Thursday, 23 Apr 2026 | 03:00 AM

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झाबुआ में तीन माह से स्ट्रीट लाइट बंद:सीएमओ का पद रिक्त होने से अटकीं वित्तीय स्वीकृतियां; अंधेरे में डूबा बाजार

झाबुआ में तीन माह से स्ट्रीट लाइट बंद:सीएमओ का पद रिक्त होने से अटकीं वित्तीय स्वीकृतियां; अंधेरे में डूबा बाजार

झाबुआ नगर के मुख्य मार्ग पर पिछले तीन महीनों से स्ट्रीट लाइटें बंद हैं। मार्ग के पांच प्रमुख खंभों की लाइटें बंद होने से न केवल व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, बल्कि त्योहारों के समय भी पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है। जनप्रतिनिधियों से गुहार बेअसर, रहवासियों में आक्रोश स्थानीय निवासी एलसी काग और दुकानदार ऋतिक राठौड़ ने बताया कि समस्या के समाधान के लिए पार्षद से लेकर अध्यक्ष प्रतिनिधि तक को कई बार अवगत कराया गया है। निवासियों का आरोप है कि परिषद के जिम्मेदार अधिकारी फंड और सामग्री की कमी का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। अंधेरे के कारण क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर भी भय व्याप्त है। पूर्णकालिक सीएमओ न होने से बिगड़े हालात परिषद की इस लाचारी का मुख्य कारण तत्कालीन सीएमओ आशा भंडारी के स्थानांतरण के बाद पद का रिक्त होना है। वर्तमान में अपर कलेक्टर आशीष सिंह के पास इसका प्रभार है, लेकिन पूर्णकालिक अधिकारी की अनुपस्थिति के कारण तकनीकी और वित्तीय स्वीकृतियां अटकी हुई हैं। इसके चलते नई सामग्री की खरीदी और मरम्मत कार्य ठप पड़े हैं। स्टॉक खत्म, नई खरीदी के नहीं मिल रहे ऑर्डर नगर परिषद के बिजली प्रभारी राजू चंदेल ने बताया कि कार्यालय में खराब लैंपों का ढेर लगा है, लेकिन नई सामग्री की कमी के कारण सुधार कार्य संभव नहीं है। बिना रिपेयरिंग किट और नए सामान के तकनीकी अमला लाचार है। परिषद में सामग्री की भारी कमी बनी हुई है। जल्द सुधार का आश्वासन दिया अध्यक्ष प्रतिनिधि योगेश गामड़ ने स्वीकार किया कि सीएमओ के तबादले के बाद तकनीकी अड़चनें आई हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि जल्द ही आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर मुख्य मार्ग की लाइटों को दुरुस्त कर दिया जाएगा।

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त:नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास को MLA घोषित किया

विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव निरस्त:नामांकन में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाया था; ग्वालियर हाईकोर्ट ने रामनिवास को MLA घोषित किया

ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द कर दिया है। ग्वालियर बेंच के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने यह फैसला BJP नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया। रावत अब विजयपुर विधानसभा सीट से नए MLA होंगे। रामनिवास रावत ने अपनी याचिका में आरोप लगाया था कि मुकेश मल्होत्रा ​​ने 2024 के उपचुनाव नॉमिनेशन में अपने खिलाफ दर्ज क्रिमिनल केस की पूरी जानकारी नहीं दी थी। मुकेश ने 4 क्रिमिनल रिकॉर्ड बताए थे, जबकि 2 केस छिपाए थे। याचिका में रावत ने मल्होत्रा ​​के खिलाफ दर्ज सभी 6 क्रिमिनल केस की जानकारी दी थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि रामनिवास रावत उपचुनाव में दूसरे नंबर पर आए थे, इसलिए मुकेश मल्होत्रा ​​का चुनाव रद्द किया जाता है। साथ ही रावत को विजयपुर का MLA घोषित किया जाता है। मल्होत्रा ​​के वकील बोले- हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे मुकेश मल्होत्रा ​​के वकील प्रतीप बिसोरिया ने बताया कि BJP उम्मीदवार राम निवास रावत की फाइल की गई पिटीशन में दो मामलों में जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया है। एक जिसमें निपटारा हो चुका था। दूसरा जिसमें आरोपों के बारे में जानकारी छिपाने की बात थी। कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि जानकारी छिपाने वाले दो मामलों में चुनाव रद्द कर दिया गया है। हमने एक एप्लीकेशन फाइल की है, जिसमें कहा है कि हम अपील करने के हकदार हैं। जब तक हम अपील करते हैं, इस ऑर्डर पर 15 दिन के लिए रोक लगनी चाहिए। हम सुप्रीम कोर्ट जा रहे हैं। रावत बोले- नॉमिनेशन में जानकारी देना कैंडिडेट की जिम्मेदारी रामनिवास रावत ने कहा- मैं हाई कोर्ट के ऑर्डर को इस तरह देखता हूं कि कोर्ट के बनाए गए इलेक्शन रिफॉर्म्स के हिसाब से नॉमिनेशन में जानकारी देना कैंडिडेट की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने एफिडेविट में क्रिमिनल जानकारी छिपाई थी। इसलिए, उनके खिलाफ एक पिटीशन फाइल की गई थी, जिसे आज फैसला आया है। उन्होंने बताया कि मुकेश मल्होत्रा ने दो क्राइम केस की जानकारी छिपाई थी। उन्होंने यह भी छिपाया था कि उन पर एक क्राइम में चार्ज लगा था। वह सुप्रीम कोर्ट जा सकते हैं। यह उनका ज्यूडिशियल राइट है। उन्हें 15 दिन का टाइम दिया गया है। रामनिवास रावत के समर्थकों ने फोड़े पटाखे कोर्ट के फैसले के बाद विजयपुर में रामनिवास रावत के समर्थकों ने पटाखे फोड़कर जश्न मनाया। वहीं मुकेश मल्होत्रा के घर के बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। BJP के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि बीजेपी हाई कोर्ट के महत्वपूर्ण फैसले का स्वागत करती है। ये 3 तस्वीरें देखिए… जीतू पटवारी बोले- सुप्रीम कोर्ट जाएंगे हमें न्याय मिलेगा चुनाव कैंसिल होने पर मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि एक साल पहले विजयपुर की जनता ने कांग्रेस को जनादेश दिया। मुकेश मल्होत्रा को भारी वोटों से जिताया। फैसले के खिलाफ हम सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। पटवारी ने कहा- हमें सुप्रीम कोर्ट से न्याय मिलेगा। अगर चुनाव भी हुआ तो जितने वोटों से रामनिवास रावत को हराया था। उससे दोगुना वोटों से फिर हराएंगे। विजयपुर की जनता रावत को और बीजेपी को हराने के लिए फिर तैयार बैठी है। मुकेश और रामनिवास दोनों ने बदली थी पार्टी मुकेश ने मई 2024 में कांग्रेस जॉइन की थी पूर्व राज्यमंत्री और आदिवासी नेता मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। उन्होंने मुरैना जिले में आयोजित प्रियंका गांधी की चुनावी सभा में सदस्यता ली। विधानसभा चुनाव–2023 में मुकेश मल्होत्रा विजयपुर सीट से निर्दलीय मैदान में उतरे थे, तब पूरे क्षेत्र के आदिवासियों ने उनका साथ दिया था। उन्हें 45 हजार वोट मिले थे। मुकेश विजयपुर विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह पहले में बीजेपी में थे, तब सरकार ने उन्हें सहारिया प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री बनाया था। विधानभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्होंने 2023 के चुनाव से पहले भाजपा का साथ छोड़ दिया था। दरअसल, विजयपुर विधानसभा क्षेत्र में सहारिया आदिवासी समाज के 70 हजार से ज्यादा वोट हैं। कांग्रेस ने आदिवासी वोटों को ध्यान में रखकर मुकेश को उपचुनाव में उम्मीदवार बनाया था। रावत ने विधायक रहते कांग्रेस छोड़ी, भाजपा ने मंत्री बनाया, फिर हारे थे कांग्रेस के सीनियर लीडर रामनिवास रावत श्योपुर जिले की विजयपुर सीट से 6 बार विधायक रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में रामनिवास रावत कांग्रेस के टिकट पर विजयपुर सीट से जीतकर विधानसभा पहुंचे थे। रामनिवास मध्यप्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष भी रह चुके थे। लोकसभा चुनाव के दौरान 30 अप्रैल 2024 को वे भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में जाने के बाद रामनिवास को मंत्री बनाया गया। उनके इस्तीफा देने के कारण ही विजयपुर सीट खाली हुई थी। नवंबर 2024 में हुए उपचुनाव में रामनिवास रावत को हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद उन्होंने भाजपा के सीनियर लीडर्स पर लोगों को बरगलाने के आरोप भी लगाए थे। जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, पूर्व वन मंत्री राम निवास रावत ने ग्वालियर हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी, जिसमें श्योपुर के विजयपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​के झूठा हलफनामा दाखिल करने को चुनौती दी गई थी। पूर्व मंत्री राम निवास रावत ने ग्वालियर हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के सामने एक याचिका दायर की थी, जिसमें कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​पर उपचुनाव के लिए अपने हलफनामे में अपने खिलाफ क्रिमिनल केस की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया गया था। ग्वालियर हाईकोर्ट ने उम्मीदवारों को जारी किया था नोटिस पूर्व मंत्री राम निवास रावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए ग्वालियर हाईकोर्ट ने उपचुनाव लड़ रहे 11 उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया था, जिसमें विजयपुर से कांग्रेस MLA मुकेश मल्होत्रा ​​भी शामिल थे। सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा गया था। इस केस में अब आगे क्या होगा ? 1. सदस्यता तत्काल समाप्त कानूनी मामलों के जानकारों का कहना है कि जैसे ही हाई कोर्ट का आदेश प्रभावी होता है, विधायक की विधानसभा सदस्यता समाप्त हो जाती है। कोर्ट के आदेश की प्रति मिलते ही विधानसभा सचिवालय अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर सदस्यता रद्द कर देता है। 2. दूसरे नंबर के प्रत्याशी को विधायक घोषित अगर कोर्ट दूसरे नंबर के कैंडिडेट

उज्जैन में मंदिर से निकला ध्वज चल समारोह:मुख्यमंत्री ने किए बाबा महाकाल के दर्शन; ध्वज का पूजन किया, तलवारबाजी भी की

उज्जैन में मंदिर से निकला ध्वज चल समारोह:मुख्यमंत्री ने किए बाबा महाकाल के दर्शन; ध्वज का पूजन किया, तलवारबाजी भी की

उज्जैन में रंगपंचमी के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान महाकालेश्वर के दर्शन किए। सुबह उन्होंने वीरभद्र जी और महाकाल ध्वज का पूजन किया, साथ ही तलवारबाजी भी की। इसी दिन शाम को श्री महाकालेश्वर मंदिर से एक भव्य ध्वज चल समारोह निकाला गया, जिसमें झांकियां और बैंड आकर्षण का केंद्र रहे। श्री महाकालेश्वर मंदिर में यह चल समारोह प्रतिवर्ष की परंपरा अनुसार रंगपंचमी महापर्व पर भगवान श्री वीरभद्र जी के पूजन के बाद निकाला जाता है। इस वर्ष के समारोह में विभिन्न आकर्षक झांकियां, बैंड और धार्मिक प्रस्तुतियां शामिल थीं। लगभग चार किलोमीटर लंबा यह चल समारोह शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरा और अंततः पुनः मंदिर परिसर पहुंचा। चल समारोह में सबसे आगे बैंड दल था। इसके बाद वीरभद्र और कालिका माता की झांकियां, गणेश मालवा बैंड, नासिक ढोल, महाकाल के गर्भगृह दर्शन की झांकी और नंदी की सवारी श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अतिरिक्त, चांदी का ध्वज-छत्र, अन्य धार्मिक झांकियां और हाथी पर सवार मनमहेश के दर्शन भी भक्तों को हुए। यह चल समारोह महाकाल मंदिर से शुरू होकर महाकाल घाटी, तोपखाना, दौलतगंज, फव्वारा चौक, कंठाल, सती गेट, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी चौराहा होते हुए वापस मंदिर परिसर पहुंचा।

नीमच में महिला दिवस समारोह, 60 महिलाएं सम्मानित:बेटा-बेटी को समान अवसर देने की अपील; नपा अध्यक्ष ने 'फिर बेटी हुई है' रचना सुनाई

नीमच में महिला दिवस समारोह, 60 महिलाएं सम्मानित:बेटा-बेटी को समान अवसर देने की अपील; नपा अध्यक्ष ने 'फिर बेटी हुई है' रचना सुनाई

नीमच में अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर रविवार को सीताराम जाजू कन्या कॉलेज में जिला स्तरीय भव्य समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिले भर से आई महिलाओं और बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक शिरकत की। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ। बेटा-बेटी को समान अवसर देने की अपील मुख्य अतिथि कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने अपने संबोधन में समाज से बेटा और बेटी को समान अवसर प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज जीवन के हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है। कलेक्टर ने विशेष रूप से शिक्षा और स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रियता की सराहना करते हुए इसे समाज की प्रगति का आधार बताया। नपा अध्यक्ष ने ‘फिर बेटी हुई है’ रचना सुनाई नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में समाज का नजरिया बेटियों के प्रति सकारात्मक रूप से बदला है। उन्होंने अपनी स्वरचित काव्य रचना ‘फिर बेटी हुई है’ का पाठ कर स्त्री शक्ति की महत्ता को रेखांकित किया। वहीं, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव ने भी महिलाओं के प्रति सम्मानजनक दृष्टिकोण को उनकी सफलता की कुंजी बताया। डीएसपी ने सुनाई सफलता की कहानी समारोह में नीमच की बेटी और डीएसपी पद पर चयनित पूजा जाट ने अपने संघर्ष और सफलता के अनुभव साझा किए, जिससे उपस्थित छात्राएं बेहद प्रेरित हुईं। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली 60 महिलाओं, बालिकाओं, संस्थाओं और विभागीय कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रदर्शनी और सेल्फी स्टैंड रहा आकर्षण अतिथियों ने समारोह स्थल पर लगाई गई ‘वॉल ऑफ फेम’ चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया, जिसमें मध्यप्रदेश की अग्रणी महिलाओं के योगदान को दर्शाया गया था। अतिथियों और महिलाओं ने ‘सशक्त महिला से समृद्ध मध्यप्रदेश’ सेल्फी स्टैंड पर तस्वीरें भी खिंचवाईं। मैसेज वॉल पर सशक्तिकरण के प्रेरक संदेश लिखे गए। कार्यक्रम का संचालन परियोजना अधिकारी इरफान अंसारी ने किया और आभार सहायक संचालक वैभव बैरागी ने व्यक्त किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, स्वयंसेवी संस्थाओं की प्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।

धीरेंद्र शास्त्री बोले- सेवादार 'लौंडियाबाजी' के चक्कर में जुड़े:बागेश्वर धाम में 'माल-पानी' के लिए चेले बने; इनकी नजर सेवा पर नहीं, भौकाल पर है

धीरेंद्र शास्त्री बोले- सेवादार 'लौंडियाबाजी' के चक्कर में जुड़े:बागेश्वर धाम में 'माल-पानी' के लिए चेले बने; इनकी नजर सेवा पर नहीं, भौकाल पर है

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने रविवार को दरबार में अपने सेवादारों और चेलों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि धाम की व्यवस्था में बड़े बदलाव की जरूरत है। कई सेवादारों का व्यवहार भक्तों के प्रति ठीक नहीं है। भक्तों को धक्का देते हैं। कुछ सेवादारों की भाषा और व्यवहार बहुत ‘घटिया’ है। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कई सेवादार भक्तों से इस तरह पेश आते हैं, जैसे वे किसी सैन्य व्यवस्था में खड़े हों। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चाय से ज्यादा तो केतली गरम हो रही है। उनका कहना था कि कई चेले उनकी पीठ पीछे खुद को ही गुरु समझने लगे हैं। ‘भौकाल देखकर चेले बन रहे लोग’ शास्त्री ने कहा कि कई चेले हमसे सादगी नहीं सीख पा रहे हैं। इनकी नजर सेवा पर नहीं, बाबा के भौकाल पर है। इन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों से डायरेक्ट कनेक्शन है, इसलिए भौकाल है। सेवादारों को सेवा से नहीं, बल्कि गुरु के भौकाल से मतलब है। ‘माल-पानी और लौंडियाबाजी के चक्कर में बने सेवादार’ दरबार के दौरान शास्त्री ने कहा कि कई लोग सेवा की भावना से नहीं, बल्कि अन्य कारणों से धाम से जुड़े हैं। आधे से ज्यादा सेवादार इसलिए बन गए, क्योंकि यहां ज्यादा माल-पानी है। कुछ लौंडे यहां लौंडियाबाजी के चक्कर में चेले बन गए। धाम में बालाजी की वजह से बच्चे-बच्चियां खिंचे चले आते हैं। ‘हम दूसरों का पर्चा खोलते हैं, तुम्हारा भी खोल देंगे’ शास्त्री ने अपने चेलों को चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें सबकी सच्चाई पता है। उन्होंने कहा कि जो लोग उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनका भी सच सामने आ सकता है। चेलों की स्थिति विचित्र हो गई है। हमसे मिले ही नहीं और सेवादार बन गए। आधे से ज्यादा सेवादार मेरे नाम से बन गए। हम दूसरों का पर्चा खोलते हैं, तो तुम्हारा भी पर्चा खोल देंगे। सफलता की अपनी परिभाषा भी बताई दरबार के अंत में शास्त्री ने सफलता को लेकर अपनी सोच भी रखी। उन्होंने कहा कि धाम का नाम दुनिया में होना या बड़े नेताओं का यहां आना सफलता नहीं है। उनके मुताबिक असली सफलता यह है कि व्यक्ति का जीवन बिना किसी दाग के बीते और वह बेदाग रह सके। …………………………….. यह खबरें भी पढ़ें 1. शादी करने वाले हैं धीरेंद्र शास्त्री, बोले-जल्द खुशखबरी देंगे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपनी शादी को लेकर कहा है कि शादी निश्चित रूप से होगी और जल्द ही अच्छी खबर मिलेगी। उन्होंने कहा कि गुरु की आज्ञा मिलने के बाद वह जल्द ही माता की पसंद से ही विवाह करेंगे। पढ़ें पूरी खबर… 2. धीरेंद्र शास्त्री बोले- हर मंदिर-मस्जिद, चर्च में रोज हो राष्ट्रगान बागेश्वर धाम के महाराज और प्रसिद्ध कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हर मंदिर, मस्जिद और चर्च में रोज राष्ट्रगान होना चाहिए। अगर कोई भी धर्मस्थल राष्ट्रगान से मना करता है तो ये पता चल जाएगा कि कौन राष्ट्रदोही है और कौन राष्ट्रप्रेमी। पढ़ें पूरी खबर… धीरेंद्र शास्त्री से जुड़ी ये खबरें भी जरूर पढ़िए

शिवपुरी NH-27 पर 5 ऊंटों को कुचला, मौत:दो दिन बाद भी मालिक लापता, हाईवे से 300 मीटर दूर मिले शव

शिवपुरी NH-27 पर 5 ऊंटों को कुचला, मौत:दो दिन बाद भी मालिक लापता, हाईवे से 300 मीटर दूर मिले शव

शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र से गुजरने वाले नेशनल हाईवे-27 (NH-27) पर एक भीषण सड़क हादसे में पांच ऊंटों की दर्दनाक मौत हो गई। शुक्रवार रात पड़ौरा चौराहे के पास (झांसी की ओर) एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने सड़क से गुजर रहे ऊंटों के झुंड को बेरहमी से कुचल दिया। हैरानी की बात यह है कि हादसे के दो दिन बीत जाने के बाद भी ऊंटों का मालिक सामने नहीं आया है और न ही पुलिस में कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। घटना का खुलासा तब हुआ जब वहां से गुजर रहे एक कार चालक ने सड़क पर मृत पड़े ऊंटों का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शनिवार को जब कोलारस पुलिस वीडियो के आधार पर मौके पर पहुंची, तो हाईवे पर ऊंटों के शव नहीं मिले। आखिरकार, रविवार सुबह (आज) हाईवे से करीब 300 मीटर दूर पांचों ऊंटों के शव पड़े हुए दिखाई दिए। लाखों का नुकसान, फिर भी शिकायत करने नहीं पहुंचा ऊंट पालक एक साथ पांच ऊंटों की मौत से लाखों रुपये का भारी नुकसान हुआ है, इसके बावजूद अब तक ऊंट पालक ने कोलारस थाने पहुंचकर कोई एफआईआर (FIR) या शिकायत दर्ज नहीं कराई है। फिलहाल पुलिस के लिए यह एक पहेली बना हुआ है कि ये ऊंट किसके थे, उनका मालिक कहां का रहने वाला है और इतने बड़े नुकसान के बावजूद वह सामने क्यों नहीं आ रहा है? राजस्थान के चरवाहों के होने की प्रबल आशंका स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, अक्सर गर्मियों के मौसम में राजस्थान से कई चरवाहे और बंजारे अपने ऊंट और भेड़ों के झुंड लेकर शिवपुरी जिले की सीमा में चराने के लिए आते हैं। मजबूत अंदेशा जताया जा रहा है कि मृत ऊंट भी उन्हीं राजस्थानी चरवाहों के हो सकते हैं, जो शायद कानूनी पचड़े से बचने के लिए मौके से चले गए। फिलहाल कोलारस पुलिस अज्ञात वाहन और ऊंटों के मालिक की तलाश में जुट गई है।

भटेरा ब्रिज भू-मालिकों को 25 करोड़ मुआवजा:अस्थायी बस स्टैंड नहीं; वारासिवनी आरओबी 20 मार्च से खुलेगा

भटेरा ब्रिज भू-मालिकों को 25 करोड़ मुआवजा:अस्थायी बस स्टैंड नहीं; वारासिवनी आरओबी 20 मार्च से खुलेगा

बालाघाट जिले में रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्यों में तेजी आई है। भटेरा ओवरब्रिज के लिए भू-अर्जन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है, जिसके तहत भू-मालिकों को दो दिनों के भीतर 25 करोड़ रुपए का मुआवजा वितरित किया जाएगा। वहीं, वारासिवनी में बन रहे रेलवे ओवरब्रिज पर 20 मार्च से आवागमन शुरू हो जाएगा। भटेरा ओवरब्रिज निर्माण के रास्ते में आ रहे चिन्हित भवनों और दुकानों के मालिकों के मुआवजे को लेकर आपत्तियों के कारण भू-अर्जन की कार्यवाही लंबी खिंच गई थी। अब यह प्रक्रिया अंतिम चरणों में है, जिससे निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। मुआवजा वितरण के साथ ही चिन्हित भवनों को तोड़ने का काम शुरू हो जाएगा, जिससे ओवरब्रिज निर्माण कार्य में तेजी आएगी। कलेक्टर मृणाल मीणा ने जिले के भटेरा, गर्रा, वारासिवनी और कटंगी के शेरपार में चल रहे निर्माण कार्यों की जानकारी संबंधित सेतु संभाग और अधिकारियों से ली। भटेरा ब्रिज के लिए भू-अर्जन की कार्यवाही अंतिम चरण में होने की जानकारी दी गई। बालाघाट से भटेरा की ओर दोपहिया, चारपहिया वाहनों और यात्री बसों के डायवर्सन के लिए बैहर रोड पर डॉ. शिशिर खरे के मकान के सामने से दोपहिया और हल्के वाहनों के लिए आवागमन की व्यवस्था की जा रही है। लामता की ओर से आने वाली यात्री बसों को कुम्हारी से वैनगंगा पुल पार कर धपेरा-मोहगांव-बेहरई-कनकी होते हुए बालाघाट लाया जा सकता है। इससे अस्थायी बस स्टैंड बनाने की आवश्यकता नहीं होगी। गर्रा रोड पर बन रहे रेल ओवरब्रिज पर लाइटिंग और सिविल वर्क किया जा रहा है, जिसमें गर्डर लॉन्चिंग का कार्य 30 अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। वारासिवनी में बन रहे रेल ओवरब्रिज पर हाईमास्क लाइट लगाने का कार्य चल रहा है। इस ब्रिज पर 20 मार्च से आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। वारासिवनी-कटंगी रोड पर शेरपार चौकी के पास बन रहे ओवरब्रिज का कार्य 30 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।

रंगपंचमी पर महाकाल को एक लोटा केसर जल अर्पित होगा:भस्म आरती में अर्पित होगा रंग, चेकिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिलेगा

रंगपंचमी पर महाकाल को एक लोटा केसर जल अर्पित होगा:भस्म आरती में अर्पित होगा रंग, चेकिंग के बाद ही भक्तों को प्रवेश मिलेगा

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में रंगपंचमी पर भस्म आरती के दौरान भगवान महाकाल को इस बार सिर्फ एक लोटा केसर युक्त रंग अर्पित किया जाएगा। मंदिर समिति ने दो साल पहले लगी आग की घटना के बाद सुरक्षा कारणों से यह व्यवस्था जारी रखी है। मंदिर में आने वाले भक्तों को विशेष चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। भस्म आरती में टेसू के फूलों का हर्बल रंग रंगपंचमी के अवसर पर पर्व की शुरुआत महाकाल मंदिर में भगवान को रंग अर्पित करने से होगी। तड़के 4 बजे शुरू हुई भस्म आरती में टेसू के फूलों से तैयार एक लोटा हर्बल रंग अर्पित किया जाएगा। मंदिर में धुलेंडी के दिन गर्भगृह में आग लगने की घटना के बाद व्यवस्थाओं में बदलाव किया गया है। सुरक्षा कारणों से इस बार भी भक्तों, पंडे और पुजारियों को मंदिर परिसर में रंग लाने की अनुमति नहीं दी गई है। चेकिंग के बाद ही मिलेगा मंदिर में प्रवेश महाकाल मंदिर समिति के प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया कि सुबह भस्म आरती के दौरान भगवान को केसर जल अर्पित किया जाएगा। मंदिर आने वाले भक्तों को जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। भक्तों से मंदिर परिसर में रंग नहीं लाने का अनुरोध किया गया है। कोठार शाखा से उपलब्ध कराया जाएगा केसर रंग मंदिर समिति के अनुसार केसर रंग और जल मंदिर की कोठार शाखा से पुजारी और शासकीय पुजारी को उपलब्ध कराया जाएगा। पंडे-पुजारियों को भी जांच के बाद ही मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

300 ट्रैक्टरों के साथ सतना कलेक्ट्रेट घेरेंगे किसान:डालमिया सीमेंट को 3600 एकड़ जमीन देने का विरोध; 10 मार्च को करेंगे प्रदर्शन

300 ट्रैक्टरों के साथ सतना कलेक्ट्रेट घेरेंगे किसान:डालमिया सीमेंट को 3600 एकड़ जमीन देने का विरोध; 10 मार्च को करेंगे प्रदर्शन

सतना और मैहर जिले के किसान अपनी उपजाऊ भूमि को निजी सीमेंट कंपनी ‘डालमिया इंडिया’ को सौंपे जाने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले 10 मार्च को सतना कलेक्ट्रेट के घेराव करेंगे। इस आंदोलन में 300 से अधिक ट्रैक्टरों का काफिला जिला मुख्यालय तक कूच करेगा। 3600 एकड़ उपजाऊ जमीन और 40 साल की लीज का विवाद पूरा विवाद अमरपाटन और रामपुर बघेलान तहसील की लगभग 3600 एकड़ कृषि भूमि से जुड़ा है। प्रशासन द्वारा इस विशाल भू-भाग को डालमिया सीमेंट कंपनी को 40 वर्ष की लंबी लीज पर देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस फैसले से एक दर्जन से अधिक गांवों के हजारों किसानों की आजीविका पर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम बिगौड़ी में आयोजित महापंचायत में किसानों ने दोटूक कहा कि वे अपनी पुश्तैनी और उपजाऊ जमीन किसी भी कीमत पर उद्योगपतियों को नहीं देंगे। महिलाओं की रहेगी सक्रिय भागीदारी आंदोलन को धार देने के लिए गांवों में लगातार पंचायतें आयोजित की जा रही हैं। बिगौड़ी की महापंचायत में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भी हिस्सा लिया। किसान नेता रूपनारायण पटेल और अन्य पदाधिकारियों ने बताया कि जमीन किसानों की पहचान और सर्वाइवल का साधन है। किसानों का कहना है कि वे अपनी आजीविका का मुख्य स्रोत किसी भी कीमत पर निजी कंपनी को नहीं सौंपेंगे। राष्ट्रीय नेता संभालेंगे कमान भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महेंद्र सिंह ने बताया कि 10 मार्च का प्रदर्शन ऐतिहासिक होगा। इस महा-आंदोलन का नेतृत्व करने के लिए भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश सिंह चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं मध्य प्रदेश प्रभारी मांगेराम त्यागी और प्रदेश अध्यक्ष जगदीश सिंह सतना पहुंच रहे हैं। 300 ट्रैक्टरों के इस विशाल काफिले और हजारों किसानों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना एक बड़ी चुनौती साबित हो सकता है।

Gwalior Court Orders Judge Probe for Construction Violation

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ग्वालियर10 मिनट पहले कॉपी लिंक ग्वालियर हाई कोर्ट का फाइल फोटो ग्वालियर हाईकोर्ट की एकलपीठ ने अपने आदेश की अवहेलना और लापरवाही बरतने के मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने एक सिविल जज के आचरण की जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही यह मामला किसी अन्य सिविल जज को सौंपने के आदेश दिए गए हैं, जिसे चार माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी। मामला अशोक कुमार व अन्य बनाम मीरा देवी से जुड़ा है। वर्ष 2013 में विवादित संपत्ति के संबंध में अदालत ने यथास्थिति बनाए रखने का अंतरिम आदेश जारी किया था। इसके बावजूद प्रतिवादी पक्ष द्वारा कथित रूप से विवादित भूमि पर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता अशोक कुमार ने अवमानना याचिका दायर की। ट्रायल कोर्ट से चार माह में मांगी थी जांच रिपोर्ट मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 4 अप्रैल 2024 को ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह जांच कर यह स्पष्ट करे कि क्या अंतरिम आदेश का उल्लंघन कर निर्माण किया गया है। ट्रायल कोर्ट को चार माह के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था। साथ ही पक्षकारों को 24 अप्रैल 2024 को ट्रायल कोर्ट के समक्ष व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश भी दिया गया था। हालांकि लंबे समय तक जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत नहीं की गई। इस पर 8 अक्टूबर 2024 को कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को तुरंत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए। इसके बाद 12 नवंबर 2024 को भी हाईकोर्ट ने असंतोष व्यक्त करते हुए दो माह का अतिरिक्त समय दिया और प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश भिंड को निर्देशित किया कि वे ट्रायल कोर्ट को अदालत के आदेशों के प्रति लापरवाही न बरतने के निर्देश दें। ईई लोनिवि से निरीक्षण रिपोर्ट तैयार कर सौंप दी इसके बावजूद ट्रायल कोर्ट ने विधिवत जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं की। गवाहों के बयान दर्ज करने और पक्षकारों को सुनवाई का अवसर देने के बजाय केवल लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के कार्यपालन यंत्री से स्थल निरीक्षण रिपोर्ट मंगाकर सीधे हाईकोर्ट को भेज दी। इतना ही नहीं, रिपोर्ट को प्रिंसिपल जिला एवं सत्र न्यायाधीश के माध्यम से भेजने की निर्धारित प्रक्रिया का भी पालन नहीं किया गया। 20 अगस्त को होगी अगली सुनवाई हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि पीडब्ल्यूडी की यह स्थल निरीक्षण रिपोर्ट पक्षकारों की अनुपस्थिति में तैयार की गई प्रतीत होती है, इसलिए इस पर निर्भर नहीं किया जा सकता। अदालत ने मामले की विधिवत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। याचिका की अगली सुनवाई 20 अगस्त को निर्धारित की गई है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…