Sunday, 23 Aug 2026 | 06:34 AM

Trending :

EXCLUSIVE

CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch

CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch
  • Hindi News
  • National
  • CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch

नई दिल्ली24 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार- फाइल फोटो

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में विपक्षी सांसदों ने नोटिस दिया है। लोकसभा-राज्यसभा में लाए गए नोटिस में CEC पर 7 आरोप है लगाए गए हैं। यह कहा गया है कि वे सरकार के इशारे पर काम करते हैं।

विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने SIR के जरिए लोगों के वोट देने के अधिकार छीन लिया। नोटिस में उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं।

12 मार्च को संसद के दोनों सदन में जमा किए गए नोटिस में CEC के खिलाफ साबित दुर्व्यवहार के आधार पर उन्हें हटाने की मांग की गई है।

लोकसभा में 130 और राज्यसभा में 63 विपक्षी सांसदों ने CEC को हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने की भी मांग की है।

CEC के खिलाफ विपक्ष के 7 आरोप

विपक्ष के आरोपों में कुमार की CEC के तौर पर नियुक्ति की प्रक्रिया, 17 अगस्त 2025 को राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए उनकी पक्षपातपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस, विपक्ष और सत्ताधारी दल के सदस्यों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार, जांच में बाधा डालना, पारदर्शिता के साधन उपलब्ध कराने से इनकार करना और सत्ताधारी दल के राजनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया को लागू करना शामिल है।

यह दावा किया जा रहा है कि विपक्ष मानसूत्र सत्र के दौरान CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है। महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी होता है।

पढ़ें विपक्ष के नोटिस की बड़ी बातें…

  • चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: विपक्ष CEC ने ECI को एक निष्पक्ष चुनावी संस्था से बदलकर, कार्यपालिका के राजनीतिक एजेंडे को लागू करने वाले एक ‘माध्यम’ में बदल दिया है। उन्होंने इसे एक निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था से बदलकर, नागरिकता तय करने वाले एक ट्रिब्यूनल में तब्दील कर दिया है।
  • बिहार चुनाव से पहले SIR की शर्तें थोपीं: बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक 5 महीने पहले की गई SIR की प्रक्रिया ने दस्तावेजों से जुड़ी ऐसी शर्तें थोप दी थीं, जिनका नतीजा हुआ कि समाज के सबसे कमजोर तबकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। 65 लाख वोटर्स इससे प्रभावित हुए।
  • पक्षपाती मानसिकता और कार्यशैली: CEC ने बड़े राज्यों में जहां 2-3 महीने में चुनाव होने थे, वहां SIR की प्रक्रिया रॉकेट जैसी तेजी से की। समय-सीमा पर दोबारा विचार करने को लेकर अड़ियल रवैया रखा। लोगों की तकलीफों को लेकर पूरी तरह से असंवेदनशीलता रहे। विपक्ष की हर गुहार को जान-बूझकर नजरअंदाज किया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
होंडा-निसान घाटे की ओर बढ़ रही‎:ट्रम्प टैरिफ और चीनी कारों से‎ जापानी ऑटो इंडस्ट्री खतरे में‎

April 11, 2026/
5:48 pm

पिछले माह होंडा के चीफ मिबे तोशिहिरो ने‎एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि कंपनी 1957 ‎के बाद पहली बार घाटा...

New Zealand vs South Africa Live Cricket Score, 2nd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Hamilton. (Picture Credit: X@ICC)

March 17, 2026/
11:08 pm

आखरी अपडेट:मार्च 17, 2026, 23:08 IST बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने मंगलवार को आगामी विधानसभा चुनावों के लिए...

बघवार के जंगलों में भीषण आग का चौथा दिन:रीवा-सीधी सीमा पर 1 किमी क्षेत्र जलकर राख, काबू पाने की कोशिशें जारी

April 25, 2026/
8:29 pm

सीधी जिले के बघवार में अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट के पास जंगल में लगी भीषण आग चौथे दिन भी धधक रही...

India Acquires S-400 Missile Squadrons

May 6, 2026/
4:04 am

नई दिल्ली3 घंटे पहलेलेखक: मुकेश कौशिक कॉपी लिंक एस-400 मिसाइल के एक स्क्वॉड्रन में 8 लॉन्चर होते हैं और प्रत्येक...

स्प्राउट्स खाने का जोखिम: सेहत बनाने वाले स्प्राउट्स कहीं भी आपको बीमार न कर दें, खाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

April 8, 2026/
5:05 pm

अंकुरित अनाज खाने का जोखिम: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ‘हेल्थ कॉन्शियस’ अच्छी बात हो रही है और जब...

शिंदे के 'ऑपरेशन टाइगर' पर चुप रहने पर शिवसेना यूबीटी ने एमपी में दलबदल की चर्चा को खारिज किया | न्यूज18

June 16, 2026/
4:17 pm

महाराष्ट्र की राजनीति में “ऑपरेशन टाइगर” के बारे में अटकलों के जोर पकड़ने के बीच, शिवसेना यूबीटी ने एमपी के...

दिव्यांका त्रिपाठी ने शेयर की जुड़वा बच्चों की पहली झलक:पोस्ट में लिखा- मुझे चुनने के लिए शुक्रिया; शादी के 10 साल बाद बने माता-पिता

June 12, 2026/
2:48 pm

टीवी एक्ट्रेस दिव्यांका त्रिपाठी और उनके पति विवेक दहिया हाल ही में जुड़वां बेटों के माता-पिता बने हैं। मई महीने...

राजनीति

CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch

CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch
  • Hindi News
  • National
  • CEC Removal Notice | Opposition Alleges Govt Control, Voting Rights Snatch

नई दिल्ली24 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार- फाइल फोटो

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए संसद में विपक्षी सांसदों ने नोटिस दिया है। लोकसभा-राज्यसभा में लाए गए नोटिस में CEC पर 7 आरोप है लगाए गए हैं। यह कहा गया है कि वे सरकार के इशारे पर काम करते हैं।

विपक्ष का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार ने SIR के जरिए लोगों के वोट देने के अधिकार छीन लिया। नोटिस में उनकी नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं।

12 मार्च को संसद के दोनों सदन में जमा किए गए नोटिस में CEC के खिलाफ साबित दुर्व्यवहार के आधार पर उन्हें हटाने की मांग की गई है।

लोकसभा में 130 और राज्यसभा में 63 विपक्षी सांसदों ने CEC को हटाने के लिए एक प्रस्ताव लाने की भी मांग की है।

CEC के खिलाफ विपक्ष के 7 आरोप

विपक्ष के आरोपों में कुमार की CEC के तौर पर नियुक्ति की प्रक्रिया, 17 अगस्त 2025 को राहुल गांधी को निशाना बनाते हुए उनकी पक्षपातपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस, विपक्ष और सत्ताधारी दल के सदस्यों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार, जांच में बाधा डालना, पारदर्शिता के साधन उपलब्ध कराने से इनकार करना और सत्ताधारी दल के राजनीतिक उद्देश्यों के अनुरूप ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (SIR) प्रक्रिया को लागू करना शामिल है।

यह दावा किया जा रहा है कि विपक्ष मानसूत्र सत्र के दौरान CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव ला सकता है। महाभियोग प्रस्ताव लाने के लिए 14 दिन पहले नोटिस देना जरूरी होता है।

पढ़ें विपक्ष के नोटिस की बड़ी बातें…

  • चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल: विपक्ष CEC ने ECI को एक निष्पक्ष चुनावी संस्था से बदलकर, कार्यपालिका के राजनीतिक एजेंडे को लागू करने वाले एक ‘माध्यम’ में बदल दिया है। उन्होंने इसे एक निष्पक्ष चुनाव कराने वाली संस्था से बदलकर, नागरिकता तय करने वाले एक ट्रिब्यूनल में तब्दील कर दिया है।
  • बिहार चुनाव से पहले SIR की शर्तें थोपीं: बिहार विधानसभा चुनावों से ठीक 5 महीने पहले की गई SIR की प्रक्रिया ने दस्तावेजों से जुड़ी ऐसी शर्तें थोप दी थीं, जिनका नतीजा हुआ कि समाज के सबसे कमजोर तबकों को वोट देने के अधिकार से वंचित कर दिया गया। 65 लाख वोटर्स इससे प्रभावित हुए।
  • पक्षपाती मानसिकता और कार्यशैली: CEC ने बड़े राज्यों में जहां 2-3 महीने में चुनाव होने थे, वहां SIR की प्रक्रिया रॉकेट जैसी तेजी से की। समय-सीमा पर दोबारा विचार करने को लेकर अड़ियल रवैया रखा। लोगों की तकलीफों को लेकर पूरी तरह से असंवेदनशीलता रहे। विपक्ष की हर गुहार को जान-बूझकर नजरअंदाज किया।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.