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एनीमिया और कृमि रोग से बचाव के लिए 24 अप्रैल को बच्चों को यहां दी जाएगी स्वर्णप्राशन ड्रॉप

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Last Updated:April 22, 2026, 17:45 IST अंबाला के नागरिक अस्पताल के आयुष विभाग में 24 अप्रैल को पोषण पखवाड़ा के तहत 1 से 16 वर्ष तक के बच्चों को स्वर्णप्राशन ड्रॉप दी जाएगी. यह आयुर्वेदिक ड्रॉप बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, बुद्धि और शारीरिक विकास बढ़ाने में सहायक मानी जाती है. सीमित मात्रा में उपलब्ध इस ड्रॉप के लिए सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है. अंबाला. बदलते दौर के साथ-साथ आज बहुत सी बीमारियां देखने को मिल रही है, जिनमें कृमि और एनीमिय रोग शामिल हैं. दरअसल, इन रोगों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार कार्य कर रहा है ओर बच्चों में इनकी रोकथाम के लिए स्वर्णप्राशन ड्रॉप दी जा रही हैं. बता दें कि, अंबाला शहर के नागरिक अस्पताल में मौजूद आयुष विंग में 24 अप्रैल को पोषण पखवाड़ा के तहत एनीमिया व कृमि रोग की रोकथाम के लिए महंगे दामों में मिलने वाली स्वर्णप्राशन ड्रॉप दी जाएगी. वहीं जानकारी के अनुसार, स्वर्णप्राशन ड्रॉप बच्चों के लिए एक प्राचीन आयुर्वेदिक प्रतिरक्षा बूस्टर है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता, बौद्धिक क्षमता और शारीरिक बल को बढ़ाता है.  वही इस बारे में लोकल 18 को ज्यादा जानकारी देते हुए अंबाला शहर नागरिक अस्पताल में आयुष विभाग की एमडी डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि देशभर में एनीमिया और कृमि रोग के मामले गर्भवती महिलाओं व बच्चों में बहुत ज्यादा देखने को मिल रहे हैं. जिससे उन्हें काफी ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं. उन्होंने कहा कि इस रोग को लेकर स्वास्थ्य विभाग के द्वारा वैक्सीनेशन कार्यक्रम चलाए जाते है, जिसके तहत आयुष विभाग भी स्वर्णप्राशन गोल्ड ड्रॉप 1 वर्ष से लेकर 16 वर्ष तक के बच्चों को देता हैं. ताकि, उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ बौद्धिक व शारीरिक बल की क्षमता बढ़ सके, वह स्वास्थ्य जीवन जी सकें. उन्होंने बताया कि यह ड्रॉप काफी ज्यादा महंगी होती है, इसलिए हर माता पिता अपने बच्चों को नहीं दे पाते है. आयुष विभाग पुष्य नक्षत्र के दिन यह स्वर्णप्राशन ड्रॉप बच्चों को देता है और यह दिन हर महीने के 29 दिन बाद होता हैं. उन्होंने बताया कि वह सभी माता पिता को बताना चाहती है कि 24 अप्रैल को यह ड्रॉप सुबह 8:00 बजे से लेकर 2:00 बजे तक दिया जाएगा. इसमें रजिस्ट्रेशन नागरिक अस्पताल के आयुष विभाग में आकर कोई भी व्यक्ति करवा सकता है. उन्होंने कहा कि अभी तक काफी ज्यादा रजिस्ट्रेशन आ चुके हैं और इसके लिए माता-पिता को आयुष विभाग का कार्ड बनवाना है तभी यह ड्रॉप उनके बच्चे को मिल पाएगी. यह रजिस्ट्रेशन के हिसाब से ही सीमित मात्रा में ही उपलब्ध हो पाती है. स्वर्णप्राशन ड्रॉप के प्रमुख फायदेइस स्वर्णप्रशन गोल्ड ड्रॉप का काफी फायदा आयुर्वेद में बताए गए है, जिसमें यह बच्चों की इम्यूनिटी को मजबूत करता है और बार-बार होने वाली सर्दी, खांसी व बुखार से बचाता है. इसके साथ ही यह बच्चों की मेधा (बुद्धि), एकाग्रता, और स्मरण शक्ति को बढ़ाता है. यह स्वस्थ वजन बढ़ाने, हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है. वही आयुर्वेदिक डॉक्टर का कहना है कि यह पाचन अग्नि को तेज करता है, जिससे भूख बढ़ती है और पोषक तत्वों का अवशोषण बेहतर होता है. इसके साथ ही यह त्वचा के रंग और कांति में सुधार करता है. उन्होंने बताया है कि पुष्य नक्षत्र पर इसका सेवन करना विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है, जो दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डालता है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 17:45 IST

सिर्फ काटना ही नहीं, कुत्ते का ‘चाटना’ भी दे सकता है खौफनाक मौत! जानें डॉक्टर की चेतावनी – News18 हिंदी

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X काटना ही नहीं, कुत्ते का ‘चाटना’ भी दे सकता है खौफनाक मौत! जानें चेतावनी   Rabies Prevention Tips: अक्सर हम सड़क चलते कुत्तों के चाटने या उनके नाखून से आई हल्की खरोंच को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.देवेश चटर्जी ने चेतावनी दी है कि रेबीज एक लाइलाज बीमारी है. जिसमें संक्रमण के बाद मरीज का बचना लगभग असंभव होता है. डॉ.चटर्जी ने रेबीज के खतरे को तीन श्रेणियों में बांटा है. पहली श्रेणी में केवल चाटना आता है जहां त्वचा सुरक्षित हो. दूसरी श्रेणी में त्वचा का छिलना या हल्की खरोंच शामिल है. जबकि तीसरी श्रेणी में गहरा घाव और खून निकलना आता है. डॉक्टर के अनुसार यदि कुत्ता आवारा है और उसकी लार आपकी कटी हुई त्वचा, आंख या मुंह के संपर्क में आती है तो रेबीज का खतरा शत-प्रतिशत बढ़ जाता है. भले ही आपके पालतू कुत्ते को बूस्टर डोज लगा हो, फिर भी उसके काटने या खरोंचने पर डॉक्टर की सलाह और इंजेक्शन लेना अनिवार्य है. डॉ.देवेश बताते हैं कि रेबीज से होने वाली मौत बेहद दर्दनाक होती है. इसलिए किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत टीकाकरण करवाएं. सुरक्षा ही इसका एकमात्र उपचार है.

अमरूद सिर्फ फल नहीं, सेहत का है खजाना, पत्ते और छाल भी औषधीय गुणों से भरपूर – News18 हिंदी

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X अमरूद सिर्फ फल नहीं, सेहत का है खजाना, पत्ते और छाल भी औषधीय गुणों से भरपूर   Benefits of Guava Leaves: अमरूद स्वादिष्ट होने के साथ औषधीय गुणों से भरपूर फल माना जाता है. आयुर्वेद में इसके फल, पत्ते और छाल को सेहत के लिए लाभकारी बताया गया है. अमरूद में विटामिन, फाइबर और पोषक तत्व पाए जाते है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन तंत्र मजबूत करने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. अमित वर्मा के अनुसार कब्ज, गैस, अपच और पेट दर्द की समस्या में अमरूद का सेवन फायदेमंद है. डायरिया की परेशानी में भी इसका उपयोग लाभकारी माना जाता है. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में अमरूद की पत्तियां मददगार बताई गई है. वजन बढ़ने, स्किन संबंधी समस्याओं और एनीमिया में भी इसकी पत्तियों का इस्तेमाल उपयोगी माना जाता है. शुगर मरीज सुबह-शाम चार पत्तियां चबा सकते है. हालांकि किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें.

Summer Tips: गर्मियों में रामबाण है आंवला मुरब्बा! कब्ज-एसिडिटी से दिलाए राहत, ऐसे करें सेवन

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Last Updated:April 21, 2026, 13:01 IST गर्मियों की तपती धूप में शरीर को ठंडक और सेहत दोनों चाहिए और इसका देसी जवाब है आंवला का मुरब्बा. खट्टा-मीठा स्वाद वाला यह पारंपरिक फूड सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि कई बीमारियों से बचाव का भी आसान उपाय है. तराई क्षेत्रों में मिलने वाला आंवला, जब मुरब्बे के रूप में इस्तेमाल होता है, तो यह इम्यूनिटी बढ़ाने से लेकर पेट की समस्याओं तक में राहत देने वाला प्राकृतिक टॉनिक बन जाता है. लखीमपुर खीरी. गर्मियों का मौसम शुरू होते ही लोग अपने खान-पान को लेकर ज्यादा सजग हो जाते हैं. इस समय ऐसी चीजों की तलाश रहती है जो शरीर को ठंडक पहुंचाए और साथ ही सेहत के लिए भी फायदेमंद हो. यही कारण है कि पारंपरिक देसी खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिनमें मुरब्बा एक खास स्थान रखता है. गर्मियों के मौसम में मुरब्बा की डिमांड अधिक रहती है क्योंकि मुरब्बा हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत ही फायदेमंद पाया जाता है. खीरी जिले के तराई इलाके में आंवला के पौधे अधिक पाए जाते हैं, ऐसे में सर्दियों के मौसम में आंवला आपको बाजारों में मिल जाएगा. वहीं गर्मियों के मौसम में आंवला का मुरब्बा किसी देसी औषधि से कम नहीं है. आंवला में विटामिन सी और एंटी आक्सीडेंट से भरपूर होता है ऐसे में पाचन से लेकर कई बीमारियों के लिए रामबाण माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google लोकल 18 से बातचीत करते हुए राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉक्टर ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि गर्मियों के मौसम में सुबह खाली पेट मुरब्बा का सेवन करने से कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं से आपको राहत मिल जाएगी. पेट साफ ना हो पाने के कारण मुंह में छाले हो जाते हैं, ऐसे में मुरब्बा का सेवन करने से पेट की गर्मी शांत होती है. आंवला का मुरब्बा इम्यूनिटी बूस्टर होता है, जोकि हमारे शरीर को रोगों से लड़ने की क्षमता को बढ़ाता है. बदलते मौसम के कारण खांसी, जुकाम जैसी समस्याओं से भी राहत दिलाता है, सुबह खाली पेट मुरब्बा खाने से त्वचा में निखार आता हैं. आप आसानी से घर पर मुरब्बा बना सकते हैं इसके लिए सबसे पहले आपको आंवला लेना होगा, उसके बाद आंवला को साफ़ पानी से धो लें. फिर आंवला में छेद कर गर्म पानी में उबाल लें. फिर 1 किलो चीनी की चाशनी तैयार कर ले, चाशनी की सफाई के लिए 1 चम्मच दूध डालें और ऊपर आने वाले जांघ को हटा दें. चिपचिपा होने तक उबालें, इसमें आप इलायची पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं. फिर उसके बाद उबले हुए आंवला को चाशनी में डूबा दे. 4 से 5 दिन के लिए आप मुरब्बा को एक सुरक्षित स्थान पर रख दें, इसके बाद आप इसका सेवन कर सकते हैं. First Published : April 21, 2026, 13:01 IST

भीषण गर्मी में पशुओं की देखभाल जरूरी! वरना हो सकता है हीट स्ट्रोक का खतरा, जानिए आसान टिप्स

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Last Updated:April 20, 2026, 18:13 IST अप्रैल का महीना शुरू होते ही धौलपुर समेत कई इलाकों में गर्मी का असर तेज हो गया है, जिसका सीधा प्रभाव इंसानों के साथ-साथ पशुओं पर भी पड़ रहा है. बढ़ते तापमान के कारण पशुओं में थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं. ऐसे में पशुपालकों के लिए जरूरी है कि वे अपने पशुओं की विशेष देखभाल करें ताकि उनकी सेहत और उत्पादन दोनों सुरक्षित रह सकें. अप्रैल का महीना आते ही धौलपुर में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है. तापमान 40 डिग्री के आसपास पहुंच चुका है और आने वाले दिनों में इसके और बढ़ने की संभावना है. इस भीषण गर्मी का असर सिर्फ इंसानों पर ही नहीं, बल्कि पशुओं पर भी पड़ रहा है. तेज तापमान के कारण पशु थकान, डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं का शिकार हो सकते हैं. ऐसे में पशुपालकों के लिए जरूरी है कि वे अपने पशुओं की खास देखभाल करें. गर्मी के मौसम में सबसे जरूरी है कि पशुओं को ज्यादा देर तक धूप में न रखा जाए. तेज धूप उनके शरीर का तापमान बढ़ा देती है, जिससे हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए उन्हें हमेशा छायादार और हवादार जगह पर रखें, ताकि उन्हें ठंडक मिलती रहे. खान-पान का भी गर्मी के मौसम में विशेष ध्यान रखना जरूरी है. गर्मी में हरे चारे की कमी हो जाती है, ऐसे में पशुओं को संतुलित आहार देना चाहिए. खली, भूसा, मिनरल मिक्सचर और पोषक तत्वों से भरपूर आहार देने से पशु स्वस्थ रहते हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत बनी रहती है. Add News18 as Preferred Source on Google पानी की पर्याप्त मात्रा भी बेहद जरूरी है. गर्मी में पशुओं को दिन में कई बार साफ और ठंडा पानी पिलाना चाहिए. पानी की कमी होने पर पशु डिहाइड्रेशन का शिकार हो सकते हैं, जिससे उनकी सेहत बिगड़ सकती है और उत्पादन पर भी असर पड़ता है. पशुशाला की साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखना चाहिए. गंदगी के कारण गर्मी में बीमारियां तेजी से फैलती हैं. इसलिए नियमित सफाई करें और कीटाणुनाशक दवाओं का छिड़काव करते रहें, ताकि संक्रमण से बचाव हो सके. इसके अलावा, समय-समय पर पशुओं का टीकाकरण कराना भी जरूरी है. गर्मी के मौसम में कई बीमारियां तेजी से फैलती हैं, और टीकाकरण से पशु इनसे सुरक्षित रह सकते हैं. अगर कोई पशु ज्यादा सुस्त दिखाई दे, कम खाना खाए, ज्यादा पसीना आए या सांस लेने में परेशानी हो, तो इसे नजरअंदाज न करें. हीट स्ट्रोक के संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. पशुपालन विभाग भी गर्मी के मौसम में विशेष शिविर लगाकर पशुओं की मुफ्त जांच और इलाज की सुविधा देता है. पशुपालकों को इन शिविरों का लाभ उठाना चाहिए, ताकि उनके पशु स्वस्थ और सुरक्षित रह सकें. First Published : April 20, 2026, 18:13 IST

सेहत का असली खजाना है अंजीर, कोलेस्ट्रॉल रहेगा कंट्रोल, हड्डियां बनेंगी मजबूत ! – News18 हिंदी

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X सेहत का असली खजाना है अंजीर, कोलेस्ट्रॉल रहेगा कंट्रोल, हड्डियां बनेंगी मजबूत   Benefits of Figs: साधारण दिखने वाला अंजीर औषधीय गुणों से भरपूर फल है. बलिया के शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की असिस्टेंट प्रोफेसर वैद्य मेगा गोयल के अनुसार अंजीर पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए बेहद लाभकारी है. गर्मियों में इसका सेवन हमेशा भिगोकर करना चाहिए. रातभर 2-3 सूखे अंजीर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाने से शरीर को ठंडक, ऊर्जा और पोषण मिलता है. अंजीर में कैल्शियम, फाइबर और जरूरी पोषक तत्व पाए जाते है जो हड्डियों को मजबूत बनाने, कमजोरी दूर करने और वजन बढ़ाने में मददगार है. इसे दूध में भिगोकर या पीसकर पीने से महिलाओं में दुग्ध वृद्धि में भी लाभ मिलता है. पाचन शक्ति ठीक होने पर ही इसका सेवन करना चाहिए. यदि किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही अंजीर खाएं.

बदलते मौसम का असर! जोधपुर में बढ़े सर्दी-खांसी के मरीज, डॉक्टरों ने दी सतर्क रहने की सलाह

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X बदलते मौसम का असर! जोधपुर में बढ़े सर्दी-खांसी के मरीज, डॉक्टरों ने दी ये सलाह   Summer Health Tips: जोधपुर समेत प्रदेश में बदलते मौसम का असर लोगों की सेहत पर पड़ रहा है. तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी, खांसी और बुखार के मामलों में तेजी आई है. डॉक्टरों के मुताबिक, इस समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है, जिससे वायरस और बैक्टीरिया सक्रिय हो जाते हैं. खासकर श्वसन संक्रमण और फूड इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि गर्मी में भोजन जल्दी खराब होता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. मास्क का उपयोग, हाथों की सफाई और खांसते-छींकते समय सावधानी बरतना जरूरी बताया गया है. इसके अलावा हल्का, ताजा और पौष्टिक भोजन करने, ठंडी चीजों से दूरी बनाने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है. सही खान-पान और सावधानी अपनाकर इस मौसम में बीमारियों से बचा जा सकता है.

लू और डिहाइड्रेशन की न करें फिक्र, बाहर निकलने से पहले पी लें यह चमत्कारी ड्रिंक, गर्मी में शरीर रहेगा कूल-कूल

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X लू-डिहाइड्रेशन की न करें फिक्र, बाहर निकलने से पहले पी लें यह चमत्कारी ड्रिंक   गर्मी का मौसम शुरू होते ही लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ने लगती हैं. तेज धूप और बढ़ते तापमान के कारण शरीर में पानी की कमी, कमजोरी, चक्कर आना और पेट से जुड़ी परेशानियां आम हो जाती हैं. ऐसे में अगर आप घर से निकलने से पहले एक खास देसी ड्रिंक पी लें, तो इन दिक्कतों से काफी हद तक बचा जा सकता है. Local 18 से बातचीत में डॉक्टर डॉ. अनिल पटेल बताते हैं कि सत्तू एक पारंपरिक और बेहद असरदार पेय है, जो शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है और लू से बचाव में भी कारगर साबित होता है. नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और एनर्जी बनी रहती है.

बुजुर्गों के लिए संजीवनी बनी फिजियोथेरेपी; बिना दवा कमर और घुटनों के दर्द से पाएं छुटकारा, जानें डॉक्टर की राय – News18 हिंदी

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X बुजुर्गों के लिए फिजियोथेरेपी क्यों है सबसे बेहतर इलाज? देखिए डॉक्टर की सलाह   Physiotherapy Benefits for Seniors Health Video: बुजुर्गों में बढ़ती शारीरिक जकड़न और जोड़ों के दर्द के लिए फिजियोथेरेपी एक सुरक्षित और बिना दवा वाला समाधान बनकर उभरी है. डॉक्टर हरीश के अनुसार, नियमित फिजियोथेरेपी और सरल एक्सरसाइज से मांसपेशियों को मजबूती मिलती है और शरीर का संतुलन बेहतर होता है. इससे न केवल घुटनों और कमर दर्द में राहत मिलती है, बल्कि बुजुर्गों की सक्रियता भी वापस लौटती है. सही मार्गदर्शन के साथ अपनाई गई यह पद्धति बुजुर्गों को आत्मनिर्भर बनाने में सहायक सिद्ध हो रही है.

जोधपुर में बढ़ा IVF का चलन, हर साल 1500 दंपति खर्च कर रहे करोड़ों रुपये; जानें क्यों 30 के बाद बढ़ रहा है निसंतानता का खतरा – News18 हिंदी

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X “करियर या मातृत्व?” जोधपुर में बदलती लाइफस्टाइल ने बढ़ाया IVF का ग्राफ   Success Rate of IVF Jodhpur: जोधपुर में बदलती लाइफस्टाइल और करियर के कारण शादियों में देरी से IVF के मामलों में भारी उछाल आया है. शहर में प्रतिवर्ष करीब 1500 दंपति संतान प्राप्ति के लिए IVF तकनीक का सहारा ले रहे हैं, जिस पर सालाना 25 से 30 करोड़ रुपये खर्च हो रहे हैं. एक प्रक्रिया का खर्च लगभग 2 लाख रुपये है और सफलता दर 40-50 प्रतिशत तक रहती है. डॉ. कविता शर्मा के अनुसार, 30 के बाद फर्टिलिटी तेजी से घटती है, जिससे मेडिकल सहायता की जरूरत बढ़ रही है. विशेषज्ञों ने सही समय पर डॉक्टरी सलाह और संतुलित जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया है ताकि भविष्य की जटिलताओं से बचा जा सके. यह ट्रेंड शहर में बढ़ती स्वास्थ्य चिंताओं को उजागर कर रहा है.