Health Tips: हेल्दी रहना है जरूरी? काला या हरा, कौन देगा ज्यादा हेल्थ बेनिफिट्स? एक्सपर्ट से जानें

Last Updated:March 26, 2026, 20:20 IST Health Tips: आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार पोषक तत्वों की बात करें तो काले अंगूर ज्यादा असरदार माने जाते हैं. इनमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को अंदर से हेल्दी रखने में मदद करते हैं. हालांकि, विशेषज्ञ बताते है कि, अंगूर का सेवन कभी भी खाली पेट या रात को सोते समय नहीं करना चाहिए. इसका सेवन हमेशा खाने के बाद या दोपहर के समय करना लाभकारी रहता है. Health Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजार में कई तरह के ताजे फल आने लगे हैं. इनमें अंगूर की मांग भी तेजी से बढ़ जाती है. इन दिनों बाजार में दो तरह के अंगूर ज्यादा नजर आ रहे हैं. एक हरे रंग के और दूसरे काले रंग के. लोग स्वाद के हिसाब से इन्हें खरीदते हैं, लेकिन सेहत के हिसाब से कौन सा ज्यादा फायदेमंद है, यह सवाल अक्सर लोगों के मन में रहता है. आमतौर पर घरों में हरे अंगूर ज्यादा पसंद किए जाते हैं, क्योंकि ये हल्के खट्टे-मीठे होते हैं और बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को अच्छे लगते हैं. लेकिन आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार पोषक तत्वों की बात करें तो काले अंगूर ज्यादा असरदार माने जाते हैं. इनमें कई ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो शरीर को अंदर से हेल्दी रखने में मदद करते हैं. हालांकि, विशेषज्ञ बताते है कि, अंगूर का सेवन कभी भी खाली पेट या रात को सोते समय नहीं करना चाहिए. इसका सेवन हमेशा खाने के बाद या दोपहर के समय करना लाभकारी रहता है. काले अंगूर में ज्यादा पोषक तत्व खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि काले अंगूर में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और फ्लेवोनॉयड्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर से गंदगी बाहर निकालने में मदद करते हैं और इम्यूनिटी को मजबूत बनाते हैं. गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडक देने में भी काले अंगूर उपयोगी माने जाते हैं. उन्होंने बताया कि काले अंगूर में रेस्वेराट्रोल नाम का खास तत्व पाया जाता है. यह तत्व दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है और शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. नियमित मात्रा में काले अंगूर खाने से शरीर की कमजोरी भी कम होती है और थकान जल्दी दूर होती है. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद काले अंगूर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद करते हैं. इनमें मौजूद फाइबर और पोटेशियम शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में सहायक होते हैं. इससे दिल की धमनियां स्वस्थ रहती हैं और हार्ट से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम होता है. इसके अलावा जो लोग वजन कम करना चाहते हैं उनके लिए भी काले अंगूर अच्छा विकल्प माने जाते हैं. इनमें कैलोरी कम होती है और यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करने में मदद करते हैं. इसलिए डाइट में सीमित मात्रा में काले अंगूर शामिल करना फायदेमंद माना जाता है. हरे अंगूर भी कम नहीं हैं उपयोगी हरे अंगूर भी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होते हैं. इनमें विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट मौजूद होते हैं जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. गर्मी के मौसम में हरे अंगूर खाने से शरीर को ताजगी मिलती है और पानी की कमी भी कम महसूस होती है. हरे अंगूर खास तौर पर पाचन के लिए अच्छे माने जाते हैं. इन्हें खाने से गैस, एसिडिटी और पेट की जलन जैसी समस्याओं में राहत मिलती है. इसलिए जिन लोगों को पेट से जुड़ी परेशानी रहती है उनके लिए हरे अंगूर उपयोगी साबित हो सकते हैं. स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन विशेषज्ञों के अनुसार काले अंगूर में पोषक तत्व ज्यादा होते हैं, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि हरे अंगूर कम उपयोगी हैं. दोनों ही तरह के अंगूर शरीर को अलग-अलग तरीके से फायदा पहुंचाते हैं. इसलिए मौसम के अनुसार दोनों का सेवन करना बेहतर माना जाता है. अगर शरीर को ज्यादा पोषण देना चाहते हैं तो काले अंगूर को डाइट में शामिल करना अच्छा विकल्प हो सकता है. वहीं रोजाना हल्के और आसानी से पचने वाले फल के रूप में हरे अंगूर भी अच्छा चुनाव माने जाते हैं. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें Location : Khargone,Madhya Pradesh First Published : March 26, 2026, 20:20 IST
छोटा सा पौधा, बड़े फायदे! भूमि आंवला से लिवर होगा मजबूत, शुगर हेगा कंट्रोल; जानें चमत्कारी फायदे

X छोटा सा पौधा, बड़े फायदे! भूमि आंवला से लिवर होगा मजबूत, शुगर हेगा कंट्रोल Benefits of Bhumi Amla: भूमि आंवला एक औषधीय पौधा माना जाता है. जिसका उपयोग आयुर्वेद में लंबे समय से किया जा रहा है. यह पौधा खेतों, बगीचों और खाली स्थानों पर आसानी से मिल जाता है और इसकी पत्तियों में छोटे-छोटे आंवले जैसे फल लगते है. बाराबंकी जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा (एमडी मेडिसिन) के अनुसार भूमि आंवला में कई औषधीय गुण पाए जाते है जो लिवर, पाचन, जॉन्डिस और शुगर जैसी समस्याओं में लाभकारी हो सकते है. उन्होंने बताया कि इसकी पत्तियों का 5-6 एमएल रस पानी के साथ लेने से पाचन सुधरता है और फैटी लिवर में मदद मिल सकती है. यह बालों को मजबूत बनाने और त्वचा संबंधी समस्याओं में भी उपयोगी माना जाता है. इसे जूस, काढ़ा या चूर्ण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि किसी भी औषधि का उपयोग डॉक्टर की सलाह से ही करना चाहिए.
चाय के साथ सभी खाते हैं नमकीन, पर गर्मी में ये आदत कर देगी बड़ा नुकसान! जानें क्या-क्या नहीं खाना चाहिए

Last Updated:March 24, 2026, 22:05 IST Summer Health Tips: मध्य प्रदेश के खरगोन सहित निमाड़ अंचल में तेज गर्मी के बावजूद चाय पीने वालों की संख्या कम नहीं होती. एमपी ही नहीं यूपी, बिहार, राजस्थान करीब-करीब हर जगह यही हाल है. लेकिन गर्मी में चाय के साथ कुछ चीजें खाना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है. हेल्थ एक्सपर्ट मानते हैं कि यह आदत बीमारियों का खतरा बढ़ा सकती है. जानें सब… चाय हमारी दिनचर्या का एक अहम हिस्सा माना जाता है. कई लोगों को सुबह उठते से ही चाय पीने की आदत होती है तो कई लोग दिन में कई बार चाय पीना और साथ में कुछ खाना भी पसंद करते हैं. लेकिन, गर्मी में यह आदत आपकी सेहत को बिगाड़ सकती है. कुछ चीजें ऐसी है जिन्हें चाय के साथ नहीं खाने की सलाह दी जाती है. खरगोन के हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि गर्मी में चाय के साथ नमकीन और तली चीजें न खाएं गर्मी के मौसम में चाय के साथ नमकीन, कचौरी, समोसा या ज्यादा तली हुई चीजें खाने से शरीर में गर्मी बढ़ती है. इससे पेट में जलन और गैस की समस्या बढ़ सकती है. लगातार ऐसा करने से Acidity और Indigestion की परेशानी बढ़ सकती है. कई लोग चाय पीने के बाद या साथ में दही या ठंडे पेय पदार्थ भी ले लेते हैं. डॉक्टर के अनुसार गर्म और ठंडी चीजें एक साथ लेने से पाचन तंत्र प्रभावित होता है. इससे पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्या हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मी में फल खाना शरीर के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन चाय के साथ फल खाना सही नहीं है. इससे पाचन धीमा हो सकता है और पेट में भारीपन महसूस होता है. लंबे समय तक ऐसा करने से गैस और कब्ज की समस्या बढ़ सकती है. चाय के साथ भजिया या बेसन से बनी चीजें खाने की आदत कई लोगों में होती है. गर्मी के मौसम में यह आदत शरीर का तापमान बढ़ा सकती है. इससे त्वचा पर दाने या Skin Allergy की समस्या भी हो सकती है. हालांकि, डॉक्टरों का यह भी मानना है कि, गर्मी में खाली पेट चाय पीना सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाता है. इससे पेट में जलन और सिर दर्द की शिकायत हो सकती है. एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि चाय पीने से पहले हल्का नाश्ता जरूर करें. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार गर्मी में कम मात्रा में चाय पीना बेहतर होता है. चाय के साथ हल्का और सुपाच्य नाश्ता लें. साथ ही दिनभर पर्याप्त पानी पीना जरूरी है ताकि शरीर का तापमान संतुलित बना रहे. First Published : March 24, 2026, 22:05 IST
सीने में दर्द को न करें नजरअंदाज | symptoms of heart attack

Last Updated:March 24, 2026, 14:58 IST सीने में अचानक होने वाला दर्द एक गंभीर संकेत हो सकता है, जिसे नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, यह समस्या युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है और समय पर इलाज न मिलने पर हार्ट अटैक का कारण बन सकती है. मऊ. अक्सर देखा जाता है छोटी-छोटी समस्याओं को लोग नजर अंदाज करते हैं, लेकिन उन्हें या नहीं पता कि छोटी सी लापरवाही उनकी जान ले सकती है. वर्तमान में देखा जा रहा है लोगों के सीने में दर्द अधिक हो रहा है और इस दर्द को नजर अंदाज करना लोगों को भारी पड़ जा रहा है. इस बीमारी को लेकर एक्सपर्ट क्या सलाह दे रहे हैं. लोकल 18 से बात करते हुए प्रेमा मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉक्टर अरमान अली बताते हैं कि सीने में दर्द कई कारणों से अचानक शुरू हो रही हैं, जिसमें ज्यादा शिकार युवा हो रहे हैं. यह समस्या हर उम्र के लोगों में देखी जा रही है और यह बड़ी बीमारी बनती चली जा रही है और छोटी सी लापरवाही इस बीमारी में जान तक ले रह रही है, क्योंकि इस बीमारी में सीने में तीव्र गति से अचानक दर्द शुरू हो रहा है. इसमें लोगों को पसीना अधिक आना शुरू हो जा रहा है और उनकी सांस फूलने लगा रही हैं. यदि आप के सीने में अचानक दर्द शुरू हो रहा है तो किसी नजदीकी योग्य चिकित्सक को दिखाकर अपना इलाज शुरू कर दें नहीं आपकी समस्या बढ़ सकती है. छोटी सी लापरवाही में जा सकती है जानयदि इस बीमारी में आप लापरवाही बढ़ाते हैं तो अचानक सीने का दर्द हार्ट अटैक हो सकता है और दिल की गड़बड़ी की वजह से अचानक हृदय गति रुक सकती है और मौत भी हो सकती है. सीने के दर्द को हल्के में ना ले किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर इलाज शुरू कर दें, नहीं तो छोटी सी लापरवाही आपकी जान ले सकती है. यदि आप बीपी, थायराइड या शुगर जैसी बीमारी से ग्रसित हो तो इस बीमारी में आप सावधानी बरतना जरूरी हैं क्योंकि इन बीमारियों में यह समस्या तेजी से आती है और लोगों के सीने में अचानक दर्द होने लगता है जो हृदय गति को रोक देता है. सीने में दर्द से बचने के लिए शुगर बीपी को करें मेंटेनइस समस्या से बचने के लिए यदि आप शुगर के पेशेंट हैं तो शुगर के अनुसार अपना खान-पान रखें, शुगर को मेंटेन रखें. यदि बीपी के मरीज है तो नमक कम खाएं यदि कोलेस्ट्रॉल ज्यादा रहता है तो नियमित व्यायाम करें. हाई-फाई डाइट को अवॉइड करें और हरी सब्जियों का ज्यादा सेवन करें. सीने का दर्द अचानक शुरू होता है और बहुत तीव्र गति से पहुंचता है यह दर्द अधिकतर कुछ सेकंड या मिनट का होता है, लेकिन कुछ लोगों का दर्द घंटे चला जाता है. जिसमें मरीज की हालत गंभीर बन जाती है और कभी-कभी जान चली जाती है. यदि छाती में दर्द के साथ पसीने आए तो यह हार्ट अटैक के कारण बन सकते हैं. ऐसे में सावधान रहें यदि सेने में दर्द शुरू हो तो किसी योग्य चिकित्सक को दिखाकर इलाज शुरू कर दें. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Mau,Uttar Pradesh First Published : March 24, 2026, 14:58 IST
मिल गया सेहत का नया सुपरस्टार… फल या सितारा? कमरख के फायदे जानकर रह जाएंगे आप हैरान!

Last Updated:March 23, 2026, 17:01 IST स्टार फल (Star Fruit) यानी कमरख दिखने में जितना खूबसूरत लगता हैं, उतना ही सेहत के लिए भी शानदार है. सितारे जैसी आकृति वाला यह फल विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता हैं. जी हां कमरख शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है. इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता हैं. जाने कई फायदे… इम्यूनिटी बढ़ाने में कमरख यानी स्टार फल का कोई जवाब नहीं है. इसमें विटामिन C पाया जाता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. बदलते मौसम में सर्दी-खांसी और संक्रमण से बचने के लिए यह फल एक प्राकृतिक ढाल की तरह काम करता है. इसके नियमित सेवन से शरीर अंदर से मजबूत और स्वस्थ बनता हैं. कमरख पाचन तंत्र के लिए भी बेहद फायदेमंद होता है. इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पेट को साफ रखने में मदद करता है. यह स्टार फल कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से परेशान लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इसके कई फायदे आयुर्वेद में बताए जाते हैं. कमरख कई रोगों में कारगर है. कमरख फल दिल की सेहत का भी खास ख्याल रखता है. कमरख में पाए जाने वाले पोटेशियम और मैग्नीशियम ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. इससे हृदय रोगों का खतरा भी कम हो सकता है और शरीर स्वस्थ रहता है. इस फल को सीमित मात्रा में सेवन करना फायदेमंद होता है. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के अनुसार, वजन कम करने वालों के लिए कमरख एक शानदार विकल्प है. यह कम कैलोरी वाला फल है, जिससे पेट भरा हुआ महसूस होता है और बार-बार खाने की आदत पर कंट्रोल रहता है. इसको डाइट में शामिल करने पर वजन घटाने में मदद मिलती है. अगर आप भी त्वचा और बालों की समस्या से परेशान हैं, तो इसके लिए भी कमरख का असर कमाल का है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं और उसे चमकदार बनाते हैं. इसके साथ-साथ यह बालों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने में भी सहायता प्रदान कर सकता है. कमरख यानी स्टार फल सूजन और दर्द में राहत देने के लिए भी जाना जाता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो शरीर की सूजन को कम करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. यह जोड़ों के दर्द या त्वचा से जुड़ी समस्याओं के लिए भी काफी मददगार और उपयोगी हैं. हालांकि, स्टार फल यानी कमरख के कई फायदे हैं, लेकिन इसके सेवन में सावधानी जरूरी है. किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों को कमरख से दूरी बनानी चाहिए, क्योंकि इसमें ऑक्सालेट की मात्रा अधिक होती है. सही मात्रा और सही स्थिति में इसका सेवन ही सेहत के लिए फायदेमंद होता है. अगर किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हो, तो बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें. First Published : March 23, 2026, 17:01 IST
नशे के खिलाफ देसी ब्रह्मास्त्र! साफ होगा शरीर का जहर, पाचन भी होगा दुरुस्त – News18 हिंदी

X नशे के खिलाफ देसी ब्रह्मास्त्र! साफ होगा शरीर का जहर, पाचन भी होगा दुरुस्त Natural Remedy For Alcohol And Smoking Addiction: नशे की जानलेवा लत से जूझ रहे परिवारों के लिए रसोई में रखी एक मामूली सी चीज संजीवनी साबित हो रही है. आयुर्वेद के जानकार पुरुषार्थी पवन आर्य के अनुसार अजवाइन का वैज्ञानिक तरीके से तैयार काढ़ा न केवल शरीर को डिटॉक्स करता है. बल्कि नशीले पदार्थों की तलब को भी धीरे-धीरे खत्म कर देता है. इस औषधि को तैयार करने की विधि बेहद खास है. आधा किलो अजवाइन को 8 लीटर पानी में तब तक उबाला जाता है. जब तक वह घटकर 4 लीटर न रह जाए. भोजन से 10 मिनट पहले एक कप इस काढ़े का सेवन करने से शरीर में जमा विषैले तत्व बाहर निकल जाते हैं. एक से दो महीने का नियमित सेवन सिगरेट, शराब और गुटखे जैसी आदतों को छुड़ाने में गेमचेंजर साबित हो सकता है. अजवाइन में मौजूद थाइमोल तत्व पाचन तंत्र को इतना मजबूत कर देता है कि शरीर प्राकृतिक रूप से नशे को नकारने लगता है. यह घरेलू नुस्खा गैस, कब्ज और एसिडिटी में भी रामबाण है. विशेषज्ञ किसी भी गंभीर बीमारी की स्थिति में डॉक्टरी सलाह लेने की ताकीद भी करते हैं.
डॉक्टर सिर्फ बात करेंगे, पर्चा लिखेगा AI! तीन दोस्तों का कमाल, हेल्थकेयर सेक्टर में मचेगा तहलका – News18 हिंदी

X डॉक्टर सिर्फ बात करेंगे, पर्चा लिखेगा AI! हेल्थकेयर सेक्टर में मचेगा तहलका Ashwin AI App: भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में एक बड़ा डिजिटल बदलाव आने वाला है. आईआईटी मद्रास के प्रोफेसर और उनके दो दोस्तों ने मिलकर Ashwin AI विकसित किया है. जो डॉक्टरों और मरीजों के बीच होने वाली बातचीत को रीयल-टाइम में सटीक डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड में तब्दील कर देता है. इस स्वदेशी AI टूल की सफलता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान AIIMS दिल्ली में इसे लागू करने की तैयारी है. एनआईसी (NIC) के साथ मिलकर टीम इस प्रोजेक्ट पर काम कर रही है. AI समिट 2026 में इस तकनीक को जबरदस्त सराहना मिली है. प्रभु राजगोपाल, अनिरुद्ध वर्ना और विजयराजा द्वारा बनाया गया यह प्लेटफॉर्म कई भारतीय भाषाओं को समझने में सक्षम है. अब डॉक्टरों को लंबे पर्चे लिखने या कंप्यूटर पर डेटा एंट्री करने की जरूरत नहीं होगी. सारा रिकॉर्ड सुरक्षित क्लाउड पर रहेगा. जिसे मरीज कहीं भी और कभी भी किसी भी डॉक्टर को अपनी मेडिकल हिस्ट्री के तौर पर दिखा सकेंगे. इससे डॉक्टर कागजी कार्रवाई के बजाय मरीज के इलाज पर अधिक ध्यान दे पाएंगे. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
आपने देखा है सिंदूर का पौधा? खेती से मालामाल होंगे किसान, कई बीमारियों में भी कारगर

होमवीडियोकृषि आपने देखा है सिंदूर का पौधा? कई बीमारियों में भी कारगर, जानें फायदे X आपने देखा है सिंदूर का पौधा? कई बीमारियों में भी कारगर, जानें फायदे Sindoor Tree Benefits: सिंदूर का पौधा औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है. इस पौधे को अंग्रेजी में कुमकुम ट्री या कमील ट्री कहा जाता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में इसे रक्तबीज के नाम से भी जाना जाता है. सिंदूर का पौधा बहुवर्षीय होता है, यानी एक बार लगाने के बाद यह कई वर्षों तक फल देता है. यह पौधा लगभग तीन साल में फल देना शुरू कर देता है. इसके फल और बीज से पूरी तरह प्राकृतिक और हर्बल सिंदूर तैयार किया जाता है. एक पौधे से लगभग डेढ़ किलो तक बीज प्राप्त हो जाते हैं, जिनसे गहरा लाल रंग निकलता है. यह रंग पूरी तरह प्राकृतिक होता है और त्वचा के लिए सुरक्षित माना जाता है. यदि किसान बड़े पैमाने पर इस पौधे का रोपण करते हैं तो इससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा और किसानों की आय बढ़ाने में भी मदद मिल सकती है.
बच्चों के दूध के दांतों को न समझें ‘अस्थायी’! डेंटिस्ट की चेतावनी- आपकी एक गलती बिगाड़ देगी बच्चे का चेहरा, जानिए ब्रश करने की सही उम्र

X चौंकाने वाली रिपोर्ट: बच्चों के ‘दूध के दांत’ क्यों हैं इतने जरूरी? Kids Dental Health Tips: राजस्थान के दंत विशेषज्ञ डॉ. आशीष जोशी ने चेतावनी दी है कि बच्चों के दूध के दांतों की अनदेखी उनके स्थायी दांतों को खराब कर सकती है. बोतल से दूध पीकर सोना और अंगूठा चूसना जैसी आदतें दांतों के आकार और सेहत को बिगाड़ रही हैं. विशेषज्ञों ने 3 साल की उम्र से ही ब्रश करने और मीठा कम करने की सलाह दी है.
Benefits of moringa I इम्यूनिटी, हड्डियां और ब्लड शुगर के लिए सुपरफूड

Last Updated:March 19, 2026, 20:43 IST सहजन, जिसे मोरिंगा या शीगरू भी कहते हैं, एक देसी सुपरफूड है. इसके पत्ते, फली और छाल में भरपूर पोषण और औषधीय गुण हैं. यह इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. सही मात्रा में सेवन से यह कई बीमारियों से बचाव में भी लाभकारी है. बलिया. सहजन या मोरिंगा, जिसे शीगरू के नाम से भी जाना जाता हैं, एक ऐसा देसी सुपरफूड है, जो किसी संजीवनी से कम नहीं है. इसके पत्ते, फल (ड्रमस्टिक) और छाल तीनों रूप में ही पोषण और औषधीय गुणों से भरपूर हैं. अगर इम्युनिटी मजबूत करना आप चाह रहे हैं, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखना चाहते हैं या फिर हड्डियों को ताकत देना चाहते हैं, तो सहजन आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह अनेकों बीमारियों को दूर करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. काया चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर डॉ. स्नेहामई मिश्रा ने कहा कि, वह उड़ीसा की रहने वाली है, जो अभी फिलहाल शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बांसडीह रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत मझौली बलिया में एक साल से कार्यरत हैं. चीज एक, लेकिन फायदे अनेक सबसे पहले बात करते हैं सहजन के पत्ते की, ये आयरन, कैल्शियम, विटामिन A, C और E का अच्छा स्रोत हैं. ये न केवल एनीमिया यानी खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाने में मददगार हैं. जिन लोगों को हाई ब्लड शुगर या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उनके लिए ये पत्ते रामबाण है. यहीं नहीं, इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो सूजन कम कर जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं. यह दिमाग के लिए भी किसी टॉनिक से कम नहीं है. यह याददाश्त बेहतर बनाने में सहायक होता है. अगर बात सहजन की फली की करे, तो इसे हम ड्रमस्टिक के नाम से जानते हैं. यह फली फाइबर से भरपूर होती हैं, जो पाचन को दुरुस्त कर कब्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा दिलाती है. इसमें कैल्शियम और फास्फोरस पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करते हैं. इसके एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर को संक्रमण से भी बचाते हैं. सहजन की छाल और तना भी अद्भुत फायदे देते हैं. इसका काढ़ा गठिया, साइटिका और सूजन जैसी समस्याओं में राहत देता है. यह पाचन सुधारने और ब्लड शुगर कम करने में भी मददगार है. हालांकि, गर्भवती महिलाओं को इसकी जड़ या छाल का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह नुकसानदायक हो सकता है. पत्तों का साग या काढ़ा, फली की सब्जी या सांभर और छाल का काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता हैं. लेकिन उपयोग से पहले आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह बहुत जरूरी है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Ballia,Uttar Pradesh First Published : March 19, 2026, 20:43 IST








