Wednesday, 22 Jul 2026 | 10:09 AM

Trending :

EXCLUSIVE

अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ का सबसे बड़ा रिफंड शुरू:ब्याज समेत 90 दिन में पैसा वापस मिलेगा, ₹13.8 लाख करोड़ लौटाने हैं

अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ का सबसे बड़ा रिफंड शुरू:ब्याज समेत 90 दिन में पैसा वापस मिलेगा, ₹13.8 लाख करोड़ लौटाने हैं

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अमेरिकी कंपनियां सोमवार से नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकती हैं। इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा टैरिफ रिफंड माना जा रहा है, जिसमें 166 अरब डॉलर (करीब 13.8 लाख करोड़ रुपए) लौटाए जाने हैं। रिफंड लौटाने का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ है। कोर्ट ने कहा था कि ट्रम्प प्रशासन ने आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर टैरिफ लगाए थे। इसके बाद कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने इंपोर्टर्स को उनकी जमा राशि और ब्याज लौटाने के निर्देश दिए थे। इस फैसले के तहत करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स को राहत मिलेगी, जिन्होंने पिछले साल कार पार्ट्स से लेकर स्मार्टफोन तक पर भारी टैक्स चुकाया था CAPE पोर्टल से होगा आवेदन
US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने CAPE (Consolidated Administration and Processing of Entries) नाम का नया पोर्टल लॉन्च किया है। यह ACE (Automated Commercial Environment) सिस्टम का हिस्सा है। इसके जरिए इंपोर्टर्स “CAPE डिक्लेरेशन” दाखिल कर अपने क्लेम सबमिट कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने का दावा किया गया है। 60-90 दिनों में मिलेगा पैसा
रिफंड पाने के लिए “इंपोर्टर ऑफ रिकॉर्ड” और अधिकृत कस्टम ब्रोकर्स को ACE पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और बैंक अकाउंट डिटेल्स देनी होंगी। CBP के मुताबिक, सही और पूरी जानकारी वाले आवेदन पर 60-90 दिनों में भुगतान किया जा सकता है। दस्तावेजों में कमी या जांच की जरूरत होने पर देरी संभव है। पहले चरण में सीमित इंपोर्टर्स को राहत
CBP ने साफ किया है कि पहले चरण में सभी इंपोर्टर्स को रिफंड नहीं मिलेगा। फिलहाल केवल “अनलिक्विडेटेड एंट्रीज” (जिनका टैक्स आकलन अभी पूरा नहीं हुआ) और 80 दिनों के भीतर की एंट्रीज को शामिल किया गया है। बाकी मामलों को आगे के चरणों में लिया जाएगा। 56 हजार इंपोर्टर्स ने रजिस्ट्रेशन कराए
कोर्ट में पेश आंकड़ों के अनुसार, करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स ने कुल 166 अरब डॉलर का टैरिफ भुगतान किया था। 9 अप्रैल तक इनमें से केवल 56,500 इंपोर्टर्स ने ही इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराया है, जो रिफंड पाने के लिए जरूरी है। उपभोक्ताओं को कितना फायदा?
न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक के मुताबिक, टैरिफ का लगभग 90% बोझ कंपनियों और उपभोक्ताओं ने मिलकर उठाया था। कुछ कंपनियों जैसे लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर ने ग्राहकों को राहत देने का संकेत दिया है, लेकिन आम उपभोक्ताओं तक इसका कितना लाभ पहुंचेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कानूनी लड़ाई अभी जारी
टैरिफ को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कॉस्टको जैसी कंपनियों ने पहले ही टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ट्रेड कोर्ट ने संकेत दिया है कि कई मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए जोड़ा जाएगा। वहीं, सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील भी कर सकती है, जिससे प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। 10% ग्लोबल टैरिफ पर भी उठे सवाल
इस बीच, कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के जजों ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। 24 राज्यों (ज्यादातर डेमोक्रेट शासित) और छोटे व्यवसायों ने इसके खिलाफ याचिका दायर की है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या केवल व्यापार घाटा इतना बड़ा कदम उठाने के लिए पर्याप्त आधार हो सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मार्केट-कैप में माइक्रोन ने मेटा-टेस्ला को पीछे छोड़ा:AI चिप की डिमांड से शेयरों में 18.4% का उछाल; कंपनी की कुल वैल्यू $1.37 ट्रिलियन पहुंची

June 26, 2026/
2:34 pm

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर और मेमोरी चिप की भारी मांग के चलते अमेरिकी सेमीकंडक्टर कंपनी माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयरों में...

राघव चड्ढा न्यूज़ लाइव अपडेट: राघव चड्ढा बीजेपी में शामिल हो गए

April 24, 2026/
5:46 pm

राघव चड्ढा भाजपा समाचार नवीनतम अपडेट: एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम में, राघव चड्ढा ने शुक्रवार को घोषणा की कि वह...

RPF Constable Injured Chasing Thief in Jabalpur

April 10, 2026/
8:38 am

पांच घंटे तक तालाब में छिपे रहने और कमल की डंडी से सांस लेने वाले मोस्ट वांटेड चोर को लेकर...

बिहार सीएम न्यूज़ लाइव अपडेट: नीतीश कुमार अंतिम कैबिनेट बैठक के बाद आज सीएम पद से इस्तीफा देंगे

April 14, 2026/
7:21 am

जैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस्तीफा देने की तैयारी कर रहे हैं, ध्यान इस बात पर केंद्रित हो गया है...

अमेरिका में 250 डॉलर के नोट पर ट्रम्प की तस्वीर:150 साल पुराना नियम बदलने की तैयारी, संसद की मंजूरी बाकी

May 29, 2026/
2:54 pm

अमेरिका में डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर वाले 250 डॉलर के नोट को जारी करने की तैयारी शुरू हो गई है।...

Ranveer Singh returns as Hamza in Dhurandhar 2: The Revenge, one of the biggest Bollywood releases of 2026. Image/X

March 18, 2026/
10:09 pm

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 22:09 IST पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा का खंडन कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान के...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ का सबसे बड़ा रिफंड शुरू:ब्याज समेत 90 दिन में पैसा वापस मिलेगा, ₹13.8 लाख करोड़ लौटाने हैं

अमेरिका में ट्रम्प टैरिफ का सबसे बड़ा रिफंड शुरू:ब्याज समेत 90 दिन में पैसा वापस मिलेगा, ₹13.8 लाख करोड़ लौटाने हैं

अमेरिका में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में लगाए गए टैरिफ को अवैध ठहराने के बाद रिफंड की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अमेरिकी कंपनियां सोमवार से नए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदन कर सकती हैं। इसे अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा टैरिफ रिफंड माना जा रहा है, जिसमें 166 अरब डॉलर (करीब 13.8 लाख करोड़ रुपए) लौटाए जाने हैं। रिफंड लौटाने का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ है। कोर्ट ने कहा था कि ट्रम्प प्रशासन ने आपातकालीन शक्तियों का गलत इस्तेमाल कर टैरिफ लगाए थे। इसके बाद कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड ने इंपोर्टर्स को उनकी जमा राशि और ब्याज लौटाने के निर्देश दिए थे। इस फैसले के तहत करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स को राहत मिलेगी, जिन्होंने पिछले साल कार पार्ट्स से लेकर स्मार्टफोन तक पर भारी टैक्स चुकाया था CAPE पोर्टल से होगा आवेदन
US कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने CAPE (Consolidated Administration and Processing of Entries) नाम का नया पोर्टल लॉन्च किया है। यह ACE (Automated Commercial Environment) सिस्टम का हिस्सा है। इसके जरिए इंपोर्टर्स “CAPE डिक्लेरेशन” दाखिल कर अपने क्लेम सबमिट कर सकेंगे, जिससे प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने का दावा किया गया है। 60-90 दिनों में मिलेगा पैसा
रिफंड पाने के लिए “इंपोर्टर ऑफ रिकॉर्ड” और अधिकृत कस्टम ब्रोकर्स को ACE पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा और बैंक अकाउंट डिटेल्स देनी होंगी। CBP के मुताबिक, सही और पूरी जानकारी वाले आवेदन पर 60-90 दिनों में भुगतान किया जा सकता है। दस्तावेजों में कमी या जांच की जरूरत होने पर देरी संभव है। पहले चरण में सीमित इंपोर्टर्स को राहत
CBP ने साफ किया है कि पहले चरण में सभी इंपोर्टर्स को रिफंड नहीं मिलेगा। फिलहाल केवल “अनलिक्विडेटेड एंट्रीज” (जिनका टैक्स आकलन अभी पूरा नहीं हुआ) और 80 दिनों के भीतर की एंट्रीज को शामिल किया गया है। बाकी मामलों को आगे के चरणों में लिया जाएगा। 56 हजार इंपोर्टर्स ने रजिस्ट्रेशन कराए
कोर्ट में पेश आंकड़ों के अनुसार, करीब 3.3 लाख इंपोर्टर्स ने कुल 166 अरब डॉलर का टैरिफ भुगतान किया था। 9 अप्रैल तक इनमें से केवल 56,500 इंपोर्टर्स ने ही इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट सिस्टम में रजिस्ट्रेशन कराया है, जो रिफंड पाने के लिए जरूरी है। उपभोक्ताओं को कितना फायदा?
न्यूयॉर्क फेडरल रिजर्व बैंक के मुताबिक, टैरिफ का लगभग 90% बोझ कंपनियों और उपभोक्ताओं ने मिलकर उठाया था। कुछ कंपनियों जैसे लॉजिस्टिक्स और रिटेल सेक्टर ने ग्राहकों को राहत देने का संकेत दिया है, लेकिन आम उपभोक्ताओं तक इसका कितना लाभ पहुंचेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है। कानूनी लड़ाई अभी जारी
टैरिफ को लेकर विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। कॉस्टको जैसी कंपनियों ने पहले ही टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। ट्रेड कोर्ट ने संकेत दिया है कि कई मामलों को एक साथ सुनवाई के लिए जोड़ा जाएगा। वहीं, सरकार इस फैसले के खिलाफ अपील भी कर सकती है, जिससे प्रक्रिया लंबी खिंच सकती है। 10% ग्लोबल टैरिफ पर भी उठे सवाल
इस बीच, कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड के जजों ने ट्रंप द्वारा लगाए गए 10% ग्लोबल टैरिफ की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं। 24 राज्यों (ज्यादातर डेमोक्रेट शासित) और छोटे व्यवसायों ने इसके खिलाफ याचिका दायर की है। कोर्ट ने पूछा है कि क्या केवल व्यापार घाटा इतना बड़ा कदम उठाने के लिए पर्याप्त आधार हो सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.