MVA Backs Sharad Pawar For Rajya Sabha; Voting March 16

मुंबई2 घंटे पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र में विपक्ष के गठबंधन महाविकास अघाड़ी (MVA) ने राज्यसभा चुनाव में राज्य से एनसीपी (शरद गुट) के प्रमुख शरद पवार को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव गुट) ने बुधवार को पवार को समर्थन देने का ऐलान किया है। इससे पहले कांग्रेस, एनसीपी (शरद गुट) और शिवसेना (उद्धव गुट) तीनों ने उस एक सीट पर दावा जताया था, जिसे विपक्ष जीत सकता है। हालांकि कांग्रेस महासचिव रमेश चेन्निथला ने बुधवार को बताया कि पार्टी नेतृत्व ने पवार के नाम पर सहमति देते हुए उनको समर्थन देने का निर्णय लिया है। राज्य की मौजूदा संख्या के आधार पर विपक्षी गठबंधन केवल एक सीट जीतने की स्थिति में है। पवार गुरुवार (5 मार्च) को नामांकन करेंगे। राज्यसभा में महाराष्ट्र की सात सीटों समेत 10 राज्यों की 37 सीटों पर 16 मार्च को चुनाव होना है। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच वोटिंग होगी और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। 37 सीटों में से 25 विपक्ष के पास चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है। जो सीटें खाली हो रही हैं, उनमें 12 एनडीए के पास हैं, 25 पर विपक्ष का कब्जा है। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6 और पश्चिम बंगाल-बिहार की 5-5 सीटों पर चुनाव कराया जाना है। शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी, तिरुचि शिवा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। बैलेट पेपर पर खास पेन से होगी वोटिंग चुनाव आयोग ने कहा है कि वोट डालते समय केवल रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से दिए गए तय मानक का वॉयलेट रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल होगा। किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में EVM और VVPAT को लेकर जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। आयोग के मुताबिक 5 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में 1.20 लाख से ज्यादा लोगों ने डेमो कैंप में हिस्सा लिया। 1.16 लाख से ज्यादा लोगों ने मॉक वोट डाले। 10 फरवरी तक 29 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन लोकेशन मोबाइल डेमो वैन से कवर किए जा चुके हैं। यह अभियान EVM डेमो सेंटर और मोबाइल वैन के जरिए चलाया जा रहा है। ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया दूसरे चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। चुनाव हर दो साल में होते हैं, क्योंकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं। राज्यसभा सीटों की कुल संख्या 245 हैं। इनमें से 233 सीटों पर अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव होते हैं और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। महाराष्ट्र की 7 सीटों के उदाहरण से फॉर्मूला समझते हैं राज्यसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए एक निश्चित संख्या में मतों की आवश्यकता होती है, जिसे जीतने का कोटा (Quota) कहा जाता है। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं। खाली हो रही सीटें 7 हैं। कुल विधायकों की संख्या x 100/ (राज्यसभा की सीटें+1) = +1 288X100/(7+1)= +1 28800/8= +1 3600= +1 3601 चूंकि एक विधायक के वोट की वैल्यू 100 होती है। इसलिए महाराष्ट्र में अभी एक राज्यसभा सीट पर जीत के लिए कम से कम 36 विधायकों की जरूरत होगी। ——————————————– राज्यसभा चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… भाजपा की दूसरी लिस्ट में 4 नाम, महाराष्ट्र से विनोद तावड़े, रामदास अठावले उम्मीदवार; अब तक 13 नाम का ऐलान राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 4 प्रत्याशियों के नाम वाली दूसरी लिस्ट जारी की है। इसमें केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े और माया चिंतामन इवनाते और रामराव वडकुते के नाम हैं। इससे पहले भाजपा ने पहली लिस्ट जारी की थी, जिसमें 6 राज्यों से 9 नाम शामिल थे। अब 7 राज्यों से कुल 13 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान हो चुका है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Maharashtra Rajya Sabha Election: BJP Candidates List Released

नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने 4 प्रत्याशियों के नाम वाली दूसरी लिस्ट जारी की है। इसमें केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष विनोद तावड़े और माया चिंतामन इवनाते और रामराव वडकुते के नाम हैं। 3 मार्च: 9 प्रत्याशियों के नाम की पहली लिस्ट एक दिन पहले भाजपा ने राज्यसभा के लिए पार्टी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी की थी। इसमें 6 राज्यों से 9 नाम शामिल थे। अब 7 राज्यों से कुल 13 प्रत्याशियों के नाम का ऐलान हो चुका है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन भी बिहार से राज्यसभा भेजे जाएंगे। उनके अलावा बिहार से शिवेश कुमार का भी नाम है। छत्तीसगढ़ से भाजपा ने लक्ष्मी वर्मा को उम्मीदवार बनाया है। असम से तेराश गोवाला, जोगेन मोहन, हरियाणा से संजय भाटिया, ओडिशा मनमोहन सामल, सुजीत कुमार और पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा उम्मीदवार हैं। 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर 16 मार्च को चुनाव कराया जाएगा। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच वोटिंग होगी और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। राज्यसभा के मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल पूरा ये सभी सीटें संबंधित सदस्यों के कार्यकाल पूरा होने के कारण रिक्त हो रही हैं। राज्यसभा का कार्यकाल छह साल का होता है। जिन सदस्यों का कार्यकाल अप्रैल 2026 में समाप्त हो रहा है, उनकी सीटों पर ये चुनाव कराए जा रहे हैं। निर्वाचित सदस्यों का कार्यकाल उनके शपथ ग्रहण की तिथि से आगामी छह वर्षों, यानी 2032 तक रहेगा। संबंधित राज्यों की जिन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है, वहीं ये सीटें रिक्त मानी जाएंगी। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव चुनाव आयोग ने 18 फरवरी को 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान किया था। 37 सीटों के लिए 16 मार्च को चुनाव होना है। जो सीटें खाली हो रही हैं, उनमें 12 एनडीए के पास हैं, 25 पर विपक्षका कब्जा है। सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की 7, तमिलनाडु की 6 और पश्चिम बंगाल-बिहार की 5-5 सीटों पर चुनाव कराया जाना है। शरद पवार, रामदास अठावले, कणिमोझी, तिरुचि शिवा, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे के बीच वोटिंग होगी और उसी दिन शाम 5 बजे वोटों की गिनती की जाएगी। बैलेट पेपर पर खास पेन से होगी वोटिंग चुनाव आयोग ने कहा है कि वोट डालते समय केवल रिटर्निंग ऑफिसर की ओर से दिए गए तय मानक का वॉयलेट रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल होगा। किसी अन्य पेन का उपयोग मान्य नहीं होगा। आयोग ने कहा है कि चुनाव शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में EVM और VVPAT को लेकर जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। आयोग के मुताबिक 5 राज्यों और एक केंद्रशासित प्रदेश में 1.20 लाख से ज्यादा लोगों ने डेमो कैंप में हिस्सा लिया। 1.16 लाख से ज्यादा लोगों ने मॉक वोट डाले। 10 फरवरी तक 29 हजार से ज्यादा पोलिंग स्टेशन लोकेशन मोबाइल डेमो वैन से कवर किए जा चुके हैं। यह अभियान EVM डेमो सेंटर और मोबाइल वैन के जरिए चलाया जा रहा है। ऐसे होता है राज्यसभा चुनाव राज्यसभा सांसदों के लिए चुनाव की प्रक्रिया दूसरे चुनावों से काफी अलग है। राज्यसभा के सदस्य अप्रत्यक्ष रूप से चुने जाते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक इन्हें चुनते हैं। चुनाव हर दो साल में होते हैं, क्योंकि राज्यसभा एक स्थायी सदन है और इसके एक-तिहाई सदस्य हर दो साल में रिटायर होते हैं। राज्यसभा सीटों की कुल संख्या 245 हैं। इनमें से 233 सीटों पर अप्रत्यक्ष रूप से चुनाव होते हैं और 12 सदस्यों को राष्ट्रपति मनोनीत करते हैं। राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए कितने वोटों की जरूरत होती है, ये पहले से ही तय होता है। वोटों की संख्या का कैलकुलेशन कुल विधायकों की संख्या और राज्यसभा सीटों की संख्या के आधार पर होता है। इसमें एक विधायक की वोट की वैल्यू 100 होती है। महाराष्ट्र की 7 सीटों के उदाहरण से फॉर्मूला समझते हैं राज्यसभा चुनाव में किसी भी उम्मीदवार को जीतने के लिए एक निश्चित संख्या में मतों की आवश्यकता होती है, जिसे जीतने का कोटा (Quota) कहा जाता है। महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 विधायक हैं। खाली हो रही सीटें 7 हैं। कुल विधायकों की संख्या x 100/ (राज्यसभा की सीटें+1) = +1 288X100/(7+1)= +1 28800/8= +1 3600= +1 3601 चूंकि एक विधायक के वोट की वैल्यू 100 होती है। इसलिए महाराष्ट्र में अभी एक राज्यसभा सीट पर जीत के लिए कम से कम 36 विधायकों की जरूरत होगी। अब समझिए राज्यों का समीकरण… बिहार: चिराग पासवान मां को बनवाएंगे सांसद, हरिवंश रिपीट हो सकते हैं जदयू के जिन दो नेताओं का कार्यकाल पूरा हो रहा है, उनमें राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम है। बड़े पद पर होने और सीएम के करीबी होने के कारण चर्चा है कि इन्हें एक बार फिर से रिपीट किया जा सकता है। चिराग के लिए यही परीक्षा होगी। विधानसभा चुनाव के दौरान भी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से दावा किया गया था कि वे अपनी मां के लिए राज्यसभा के एक सीट की डिमांड कर रहे है। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़: केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल हो रहा खत्म छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद केटीएस तुलसी और फूलो देवी नेताम का कार्यकाल 2 अप्रैल 2026 को समाप्त हो जाएगा। केटीएस तुलसी सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील हैं। वह 2020 में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। वहीं, फूलो देवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली आदिवासी नेता हैं। वह छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। सामाजिक और जनजातीय मुद्दों पर उनकी मजबूत आवाज रही है। वह भी 2020 में राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा: किरण चौधरी-रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल खत्म हो रहा भाजपा के दो राज्यसभा सांसद किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा का कार्यकाल 9 अप्रैल तक है। राज्यसभा सांसद राम चंद्र जांगड़ा मार्च 2020 में राज्यसभा सांसद
AITC announces Babul Supriyo, Rajeev Kumar, Menaka Guruswamy, Koel Mallick as Rajya Sabha candidates

Hindi News National AITC Announces Babul Supriyo, Rajeev Kumar, Menaka Guruswamy, Koel Mallick As Rajya Sabha Candidates कोलकाता5 मिनट पहले कॉपी लिंक एडवोकेट मेनका का जन्म 27 नवंबर 1974 को हैदराबाद में हुआ। तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार शाम को राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। इनमें मंत्री बाबुल सुप्रियो, बंगाल के पूर्व DGP राजीव कुमार, सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी और एक्ट्रेस कोयल मल्लिक का नाम शामिल है। TMC ने X पर एक पोस्ट में लिखा- हम इन उम्मीदवारों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। वे तृणमूल की मजबूती की विरासत और हर भारतीय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए उसके पक्के वादे को बनाए रखेंगे। पश्चिम बंगाल समेत महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से चुने गए 37 सदस्यों का टर्म अप्रैल महीने में खत्म हो जाएगा। इन खाली सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग होगी। बंगाल से 2026 में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से चार TMC के पास थीं। 294 सदस्यों वाली विधानसभा में मजबूत संख्या के साथ TMC पांच में से चार राज्यसभा सीटें जीतने वाली है, जबकि विपक्षी BJP को एक सीट मिलने की उम्मीद है। TMC ने जिस सीनियर एडवोकेट मेनका अपना उम्मीदवार बनाया है, वे LGBTQ से हैं। अगर वे जीत जाते हैं तो संसद के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई LGBTQ सदस्य सांसद बनेगा। 10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव का शेड्यूल इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने बुधवार को चुनाव प्रोसेस शुरू करने के लिए 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। 6 मार्च को स्क्रूटनी होगी। उम्मीदवार 9 मार्च तक नॉमिनेशन वापस ले सकते हैं। वोटिंग 16 मार्च को होगी। वोटों की गिनती उसी दिन शाम 5 बजे होगी। चुनाव का प्रोसेस 20 मार्च तक पूरा हो जाएगा। जानिए TMC के उम्मीदवारों के बारे में … बाबुल सुप्रियो: सुप्रियो, मोदी सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्रिपरिषद से बाहर किए जाने के बाद BJP छोड़ दी। सितंबर 2021 में TMC में शामिल हो गए थे। बाद में उन्होंने TMC टिकट पर बल्लीगंज विधानसभा उपचुनाव जीता। ममता सरकार में मंत्री हैं। उनके नॉमिनेशन को उनकी राजनीतिक स्थिति बदलने और राज्य सरकार में लगातार भूमिका के लिए इनाम के तौर पर देखा जा रहा है। राजीव कुमार: कुमार इंडियन पुलिस सर्विस के पूर्व ऑफिसर हैं। इन्होंने पश्चिम बंगाल के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के तौर पर काम किया है। इससे पहले कोलकाता पुलिस के हेड थे। सारदा चिट फंड केस की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और सेंट्रल एजेंसियों के बीच हुए हाई-प्रोफाइल टकराव के सेंटर में भी वे थे। मेनका गुरुस्वामी: सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हैं। गुरुस्वामी उन वकीलों में से थे जिन्होंने 2018 में IPC की धारा 377 को हटाकर भारत में होमोसेक्सुअलिटी को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले ऐतिहासिक संवैधानिक चैलेंज में पिटीशनर्स का प्रतिनिधित्व किया था। कोएल मलिक: मल्लिक बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की एक जानी-मानी एक्टर हैं और पुराने एक्टर रंजीत मल्लिक की बेटी हैं। उनके नॉमिनेशन को TMC की अपर हाउस में जाने-माने पब्लिक फिगर्स को उतारने की स्ट्रैटेजी का हिस्सा माना जा रहा है। जानिए मेनका के बारे में… 50 साल की मेनका ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, हार्वर्ड लॉ स्कूल और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया से पढ़ाई की है। वे कॉमन लॉ, संवैधानिक कानून, कॉर्पोरेट और सफेदपोश अपराध (White-Collar) के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। मेनका और उनकी पार्टनर अरुंधति काटजू दोनों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वे एक कपल हैं। यह कदम LGBTQ समुदाय के लिए एक बड़ा संदेश रहा। 2019 में TIME मैगज़ीन ने इन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में भी शामिल किया था, उनके LGBTQ अधिकारों के काम और प्रभाव के लिए। गुरुस्वामी ने सेक्शन 377 के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटाते हुए संविधान के तहत मौलिक अधिकारों के तौर पर मान्यता दी थी। उन्होंने यह कहा था कि संविधान को सिर्फ यौन कृत्यों तक नहीं बल्कि प्रेम और समान अधिकारों तक भी मान्यता देनी चाहिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bangladesh PM Oath Ceremony | Taique Rehman; Lok Sabha Speaker Om Birla Attends

ढाका3 दिन पहले कॉपी लिंक तारिक रहमान ने मंगलवार शाम बांग्लादेश के पीएम पद की शपथ ली। बांग्लादेश में BNP अध्यक्ष तारिक रहमान नए प्रधानमंत्री बन गए हैं। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने संसद भवन में तारिक को पीएम पद की शपथ दिलाई। तारिक रहमान पहली बार प्रधानमंत्री बने हैं। इससे पहले आज दोपहर में BNP के सांसदों ने उन्हें संसदीय दल का नेता चुना था। वह पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और पूर्व राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं। 17 साल तक लंदन में रहने के बाद वह दो महीने पहले ही बांग्लादेश लौटे थे। रहमान के अलावा 25 कैबिनेट मंत्रियों और 24 राज्य मंत्रियों को भी पद की शपथ दिलाई है। इनमें एक हिंदू मंत्री निताई रॉय चौधरी और एक बौद्ध मंत्री दिपेन देवान चकमा भी शामिल है। 25 कैबिनेट मंत्रियों में से 17 नए चेहरे हैं। सभी 24 राज्य मंत्री नए हैं। उनके शपथ ग्रहण समारोह में भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला भी मौजूद रहे। वहीं पीएम मोदी ने तारिक रहमान को भारत आने का न्योता दिया। पिछले गुरुवार को हुए आम चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) ने 299 में से 209 सीटें जीतकर बहुमत के लिए जरूरी 150 के आंकड़े को पार कर लिया था। इसके अलावा 3 सीटों पर उसकी सहयोगी पार्टियों ने जीत हासिल की। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने तारिक रहमान को प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ दिलाई। बाद में दोनों ने हाथ मिलाया। तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद हस्ताक्षर किए। शपथ ग्रहण में स्पीकर ओम बिरला, बांग्लादेश के पूर्व चीफ एडवाइजर मोहम्मद यूनुस समेत दुनियाभर के कई नेता मौजूद रहे। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण समारोह देखने के लिए हजारों लोग संसद भवन के पास पहुंचे। ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की भारत के लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने तारिक रहमान से मुलाकात की। उन्होंने नई सरकार बनने पर भारत की ओर से शुभकामनाएं दीं। यह मुलाकात ढाका में नई सरकार के शपथ लेने के तुरंत बाद हुई। बैठक के दौरान ओम बिरला ने तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण दिया। भारत में बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह ने बताया कि दोनों नेताओं ने भरोसा जताया कि भारत और बांग्लादेश मिलकर आम लोगों के हित में काम करेंगे। मुलाकात में दोनों पक्षों ने आपसी सहयोग को बढ़ाने की बात कही, जिससे दोनों देशों के लोगों को सीधा फायदा मिले और रिश्ते और मजबूत हों। ओम बिरला ने तारिक रहमान को शुभकामना पत्र भी दिया। संविधान बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज इस बीच संविधान में बदलाव को लेकर सियासी टकराव तेज हो गया है। दरअसल, 12 फरवरी को संसद चुनाव के साथ ‘जुलाई चार्टर’ पर जनमत संग्रह भी हुआ था। इसमें 62% लोगों ने ‘हां’ में वोट दिया। जुलाई चार्टर के मुताबिक नई संसद 180 दिनों के लिए संविधान सभा की तरह काम करेगी। इस अवधि के दौरान संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं में बदलाव किए जाते। जुलाई चार्टर का मकसद देश में ताकत का एकाधिकार खत्म करना और संतुलन बनाना है। इससे प्रधानमंत्री की ताकत घट जाती और राष्ट्रपति को अधिकार दिए जाते। BNP ने जुलाई चार्टर पर हस्ताक्षर तो किए थे, लेकिन उसके नेता कई प्रावधानों पर आपत्ति जता रहे हैं। पार्टी का कहना है कि चार्टर तैयार करते समय उनसे सलाह नहीं ली गई थी। BNP बोली- संविधान में ऐसी किसी परिषद का प्रावधान नहीं BNP के स्टैंडिंग कमिटी सदस्य और सांसद सलाहुद्दीन अहमद ने बताया कि पार्टी के कोई भी सांसद इस परिषद के सदस्य के रूप में शपथ नहीं लेंगे। वर्तमान संविधान में ऐसी किसी परिषद का कोई प्रावधान नहीं है और न ही कोई अलग शपथ का फॉर्मेट मौजूद है। उनका कहना है कि संसद सदस्य केवल संसद के लिए चुने गए हैं, संवैधानिक सुधार परिषद के लिए नहीं। इस परिषद को वैध बनाने के लिए पहले संविधान में संशोधन करके इसे शामिल करना होगा, फिर संसद में इसे अपनाना होगा और उसके बाद ही शपथ का कोई कानूनी आधार बनेगा। यह परिषद जुलाई चार्टर के तहत संवैधानिक सुधारों को लागू करने के लिए बनाई गई है। योजना थी कि नए संसद सदस्य के साथ-साथ इस परिषद के सदस्य भी बनें और दोनों के लिए शपथ लें, लेकिन BNP ने इसे असंवैधानिक बताते हुए केवल संसद सदस्य की शपथ ली है। जुलाई चार्टर से कोई नेता अधिकतम 10 साल ही पीएम रह सकेगा जुलाई चार्टर के तहत PM के लिए जीवनभर कुल 10 साल (या अधिकतम दो टर्म) की सख्त टर्म लिमिट लगाई गई है, ताकि कोई लंबे समय तक सत्ता में न रह सके। PM पार्टी चीफ के पद के साथ नहीं रह सकता, इमरजेंसी घोषणा के लिए कैबिनेट और विपक्षी लीडर की लिखित सहमति जरूरी होगी। प्रेसिडेंट की भूमिका मजबूत होगी, जैसे कई स्वतंत्र संस्थाओं के प्रमुखों की नियुक्ति में प्रेसिडेंट को ज्यादा स्वतंत्र अधिकार मिलेंगे, जो पहले PM के प्रभाव में थे। बाइकैमरल संसद (ऊपरी सदन) बनने से PM-केंद्रित निचले सदन के फैसलों पर कंट्रोल लगेगा और कई संस्थाओं के लिए अलग सेलेक्शन कमिटी बनेंगी, जिससे PM का एकतरफा नियंत्रण कम होगा। नेशनल पार्लियामेंट में नवनिर्वाचित सांसदों ने शपथ ली बांग्लादेश की 13वीं नेशनल पार्लियामेंट के नवनिर्वाचित सदस्यों ने मंगलवार को नेशनल पार्लियामेंट के साउथ प्लाजा में शपथ ली। सुबह करीब 10:42 बजे (स्थानीय समयानुसार) मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन ने सांसदों को शपथ दिलाई। बांग्लादेशी मीडिया प्रथोम ओलो के मुताबिक, यह शपथ ग्रहण समारोह कड़ी सुरक्षा के बीच आयोजित हुआ, जिसमें 1,000 से ज्यादा स्थानीय और विदेशी मेहमान शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह से पहले कुरान पढ़ी गई। मुख्य समारोह शाम 4 बजे शुरू होगा। राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन निर्वाचित प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके शुरुआती मंत्रिमंडल को पद की शपथ दिलाएंगे। शपथ ग्रहण समारोह के लिए 13 देशों को आधिकारिक न्योता भेजा गया है, जिनमें भारत, चीन, पाकिस्तान जैसे बड़े नाम शामिल हैं। भारत की ओर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला बांग्लादेश पहुंचे हैं। उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिश्री भी शामिल होंगे। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला आज तारिक रहमान के शपथ समारोह में शामिल होने के लिए बांग्लादेश पहुंचे हैं। कई देशों और क्षेत्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए व्यक्ति देश/संगठन ओम बिरला लोकसभा स्पीकर,









