झाबुआ में 45 हजार से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए:अंतिम वोटर लिस्ट जारी, जिले में कुल 8.83 लाख मतदाता

झाबुआ जिले में चुनाव आयोग के निर्देश पर वोटर लिस्ट को सुधारने का काम पूरा हो गया है। शनिवार को कलेक्टर नेहा मीना ने राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की और नई वोटर लिस्ट जारी की। सभी पार्टियों को लिस्ट की कॉपी भी दे दी गई है। वोटर लिस्ट को साफ-सुथरा बनाने के लिए प्रशासन ने 2003 की लिस्ट से मिलान किया। जांच में पता चला कि कई लोग अब वहां नहीं रहते, कुछ की मौत हो चुकी है और कुछ के नाम दो जगह दर्ज थे। ऐसे कुल 45,439 नाम लिस्ट से हटा दिए गए हैं। झाबुआ सीट से करीब 19 हजार, थांदला से 13 हजार और पेटलावद से करीब 13 हजार नाम काटे गए हैं। 21 हजार से ज्यादा नए वोटर जुड़े पुराने नाम हटाने के साथ-साथ नए वोटरों को जोड़ने का अभियान भी चलाया गया। 24 दिसंबर से 22 जनवरी तक चले इस काम में 21,229 नए नाम जोड़े गए हैं। इनमें ज्यादातर वे युवा हैं जिन्होंने हाल ही में 18 साल की उम्र पूरी की है। जिले में अब कितने वोटर? नई लिस्ट के हिसाब से अब पूरे झाबुआ जिले में कुल 8,83,497 वोटर हैं। विधानसभा के हिसाब से देखें तो- झाबुआ: 3,17,068 वोटर थांदला: 2,70,950 वोटर पेटलावद: 2,95,479 वोटर जांच के दौरान लगभग 2 हजार वोटर ऐसे भी मिले जिनका रिकॉर्ड 2003 की लिस्ट में नहीं था। प्रशासन ने ऐसे ‘नो मैपिंग’ वाले नामों की अलग से सुनवाई कर जरूरी सुधार किए हैं।
देवास में चलती ट्रेन में चढ़ते समय बुजुर्ग की मौत:पैर फिसलने से ट्रैक पर गिरे; जूते-चप्पल की खरीदी करने इंदौर जा रहे थे

देवास रेलवे स्टेशन पर शनिवार को चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास में एक 60 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। संतुलन बिगड़ने और पैर फिसलने के कारण वे ट्रेन की चपेट में आ गए। मृतक की पहचान देवास निवासी यूसुफ कमरी के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, यूसुफ कमरी ऊना से इंदौर जा रही हिमाचल एक्सप्रेस में सवार होने का प्रयास कर रहे थे। ट्रेन स्टेशन से चल चुकी थी और इसी दौरान डिब्बे में चढ़ते समय उनका पैर फिसल गया। संतुलन बिगड़ने से वे ट्रेन की चपेट में आ गए। यह हादसा इतना गंभीर था कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जूते-चप्पल की खरीदारी के लिए जा रहे थे इंदौर मृतक यूसुफ कमरी देवास में ही रहते थे और पेशे से जूते-चप्पल का व्यवसाय करते थे। शनिवार को वे अपने इसी व्यापार के सिलसिले में खरीदारी करने के लिए ट्रेन से इंदौर जा रहे थे। घटना के बाद स्टेशन पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। प्रारंभिक जांच में भी यही बात सामने आई है कि चलती ट्रेन में चढ़ने के प्रयास के दौरान संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। पड़ोसी ने कहा- सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे हादसे की दुखद खबर लगते ही मृतक के परिचित और समाज के लोग स्टेशन पहुंच गए। मृतक के पड़ोसी सादिक अली ने बताया, “यूसुफ शूज़ का व्यापार करते थे। समाज को सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे हैं।” पुलिस अब इस पूरे मामले की वैधानिक जांच कर रही है।
हरदा की मंडियों में डॉलर चना औंधे भाव:10 हजार की उम्मीद पर 4-6 हजार ही दाम मिले, किसान उपज वापस लेकर लौटे

हरदा जिले की मंडियों में गेहूं और चने की आवक शुरू हो गई है, लेकिन किसानों को उपज के उचित दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इससे किसानों में निराशा है और कई किसान अपनी उपज बिना बेचे ही वापस लौट रहे हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने डॉलर चना अच्छी कीमतों की उम्मीद में बोया था, लेकिन सरकारी नीतियों के कारण उन्हें बहुत कम दाम मिल रहे हैं। यदि यही स्थिति रही तो अगले साल से किसान डॉलर चना नहीं लगाएंगे। किसानों के अनुसार, जिस डॉलर चने का दाम 10,000 रुपए प्रति क्विंटल मिलना चाहिए था, उसके भाव मात्र 6,000 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहे हैं। जिले में किसानों की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं; पहले ओलावृष्टि और अब उपज के कम दाम ने उनकी लागत निकालना भी मुश्किल कर दिया है। किसान उपज वापस लेकर लौट रहे मंडियों में डॉलर चना 4,000 से 5,500 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में यह 100 रुपए प्रति किलो (10,000 रुपए प्रति क्विंटल) बिक रहा है। दाम कम मिलने के कारण किसान अपनी उपज वापस ले जा रहे हैं। ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष शेंकि खनूजा ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में निर्यात की मांग कम होने के कारण बाजार में मंदी का रुख है। वहीं, मंडी प्रशासन भी किसानों को उचित दाम दिलाने में विफल रहा है।
सीधी बाईपास पर बोलेरो की टक्कर से दो युवक घायल:ड्राइवर फरार, वाहन के खिलाफ मामला दर्ज; जिला अस्पताल में एडमिट

सीधी बाईपास पर शनिवार दोपहर एक तेज रफ्तार बोलेरो वाहन ने मोटरसाइकिल सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना दोपहर करीब 2:00 बजे की बताई जा रही है। टक्कर के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। घायल युवकों की पहचान नेबूहा निवासी आशीष रावत और अजीत रावत के रूप में हुई है। वे मोटरसाइकिल से सीधी की ओर आ रहे थे। उन्हें तत्काल जिला अस्पताल सीधी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक घर के किराने का सामान लेने के लिए सीधी आए थे और वापस लौटते समय बाईपास पर दुर्घटना का शिकार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बोलेरो वाहन अत्यधिक गति में था। घायल अजीत रावत ने बताया कि बोलेरो ने अचानक कट मारा, जिससे उनकी मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर सड़क की पटरी के नीचे उतर गई। हादसे में अजीत के सिर में चोट आई है, जबकि उनके साथी आशीष रावत को पैर और हाथ में गंभीर चोटें लगी हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों के अनुसार, दोनों घायलों की स्थिति फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। अस्पताल चौकी प्रभारी देवराज सिंह ने बताया कि दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। बोलेरो चालक के फरार होने के कारण अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और वाहन की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
बाइक सवार को बचाने में कैप्सूल वाहन पुल से गिरा:हादसे में दोनों चालकर सुरक्षित; ड्राइवर की सतर्कता से बची जान

सिंगरौली जिले के बधोरा चौकी क्षेत्र के खोंखरी गांव में शनिवार को सड़क हादसा हुआ। बाइक सवार को बचाने के प्रयास में एक कैप्सूल वाहन अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर गया। घटना में बाइक सवार और कैप्सूल वाहन का चालक दोनों सुरक्षित बच गए। जानकारी के अनुसार, कैप्सूल वाहन बंधौरा की ओर जा रहा था। तभी सामने से एक बाइक आ गई। बाइक सवार को बचाने के लिए कैप्सूल चालक ने वाहन को मोड़ा, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया। वाहन पुल की रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरा। पुलिस ने कैप्सूल चालक को सुरक्षित बाहर निकाला हादसे की सूचना मिलते ही बधोरा चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और कैप्सूल चालक को सुरक्षित बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक की सतर्कता से बाइक सवार की जान बच गई। बधोरा चौकी प्रभारी बीएल बंसल ने बताया, खोंखरी गांव के पास पुल पर कैप्सूल वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिली थी। जांच में सामने आया है कि बाइक सवार को बचाने के प्रयास में वाहन अनियंत्रित होकर पुल से नीचे गिर गया। दोनों चालक सुरक्षित हैं। मामले की जांच की जा रही है और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को हटवाकर यातायात सामान्य कराया है। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
सतना जिला अस्पताल का अंतिम मूल्यांकन:टीम ने बिस्तरों पर साफ चादरें पाईं, अतिक्रमण पर जताई नाराजगी

सतना में कायाकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को सरदार वल्लभभाई पटेल शासकीय जिला चिकित्सालय का अंतिम मूल्यांकन किया गया। इस दौरान अस्पताल की व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त नजर आईं।मूल्यांकन टीम में एनएचएम भोपाल के क्वॉलिटी एनालिस्ट डॉ. पंकज बुधौलिया, शिवपुरी जिला अस्पताल के डॉ. रामकुमार चौधरी और अकीला अंसारी शामिल थे। टीम ने निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार अस्पताल के सभी विभागों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बिस्तरों पर साफ-सुथरी चादरें बिछी मिलीं। वार्डों में बेहतर साफ-सफाई दिखी और नर्सिंग ऑफिसर सहित पूरा स्टाफ प्रोटोकॉल का पालन करता पाया गया। सफाईकर्मी लगातार अपना कार्य कर रहे थे। हालांकि, टीम ने अस्पताल के मेन गेट के आसपास अतिक्रमण और गंदगी पर नाराजगी व्यक्त की। करीब 70 वर्ष पुराने अस्पताल भवन की दीवारों पर जमी धूल और जर्जर स्थिति को लेकर भी सुधार की आवश्यकता बताई गई। टीम के सदस्यों ने वार्डों के निरीक्षण के दौरान किसी अधिकारी या कर्मचारी से सीधे बातचीत नहीं की, बल्कि केवल व्यवस्थाओं का अवलोकन कर मूल्यांकन किया। वार्डों में पदस्थ पैरामेडिकल स्टाफ से विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं के संचालन का प्रदर्शन (डेमो) कराया गया। कुछ स्थानों पर स्टाफ अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सका। निरीक्षण के अंतिम चरण में 8 प्रमुख क्षेत्रों से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। अधिकारियों के अनुसार, पहले के मूल्यांकन में चिन्हित किए गए गैप इस बार पूरे कर लिए गए थे। इस मूल्यांकन का अंतिम स्कोर लगभग 15 दिन बाद जारी किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान सीएमएचओ डॉ. मनोज शुक्ला, सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह, डीपीएम राकेश कर्ष, आरएमओ डॉ. शरद दुबे, क्वालिटी नोडल अधिकारी डॉ. विजेता राजपूत, सहायक प्रबंधक डॉ. धीरेन्द्र वर्मा, स्टूवर्ड जीएस तिवारी, मेट्रन किरण सिंह, लक्ष्मी गुप्ता, शांति प्रजापति और विनोद दहायत मौजूद रहे।
नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर ट्रक में लगी आग:एक-एक कर फटे टायर, ड्राइवर ने कूद कर बचाई जान

सेमरी हरचंद में नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर अनाज मंडी के पास खड़ा एक ट्रक शुक्रवार रात करीब 9 बजे अचानक आग की चपेट में आ गया। ट्रक में सीमेंट भरी थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और 8 से 10 फीट ऊंची लपटें उठने लगीं। ड्राइवर ने समय रहते ट्रक से कूदकर अपनी जान बचाई। आग बढ़ने के साथ एक-एक कर टायर फटने लगे, जिससे मौके पर दहशत का माहौल बन गया। पुलिस ने रोकी आवाजाही सूचना मिलते ही सेमरी हरचंद पुलिस चौकी प्रभारी आकाशदीप पचाया बल के साथ मौके पर पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टि से हाईवे पर कुछ देर के लिए वाहनों की आवाजाही बंद कर दी गई। दो जगहों से बुलाई गई दमकल आग बुझाने के लिए माखननगर और सोहागपुर से फायर ब्रिगेड बुलाई गई। दमकल टीम ने करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक ट्रक पूरी तरह जल चुका था। एसडीओपी संजू चौहान ने बताया कि 12 चक्कों वाले ट्रक की केबिन में अचानक आग लगने की सूचना मिली है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। ड्राइवर की तलाश कर पूछताछ की जाएगी। आग के चलते स्टेट हाईवे-22 पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा और सड़क पर भीड़ जमा हो गई। एसडीओपी संजू चौहान ने बताया 12 चक्कों वाले ट्रक में सीमेंट भरी थी। मंडी के पास ट्रक खड़ा था। कैबिन में अचानक से आग लगने की सूचना है। आग किस वजह से लगी। इसका पता नहीं चल पाया है। ट्रक ड्राइवर की तलाश कर पूछताछ करेंगे। आग की वजह से स्टेट हाइवे 22 पर यातायात प्रभावित हुआ। स्टेट हाईवे-22 पर भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। देखें हादसे की तीन तस्वीरें
खजुराहो महोत्सव- मंत्री के भाषण पर पर्यटकों की हूटिंग:नाराज इटालियन कपल बोला-हम डांस देखने के आए थे, न कि लंबे भाषण सुनने

विश्व प्रसिद्ध खजुराहो नृत्य महोत्सव का आगाज हो चुका है, लेकिन शुक्रवार को पहले ही दिन मंच पर ऐसी स्थिति बनी जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया। यह महोत्सव 20 से 26 फरवरी तक चलने वाला है और शुभारंभ समारोह में प्रदेश के संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी भाषण देने के लिए मंच पर पहुंचे। निर्धारित समय शाम 6:30 बजे था, लेकिन मुख्य अतिथि और अन्य मंत्री देर से पहुंचे। कार्यक्रम देरी से शुरु होने से दर्शक में नाराजगी इस वजह से दर्शक दीर्घा में बैठे देसी और विदेशी पर्यटक लंबे समय तक इंतजार करते रहे। समारोह लगभग दो घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे कई लोगों का धैर्य जवाब दे गया। मंत्रालय ने बताया कि देरी मुख्य अतिथि की यात्रा और सुरक्षा इंतजाम के कारण हुई। इसके बावजूद मंच पर कलाकारों ने प्रस्तुति देकर महोत्सव की भव्यता बनाए रखी। दर्शकों ने रंग-बिरंगे नृत्यों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया और उत्सव का स्वागत उत्साहपूर्वक किया। मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी के भाषण के बीच ‘गो बैक’ के नारे लगे इस बीच मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव ने करीब 16 मिनट तक अपना संबोधन दिया और सांसद विष्णु दत्त शर्मा ने भी 3 मिनट तक अपनी बात रखी। लेकिन जब संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी का भाषण शुरू हुआ, तो दर्शक बुरी तरह भड़क गए। पर्यटकों को कला और नृत्य का इंतजार था, लेकिन नेताओं के लंबे भाषणों ने उनके सब्र का बांध तोड़दिया। देखते ही देखते सामने बैठी भीड़ ‘गो बैक’ के नारे लगाने लगी और चारों तरफ से ‘हो-हो’ का शोर सुनाई देने लगा। भारी हूटिंग के बावजूद मंत्री जी भाषण देते रहे हैरानी की बात यह रही कि इतनी भारी हूटिंग के बावजूद मंत्री जी अपना भाषण देते रहे। वे करीब 6 मिनट तक बोले और अंत में जब शोर और बढ़ा, तो वे चार पंक्तियां सुनाने की जिद पर अड़ गए। दर्शकों की पीड़ा समझते हुए उन्होंने मंच से यह तो स्वीकार किया कि लोग कार्यक्रम देखने के लिए उत्सुक हैं, लेकिन फिर भी बिना अपनी कविता सुनाए और जयकारे लगवाए वे मंच से नीचे नहीं उतरे। विदेशी बोले-हम नृत्य देखने के आए थे, न कि लंबे भाषण सुनने इस पूरे घटनाक्रम पर वहां मौजूद विदेशी सैलानियों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की। इटली के फ्लोरेंस से आए एलेसांद्रो ने कहा कि “हम इटली में माहौल को महसूस करने और नृत्य देखने के आदी हैं, न कि लंबे भाषण सुनने के। हम अनुभव को जीना चाहते थे।” वहीं उनकी साथी जूलिया ने बताया कि “यह जगह और माहौल बेहद शानदार है, लेकिन मंत्री जी ने शायद कुछ ज्यादा ही बातें कर दीं। हम वास्तव में केवल नृत्य देखना चाहते थे।” खजुराहो के इस भव्य आयोजन में पहले ही दिन हुए इस घटनाक्रम ने व्यवस्थाओं और प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि दूर-दराज से आए पर्यटक कला देखने के लिए घंटों इंतजार कर रहे थे, जबकि मंच से सियासी भाषणों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा था।
जनपद सीईओ से अभद्रता कर गालियां दीं, FIR:राजगढ़ में विधायक को भी अपशब्द कहे; अवैध खनन शिकायत करने पहुंचा था

खिलचीपुर जनपद पंचायत कार्यालय में अवैध खनन की शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक ने गुरुवार को हंगामा कर दिया। घटना का वीडियो शुक्रवार शाम सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। दुआखेड़ी निवासी हेमराज दांगी अवैध खनन की शिकायत लेकर कार्यालय पहुंचा था। जनपद सीईओ गोविंद सिंह सोलंकी ने उसे संबंधित प्रकरण में एसडीएम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। इसी बात पर युवक नाराज हो गया। बताया जा रहा है कि वह नशे की हालत में था। सीईओ चेंबर में अभद्रता आरोप है कि युवक सीधे सीईओ के चेंबर में घुस गया और ऊंची आवाज में बहस करते हुए अभद्रता करने लगा। स्थिति बिगड़ती देख मौजूद लोगों ने उसे चेंबर से बाहर निकाल दिया। बाहर आने के बाद भी युवक शांत नहीं हुआ। उसने सीईओ और स्थानीय विधायक के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की। इसी दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो बाद में वायरल हो गया। जनपद सीईओ की शिकायत पर खिलचीपुर थाने में युवक के खिलाफ गाली-गलौज और शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने की धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार आरोपी की तलाश जारी है और मामले की जांच की जा रही है। सीईओ बोले- सलाह देने पर भड़का, विधायक को अपशब्द कहे सीईओ गोविंद सिंह सोलंकी ने बताया कि युवक अवैध खनन की शिकायत लेकर आया था, लेकिन उसे संबंधित प्राधिकरण के पास जाने की सलाह देने पर वह भड़क गया। उन्होंने कहा कि युवक 10–20 प्रतिशत जैसी बातें कर रहा था और विधायक के संबंध में भी अपशब्द कह रहा था। स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पुलिस को सूचना दी गई और बाद में एफआईआर दर्ज करवाई गई।
मृत्युभोज देने की जगह अनाथ बेटी का विवाह:गृहस्थी का सामान, 20 हजार की एफडी भेंट की; व्यापारी की हार्ट अटैक से हुई थी मौत

छतरपुर के नौगांव में एक परिवार ने रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़ते हुए मिसाल पेश की है। नगर के प्रतिष्ठित सर्राफा व्यवसायी स्वर्गीय गोपाल कठेल के निधन के बाद परिवार ने पारंपरिक मृत्यु भोज करने से इनकार कर सामाजिक संदेश दिया। परिवार ने तेरहवीं पर भोज कराने के बजाय एक जरूरतमंद अनाथ बेटी के विवाह की पूरी सामग्री भेंट करने का फैसला लिया। यह विवाह 22 फरवरी को संपन्न होना है। निधन और पारिवारिक स्थिति गोपाल कठेल का निधन करीब 13 दिन पहले झांसी में हृदय गति रुकने से हुआ था। उनके परिवार में तीन बेटियां और 6 वर्षीय पुत्र कान्हा हैं। शोक के बीच भी परिवार ने समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का निर्णय लिया। अनाथ बेटी के विवाह की जिम्मेदारी परिवार ने 21 वर्षीय अनाथ बेटी के विवाह का पूरा खर्च उठाया। तेरहवीं के अवसर पर घर के आंगन में विवाह सामग्री भेंट की गई, जहां सामान्यतः मृत्यु भोज आयोजित किया जाता है। मृतक की बहन व समाजसेविका तृप्ति कठेल ने लक्ष्मी को लगभग 40 प्रकार की गृहस्थी सामग्री के साथ 20 हजार रुपये की एफडी भेंट की, ताकि उसके वैवाहिक जीवन की शुरुआत सम्मानपूर्वक हो सके। सकारात्मक कदम बढ़ाएं लोग तृप्ति कठेल ने अपील की कि मृत्यु भोज जैसी कुप्रथाओं पर खर्च करने के बजाय गरीब व असहाय लोगों की मदद की जानी चाहिए। उनका कहना है कि यही सच्ची श्रद्धांजलि और समाज में सकारात्मक बदलाव का मार्ग है। कठेल परिवार की इस पहल की पूरे जिले में सराहना हो रही है और इसे मानवता व सामाजिक बदलाव की प्रेरक मिसाल माना जा रहा है।








