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Rajya Sabha Notice for CEC Gyanesh Kumar Removal

Rajya Sabha Notice for CEC Gyanesh Kumar Removal

नई दिल्ली38 मिनट पहले कॉपी लिंक मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष ने शुक्रवार को राज्यसभा में नोटिस दिया। इस पर 73 सांसदों के दस्तखत हैं। इससे पहले मार्च में विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में नोटिस दिया था। हालांकि लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और राज्यसभा सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इन नोटिसों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगाए गए आरोप उन्हें हटाने के लिए आवश्यक उच्च संवैधानिक मानदंडों को पूरा नहीं करते। 100 सांसदों के दस्तखत जरूरी लोकसभा में CEC को हटाने के प्रस्ताव के लिए कम से कम 100 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। राज्यसभा में इसके लिए कम से कम 50 सांसदों के हस्ताक्षर जरूरी होते हैं। कानून के अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने पर ही जांच समिति मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अन्य चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी होती है। जजेज (इन्क्वायरी) एक्ट 1968 के अनुसार, अगर दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाता है, तो जांच समिति तभी बनेगी जब दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाएंगे। ——————— ये खबर भी पढ़ें: मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की तैयारी में विपक्ष:दोबारा नोटिस देंगे, मार्च में एक बार खारिज हो चुका; अब 200 सांसदों का समर्थन जुटाएंगे मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए विपक्ष एक बार फिर कोशिश में जुटा है। सूत्रों के अनुसार, कई विपक्षी दलों के नेता आपस में बातचीत कर रहे हैं। करीब पांच सीनियर लीडर एक नए नोटिस का मसौदा तैयार करने पर काम कर रहे हैं, ताकि हटाने की कार्यवाही शुरू की जा सके। इससे पहले मार्च में विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में नोटिस दिया था। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

AAP MP Raghav Chadha Statement; Rajya Sabha Post Removal

AAP MP Raghav Chadha Statement; Rajya Sabha Post Removal

AAP नेताओं के सवाल उठाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने दूसरा वीडियो जारी किया। राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद सांसद राघव चड्ढा ने AAP के आरोपों का जवाब देते हुए दूसरा वीडियो जारी किया। राघव चड्ढा ने कहा कि कल से मेरे खिलाफ एक सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। एक ही भाषा, एक ही शब्द और एक जैसे आरोप लगाए जा रहे हैं। य . शुरुआत में मैंने सोचा कि मुझे जवाब नहीं देना चाहिए, लेकिन फिर लगा कि अगर किसी झूठ को 100 बार दोहराया जाए तो कुछ लोग उसे सच मान सकते हैं। इसलिए मैंने जवाब देने का फैसला किया। आम आदमी पार्टी ने मुझ पर तीन आरोप लगाए और कहा कि इनकी वजह से मुझे संसद में बोलने का मौका नहीं दिया जाएगा। मैं संसद में शोर मचाने, चिल्लाने, माइक तोड़ने या गाली देने नहीं जाता, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए जाता हूं। वीडियो के लास्ट में उन्होंने धुरंधर फिल्म का डायलॉग- घायल हूं, इसलिए घातक हूं कहते हुए चेतावनी दी। उधर, इससे पहले पंजाब के वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने राघव चड्ढा को कंप्रोमाइज्ड और धोखेबाज कहा। उन्होंने कहा कि पार्टी के कहने पर भी राघव ने राज्यसभा में एक भी पंजाब का मुद्दा नहीं उठाया। वहीं दिल्ली की पूर्व सीएम आतिशी ने कहा था कि वह मोदी के डार के कारण लंदन चले गए थे। AAP के आरोपों पर राघव चड्ढा ने ये बातें कहीं… मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चल रहा: राघव चड्ढा ने कहा कि कल से मेरे खिलाफ एक स्क्रिप्टेड कैंपेन चलाया जा रहा है। वही भाषा, वही बातें, वही आरोप। यह कोई को-इंसिडेंस नहीं, बल्कि एक को-ऑर्डिनेटेड अटैक है। पहले मुझे लगा कि मुझे इसका जवाब नहीं देना चाहिए। फिर लगा कि एक झूठ को सौ बार बोला जाए तो कहीं लोग मान न लें। इसलिए, मैंने सोचा कि जवाब दूं। AAP ने मेरी 3 गलतियां बताई: आम आदमी पार्टी ने 3 आरोप लगाते हुए कहा कि हम इन 3 वजहों से राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका नहीं दे रहे हैं। राघव चड्‌ढा के पार्लियामेंट में बोलने पर पाबंदी इसलिए लगाई गई, क्योंकि उन्होंने ये 3 गलतियां कीं। मैं एक-एक कर इन तीनों पर आपसे बात करना चहता हूं। पहली गलती वॉकआउट नहीं कहते: पहला आरोप कि जब अपोजिशन पार्लियामेंट से वॉक आउट करता है, तो राघव चड्‌ढा वहीं बैठे रहते हैं। वह वॉकआउट नहीं कहते। यह सरासर झूठ है। सफेद झूठ है। मैं चुनौती देता हूं कि एक भी दिन, एक भी इंसिडेंट ऐसा बता दीजिए, जब मैंने अपोजिशन का साथ न दिया हो। मैंने साथ में वॉकआउट न किया हो। पार्लियामेंट में तो सभी जगह सीसीटीवी कैमरे हैं। आप सीसीटीवी निकालकर दिखा दीजिए। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। दूसरा आरोप भी सफेद झूठ है: दूसरा आरोप है कि राघव चड्‌ढा ने मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने वाली याचिका पर साइन करने से इनकार कर दिया। दूसरा सफेद झूठ। न तो मुझे आम आदमी पार्टी के किसी नेता ने साइन के लिए कहा। न औपचारिक तौर पर और न ही अनौपचारिक तौर पर। राज्यसभा में आम आदमी पार्ट के कुल 10 सांसद हैं। उनमें से 6 से 7 सांसदों ने खुद ही उस मोशन पर साइन नहीं किया। तो भला इसमें मेरी क्या गलती है? खाली सारा दोष मुझपर ही क्यों मढ़ा जा रहा है? और इस मोशन के लिए राज्यसभा में केवल 50 सिग्नेचर ही चाहिए होते हैं। यानी 105 सांसदों में से केवल 50 सांसदों के सिग्नेचर से यह याचिका पूरी हो जाती। तो इतना शोर क्यों? तीसरा आरोप- डर गया, इसलिए वह बेकार मुद्दे उठाते: तीसरा आरोप, जो मुझपर लगाया गया है, वह यह था कि राघव चड्‌ढा डर गए हैं। इसलिए वह बेकार मुद्दे उठाते हैं। पहली बात मैं बता देना चाहता हूं कि मैं पार्लियामेंट में शोर मचाने, चीखने-चिल्लाने, गाली देने, माइक तोड़ने नहीं गया। मैं वहां जनता के मुद्दे उठाने गया हूं। लोगों की बात करने गया हूं। और मैंने कौन सा मुद्दा नहीं उठाया। मैंने जीएसटी से लेकर इनकम टैक्स की बात की। पंजाब के पानी से लेकर दिल्ली की हवा तक का मुद्दा उठाया। कैसे हमारे सरकारी स्कूलों से लेकर हेल्थ इंस्टीट्यूशन को मजबूत किया जाए? इंडियन रेलवे में कैसे पैसेंजर ट्रैवल करते हैं, उनकी समस्या रखी। यहां तक कि मेन्स्ट्रुअल हेल्थ, एक ऐसा मुद्दा जिसपर लोग बात करने से भी कतराते हैं, वह तक रखी। मेरे 4 साल के पार्लियामेंट ट्रैक को उठाकर देखिए: बेरोजगारी से लेकर महंगाई तक तमाम मुद्दे उठाए। आप मेरे 4 साल के पार्लियामेंट ट्रैक को उठाकर देखिए। मैं पार्लियामेंट में इंपैक्ट डालने गया हूं, रकस (हंगामा) पैदा करने नहीं गया हूं। जिस टैक्सपेयर के पैसे से यह पार्लियामेंट चलती है, उस टैक्सपेयर के मुद्दे उठाने मैं पार्लियामेंट गया हूं। अंत में मैं केवल इतना कहना चाहता हूं कि जो लोग मुझ पर झूठे आरोप लगा रहे हैं, इनके हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा। उनके हर सवाल का जवाब दिया जाएगा। क्योंकि मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं। जय हिंद चीमा ने राघव को लेकर ये बातें कहीं… पंजाब के एमएलए ने चुनकर राज्यसभा सदस्य बनाया: वित्त मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि राघव चड्‌ढा को पंजाब के एमएलए ने चुनकर राज्यसभा सदस्य बनाया, लेकिन उन्होंने पंजाब का एक भी मुद्दा राज्य सभा में नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि वो पंजाब के मुद्दों को उठाने से गुरेज करते रहे। पार्टी ने मुद्दे उठाने के लिए कहा था: उन्होंने कहा कि राज्य के एमएलए व आम आदमी पार्टी पंजाब ने उन्हें कहा था कि केंद्र सरकार ने पंजाब के आरडीएफ के 8500 करोड़ रुपए रोके हैं। इसके अलावा जीएसटी लागू होने से पंजाब को 60 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। वहीं जीएसटी 2 आने से राज्य को हर साल 5-6 हजार करोड़ का हर साल नुकसान हो रहा है। बाढ़ के वक्त भी नजर नहीं आए राघव: उन्होंने कहा कि उनसे अपील की गई थी कि इन मुद्दों को राज्य सभा में उठाया जाए। लेकिन एक भी मुद्दा उन्होंने नहीं उठाया। यही नहीं पंजाब में जब बाढ़ आई तो भारी नुकसान हुआ। राघव चड्ढा पंजाब के लोगों के साथ नहीं दिखे।

Iran Demands Sanctions Removal, US Non-Intervention Guarantee; War Continues for Compensation

Iran Demands Sanctions Removal, US Non-Intervention Guarantee; War Continues for Compensation

Hindi News International Iran Demands Sanctions Removal, US Non Intervention Guarantee; War Continues For Compensation तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान ने कहा है कि वह मौजूदा संघर्ष में पीछे हटने वाला नहीं है और जब तक उसे हुए नुकसान की भरपाई नहीं मिलती, तब तक जंग जारी रहेगी। ईरानी सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई के वरिष्ठ सैन्य सलाहकार मोहसिन रजेई ने कहा कि ईरान की शर्तें स्पष्ट हैं, सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाए जाएं और अमेरिका की ओर से भविष्य में किसी भी तरह की दखलंदाजी न करने की ठोस गारंटी दी जाए। रजाई ने टीवी पर जारी अपने बयान में कहा कि ईरानी सेना पूरी ताकत से ऑपरेशन चला रही है और देश का नेतृत्व नए सुप्रीम लीडर के तहत मजबूती से स्थिति संभाल रहा है। इससे पहले ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ भी कह चुके हैं कि देश के लोग हमलावरों को पूरी सजा देने की मांग कर रहे हैं। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा ने 16 मार्च को मोहसिन रजेई को अपना सलाहकार नियुक्त किया। इससे पहले वे रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के चीफ रह चुके हैं। (फाइल फोटो) रजेई बोले- युद्ध एक हफ्ते में खत्म हो सकता था मोहसिन रजेई ने कहा कि यह युद्ध एक हफ्ते के भीतर ही खत्म हो सकता था, लेकिन इजराइल की वजह से यह जारी रहा। रजाई के मुताबिक, अमेरिका युद्धविराम (सीजफायर) के लिए तैयार था और संघर्ष खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ रहा था। हालांकि, इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमले जारी रखने पर जोर दिया, जिससे जंग लंबी खिंच गई। उन्होंने दावा किया कि युद्ध के 15वें दिन के बाद अमेरिका को भी यह समझ आ गया था कि इस संघर्ष में जीत का कोई रास्ता नहीं है। ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें… ईरान ने सोमवार को एक वीडियो जारी किया, जिसमें जमीन के नीचे बने ठिकाने में कई मिसाइलें दिखाई गई। इसमें यह भी कहा गया है कि यह बस थोड़ी सी एक झलक है। ईरान ने सोमवार को मिसाइल पर स्पेनिश PM पर बयान लिखकर हमला किया। हाल ही में स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज ने कहा था कि स्पेन की नीति ‘युद्ध के खिलाफ’ है। इजराइल ने रविवार को लेबनान के लितानी नदी पर मौजूद अल-कासमिया ब्रिज को उड़ा दिया। इसकी वजह से दक्षिणी लेबनान का उत्तरी लेबनान से संपर्क टूट गया। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी रक्षा विभाग ने परिसर में मौजूद मीडिया ऑफिस बंद किया अमेरिका के रक्षा विभाग (पेंटागन) ने अपने परिसर में मौजूद मीडिया ऑफिस बंद करने का फैसला लिया है। यह कदम तब उठाया गया जब अदालत ने ट्रम्प प्रशासन के नए प्रेस क्रेडेंशियल नियमों को रद्द कर दिया। पिछले साल ट्रम्प प्रशासन ने नियम बनाया था कि रिपोर्टरों को प्रेस पास पाने के लिए एक दस्तावेज पर हस्ताक्षर करना होगा, जिसमें वे गोपनीय जानकारी प्रकाशित नहीं करने का वादा करें। इन नियमों को ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की ओर से दायर मुकदमे के बाद अदालत ने खारिज कर दिया। कोर्ट ने माना कि यह नियम पत्रकारों की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। पेंटागन के मुख्य प्रवक्ता सीन पार्नेल ने कहा कि अब कॉरेस्पॉन्डेंट्स कॉरिडोर को बंद किया जाएगा और मीडिया ऑफिस को किसी अन्य स्थान (एनेक्स) में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि पत्रकार अब भी प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हो सकेंगे और इंटरव्यू के लिए पेंटागन आ सकेंगे, लेकिन उन्हें भवन के अंदर अधिकारियों की निगरानी में रहना होगा। 15 मिनट पहले कॉपी लिंक दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री ने ईरानी विदेश मंत्री से बात की दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत की। ह्यून ने युद्ध और उसके वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर को लेकर चिंता जताई। चो ह्यून ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में तनाव कम करना बेहद जरूरी है और ईरान से जरूरी कदम उठाने की अपील की। उन्होंने ईरान से यह भी कहा कि स्ट्रेट में फंसे जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए, जिनमें दक्षिण कोरियाई कंपनियों के जहाज भी शामिल हैं। 23 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइली हमले में प्रोफेसर और उनके दो बच्चों की मौत ईरान की राजधानी तेहरान में एक हमले में एक प्रोफेसर और उनके दो बच्चों की मौत हो गई है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, यह हमला उनके घर को निशाना बनाकर किया गया। ईरान के अंग्रेजी न्यूज चैनल प्रेस टीवी ने मृतक की पहचान सईद शमगदरी के रूप में की है, जो ईरान यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर थे। रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में उनके बेटे मोहम्मद और बेटी रेहानेह की भी मौत हो गई। विश्वविद्यालय ने इस घटना पर शोक जताते हुए इसे त्रासदी बताया है। इजराइली हमले में प्रोफेसर सईद शमगदरी और उनके दो बच्चों की मौत हो गई है। 35 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम अफ्रीकी देश मॉरिटानिया में अमेरिकी दूतावास ने अलर्ट जारी किया पश्चिम अफ्रीकी देश मॉरिटानिया में अमेरिकी दूतावास ने आतंकी हमलों के बढ़ते खतरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। दूतावास ने कहा कि हाल ही में उसे मिली धमकी के आधार पर यह चेतावनी जारी की गई है और अमेरिकी नागरिकों व स्टाफ को सतर्क रहने को कहा गया है। अलर्ट के अनुसार, संभावित निशानों में राजधानी नौआकशॉट स्थित दूतावास भवन और वह स्थान शामिल हैं जहां अमेरिकी नागरिक अक्सर आते-जाते हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने जुलाई 2025 से ही मॉरिटानिया के लिए लेवल-3 ट्रैवल एडवाइजरी जारी कर रखी है, जिसमें नागरिकों को वहां यात्रा करने से पहले दोबारा सोचने की सलाह दी गई है। साथ ही, देश के उत्तरी हिस्से में माली और अल्जीरिया की सीमा से 100 किलोमीटर के दायरे में या प्रतिबंधित इलाकों में जाने से भी मना किया गया है। 44 मिनट पहले कॉपी लिंक जापान में तेल की किल्लत, भंडार से तेल निकालना शुरू करेगा जापान की प्रधानमंत्री साने ताकाइची ने घोषणा की है कि देश इस महीने के अंत तक अपने तेल भंडार (ऑयल स्टॉकपाइल) को जारी करना शुरू करेगा। उन्होंने बताया कि 26 मार्च से राष्ट्रीय तेल भंडार को बाजार में उतारा

Jinnah, Sir Syed, Iqbal Topics Removal Recommended

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Hindi News National Jammu University Syllabus: Jinnah, Sir Syed, Iqbal Topics Removal Recommended जम्मूकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक जम्मू यूनिवर्सिटी में एमए पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस से मोहम्मद अली जिन्ना, सर सैयद अहमद खान और मोहम्मद इकबाल से जुड़े टॉपिक्स हटाने की सिफारिश की गई है। यह सिफारिश विभागीय मामलों की समिति (DAC) ने की है। अब इस पर अंतिम फैसला 24 मार्च को बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक में होगा। यूनिवर्सिटी के मुताबिक, 22 मार्च को HOD ऑफिश में DAC की बैठक हुई। इसमें वन-ईयर और टू-ईयर एमए पॉलिटिकल साइंस प्रोग्राम के सिलेबस पर चर्चा की गई। बैठक में सर्वसम्मति से जिन्ना, सर सैयद और इकबाल से जुड़े टॉपिक्स हटाने की सिफारिश की गई। अब यह प्रस्ताव बोर्ड ऑफ स्टडीज को भेजा गया है, जिसकी बैठक 24 मार्च को सुबह 11:30 बजे ऑनलाइन होगी। सिलेबस में जिन्ना को जोड़ने के बाद हुआ विवाद पॉलिटिकल साइंस के सिलेबस में ‘माइनॉरिटीज एंड द नेशन’ पेपर के तहत जिन्ना के राजनीतिक विचार शामिल किए गए थे, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने शनिवार को यूनिवर्सिटी में प्रदर्शन कर इन टॉपिक्स को तुरंत हटाने की मांग की थी। संगठन ने कहा कि अकादमिक स्वतंत्रता के नाम पर राष्ट्रीय भावनाओं और ऐतिहासिक तथ्यों की अनदेखी नहीं हो सकती। ABVP के जम्मू-कश्मीर राज्य सचिव सन्नक श्रीवत्स ने बताया कि पहले जिन्ना का जिक्र ‘टू-नेशन थ्योरी’ के संदर्भ में होता था, जहां उन्हें विभाजन की सोच से जोड़ा जाता था। अब संशोधित सिलेबस में उन्हें ‘माइनॉरिटीज एंड the Nation’ के तहत अल्पसंख्यकों के नेता के रूप में पेश किया गया है, जिस पर आपत्ति जताई जा रही है। कांग्रेस नेता बोलीं- विवाद जानबूझकर खड़ा किया जा रहा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और JKPCC महासचिव नम्रता शर्मा ने कहा कि सिलेबस को लेकर विवाद जानबूझकर खड़ा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन्ना, सावरकर और गोलवलकर से जुड़ा यह हिस्सा 2025 में तैयार किए गए ड्राफ्ट सिलेबस में शामिल था, लेकिन 11-12 महीने तक इस पर कोई सवाल नहीं उठा। अब अचानक इसे मुद्दा बनाया जा रहा है। नम्रता शर्मा ने यह भी सवाल उठाया कि जब सिलेबस तैयार किया गया था, तब क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन और वाइस चांसलर उमेश राय की अगुवाई वाली अकादमिक टीम ने इसकी ठीक से जांच नहीं की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch

CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch

Hindi News National CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार- फाइल फोटो मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में विपक्षी सांसदों ने नोटिस दिया है। लोकसभा-राज्यसभा में लाए गए नोटिस में CEC पर 7 आरोप है लगाए गए हैं। यह कहा गया है कि वे सरकार के इशारे पर काम करते हैं। विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने SIR के जरिए लोगों के वोट देने के अधिकार छीन लिया। नोटिस में उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं। 12 मार्च को संसद के दोनों सदन में जमा किए गए नोटिस में CEC के खिलाफ साबित दुर्व्यवहार के आधार पर उन्हें हटाने की मांग की गई है। लोकसभा में 130 और राज्यसभा में 63 विपक्षी सांसदों ने CEC को हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने की भी मांग की है। CEC के खिलाफ विपक्ष के 7 आरोप विपक्ष के आरोपों में कुमार की CEC के तौर पर नियुक्ति की प्रक्रिया, 17 अगस्त 2025 को राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए उनकी पक्षपातपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस, विपक्ष और सत्ताधारी दल के सदस्यों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार, जांच में बाधा डालना, पारदर्शिता के साधन उपलब्ध कराने से इनकार करना और सत्ताधारी दल के राजनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया को लागू करना शामिल है। यह दावा किया जा रहा है कि विपक्ष मानसूत्र सत्र के दौरान CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है। महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी होता है। पढ़ें विपक्ष के नोटिस की बड़ी बातें… चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: विपक्ष CEC ने ECI को एक निष्पक्ष चुनावी संस्था से बदलकर, कार्यपालिका के राजनीतिक एजेंडे को लागू करने वाले एक ‘माध्यम’ में बदल दिया है। उन्होंने इसे एक निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था से बदलकर, नागरिकता तय करने वाले एक ट्रिब्यूनल में तब्दील कर दिया है। बिहार चुनाव से पहले SIR की शर्तें थोपीं: बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक 5 महीने पहले की गई SIR की प्रक्रिया ने दस्तावेजों से जुड़ी ऐसी शर्तें थोप दी थीं, जिनका नतीजा हुआ कि समाज के सबसे कमजोर तबकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। 65 लाख वोटर्स इससे प्रभावित हुए। पक्षपाती मानसिकता और कार्यशैली: CEC ने बड़े राज्यों में जहां 2-3 महीने में चुनाव होने थे, वहां SIR की प्रक्रिया रॉकेट जैसी तेजी से की। समय-सीमा पर दोबारा विचार करने को लेकर अड़ियल रवैया रखा। लोगों की तकलीफों को लेकर पूरी तरह से असंवेदनशीलता रहे। विपक्ष की हर गुहार को जान-बूझकर नजरअंदाज किया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

CM Mamata Banerjee Protest Third Day Voter List Removal West Bengal SIR

CM Mamata Banerjee Protest Third Day Voter List Removal West Bengal SIR

कोलकाता1 घंटे पहले कॉपी लिंक ममता बनर्जी ने 6 मार्च से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का धरना रविवार को तीसरे दिन भी जारी है। TMC सुप्रीमो ने चुनाव आयोग को वैनिश कमीशन कहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP ‘इलेक्टोरल रोल से सही वोटर्स के नाम हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल’ कर रही है। उनका यह कमेंट ऐसे दिन आया है जब चुनाव आयोग की पूरी बेंच राज्य विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव की तैयारियों का रिव्यू करने के लिए कोलकाता आने वाली है। ममता ने कहा – एक देश, एक नेता, एक पार्टी के पागलपन में, BJP ने जन-विरोधी इच्छाओं को पूरा करने के लिए हर लोकतांत्रिक संस्था और संवैधानिक पद को सिस्टमैटिक तरीके से हथियार बना लिया है। बनर्जी ने दावा किया कि BJP का आखिरी मकसद बाबासाहेब अंबेडकर के बनाए गए संविधान को अपने पार्टी मैनिफेस्टो से बदलना है। पार्टी की महिला कार्यकर्ताओं ने धरने के दौरान पीएम मोदी, राष्ट्रपति मुर्मू और वरिष्ठ भाजपा नेता आडवाणी की तस्वीर वाला एक बैनर दिखाया। तस्वीर में पीएम और लाल कृष्ण आडवाणी बैठे दिख रहे हैं और राष्ट्रपति खड़ी हुई हैं। तसवीर 2024 की है जिसमें राष्ट्रपति आडवाणी को भारत रत्न अवॉर्ड से सम्मानित कर रहीहैं। ममता ने राज्य में स्पेशल इंटेसिव रिविजिन (SIR) में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के विरोध में 6 मार्च दोपहर 2 बजे से कोलकाता के एस्प्लेनेड मेट्रो चैनल पर धरना शुरू किया है। तीसरे दिन ममता ने क्या-क्या कहा… सालों से उन्होंने सेंट्रल एजेंसियों, नेशनल कमीशन, एक गुलाम गोदी मीडिया और ज्यूडिशियरी के एक आज्ञाकारी हिस्से को बंगाल के खिलाफ इस्तेमाल किया है। वे वोटर्स को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए वैनिश कमीशन का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। BJP लीडरशिप दिल्ली की जमींदार है। हम उन्हें बंगाल को अपने अधीन करने के मिशन में कभी कामयाब नहीं होंगे। धर्मतला में हमारा धरना हर उस बांग्ला-विरोधी (बंगाल-विरोधी) एजेंडे का जवाब है जो इस राज्य के लोगों को बेइज्जत करने, डराने और परेशान करने की कोशिश करता है। BJP की एकमात्र प्राथमिकता सत्ता है, लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा से राज्य की जनता रही है। धरना स्थल से 3 तस्वीरें… ममता बनर्जी ने कोलकाता के एस्प्लेनेड में रविवार को तीसरे दिन धरना दिया। बंगाल के वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य और उद्योग मंत्री शशि पांजा ने LPG सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरना सभा में आदिवासी लोक नर्तकों के साथ थिरकते हुए नजर आईं। SIR की फाइनल वोटर लिस्ट में क्या-क्या है 28 फरवरी को जारी ऑफिशियल डेटा के मुताबिक पिछले साल नवंबर में SIR प्रोसेस शुरू होने के बाद से अब तक 63.66 लाख नाम, यानी वोटर्स का करीब 8.3 परसेंट, हटा दिए गए हैं, जिससे वोटर्स की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ से थोड़ी ज़्यादा रह गई है। इसके अलावा, 60.06 लाख से ज़्यादा वोटर्स को अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में रखा गया है, जिसका मतलब है कि आने वाले हफ्तों में उनकी एलिजिबिलिटी कानूनी जांच के जरिए तय की जाएगी, यह एक ऐसा प्रोसेस है जो चुनाव क्षेत्र के चुनावी समीकरणों को और बदल सकता है। ———————————— ये खबर भी पढ़ें…. राष्ट्रपति कार्यक्रम स्थल विवाद-गृहसचिव ने बंगाल सरकार से रिपोर्ट मांगी: आज शाम तक देनी होगी केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की अगवानी के तय प्रोटोकॉल में हुई चूक पर पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों के मुताबिक, यह रिपोर्ट आज शाम 5 बजे तक गृह मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। राष्ट्रपति मुर्मू ने कार्यक्रम स्थल बदले जाने पर नाराजगी जताते हुआ कहा कि मुझे लगता है बंगाल सरकार आदिवासियों का भला नहीं चाहतीं। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Amit Shah Bengal Infiltrators Removal

Amit Shah Bengal Infiltrators Removal

कोलकाता1 घंटे पहले कॉपी लिंक अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में भारतीय जनता पार्टी की परिवर्तन यात्रा को संबोधित किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बंगाल में एक सभा में कहा कि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल को घुसपैठियों का स्वर्ग बना दिया है। उन्होंने कहा कि एक बार BJP की सरकार बन जाए, तो हम बंगाल से हर घुसपैठिए की पहचान करके उसे निकाल देंगे। शाह ने आगे कहा कि अभी वोटर रोल से सिर्फ घुसपैठियों के नाम हटाए जा रहे हैं, लेकिन पश्चिम बंगाल में पार्टी के पूरी बहुमत के साथ सत्ता में आने पर उन्हें राज्य से बाहर कर देंगे। अमित शाह ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में भारतीय जनता पार्टी(BJP) की परिवर्तन यात्रा को संबोधित करने के दैरान ये बातें कहीं। अमित शाह की स्पीच की बड़ी बातें… हिंदू शरणार्थियों की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। ममता बनर्जी की सरकार सीमाओं की सुरक्षा करने में नाकाम रही है। BJP के सत्ता में आने पर घुसपैठ और भ्रष्टाचार दोनों रुकेंगे। ममता मंदिरों के उद्घाटन में व्यस्त थीं, जबकि राज्य में मस्जिद बनने दी जा रही थी। TMC नेता हुमायूं कबीर की बाबरी मस्जिद की तर्ज पर मस्जिद बनाने की कोशिश एक साजिश का हिस्सा थी। BJP ने राज्य में बदलाव लाने के लिए परिवर्तन यात्रा शुरू की है। परिवर्तन का मतलब सिर्फ मुख्यमंत्री बदलना नहीं, बल्कि बंगाल को घुसपैठ से मुक्त करना, भ्रष्टाचार खत्म करना, TMC सरकार हटाकर BJP सरकार बनाना है। पूरे पश्चिम बंगाल में कुल 9 परिवर्तन यात्राएं निकाली जा रही हैं। चार यात्राएं पहले ही शुरू हो चुकी हैं और बाकी अलग-अलग जिलों से शुरू होंगी। दशकों के कम्युनिस्ट शासन और फिर TMC सरकार के कारण बंगाल की स्थिति खराब हुई है। अब सोनार बांग्ला को फिर से बनाने का समय आ गया है। परिवर्तन यात्रा में 5000 किमी का सफर परिवर्तन यात्रा 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से पहले एक बड़ा राज्यव्यापी कैंपेन है। यह 5,000 किमी से ज्यादा का सफर तय करेगा, जिसमें 63 बड़ी रैलियां और 282 छोटी सभाएं शामिल हैं। इसका अंत कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली में होगा, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे। पार्टी सूत्रों ने कहा कि इस कैंपेन का टारगेट 1 करोड़ से ज्यादा सीधे नागरिकों से जुड़ना, बूथ-लेवल पर जुड़ाव और संगठनात्मक पहुंच को मज़बूत करना है। मार्च के दूसरे हफ्ते में बंगाल में चुनाव का ऐलान संभव राज्य चुनाव आयोग ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान मार्च के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है। चुनाव कितने फेज में होंगे, इस पर लगातार अंदाजा लगाया जा रहा है। अधिकारी ने कहा कि वोटिंग तीन फेज में हो सकती है। आयोग की पूरी बेंच पहले ही तमिलनाडु और असम का दौरा कर चुकी है, लेकिन अभी तक पश्चिम बंगाल का दौरा नहीं किया है। 28 फरवरी: फाइलन वोटर लिस्ट में 7.04 करोड़ से ज्यादा वोटर, 63 लाख नाम कटे पश्चिम बंगाल में जारी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद 28 फरवरी को फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश हो गई। इसमें वोटर 7.66 करोड़ से घटकर 7,04,59,284 रह गए हैं। यानी SIR से अब तक 63.66 लाख नाम हटे हैं, जो कुल मतदाताओं का 8.3% है। दिसंबर में जारी मसौदा सूची में 58 लाख से अधिक नाम हटे थे। CEO ने कहा- 60 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम की जांच अभी भी जारी है। हालांकि उन्हें नई वोटर लिस्ट में जोड़ा गया है। बाद में इन नामों पर फैसले के बाद लिस्ट में बदलाव हो सकता है। 2021 चुनाव में 294 में 166 सीटों पर जीत का अंतर 25 हजार से कम था। इनमें टीएमसी ने 102, भाजपा ने 64 सीटें जीती थीं। 5,000 से कम अंतर वाली 36 सीटों में भाजपा 22, टीएमसी 13 जीती। ऐसे में एक-एक वोट अहम है। हालांकि 25 हजार से ज्यादा अंतर वाली 111 में 108, 50 हजार से ज्यादा अंतर वाली 43 सीटें टीएमसी जीती थी। ———- ये खबर भी पढ़ें… पश्चिम बंगाल में 50 लाख घुसपैठिए वोटर लिस्ट से हटाए:भाजपा अध्यक्ष का दावा- ये देश की सुरक्षा के लिए खतरा, इन्हें बाहर करने का समय आया भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में भाजपा की परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की। इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए नवीन ने दावा किया कि बंगाल में 50 लाख से ज्यादा घुसपैठियों को वोटर लिस्ट से हटाया गया है। पश्चिम बंगाल में एक दिन पहले ही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद जारी वोटर लिस्ट से 63.66 लाख नाम हटाए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Holi Color Removal Tips: Skin-Friendly Ubtan

Holi Color Removal Tips: Skin-Friendly Ubtan

4 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक इस साल होली 4 मार्च, 2026 को मनाई जाएगी। लोग रंग-गुलाल, मिठाई और संगीत के साथ इस पर्व का आनंद लेते हैं। रंग लगाने में तो बहुत मजा आता है, लेकिन जब रंगों को छुड़ाने की बारी आती है तो हालत खराब हो जाती है। होली पर लोगों की सबसे बड़ी चिंता यही होती है कि जिद्दी रंग को छुड़ाएं कैसे। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम होली के रंग छुड़ाने के टिप्स बताएंगे। साथ ही जानेंगे कि- होली पर रंग खेलने से पहले क्या तैयारी करनी चाहिए? रंग छुड़ाते समय किस तरह की गलतियां नहीं करनी चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- होली खेलने से पहले क्या तैयारी करें, जिससे स्किन पर रंग ज्यादा गहरा न चढ़े? जवाब- होली पर रंग खेलने से पहले पूरे शरीर और बालों पर नारियल/सरसों का तेल या अच्छा मॉइश्चराइजर लगाएं। इससे स्किन पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बन जाती है और रंग नहीं चिपकते हैं। साथ ही कुछ और बातों का ख्याल रखना जरूरी है। नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- चेहरे पर लगे रंगों को कैसे छुड़ाएं? जवाब- चेहरे की स्किन बहुत नाजुक होती है, इसलिए रंग छुड़ाते समय ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। जैसेकि- सबसे पहले सूखे रंगों को कपड़े या हाथों से झाड़ लें। इसके बाद चेहरे को नॉर्मल पानी से धोएं। आंखों के आसपास खास सावधानी रखें। फिर किसी माइल्ड फेसवॉश या क्लींजर का इस्तेमाल करें। अगर रंग फिर भी न छूटे तो बेसन और दही का पेस्ट बनाकर लगा सकते हैं। इसके अलावा हल्दी और नींबू का रस मिलाकर पेस्ट लगा सकते हैं। मुल्तानी मिट्‌टी में नींबू की कुछ बूंदें डालकर इसे चेहरे पर लगा सकते हैं। एलोवेरा जेल या कोई अच्छा मॉइश्वराइजर जरूर लगाएं, ताकि ड्राईनेस की समस्या न हो। ध्यान रहे, रंग छुड़ाने और चेहरा साफ करने के लिए गर्म पानी यूज न करें। इससे रंग और पक्का हो सकता है। सवाल- स्किन पर लगे रंग को छुड़ाते समय किस तरह की गलतियां नहीं करनी चाहिए? जवाब- चेहरे का रंग छुड़ाते समय स्किन को जोर से न रगड़ें। इससे जलन और रैशेज हो सकते हैं। हार्श साबुन, डिटर्जेंट या केमिकल वाले प्रोडक्ट बिल्कुल न लगाएं। अगर स्किन पर रेडनेस, खुजली या सूजन दिखे तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। साथ ही कुछ बातों का खास ख्याल रखें, नीचे दिए ग्राफिक में देखिए- सवाल- होली के रंगों से बालों को कैसे बचाएं? जवाब- रंग खेलने से पहले बालों में अच्छी तरह नारियल या सरसों का तेल लगा लें। इससे बालों पर एक प्रोटेक्टिव लेयर बनती है। रंग खेलते वक्त बालों को खुला न छोड़ें, उन्हें बांध लें या स्कार्फ/कैप से ढक लें। ड्राई और केमिकल ट्रीटमेंट वाले बालों पर खास ध्यान दें। रंग खेलने के बाद बालों को हल्के शैंपू से साफ करें और कंडीशनर जरूर लगाएं। सवाल- अगर बालों में रंग गहराई तक पहुंच गया हो तो उसे कैसे हटाएं? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- रंग सूखा हो तो पहले इसे चौड़ी कंघी से धीरे-धीरे निकालें, तुरंत पानी न डालें। अगर रंग गीला है तो सादे पानी से अच्छी तरह धोकर जितना रंग निकल सके, निकालें। फिर माइल्ड शैंपू से हल्के हाथों से साफ करें। बालों को जोर से न रगड़ें। जरूरत पड़े तो एक मग पानी में 1-2 चम्मच एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर रिंस करें। कुछ मिनट बाद साफ पानी से धो लें। अंत में हेयर कंडीशनर लगाएं और कुछ देर बाद बालों काे अच्छी तरह धुलें। सवाल- होली के रंग छुड़ाने के लिए कौन से घरेलू उपाय मददगार हो सकते हैं? जवाब- होली के रंग छुड़ाने के लिए कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाए जा सकते हैं। जैसेकि- बेसन और दूध का उबटन लगाकर 10-15 मिनट बाद धो लें। पका पपीता और हल्दी मिलाकर पेस्ट बनाकर लगाएं। फिर साफ पानी से धो लें। मुल्तानी मिट्टी और दही का लेप भी रंग छुड़ाने में मदद करता है। खीरे का पेस्ट स्किन को ठंडक देता है और रंग छुड़ाने में मदद करता है। नींबू की कुछ बूंदें बेसन में मिलाकर लगा सकते हैं। किसी भी उपाय के बाद मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं, ताकि ड्राईनेस न हो। नीचे दिए ग्राफिक में घर पर बनाए जाने वाले उबटनों की लिस्ट देखिए। सवाल- क्या लंबे समय तक रंग लगा रहना नुकसानदायक हो सकता है? जवाब- हां, केमिकल युक्त रंग स्किन पर ज्यादा देर तक लगे रहने से जलन, खुजली, रेडनेस या एलर्जी हो सकती है। कुछ मामलों में दाग-धब्बे भी पड़ सकते हैं। सेंसिटिव स्किन या स्किन डिजीज से पीड़ित लोगों में जोखिम ज्यादा रहता है। इसलिए रंग को ज्यादा देर तक स्किन पर लगा न रहने दें। सवाल- नाखूनों से रंग कैसे निकालें? जवाब- सबसे पहले नाखूनों को गुनगुने पानी में कुछ मिनट भिगोएं। फिर नींबू का रस या थोड़ा विनेगर 4-5 मिनट तक लगा रहने दें। इसके बाद मुलायम ब्रश या सूती कपड़े से हल्के हाथों से साफ करें। जरूरत हो तो नेल पॉलिश रिमूवर का इस्तेमाल कर सकते हैं। अंत में नाखूनों पर क्रीम या तेल लगा लें, ताकि वे ड्राई और कमजोर न हों। इस तरह थोड़ी तैयारी और सही देखभाल से आप होली का आनंद बिना किसी परेशानी के उठा सकते हैं। ……………………. जरूरत की ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- होली पर मिलावटी मावे से सावधान: हो सकते हैं ये हेल्थ रिस्क, इन 4 तरीकों से घर पर करें शुद्धता की जांच होली का त्योहार नजदीक है। इसके चलते बाजारों में मिठाइयों की डिमांड बढ़ गई है। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ मिलावटखोर बाजार में मिलावटी खोया (मावा) सप्लाई कर रहे हैं। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India IT Rules 2026 | Deepfake Video-Photo 3 Hr Removal & AI Content Labeling

India IT Rules 2026 | Deepfake Video-Photo 3 Hr Removal & AI Content Labeling

Hindi News Tech auto India IT Rules 2026 | Deepfake Video Photo 3 Hr Removal & AI Content Labeling नई दिल्ली1 दिन पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे X (ट्विटर), यू-ट्यूब, स्नैपचैट और फेसबुक को कल 20 जनवरी से अपने प्लेटफॉर्म पर शेयर किए जाने वाले AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) कंटेंट पर लेबल लगाना होगा। इसके साथ ही अगर कोई डीपफेक वीडियो-फोटो अपलोड करता है, तो उसे 3 में हटाने होगा। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने इसके लिए IT रूल्स 2021 में बदलाव किया है। इसका ड्राफ्ट 22 अक्टूबर 2025 को जारी किया गया था। मंत्रालय ने 10 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी कर प्लेटफॉर्म्स को नए नियम का पालन करने का आदेश जारी किया था। नए नियम डीपफेक और AI से बने कंटेंट को लेबल और ट्रेस करने के लिए हैं। अब AI कंटेंट में साफ लिखना होगा कि यह असली नहीं, AI की मदद से बनाया गया है। इससे मिस इनफॉर्मेशन और चुनावी धांधली जैसी समस्याओं पर लगाम लगेगी। पीएम बोले- कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत पीएम ने आज AI समिट के दौरान सुझाव दिया कि जैसे खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी स्पष्ट लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या एआई द्वारा बनाया गया (फैब्रिकेटेड) है। सभी AI ऑडियो-वीडियो में लेबल लगाना होगा नए रूल 3 (3) के तहत, जो भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म AI कंटेंट जैसी ‘सिंथेटिकली जेनरेटेड इंफॉर्मेशन’ क्रिएट करेगा, उसे हर ऐसे कंटेंट पर प्रॉमिनेंट लेबल लगाना होगा। परमानेंट यूनिक मेटाडेटा/आइडेंटिफायर एम्बेड भी करना पड़ेगा। ये लेबल विजुअल में कम से कम 10% एरिया कवर करेगा या ऑडियो में पहले 10% टाइम में सुनाई देगा। मेटाडेटा को कोई चेंज, हाइड या डिलीट नहीं कर पाएगा। प्लेटफॉर्म्स को टेक्निकल तरीके अपनाने पड़ेंगे ताकि अपलोड होने से पहले ही चेक हो जाए कि ये AI वाला है या नहीं। नवंबर में रश्मिका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। सचिन तेंदुलकर का डीपफेक वीडियो, जिसमें वे गेमिंग ऐप को प्रमोट करते दिखे थे। नए IT नियमों में ये 3 बदलाव भी लेबल हटाना या छिपाना अब मुमकिन नहीं : सोशल मीडिया कंपनियां अब AI लेबल या उसके मेटाडेटा (पहचान की जानकारी) को हटाने या छिपाने की इजाजत नहीं दे सकतीं। एक बार लेबल लग गया, तो उसे वैसे ही रखना होगा। गंदे और भ्रामक कंटेंट पर लगाम : सरकार ने कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे ऑटोमेटेड टूल्स (सॉफ्टवेयर) इस्तेमाल करें, जो AI के जरिए बनाए गए गैर-कानूनी, अश्लील या धोखाधड़ी वाले कंटेंट को रोक सकें। हर 3 महीने में चेतावनी देना अनिवार्य : कंपनियों को हर 3 महीने में कम से कम एक बार अपने यूजर्स को वॉर्निंग देनी होगी। उन्हें बताना होगा कि अगर उन्होंने AI का गलत इस्तेमाल किया या नियम तोड़े, तो उन्हें सजा या जुर्माना भुगतना पड़ सकता है। यूजर्स और इंडस्ट्री पर क्या असर पड़ेगा? यूजर्स अब फेक कंटेंट आसानी से पहचान सकेंगे। मिसइनफॉर्मेशन कम होगी। लेकिन क्रिएटर्स को एक्स्ट्रा स्टेप्स लेने पड़ेंगे, जैसे लेबल लगाना। इंडस्ट्री के लिए चैलेंज ये होगा कि उन्हें मेटाडेटा और वेरिफिकेशन के लिए टेक इन्वेस्टमेंट करना होगा, जो ऑपरेशंस को थोड़ा महंगा कर सकता है। ओवरऑल, ये AI मिसयूज रोकने में मददगार साबित होगा। मंत्रालय ने इन नियमों पर क्या कहा? सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप ‘ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने के लिए है। यह जनरेटिव AI से आने वाली मिसइनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। क्या है डीपफेक? डीपफेक एक तरह की फेक वीडियो होती है, जिसमें किसी शख्स के चेहरे, आवाज और एक्सप्रेशन बदले जाते हैं। AI टूल्स के जरिए एडिटिंग इतनी सफाई से होती है कि सही और फेक वीडियो में पहचान कर पाना काफी मुश्किल होता है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… X ने अश्लील AI कंटेंट पर सरकार को जवाब सौंपा:आईटी मंत्रालय जांच कर रहा, महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें क्रिएट कर शेयर करने का आरोप दुनिया के सबसे अमीर कारोबारी इलॉन मस्क के AI चैटबॉट ग्रोक (Grok) के जरिए महिलाओं और बच्चों की अश्लील तस्वीरें बनाने के मामले में भारत सरकार को अपना जवाब सौंप दिया है। आईटी मंत्रालय ने 2 दिसंबर को मस्क की कंपनी को बुधवार शाम 5 बजे तक का समय दिया था। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, कंपनी ने एक्शन टेकन रिपोर्ट दाखिल कर दी है, जिसकी मंत्रालय जांच कर रहा है। सरकार ने चेतावनी दी थी कि अगर AI टूल्स के गलत इस्तेमाल पर कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो X को भारतीय कानूनों के तहत मिल रही कानूनी सुरक्षा खत्म कर दी जाएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…