Thursday, 23 Apr 2026 | 02:51 PM

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उज्जैन में युवक की संदिग्ध मौत,परिजनों ने किया चक्काजाम:हत्या का आरोप लगाया, मां बोली-फोन कर कहा था बचा लो; पुलिस कर रही जांच Health Tips: डाइट में शामिल करें इस छोटे से बीज के दो चम्मच, मोटापा और खराब कोलेस्ट्रॉल होगा कंट्रोल dehydration symptoms and prevention: भीषण गर्मी, कैसे पहचानें शरीर से खत्म हो रहा पानी? शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए डॉक्टर रेड्डी के टिप्स हैं रामबाण ट्रम्प ने भारत को नरक का द्वार बताया:कहा- भारतीय अमेरिका में बच्चों को जन्म देकर नागरिकता लेते हैं, फिर परिवार को बुलाते हैं Indore Road Jam | Avntika Gas & Narmada Line Digging Causes Chaos ‘मैंने इसे खाया, लेकिन टीएमसी को इसकी चुभन महसूस हुई’: पीएम मोदी ने ममता पर झालमुड़ी का तंज कसा, कहा- 4 मई को इसे बांटूंगा | चुनाव समाचार
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सिलवानी-भोपाल मार्ग पर वाहन की टक्कर:20 वर्षीय युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर; सीसीटीवी से आरोपी की तलाश हो रही

सिलवानी-भोपाल मार्ग पर वाहन की टक्कर:20 वर्षीय युवक की मौके पर मौत, साथी गंभीर; सीसीटीवी से आरोपी की तलाश हो रही

रायसेन जिले में सिलवानी-भोपाल मार्ग पर सोमवार सुबह ग्राम जमुनिया के पास एक सड़क हादसा हो गया। एक वाहन ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई और दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान आमापानी कॉलोनी के वार्ड 1 निवासी 20 वर्षीय जितेंद्र लोधी के रूप में हुई है। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए रोहित आदिवासी को प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक देर रात सिलवानी से सीहोर की ओर जा रहे थे। ग्राम जमुनिया के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि जितेंद्र लोधी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक अपने वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उसकी तलाश कर रही है।

मातृभाषा दिवस पर गूंजा अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश:इंदौर में विविध भाषाओं का भव्य उत्सव, भारतीय भाषा पर्व में वक्ताओं ने जताई चिंता

मातृभाषा दिवस पर गूंजा अपनी जड़ों से जुड़ने का संदेश:इंदौर में विविध भाषाओं का भव्य उत्सव, भारतीय भाषा पर्व में वक्ताओं ने जताई चिंता

अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर शहर में ‘भारतीय भाषा पर्व’ का भव्य आयोजन हुआ। डॉक्टर हेडगेवार स्मारक समिति एवं भारतीय भाषा संवर्धन समिति के संयुक्त तत्वावधान में नूतन स्कूल (चिमन बाग) के फुटबॉल ग्राउंड पर आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न भाषाई समाजों ने अपनी संस्कृति, साहित्य और पारंपरिक व्यंजनों के माध्यम से भारत की विविधता में एकता का जीवंत संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। मुख्य अतिथि पी. नरहरि, प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक एकता उसकी भाषाई विविधता में निहित है। उन्होंने कहा कि बच्चों के बौद्धिक और मानसिक विकास के लिए मातृभाषा में शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने श्री कृष्ण देव राय का उदाहरण देते हुए भाषाओं के संरक्षण और संवर्धन को राष्ट्र निर्माण से जोड़ा। विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त मेजर जनरल सरबजीत सिंह ने कहा कि मातृभाषा हमें परिवार से विरासत में मिलती है और यह हमारी पहचान का आधार है। सेना केवल देश की सीमाओं की रक्षा नहीं करती, बल्कि संस्कृति और मूल्यों की भी सुरक्षा करती है। उन्होंने युवाओं से अपनी ऊर्जा को राष्ट्रहित में लगाने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता क्षेत्र संपर्क प्रमुख प्रवीण गुप्त ने भाषा के प्रति घटती संवेदनशीलता पर चिंता जताई। उन्होंने दैनिक जीवन में मातृभाषा के अधिकाधिक उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं की अभिव्यक्ति है। हस्ताक्षर भी अपनी मातृभाषा में करने की अपील की गई। कार्यक्रम संयोजक रवींद्र देशपांडे के अनुसार, इस पर्व में संस्कृत, निमाड़ी, मालवी, भीली, मैथिली, भोजपुरी, मलयालम, तेलुगु, कन्नड़, तमिल, मराठी, पंजाबी, मारवाड़ी, सिंधी, गुजराती, नेपाली और गढ़वाली सहित अनेक भाषाई समाजों ने सहभागिता की। विभिन्न राज्यों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां, पारंपरिक व्यंजनों और साहित्य के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहे। कार्यक्रम के अंत में समिति के उपाध्यक्ष रुपेश पाल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन ने मातृभाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए समाज को एकजुट होने का संदेश दिया।

भिंड में पत्थर खदान में कर्मचारी की मौत:गोहद के डिरमन पाली स्थित अंजनी क्रेशर की खदान में मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच

भिंड में पत्थर खदान में कर्मचारी की मौत:गोहद के डिरमन पाली स्थित अंजनी क्रेशर की खदान में मिला शव, पुलिस ने शुरू की जांच

भिंड जिले के गोहद थाना क्षेत्र में स्थित अंजनी क्रेशर की पत्थर खदान में कार्यरत एक कर्मचारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ड्रिल मशीन की चपेट में आने से हादसा हुआ है। घटना गोहद थाना क्षेत्र के डिरमन पाली गांव स्थित अंजनी क्रेशर की खदान की है। मृतक की पहचान विनोद यादव (21) पुत्र राजलाल यादव निवासी सीधी जिले के रूप में हुई है, जो लंबे समय से क्रेशर पर काम कर रहा था। बताया जा रहा है कि रविवार शाम वह ड्रिल एलएनटी मशीन के पास काम कर रहा था, तभी हादसा हो गया। प्रथम दृष्टया सिर में गंभीर चोट लगने से मौत होना बताया जा रहा है। हालांकि सिर में चोट किस परिस्थिति में आई, यह जांच का विषय बना हुआ है। सुरक्षा इंतजामों में लापरवाही की आशंका भी जताई जा रही है। सूचना मिलते ही गोहद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। गोहद टीआई अभिषेक गौतम ने बताया कि पुलिस एक्सीडेंट और अन्य संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

IAS पति को छुड़वाकर मुझसे शादी की, फिर धोखा दिया:बैंक मैनेजर पत्नी के गंभीर आरोप, कांग्रेस नेता बोले–15 साल से ब्लैकमेल कर रही

IAS पति को छुड़वाकर मुझसे शादी की, फिर धोखा दिया:बैंक मैनेजर पत्नी के गंभीर आरोप, कांग्रेस नेता बोले–15 साल से ब्लैकमेल कर रही

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में एक हाईप्रोफाइल फैमिली विवाद सामने आया है। पत्नी बैंक में मैनेजर हैं और पति कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता है। बैंकर पत्नी ने अपने नेता पति के खिलाफ दहेज प्रताड़ना और मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में कहा गया है कि नेता पति ने दहेज में दो करोड़ रुपए मांगे और पैसे न देने पर उनके साथ मारपीट की और घर से निकाल दिया है। पुलिस ने पत्नी की शिकायत पर कांग्रेस नेता के खिलाफ मारपीट और दहेज प्रताड़ना की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। खास बात ये भी है कि पत्नी और पति दोनों की ये दूसरी शादी है और इस शादी को 19 साल हो चुके हैं। पत्नी का आरोप है कि उसकी पहली शादी आईएएस अफसर से हुई थी। नेता ने जबरन ये शादी तुड़वा दी। इधर कांग्रेस नेता का कहना है कि पत्नी उन्हें 15 साल से ब्लैकमेल कर रही है। जब उन्होंने तलाक का नोटिस दिया तब पत्नी ने ये एफआईआर करवाई है। कौन है ये हाईप्रोफाइल कपल और किस तरह पूरा विवाद सामने आया। भास्कर ने दोनों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… 2003 में आईएएस से शादी और खुशहाल जिंदगी शिखा सिंह की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। एक अच्छे, पढ़े-लिखे परिवार से आने वाली शिखा ने एमबीए किया है और उनके रिश्तेदार पुलिस विभाग में उच्च पदों पर रहे हैं। साल 2003 में उनकी शादी मध्यप्रदेश कैडर के एक आईएएस अफसर से हुई। भोपाल के पॉश इलाके ‘चार इमली’ में उनका सरकारी आवास था और जिंदगी खुशहाल थी। शिखा खुद एक प्रतिष्ठित बैंक में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। उनकी जिंदगी में महेंद्र सिंह चौहान का प्रवेश एक सामान्य मुलाकात से हुआ। उस वक्त चौहान एनआईटीटीटीआर के चेयरमैन थे। शिखा बताती हैं, ‘वे अक्सर मुझसे मिलने बैंक आने लगे। उन्होंने मुझे मेरे आईएएस पति से अलग होने के लिए उकसाना शुरू कर दिया और वे इसमें कामयाब भी रहे।’ पिता बोले- चार इमली से सड़क पर आ जाओगी उन्होंने अपनी पत्नी के बारे में ऐसी भावुक बातें कहीं, जिससे शिखा का उनसे भावनात्मक जुड़ाव हो गया। चौहान ने शिखा की मुलाकात अपने दोनों बच्चों से भी कराई। शिखा का दावा है कि चौहान की बेटी ने उन्हें बताया था कि उनके माता-पिता एक दशक से अलग-अलग कमरों में सोते हैं। जब शिखा ने इस रिश्ते के बारे में अपने परिवार को बताया, तो भूचाल आ गया। पिता ने साफ शब्दों में चेतावनी दी, ‘तुम चार इमली (आईएएस अफसरों का रिहायशी इलाका) से सीधे सड़क पर आ जाओगी।’ परिवार के हर सदस्य ने इस रिश्ते का विरोध किया, क्योंकि चौहान न केवल शादीशुदा थे, बल्कि शिखा से उम्र में 20 साल बड़े भी थे। उस समय चौहान की बेटी 17 और बेटा 15 साल का था। शिखा ने बताया कि मैं उनकी बातों में आ गई थी। शुरुआती साल अच्छे बीते, फिर बंदिशों का दौर शादी के बाद शुरुआती कुछ साल अच्छे बीते। शिखा, चौहान और उनके दो बच्चों के साथ रहने लगीं। उनका अपना एक बेटा भी हुआ। लेकिन यह खुशहाली ज्यादा दिन नहीं टिकी। शिखा का आरोप है कि जल्द ही उन पर बंदिशें लगनी शुरू हो गईं। उनके साथ क्रुरतापूर्ण बर्ताव होने लगा और दहेज के लिए परेशान किया जाने लगा। शादी का फैसला मेरा था, इसलिए मैं जहर के घूंट पीकर चुप रह जाती थी। शिखा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर को दिए अपने आवेदन में कहा है कि शादी के 2-3 साल बाद ही पति का व्यवहार क्रूरतापूर्ण हो गया। उन पर मायके से पैसे लाने का दबाव डाला जाने लगा। मुझसे कहा गया कि मैं अपने मायके की प्रॉपर्टी में हिस्सा मांगूं। जब मैंने इनकार किया तो मेरे साथ मारपीट की जाती थी। मेरे बेटे के साथ भी उनका व्यवहार क्रूर था। वे गुस्से में आकर मुझे और मेरे बेटे को कमरे में बंद कर देते थे। जहर देकर जान से मारने की कोशिश का आरोप शिखा के आरोप यहीं नहीं रुकते। उन्होंने एक ऐसी घटना का जिक्र किया है जो रोंगटे खड़े कर देती है। एक दिन मेरे पति ने मुझे जूस में कोई जहरीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया, जिसे पीकर मेरी हालत बिगड़ने लगी और मैं बेहोश हो गई। जब मुझे होश आया तो मैं अस्पताल में थी। शिखा के मुताबिक, उनकी यह हालत देखकर चौहान डर गए और उन पर दबाव बनाने लगे कि वह इस बारे में किसी को कुछ न बताएं। उन्होंने कसम खाई कि आगे से ऐसा कभी नहीं होगा और वह सुधर जाएंगे। मैं उनकी बातों में आ गई और चुप रही। यह चुप्पी ज्यादा दिन नहीं चली। शिखा का आरोप है कि चौहान का व्यवहार पहले जैसा हो गया। शराब पीकर मारपीट और तलाक की धमकियां देना फिर शुरू हो गया। जान से मारने की धमकी देकर घर से निकाला विवाद का सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब चौहान ने कथित तौर पर अपनी लाइसेंसी बंदूक दिखाकर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिखा ने अपनी शिकायत में कहा, मुझसे कहते थे कि जब तुम मर जाओगी तो तुम्हारे पापा की पूरी संपत्ति मेरे नाम हो जाएगी। यह मामला 9 फरवरी को अपने चरम पर पहुंच गया, जब शिखा के अनुसार, दोपहर 2 बजे उनके पति ने घर में उनके साथ मारपीट की और उन्हें घर से बाहर निकाल दिया। घर के बाहर गेट पर ताला लगा दिया और धमकी दी कि अगर मायके से 2 करोड़ रुपये और कार लेकर नहीं आई तो तुम्हें जान से मार दूंगा। तुम ऑफिस जाती हो, रास्ते में तुम्हारे साथ कुछ भी कर सकता हूं। शिखा ने पुलिस को बताया है कि उनका बेटा हॉस्टल में रहता है और वह भोपाल में अकेली रहती हैं। उन्हें अपने पति से जान का खतरा है, जिनके पास दो लाइसेंसी बंदूकें हैं। फर्जी दस्तखत और एनजीओ से बेदखली का आरोप घरेलू हिंसा के आरोपों के अलावा, शिखा ने अपने पति पर धोखाधड़ी का भी आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि चौहान ने उनके फर्जी दस्तखत कर उन्हें जन शिक्षण संस्थान, नरसिंहपुर और नर्मदापुरम के दो एनजीओ के डायरेक्टर पद से हटा दिया और अपने लोगों को नियुक्त कर दिया। इस

ग्वालियर में मेडिकल स्टूडेंट के लिए बनाया ग्रीन कॉरिडोर:एक दिन पहले आया था हार्ट अटैक, जान बचाने सड़क मार्ग से ले गए दिल्ली

ग्वालियर में मेडिकल स्टूडेंट के लिए बनाया ग्रीन कॉरिडोर:एक दिन पहले आया था हार्ट अटैक, जान बचाने सड़क मार्ग से ले गए दिल्ली

ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज के एक स्टूडेंट को एक दिन पहले हार्ट अटैक आया था। छात्र वेंटिलेटर पर है। उसे शनिवार रात को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर सड़क मार्ग से दिल्ली के लिए ले जाया गया है। प्रशासन, पुलिस व स्वास्थ्य विभाग ने संयुक्त रूप से काम कर जयारोग्य अस्पताल के कार्डियोलॉजी विभाग से मुरैना रोड के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया। सड़क पर ट्रैफिक को रोक दिया गया और मेडिकल स्टूडेंट को एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली ले जाया है। रात 11 बजे ग्वालियर की सीमा से एंबुलेंस बाहर निकल गई थी। इंटर्नशिप कर रहे छात्र को आया था अटैक शुक्रवार शाम 7 बजे के लगभग ग्वालियर के गजरा राजा मेडिकल कॉलेज (जीआरएमसी) से इंटर्रशिप कर रहे दिल्ली निवासी मेडिकल स्टूडेंट शैलेंद्र पांडेय (25) को हार्ट अटैक आ गया था। तत्काल उसे जेएएच के कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया था। छात्र की हालत शुक्रवार शाम से ही नाजुक बनी हुई थी और वह वेंटिलेटर पर था। शनिवार को उसकी हालत में कोई सुधार नहीं आया और हालत और बिगड़ी है, जिसके बाद मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने छात्र के परिजन से बातचीत कर उसे दिल्ली पहुंचाने की बातचीत आगे बढ़ाई। शनिवार को शहर में शादियों के कारण काफी जाम के हालात थे। छात्र को एम्बुलेंस से समय पर निकाला जा सके इसके लिए एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह से मदद मांगी और ग्रीन कॉरिडोर बनाने के लिए कहा। एसएसपी ग्वालियर धर्मवीर सिंह ने तत्काल ट्रैफिक पुलिस से लेकर थाना पुलिस को अलर्ट किया। ग्रीन कॉरिडोर बनाकर इन रास्तों से निकाली गई एम्बुलेंस शनिवार रात को जेएएच के कार्डियोलॉजी विभाग से जीवाजी क्लब के सामने, एजी ऑफिस पुल, सिटी सेंटर, गोला का मंदिर से हजीरा, पुरानी छावनी होते हुए मुरैना-दिल्ली रोड के लिए निकाला गया है। मेडिकल स्टूडेंट के साथ उसके मां-पिता भी साथ में हैं। छात्र के साथ एम्बुलेंस में कार्डियोलॉजी एवं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर को भी रवाना किया है। एयर एम्बुलेंस का इंतजाम नहीं हो सका पहले छात्र को एयर एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली ले जाने का तय हुआ था। शनिवार दोपहर से इसकी कवायत भी शुरू कर दी गई थी, लेकिन तकनीकी कारणों के चलते एयर एम्बुलेंस से उसे ले जाना संभव नहीं हो सका। जिसके बाद शनिवार रात को सड़क मार्ग से दिल्ली ले जाने का फैसला लिया गया। जीआरएमसी के डीन डॉ. आरकेएस धाकड़ ने कहा कि मेडिकल स्टूडेंट को हार्ट अटैक आया था उसके परिजन की मांग पर बेहत्तर इलाज के लिए एडवांस लाइफ सपोर्ट सिस्टम से लैस एम्बुलेंस के जरिए दिल्ली भेजा गया है। जिसके लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया था।

कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी का पुतला दहन:छतरपुर में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का प्रदर्शन, पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई

कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी का पुतला दहन:छतरपुर में भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा का प्रदर्शन, पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई

छतरपुर में शनिवार शाम भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा ने कांग्रेस और राहुल गांधी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। एआई इम्पैक्ट समिट विवाद को लेकर युवा मोर्चा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर राहुल गांधी का पुतला दहन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों की पुलिस से झड़प भी हुई। युवा मोर्चा के कार्यकर्ता चौबे कॉलोनी से पैदल रैली निकालकर डाकखाना चौराहे पहुंचे। वहां उन्होंने राहुल गांधी के खिलाफ नारे लगाए। इसके बाद रैली कांग्रेस कार्यालय की ओर बढ़ी, जहां कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन करने का प्रयास किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड तोड़ दिए। वे आगे बढ़े और राहुल गांधी का पुतला फूंक दिया। पुलिसकर्मियों ने जलते पुतले से ज्वलनशील पदार्थ हटाए और आग पर काबू पाया। स्थिति को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। कहा- कांग्रेस की देशविरोधी नीतियां बर्दाश्त नहीं युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष नीरज चतुर्वेदी ने इस दौरान कहा कि कांग्रेस की कथित देशविरोधी नीतियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी गतिविधियां जारी रहती हैं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस प्रदर्शन में युवा मोर्चा के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पुलिस ने पुतले को लेकर छीना-झपटी की पुतला दहन को लेकर भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष नीरज चतुर्वेदी की टीम जैसे ही पुतला दहन के लिए चौराहे पर पहुंची, पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद मौके पर हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, कार्यकर्ता नारेबाजी करते हुए पुतला जलाने पर अड़े रहे, जबकि पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शन का हवाला देते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी। इसी दौरान पुतले को लेकर छीना-झपटी की स्थिति बनी और सड़क पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस की सख्ती के बावजूद कार्यकर्ताओं का आक्रोश भारी पड़ा और वे पुतला दहन की मांग पर डटे रहे।

मीनाक्षी शेषाद्री बोलीं- शास्त्रीय नृत्य गांव तक ले जाऊंगी:30 साल बाद खरगोन में दूसरी पारी का ऐलान; कहा- भविष्य को लेकर बहुत उत्सुक

मीनाक्षी शेषाद्री बोलीं- शास्त्रीय नृत्य गांव तक ले जाऊंगी:30 साल बाद खरगोन में दूसरी पारी का ऐलान; कहा- भविष्य को लेकर बहुत उत्सुक

फिल्म अभिनेत्री मीनाक्षी शेषाद्री शनिवार शाम 5:30 बजे खरगोन पहुंची। वे नवग्रह मेले के समापन पर शास्त्रीय शास्त्री नृत्य प्रस्तुति में शामिल हो रही हैं। खरगोन पहुंचने पर 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री मीनाक्षी ने कहा कि वह बॉलीवुड में 30 साल के ब्रेक के बाद अपनी दूसरी पारी के लिए तैयार हैं। भरतनाट्यम थोड़ा मुश्किल जरूर है लेकिन इस विशेष तरीके से किया जाए तो गांव तक के लोग आसानी से समझ सकते हैं। वे लेवल 1 व लेवल 2 सिटी से लेकर हिंदुस्तान के गांव तक शास्त्रीय संगीत को पहुंचाना चाहती है। खरगोन से इसकी शुरुआत कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि मैं एक ऐसे परिवार में जन्मी जहां संगीत, नृत्य, अभिनय, शास्त्रीय ज्ञान व संस्कृत प्रचलित रहा। उसे वजह से मैं चलने से पहले नृत्य करना सीख लिया। मेरी मां ही मेरी गुरु थी भरतनाट्यम शैली में। शादी कर USA चली गईं थी पूर्व मिस इंडिया मीनाक्षी ने बताया दिल्ली में जब स्कूल की 12वीं कक्षा में थी तब मजाक में ब्यूटी कॉन्टेस्ट में भाग ले लिया था आश्चर्य की बात थी कि मिस इंडिया भी चुन ली गई। उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा। फौरन कई फिल्म भी ऑफर हो गई। मेरे पापा अंग्रेजी में समझाते थे सक्सेस इस एपीसी। ए मतलब एबिलिटी यानी योग्यता। बी यानी ब्रेक। यानी अपॉर्चुनिटी का सही दरवाजे से दस्तक देना। सी मतलब करेज यानी आत्म शक्ति, आत्मविश्वास व बड़ी शक्ति में विश्वास। मेरे सफर में यह तीन बातें सम्मिलित थी। 80-90 के दशक में 80 से 90 फिल्में की थी जिसमें हिंदी भाषा के अलावा तमिल तेलुगू की फिल्में भी शामिल हैं। उसके बाद शादी कर USA चली गई। 30 साल के गैप के बाद मैं भविष्य को लेकर उत्सुक हूं। दामिनी एक फिल्म है और मैंने उसमें दामिनी का पात्र किया। फिल्म में जो बताया गया आज भी हिंदुस्तान में वह हावी है। इसका दमन जरूरी है। महिलाओं को साहस दिखाने की आवश्यकता है और यह भारत है जहां शक्ति रूप से संसार रचा गया। शक्ति रूप से ही ठीक किया जा सकता है। मुझे अश्लीलता पसंद नहीं है। मैं वैसे ही पत्र निभाउं जो परिवार के साथ देख सकूं। शॉर्टकट से सक्सेस पर उन्होंने कहा, आज घोर कलयुग है। लक्ष्मी को शॉर्टकट से पा सकते हैं लेकिन सत्य की राह ही सही लक्ष्मी है। परिवर्तन का दौर है। सोशल मीडिया की वजह से बड़े भी फिल्में भी नहीं चल रही है।

झाबुआ में कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ:मंत्री निर्मला भूरिया ने जैविक खेती पर जोर दिया

झाबुआ में कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ:मंत्री निर्मला भूरिया ने जैविक खेती पर जोर दिया

झाबुआ के कृषि विज्ञान केंद्र प्रक्षेत्र में शनिवार को दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि विज्ञान मेले का शुभारंभ हुआ। इसका उद्देश्य कृषक कल्याण वर्ष के संकल्प को साकार करना है। महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया मुख्य अतिथि थीं, जबकि कलेक्टर नेहा मीना ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। मेले का फोकस कृषि, उद्यानिकी तकनीक विस्तारण और तिलहन मिशन पर है, जिसका लक्ष्य किसानों को आधुनिक तकनीक, प्राकृतिक खेती और उन्नत विपणन प्रणालियों से जोड़ना है। अपने संबोधन में मंत्री निर्मला भूरिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजन का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 को किसान कल्याण के लिए समर्पित किया गया है। मंत्री ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य और भूमि पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति आगाह किया। उन्होंने कृषि सखियों और उपस्थित जनसमूह से मिश्रित खेती व जैविक पद्धतियों को अपनाने का आह्वान किया। कलेक्टर नेहा मीना ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता केवल मेले का आयोजन नहीं, बल्कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के किसान तक पहुंचाना है। उन्होंने जिले की जैविक खेती के क्षेत्र में उपलब्धियों का जिक्र किया। मीना ने वैज्ञानिकों से अपील की कि वे किसानों को उनकी स्थानीय भाषा में तकनीकी प्रशिक्षण दें, ताकि ज्ञान का व्यावहारिक उपयोग सुनिश्चित हो सके। कार्यक्रम के दौरान ग्राम खेड़ी के विमल भाभोर को बायो रिसोर्स सेंटर के लिए सहायता प्रदान की गई। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और फसल बीमा योजना के तहत कई हितग्राहियों को ड्रिप सिस्टम और बीमा पॉलिसी वितरित की गईं। उद्यानिकी और पशुपालन विभाग द्वारा भी ट्रैक्टर, सब्जी खेती और बकरी पालन के लिए लाखों रुपए की सहायता राशि के चेक प्रदान किए गए। मेले में लगाई गई प्रदर्शनी के माध्यम से किसानों ने सूक्ष्म सिंचाई, नरवाई प्रबंधन और आधुनिक कृषि यंत्रों की बारीकियों को समझा। कार्यक्रम के समापन पर मंत्री भूरिया ने उपस्थित जनसमूह को नशामुक्ति की शपथ दिलाई। उन्होंने एक प्रश्नोत्तरी के माध्यम से कृषि सखी गंगा मेडा को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। मेले की अन्य तस्वीरें…

झाबुआ में 45 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए:अंतिम वोटर लिस्ट जारी, जिले में कुल 8.83 लाख मतदाता

झाबुआ में 45 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए:अंतिम वोटर लिस्ट जारी, जिले में कुल 8.83 लाख मतदाता

झाबुआ जिले में चुनाव आयोग के निर्देश पर वोटर लिस्ट को सुधारने का काम पूरा हो गया है। शनिवार को कलेक्टर नेहा मीना ने राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की और नई वोटर लिस्ट जारी की। सभी पार्टियों को लिस्ट की कॉपी भी दे दी गई है। वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने के लिए प्रशासन ने 2003 की लिस्ट से मिलान किया। जांच में पता चला कि कई लोग अब वहां नहीं रहते, कुछ की मौत हो चुकी है और कुछ के नाम दो जगह दर्ज थे। ऐसे कुल 45,439 नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। झाबुआ सीट से करीब 19 हजार, थांदला से 13 हजार और पेटलावद से करीब 13 हजार नाम काटे गए हैं। 21 हजार से ज्यादा नए वोटर जुड़े पुराने नाम हटाने के साथ-साथ नए वोटरों को जोड़ने का अभियान भी चलाया गया। 24 दिसंबर से 22 जनवरी तक चले इस काम में 21,229 नए नाम जोड़े गए हैं। इनमें ज्यादातर वे युवा हैं जिन्होंने हाल ही में 18 साल की उम्र पूरी की है। जिले में अब कितने वोटर? नई लिस्ट के हिसाब से अब पूरे झाबुआ जिले में कुल 8,83,497 वोटर हैं। विधानसभा के हिसाब से देखें तो- झाबुआ: 3,17,068 वोटर थांदला: 2,70,950 वोटर पेटलावद: 2,95,479 वोटर जांच के दौरान लगभग 2 हजार वोटर ऐसे भी मिले जिनका रिकॉर्ड 2003 की लिस्ट में नहीं था। प्रशासन ने ऐसे ‘नो मैपिंग’ वाले नामों की अलग से सुनवाई कर जरूरी सुधार किए हैं।

देवास में चलती ट्रेन में चढ़ते समय बुजुर्ग की मौत:पैर फिसलने से ट्रैक पर गिरे; जूते-चप्पल की खरीदी करने इंदौर जा रहे थे

देवास में चलती ट्रेन में चढ़ते समय बुजुर्ग की मौत:पैर फिसलने से ट्रैक पर गिरे; जूते-चप्पल की खरीदी करने इंदौर जा रहे थे

देवास रेलवे स्टेशन पर शनिवार को चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने के कारण वे ट्रेन की चपेट में आ गए। मृतक की पहचान देवास निवासी यूसुफ कमरी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यूसुफ कमरी ऊना से इंदौर जा रही हिमाचल एक्सप्रेस में सवार होने का प्रयास कर रहे थे। ट्रेन स्टेशन से चल चुकी थी और इसी दौरान डिब्बे में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वे ट्रेन की चपेट में आ गए। यह हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जूते-चप्पल की खरीदारी के लिए जा रहे थे इंदौर मृतक यूसुफ कमरी देवास में ही रहते थे और पेशे से जूते-चप्पल का व्यवसाय करते थे। शनिवार को वे अपने इसी व्यापार के सिलसिले में खरीदारी करने के लिए ट्रेन से इंदौर जा रहे थे। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में भी यही बात सामने आई है कि चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। पड़ोसी ने कहा- सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे हादसे की दुखद खबर लगते ही मृतक के परिचित और समाज के लोग स्टेशन पहुंच गए। मृतक के पड़ोसी सादिक अली ने बताया, “यूसुफ शूज़ का व्यापार करते थे। समाज को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे हैं।” पुलिस अब इस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है।