Tuesday, 21 Apr 2026 | 04:48 PM

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सिंगरौली में स्कॉर्पियो ने ऑटो को मारी टक्कर:चालक समेत तीन गंभीर घायल; पुलिस ने वाहन जब्त कर मामला दर्ज किया

सिंगरौली में स्कॉर्पियो ने ऑटो को मारी टक्कर:चालक समेत तीन गंभीर घायल; पुलिस ने वाहन जब्त कर मामला दर्ज किया

सिंगरौली जिले के नवानगर थाना क्षेत्र में रविवार रात तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो चालक सहित तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना जयंत चौकी अंतर्गत वार्डर सीएमपीटीआई के सामने हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से आ रही स्कॉर्पियो ने ऑटो को जोरदार टक्कर मारी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से चोटिल हो गए। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए एनसीएल के नेहरू अस्पताल भेजा गया, जहां उनका इलाज जारी है। सूचना मिलने पर नवानगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। थाना प्रभारी अनिल पटेल ने बताया कि घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। पुलिस ने स्कॉर्पियो वाहन को जब्त कर लिया है और चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

महिला से रेप का आरोपी पुजारी गिरफ्तार:पूजा कराने महिला के मोहल्ले में गया था; शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म

महिला से रेप का आरोपी पुजारी गिरफ्तार:पूजा कराने महिला के मोहल्ले में गया था; शादी का झांसा देकर किया दुष्कर्म

गुना शहर के कैंट थाना इलाके में पुलिस ने रेप के आरोपी को रविवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी पूजा कराने एक महिला के घर गया था। वहीं से दोनों की दोस्ती हुई। इसके बाद शादी का झांसा देकर रेप किया। जब महिला ने शादी की बात कही, तो वह मुकर गया। मिली जानकारी के अनुसार कैंट थाना इलाके की रहने वाली एक 30 वर्षीय महिला ने कैंट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि पिछले साल मार्च 2025 में बांसखेड़ी का भुवनेश्वर शर्मा पुत्र जगदीश शर्मा उसके मोहल्ले में पूजा करने आया था। इसी दौरान उससे जान पहचान हो गयी थी। शादी करने की बात कही महिला ने बताया कि फिर दोनों फोन पर एक दूसरे से बात चीत करते थे। दोनों के प्रेम संबंध थे। भुवनेश्वर शर्मा ने कई बार कहा कि अपने पति को छोड दो तो वह शादी कर लेगा। 20 फ़रवरी को शाम करीब 7.30 बजे भुवनेश्वर शर्मा महिला से मिलने उसके घर आया। उस समय घर में कोई नहीं था। तभी भुवनेश्वर ने महिला को शादी का झंसा देकर उसके साथ जबरजस्ती शारीरिक संबंध बनाये। महिला ने मना किया, तो वह बोला कि जल्दी ही तुमसे शादी कर लूंगा। फिर यह बात महिला के पति को पता चल गयी, जिसके बाद उसके पति ने उसे रखने से मना कर दिया। महिला ने बताया कि इसके बाद उसने भुवनेश्वर से बात की, तो उसने शादी करने से मना कर दिया। अभी तक वह भुवनेश्वर से बातचीत करने की कोशिश करती रही, लेकिन अब भुवनेश्वर अपना मोबाइल बंद करके कहीं चला गया है। महिला की शिकायत पर पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी की तलाश की के लिए टीम बनाई कैंट पुलिस ने बताया कि SP हितिका वासल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए। ASP मानसिंह ठाकुर के मार्गदर्शन और CSP प्रियंका मिश्रा के नेतृत्व में कैंट TI अनूप भार्गव और उनकी टीम आरोपी की तलाश में लग गई। पुलिस ने आरोपी को तलाश में अपना मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। इसी क्रम में रविवार को जानकारी लगने पर टीम ने आरोपी भुवनेश्वर शर्मा(22) पुत्र जगदीश शर्मा निवासी बांसखेड़ी को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी से नाराज पारदी महिलाओं ने किया चक्काजाम:बच्चे को जमीन पर पटकने की कोशिश की; अधेड़ बस के पहिए के नीचे लेट गया

गिरफ्तारी से नाराज पारदी महिलाओं ने किया चक्काजाम:बच्चे को जमीन पर पटकने की कोशिश की; अधेड़ बस के पहिए के नीचे लेट गया

गुना के कैंट थाने के सामने रविवार रात पारदी समाज की महिलाओं ने चक्काजाम कर दिया। वह लूट के एक मामले में आरोपी को पकड़ने के कारण नाराज थीं। इस दौरान एक महिला ने अपने बच्चे को भी जमीन पर पटकने की कोशिश की, जिसे आरक्षकों ने बचाया। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को धरनावदा थाना इलाके के अंतर्गत आने वाली रूठियाई चौकी इलाके की गादेर घाटी पर शुक्रवार शाम एक बाइक लूटी गई थी। कैंट थाना पुलिस ने गादेर घाटी क्षेत्र में हुई लूट की वारदात का खुलासा करते हुए पटेल नगर निवासी चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी गई मोटरसाइकिल भी बरामद की और कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उन्हें न्यायालय के माध्यम से जेल भेज दिया। सड़क पर काफी देर तक वाहन फंसे रहे इसी कार्रवाई के विरोध में पारदी समाज की महिलाएं थाने पहुंचीं और आरोपियों को निर्दोष बताते हुए प्रदर्शन करने लगीं। प्रदर्शन के कारण सड़क के दोनों ओर लंबा जाम लग गया और सैकड़ों वाहन फंस गए। लोगों को काफी देर तक परेशान होना पड़ा और शहर की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। इस दौरान कुछ महिलाएं उग्र हो गईं और पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगीं। नवजात शिशु को खतरे में डालने की घटना से माहौल और तनावपूर्ण हो गया। एक महिला ने बच्चे को हवा में उछालकर जमीन और पटकने की कोशिश की। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को दी समझाइश मौके पर मौजूद पुलिस बल ने संयम और समझदारी से स्थिति को संभाला। महिला पुलिस की मदद से प्रदर्शनकारियों को समझाइश दी गई और आवश्यक सख्ती के बाद जाम खुलवाया गया। इसके बाद यातायात को सामान्य कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और किसी को भी सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। वहीं प्रदर्शन में शामिल बबल पारदी नाम की महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति, भाई और अन्य परिजनों को पुलिस ने झूठे मामले में पकड़ा है। हालांकि पुलिस का कहना है कि सभी आरोपियों को साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक मासूम की जान बच गई, हालांकि कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल जरूर बन गया।

भोपाल के काटजू अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा:डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने खुद को कमरों में किया बंद; लेबर पेन के दौरान बिगड़ी स्थिति

भोपाल के काटजू अस्पताल में नवजात की मौत पर हंगामा:डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ ने खुद को कमरों में किया बंद; लेबर पेन के दौरान बिगड़ी स्थिति

भोपाल के कैलाशनाथ काटजू अस्पताल में रविवार रात नवजात की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। गुस्साए परिजन अस्पताल परिसर में विरोध करने लगे। महिला डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ खुद को कमरों में बंद कर लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह हालात संभाले। इस पूरे मामले में परिजन जहां डॉक्टरों पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं, वहीं अस्पताल प्रबंधन ने इसे जटिल चिकित्सीय स्थिति बताते हुए अपनी सफाई दी है। पहला बच्चा था, अचानक बिगड़ी हालत परिजनों के अनुसार, संजना रैकवार को 9 माह की गर्भावस्था में शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया था। यह उनका पहला बच्चा था। रविवार शाम करीब 5 बजे उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हुई और लेबर रूम में सामान्य डिलीवरी की प्रक्रिया शुरू हुई। परिजन बताते हैं कि बच्चा आधा बाहर आ चुका था, लेकिन अचानक स्थिति बिगड़ने पर डॉक्टरों ने प्रसूता को ऑपरेशन थियेटर में शिफ्ट कर दिया। कुछ देर बाद उन्हें बताया गया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है। यह सुनते ही परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों का आरोप- लापरवाही से गई जान परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब प्रसव सामान्य हो रहा था, तो अंतिम समय में ऑपरेशन की जरूरत क्यों पड़ी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रसव के दौरान अस्पताल में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ मौजूद नहीं था, जिसके कारण ऑपरेशन में देरी हुई। इसी देरी के चलते गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजन भड़क गए और अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। प्रबंधन की सफाई- लेबर पेन में जटिलता आई अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों के आरोपों को नकारते हुए घटना को चिकित्सीय जटिलता बताया है। अस्पताल इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार, प्रसूता की स्थिति शुरुआत में सामान्य थी, लेकिन लेबर पेन के दौरान बच्चे का रोटेशन रुक गया। उन्होंने बताया कि यह गंभीर स्थिति होती है, जिसमें बच्चे का सिर नीचे आने की प्रक्रिया बाधित हो जाती है। इसी कारण अंतिम समय में ऑपरेशन का निर्णय लिया गया, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी और वह मृत अवस्था में पैदा हुआ।

आग से 2 गाड़ियां खाक, रंजिश में साजिश का आरोप:रीवा में देर रात हादसा; फायर ब्रिगेड ने अन्य वाहनों को बचाया, CCTV खंगाल रही पुलिस

आग से 2 गाड़ियां खाक, रंजिश में साजिश का आरोप:रीवा में देर रात हादसा; फायर ब्रिगेड ने अन्य वाहनों को बचाया, CCTV खंगाल रही पुलिस

रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में पुराने बस स्टैंड के पास बांस घाट स्थित एक वाहन गैरेज में रविवार देर रात अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और गैरेज में खड़ी दो गाड़ियां पूरी तरह जलकर खाक हो गईं। घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझने से आसपास खड़े अन्य वाहन और दुकानें सुरक्षित बच गईं। गैरेज संचालक ने जताई साजिश की आशंका गैरेज संचालक निजाम मिस्त्री ने घटना को संदिग्ध बताया है। उनका आरोप है कि व्यापारिक प्रतिस्पर्धा के चलते किसी ने रंजिशन गैरेज में आग लगाई है। उन्होंने बंटी नाम के व्यक्ति पर नामजद आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। आग में जिस वाहन को नुकसान पहुंचा है, उसके मालिक का नाम नामदेव चर्मकार बताया गया है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है और स्थानीय लोग भी निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। सिविल लाइन थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आग लगने के कारणों का पता लगाने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके।

शाजापुर में मेगा विधिक जागरूकता शिविर:सैकड़ों नागरिकों को योजनाओं और अधिकारों की जानकारी मिली

शाजापुर में मेगा विधिक जागरूकता शिविर:सैकड़ों नागरिकों को योजनाओं और अधिकारों की जानकारी मिली

शाजापुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने रविवार को एक दिवसीय ‘मेगा विधिक आउटरीच एवं जागरूकता शिविर’ का आयोजन किया। यह शिविर मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देश पर गायत्री मंदिर परिसर में संपन्न हुआ। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी के मुख्य आतिथ्य और सचिव नमिता बौरासी के निर्देशन में आयोजित किया गया था। शिविर में जिला न्यायाधीश जितेंद्र कुमार पाराशर, दिनेश नोटिया, प्रेमलता जितेंद्र गोयल और जिला विधिक सहायता अधिकारी शिखा शर्मा भी उपस्थित थे। इसका मुख्य उद्देश्य आमजन, विशेषकर वंचित और कमजोर वर्गों को उनके कानूनी अधिकारों, निःशुल्क विधिक सहायता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी देना था। इस शिविर में विभिन्न सरकारी विभागों ने स्टॉल लगाए, जहाँ नागरिकों को मौके पर ही पंजीकरण और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान की सुविधा मिली। इस दौरान ‘मध्यस्थता 2.0 अभियान’ और ‘सामुदायिक मध्यस्थता’ के महत्व के बारे में भी लोगों को जागरूक किया गया। निशुल्क न्याय तक पहुंच जरूरी मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आनंद कुमार तिवारी ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का लक्ष्य प्रत्येक व्यक्ति तक सरल और निःशुल्क न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से ऐसे आयोजनों में सक्रिय रूप से भाग लेकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। शिविर के समापन पर एक सांस्कृतिक ज्ञान परीक्षा का आयोजन किया गया। इसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को शील्ड, प्रमाण-पत्र और लेखन सामग्री देकर सम्मानित किया गया। अंत में, सचिव नमिता बौरासी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।

बुलेरो की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 22 श्रद्धालु घायल:4 महिलाओं की हालत गंभीर; सभी बगाज माता मंदिर से जवारे विसर्जन कर लौट रहे थे

बुलेरो की टक्कर से ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटी, 22 श्रद्धालु घायल:4 महिलाओं की हालत गंभीर; सभी बगाज माता मंदिर से जवारे विसर्जन कर लौट रहे थे

टीकमगढ़-बड़ागांव रोड पर शनिवार देर रात तेज रफ्तार बुलेरो कार ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को टक्कर मार दी, जिससे ट्रॉली पलट गई। हादसे में 22 लोग घायल हो गए। घटना बड़ागांव थाना क्षेत्र के गोपालपुरा तिराहा के पास का है। घायल हुए सभी लोग श्रद्धालु थे, जो बगाज माता मंदिर से जवारे विसर्जन के दर्शन कर अपने घर लौट रहे थे। सभी छतरपुर जिले के ढडोरा बुंढेरा गांव के निवासी बताए जा रहे हैं। बुजुर्ग सहित चार महिलाओं की हालत गंभीर हादसे में ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार 22 लोगों को चोटें आईं। इनमें एक बुजुर्ग सहित चार महिलाओं की हालत गंभीर बताई जा रही है। सूचना मिलते ही एम्बुलेंस और 112 की टीम मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तुरंत बड़ागांव अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टर बोले-7 की हालत गंभीर, जिला अस्पताल भेजा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ागांव के ड्यूटी डॉक्टर विकास बघेल ने बताया कि 22 लोगों को अस्पताल लाया गया। सभी का प्राथमिक इलाज कर भर्ती किया गया है। सात लोगों की हालत गंभीर होने के चलते जिला अस्पताल सफर किया गया है। देखिए तस्वीरें… सभी घायल छतरपुर के निवासी घायलों में अंजना लोधी (26), अनुज लोधी (14), अनिकेत लोधी (11), अंशुल लोधी, गुड़िया लोधी, वर्षा अहिरवार, हर्बल यादव, अज्जू अहिरवार, कंछेदी अहिरवार, सुजान यादव, लल्ला बाई अहिरवार, अभिलाषा अहिरवार, गुड्डी अहिरवार, गीता अहिरवार, सुनीता अहिरवार, रामधार यादव, नैंसी यादव, लक्ष्मी बाई अहिरवार सहित अन्य शामिल हैं। सभी छतरपुर जिले के बुडेरा गांव के निवासी बताए गए हैं। जो बगाज माता मंदिर दर्शन करने आए थे। शनिवार रात लौटकर अपने गांव जा रहे थे।

सिवनी में पेट्रोल पंप पर आग:कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी से काबू पाया; ईंधन निकालते समय चूक से फैलने की आशंका

सिवनी में पेट्रोल पंप पर आग:कर्मचारियों ने फायर सेफ्टी से काबू पाया; ईंधन निकालते समय चूक से फैलने की आशंका

सिवनी जिले के लखनादौन क्षेत्र में शनिवार देर रात एक पेट्रोल पंप पर अचानक आग लग गई। कर्मचारियों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है। यह घटना देर रात उस समय हुई जब पेट्रोल पंप पर सामान्य कार्य चल रहा था। अचानक एक हिस्से से आग की लपटें उठती दिखाई दीं, जिससे वहां मौजूद कर्मचारियों और आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। आग देखते ही कर्मचारियों ने बिना देरी किए फायर सेफ्टी उपकरणों का उपयोग करना शुरू कर दिया। उनकी सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया के कारण आग को फैलने से पहले ही नियंत्रित कर लिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि आग पर समय रहते काबू नहीं पाया जाता, तो यह एक गंभीर दुर्घटना में बदल सकती थी, क्योंकि पेट्रोल पंप पर बड़ी मात्रा में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद रहता है। इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि या गंभीर नुकसान की सूचना नहीं है, जो एक राहत की बात है। आग लगने की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी गई है। प्रारंभिक जांच में तकनीकी खराबी या ईंधन निकालते समय हुई गलती को आग का संभावित कारण माना जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चलेगा। स्थानीय प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पेट्रोल पंप संचालकों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। इस घटना ने क्षेत्र में पेट्रोल पंपों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जबलपुर में अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पर छापा:10 गाड़ियां जब्त, बिना कनेक्शन चल रहा था चार्जिंग स्टेशन; पुलिस-बिजली कंपनी की संयुक्त कार्रवाई

जबलपुर में अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन पर छापा:10 गाड़ियां जब्त, बिना कनेक्शन चल रहा था चार्जिंग स्टेशन; पुलिस-बिजली कंपनी की संयुक्त कार्रवाई

प्रदेश में जब पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत छाई हुई है, तो इस दौरान कुछ लोग आपदा में अवसर का लाभ भी उठा रहे हैं। जबलपुर में शनिवार रात पुलिस प्रशासन और बिजली कंपनी की टीम ने संयुक्त छापामार कार्रवाई करते हुए 10 ई-रिक्शा जब्त किए हैं। मौके पर पाया गया कि अवैध रूप से चार्जिंग स्टेशन बनाकर ई-रिक्शा चार्ज किए जा रहे थे। पुलिस ने मौके पर खड़े सभी ई-रिक्शा बरामद कर जांच शुरू कर दी है। दरअसल, जबलपुर में इन दिनों पेट्रोल, डीजल और गैस की खासी किल्लत चल रही है, जिसके चलते कुछ लोगों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए जगह-जगह अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन बना रखे हैं। शनिवार रात बिजली कंपनी के अधिकारियों को सूचना मिली कि ओमती के पास नया मोहल्ला क्षेत्र में अवैध चार्जिंग स्टेशन संचालित हो रहा है, जहां रोजाना सैकड़ों ई-रिक्शा चार्ज किए जाते हैं। सूचना मिलते ही बिजली कंपनी की टीम ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर नया मोहल्ला स्थित मौके पर छापा मारा। जांच में सामने आया कि बुग्गा रहमान नामक व्यक्ति ने अपने घर पर अवैध रूप से चार्जिंग स्टेशन बना रखा था और लंबे समय से ई-रिक्शा चार्ज कर रहा था। पुलिस ने रहमान को हिरासत में लेकर मौके से 10 ई-रिक्शा जब्त किए, जो बिना वैध कनेक्शन के चार्ज हो रहे थे। भले ही पुलिस और बिजली विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए एक बड़े अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन का खुलासा किया हो, लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि जब लंबे समय से यह अवैध गतिविधि चल रही थी, तब पुलिस, प्रशासन और बिजली कंपनी ने पहले कार्रवाई क्यों नहीं की। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि विभागीय मिलीभगत के चलते ही यह चार्जिंग स्टेशन संचालित हो रहा था। अब जब पूरे प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की किल्लत बढ़ी, तो दबाव में आकर कार्रवाई की गई है। बिजली कंपनी में पदस्थ एग्जीक्यूटिव इंजीनियर दिनेश पाल के अनुसार, मौके पर छह ई-रिक्शा चार्ज हो रहे थे, जबकि चार खड़े थे। सभी को जब्त कर पुलिस को सौंपा जा रहा है। अवैध रूप से बनाए गए चार्जिंग स्टेशन के संचालक पर बिजली अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा पुलिस भी मामले की अलग से जांच कर आवश्यक कार्रवाई करेगी।

एमपी टूरिज्म होटल में लकड़ी के चूल्हे जले:एलपीजी संकट के कारण भरहुत में पारंपरिक भाठा पर बन रहा भोजन

एमपी टूरिज्म होटल में लकड़ी के चूल्हे जले:एलपीजी संकट के कारण भरहुत में पारंपरिक भाठा पर बन रहा भोजन

सतना जिले में व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की कमी के कारण होटल कारोबार प्रभावित हो रहा है। आधुनिक रसोईघरों से लैस कई होटल अब पारंपरिक खाना पकाने के तरीकों पर लौटने को मजबूर हैं। गैस की अनियमित आपूर्ति के चलते कई होटल संचालक लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बना रहे हैं। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा संचालित होटल भरहुत भी इस संकट से जूझ रहा है। होटल में 11 मार्च से गैस की अनुपलब्धता के कारण लकड़ी के चूल्हे और भाठा में भोजन तैयार किया जा रहा है। यह स्थिति होटल के संचालन को सीधे तौर पर प्रभावित कर रही है। निजी होटल संचालक जहां एलपीजी की कुछ वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर रहे हैं या घरेलू सिलेंडरों का उपयोग कर रहे हैं, वहीं सरकारी नियंत्रण वाले होटल भरहुत को 11 मार्च से व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हुई है। इस कारण उन्हें पारंपरिक तरीके अपनाने पड़े हैं। गैस आधारित रसोई की तुलना में लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाने में अधिक समय और श्रम लग रहा है। इससे ग्राहकों को समय पर सेवा प्रदान करना एक चुनौती बन गया है, जिससे होटल की कार्यप्रणाली पर सीधा असर पड़ रहा है। होटल भरहुत के असिस्टेंट मैनेजर सलिल सिंह ने बताया कि व्यावसायिक गैस सिलेंडरों की नियमित आपूर्ति नहीं हो पा रही है। उन्होंने कहा कि बीते कई दिनों से रसोई में वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर लकड़ी के चूल्हे का उपयोग किया जा रहा है, जिससे कामकाज प्रभावित होने के साथ-साथ लागत और प्रबंधन संबंधी दिक्कतें भी बढ़ गई हैं। होटल भरहुत में चूल्हे के अलावा विंध्य का पारंपरिक भाठा भी तैयार किया गया है, जिसमें अधिकांश भोजन पकाया जा रहा है।