Friday, 15 May 2026 | 04:34 PM

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‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना… इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखेंगे ऋत्विक धनजानी:गुस्से को बताया जिंदगी का सबसे बड़ा डर, बोले- यह इंसान को अंदर से खोखला कर देता है

टीवी एक्टर ऋत्विक धनजानी एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में दिखाई देने वाले हैं। ऋत्विक इससे पहले भी इस फ्रेंचाइजी का हिस्सा रह चुके हैं और तीसरी बार वो शो में दिखेंगे। ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ की शूटिंग साउथ अफ्रीका के केपटाउन में होगी। शो में इस बार कई पुराने कंटेस्टेंट्स के साथ नए चेहरे भी नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में ऋत्विक ने अपने डर, ब्रेकअप, एंगर इश्यू, जिंदगी के संघर्ष और दोस्ती पर बात की। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने का फैसला कैसे लिया? डर नहीं लगा? जवाब: कोई गेम प्लान नहीं, कोई स्ट्रैटजी नहीं। बस कूद पड़ा। सच कहूं तो मुझे रिस्क लेने में मजा आता है। पहली बार जब मैंने ‘पेन इन स्पेन’ किया था, तब मैं बहुत डरा हुआ था, लेकिन जितना डर लगा, उतना ही मजा आया। जब वापस लौटा, तो दिल बहुत भरा हुआ था। ऐसा लगा कि इतने डर फेस करने के बाद अब समझ नहीं आ रहा कि आखिर डर किस चीज का था। सवाल: इस शो में ऐसा क्या खास है कि आप तीसरी बार लौट आए? जवाब: यह शो अपने आप में एक कार्निवल है। ‘कार्निवल ऑफ डेंजर्स’। मुझे ये सारी पागल चीजें करना बहुत पसंद है। हेलिकॉप्टर से कूदना, बाइक स्टंट करना, बड़े-बड़े स्टंट करना और ऊपर से उसके पैसे भी मिलना… इससे बड़ी ब्लेसिंग क्या होगी? इसलिए मुझे यह शो बहुत पसंद है। सवाल: लोग आपको हमेशा हंसते और पॉजिटिव देखते हैं, लेकिन अंदर का ऋत्विक कितना अलग है? जवाब: हर इंसान का एक वल्नरेबल साइड होता है। ऐसा नहीं है कि मैं हमेशा खुश रहता हूं। मेरी जिंदगी में भी बहुत उतार-चढ़ाव आए हैं। पहले मैं बहुत पछताता था, भविष्य को लेकर बहुत सोचता था। मैं इस पल में बहुत कम जीता था, लेकिन अब मैंने यह समझ लिया है कि जिंदगी सिर्फ यही पल है। ना पास्ट बदल सकते हैं और ना फ्यूचर जानते हैं। इसलिए अब मैं हर पल को पूरी इंटेंसिटी के साथ जीता हूं। सवाल: क्या हार और संघर्ष इंसान को और मजबूत बनाते हैं? जवाब: बिल्कुल। जब जिंदगी में कुछ गलत होता है, तो लगता है कि हम पीछे रह गए हैं, लेकिन मैं हमेशा एक चीज सोचता हूं- रामजी का तीर आगे जाने से पहले तीन कदम पीछे जाता है। वही तीन कदम उसकी सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। इसलिए अगर जिंदगी में कभी लगे कि पीछे रह गए हो, तो समझ लेना कि अब आगे बहुत दूर जाना है। सवाल: लोग हमेशा आपका स्माइलिंग फेस देखते हैं। क्या कभी लगा कि दुनिया को आपकी असली स्ट्रगल भी दिखनी चाहिए? जवाब: हां, क्योंकि मेरे साथ भी वही होता है जो हर इंसान के साथ होता है। फर्क सिर्फ इतना है कि हमारी जिंदगी पब्लिक होती है। लोग जानते हैं कि हमारे जीवन में क्या चल रहा है, लेकिन मैं अपनी स्ट्रगल को ग्लोरिफाई नहीं करना चाहता। मैं बस यह दिखाना चाहता हूं कि चाहे जिंदगी में कितना भी बड़ा सेटबैक आए, आप उससे बाहर निकल सकते हो। सवाल: करण वाही के साथ आपकी दोस्ती काफी चर्चित है। इस बार भी दोनों साथ नजर आएंगे? जवाब: बिल्कुल। हमने इस शो को लेकर बहुत बातें कीं। हम एक-दूसरे से पूछ रहे थे कि करना चाहिए या नहीं, लेकिन आखिर में यही लगा कि यार, मजा आएगा। सच कहूं तो शायद अगर करण नहीं होता, तो मैं यह शो नहीं करता। जिंदगी में दोस्ती बहुत जरूरी होती है। अगर दोस्त साथ हो, तो फिर यह पूरा सफर एक वेकेशन जैसा लगता है। सवाल: इस बार भी किस चीज का सबसे ज्यादा डर है? जवाब: मुझे हमेशा से फ्री फॉल का बहुत डर रहा है। इसलिए मैंने आज तक स्काइडाइविंग नहीं की। अब मुझे ऐसा लगता है कि पहले दो सीजन्स के मुकाबले यह डर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन अभी भी ऐसा हो सकता है कि अगर मुझे किसी ऊंची चट्टान पर खड़ा कर दो, तो मैं ‘राम-राम-राम’ करता मिलूं, ऐसा भी हो सकता है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मुझे अपने गुस्से से बहुत डर लगता था। लोग यकीन नहीं करते, लेकिन मेरा गुस्सा बहुत खतरनाक था। कई सालों की मेहनत और जिंदगी में आए कुछ खूबसूरत लोगों की वजह से मैं खुद को बदल पाया। उन्होंने मुझे समझाया कि गुस्सा इंसान को अंदर से खोखला कर देता है। मैं आज भी कोशिश करता हूं कि गुस्से से जितना दूर रह सकूं, रहूं क्योंकि गुस्सा सबसे बड़ा शैतान है। अगर इंसान अपने गुस्से और ईगो पर जीत हासिल कर ले, तो समझो उसने जिंदगी की आधी लड़ाई जीत ली।

तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है? जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है? जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं? जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद

तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे करण वाही:बोले- शो ने कुत्तों का डर खत्म किया, बताया जिंदगी का सबसे रिस्क क्या था?

टीवी एक्टर और होस्ट करण वाही एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ में नजर आएंगे। करण इससे पहले सीजन 8 और ‘खतरों के खिलाड़ी: मेड इन इंडिया’ का हिस्सा रह चुके हैं। अब वह तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखाई देंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में करण ने बताया कि यह शो सिर्फ एक रियलिटी शो नहीं, बल्कि जिंदगी बदल देने वाला एक्सपीरियंस है। सवाल: तीसरी बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जा रहे हैं। शो को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: शो की बात करें तो पुराना शो भी बहुत डरावना था। अब नया शो कितना डरावना होगा, ये तो हमें भी नहीं पता क्योंकि उन्होंने ज्यादा बताया नहीं है, लेकिन मैं खुद को बहुत लकी मानता हूं कि मुझे तीसरी बार यह शो करने का मौका मिल रहा है। जितना ज्यादा डर लगेगा, उतना ज्यादा मजा आएगा। अब बस उस पल का इंतजार है जब हम केपटाउन जाएंगे और रोहित सर के साथ फिर वही सफर शुरू होगा। सवाल: जब तीसरी बार शो का ऑफर आया, तब पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मेरा पहला रिएक्शन सीधा ‘हां’ था क्योंकि यह शो सिर्फ शो नहीं है, एक एक्सपीरियंस है। यहां आपके कॉम्पिटिटर्स भी आपको चीयर करते हैं। अगर आप जीतते हैं तो सामने वाला हार जाएगा, लेकिन फिर भी वो आपके लिए उतना ही चीयर करेगा जितना खुद के लिए करते हैं। आज के समय में ऐसा शो दूसरा नहीं है। यहां आपको वो सब करने का मौका मिलता है, जो हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में कभी नहीं करते। हम घर पर रह सकते हैं, फोन दूर रख सकते हैं, टीवी नहीं देख सकते, डांस या गाना गा सकते हैं, लेकिन असली जिंदगी में हम चूहों के बीच नहीं बैठते, 100 मंजिला इमारत से नहीं लटकते और ना ही ऐसी खतरनाक छलांग लगाते हैं। अगर आपको ये सब दोबारा करने का मौका मिले, तो डर जरूर लगता है। सवाल: पहली और दूसरी बार शो करने के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: पहली बार तो मुझे कई चीजों से डर लगता था, लेकिन सबसे बड़ा फोबिया जानवरों का था, खासकर डॉग्स का। ‘खतरों के खिलाड़ी’ के बाद वो डर पूरी तरह खत्म हो गया और आज मेरे घर में खुद का डॉग है। दूसरी बार भी हाइट का डर था और सच कहूं तो वह आज भी है, लेकिन यह शो आपको सिखाता है कि ‘माइंड ओवर मैटर’ क्या होता है। सवाल: क्या डर कभी पूरी तरह खत्म हो जाता है? जवाब: नहीं। यह शो हमेशा आपके सामने एक नया डर ले आता है। अगर कुत्तों का डर खत्म हुआ, तो अब वो शेर या चीता ले आएंगे, लेकिन यही इस शो की खूबसूरती है कि आप खुद को हर बार नए तरीके से टेस्ट करते हैं। सवाल: असल जिंदगी में करियर की शुरुआत के दौरान सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: अगर डर को जनरल सेंस में देखें, तो डर आज भी है। छोटी-छोटी चीजों का डर रहता है। पहले मुझे अपने पैरेंट्स से डर लगता था, पढ़ाई से डर लगता था, लेकिन अगर काम की बात करूं, तो 20-22 साल पहले दुनिया भी बहुत अलग थी। उस वक्त इंसान बहुत फियरलेस होता है। आप दुनिया के बारे में ज्यादा नहीं सोचते। बस नाम कमाना होता है। लगता है कि सब कर लेंगे, कुछ भी कर लेंगे। उस समय शायद डर कम था, मैं थोड़ा ज्यादा फियरलेस था। अब मैं इसे डर नहीं कहूंगा, लेकिन अब चीजों के बारे में ज्यादा सोचता हूं। ये हर इंसान के साथ होता है। पहले बस यही सोच होती थी कि काम आ रहा है, कुछ भी करो लेकिन काम करो। अब बस यही उम्मीद रहती है कि इतने सालों से लोगों ने मुझे जो प्यार दिया है, वो आगे भी मिलता रहे। मैंने 20-22 साल काम किया है, तो अगर अगले 20-22 साल भी उसी दिल से काम कर पाऊं, वही प्यार और सम्मान मिलता रहे, तो उससे बड़ी बात कुछ नहीं होगी। सवाल: आप अपनी फिटनेस और लाइफस्टाइल को लेकर कितना डिसिप्लिन फॉलो करते हैं? आपका फिटनेस रूटीन कैसा है? जवाब: मुझे लगता है यह एक एम्बेडेड डिसिप्लिन है। फिटनेस सिर्फ एक्टर्स के लिए जरूरी नहीं है, बल्कि एक अच्छी जिंदगी जीने के लिए जरूरी है। अच्छा खाना, वर्कआउट, साफ-सुथरी लाइफस्टाइल और शायद थोड़ी अच्छी जेनेटिक्स भी। यह सब पैरेंट्स की वजह से है। सवाल: मेंटल पीस और मेंटल फिटनेस कैसे बनाए रखते हैं? जवाब: पहले मैं बहुत एक्सटर्नल वैलिडेशन ढूंढता था। कौन क्या सोचता है, सोशल मीडिया पर किसने क्या लिखा। लेकिन अब मैंने यह सब छोड़ दिया है। अब मैं सिर्फ यह सोचता हूं कि मैं खुद अपने बारे में क्या सोचता हूं। मेरे एक्शन मेरे शब्दों से कितना मैच करते हैं। वही मुझे शांति देता है। सवाल: आपने स्पिरिचुअलिटी की तरफ भी काफी झुकाव दिखाया है? जवाब: स्पिरिचुअलिटी कोई बहुत बड़ी या अलग चीज नहीं है। मैं पहले भी स्पिरिचुअल था, बस अब खुद के साथ ज्यादा अलाइन्ड हूं। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आपकी चाहतें बदलती हैं और आप खुद को ज्यादा समझने लगते हैं। मेरे लिए स्पिरिचुअलिटी का मतलब बस खुद के साथ ईमानदार होना है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को कैसे देखते हैं? जवाब: मेरे लिए यह शो हमेशा एक बहुत बड़ा सपोर्ट सिस्टम रहा है। ऋत्विक धनजानी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं और उनकी एनर्जी ऐसी है कि आप उनके आसपास कभी उदास नहीं रह सकते। हम बहुत मस्ती करते हैं। मैं उम्मीद करता हूं कि इस बार भी हम फिनाले तक साथ पहुंचे और फिर वहीं मुकाबला हो। सवाल: जिंदगी का सबसे बड़ा रिस्क क्या लिया? जवाब: मुंबई आना। सवाल: सबसे खतरनाक अफवाह कौन सी लगी? जवाब: कि मैंने स्पिरिचुअल बनने के बाद काम छोड़ दिया है। सवाल: किसी कंटेस्टेंट के साथ बिना फोन के कहीं रुकना हो, तो कौन होगा? जवाब: ऋत्विक और वो किसी और को होने भी नहीं देगा। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगे? जवाब: मैं बस यही कहना चाहता हूं कि ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ जरूर देखिए। आपने इतने सालों से हमें बहुत प्यार दिया है, बस वही प्यार बनाए रखिए। और जो नई ऑडियंस है, जिन्होंने शायद

'नौकरी छोड़ी तो घरवाले बोले- सब सड़क पर आ जाएंगे':कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने बताया क्या था जिंदगी का सबसे बड़ा डर

'नौकरी छोड़ी तो घरवाले बोले- सब सड़क पर आ जाएंगे':कॉमेडियन हर्ष गुजराल ने बताया क्या था जिंदगी का सबसे बड़ा डर

स्टैंड-अप कॉमेडियन हर्ष गुजराल जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगे। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में हर्ष ने बताया कि असली डर उन्हें ऊंचाई या पानी से नहीं, बल्कि नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कॉमेडी में आने से लगा था। उन्होंने कहा कि एक मिडिल क्लास लड़के के लिए पैशन फॉलो करना आसान नहीं होता। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ को लेकर कितना एक्साइटमेंट है? जवाब: एक्साइटमेंट तो बहुत है, लेकिन अभी हमें खुद नहीं पता कि वहां किस तरह के खतरे आने वाले हैं। पानी, आग और हाइट वाले स्टंट तो होंगे ही, लेकिन इस बार थीम ही ‘डर का नया दौर’ है। इसका मतलब है कि कुछ नया जरूर होने वाला है। अब उन नए खतरों से कैसे निपटना है, यह तो वहां जाकर ही पता चलेगा। सवाल: रुबीना दिलाइक जैसी स्ट्रॉन्ग पर्सनैलिटी वाले कंटेस्टेंट्स के बीच खुद को कैसे संभालेंगे? जवाब: ऐसे कंटेस्टेंट्स, जब कुछ बोल रहे हों, तो साइड से निकल जाओ (हंसते हुए)। स्कूल में जब टीचर हमें डांटती थीं, तो हम सुनते रहते थे। मुझे लगता है कि उनका भी अपना सेंस ऑफ ह्यूमर है। सोचने का अपना तरीका है। उनका नेचर ऐसा ही है। हम ऐसे ही हंसते-हंसते शो में जाएंगे और खुशी-खुशी सब निकाल लेंगे, तो मुझे लगता है मजा आने वाला है। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: सच बताऊं तो मुझे सबसे ज्यादा डर करियर को लेकर लगा था। जब 2018 के आसपास मैंने नौकरी छोड़कर फुल-टाइम कॉमेडी शुरू की, तब बहुत डर था। एक मिडिल क्लास लड़के के लिए पैशन फॉलो करना आसान नहीं होता। हर सुबह उठकर यही लगता था कि ‘भाई, सब ठीक चल रहा है ना?’ घर वाले भी कहते थे कि नौकरी चली जाएगी, सैलरी नहीं आएगी, कॉमेडी में कुछ नहीं होगा, सब सड़क पर आ जाएंगे, ये हो जाएगा, वो हो जाएगा, लेकिन जब से मैं फेमस हुआ हूं, कोई सड़क पर निकला नहीं है (हंसते हुए)। सवाल: परिवार का क्या रिएक्शन था जब उन्हें पता चला कि आप ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने जा रहे हैं? जवाब: मां ने मेरा हाथ पकड़कर कहा, रहने दो। मैंने कहा, क्यों रहने दूं? देखते हैं वहां क्या होता है। जब मैं अपने शो के लिए जाता हूं, तो मेरी मां कहती हैं, टाइम पर आ जाना। इसमें मम्मी कह रही हैं, बेटा आ जाना (हंसते हुए)। मां पहले से ‘खतरों के खिलाड़ी’ देखती रही हैं। इसलिए उन्हें पता है कि कौन सा स्टंट कितना खतरनाक होता है। कहां पानी है, कहां आग है और क्या-क्या हो सकता है। सवाल: क्या कॉमेडी ने आपको मेंटली स्ट्रॉन्ग बनाया है? जवाब: बिल्कुल। कॉमेडी ने हमें बहुत स्ट्रॉन्ग बनाया है। मेंटली भी और फिजिकली भी। आखिर में जिंदगी भी एक तरह का स्टंट ही है। अगर आप मेंटली स्ट्रॉन्ग हैं, तो मुश्किल चीजें भी आसान लगने लगती हैं। सवाल: शो को लेकर आपकी कॉमेडी फ्रेटरनिटी का क्या रिएक्शन था? जवाब: मेरी फ्रेटरनिटी में सिर्फ अनुभव सिंह बस्सी ही मुझसे बात करते हैं। बाकी सबको अच्छा भी नहीं लग रहा होगा (हंसते हुए)। बस्सी भाई ने पूछा था कि ‘कर पाएगा?’ मैंने कहा- ‘हां भाई, कर लेंगे।’ उसी के कहने पर मैंने थोड़ी ज्यादा बॉडी भी बनाई है।

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

बिग बॉस 19 की फर्स्ट रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगी। इस बार शो की थीम ‘डर का नया दौर’ रखी गई है, जिसमें पुराने कंटेस्टेंट्स और नए चेहरों का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फरहाना ने अपने डर, संघर्ष और लोगों के तानों पर बात की। फरहाना ने यह भी कहा कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ में असली मुकाबला दूसरे कंटेस्टेंट्स से नहीं, बल्कि अपने डर से होता है। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का हिस्सा बनने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब: बहुत अलग फीलिंग है। एक्साइटमेंट भी है और डर भी। यह लाइफटाइम एक्सपीरियंस है, क्योंकि असल जिंदगी में आप ऐसे स्टंट नहीं कर सकते। रोहित शेट्टी जैसे लीजेंड के साथ और पूरी सेफ्टी के बीच यह सब करना बहुत बड़ी बात है। मैं इस शो के जरिए अपनी पर्सनैलिटी का एक नया हिस्सा एक्सप्लोर करना चाहती हूं। सवाल: क्या बिग बॉस के दौरान ही आपने इस शो के लिए खुद को मानसिक तौर पर तैयार करना शुरू कर दिया था? जवाब: सच कहूं तो हां, लेकिन बिग बॉस से बाहर आने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा था। काफी समय तक मैंने शो के बारे में सोचा ही नहीं, लेकिन जब इस सीजन के बारे में पता चला कि पुराने कंटेस्टेंट्स भी लौट रहे हैं और नए लोग भी होंगे, तब मुझे लगा कि यह बहुत दिलचस्प सीजन होने वाला है। इसलिए मैंने हां कह दिया। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या रहा है? जवाब: मैं आज भी बहुत सारी चीजों से डरती हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब शायद मुझे उन डरों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। जिंदगी इतनी तेज भागती है कि इंसान अपने डर के सामने रुककर खड़ा ही नहीं हो पाता, लेकिन अब शायद वो मौका मिलेगा कि डर को इतना करीब से देखूं कि डर खत्म हो जाए। सवाल: क्या आपको हाइट, पानी और कीड़े-मकोड़ों वाले डर लगते हैं? जवाब: हर इंसान का अपना एक फियर पॉइंट होता है। मैंने जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे डर नहीं लगता। मुझे पानी से डर लगता है, ऊंचाई से डर लगता है। कीड़े-मकोड़ों और रेप्टाइल्स के बीच मैं कभी रही नहीं हूं, इसलिए पता नहीं वहां क्या हालत होगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह पूरी जर्नी बहुत मजेदार होगी। सवाल: बिग बॉस में आपने मेंटल गेम, प्लानिंग और स्ट्रैटजी देखी। क्या उससे यहां मदद मिलेगी? जवाब: मुझे लगता है कि फिजिकल प्रिपरेशन से ज्यादा मुश्किल मेंटल प्रिपरेशन होती है क्योंकि आपको नहीं पता वहां क्या होने वाला है। आपको सिर्फ इतना पता है कि पानी होगा, हाइट होगी, इलेक्ट्रिक शॉक होंगे या कीड़े होंगे। लेकिन किस तरह से होगा, कितना डरावना होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए यह बहुत मिक्स फीलिंग है। सवाल: इस सीजन में कई मजबूत फीमेल कंटेस्टेंट्स हैं। किसके साथ बॉन्डिंग और किसके साथ मुकाबला देखने का मन है? जवाब: जब तक मैं सबके साथ वक्त नहीं बिताऊंगी, तब तक कुछ नहीं कह सकती। मैं जिंदगी में कभी फेक नहीं हो सकती। अगर किसी के साथ दोस्ती होगी तो दिल से होगी, लेकिन अगर गेम के हिसाब से टीम बनानी पड़े या किसी के खिलाफ जाना पड़े, तो वो सिचुएशन पर निर्भर करेगा। सवाल: बिग बॉस के आपके साथी गौरव भी शो में होंगे, उनके साथ बॉन्ड कैसा है? जवाब: बिग बॉस में हमारा बहुत अच्छा बॉन्ड था। फिर कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम एक-दूसरे की पर्सनैलिटी को अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस शो में दूसरा कंटेस्टेंट आपका असली कॉम्पिटिशन नहीं होता। आपका सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन आपका खुद का डर होता है। सवाल: कश्मीर जैसी जगह से आकर इंडस्ट्री में पहचान बनाना कितना बड़ा चैलेंज था? जवाब: लोग कहते थे कि तुम बहुत इमोशनल हो, कोई भी तुम्हारा फायदा उठा लेगा। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां कोई मेल बैकअप नहीं था। मेरी मां भी कई बार हार मानने लगी थीं, क्योंकि मैं बहुत स्ट्रगल कर रही थी। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि एक दिन कुछ अच्छा जरूर होगा। सवाल: आपके अंदर इतना कॉन्फिडेंस और स्ट्रॉन्ग ओपिनियन कहां से आया? जवाब: शायद मेरे अंदर बहुत स्ट्रॉन्ग माइंड है। अगर कोई मुझसे कहता था कि ‘तुम नहीं कर पाओगी’, तो मेरा ईगो मुझे और ज्यादा मोटिवेट करता था। मैं सोचती थी कि तुम कौन होते हो यह तय करने वाले कि मैं क्या कर सकती हूं और क्या नहीं। सवाल: क्या स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली लड़कियों को ज्यादा जज किया जाता है? जवाब: बिल्कुल। जब लोगों को लगता है कि वो आपको कंट्रोल या मैनिपुलेट नहीं कर सकते, तब आप उनके दुश्मन बन जाते हैं। हर इंसान चाहता है कि सामने वाला उसकी बात माने, लेकिन हर किसी की अपनी सोच और अपनी जिंदगी होती है। अब मैं उस फेज में पहुंच चुकी हूं जहां इन बातों से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: आज की फरहाना अपने पुराने स्ट्रगल वाले दौर की फरहाना से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हार न मानने के लिए खुद का शुक्रिया। दुनिया ने तुम्हें नीचे गिराने, हिम्मत तोड़ने और खुद पर शक कराने की बहुत कोशिश की, लेकिन अच्छा हुआ कि तुमने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया। सवाल: सलमान खान के बाद अब रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितनी एक्साइटमेंट है? जवाब: मैं रोहित सर को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। बिग बॉस में भी उन्होंने मुझे बहुत पॉजिटिव तरीके से गाइड किया था। मैंने पिछले सीजन्स में देखा है कि जब कोई कंटेस्टेंट हार मानने लगता है तो वह खुद आकर मोटिवेट करते हैं। मुझे लगता है कि अगर मैं किसी स्टंट में डर गई, तो रोहित सर मुझे उस डर से बाहर निकालेंगे। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब: अगर मैं आज यहां हूं तो सिर्फ अपने फैंस की वजह से हूं। उन्होंने ही मुझे दोबारा टीवी पर देखने की इच्छा जताई। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मैं अपना 100% दूंगी और कोशिश

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

फरहाना भट्ट ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में दिखेंगी:बोलीं- असली लड़ाई कंटेस्टेंट्स से नहीं, अपने डर से होती है

बिग बॉस 19 की फर्स्ट रनर-अप रहीं फरहाना भट्ट जल्द टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आएंगी। इस बार शो की थीम ‘डर का नया दौर’ रखी गई है, जिसमें पुराने कंटेस्टेंट्स और नए चेहरों का जबरदस्त मुकाबला देखने को मिलेगा। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में फरहाना ने अपने डर, संघर्ष और लोगों के तानों पर बात की। फरहाना ने यह भी कहा कि ‘खतरों के खिलाड़ी’ में असली मुकाबला दूसरे कंटेस्टेंट्स से नहीं, बल्कि अपने डर से होता है। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ का हिस्सा बनने पर कैसा महसूस हो रहा है? जवाब: बहुत अलग फीलिंग है। एक्साइटमेंट भी है और डर भी। यह लाइफटाइम एक्सपीरियंस है, क्योंकि असल जिंदगी में आप ऐसे स्टंट नहीं कर सकते। रोहित शेट्टी जैसे लीजेंड के साथ और पूरी सेफ्टी के बीच यह सब करना बहुत बड़ी बात है। मैं इस शो के जरिए अपनी पर्सनैलिटी का एक नया हिस्सा एक्सप्लोर करना चाहती हूं। सवाल: क्या बिग बॉस के दौरान ही आपने इस शो के लिए खुद को मानसिक तौर पर तैयार करना शुरू कर दिया था? जवाब: सच कहूं तो हां, लेकिन बिग बॉस से बाहर आने के बाद जिंदगी में बहुत कुछ चल रहा था। काफी समय तक मैंने शो के बारे में सोचा ही नहीं, लेकिन जब इस सीजन के बारे में पता चला कि पुराने कंटेस्टेंट्स भी लौट रहे हैं और नए लोग भी होंगे, तब मुझे लगा कि यह बहुत दिलचस्प सीजन होने वाला है। इसलिए मैंने हां कह दिया। सवाल: असल जिंदगी में आपका सबसे बड़ा डर क्या रहा है? जवाब: मैं आज भी बहुत सारी चीजों से डरती हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि अब शायद मुझे उन डरों को करीब से देखने का मौका मिलेगा। जिंदगी इतनी तेज भागती है कि इंसान अपने डर के सामने रुककर खड़ा ही नहीं हो पाता, लेकिन अब शायद वो मौका मिलेगा कि डर को इतना करीब से देखूं कि डर खत्म हो जाए। सवाल: क्या आपको हाइट, पानी और कीड़े-मकोड़ों वाले डर लगते हैं? जवाब: हर इंसान का अपना एक फियर पॉइंट होता है। मैंने जिंदगी में बहुत कुछ देखा है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि मुझे डर नहीं लगता। मुझे पानी से डर लगता है, ऊंचाई से डर लगता है। कीड़े-मकोड़ों और रेप्टाइल्स के बीच मैं कभी रही नहीं हूं, इसलिए पता नहीं वहां क्या हालत होगी, लेकिन मुझे लगता है कि यह पूरी जर्नी बहुत मजेदार होगी। सवाल: बिग बॉस में आपने मेंटल गेम, प्लानिंग और स्ट्रैटजी देखी। क्या उससे यहां मदद मिलेगी? जवाब: मुझे लगता है कि फिजिकल प्रिपरेशन से ज्यादा मुश्किल मेंटल प्रिपरेशन होती है क्योंकि आपको नहीं पता वहां क्या होने वाला है। आपको सिर्फ इतना पता है कि पानी होगा, हाइट होगी, इलेक्ट्रिक शॉक होंगे या कीड़े होंगे। लेकिन किस तरह से होगा, कितना डरावना होगा, यह कोई नहीं जानता। इसलिए यह बहुत मिक्स फीलिंग है। सवाल: इस सीजन में कई मजबूत फीमेल कंटेस्टेंट्स हैं। किसके साथ बॉन्डिंग और किसके साथ मुकाबला देखने का मन है? जवाब: जब तक मैं सबके साथ वक्त नहीं बिताऊंगी, तब तक कुछ नहीं कह सकती। मैं जिंदगी में कभी फेक नहीं हो सकती। अगर किसी के साथ दोस्ती होगी तो दिल से होगी, लेकिन अगर गेम के हिसाब से टीम बनानी पड़े या किसी के खिलाफ जाना पड़े, तो वो सिचुएशन पर निर्भर करेगा। सवाल: बिग बॉस के आपके साथी गौरव भी शो में होंगे, उनके साथ बॉन्ड कैसा है? जवाब: बिग बॉस में हमारा बहुत अच्छा बॉन्ड था। फिर कई उतार-चढ़ाव आए, लेकिन अब हम बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम एक-दूसरे की पर्सनैलिटी को अच्छी तरह जानते हैं, लेकिन मुझे लगता है कि इस शो में दूसरा कंटेस्टेंट आपका असली कॉम्पिटिशन नहीं होता। आपका सबसे बड़ा कॉम्पिटिशन आपका खुद का डर होता है। सवाल: कश्मीर जैसी जगह से आकर इंडस्ट्री में पहचान बनाना कितना बड़ा चैलेंज था? जवाब: लोग कहते थे कि तुम बहुत इमोशनल हो, कोई भी तुम्हारा फायदा उठा लेगा। मैं ऐसे परिवार से आती हूं जहां कोई मेल बैकअप नहीं था। मेरी मां भी कई बार हार मानने लगी थीं, क्योंकि मैं बहुत स्ट्रगल कर रही थी। लेकिन मुझे खुद पर भरोसा था कि एक दिन कुछ अच्छा जरूर होगा। सवाल: आपके अंदर इतना कॉन्फिडेंस और स्ट्रॉन्ग ओपिनियन कहां से आया? जवाब: शायद मेरे अंदर बहुत स्ट्रॉन्ग माइंड है। अगर कोई मुझसे कहता था कि ‘तुम नहीं कर पाओगी’, तो मेरा ईगो मुझे और ज्यादा मोटिवेट करता था। मैं सोचती थी कि तुम कौन होते हो यह तय करने वाले कि मैं क्या कर सकती हूं और क्या नहीं। सवाल: क्या स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली लड़कियों को ज्यादा जज किया जाता है? जवाब: बिल्कुल। जब लोगों को लगता है कि वो आपको कंट्रोल या मैनिपुलेट नहीं कर सकते, तब आप उनके दुश्मन बन जाते हैं। हर इंसान चाहता है कि सामने वाला उसकी बात माने, लेकिन हर किसी की अपनी सोच और अपनी जिंदगी होती है। अब मैं उस फेज में पहुंच चुकी हूं जहां इन बातों से फर्क नहीं पड़ता। सवाल: आज की फरहाना अपने पुराने स्ट्रगल वाले दौर की फरहाना से क्या कहना चाहेंगी? जवाब: मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि हार न मानने के लिए खुद का शुक्रिया। दुनिया ने तुम्हें नीचे गिराने, हिम्मत तोड़ने और खुद पर शक कराने की बहुत कोशिश की, लेकिन अच्छा हुआ कि तुमने उनकी बातों पर भरोसा नहीं किया। सवाल: सलमान खान के बाद अब रोहित शेट्टी के साथ काम करने को लेकर कितनी एक्साइटमेंट है? जवाब: मैं रोहित सर को लेकर बहुत एक्साइटेड हूं। बिग बॉस में भी उन्होंने मुझे बहुत पॉजिटिव तरीके से गाइड किया था। मैंने पिछले सीजन्स में देखा है कि जब कोई कंटेस्टेंट हार मानने लगता है तो वह खुद आकर मोटिवेट करते हैं। मुझे लगता है कि अगर मैं किसी स्टंट में डर गई, तो रोहित सर मुझे उस डर से बाहर निकालेंगे। सवाल: आखिर में फैंस के लिए क्या कहना चाहेंगी? जवाब: अगर मैं आज यहां हूं तो सिर्फ अपने फैंस की वजह से हूं। उन्होंने ही मुझे दोबारा टीवी पर देखने की इच्छा जताई। मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि मैं अपना 100% दूंगी और कोशिश

रुबीना दिलाइक ने पहले ठुकराया था ‘खतरों के खिलाड़ी 15’:परिवार से दूर नहीं जाना चाहती थीं, जानिए फिर कैसे बदला फैसला

रुबीना दिलाइक ने पहले ठुकराया था ‘खतरों के खिलाड़ी 15’:परिवार से दूर नहीं जाना चाहती थीं, जानिए फिर कैसे बदला फैसला

टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलाइक एक बार फिर टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में वापसी करने जा रही हैं। रुबीना इससे पहले शो के 12वें सीजन में भाग ले चुकी हैं। अब वह एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सीजन 15 में नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में रुबीना ने बताया कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी और सोच दोनों बदल चुकी हैं। बातचीत में रुबीना ने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्ष, लोगों की जजमेंट, स्ट्रॉन्ग महिलाओं को लेकर बनी सोच और अपने डर पर भी बात की। सवाल: आप हमेशा एक स्ट्रॉन्ग, बोल्ड और टफ पर्सनैलिटी के तौर पर देखी जाती हैं। क्या इस इमेज का प्रेशर भी रहता है? जवाब: अगर मैं यह सोचने लगूं कि लोग मुझसे क्या उम्मीद कर रहे हैं, तो वह प्रेशर मेरे गेम को खराब कर सकता है। मुझे लगता है कि आपको बस अपनी जगह समझनी चाहिए और उसी सम्मान के साथ खेलना चाहिए। अगर मैं एक्सपेक्टेशन का बोझ लेकर स्टंट करूंगी, तो वह मुझे और ज्यादा परेशान करेगा। इसलिए जितना हो सके, उस प्रेशर को खुद से दूर रखना जरूरी है। सवाल: क्या कॉम्पिटिटिव होना इस शो के लिए जरूरी है? जवाब: बिल्कुल। हर इंसान के अंदर एक कॉम्पिटिटिव स्पिरिट होती है। कोई खुद से मुकाबला करता है, कोई दूसरों से। जब आप ऐसे शो में जाते हैं, तो आप अपनी बेस्ट फिजिकल और मेंटल कैपेसिटी दिखाना चाहते हैं। अगर आपके अंदर कॉम्पिटिटिवनेस नहीं है, तो शायद आप कहीं न कहीं फ्लैट पड़ जाएंगे। सवाल: कुछ लोगों का परसेप्शन है कि मां बनने के बाद महिलाएं कमजोर हो जाती हैं, आप इसे कैसे देखती हैं? जवाब: मुझे लगता है कि मदरहुड कमजोरी नहीं, बल्कि बहुत बड़ी ताकत है। लोग कहते हैं कि अब शायद आपके अंदर पहले जैसी स्टैमिना या ताकत नहीं होगी, लेकिन वही बातें मुझे खुद को साबित करने का और मोटिवेशन देती हैं। ताकत सिर्फ फिजिकल नहीं होती, मानसिक मजबूती और रेजिलिएंस भी बहुत मायने रखता है और एक मां के अंदर यह ताकत और ज्यादा बढ़ जाती है। सवाल: डर को आप कैसे देखती हैं? जवाब: डर ही तय करता है कि आप कितने मजबूत हैं। जिंदगी में हर इंसान किसी न किसी डर से लड़ रहा होता है। सवाल यह नहीं है कि डर है या नहीं, सवाल यह है कि आप डर को खुद पर हावी होने देते हैं या खुद उस डर पर जीत हासिल करते हैं। सवाल: इंडस्ट्री में शुरुआती दौर में सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मैं गांव और बहुत कंजर्वेटिव माहौल से आती हूं। उस समय इस इंडस्ट्री को बहुत अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था। जब मैं पहली बार मुंबई आई, तो मेरे अंदर बहुत डर था। पढ़ाई, करियर, नए शहर में खुद को स्थापित करना… हर चीज डराती थी, लेकिन शायद हर डर को पार करने की कोशिश ने मुझे मजबूत बनाया। सवाल: पहली बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने के दौरान आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: जब आप जिंदगी में पहली बार 80 फीट ऊंचाई से कूदते हैं या समुद्र में स्टंट करते हैं, तब समझ आता है कि डर क्या होता है। पानी तो पानी ही होता है, चाहे गिलास में हो या समुद्र में, लेकिन उसकी विशालता आपका डर तय करती है। उस पूरे सीजन में मैं लगातार अपने डर से जूझ रही थी। सवाल: क्या इस बार का अनुभव पहले से अलग होगा? जवाब: बिल्कुल। मां बनने के बाद बहुत कुछ बदल गया है। पिछले चार सालों में मैंने खुद को उस तरह से टेस्ट नहीं किया है। इसलिए मुझे खुद नहीं पता कि इस बार मैं अपने डर को उसी तरह फेस कर पाऊंगी या नहीं। लेकिन यह जर्नी मेरे लिए बहुत अलग होने वाली है। सवाल: स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली महिलाओं को अक्सर जज किया जाता है। क्या आपने भी यह महसूस किया है? जवाब: हां, लेकिन यह मेरी जिंदगी जीने का तरीका है। अगर मैं खुद को सिर्फ लोगों को खुश करने के लिए बदल दूं, तो फिर मैं अपनी असली जिंदगी नहीं जी रही हूं। भगवान ने हर इंसान को अलग बनाया है। अगर मैं अपनी यूनिकनेस छोड़कर लोगों की उम्मीदों में फिट होने लगूं, तो मैं ऑथेंटिक नहीं रहूंगी। हां, ऐसा करने से कई लोग आपसे नाराज भी होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप खुद को बदल दें। सवाल: जब आपको दोबारा ‘खतरों के खिलाड़ी’ का ऑफर मिला, तब आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैंने शुरुआत में मना कर दिया था, क्योंकि यह बहुत लंबा इंटरनेशनल शेड्यूल है और अब मेरी बेटियां हैं। उन्हें छोड़कर इतनी दूर जाना आसान नहीं था। लगभग तीन महीने तक मैं यही सोचती रही कि करूं या नहीं, लेकिन फिर अभिनव ने कहा कि ‘रुबीना, यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा। हम सब संभाल लेंगे।’ तब मुझे लगा कि मेरे पास बहुत मजबूत सपोर्ट सिस्टम है और मैं यह कर सकती हूं। सवाल: अब जीत और हार को किस नजरिए से देखती हैं? जवाब: अब मेरे लिए जीत-हार का मतलब बदल चुका है। अब मैं यह सोचती हूं कि हमारी चॉइसेस हमारी बेटियों को क्या सिखाएंगी। हम उनके पहले टीचर हैं। इसलिए हम उन्हें यह नहीं सिखाना चाहते कि सिर्फ जीतना जरूरी है। हम उन्हें यह सिखाना चाहते हैं कि कोशिश करना और हिम्मत दिखाना ज्यादा जरूरी है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को लेकर क्या सोचती हैं? जवाब: हर कोई अपने साथ एक अलग एनर्जी लेकर आया है। अविका गोर बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। जैस्मिन भसीन के साथ मैंने बिग बॉस में काफी वक्त बिताया है और वह बहुत अच्छी इंसान हैं। करण वाही और ऋत्विक धनजानी यह शो तीसरी बार कर रहे हैं, इसलिए उनके पास अलग अनुभव है। वहीं रुहानिका धवन और शगुन शर्मा जैसे यंग कंटेस्टेंट्स का नजरिया अलग होगा। मुझे लोगों को ऑब्जर्व करना और उनकी बॉडी लैंग्वेज समझना बहुत पसंद है। इसलिए यह सफर मेरे लिए काफी दिलचस्प रहेगा।

रुबीना दिलाइक ने पहले ठुकराया था ‘खतरों के खिलाड़ी 15’:परिवार से दूर नहीं जाना चाहती थीं, जानिए फिर कैसे बदला फैसला

रुबीना दिलाइक ने पहले ठुकराया था ‘खतरों के खिलाड़ी 15’:परिवार से दूर नहीं जाना चाहती थीं, जानिए फिर कैसे बदला फैसला

टीवी एक्ट्रेस रुबीना दिलाइक एक बार फिर टीवी शो ‘खतरों के खिलाड़ी’ में वापसी करने जा रही हैं। रुबीना इससे पहले शो के 12वें सीजन में भाग ले चुकी हैं। अब वह एक बार फिर ‘खतरों के खिलाड़ी’ के सीजन 15 में नजर आएंगी। दैनिक भास्कर से खास बातचीत में रुबीना ने बताया कि मां बनने के बाद उनकी जिंदगी और सोच दोनों बदल चुकी हैं। बातचीत में रुबीना ने इंडस्ट्री में अपने शुरुआती संघर्ष, लोगों की जजमेंट, स्ट्रॉन्ग महिलाओं को लेकर बनी सोच और अपने डर पर भी बात की। सवाल: आप हमेशा एक स्ट्रॉन्ग, बोल्ड और टफ पर्सनैलिटी के तौर पर देखी जाती हैं। क्या इस इमेज का प्रेशर भी रहता है? जवाब: अगर मैं यह सोचने लगूं कि लोग मुझसे क्या उम्मीद कर रहे हैं, तो वह प्रेशर मेरे गेम को खराब कर सकता है। मुझे लगता है कि आपको बस अपनी जगह समझनी चाहिए और उसी सम्मान के साथ खेलना चाहिए। अगर मैं एक्सपेक्टेशन का बोझ लेकर स्टंट करूंगी, तो वह मुझे और ज्यादा परेशान करेगा। इसलिए जितना हो सके, उस प्रेशर को खुद से दूर रखना जरूरी है। सवाल: क्या कॉम्पिटिटिव होना इस शो के लिए जरूरी है? जवाब: बिल्कुल। हर इंसान के अंदर एक कॉम्पिटिटिव स्पिरिट होती है। कोई खुद से मुकाबला करता है, कोई दूसरों से। जब आप ऐसे शो में जाते हैं, तो आप अपनी बेस्ट फिजिकल और मेंटल कैपेसिटी दिखाना चाहते हैं। अगर आपके अंदर कॉम्पिटिटिवनेस नहीं है, तो शायद आप कहीं न कहीं फ्लैट पड़ जाएंगे। सवाल: कुछ लोगों का परसेप्शन है कि मां बनने के बाद महिलाएं कमजोर हो जाती हैं, आप इसे कैसे देखती हैं? जवाब: मुझे लगता है कि मदरहुड कमजोरी नहीं, बल्कि बहुत बड़ी ताकत है। लोग कहते हैं कि अब शायद आपके अंदर पहले जैसी स्टैमिना या ताकत नहीं होगी, लेकिन वही बातें मुझे खुद को साबित करने का और मोटिवेशन देती हैं। ताकत सिर्फ फिजिकल नहीं होती, मानसिक मजबूती और रेजिलिएंस भी बहुत मायने रखता है और एक मां के अंदर यह ताकत और ज्यादा बढ़ जाती है। सवाल: डर को आप कैसे देखती हैं? जवाब: डर ही तय करता है कि आप कितने मजबूत हैं। जिंदगी में हर इंसान किसी न किसी डर से लड़ रहा होता है। सवाल यह नहीं है कि डर है या नहीं, सवाल यह है कि आप डर को खुद पर हावी होने देते हैं या खुद उस डर पर जीत हासिल करते हैं। सवाल: इंडस्ट्री में शुरुआती दौर में सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: मैं गांव और बहुत कंजर्वेटिव माहौल से आती हूं। उस समय इस इंडस्ट्री को बहुत अच्छी नजर से नहीं देखा जाता था। जब मैं पहली बार मुंबई आई, तो मेरे अंदर बहुत डर था। पढ़ाई, करियर, नए शहर में खुद को स्थापित करना… हर चीज डराती थी, लेकिन शायद हर डर को पार करने की कोशिश ने मुझे मजबूत बनाया। सवाल: पहली बार ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने के दौरान आपका सबसे बड़ा डर क्या था? जवाब: जब आप जिंदगी में पहली बार 80 फीट ऊंचाई से कूदते हैं या समुद्र में स्टंट करते हैं, तब समझ आता है कि डर क्या होता है। पानी तो पानी ही होता है, चाहे गिलास में हो या समुद्र में, लेकिन उसकी विशालता आपका डर तय करती है। उस पूरे सीजन में मैं लगातार अपने डर से जूझ रही थी। सवाल: क्या इस बार का अनुभव पहले से अलग होगा? जवाब: बिल्कुल। मां बनने के बाद बहुत कुछ बदल गया है। पिछले चार सालों में मैंने खुद को उस तरह से टेस्ट नहीं किया है। इसलिए मुझे खुद नहीं पता कि इस बार मैं अपने डर को उसी तरह फेस कर पाऊंगी या नहीं। लेकिन यह जर्नी मेरे लिए बहुत अलग होने वाली है। सवाल: स्ट्रॉन्ग और ओपिनियन रखने वाली महिलाओं को अक्सर जज किया जाता है। क्या आपने भी यह महसूस किया है? जवाब: हां, लेकिन यह मेरी जिंदगी जीने का तरीका है। अगर मैं खुद को सिर्फ लोगों को खुश करने के लिए बदल दूं, तो फिर मैं अपनी असली जिंदगी नहीं जी रही हूं। भगवान ने हर इंसान को अलग बनाया है। अगर मैं अपनी यूनिकनेस छोड़कर लोगों की उम्मीदों में फिट होने लगूं, तो मैं ऑथेंटिक नहीं रहूंगी। हां, ऐसा करने से कई लोग आपसे नाराज भी होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप खुद को बदल दें। सवाल: जब आपको दोबारा ‘खतरों के खिलाड़ी’ का ऑफर मिला, तब आपका पहला रिएक्शन क्या था? जवाब: मैंने शुरुआत में मना कर दिया था, क्योंकि यह बहुत लंबा इंटरनेशनल शेड्यूल है और अब मेरी बेटियां हैं। उन्हें छोड़कर इतनी दूर जाना आसान नहीं था। लगभग तीन महीने तक मैं यही सोचती रही कि करूं या नहीं, लेकिन फिर अभिनव ने कहा कि ‘रुबीना, यह मौका दोबारा नहीं मिलेगा। हम सब संभाल लेंगे।’ तब मुझे लगा कि मेरे पास बहुत मजबूत सपोर्ट सिस्टम है और मैं यह कर सकती हूं। सवाल: अब जीत और हार को किस नजरिए से देखती हैं? जवाब: अब मेरे लिए जीत-हार का मतलब बदल चुका है। अब मैं यह सोचती हूं कि हमारी चॉइसेस हमारी बेटियों को क्या सिखाएंगी। हम उनके पहले टीचर हैं। इसलिए हम उन्हें यह नहीं सिखाना चाहते कि सिर्फ जीतना जरूरी है। हम उन्हें यह सिखाना चाहते हैं कि कोशिश करना और हिम्मत दिखाना ज्यादा जरूरी है। सवाल: इस बार के कंटेस्टेंट्स को लेकर क्या सोचती हैं? जवाब: हर कोई अपने साथ एक अलग एनर्जी लेकर आया है। अविका गोर बहुत स्ट्रॉन्ग हैं। जैस्मिन भसीन के साथ मैंने बिग बॉस में काफी वक्त बिताया है और वह बहुत अच्छी इंसान हैं। करण वाही और ऋत्विक धनजानी यह शो तीसरी बार कर रहे हैं, इसलिए उनके पास अलग अनुभव है। वहीं रुहानिका धवन और शगुन शर्मा जैसे यंग कंटेस्टेंट्स का नजरिया अलग होगा। मुझे लोगों को ऑब्जर्व करना और उनकी बॉडी लैंग्वेज समझना बहुत पसंद है। इसलिए यह सफर मेरे लिए काफी दिलचस्प रहेगा।

ओरी बोले- 24 घंटे कंगना रनोट संग रह सकता हूं:खतरों के खिलाड़ी 15 में दिखेंगे, कहा- मोटिवेशन नहीं सिर्फ एक्शन पर भरोसा करता हूं

ओरी बोले- 24 घंटे कंगना रनोट संग रह सकता हूं:खतरों के खिलाड़ी 15 में दिखेंगे, कहा- मोटिवेशन नहीं सिर्फ एक्शन पर भरोसा करता हूं

सोशल मीडिया सेंसेशन ओरहान अवात्रामणि उर्फ ओरी अब स्टंट बेस्ड रियलिटी शो ‘खतरों के खिलाड़ी 15’ में नजर आने वाले हैं। अपने अनोखे अंदाज, फनी जवाबों और वायरल पर्सनैलिटी के लिए मशहूर ओरी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में शो, डर, मोटिवेशन, सोशल मीडिया इमेज और अपनी निजी सोच को लेकर खुलकर बातें कीं। बातचीत के दौरान ओरी ने बताया कि उन्हें पानी या खतरनाक स्टंट्स से डर नहीं लगता और वे मोटिवेशन की बजाय एक्शन में भरोसा करते हैं। साथ ही उन्होंने ‘ओरी टच’, सेलिब्रिटी फ्रेंडशिप्स और रोहित शेट्टी के साथ अपनी केमिस्ट्री को लेकर भी मजेदार जवाब दिए। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ में जाने को लेकर एक्साइटेड ज्यादा हैं या नर्वस? जवाब: सच बोलूं तो मुझे डर महसूस नहीं हो रहा। मैं काफी कॉन्फिडेंट हूं। सवाल: रियल लाइफ में किसी चीज से डर लगता है? जवाब: नहीं। मुझे किसी चीज से खास डर नहीं लगता। सवाल: आपने पहले कभी ‘खतरों के खिलाड़ी’ देखा था? जवाब: नहीं, मैंने कभी शो फॉलो नहीं किया। सवाल: शो में हाइट, पानी और खतरनाक स्टंट होते हैं। इनमें से सबसे मुश्किल क्या लग रहा है? जवाब: लोग बार-बार पानी का नाम ले रहे हैं, लेकिन मुझे समझ नहीं आता कि पानी से डर कैसे लग सकता है। पानी डरावना नहीं होता। सवाल: आपकी जिंदगी में काफी उतार-चढ़ाव रहे। ऐसी कौन-सी चीज है जो आपको आगे बढ़ने की ताकत देती है? जवाब: मैं मोटिवेशन में विश्वास नहीं करता। अगर आप सिर्फ मोटिवेशन के भरोसे काम करेंगे, तो एक दिन मोटिवेशन खत्म हो जाएगा और काम भी रुक जाएगा। जो करना है, वो इसलिए करो क्योंकि आपको करना है। सवाल: फिर आपके हिसाब से काम करने की असली वजह क्या होनी चाहिए? जवाब: सिर्फ यही कि आपको वो काम करना है। मैं ज्यादा सोचता नहीं, बस कर देता हूं। सवाल: ‘खतरों के खिलाड़ी’ करने के पीछे सबसे बड़ी वजह क्या रही? जवाब: मैं थोड़ा बोर हो गया था। लगा कुछ नया करना चाहिए, तो मैंने हां कह दिया। सवाल: क्या ये आपका पहला रियलिटी शो है? जवाब: हां, बिल्कुल। मैं खुद को ‘रियलिटी शो वर्जिन’ कहता हूं। ये मेरा पहला शो है और शायद आखिरी भी। सवाल: ऐसा क्या था जिसने आपको इस शो के लिए मना लिया? जवाब: जब मैंने देखा कि अविनाश मिश्रा भी शो कर रहे हैं, तो मैंने सोचा मैं भी कर लेता हूं। सवाल: क्या आपने अविनाश को बिग बॉस में फॉलो किया था? जवाब: नहीं, मैं बिग बॉस नहीं देखता। लेकिन उनकी आंखें बहुत अच्छी हैं। सवाल: क्या आप अगली बार बिग बॉस में जाएंगे? जवाब: शायद। सवाल: सोशल मीडिया पर लोग आपको जानते हैं, लेकिन असली ओरी कौन है? जवाब: अंदर से मैं बिल्कुल नॉर्मल इंसान हूं। दो फेफड़े, एक दिल, एक पेट… बाकी सबकी तरह ही। सवाल: अगर आपको 24 घंटे बिना फोन किसी सेलिब्रिटी के साथ एक कमरे में रहना पड़े, तो किसे चुनेंगे? जवाब: कंगना रनोट। उनसे लंबी बातचीत करना दिलचस्प होगा। सवाल: क्या आप सारा अली खान के अच्छे दोस्त हैं? जवाब:अच्छा दोस्त था। अभी नहीं हूं। सवाल: क्या आप अमृता सिंह के बहुत करीबी हैं? जवाब: अभी नहीं। सवाल: किसी सेलिब्रिटी से डर लगता है? जवाब: नहीं, किसी से नहीं। सवाल: अपने बारे में सुना सबसे अजीब या मजेदार रूमर कौन-सा था? जवाब: शायद जो लोग रूमर कहते हैं, उनमें से कई सच भी होते हैं। सवाल: लोग कहते हैं कि आपका ‘टच’ काफी फेमस है। आखिर ये कॉन्सेप्ट क्या है? जवाब: लोग कहते हैं कि जब मैं उनके कंधे या सिर पर हाथ रखता हूं, तो उन्हें अलग एनर्जी महसूस होती है। कोई कहता है स्ट्रेस कम हो गया, कोई कहता है अच्छा महसूस हुआ। अब ये लोग कहते हैं, मैं नहीं। सवाल: क्या कोई ऐसा सेलिब्रिटी है जिसके साथ आपका वो ‘ओरी टच’ अभी बाकी है? जवाब: हमारे ऑनरेबल पीएम। उनसे मिलना चाहूंगा। सवाल: शो में दर्शकों को ओरी का कौन-सा नया रूप देखने मिलेगा? जवाब: मेरा सबसे फिट और पतला वर्जन। मैंने शो के लिए काफी वजन कम किया है, क्योंकि टीवी पर इंसान ज्यादा भारी दिखता है। सवाल: रोहित शेट्टी के साथ आपकी बॉन्डिंग कैसी रहने वाली है? जवाब: वो तो शो देखकर ही पता चलेगा। मुझे खुद भी इंतजार है।