Congress AI Summit Protest Row; Himachal Pradesh Vs Delhi Police

दिल्ली पुलिस के हिमाचल में गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के 3 नेताओं को कोर्ट में पेशी के लिए ले जाया जा रहा है। दिल्ली में AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के आरोप में 3 यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को हिमाचल और दिल्ली पुलिस में टकराव हो गया। दिल्ली पुलिस ने शिमला के एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 3 नेताओं को गिरफ्तार किया, . हिमाचल पुलिस का तर्क था कि इस बारे में दिल्ली पुलिस ने कोई औपचारिक सूचना नहीं दी। हिमाचल में सादे कपड़ों में आकर मेहमानों को उठाया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी दोनों पुलिस में बहस होती रही। इसके बाद जज ने फाइल तैयार करने को कहा तो दिल्ली पुलिस फिर बिना कागजी कार्रवाई के तीनों नेताओं को ले गई। इसका पता चलते ही हिमाचल पुलिस ने फिर उन्हें रोक लिया। इसके बाद तीनों नेताओं को कोर्ट में पेश कर दिल्ली पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड लिया। करीब 18 घंटे तक दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच ड्रामा चलता रहा। फिर गुरुवार सुबह करीब पौने 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर चली गई। दरअसल, 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में घुसकर AI समिट के दौरान शर्टलैस होकर PM मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट लहराई थी। इस दौरान पीएम मोदी कॉम्प्रोमाइज्ड के नारे लगाए थे। दिल्ली में AI समिट के दौरान टी शर्ट उतारकर प्रदर्शन करते हुए युवा कांग्रेस कार्यकर्ता- फाइल फोटो। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला… दिल्ली पुलिस सिविल वर्दी में पहुंची, होटल से 3 नेता अरेस्ट किए दिल्ली पुलिस के 18 कर्मचारियों की टीम सिविल वर्दी में बुधवार, 25 फरवरी सुबह 3 गाड़ियों में सवार होकर शिमला से लगभग 120 किलोमीटर दूर रोहड़ू के चिड़गांव पहुंची। दिल्ली पुलिस को इनपुट था कि AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने वाले मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के रहने वाले यूथ कांग्रेस के 3 नेता रोहड़ू के चांशल होटल में ठहरे हैं। जिनके नाम अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ हैं। दिल्ली पुलिस ने यहां आकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। सबूत के लिए होटल से सीसीटीवी की डीवीआर और रजिस्टर भी कब्जे में लिया। हिमाचल पुलिस ने 3 जगह नाका लगाकर रोका, नेताओं को छुड़ाया दिल्ली पुलिस तीनों को गिरफ्तार कर ले जाने लगी, तभी हिमाचल पुलिस को इसकी भनक लगी कि उन्हें सूचना दिए बगैर पूरी कार्रवाई की जा रही है। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोकने के लिए शिमला बस स्टैंड, शोघी और सोलन के धर्मपुर में नाकाबंदी कर दी। इसके बाद एक गाड़ी बस स्टैंड शिमला, दूसरी शोघी और 2 गाड़ियां सोलन के धर्मपुर में रोक दी गईं। हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस के गिरफ्तार किए यूथ कांग्रेस के तीनों नेताओं को छुड़ाकर अपनी कस्टडी में ले लिया और शिमला में चक्कर कोर्ट लेकर पहुंच गई। कोर्ट में चली बहस, हिमाचल पुलिस बोली- प्रॉपर इन्फॉर्मेशन नहीं दी हिमाचल पुलिस के पीछे-पीछे दिल्ली पुलिस की टीम भी शिमला की चक्कर कोर्ट पहुंच गई। बुधवार शाम पौने 5 बजे उन्हें कोर्ट में पेश किया गया और 6 बजे तक सुनवाई चलती रही। सुनवाई के दौरान हिमाचल पुलिस ने कोर्ट को बताया कि दिल्ली पुलिस ने स्टेट पुलिस को सूचना दिए बगैर यह पूरी कार्रवाई की। प्रॉपर इन्फॉर्मेशन न होने की वजह से दिल्ली पुलिस को रोका गया। दोनों पुलिस के बीच कोर्ट में बहस होती रही। इस पर कोर्ट ने इस मामले की पूरी फाइल तैयार करने को कहा। शिमला के शोघी में शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस को रोका और पूछताछ की। बिना कोर्ट के आदेश के दिल्ली पुलिस फिर ले गई, हिमाचल पुलिस ने फिर रोके इसके बाद हिमाचल पुलिस के सीनियर अधिकारी लौट गए। फिर वहां जिला कोर्ट में ही दिल्ली और हिमाचल पुलिस में बातचीत चलती रही। इसके बाद बुधवार शाम करीब 7.25 बजे गिरफ्तार यूथ कांग्रेस वर्करों को दिल्ली पुलिस फिर अपने साथ ले गई। दिल्ली पुलिस शिमला से रवाना हो गई। इसके बाद फिर अचानक शिमला के शोघी के पास दिल्ली पुलिस को रोक दिया गया। इसके बाद दोनों राज्यों की पुलिस में बहस और बढ़ गई। हिमाचल पुलिस बोली- वैध दस्तावेज नहीं, FIR की चेतावनी दी हिमाचल पुलिस का कहना था कि दिल्ली पुलिस के पास उनके एरिया से गिरफ्तारी कर ले जाने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। अगर वह कोर्ट के आदेश पर ले जा रहे हैं तो उनके पास ट्रांजिट रिमांड होना चाहिए। इस वजह से वहां देर रात तक बहस चली। हिमाचल पुलिस ने चेतावनी दी कि अगर वह जबरन ले जाने की कोशिश करेंगे तो दिल्ली पुलिस पर FIR दर्ज कर दी जाएगी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने तीनों नेताओं को दिल्ली पुलिस की कस्टडी से अपनी हिरासत में ले लिया। इस दौरान दिल्ली पुलिस के एसीपी राहुल विक्रम ने कहा कि ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद आरोपियों को दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन शिमला पुलिस कार्रवाई में बाधा डाल रही है। हालांकि हिमाचल पुलिस का कहना था कि इनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं हैं। तीनों का मेडिकल कराया, कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया, दिल्ली ले गए इसके बाद बुधवार रात 11.30 बजे हिमाचल पुलिस गिरफ्तार कांग्रेस नेताओं को मेडिकल कराने के लिए शिमला के रिपन अस्पताल लेकर पहुंची। यहां उनका मेडिकल कराया गया। बुधवार रात 2 बजे यूथ कांग्रेस के एडवोकेट ने गिरफ्तार नेताओं से बात की। इसके बाद इन्हें चक्कर कोर्ट के CJM के घर पर पेश किया गया। जहां से उनका ट्रांजिट रिमांड लिया गया। फिर गुरुवार सुबह 5.45 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर दिल्ली रवाना हो गए। शिमला से लगभग 15 किलोमीटर दूर शोघी बैरियर पर देर रात मौजूद शिमला और दिल्ली पुलिस के जवान। दिल्ली पुलिस की जांच में क्या निकला दिल्ली पुलिस के सोर्सेज के मुताबिक जिन 3 नेताओं, अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ होटल से गिरफ्तार किया गया, उन्हें लोकल कांग्रेसी नेता ने होटल में कमरा दिलाया था। ये तीनों 24 फरवरी से यहां पर गिरफ्तारी से बचने के लिए छुपे हुए थे। हालांकि कमरा किसके नाम पर बुक कराया गया था, इसके बारे में होटल के कागजात खंगाले जा रहे हैं। पुलिस CCTV फुटेज के जरिए यह भी पता लगा रही
Bihar Police Constable Operator Recruitment

Hindi News Career Bihar Police Constable Operator Recruitment | 993 Posts Notification Out 30 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी बिहार में 993 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 116 पदों पर निकली भर्ती। साथ ही GAIL में 70 पदों पर वैकेंसी की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए.… 1. बिहार में 993 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी केंद्रीय चयन पर्षद सिपाही भर्ती (CSBC) की ओर से राज्य में पुलिस कॉन्स्टेबल ऑपरेटर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी हुआ है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 मार्च से शुरू होगी। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या सामान्य 408 ईडब्ल्यूएस 99 एससी 157 एसटी 10 ईबीसी 175 बीसी 113 बीसी महिलाएं 31 कुल पदों की संख्या 993 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : 12वीं पास सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों ने गणित, भौतिक विज्ञान एवं रसायन विज्ञान में न्यूनतम 50%, एससी/ एसटी ने न्यूनतम 45 फीसदी अंक प्राप्त किये हों। शारीरिक योग्यता : लंबाई न्यूनतम : सामान्य, पिछड़ा वर्ग : 165 सेमी अत्यंत पिछड़ा वर्ग, एससी, एसटी : न्यूनतम लंबाई 160 सेमी महिला उम्मीदवार : न्यूनतम 155 सेमी सीना : बिना फुलाए 81 सेमी फुलाकर : 86 सेमी एससी/ एसटी : सीना बिना फुलाए 79 और फुलाकर 84 सेमी एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 25 साल फीस : सभी वर्ग के लिए : 100 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सैलरी : लेवल 3 के अनुसार 21,700 – 69,100 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : क्वेश्चन टाइप : ऑब्जेक्टिव ड्यूरेशन : 2 घंटे पेपर लेवल : इंटरमीडिएट विषय क्वेश्न नंबर टोटल मार्क्स जनरल नॉलेज एंड करेंट अफेयर्स 25 25 फिजिक्स 25 25 केमेस्ट्री 25 25 मैथमेटिक्स 25 25 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट csbc.bihar.gov.in पर जाएं। अपना पासवर्ड क्रिएट करने के बाद कैंडिडेट्स का नाम और अन्य डिटेल्स भरें। रजिस्ट्रेशन करके लॉग इन करें। जरूरी डिटेल्स दर्ज करें। मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। फीस जमा करके फॉर्म सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 2. स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 116 पदों पर निकली भर्ती स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर के 100 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट 12 डिप्टी मैनेजर (IS ऑडिट) 43 डिप्टी मैनेजर (CA) 61 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट : 50% स्कोर के साथ बीई, बीटेक, बीएससी कम्प्यूटर साइंस, एमटेक डिग्री। 6 साल का वर्किंग एक्सपीरियंस जरूरी डिप्टी मैनेजर (CA) और डिप्टी मैनेजर (IS ऑडिट) : बीई, बीटेक, बीएससी, कम्प्यूटर साइंस, एमटेक डिग्री। वर्किंग एक्सपीरियंस 3 साल एज लिमिट : असिस्टेंट वाइस प्रेसिडेंट : 27 – 45 साल डिप्टी मैनेजर (CA) और डिप्टी मैनेजर (IS ऑडिट) : 25 – 35 साल सिलेक्शन प्रोसेस : इंटरव्यू के बेसिस पर सैलरी : 64,820 – 50 लाख रुपए प्रतिमाह अन्य अलाउंस का लाभ भी मिलेगा। फीस : जनरल, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस : 750 रुपए एससी, एसटी, पीडब्ल्यूबीडी : नि:शुल्क ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट sbi.co.in पर जाएं। न्यू रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। नाम, पासवर्ड के साथ लॉग इन करें। फॉर्म में पासपोर्ट साइज फोटो, सिग्नेचर और अन्य डॉक्यूमेंट्स अटैच करें। फीस का भुगतान करके फॉर्म प्रिव्यू और सब्मिट करें। इसका प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. GAIL में 70 पदों पर निकली भर्ती गेल इंडिया लिमिटेड ने एग्जीक्यूटिव ट्रेनी के पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट gailonline.com पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (केमेस्ट्री) 17 एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (इंस्ट्रुमेंटेशन) 21 एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (इलेक्ट्रिकल) 16 एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (मैकेनिकल) 16 कुल पदों की संख्या 70 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (केमेस्ट्री) : न्यूनतम 65% अंकों के साथ केमिकल, पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग की डिग्री। एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (इंस्ट्रुमेंटेशन) : कम से कम 65% अंकों के साथ इंस्ट्रुमेंटेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स या संबंधित ब्रांच में इंजीनियरिंग की डिग्री। एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (इलेक्ट्रिकल) : न्यूनतम 65% अंकों के साथ इलेक्ट्रिकल या संबंधित क्षेत्र में बीई। एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (मैकेनिकल) : कम से कम 65% अंकों के साथ मैकेनिकल या संबंधित ब्रांच में इंजीनियरिंग की डिग्री। एज लिमिट : अधिकतम 26 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी (NCL) : 3 साल की छूट पीडब्ल्यूबीडी (OBC) : 13 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : GATE मार्क्स के बेसिस पर ग्रुप डिस्कशन इंटरव्यू सैलरी : 60,000 – 1,80,000 रुपए प्रति माह ऐसे करें आवेदन ऑफिशियल वेबसाइट gailonline.com पर जाएं। होम पेज पर करियर ऑप्शन पर क्लिक करें। अप्लाई नाउ लिंक पर क्लिक करें। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करके आवेदन करें। डॉक्यूमेंट्स अपलोड करके फीस का भुगतान करें। फॉर्म सब्मिट करें और प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑफिशियल वेबसाइट लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 4. बैंक ऑफ बड़ौदा में 166 पदों पर भर्ती, लास्ट डेट 26 फरवरी बैंक ऑफ बड़ौदा ने मैनेजर सहित 166 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 26 फरवरी तय की गई है। उम्मीदवार बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट bankofbaroda.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या सीनियर मैनेजर – MSME रिलेशनशिप 113 सीनियर मैनेजर – क्रेडिट एनालिस्ट 19 मैनेजर – क्रेडिट एनालिस्ट 34 कुल पदों की संख्या 166 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ग्रेजुएशन, एमबीए/पीजीडीएम, सीए/सीएफए/सीएमए एज लिमिट : सीनियर मैनेजर : MSME रिलेशनशिप : 30-40 साल सीनियर मैनेजर : क्रेडिट एनालिस्ट : 29-37 साल मैनेजर : क्रेडिट एनालिस्ट : 25-34 साल एससी, एसटी : 5 साल की छूट ओबीसी : 3 साल की छूट पीडब्ल्यूडी : 10 साल की छूट सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम साइकोमेट्रिक टेस्ट इंटरव्यू फीस : सामान्य, ईडब्ल्यूएस, ओबीसी : 850 (जीएसटी सहित) + पेमेंट गेटवे फीस अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग, पूर्व सैनिक/देशवासी महिलाएं 175 (जीएसटी सहित) + पेमेंट गेटवे फीस सैलरी : एमएमजी/एस-II (मैनेजर) : 64,820 – 93,960 रुपए प्रतिमाह एमएमजी/एस-III (सीनियर मैनेजर) : 85,920 – 1,05,280 रुपए प्रतिमाह एग्जाम पैटर्न : ड्यूरेशन : 150 मिनट सब्जेक्ट प्रश्नों की संख्या
Arunachal Pradesh Racial Abuse Video Case; Ruby Jain Delhi Police

Hindi News National Arunachal Pradesh Racial Abuse Video Case; Ruby Jain Delhi Police | Kiren Rijiju नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक आरोपी महिला रूबी जैन को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पति हर्ष जैन ने ANI से बात की। अरुणाचल की 3 महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी महिला रूबी जैन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला को SCST Act के तहत गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले मंगलवार को मुख्य आरोपी हर्ष सिंह ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि हम निश्चित रूप से शर्मिंदा हैं। मैं ऐसा इंसान नहीं हूं, ये सब कुछ हीट ऑफ द मूमेंट में हो गया। हर्ष ने कहा कि मामले में हम दिल्ली पुलिस का पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उनका ऑफिस पहले दिन से ही पीड़ितों और दिल्ली पुलिस के लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना 20 जनवरी की है, आरोपी महिला की पहचान रूबी जैन के रूप में हुई थी। वायरल वीडियो में वह महिलाओं को धमकी देती दिख रही है। रिजिजू बोले- नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ गलत व्यवहार का मामला गंभीरता से लेते हैं रिजिजू ने कहा कि मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में नॉर्थईस्ट के लोगों के खिलाफ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को अधिकारी गंभीरता से लेते हैं। अगर दिल्ली में नॉर्थईस्ट के किसी भी व्यक्ति के साथ कोई घटना होती है, तो हम तुरंत कार्रवाई करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं खुद फॉलो-अप कर रहा हूं। हम सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे और सबक सिखाएंगे कि नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ बुरा बर्ताव नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नॉर्थईस्ट के बच्चों को पहले टॉर्चर किया जाता था। वे उन्हें पीटते थे और फेंक देते थे, और कोई उनसे सवाल नहीं करता था, और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती थी। अब समझिए पूरा मामला क्या है दरअसल अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाएं दिल्ली के मालवीय नगर में किराए पर रहती हैं। इनका फ्लैट चौथी मंजिल पर है। 20 फरवरी को महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए एक इलेक्ट्रीशियन को बुलाया था। इस दौरान बाहरी दीवार पर ड्रिलिंग करते समय धूल और मलबा नीचे फर्स्ट फ्लोर में रहने वाले हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी की बालकनी में गिर गया। मलबा गिरने को लेकर शुरू हुई बहस जल्द ही बिगड़ गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कपल ने गालियां दीं और उन्हें और नॉर्थईस्ट समुदाय को टारगेट करते हुए अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। इस घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में, आरोपी महिला पीड़ित से कहती है कि वह 500 रुपए में मसाज पार्लर में काम करने वाली धंधेवाली है। जब झगड़ा हो रहा था, तब एक पुलिस ऑफिसर मौके पर मौजूद था। वीडियो में, पुलिसवाला बीच-बचाव करते और हालात को शांत करने की कोशिश करते हुए भी दिख रहा है। इस बीच आरोपी हर्ष सिंह महिलाओं से गाली-गलौज करने लगा। तब पीड़ित ने कहा कि इस बुड्ढे को समझा लो। इस पर पत्नी कहती है कि जिस आदमी से वह बात कर रही है वह एक “बड़े पॉलिटिशियन” का बेटा है। तुम उसको बुड्ढा कैसे कह सकती हो। फिर आरोपी महिला कहती है कि तुम (पीड़ित) उसके साथ क्यों नहीं सोती? मेरे बेडरूम में जाओ। तुम्हें पता चल जाएगा कि वह कितने साल का है।” बहस के दौरान आरोपी महिला पीड़ित के पास पहुंच गई। इस दौरान पीड़त जोर से चिल्लाने लगी। मामले पर किसने क्या कहा… अरुणाचल प्रदेश CM पेमा खांडू: हमारी तीन जवान बहनों के साथ हुई नस्लभेदी गाली-गलौज की शर्मनाक घटना की कड़ी निंदा करता हूं। ऐसा व्यवहार बिल्कुल मंज़ूर नहीं है और हमारे समाज में इसकी कोई जगह नहीं है। मैंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ऑफ़ पुलिस से बात की और जल्दी और सख्त कार्रवाई की मांग की। मेघालय CM कॉनराड के संगमा: अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और आपराधिक धमकी मंज़ूर नहीं है, भारत जैसे विविधता वाले देश में अपमान का कोई बहाना नहीं है। कांग्रेस MP गौरव गोगोई: अरुणाचली महिलाओं के साथ नस्लभेदी दुर्व्यवहार गलत है, अधिकारी इसपर तुरंत कार्रवाई करें और शिकायत करने वालों को पूरी सुरक्षा दें। सिक्किम CM प्रेम सिंह तमांग: अरुणाचल की तीन महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव की हालिया घटना निंदनीय है। ये घटना चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया: इस घटना से बहुत परेशान हूं। घर के एक छोटे से मामले का भेदभाव से जुड़ी गाली-गलौज और धमकी में बदल जाना बहुत शर्मनाक है। ————– ये खबर भी पढ़ें… असम-बॉयफ्रेंड के सामने 7 लोगों ने महिला का रेप किया:₹10 हजार ट्रांसफर कराए, 2 गिरफ्तार AI Generated असम के कछार जिले के सिलचर शहर के पास एक 28 साल की महिला का उसके बॉयफ्रेंड के सामने 7 लोगों ने गैंगरेप किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में शिकायत 19 फरवरी को दर्ज कराई गई थी। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि रेप के बाद एक आरोपी ने महिला से 10 हजार रुपए उसके खाते में ट्रांसफर कराए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Shiney Ahuja Rape Case Controversial Story Maid Mumbai Police and verdict

5 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के शाइनी आहूजा रेप केस के पार्ट-1 में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे शाइनी पर उनकी मेड ने रेप के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। शाइनी आहूजा ने पुलिस कस्टडी में माना कि उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन ये मेड की रजामंदी से हुआ था। रेप की बात उन्हें फंसाने के लिए की गई थी। केस में नया मोड़ तब आया, जब शाइनी ने कहा कि मेड उनसे प्यार करती थी। अब पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- पड़ोसी का दावा- नहीं सुनी चीखों की आवाज केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुपम के साथ उनकी वो पड़ोसी भी शामिल थीं, जिनके नाम से चीखें सुने जाने का दावा किया गया। उन्होंने मीडिया के सामने साफ कहा कि पुलिस ने उनका स्टेटमेंट नहीं लिया है और न ही उन्होंने किसी से इस तरह का कुछ कहा है। शाइनी बोले- मेड मुझसे प्यार करती थी इस दौरान पुलिस कस्टडी में शाइनी आहूजा ने कहा कि उनकी मेड उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है। उनके बीच शारीरिक संबंध मर्जी से बने। घटना से एक रोज पहले ही मेड उन्हें बार-बार कॉल कर रही थी, क्योंकि वो उनसे प्यार करने का दावा करती थी। लेकिन संबंध बनाने के बाद वो ब्लैकमेल करने लगी और फिर बाद में झूठी शिकायत दर्ज करवाई। दूसरी मेड ने दिया शाइनी के पक्ष में बयान शाइनी आहूजा के घर शिकायतकर्ता के अलावा एक और मेड काम करती थीं, जिनका नाम था संगीता। पुलिस ने उनका स्टेटमेंट भी लिया। उनके बयान के अनुसार, वो दोपहर करीब 1 बजे ही चर्च के लिए निकली थीं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि शाइनी एक अच्छे इंसान हैं। अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के साथ जेल में रहे शाइनी आहूजा गिरफ्तारी के बाद शाइनी आहूजा को अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के साथ सेल में रखा गया था। वो जेल में वर्कआउट करते और साथी कैदियों के साथ अच्छा व्यवहार रखते थे। शाइनी और अबू सलेम का एक ही सेल में रहना काफी अटपटा था, क्योंकि जेल जाने से कुछ समय पहले ही शाइनी आहूजा ने फिल्म गैंगस्टर में काम किया था, जो डॉन अबू सलेम पर ही आधारित थी। जेल के सूत्रों के अनुसार, अबू सलेम को फिल्म गैंगस्टर पसंद आई थी, ऐसे में उनका एक्टर के लिए सॉफ्ट कॉर्नर था। जून में हुई गिरफ्तारी अक्टूबर में मिली बेल कई बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद शाइनी आहूजा को 1 अक्टूबर 2009 को बॉम्बे हाईकोर्ट से बेल मिली। उनके वकील ने कोर्ट में तर्क दिया- शाइनी के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत में रेप की जगह अत्याचार शब्द इस्तेमाल हुआ है। अत्याचार और रेप काफी अलग हैं। जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। ऐसे में न तो कस्टोडियल इंटेरोगेशन की जरूरत है और न ही सबूतों से छेड़छाड़ होने का खतरा है। इसलिए आरोपी को अब जेल में रखने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जाता, तो इसका मतलब होगा कि उसे सजा मिलने से पहले ही सजा दी जा रही है। 26 जून 2009 को आई मेडिकल रिपोर्ट में कहीं इस बात का जिक्र नहीं था कि शिकायतकर्ता के प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान हैं। हालांकि बाद में प्राइवेट पार्ट और हायमन के लोकल एग्जामिनेशन में सामने आया कि 3 ओ क्लोक और 9 ओ क्लोक टियर होने के निशान मेडिकल टेस्ट के दौरान हील हो चुके थे। शिकायतकर्ता और शाइनी आहूजा के कपड़ों, कमरे की बेडशीट, रजाई और पर्दों में भी खून के कोई निशान नहीं मिले थे। शिकायतकर्ता के कपड़ों में जो खून के निशान थे, वो काफी पुराने थे, जिन्हें कई बार धोया जा चुका था। वकील बोले- अगर पीड़िता ने चीखा तो पुलिस ने पड़ोसियों का बयान क्यों नहीं लिया सुनवाई के दौरान शाइनी के वकील ने ये भी कहा कि शिकायतकर्ता ने कहा था कि रेप होने के समय वो काफी चीख रही थीं। बिल्डिंग की हर मंजिल पर चार फ्लैट हैं। इसलिए जांच अधिकारी का यह फर्ज था कि वह आसपास के फ्लैट में रहने वाले लोगों से पूछताछ करते और उनके बयान दर्ज करते। शाइनी के बेडरूम की एक दीवार पड़ोसी के फ्लैट से जुड़ी हुई है। अगर पुलिस ने पड़ोसियों के बयान लिए होते, तो पता चल सकता था कि पीड़िता सच में चिल्लाई थी या नहीं। साथ ही वकील ने कहा कि पुलिस ने जांच सही और निष्पक्ष तरीके से नहीं की। वकील ने ये भी कहा कि सबसे पहले तो यह साबित ही नहीं होता कि शारीरिक संबंध बने थे। और अगर बने भी हों, तो यह भी संभव है कि वह पीड़िता की सहमति से बने हों। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी कोर्ट द्वारा लगाई जाने वाली हर शर्त को मानने के लिए तैयार है। सेशंस जज ने पहले ही यह माना है कि आरोपी के भागने की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि वो एक एक्टर हैं और उनका घर भी मुंबई में ही है। फिर भी सेशंस जज ने जमानत इसलिए नहीं दी, क्योंकि उन्हें लगा कि आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। आरोपी की तरफ से कहा गया कि वह दिल्ली में अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए तैयार है, जिससे सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो जाएगी। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि मेडकिल रिपोर्ट में साफ है कि पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए हैं। साथ ही उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि संबंध उनकी मर्जी से नहीं बनाए गए। इस पर शाइनी के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता एक मेड हैं। रोज के काम करते हुए शरीर पर कई चोट लगती हैं,
Shiney Ahuja Rape Case Controversial Story Maid Mumbai Police and verdict

2 घंटे पहलेलेखक: ईफत कुरैशी और वर्षा राय कॉपी लिंक बॉलीवुड क्राइम फाइल्स के शाइनी आहूजा रेप केस के पार्ट-1 में अब तक आपने पढ़ा कि कैसे शाइनी पर उनकी मेड ने रेप के आरोप लगाए, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई। शाइनी आहूजा ने पुलिस कस्टडी में माना कि उन्होंने मेड के साथ शारीरिक संबंध बनाए, लेकिन ये मेड की रजामंदी से हुआ था। रेप की बात उन्हें फंसाने के लिए की गई थी। केस में नया मोड़ तब आया, जब शाइनी ने कहा कि मेड उनसे प्यार करती थी। अब पार्ट-2 में जानिए आगे की कहानी- पड़ोसी का दावा- नहीं सुनी चीखों की आवाज केस चर्चा में था तभी एक अखबार में दावा किया गया कि शाइनी के खिलाफ पुलिस को कई सबूत मिले हैं। दावा था कि शाइनी की पड़ोसी ने उस रोज मेड की चीखों की आवाजें सुनी थीं। इन दावों के बीच शाइनी आहूजा की पत्नी अनुपम आहूजा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर साफ कहा कि उनके पति निर्दोष हैं, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अनुपम के साथ उनकी वो पड़ोसी भी शामिल थीं, जिनके नाम से चीखें सुने जाने का दावा किया गया। उन्होंने मीडिया के सामने साफ कहा कि पुलिस ने उनका स्टेटमेंट नहीं लिया है और न ही उन्होंने किसी से इस तरह का कुछ कहा है। शाइनी बोले- मेड मुझसे प्यार करती थी इस दौरान पुलिस कस्टडी में शाइनी आहूजा ने कहा कि उनकी मेड उन्हें फंसाने की कोशिश कर रही है। उनके बीच शारीरिक संबंध मर्जी से बने। घटना से एक रोज पहले ही मेड उन्हें बार-बार कॉल कर रही थी, क्योंकि वो उनसे प्यार करने का दावा करती थी। लेकिन संबंध बनाने के बाद वो ब्लैकमेल करने लगी और फिर बाद में झूठी शिकायत दर्ज करवाई। दूसरी मेड ने दिया शाइनी के पक्ष में बयान शाइनी आहूजा के घर शिकायतकर्ता के अलावा एक और मेड काम करती थीं, जिनका नाम था संगीता। पुलिस ने उनका स्टेटमेंट भी लिया। उनके बयान के अनुसार, वो दोपहर करीब 1 बजे ही चर्च के लिए निकली थीं। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि शाइनी एक अच्छे इंसान हैं। अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के साथ जेल में रहे शाइनी आहूजा गिरफ्तारी के बाद शाइनी आहूजा को अंडरवर्ल्ड डॉन अबू सलेम के साथ सेल में रखा गया था। वो जेल में वर्कआउट करते और साथी कैदियों के साथ अच्छा व्यवहार रखते थे। शाइनी और अबू सलेम का एक ही सेल में रहना काफी अटपटा था, क्योंकि जेल जाने से कुछ समय पहले ही शाइनी आहूजा ने फिल्म गैंगस्टर में काम किया था, जो डॉन अबू सलेम पर ही आधारित थी। जेल के सूत्रों के अनुसार, अबू सलेम को फिल्म गैंगस्टर पसंद आई थी, ऐसे में उनका एक्टर के लिए सॉफ्ट कॉर्नर था। जून में हुई गिरफ्तारी अक्टूबर में मिली बेल कई बार जमानत याचिका खारिज होने के बाद शाइनी आहूजा को 1 अक्टूबर 2009 को बॉम्बे हाईकोर्ट से बेल मिली। उनके वकील ने कोर्ट में तर्क दिया- शाइनी के खिलाफ दर्ज की गई शिकायत में रेप की जगह अत्याचार शब्द इस्तेमाल हुआ है। अत्याचार और रेप काफी अलग हैं। जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी दाखिल हो चुकी है। ऐसे में न तो कस्टोडियल इंटेरोगेशन की जरूरत है और न ही सबूतों से छेड़छाड़ होने का खतरा है। इसलिए आरोपी को अब जेल में रखने की कोई जरूरत नहीं है। अगर आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया जाता, तो इसका मतलब होगा कि उसे सजा मिलने से पहले ही सजा दी जा रही है। 26 जून 2009 को आई मेडिकल रिपोर्ट में कहीं इस बात का जिक्र नहीं था कि शिकायतकर्ता के प्राइवेट पार्ट में चोट के निशान हैं। हालांकि बाद में प्राइवेट पार्ट और हायमन के लोकल एग्जामिनेशन में सामने आया कि 3 ओ क्लोक और 9 ओ क्लोक टियर होने के निशान मेडिकल टेस्ट के दौरान हील हो चुके थे। शिकायतकर्ता और शाइनी आहूजा के कपड़ों, कमरे की बेडशीट, रजाई और पर्दों में भी खून के कोई निशान नहीं मिले थे। शिकायतकर्ता के कपड़ों में जो खून के निशान थे, वो काफी पुराने थे, जिन्हें कई बार धोया जा चुका था। वकील बोले- अगर पीड़िता ने चीखा तो पुलिस ने पड़ोसियों का बयान क्यों नहीं लिया सुनवाई के दौरान शाइनी के वकील ने ये भी कहा कि शिकायतकर्ता ने कहा था कि रेप होने के समय वो काफी चीख रही थीं। बिल्डिंग की हर मंजिल पर चार फ्लैट हैं। इसलिए जांच अधिकारी का यह फर्ज था कि वह आसपास के फ्लैट में रहने वाले लोगों से पूछताछ करते और उनके बयान दर्ज करते। शाइनी के बेडरूम की एक दीवार पड़ोसी के फ्लैट से जुड़ी हुई है। अगर पुलिस ने पड़ोसियों के बयान लिए होते, तो पता चल सकता था कि पीड़िता सच में चिल्लाई थी या नहीं। साथ ही वकील ने कहा कि पुलिस ने जांच सही और निष्पक्ष तरीके से नहीं की। वकील ने ये भी कहा कि सबसे पहले तो यह साबित ही नहीं होता कि शारीरिक संबंध बने थे। और अगर बने भी हों, तो यह भी संभव है कि वह पीड़िता की सहमति से बने हों। वकील ने यह भी कहा कि आरोपी कोर्ट द्वारा लगाई जाने वाली हर शर्त को मानने के लिए तैयार है। सेशंस जज ने पहले ही यह माना है कि आरोपी के भागने की कोई संभावना नहीं है, क्योंकि वो एक एक्टर हैं और उनका घर भी मुंबई में ही है। फिर भी सेशंस जज ने जमानत इसलिए नहीं दी, क्योंकि उन्हें लगा कि आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है। आरोपी की तरफ से कहा गया कि वह दिल्ली में अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए तैयार है, जिससे सबूतों से छेड़छाड़ की संभावना खत्म हो जाएगी। सुनवाई के दौरान सरकारी वकील ने कहा कि मेडकिल रिपोर्ट में साफ है कि पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाए गए हैं। साथ ही उनके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं, जिससे साफ है कि संबंध उनकी मर्जी से नहीं बनाए गए। इस पर शाइनी के वकील ने कहा कि शिकायतकर्ता एक मेड हैं। रोज के काम करते हुए शरीर पर कई चोट लगती हैं,
Delhi Police Constable Accused of Murdering Neighbor at Wedding in Wazirabad | Parliament Housekeeping Staff Ashish Shot Dead Over Dispute | शादी की जश्न में डूबा था परिवार, तभी ठायं-ठायं से मच गया हड़कंप, घर में पसर गया मातम

Last Updated:February 23, 2026, 23:04 IST दिल्ली के वजीराबाद इलाके में एक शादी की जश्न में मातम पसर गया. आपसी दुश्मनी में एक 24 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई. वह संसद भवन में हाउसकीपिंग कंपनी में काम करता था. मुख्य आरोपी प्रवेश दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल है और पीड़ित का पड़ोसी है. पीड़ित को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया. दिल्ली पुलिस ने अपने ही अधिकारी की भूमिका की जांच शुरू कर दी है. पुरानी रंजिश की वजह से शादी के घर में पसरा मातम (सांकेतिक तस्वीर) नई दिल्ली. राजधानी के वजीराबाद इलाके की गली नंबर 14 रविवार रात गोलियों की तड़तड़ाहट से दहल उठी. उत्तर प्रदेश के बागपत से आई एक बारात में शामिल होने आए 24 वर्षीय युवक आशीष की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई. इस सनसनीखेज वारदात को अंजाम देने का आरोप दिल्ली पुलिस में तैनात एक सिपाही प्रवेश पर लगा है. आशीष दिल्ली में पार्लियामेंट हाउसकीपिंग का काम करने वाली एक निजी कंपनी में कार्यरत था. मृतक आशीष और आरोपी प्रवेश दोनों उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के कत्था गांव के रहने वाले हैं और आपस में पड़ोसी हैं. परिजनों के अनुसार, दोनों के बीच रंजिश का सिलसिला रविवार सुबह गांव में हुई घुड़चढ़ी के दौरान शुरू हुआ था. आरोप है कि उस समय भी प्रवेश ने आशीष को जान से मारने की धमकी दी थी और हवा में फायरिंग की थी. हालांकि, गांव के बड़े-बुजुर्गों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करा दिया था और पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई. बारात में आमना-सामना और कत्ल रविवार रात जब दोनों पक्ष वजीराबाद में बारात के साथ पहुंचे, तो एक बार फिर इनके बीच कहासुनी शुरू हो गई. देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि प्रवेश ने अपना आपा खो दिया और आशीष पर गोली चला दी. गोली आशीष के शरीर के आर-पार हो गई. लहूलुहान हालत में आशीष को तुरंत पास के ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल आशीष की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया है. परिजनों का कहना है कि अगर सुबह गांव में हुई घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई होती, तो शायद आज आशीष जीवित होता. उन्होंने आरोपी सिपाही प्रवेश के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है. पुलिस की कार्रवाई दिल्ली पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है. पुलिस के आला अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है और आरोपी चाहे विभाग का ही क्यों न हो, उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल आरोपी की तलाश में छापेमारी की जा रही है और वजीराबाद में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. About the Author Deep Raj Deepak दीप राज दीपक 2022 में न्यूज़18 से जुड़े. वर्तमान में होम पेज पर कार्यरत. राजनीति और समसामयिक मामलों, सामाजिक, विज्ञान, शोध और वायरल खबरों में रुचि. क्रिकेट और मनोरंजन जगत की खबरों में भी दिलचस्पी. बनारस हिंदू व…और पढ़ें First Published : February 23, 2026, 23:04 IST
इंस्टाग्राम पर स्टंटबाजी का वीडियो देखकर पुलिस ने लिया उठा, दिल्ली में रील्स बनाने वाले अब हो जाएं सावधान | delhi police action after dwarka scorpion accident sahil death new usmanpur instagram complaint reckless 3 bikers arrested

नई दिल्ली. देश की राजधानी दिल्ली में कुछ दिन पहले रील्स बनाने के चक्कर में एक भयानक हादसा हुआ था, जिसमें एक मां ने अपने इकलौते बेटे साहिल को खो दिया था. इस घटना के बाद अब दिल्ली पुलिस सतर्क हो गई है. देश की राजधानी में रील बनाने के चक्कर में यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले स्टंटबाजों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने बड़ा एक्शन शुरू कर दिया है. राजधानी में रील बनाने के चक्कर में हो रही मौतों के बाद दिल्ली पुलिस हरकत में आ गई है. दिल्ली के नॉर्थ-ईस्ट के न्यू उस्मानपुर थाना पुलिस ने इंस्टाग्राम पर मिली एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार किया है, जो अपनी जान जोखिम में डालकर सड़कों पर खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. पुलिस ने न केवल आरोपियों को पकड़ा, बल्कि वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिलों को भी जब्त कर लिया है. आजकल के युवा सोशल मीडिया पर लोकप्रियता पाने के लिए सड़कों पर स्टंटबाजी करते हैं, जो न केवल उनके लिए बल्कि राहगीरों के लिए भी जानलेवा साबित होती है. न्यू उस्मानपुर पुलिस को इंस्टाग्राम के माध्यम से एक वीडियो और शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें कुछ युवक सार्वजनिक सड़क पर बेहद खतरनाक तरीके से बाइक चला रहे थे. इंस्टाग्राम से मिला सुराग और एक्शन डीसीपी उत्तर-पूर्वी जिला आशीष मिश्रा के निर्देश और एसएचओ राजेंदर कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई. पुलिस ने डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा करते हुए आरोपियों की पहचान की और उनके खिलाफ एफआईआर नंबर 111/26 दर्ज की. आरोपियों की प्रोफाइल पुलिस ने इस मामले में खजूरी खास इलाके के रहने वाले तीन युवकों को दबोचा है. 22 साल के तुषार पुनिया, 20 साल का तनिष्क मावी और 20 साल पुष्पेंद्र को गिरफ्तार किया गया है. ये तीनों युवक खजूरी खास के रहने वाले हैं और अक्सर न्यू उस्मानपुर और आसपास के इलाकों में स्टंटबाजी करते देखे जाते थे. हथियार बनी सोशल मीडिया, जब्त हुई बाइकें जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि इनमें से दो मोटरसाइकिलें पहले ही एक अन्य मामले (FIR No. 101/26) में जब्त की जा चुकी थीं, जिनका संबंध इसी तरह की लापरवाही भरी ड्राइविंग से था. ताजा मामले में पुष्पेंद्र की एक और मोटरसाइकिल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है. पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना), 125(A) और मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं (194D, 38, 192) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. डीसीपी आशीष मिश्रा ने बताया कि पुलिस अब सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय है. अगर कोई भी व्यक्ति ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करता है या स्टंटबाजी कर दूसरों की जान खतरे में डालता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने जनता से अपील की कि वे ऐसे किसी भी कृत्य को देखते ही पुलिस को सोशल मीडिया या हेल्पलाइन के माध्यम से सूचित करें.
andhra pradesh vs bihar police : IPS Sunil Nayak Arrest | कौन है यह IPS अधिकारी, जिसको लेकर आंध्र प्रदेश और बिहार में शुरू हो गया ‘ऐलान-ऐ-जंग’, कौन गलत कौन सही?

पटना. बिहार कैडर के 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी सुनील नायक की गिरफ्तारी को लेकर आंध्र प्रदेश और बिहार आमने-सामने आ गए हैं. बिहार की राजधानी पटना में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब आंध्र प्रदेश पुलिस की एक विशेष टीम ने बिहार फायर सर्विस विभाग के आईजी सुनील नायक के आवास पर छापेमारी की और उन्हें गिरफ्तार कर लिया. यह गिरफ्तारी साल 2021 के एक पुराने मामले से जुड़ी है, जिसमें आरोप है कि तत्कालीन सीआईडी में तैनाती के दौरान सुनील नायक ने टीडीपी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान विधानसभा उपाध्यक्ष के. रघुरमा कृष्ण राजू को हिरासत के दौरान बुरी तरह प्रताड़ित किया था. सोमवार को आंध्र प्रदेश पुलिस ने आईजी सुनील नायक को आईपीसी की धारा 307 हत्या के प्रयास के मामले में गिरफ्तार किया था. लेकिन पटना सिविल कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की दलील को मानने से इंकार करते हुए नायक को ट्रांजिट रिमांड नामंजूर कर दिया. ऐसे में बड़ा सवाल आंध्र प्रदेश पुलिस इतनी जल्दबाजी में एक आईपीएस अधिकारी पर एक्शन क्यों लिया? क्यों नायक की गिरफ्तारी से पहले उन्हें सूचना नहीं दी गई? क्या यह मामला राजनीति से प्रेरित है? क्या एक आईपीएस अधिकारी की गिरफ्तारी से पहले केंद्र सरकार को सूचना दी गई थी? दरअसल आंध्रप्रदेश पुलिस ने जिस अंदाज में सोमवार को पटना पहुंचकर फायर विभाग के आईजी सुनील कुमार नायक को गिरफ्तार किया था, उस तरीके को कोर्ट ने गलत करार दिया है. कोर्ट ने आईजी सुनील कुमार नायक की गिरफ्तारी को ही अवैध ठहरा दिया है. कोर्ट ने आंध्र प्रदेश पुलिस की ट्रांजिट रिमांड याचिका को खारिज कर दिया है. ट्रांजिट रिमांड के लिए आंध्र प्रदेश पुलिस ने आवेदन किया था, लेकिन आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं किए जाने के कारण पटना सिविल कोर्ट ने इसे स्वीकार नहीं किया. क्या है रघुरमा कृष्ण राजू मामला? यह मामला मई 2021 का है, जब आंध्र प्रदेश में जगन मोहन रेड्डी की सरकार थी. उस समय रघुरमा कृष्ण राजू वाईएसआर कांग्रेस के सांसद थे, लेकिन उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था. सीआईडी ने उन्हें देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया था. नायक उस समय आंध्र प्रदेश में सीआईडी में तैनात थे. राजू का आरोप है कि हिरासत के दौरान पुलिस ने उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया और उनके पैरों के तलवों पर लाठियों से प्रहार किया. नायक के वकील का दावा नायक के वकील का दावा है कि साल 2024 में आंध्र प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद राजू ने प्रतिनियुक्ति पर आए सुनील नायक सहित कई अधिकारियों और पूर्व मुख्यमंत्री जगन रेड्डी के खिलाफ हत्या के प्रयास और हिरासत में प्रताड़ना का केस दर्ज करा दिया. क्योंकि राजू अब टीडीपी में हैं औऱ विधानसभा के उपाध्यक्ष हैं. राज्य में चंद्रबाबू नायडु की सरकार है और एनडीए में होने के कारण उनका नीतीश कुमार से साथ भी रिश्ता अच्छा है. ऐसे में यह मामला राजनीतिक पुर्वाग्रह से ग्रस्त नजर आ रहा है. आईपीएस को लेकर बिहार और आंध्र प्रदेश में टकराव सुनील नायक 2005 बैच के बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं. प्रतिनियुक्ति खत्म होने के बाद वे वापस अपने मूल कैडर बिहार लौट आए थे. आंध्र पुलिस की इस अचानक कार्रवाई से बिहार पुलिस महकमे में नाराजगी देखी गई. छापेमारी के दौरान पटना के स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद थे, लेकिन बिहार पुलिस के कई आला अधिकारियों का मानना है कि एक सीनियर आईपीएस के खिलाफ ऐसी कार्रवाई के लिए प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया. नायक के वकील ने आंध्र प्रदेश पुलिस पर राजनीतिक द्वेष के तहत काम करने का आरोप लगाया है. वकील का तर्क है कि नायक को केवल इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उन्होंने उस समय अपनी ड्यूटी निभाई थी. गिरफ्तारी से पहले कोई नोटिस नहीं दिया गया और न ही बिहार सरकार से आवश्यक अनुमति ली गई. वकील ने आरोप लगाया कि आंध्र पुलिस ने नायक के साथ अपराधी जैसा व्यवहार किया, जो एक सेवारत आईजी रैंक के अधिकारी की गरिमा के खिलाफ है.
19 साल की लड़की दिल्ली के लड़के के जाल में कैसे फंसी? कहानी उस ‘बुलबुल’ की, जिससे हिला पूरा देश | gurugram horror story tripura biotech 19 year girl student with boyfriend love thriller haryana police investigation

गुरुग्राम. त्रिपुरा की 19 की साल की एक लड़की के साथ गुरुग्राम में जो घटना घटी है, उसकी चर्चा चारों तरफ हो रही है. पुलिस जांच कर रही है कि यह घटना क्यों और कैसे हुई? पुलिस की शुरुआती पूछताछ में जो जानकारी मिली है, वह हैरान करने वाले हैं. यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है, लेकिन इसका हर हिस्सा कड़वा और खौफनाक सच है. यह कहानी है त्रिपुरा की एक 19 वर्षीय छात्रा की, जिसने अपनी आंखों में बायोटेक इंजीनियर बनने का सपना संजोया था. लेकिन उसे क्या पता था कि जिस साइबर सिटी गुरुग्राम को वह अपने सपनों का शहर मान रही थी, वहीं उसकी जिंदगी का सबसे भयानक ‘हॉरर चैप्टर’ शुरू होने वाला है. सितंबर महीने में लड़की की ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर एक लड़के से दोस्ती हुई और फरवरी महीने में ही उसका दर्दनाक अंत हो गया. गुरुग्राम पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि सितंबर 2025 में एक ऑनलाइन एप पर दोनों की बातचीत शुरू हुई. दोनों में पहले सिर्फ हाय-हैलो हुआ फिर लेकिन धीरे-धीरे बातचीत लंबी होती चली गई. लड़की नॉर्थ ईस्ट के त्रिपुरा से थी और गुरुग्राम के नामी यूनिवर्सिटी में बायोटेक्नोलॉजी की पढ़ाई कर रही थी. वहीं, लड़का दिल्ली के नरेला इलाके का था. दोनों एक ही उम्र के थे. ऐसे में दोस्ती जल्द ही नजदीकियों में बदल गई. मुलाकातें बढ़ीं और फिर दोनों ने गुरुग्राम के सेक्टर-69 स्थित एक पीजी में साथ रहना शुरू कर दिया. यहां तक की दोनों परिवारों तक इसकी बात पहुंची और दोनों की शादी की चर्चा भी होने लगी. सब कुछ सामान्य दिख रहा था. लेकिन अचानक लड़के को लड़की पर शक होने लगा. इसके बाद दोनों में टकराव शुरू हो गया. सितंबर में दोस्ती और फरवरी में उसका खौफनाक अंत शक की एक हल्की सी चिंगारी ने शिवम के भीतर के राक्षस को जगा दिया. सस्पेंस तब गहराया जब युवती ने बाहरी दुनिया से संपर्क करना बंद कर दिया. पिछले 3 दिनों से उसे एक कमरे में बंधक बना लिया गया था. शिवम ने उस पर हमला किया, उसे पीटा और उसे हर पल मौत का अहसास कराया. कमरे के भीतर जो हो रहा था, उसकी भनक पड़ोसियों तक को नहीं थी. गुरुग्राम में हॉरर की वो रात 16 फरवरी की रात इस कहानी का सबसे वीभत्स मोड़ लेकर आई. शिवम की सनक इस कदर बढ़ गई कि उसने युवती के शरीर पर ज्वलनशील सैनिटाइजर छिड़क दिया. इससे पहले कि युवती कुछ समझ पाती, उसने उसके प्राइवेट पार्ट्स में आग लगा दी. युवती दर्द से चीखती रही, लेकिन आरोपी शिवम रहम दिखाने के बजाय अपने मोबाइल फोन से इस पूरी हैवानियत का वीडियो बना रहा था. वह इस मंजर का आनंद ले रहा था जैसे वह कोई फिल्म शूट कर रहा हो. एक फोन कॉल पर एक्शन लेकिन कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. रात करीब 10 बजे, जब शिवम थोड़ी देर के लिए कमरे से बाहर गया, युवती ने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को फोन लगाया. हजारों किलोमीटर दूर त्रिपुरा में बैठी मां ने जब बेटी की थरथराती आवाज सुनी. ‘मां, वह मुझे मार डालेगा, उसने मुझे जला दिया है, बचा लो मां…’ तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई. लड़की ने बंगाली भाषा में मां से यह सारी बातें की. बंग्ला ने बचा ली जान मां ने बिना समय गंवाए त्रिपुरा पुलिस और फिर गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी. दिल्ली और गुरुग्राम पुलिस ने लोकेशन ट्रेस की और जैसे ही पुलिस ने फ्लैट का दरवाजा तोड़ा, अंदर का मंजर देखकर अनुभवी अफसरों की भी रूह कांप गई. युवती अधजली हालत में फर्श पर तड़प रही थी और आरोपी वहीं छिपा हुआ था. आरोपी शिवम फरार हो गया लेकिन गुरुग्राम पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पीड़िता को तुरंत दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया, जहां वह गंभीर हालत में अपनी जिंदगी के लिए लड़ रही है. पुलिस ने शिवम के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सख्त धाराओं में केस दर्ज किया है. वह वीडियो भी पुलिस के हाथ लग गया है, जो इस दरिंदगी का सबसे बड़ा सबूत बनेगा. इस कहानी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि ऑनलाइन दुनिया के पीछे छिपे चेहरों की पहचान करना कितना जरूरी है. एक मां की सजगता और पुलिस की तत्परता ने एक जान तो बचा ली, लेकिन उस मासूम के मन पर लगे जख्म शायद कभी नहीं भर पाएंगे.
कौन है बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर शाह, जो हाफिज सईद और लखवी के संपर्क में था? जानें कैसे हुई गिरफ्तारी | delhi police special cell lashkar module bangladesh handler shabbir ahmed lone with 8 terrorist arrest from kolkata

होमताजा खबरDelhi कौन है बांग्लादेशी हैंडलर शब्बीर शाह, जो हाफिज सईद और लखवी के संपर्क में था? Last Updated:February 22, 2026, 17:56 IST दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा के एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है. बांग्लादेश से संचालित इस गिरोह ने दिल्ली के कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन पर देश विरोधी पोस्टर लगाए थे. पुलिस ने कोलकाता और तमिलनाडु से 8 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जो फिदायीन हमले की फिराक में थे. गिरफ्तार आतंकी में 6 बांग्लादेशी हैं. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 8 आतंकी को गिरफ्तार किया. नई दिल्ली. पाकिस्तानी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली सहित देश के कई बड़े शहरों को दहलाने की साजिश रच रहा है. भारतीय एजेंसियां इसको लेकर हाई अलर्ट पर है. इस बीच रविवार को दिल्ली पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के एक ऐसे मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है, जिसे बांग्लादेश में बैठा एक पुराना आतंकी हैंडलर संचालित कर रहा था. इस मॉड्यूल के तार दिल्ली से लेकर कोलकाता और तमिलनाडु तक फैले हुए थे. स्पेशल सेल की पूछताछ में पता चला है कि जिन 8 आतंकियों की गिरफ्तारी हुई है, उस मॉड्यूल का हैंडलर शब्बीर शाह पाकिस्तान में बैठे हाफिज सईद और 26/11 हमलों का मास्टरमाइंड जकीउर रहमान लखवी के संपर्क में था. एडिशनल सीपी स्पेशल सेल प्रमोद कुमार कुशवाहा ने इस पूरे ऑपरेशन की जानकारी देते हुए बताया कि कैसे एक पोस्टर से शुरू हुई जांच ने देशव्यापी आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया. दिल्ली पुलिस के मुताबिक, साजिश का खुलासा 7 फरवरी 2026 को हुआ, जब दिल्ली के कश्मीरी गेट मेट्रो स्टेशन और आसपास के कुछ अन्य स्टेशनों के पिलरों पर देश विरोधी और आतंकी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले पोस्टर चिपके पाए गए. सीआईएसएफ की नजर इन पोस्टरों पर पड़ी, जिसके बाद दिल्ली पुलिस की मेट्रो यूनिट और स्पेशल सेल को अलर्ट किया गया. जांच शुरू हुई तो पता चला कि यह किसी शरारती तत्व का काम नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी मनोवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा था. कोलकाता में गिरफ्तारी और मुख्य हैंडलर का खुलासा स्पेशल सेल की टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर कोलकाता में छापेमारी की. वहां स्थानीय पुलिस की मदद से दो संदिग्धों उमर फारूक और एक बांग्लादेशी नागरिक रोबिल उल इस्लाम को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन दोनों को निर्देश बांग्लादेश में बैठा शब्बीर अहमद लोन दे रहा था. #WATCH | Delhi | Additional CP, Special Cell, Pramod Kumar Kushwaha says, “A total of eight people have been arrested in this case. Seven of them are Bangladeshi nationals. The arrest of the initial two persons was done on the 15th. On the 7th of February, anti-national posters… https://t.co/XDJ6DLwqpW pic.twitter.com/pRdIOgM4e2








