- Hindi News
- Business
- Adani Group AGM: Morgan Stanley ₹3,638 Target & ₹1.53 Lakh Cr Investment
मुंबई19 मिनट पहले
- कॉपी लिंक
अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने आज 24 जून को ग्रुप की 34वीं एनुअल जनरल मीटिंग भविष्य का रोडमैप पेश किया है। ग्रुप ने वित्त वर्ष 2026 में किसी भी भारतीय कॉर्पोरेट द्वारा सबसे अधिक ₹1.53 लाख करोड़ का रिकॉर्ड कैपिटल एक्सपेंडिचर किया है। चेयरमैन ने इस साल की एजीएम की थीम ‘एक्सेलेरेटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, लेवरेजिंग इंटेलिजेंस’ तय की है।
गौतम अडाणी बोले- ‘भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता’
गौतम अडाणी ने अपने संबोधन की शुरुआत पिछले साल के सफर को याद करते हुए की। उन्होंने कहा कि बीता साल दुनिया के लिए अधिक बिखराव वाला रहा, जहां ऊर्जा सुरक्षा के मॉडल राष्ट्रीय रणनीति के केंद्र में लौटे और टेक्नोलॉजी संप्रभुता से जुड़ गई।
अडाणी ने कहा कि इन असाधारण जांच और चुनौतियों के बावजूद अडाणी ग्रुप इस दृढ़ विश्वास के साथ टिका रहा कि भारत का भविष्य इंतजार नहीं कर सकता। ग्रुप ने FY26 में ₹1.53 लाख करोड़ से अधिक का केपेक्स निवेश किया, जो इस साल भारत के कुल नए निजी क्षेत्र के केपेक्स का 30% से अधिक है। शेयरधारकों से मिला ₹25,000 करोड़ का राइट्स इश्यू इस बात का प्रमाण है।
ग्रुप की वित्तीय स्थिति: मार्केट कैप ₹20 लाख करोड़ के करीब
एजीएम में ग्रुप के वित्तीय प्रदर्शन और कर्ज के आउटलुक को लेकर महत्वपूर्ण फैक्ट्स सामने आए हैं:
- मार्केट कैप और एबिटडा: अडाणी ग्रुप का मार्केट कैप ₹20 लाख करोड़ के करीब पहुंच गया है, जिसमें अकेले साल 2026 में ₹5 लाख करोड़ का इजाफा हुआ है। ग्रुप ने FY26 के लिए ₹94,834 करोड़ का रिकॉर्ड एबिटडा दर्ज किया है, जो पिछले साल से 5.6% अधिक है। इसमें कोर इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस का योगदान 87% रहा।
- एसेट बेस और कैश बैलेंस: ग्रुप का कुल एसेट बेस बढ़कर ₹7.85 लाख करोड़ हो गया है क्योंकि एनर्जी, यूटिलिटीज, ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स में निवेश बढ़ाया गया है। कुल खर्च का लगभग 80% कोर इंफ्रास्ट्रक्चर प्लेटफॉर्म पर खर्च हुआ। ग्रुप के पास FY26 के अंत में ₹55,852 करोड़ का कैश बैलेंस था, जो कुल कर्ज का 15% है।
- कर्ज की लागत में कमी: रेटिंग अपग्रेड और कैपिटल तक बेहतर पहुंच के कारण ग्रुप की औसत उधारी लागत (बोरोइंग कॉस्ट) घटकर 7.8% पर आ गई है, जो दो साल पहले 9% थी। अमेरिकी केस बंद होने से ग्रुप के बोरोइंग प्रोफाइल में और सुधार होगा और अधिक लेंडर्स आकर्षित होंगे।
अडाणी के शेयर को मॉर्गन स्टेनली की ‘ओवरवेट’ रेटिंग मिली
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म मॉर्गन स्टेनली ने एजीएम से ठीक पहले अडाणी एंटरप्राइजेज को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है और ₹3,638 का टारगेट प्राइस तय किया है। मॉर्गन स्टेनली ने अडाणी एंटरप्राइजेज को भारत का प्रमुख इनक्यूबेटर बताया जो देश के इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी ट्रांजिशन, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ा है। ब्रोकरेज के अनुसार, वित्त वर्ष 2027 कंपनी के मुनाफे के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित होगा क्योंकि कई बड़े प्रोजेक्ट्स से कमाई शुरू हो जाएगी।
न्यूक्लियर, हाइड्रो और पावर में निवेश की तैयारी
- अडाणी पावर: कंपनी ₹2 लाख करोड़ के विस्तार कार्यक्रम पर काम कर रही है, जिसका लक्ष्य अगले पांच साल में बिजली उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 45 गीगावॉट करना है।
- न्यूक्लियर और हाइड्रो पावर: ग्रुप ने भूटान में 5,000 मेगावाट की हाइड्रोपावर क्षमता विकसित करने की योजना बनाई है। इसके साथ ही, ‘अडाणी एटॉमिक एनर्जी’ के माध्यम से साल 2035 तक 10 गीगावॉट परमाणु ऊर्जा क्षमता बनाने का लक्ष्य रखा है।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटर: गूगल के साथ बड़ा एग्रीमेंट
गौतम अडाणी ने बताया कि उनका डेटा सेंटर बिजनेस साल 2030 तक 3 गीगावॉट का प्लेटफॉर्म बनाने की राह पर है। इसके लिए ग्रुप ने विशाखापत्तनम में गीगावॉट-स्केल डेटा सेंटर के लिए गूगल के साथ एक समझौता किया है। इसके अलावा ग्रुप माइनिंग, सीमेंट और डिफेंस सेक्टर में विस्तार कर रहा है, जिसमें लियोनार्डो और एम्ब्रेयर जैसी कंपनियों के साथ पार्टनरशिप शामिल है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ग्रुप के ड्रोन्स और डिफेंस सिस्टम्स ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
लॉजिस्टिक्स, पोर्ट्स और एयरपोर्ट्स का अपडेट
- अडाणी पोर्ट्स: वित्त वर्ष 2026 के दौरान अडाणी पोर्ट्स ने 500 मिलियन टन से अधिक कार्गो हैंडल किया है और साल 2030 तक 1 बिलियन टन कार्गो हैंडल करने का लक्ष्य दोहराया है। कंपनी ने ₹1,500 करोड़ में जेपी फर्टिलाइजर्स का अधिग्रहण करने की घोषणा की है। इसके अलावा, अर्जेंटीना से भारत को होने वाले पहले एलएनजी एक्सपोर्ट के लिए ₹666 करोड़ का 10 साल का मरीन सर्विसेज कॉन्ट्रैक्ट हासिल किया है।
- विझिंजम और एयरपोर्ट्स: विझिंजम पोर्ट ने अपने संचालन के पहले ही साल में 1 मिलियन TEU का आंकड़ा पार कर लिया है। ग्रुप के इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो में नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और नए गुवाहाटी एयरपोर्ट टर्मिनल को बड़े एडिशन के रूप में शोकेस किया गया। इसके साथ ही, अडाणी मुंद्रा एयरपोर्ट पूरी तरह से इंटीग्रेटेड, मल्टी-मोडल लॉजिस्टिक्स और बिजनेस हब के रूप में काम कर रहा है।
ऑर्गेनाइजेशनल रिफॉर्म्स और सोशल वर्क
गौतम अडाणी ने इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ मैनेजमेंट स्ट्रक्चर को सरल बनाने, ठेकेदार (कॉन्ट्रैक्टर) पार्टनरशिप को मजबूत करने और श्रमिक कल्याण (वर्कर्स वेलफेयर) में सुधार लाने के उद्देश्य से संगठनात्मक सुधारों की रूपरेखा रखी। इसके अलावा सामाजिक कार्यों का ब्योरा देते हुए बताया कि ‘अडाणी फाउंडेशन’ अब 22 राज्यों के 7,000 गांवों में 1 करोड़ (10 मिलियन) लोगों तक पहुंच रहा है, जो स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास कार्यक्रमों में निवेश कर रहा है।

















































