रंगपंचमी पर महाकाल को एक लोटा केसर जल अर्पित होगा:भस्म आरती में अर्पित होगा रंग, चेकिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिलेगा

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में रंगपंचमी पर भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को इस बार सिर्फ एक लोटा केसर युक्त रंग अर्पित किया जाएगा। मंदिर समिति ने दो साल पहले लगी आग की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से यह व्यवस्था जारी रखी है। मंदिर में आने वाले भक्तों को विशेष चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। भस्म आरती में टेसू के फूलों का हर्बल रंग रंगपंचमी के अवसर पर पर्व की शुरुआत महाकाल मंदिर में भगवान को रंग अर्पित करने से होगी। तड़के 4 बजे शुरू हुई भस्म आरती में टेसू के फूलों से तैयार एक लोटा हर्बल रंग अर्पित किया जाएगा। मंदिर में धुलेंडी के दिन गर्भगृह में आग लगने की घटना के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। सुरक्षा कारणों से इस बार भी भक्तों, पंडे और पुजारियों को मंदिर परिसर में रंग लाने की अनुमति नहीं दी गई है। चेकिंग के बाद ही मिलेगा मंदिर में प्रवेश महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि सुबह भस्म आरती के दौरान भगवान को केसर जल अर्पित किया जाएगा। मंदिर आने वाले भक्तों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। भक्तों से मंदिर परिसर में रंग नहीं लाने का अनुरोध किया गया है। कोठार शाखा से उपलब्ध कराया जाएगा केसर रंग मंदिर समिति के अनुसार केसर रंग और जल मंदिर की कोठार शाखा से पुजारी और शासकीय पुजारी को उपलब्ध कराया जाएगा। पंडे-पुजारियों को भी जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।
300 ट्रैक्टरों के साथ सतना कलेक्ट्रेट घेरेंगे किसान:डालमिया सीमेंट को 3600 एकड़ जमीन देने का विरोध; 10 मार्च को करेंगे प्रदर्शन

सतना और मैहर जिले के किसान अपनी उपजाऊ भूमि को निजी सीमेंट कंपनी ‘डालमिया इंडिया’ को सौंपे जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले 10 मार्च को सतना कलेक्ट्रेट के घेराव करेंगे। इस आंदोलन में 300 से अधिक ट्रैक्टरों का काफिला जिला मुख्यालय तक कूच करेगा। 3600 एकड़ उपजाऊ जमीन और 40 साल की लीज का विवाद पूरा विवाद अमरपाटन और रामपुर बघेलान तहसील की लगभग 3600 एकड़ कृषि भूमि से जुड़ा है। प्रशासन द्वारा इस विशाल भू-भाग को डालमिया सीमेंट कंपनी को 40 वर्ष की लंबी लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस फैसले से एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम बिगौड़ी में आयोजित महापंचायत में किसानों ने दोटूक कहा कि वे अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर उद्योगपतियों को नहीं देंगे। महिलाओं की रहेगी सक्रिय भागीदारी आंदोलन को धार देने के लिए गांवों में लगातार पंचायतें आयोजित की जा रही हैं। बिगौड़ी की महापंचायत में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। किसान नेता रूपनारायण पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि जमीन किसानों की पहचान और सर्वाइवल का साधन है। किसानों का कहना है कि वे अपनी आजीविका का मुख्य स्रोत किसी भी कीमत पर निजी कंपनी को नहीं सौंपेंगे। राष्ट्रीय नेता संभालेंगे कमान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि 10 मार्च का प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा। इस महा-आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश प्रभारी मांगेराम त्यागी और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह सतना पहुंच रहे हैं। 300 ट्रैक्टरों के इस विशाल काफिले और हजारों किसानों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।
Gwalior Court Orders Judge Probe for Construction Violation

ग्वालियर10 मिनट पहले कॉपी लिंक ग्वालियर हाई कोर्ट का फाइल फोटो ग्वालियर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अपने आदेश की अवहेलना और लापरवाही बरतने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने एक सिविल जज के आचरण की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह मामला किसी अन्य सिविल जज को सौंपने के आदेश दिए गए हैं, जिसे चार माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। मामला अशोक कुमार व अन्य बनाम मीरा देवी से जुड़ा है। वर्ष 2013 में विवादित संपत्ति के संबंध में अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का अंतरिम आदेश जारी किया था। इसके बावजूद प्रतिवादी पक्ष द्वारा कथित रूप से विवादित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता अशोक कुमार ने अवमानना याचिका दायर की। ट्रायल कोर्ट से चार माह में मांगी थी जांच रिपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 4 अप्रैल 2024 को ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह जांच कर यह स्पष्ट करे कि क्या अंतरिम आदेश का उल्लंघन कर निर्माण किया गया है। ट्रायल कोर्ट को चार माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था। साथ ही पक्षकारों को 24 अप्रैल 2024 को ट्रायल कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि लंबे समय तक जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत नहीं की गई। इस पर 8 अक्टूबर 2024 को कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को तुरंत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद 12 नवंबर 2024 को भी हाईकोर्ट ने असंतोष व्यक्त करते हुए दो माह का अतिरिक्त समय दिया और प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश भिंड को निर्देशित किया कि वे ट्रायल कोर्ट को अदालत के आदेशों के प्रति लापरवाही न बरतने के निर्देश दें। ईई लोनिवि से निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने विधिवत जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं की। गवाहों के बयान दर्ज करने और पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के बजाय केवल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यपालन यंत्री से स्थल निरीक्षण रिपोर्ट मंगाकर सीधे हाईकोर्ट को भेज दी। इतना ही नहीं, रिपोर्ट को प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजने की निर्धारित प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया। 20 अगस्त को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पीडब्ल्यूडी की यह स्थल निरीक्षण रिपोर्ट पक्षकारों की अनुपस्थिति में तैयार की गई प्रतीत होती है, इसलिए इस पर निर्भर नहीं किया जा सकता। अदालत ने मामले की विधिवत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। याचिका की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निर्धारित की गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अटरिया मोड़ पर बुलेट फिसलने से युवक घायल:हादसे के बाद बोलेरो ले जाने पर विवाद; पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर शांत कराया मामला

मऊगंज थाना क्षेत्र के अटरिया मोड़ के पास गुरुवार शाम एक बुलेट बाइक बेकाबू होकर फिसल गई। इस हादसे में पाड़र निवासी राहुल पटेल गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल के पैर में फ्रैक्चर होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए रीवा रेफर कर दिया है। बेकाबू होकर सड़क पर गिरी बाइक राहुल पटेल शाम करीब 5 बजे अपनी बुलेट से साथियों से मिलने छुहिया गांव जा रहे थे। इसी दौरान अटरिया मोड़ के समीप उनकी बाइक बेकाबू हो गई। सड़क पर गिरने से राहुल के पैर में गंभीर चोट आई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे साथियों ने उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल मऊगंज पहुंचाया। बोलेरो ले जाने को लेकर अस्पताल में हंगामा घायल को अस्पताल ले जाने के लिए साथियों ने छुहिया गांव में खड़ी एक बोलेरो मालिक को बिना बताए उठा ली। वाहन न मिलने पर मालिक को गाड़ी चोरी होने का संदेह हुआ। बोलेरो की तलाश करते हुए मालिक और गांव के अन्य युवक अस्पताल पहुंच गए, जहां दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। पुलिस ने हस्तक्षेप कर सुलझाया विवाद अस्पताल में तनाव की स्थिति निर्मित होने पर मऊगंज पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया, जिसके बाद वाहन मालिक अपनी गाड़ी लेकर वापस लौटा। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति सामान्य होने के बाद डॉक्टरों ने घायल राहुल को एंबुलेंस के जरिए रीवा रवाना किया।
जबलपुर में दो गुट आपस में भिड़े, पथराव:छोटी ओमती की घटना; सूचना के बाद पुलिस बल मौके पर तैनात

जबलपुर में होली के मौके पर बुधवार रात छोटी ओमती इलाके में दो गुट आपस में भिड़ गए। दोनों तरफ से पथराव भी हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उपद्रवियों को खदेड़ दिया। घटना में एक व्यक्ति घायल हुआ है। बताया जा रहा है कि भीड़ में से किसी ने गोली भी चलाई है। मौके पर बेलबाग, हनुमानताल और कोतवाली की पुलिस फोर्स मौजूद है। छोटी ओमती में रहने वाले गब्बू सोनकर ने कहा- हम लोग कदम तलैया के रहने वाले हैं। होली खेलने के बाद रात को बाहर बैठे हुए थे। इसी दौरान अप्पा सोनकर, अंशुल सोनकर और राकेश खटीक मौके पर पहुंचे। गाली-गलौज करते हुए हमारे साथ बैठे आयुष से विवाद करने लगे। हमने आपत्ति जताई तो मारपीट शुरू कर दी। हमने भी बचाव किया। उनमें से किसी एक ने फायर भी किया। झगड़े में आयुष को चोट आई है, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। बेलबाग पुलिस ने बताया कि भानतलैया से छोटी ओमती मार्ग पर सोनकर समाज के दो गुटों में मामूली विवाद हो गया था। अपशब्द कहने के साथ झड़प शुरू हो गई। शरारती तत्व एक-दूसरे पर पथराव करने लगे। फिलहाल, हालात काबू में हैं। अभी तक दोनों गुटों की ओर से कोई भी FIR नहीं कराई गई है।
सीधी में बाइक डिवाइडर से टकराई, तीन युवक गंभीर:परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टर न मिलने पर किया हंगामा, सिविल सर्जन ने आरोपों को नकारा

सीधी जिले के अकऊरी ग्राम में बुधवार रात करीब 8 बजे एक तेज रफ्तार बाइक होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस सड़क हादसे में बाइक सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां परिजनों ने व्यवस्था को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। दुर्घटना में घायल हुए दो युवकों की पहचान राहुल यादव और किशन यादव के रूप में हुई है। तीसरे युवक की शिनाख्त रात तक नहीं हो सकी थी। तीनों घायलों के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। कश्मीर में तैनात सेना के जवान संदीप कुमार यादव ने स्वयं घायलों को अस्पताल पहुंचाया। आधे घंटे तक डॉक्टर न मिलने का आरोप परिजनों का आरोप है कि अस्पताल पहुंचने के बाद लगभग आधे घंटे तक कोई डॉक्टर ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। संदीप कुमार यादव ने आरोप लगाया कि समय पर उपचार न मिलने से घायलों की स्थिति और अधिक बिगड़ गई। इस दौरान अस्पताल परिसर में परिजनों और स्टाफ के बीच तीखी बहस हुई। सिविल सर्जन ने बदतमीजी और नशे का दावा किया सिविल सर्जन डॉ. एसबी खरे ने परिजनों के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि घायलों का इलाज किया जा रहा है और उन्हें रेफर करने की प्रक्रिया जारी है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिजन नशे की हालत में थे और अस्पताल स्टाफ के साथ बदतमीजी कर कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। एसपी से दुर्व्यवहार की शिकायत डॉ. एसबी खरे ने बताया कि अस्पताल में हंगामे और स्टाफ के साथ हुए दुर्व्यवहार के संबंध में एसपी को सूचित कर दिया गया है। मामले में कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। मौके पर पहुंचे डॉ. राजेश मिश्रा ने डॉक्टरों की कमी और हंगामे पर आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया।
झाबुआ में धधकते अंगारों पर चले मन्नतधारी:गल चूल उत्सव में उमड़ा सैलाब; खाटू श्याम की पालकी भी निकली

झाबुआ जिले के ग्रामीण अंचलों में धुलेंडी का पर्व पारंपरिक ‘गल चूल’ उत्सव के रूप में मनाया गया। रायपुरिया, बिलिडोज, बावड़ी, करवड़ और टेमरिया सहित कई स्थानों पर आयोजित इस उत्सव में हजारों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े। यहां मन्नतधारियों ने नंगे पैर दहकते अंगारों पर चलकर और ऊंचे ‘गल’ पर झूलकर अपनी अटूट श्रद्धा प्रकट की। 20 फीट ऊंचे ‘गल’ पर उल्टा लटके मन्नतधारी रायपुरिया में यह परंपरा पिछले 50 वर्षों से निरंतर चली आ रही है। यहां चार खंभों पर स्थापित 20 फीट ऊंचे ‘गल’ पर मन्नतधारियों को उल्टा लटकाकर घुमाया गया। इस कठिन अनुष्ठान को पूरा करने के लिए श्रद्धालु एक सप्ताह पूर्व से ही सात्विक जीवन शैली अपनाते हैं। मान्यता है कि ऐसा करने से क्षेत्र पर दैवीय कृपा बनी रहती है। अंगारों पर बच्चों को लेकर चले श्रद्धालु चूल उत्सव के दौरान रोमांच तब बढ़ गया जब श्रद्धालु नंगे पैर धधकते अंगारों के बीच से निकले। कुछ मन्नतधारियों ने तो अपने मासूम बच्चों को गोद में लेकर अंगारों का रास्ता पार किया। ग्रामीणों की मान्यता है कि माता की कृपा से उन्हें आंच तक नहीं आती। करवड़ के अम्बे माता मंदिर में भी इसी तरह का आयोजन हुआ, जहाँ भारी भीड़ जमा रही। रानापुर में खाटू श्याम की पालकी और ‘मिनी भगोरिया’ सा नजारा रानापुर नगर में बाबा खाटू श्याम की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई। बैंड-बाजों और भजनों की धुन पर भक्त झूमते नजर आए। यहाँ चूल उत्सव के साथ-साथ मेलों जैसा माहौल भी देखने को मिला। झूलों और चकरी के कारण यहाँ का वातावरण ‘मिनी भगोरिया’ जैसा नजर आ रहा था, जिसका ग्रामीणों ने भरपूर आनंद लिया।। प्रशासन रहा अलर्ट भीड़ और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तहसीलदार अनिल बघेल और टीआई निर्भयसिंह भूरिया के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। रायपुरिया से लेकर रानापुर तक प्रशासन और ग्राम पंचायतों ने पेयजल और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए थे, जिसके चलते सभी धार्मिक आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुए
जबलपुर के पनागर जंगल में बुजुर्ग का शव मिला:सिर पर चोट के निशान; हत्या की आशंका

जबलपुर जिले के पनागर थाना क्षेत्र अंतर्गत छतरपुर गांव के पास जंगल में बुधवार को एक बुजुर्ग का लहूलुहान शव मिला है। मृतक की पहचान 60-62 वर्षीय हल्लू कोल के रूप में हुई है, जो ककरहाई तालाब के पास खेत की रखवाली करते थे। हल्लू कोल का शव छतरपुर गांव से लगभग ढाई किलोमीटर दूर सुनसान जंगल में पड़ा मिला। ग्रामीणों ने शव देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पाया कि मृतक के सिर पर गहरे घाव के निशान थे और घटनास्थल पर खून भी बिखरा हुआ था। थाना प्रभारी विपिन ताम्रकार ने बताया कि पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया है। प्रारंभिक जांच में सिर पर गंभीर चोट के कारण हत्या की आशंका जताई जा रही है। परिजनों ने भी इस घटना को हत्या बताया है और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। थाना पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। इस घटना के बाद से गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल बना हुआ है।
जीवन में लिया संकल्प, मृत्यु के बाद परिवार ने निभाया:इंदौर में 83 वर्षीय महिला की देह दान; नेत्र, त्वचा भी दान कर दी मानवता की सीख

इंदौर में 83 वर्षीय वृद्धा के निधन के बाद उनके लिए गए संकल्प को पूरा करते हुए परिजन ने उनकी देह दान की है। इसी कड़ी में उनकी आंखें और त्वचा भी दान की है जिससे दूसरे लोगों की अंधियारी जिंदगी में उजियारा होगा। मंगला सहाने (83) निवासी टेलीफोन नगर के निधन बाद परिवार ने यह फर्ज अदा किया। वह धार्मिक प्रवृत्ति की थी और कुछ दिनों से बीमार थी। दुख की इस घड़ी में परिजनों ने अंग और देहदान कर समाज के समक्ष परोपकार का अनुकरणीय संदेश दिया है। उनके दामाद डॉ. प्रमोद बंसोड़ ने बताया कि स्व. मंगला ने जीवित रहते हुए जनवरी 2023 में एमजीएम मेडिकल कॉलेज में देहदान का संकल्प पत्र भरकर रजिस्ट्रेशन कराया था। उनके निधन के बाद बेटी जयश्री और दामाद डॉ. प्रमोद बंसोड़ (संयोजक, भाजपा चिकित्सा प्रकोष्ठ, वीर सावरकर मंडल) ने उनके संकल्प को जिम्मेदारीपूर्वक पूर्ण किया। नेत्र दान एमके इंटरनेशनल आई बैंक में, त्वचा दान चोइथराम स्किन बैंक में और देह दान की प्रक्रिया एमजीएम मेडिकल कॉलेज में हुई। उनके निवास पर आयोजित अंतिम विदाई के दौरान मध्य प्रदेश शासन की ओर से सम्मान स्वरूप पुलिस द्वारा “गार्ड ऑफ ऑनर”दिया गया। इस अवसर पर भोपाल के सरकारी मेडिकल कॉलेज के पूर्व डीन डॉ. सलिल भार्गव और मुस्कान ग्रुप के सेवादार संदीपन आर्य और जीतू बगानी ने भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंग और देहदान की प्रक्रिया की जानकारी साझा की। तकनीकी सेवाएं गोपाल सिरोके और जयवंत निकम की टीम द्वारा प्रदान की गईं। परिजनों ने बताया कि दिवंगत के नेत्रों से दृष्टिहीनों को नई रोशनी मिलेगी, त्वचा जले हुए मरीजों के उपचार में सहायक होगी और उनका शरीर मेडिकल कॉलेज के स्टूडेंट्स के लिए एनाटॉमी के अध्ययन में अमूल्य योगदान देगा।
खरगोन मंडी में डॉलर चना के दाम पर हंगामा:कम भाव से नाराज किसानों का चक्काजाम, एसडीएम की समझाइश पर खुला रास्ता

खरगोन मंडी में डॉलर चना के कम भाव मिलने से नाराज किसानों ने सोमवार दोपहर प्रदर्शन किया। नीलामी में डॉलर चना की अधिकतम बोली 7,000 रुपए प्रति क्विंटल लगने पर किसान भड़क गए। उन्होंने इसे कम बताते हुए कारण पूछा, जिस पर व्यापारियों ने ईरान-इजरायल युद्ध को जिम्मेदार ठहराया। किसानों ने इस जवाब से असंतोष जताते हुए मंडी में खरीदी रोक दी। लगभग 150 से अधिक किसानों ने बावड़ी बस स्टैंड पहुंचकर सड़क पर ट्रैक्टर अड़ा दिए और नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जामनिया के किसान देवेंद्र यादव ने बताया कि उन्हें 6-7 हजार रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जबकि उन्हें 10 से 12 हजार रुपए का भाव मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि व्यापारी युद्ध को कम भाव का कारण बता रहे हैं, लेकिन युद्ध तो कल से शुरू हुआ है, जबकि व्यापारी पिछले पांच दिनों से कम भाव दे रहे हैं। किसानों का आरोप है कि शासन-प्रशासन की सुनवाई न होने के कारण उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। लगभग 45 मिनट तक चले इस हंगामे के कारण इंदौर रोड पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। सूचना मिलने पर एसडीएम वीरेंद्र कटारे और कोतवाली थाना प्रभारी बीएल मंडलोई मौके पर पहुंचे और किसानों को समझाकर शांत कराया। यातायात पुलिस ने व्यवस्था बहाल की। सोमवार को दो दिन की छुट्टी के बाद मंडी में 650 से अधिक वाहनों में डॉलर चना पहुंचा था, जो इस सीजन की सबसे अधिक आवक रही। खरगोन मंडी में डॉलर चने की खरीदी 20 फरवरी से चल रही है। धामनोद और सनावद मंडियों में भी भाव को लेकर किसान संघ असंतोष जता चुके हैं। मंडी प्रशासन ने होली के मद्देनजर 3 और 4 मार्च की छुट्टी घोषित की है। व्यापारियों ने भी होली पर्व के कारण 7 मार्च तक नीलामी में भाग न ले पाने का आवेदन दिया है। इस प्रकार, अब मंडी 9 मार्च को खुलेगी।









