सुपर जायंट्स ने आखिरी गेंद पर रोमांचक जीत हासिल की। दबाव की स्थिति में मैच फिनिश करने की उनकी क्षमता ने उन्हें युवा फिनिशरों में शामिल कर दिया। 5. प्रिंस यादव, लखनऊ सुपर जायंट्स दिल्ली के 24 साल के तेज गेंदबाज प्रिंस यादव ने इस सीजन यॉर्कर्स से अपनी पहचान बनाई। प्रिंस ने सबसे पहले 2024 दिल्ली प्रीमियर लीग में पहचान बनाई, जहां ऋषभ पंत की कप्तानी वाली पुरानी दिल्ली-6 टीम के लिए खेलते हुए उन्होंने 10 मैचों में 13 विकेट लिए। 2024-25 सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उत्तर प्रदेश के खिलाफ अपने पहले टी-20 मुकाबले में उन्होंने नीतीश राणा और समीर रिजवी जैसे बल्लेबाजों के विकेट लेकर प्रभावित किया। अगले ही दिन लखनऊ सुपर जायंट्स ने IPL मेगा ऑक्शन में उन्हें 30 लाख रुपए में खरीद लिया। रहे। IPL 2026 में प्रिंस ने 14 मैचों में 16 विकेट लिए। उनकी इकॉनमी 8.82 रही, जबकि सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 3/32 का रहा। नई गेंद और डेथ ओवर्स दोनों में उन्होंने प्रभाव छोड़ा। प्रिंस के लिए सीजन का सबसे चर्चित पल तब आया, जब प्रिंस ने अपनी तेज बॉल पर विराट कोहली को क्लीन बोल्ड कर दिया। अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में प्रिंस यादव को भारतीय टीम में चुना गया है। 6. रसिख सलाम, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जम्मू-कश्मीर के 25 साल के तेज गेंदबाज रसिख सलाम का क्रिकेट संघर्ष, विवाद और शानदार वापसी की कहानी रहा है। 17 साल की उम्र में IPL डेब्यू करने वाले रसिख को अपने करियर में बैन और चोटों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने उन पर भरोसा दिखाते हुए 2025 में मैदान पर उतरे बिना भी 6 करोड़ रुपए में रिटेन किया था। फ्रेंचाइजी के इस विश्वास को

IPL Final Ahmedabad | Flight & Hotel Prices Skyrocket; RCB vs GT

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अहमदाबाद9 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL का फाइनल मैच रविवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच अहमदाबाद में खेला जाएगा। मुकाबला शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। अगर आप भी इस मैच को देखने के लिए फ्लाइट से अहमदाबाद जाना चाहते हैं, तो आपको 17,000 से 35,000 रुपए तक किराया ज्यादा चुकाना होगा। वहीं अहमदाबाद में बड़े होटलों का एक रात का किराया भी ₹36,000 तक पहुंच गया है। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में दोनों टीमों के पास दूसरी बार टाइटल जीतने का मौका है। बेंगलुरु ने पिछले साल पहला खिताब जीता था, जबकि गुजरात 2022 में अपने पहले सीजन में चैंपियन बनी थी। शहर के कई बड़े होटलों में पहले से ही बुकिंग हो रही मई के अंत को आमतौर पर होटल इंडस्ट्री के लिए ऑफ-सीजन माना जाता है। शहर के कई बड़े होटलों में पहले से ही बुकिंग हो रही है। अहमदाबाद के अधिकांश प्रीमियम होटल 30 और 31 मई को पूरी तरह से बुक हैं। अनुमान है कि होटल इंडस्ट्री को सिर्फ दो दिनों में 200 करोड़ रुपए से ज्यादा का मुनाफा होगा। IPL फाइनल का सबसे बड़ा फायदा सिर्फ होटल इंडस्ट्री को ही नहीं, बल्कि शहर के पूरे बिजनेस जगत को हो रहा है। देशभर से हजारों क्रिकेट फैंस मैच देखने अहमदाबाद आ रहे हैं। इसी वजह से हवाई टिकटों की मांग में भारी उछाल आया है। ट्रेन और बस टिकटों की मांग भी बढ़ गई है। अहमदाबाद के होटलों में करीब 20,000 कमरे उपलब्ध इससे पहले भी बड़े क्रिकेट आयोजनों के दौरान अहमदाबाद में हवाई किराए में भारी बढ़ोतरी देखी गई थी। साथ ही IPL फाइनल मैच के चलते एसजी हाईवे, मोटेरा, चांदखेड़ा और गांधीनगर इलाकों में होटलों की सबसे ज्यादा मांग देखी जा रही है। अहमदाबाद के होटलों में करीब 20,000 कमरे उपलब्ध हैं। हालांकि, IPL के फाइनल मैच के चलते सभी कमरे बुक होने का अनुमान है। फिलहाल यहां करीब 200 थ्री-स्टार और फाइव-स्टार होटल हैं। लेकिन आने वाले समय में अहमदाबाद में ओलंपिक और कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में आने वाले समय में होटलों की संख्या दोगुनी हो सकती है। पहले से ही ज्यादातर होटलों के किरायों में भारी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिन होटलों में किराया पहले 8 से 10 हजार के बीच हुआ करते थे, अब उनका किराया 25 से 30 हजार तक पहुंच गया है। फाइनल मैच से पर्यटन उद्योग को भी फायदा होगा होटल और रेस्टोरेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र सोमानी ने कहा कि पिछले कुछ सालों में नरेंद्र मोदी स्टेडियम में कई बड़े मैच खेले गए हैं। अब IPL का फाइनल मैच भी नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले IPL का फाइनल मैच बेंगलुरु में होना था, लेकिन इसे नरेंद्र मोदी स्टेडियम में स्थानांतरित कर दिया गया। इससे अहमदाबाद के होटल इंडस्ट्री को भारी लाभ होने वाला है। फाइनल मैच के कारण पर्यटन उद्योग को भी काफी फायदा होगा। फिलहाल, छुट्टियों के कारण युवाओं में मैच देखने का उत्साह चरम पर है। होटल इंडस्ट्री को ₹200 करोड़ का अतिरिक्त मुनाफा होगा होटल इंडस्ट्री को होने वाले लाभ के बारे में नरेंद्र सोमानी ने कहा कि इस बार छुट्टियों के कारण बड़ी संख्या में लोग मैच देखने आएंगे। इससे होटल इंडस्ट्री को 150 से 200 करोड़ रुपए का अतिरिक्त लाभ हो सकता है। फिलहाल अहमदाबाद की होटल इंडस्ट्री में ऑफ-सीजन चल रहा है। फाइनल के चलते होटल के कमरों का किराया सामान्य किराए की तुलना में करीब 20% तक बढ़ सकता है। क्योंकि मैच देखने आने वाले सभी लोगों को एक दिन होटल में रुकना होगा। इसलिए होटल उद्योग को इसका लाभ मिलेगा। अहमदाबाद में ओलंपिक खेलों की तैयारियां चल रहीं नरेंद्र सोमानी ने आगे कहा कि आने वाले समय में अहमदाबाद में राष्ट्रमंडल खेल और ओलंपिक खेलों के आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। इसके चलते अहमदाबाद में कई नए होटल खुल सकते हैं। नरेंद्र मोदी स्टेडियम में बड़े मैच खेले जाने के कारण नए ब्रांड भी होटल शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं। होटलों और कमरों की क्षमता वर्तमान संख्या से दोगुनी होने वाली है। होटल इंडस्ट्री को मिल रहे लाभ को देखते हुए अन्य बड़ी कंपनियां भी होटल शुरू कर सकती हैं। शहर को खेल और संगीत कार्यक्रमों से होने वाली अर्थव्यवस्था से काफी लाभ मिलता है। IPL फाइनल से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा IPL फाइनल एक वीकेंड फेस्टिवल बनने जा रहा है। अहमदाबाद के लिए IPL फाइनल अब सिर्फ एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि एक आर्थिक इंजन बन गया है। कोल्डप्ले के कॉन्सर्ट से लेकर विश्व कप फाइनल तक के आयोजनों ने साबित कर दिया है कि बड़े आयोजन शहर की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ पहुंचाते हैं। IPL फाइनल के कारण हजारों लोगों को अस्थायी रोजगार मिलेगा। वहीं इससे होटल उद्योग के लिए कमाई का बड़ा अवसर पैदा होगा, जिसके चलते होटलों की कीमतें भी 15 से 20% तक बढ़ सकती हैं। ये खबर भी पढ़ें… IPL फाइनल के दोनों कप्तानों का एनालिसिस: रजत लगातार दूसरा फाइनल खेलेंगे; गिल की कप्तानी में गुजरात पहली बार खिताबी मुकाबले में IPL 2026 के फाइनल की दोनों टीमें तय हो चुकी हैं। 31 मई को अहमदाबाद में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और गुजरात टाइटंस के बीच खिताबी मुकाबला होगा। दोनों टीमों को दूसरे टाइटल का इंतजार है। बेंगलुरु के कप्तान रजत पाटीदार ने बेंगलुरु को लगतार दूसरी बार फाइनल में पहुंचाया। उन्होंने क्वालिफायर-1 में गुजरात के खिलाफ नाबाद 93 रन की पारी खेलकर बेंगलुरु को जीत दिलाई। गुजरात के कप्तान शुभमन गिल 2025 के प्लेऑफ में हार गए थे। लेकिन इस बार उन्होंने राजस्थान के खिलाफ शतक लगाया और अपनी टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

वैभव सूर्यवंशी के फैन हुए अमिताभ बच्चन:बोले- इस उम्र में हम गुल्ली-डंडा भी नहीं खेल पाते थे; वैभव झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे

वैभव सूर्यवंशी के फैन हुए अमिताभ बच्चन:बोले- इस उम्र में हम गुल्ली-डंडा भी नहीं खेल पाते थे; वैभव झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर बनेंगे

IPL 2026 से वैभव सूर्यवंशी की टीम राजस्थान रॉयल्स बाहर हो चुकी है। गुजरात टाइटंस ने क्वालिफायर-2 मुकाबले में राजस्थान को 7 विकेट से हरा दिया। फाइनल की रेस से बाहर होने के बाद वैभव सूर्यवंशी रो पड़े। राजस्थान रॉयल्स की टीम भले ही IPL से बाहर हो गई हो, लेकिन टीम के ओपनर बल्लेबाज और बिहार के वैभव सूर्यवंशी ने अपने परफॉर्मेंस से दुनियाभर के क्रिकेट एक्सपर्ट से लेकर बॉलीवुड तक अपना ध्यान खींचा है। इस बीच सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने भी वैभव सूर्यवंशी की तारीफ की है। उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा, ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव बनेंगे झारखंड स्वास्थ्य विभाग के ब्रांड एंबेसडर वहीं, झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने वैभव सूर्यवंशी को झारखंड स्वास्थ्य विभाग का ब्रांड एंबेसडर बनाने की घोषणा की है। उन्होंने X पर लिखा, वैभव, भले ही तुम्हारी टीम मैच हार गई हो, लेकिन तुम करोड़ों भारतीयों का दिल जीत चुके हो। मैं स्वयं क्रिकेट का खिलाड़ी रहा हूं, लेकिन इतनी कम उम्र में बड़े-बड़े अंतरराष्ट्रीय स्तर के गेंदबाजों का जिस आत्मविश्वास और आक्रामकता से सामना करते हुए लगातार धुनाई करना, यह असाधारण प्रतिभा का प्रमाण है। तुमने केवल अपना नाम ही नहीं, बल्कि अपने माता-पिता, बिहार और पूरे हिंदुस्तान का नाम रोशन किया है। इसके लिए तुम्हें दिल से बधाई देता हूं। जल्द ही मैं तुम्हें झारखंड में सम्मानित करूंगा।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। सूर्यवंशी ने IPL में सबसे ज्यादा बार 90s पर आउट होने की बराबरी की वैभव ने गुजरात के खिलाफ क्वालीफायर-2 में 96 रन पर आउट हुए। वे IPL में सबसे ज्यादा बार ‘नर्वस नाइंटीज’ (90-99 रन) का शिकार होने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो गए हैं। वे इसी सीजन पिछली चार पारी में तीसरी बार 90 से 99 रन के बीच आउट हुए। इससे पहले डेविड वॉर्नर, केएल राहुल, ग्लेन मैक्सवेल और ऋतुराज गायकवाड़ IPL में 3-3 बार 90s में आउट हो चुके हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए। उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 12 छक्के लगाए थे। उनके प्लेऑफ में 19 छक्के हो गए हैं। इस मामले में उन्होंने ऋद्धिमान साहा (2014) और शुभमन गिल (2023) का 11-11 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ा। IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर बनाने वाले राजस्थान के तीसरे बल्लेबाज वैभव ने गुजरात के खिलाफ फिफ्टी लगाई। इसके साथ ही वे IPL प्लेऑफ में दो 50+ स्कोर करने वाले राजस्थान के तीसरे खिलाड़ी बन गए हैं। इससे पहले सूर्यवंशी ने एलिमिनेटर में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ 97 रन बनाए थे। उनसे पहले ध्रुव जुरेल (2024, 2026) और जोस बटलर (2022) ने प्लेऑफ में राजस्थान के लिए दो फिफ्टी या उससे ज्यादा का स्कोर बनाया था।