Monday, 25 May 2026 | 07:25 PM

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Bhojshala Temple Dispute: 95-Year-Old Shares Unheard Struggle

Bhojshala Temple Dispute: 95-Year-Old Shares Unheard Struggle

. यह कहते हुए 95 साल के विमल गोधा की आंखें चमक जाती हैं। गोधा उन लोगों में शामिल हैं जिन्होंने भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर साबित करने के लिए संघर्ष किया। भोज उत्सव समिति ने भी इसमें बढ़चढ़कर हिस्सा लिया। समिति के संरक्षक अशोक कुमार जैन ने भोजशाला में हनुमान चालीसा पाठ की शुरुआत कराई थी। 16 मई को हाईकोर्ट की इंदौर बेंच ने भोजशाला को वाग्देवी का मंदिर माना। फैसले के बाद भास्कर ने आंदोलन से जुड़े लोगों से बात की, जिन्होंने संघर्ष की यादें साझा कीं। हाईकोर्ट के फैसले के बाद भोजशाला के बाहर खुशियां मनाते हिंदू संगठन के कार्यकर्ता। सियासत और दमन का दौर विमल गोधा बताते हैं कि 1993 से 2003 के बीच दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार में आंदोलनकारियों और प्रशासन के बीच सीधा टकराव होता था। उस दौर में धारा 144, एहतियाती गिरफ्तारियां और बाहरी संतों के प्रवेश पर रोक आम थी। विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं पर ‘शांति भंग’ के आरोप में कई मुकदमे दर्ज हुए। आंदोलनकारियों का आरोप था कि सरकार हिंदू पूजा अधिकारों को नियंत्रित कर रही थी, जबकि प्रशासन इसे सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की कवायद बताता था। 2003 का वो खौफनाक मंजर विमल बताते हैं कि यह संघर्ष केवल पुरुषों का नहीं था। इसमें महिलाओं ने भी अभूतपूर्व साहस दिखाया। 2003 के लाठीचार्ज को याद करते हुए वे कहते हैं, उस दिन बसंत पंचमी थी। हम भोजशाला में पूजा करना चाहते थे, लेकिन दिग्विजय सरकार ने हमें रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया था। हमने चार समूह बनाए थे ताकि अलग-अलग रास्तों से भोजशाला पहुंच सकें। इस आंदोलन के बाद मिली पूजा की इजाजत गोधा बताते हैं कि इसमें महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। उस आंदोलन के बाद हर मंगलवार हिंदुओं को भोजशाला में आरती की परमिशन मिली थी। पांचवीं कक्षा से भोजशाला जा रहे विमल गोधा आज भी हर मंगलवार आरती में शामिल होते हैं। उनके लिए जीते-जी कोर्ट का फैसला देखना किसी सौभाग्य से कम नहीं है। तस्वीर 2003 की है। विमल गोधा पुलिस को चकमा देकर भोजशाला की तरफ भागे थे। बचपन के बस्ते से सत्याग्रह तक का सफर भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक कुमार जैन की कहानी भी ऐसी ही है। 1965 से आंदोलन से जुड़े अशोक बताते हैं कि बचपन में वे स्कूल से सीधे भोजशाला पहुंच जाते थे। वे कहते हैं, हम बसंत पंचमी मनाना और पूजा करना चाहते थे, लेकिन तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय हमें बाहर धकेला जाता था और झूठे केस लगाए जाते थे। 1992 में साध्वी ऋतंभरा के आह्वान के बाद यहां हर मंगलवार हनुमान चालीसा पाठ शुरू हुआ। दिग्विजय सिंह सरकार के दौरान इस पर प्रतिबंध लगा तो आंदोलन और उग्र हो गया। अंततः 4 अप्रैल 2003 को एएसआई के आदेश के बाद यहां नियमित पूजा-अर्चना का मार्ग प्रशस्त हुआ। विवाद की जड़ें: राजा भोज से ब्रिटिश म्यूजियम तक भोजशाला का इतिहास 11वीं सदी के राजा भोज से जुड़ा है। उन्होंने इसे संस्कृत शिक्षा और कला के केंद्र के रूप में स्थापित किया था। यहां मां सरस्वती (वाग्देवी) का भव्य मंदिर था। बाद में यहां कमाल मौला मस्जिद बनी, जिससे यह स्थल दो समुदायों के दावे का केंद्र बन गया। वाग्देवी की ‘घर वापसी’ का इंतजार इस विवाद का सबसे भावुक पहलू मां वाग्देवी की वह प्रतिमा है, जिसे 1875-1880 के आसपास ब्रिटिश अधिकारी भारत से लंदन ले गए थे। काले पत्थर की यह सुंदर प्रतिमा आज ब्रिटिश म्यूजियम में रखी है। हिंदू संगठनों का मानना है कि जब तक मूल प्रतिमा वापस नहीं आती, संघर्ष अधूरा है। फिलहाल, ग्वालियर में एक नई प्रतिमा तैयार कराई गई है, जिसे प्रतीक स्वरूप स्थापित करने की योजना है। ब्रिटिश म्यूजियम ग्रेट रसल स्ट्रीट में मां वाग्देवी की यह प्रतिमा रखी हुई है। ऐसे चला कोर्ट में मामला…. साल 2022 में याचिका दायर यह मामला 2022 में तब शुरू हुआ था, जब रंजना अग्निहोत्री और उनके साथियों ने हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भोजशाला का धार्मिक स्वरूप तय करने और हिंदू समाज को पूर्ण अधिकार देने की मांग की थी। इसी प्रकरण में 2024 में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने भोजशाला परिसर का 98 दिन तक वैज्ञानिक सर्वेक्षण किया था। इसके बाद 23 जनवरी 2026 को वसंत पंचमी पर सुप्रीम कोर्ट ने दिनभर निर्बाध पूजा-अर्चना की अनुमति दी थी। 6 अप्रैल 2026 से हाईकोर्ट में नियमित सुनवाई शुरू हुई, जो 12 मई तक चली। हिंदू पक्ष ने मंदिर होने के तर्क दिए 6 से 9 अप्रैल तक हिंदू पक्ष की ओर से विष्णु शंकर जैन, विनय जोशी और मुख्य याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने भोजशाला को मंदिर बताते हुए तर्क रखे। याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट में कई ऐतिहासिक और पुरातात्विक साक्ष्य भी पेश किए। इनमें ASI सर्वेक्षणों और ऐतिहासिक अभिलेखों में मंदिर स्थापत्य के अवशेष, स्तंभ, शिलालेख और देवी सरस्वती से जुड़े प्रतीकों का उल्लेख शामिल था। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि ब्रिटिशकालीन गजेटियर और इतिहासकारों के दस्तावेजों में भोजशाला को मां सरस्वती का मंदिर और विद्या केंद्र बताया गया है। साथ ही परिसर में संस्कृत और प्राचीन नागरी लिपि के शिलालेख मिलने तथा लंबे समय से वसंत पंचमी सहित अन्य अवसरों पर पूजा-अर्चना की परंपरा का भी हवाला दिया गया। याचिकाकर्ता पक्ष का कहना था कि परिसर के कई संरचनात्मक तत्व इस्लामी स्थापत्य से पहले के हैं, जो मंदिर स्वरूप की ओर संकेत करते हैं। मुख्य याचिका के साथ चार अन्य याचिकाएं और एक अपील भी क्लब की गई थीं। मुस्लिम पक्ष ने सर्वे रिपोर्ट पर उठाए सवाल मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में तर्क दिया था कि परिसर लंबे समय से कमाल मौला मस्जिद के रूप में उपयोग में रहा है और धार्मिक स्वरूप तय करने का अधिकार सिविल कोर्ट को है। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने ASI सर्वे रिपोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि सर्वे के दौरान उपलब्ध कराई गई तस्वीरें और वीडियोग्राफी स्पष्ट नहीं थीं। उन्होंने यह भी कहा कि अयोध्या मामले के विपरीत भोजशाला में कोई स्थापित मूर्ति मौजूद नहीं है। फैसले की 7 बड़ी बातें… धार्मिक चरित्र मंदिर का: कोर्ट ने माना कि भोजशाला पहले हिंदू मंदिर और संस्कृत शिक्षा केंद्र था। इसके लिए ASI

Trump china visit state dinner beijing temple heaven photos

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बीजिंग29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन दौरे का आज तीसरा दिन है। ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति के साथ ‘टैंपल ऑफ हैवन’ देखा। यहां उनके साथ बेटे एरिक और बहू लारा भी मौजूद थे। इसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मीटिंग की। चीन ने बुधवार शाम को ट्रम्प के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित किया। दावत में चीन की मशहूर डिश ‘बीजिंग रोस्ट डक’ परोसी गई। इसके अलावा बीफ रिब्स भी रखे गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प को अच्छी तरह पका हुआ मांस पसंद है, इसलिए मेन्यू में यह डिश शामिल की गई। मिठाई में तिरामिसू, आइसक्रीम, ताजे फल और शंख जैसी दिखने वाली खास पेस्ट्री परोसी गई। वहीं, अमेरिकी मीडिया चैनल Fox न्यूज के पत्रकार चीन की राजधानी बीजिंग की सड़कों पर लगे सैकड़ों CCTV कैमरे देखकर हैरान रह गए। 20 तस्वीरें में देखिए ट्रम्प की चीन दौरा… चीन के स्टेट डिनर की तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को चीन की राजधानी बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित स्टेट डिनर में पहुंचते हुए। ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और उनकी पत्नी लारा ट्रम्प भी स्टेट डिनर में शामिल हुए। चीनी कर्मचारी स्टेट डिनर से पहले टेबल तैयार करते हुए। कर्मचारियों ने इस दौरान साफ सफाई का काफी ध्यान रखा, उन्होंने हैंड ग्लव्स पहने हुए थे। स्टेट डिनर के लिए सजाई गई प्लेट्स। इस डिनर में बीजिंग रोस्ट डक, बीफ रिब्स, चीनी व्यंजन, मौसमी सब्जियों से बनी डिशें, मिठाई में तिरामिसू, आइसक्रीम, ताजे फल, शंख के आकार की खास पेस्ट्री शामिल थी। ट्रम्प स्टेट डिनर के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठे हुए। ट्रम्प ने स्टेट डिनर के दौरान अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक रिश्तों की जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के लोगों के बीच लंबे समय से आपसी सम्मान की भावना रही है। स्टेट डिनर में शामिल नेता और बिजनेसमैन टेस्ला के CEO और दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क स्टेट डिनर के दौरान शी जिनपिंग का भाषण सुनते हुए। एपल के CEO टिम कुक भी स्टेट डिनर में शामिल हुए। ट्रम्प के साथ 17 अमेरिकी कंपनियों के CEO भी चीन पहुंचे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ स्टेट डिनर के दौरान चीनी अधिकारियों से बात करते हुए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और इलॉन मस्क की स्टेट डिनर के दौरान की तस्वीर। ट्रम्प की बीजिंग में हैवन टैंपल विजिट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को चीन की राजधानी बीजिंग स्थित टैंपल ऑफ हेवन के बाहर ट्रम्प का इंतजार करते हुए। ट्रम्प के पहुंचते ही जिनपिंग ने उनसे हाथ मिलाया और फिर दोनों नेताओं ने टैंपल का दौरा किया। ट्रम्प बोर्ड पर लिखा हुआ मंदिर का इतिहास पढ़ते हुए। हैवन टैंपल करीब 600 साल पुराना है। इसे चीन के मिंग और छिंग राजवंश के सम्राटों ने बनवाया था। पुराने समय में चीन के राजा यहां अच्छी फसल और शांति के लिए पूजा करने आते थे। टैंपल ऑफ हेवन अपनी खूबसूरत गोलाकार इमारत, नीली छत और पारंपरिक चीनी वास्तुकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां का सबसे प्रसिद्ध हिस्सा ‘हॉल ऑफ प्रेयर फॉर गुड हार्वेस्ट्स’ है, जहां खास धार्मिक समारोह होते थे। ट्रम्प अपनी बहू लारा और एरिक के साथ मंदिर के बाहर तस्वीर खिंचाते हुए। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद थे। ट्रम्प के दौरे से जुड़ी अन्य तस्वीरें चीनी आर्मी के सोल्जर डोनाल्ड ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए। ट्रम्प और जिनपिंग का चीन की राजधानी बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में स्वागत समारोह के दौरान बच्चों का अभिवादन करते हुए। फॉक्स न्यूज के एक पत्रकार ने बीजिंग में लगे सैकड़ों CCTV कैमरे देखकर हैरानी जताई। उन्होंने बताया कि उनके ड्राइवर ने दो मिनट के लिए गलत जगह कार पार्क कर दी थी, जिसके बाद उन पर 3600 रुपए का जुर्माना लगाया गया। ट्रम्प बुधवार को जब बीजिंग के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे, तब करीब 300 चीनी बच्चों ने उनका स्वागत किया। ट्रम्प के सम्मान में एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाया गया। ट्रम्प के बीजिंग पहुंचने से पहले बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग में थियानमेन गेट पर चीनी राष्ट्रपिता माओत्से तुंग की तस्वीर के पास अमेरिकी और चीनी झंडे लगाए गए। ———————- यह खबर भी पढ़ें… जिनपिंग ने ट्रम्प से कहा- पार्टनर बनें, कॉम्पटीटर नहीं:ट्रेड वॉर में कोई नहीं जीतता; ट्रम्प बोले- आपसे दोस्ती सम्मान की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जिनपिंग ने ट्रम्प का स्वागत किया। इस दौरान ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Temple Visit Not Essential to be Hindu, SC Says; Live Life Way

Temple Visit Not Essential to be Hindu, SC Says; Live Life Way

Hindi News National Subramanya Case: Temple Visit Not Essential To Be Hindu, SC Says; Live Life Way नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि हिंदू धर्म जीवन जीने का तरीका है। हिंदू बने रहने के लिए मंदिर जाना या खास पूजा-पाठ जरूरी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि घर में दीया जलाना भी आस्था दिखाने के लिए पर्याप्त है। यह टिप्पणी चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने की। बेंच धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव, सबरीमाला मंदिर और दाऊदी बोहरा समुदाय से जुड़े धार्मिक स्वतंत्रता मामलों पर सुनवाई कर रही है। बुधवार को सुनवाई का यह 15वां दिन है। बेंच में जस्टिस बी वी नागरत्ना, एम एम सुंद्रेश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, प्रसन्ना बी वराले, आर महादेवन और जॉयमाल्या बागची शामिल हैं। 7 सवाल, जिन पर बहस हो रही… व्यक्ति अपनी आस्था को लेकर स्वतंत्र सुनवाई के दौरान इंटरविनर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डॉ. जी मोहन गोपाल ने कहा कि धार्मिक समुदायों के भीतर से ही सामाजिक न्याय की मांग उठ रही है। उन्होंने 1966 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि तब हिंदू उसे माना गया था, जो वेदों को सर्वोच्च मानता है। उन्होंने कहा, हममें से किसी ने भी यह नहीं कहा कि हर हिंदू वेदों को सर्वोच्च मानता है। मैं वेदों का सम्मान करता हूं, लेकिन क्या आज हर हिंदू ऐसा मानता है? इस पर जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा, “इसी वजह से हिंदू धर्म को जीवन जीने का तरीका कहा जाता है। हिंदू बने रहने के लिए मंदिर जाना या कोई अनुष्ठान करना जरूरी नहीं है।” उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी आस्था को लेकर स्वतंत्र है और किसी को इसमें बाधा नहीं डालनी चाहिए। सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है। इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछली 14 सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं 23 अप्रैल- इस्लाम में महिलाओं के मस्जिद आने पर रोक नहीं 28 अप्रैल- धार्मिक प्रथाओं के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं कर सकते 29 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- धर्म के विनाश का हिस्सा नहीं बनेंगे 5 मई- सबरीमाला केस में वकीलों ने याचिका लगाई; जज ने कहा- अपने लोगों के लिए काम करें 6 मई- सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला बार-बार रुख नहीं बदल सकते 7 मई- सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला-हर धार्मिक प्रथा को चुनौती गलत 12 मई- सुधार के नाम पर धर्म की आजादी नहीं छीन सकते ————————————————- ये खबर भी पढ़ें: सुधार के नाम पर धर्म की आजादी नहीं छीन सकते:सबरीमाला केस में सुप्रीम कोर्ट बोला- जनता की मांग पर सुधार होंगे, जबरन थोपा तो दखल देंगे सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धार्मिक स्वतंत्रता का हनन नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने समाज की जरूरतों के अनुसार प्रावधान बनाए हैं, जिन्हें नौ जजों की बेंच बदला नहीं सकती। पढ़े पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Temple Visit Not Essential to be Hindu, SC Says; Live Life Way

Temple Visit Not Essential to be Hindu, SC Says; Live Life Way

Hindi News National Subramanya Case: Temple Visit Not Essential To Be Hindu, SC Says; Live Life Way नई दिल्ली33 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि हिंदू धर्म जीवन जीने का तरीका है। हिंदू बने रहने के लिए मंदिर जाना या खास पूजा-पाठ जरूरी नहीं है। कोर्ट ने कहा कि घर में दीया जलाना भी आस्था दिखाने के लिए पर्याप्त है। यह टिप्पणी चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली 9 जजों की संविधान पीठ ने की। बेंच धार्मिक स्थलों पर महिलाओं के साथ भेदभाव, सबरीमाला मंदिर और दाऊदी बोहरा समुदाय से जुड़े धार्मिक स्वतंत्रता मामलों पर सुनवाई कर रही है। बुधवार को सुनवाई का यह 15वां दिन है। बेंच में जस्टिस बी वी नागरत्ना, एम एम सुंद्रेश, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, अरविंद कुमार, ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, प्रसन्ना बी वराले, आर महादेवन और जॉयमाल्या बागची शामिल हैं। 7 सवाल, जिन पर बहस हो रही… व्यक्ति अपनी आस्था को लेकर स्वतंत्र सुनवाई के दौरान इंटरविनर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील डॉ. जी मोहन गोपाल ने कहा कि धार्मिक समुदायों के भीतर से ही सामाजिक न्याय की मांग उठ रही है। उन्होंने 1966 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि तब हिंदू उसे माना गया था, जो वेदों को सर्वोच्च मानता है। उन्होंने कहा, हममें से किसी ने भी यह नहीं कहा कि हर हिंदू वेदों को सर्वोच्च मानता है। मैं वेदों का सम्मान करता हूं, लेकिन क्या आज हर हिंदू ऐसा मानता है? इस पर जस्टिस बी वी नागरत्ना ने कहा, “इसी वजह से हिंदू धर्म को जीवन जीने का तरीका कहा जाता है। हिंदू बने रहने के लिए मंदिर जाना या कोई अनुष्ठान करना जरूरी नहीं है।” उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी आस्था को लेकर स्वतंत्र है और किसी को इसमें बाधा नहीं डालनी चाहिए। सबरीमाला मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई हुई सबरीमाला मंदिर मामले पर 7 अप्रैल से सुनवाई शुरू हुई थी। इस दौरान केंद्र सरकार ने सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री के विरोध में दलीलें रखीं। सरकार ने कहा था कि देश के कई देवी मंदिरों में पुरुषों की एंट्री भी बैन है। इसलिए धार्मिक परंपराओं का सम्मान किया जाना चाहिए। पिछली 14 सुनवाई में क्या हुआ, पढ़िए… 7 अप्रैल : केंद्र की दलील- मंदिर में महिलाओं की एंट्री का फैसला गलत 8 अप्रैल- जो भक्त नहीं, वो धार्मिक परंपरा को चुनौती कैसे दे रहा 9 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- मंदिरों में एंट्री रोकने से समाज बंटेगा 15 अप्रैल- सबरीमाला मैनेजमेंट बोला- अयप्पा मंदिर रेस्टोरेंट नहीं, यहां ब्रह्मचारी देवता 17 अप्रैल- SC बोला- संविधान सबसे ऊपर, निजी धार्मिक मान्यताओं से उठकर फैसला जरूरी 21 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट ने पूछा-छूने से देवता अपवित्र कैसे होते हैं 22 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- हिंदू एकजुट रहें, संप्रदायों में बंटे नहीं 23 अप्रैल- इस्लाम में महिलाओं के मस्जिद आने पर रोक नहीं 28 अप्रैल- धार्मिक प्रथाओं के नाम पर सड़कें ब्लॉक नहीं कर सकते 29 अप्रैल- सुप्रीम कोर्ट बोला- धर्म के विनाश का हिस्सा नहीं बनेंगे 5 मई- सबरीमाला केस में वकीलों ने याचिका लगाई; जज ने कहा- अपने लोगों के लिए काम करें 6 मई- सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला बार-बार रुख नहीं बदल सकते 7 मई- सबरीमाला केस, सुप्रीम कोर्ट बोला-हर धार्मिक प्रथा को चुनौती गलत 12 मई- सुधार के नाम पर धर्म की आजादी नहीं छीन सकते ————————————————- ये खबर भी पढ़ें: सुधार के नाम पर धर्म की आजादी नहीं छीन सकते:सबरीमाला केस में सुप्रीम कोर्ट बोला- जनता की मांग पर सुधार होंगे, जबरन थोपा तो दखल देंगे सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि सामाजिक सुधार के नाम पर धार्मिक स्वतंत्रता का हनन नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि संविधान निर्माताओं ने समाज की जरूरतों के अनुसार प्रावधान बनाए हैं, जिन्हें नौ जजों की बेंच बदला नहीं सकती। पढ़े पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ashoknagar Fraud Gang | Luxury Life, Temple Donations

Ashoknagar Fraud Gang | Luxury Life, Temple Donations

अशोकनगर पुलिस ने ठगी के 2 आरोपियों को अरेस्ट किया है। मध्य प्रदेश के अशोकनगर में सामने आए हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल गैंग ने सोशल मीडिया को हथियार बनाकर एक युवती को टारगेट किया। इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर प्रेमजाल और उसके बाद अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 1 करोड़ 30 लाख रुपए की वसूली की। . गिरफ्तार आकाश चौहान और उसकी पत्नी आयुषी चौहान से पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, ठगी के पैसों से आरोपियों ने लग्जरी लाइफस्टाइल बनाई थी। गिरोह की मास्टरमाइंड आयुषी चांदी की चप्पल पहनती थी और चांदी का पर्स रखती थी। ‘पाप न लगे’ इसलिए विदेश में कराते थे भंडारे अशोकनगर कोतवाली पुलिस के मुताबिक, आरोपी ‘पाप न लगे’ इसलिए देश-विदेश के मंदिरों में दान-पुण्य और भंडारे करवाते थे। पुलिस अब तक करीब 70 लाख रुपए की संपत्ति, लग्जरी सामान और नकदी जब्त कर चुकी है। वारदात से जुड़ी तस्वीरें देखिए… दंपती आयुषी चौहान और आकाश चौहान पर भी केस दर्ज हुआ है। आयुषी चौहान चांदी की चप्पलें पहनती थी। आरोपियों से घर से 70 लाख रुपए की संपत्ति और लग्जरी सामान बरामद किया । इंस्टाग्राम से शुरू हुआ जाल, फिर शुरू हुआ ब्लैकमेल पुलिस जांच के अनुसार, आरोपियों ने इंस्टाग्राम के जरिए एक युवती से संपर्क किया। धीरे-धीरे उसे प्रेमजाल में फंसाया गया। इसके बाद उसके निजी फोटो और वीडियो हासिल कर लिए गए, फिर ब्लैकमेलिंग शुरू हुई। आरोपियों ने खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर युवती को डराया। अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी। भय और बदनामी के डर से पीड़िता से करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए वसूले गए। गैंग में तांत्रिक युवती और टैटू आर्टिस्ट भी शामिल गिरोह में एक तांत्रिक युवती और एक टैटू आर्टिस्ट की भूमिका भी सामने आई है। मामले में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है। चांदी की चप्पल और पर्स, ठगी के पैसों से बनी ‘लग्जरी क्वीन’ पुलिस के मुताबिक, गिरोह की मास्टरमाइंड आयुषी चौहान ठगी के पैसों से शाही अंदाज में रहती थी। पूछताछ में सामने आया कि वह चांदी की चप्पलें पहनती थी। उसके पास चांदी का पर्स भी था। आरोपियों ने लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवर खरीदे थे। पुलिस ने उनके घर से अब तक करीब 70 लाख रुपए की संपत्ति और लग्जरी सामान जब्त किया है। इससे पहले पुलिस महिंद्रा थार रॉक्स, स्कूटी और अन्य वाहन भी जब्त कर चुकी है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों और पेमेंट गेटवे की जांच कर रही। नेपाल तक में कराया भंडारा, मंदिरों में बांटते थे पैसा पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि गलत तरीके से कमाए गए पैसों से उन्हें “पाप लगने” का डर था। इसी वजह से वे जगह-जगह मंदिरों में दर्शन करने जाते थे। वहां दान-पुण्य और भंडारे करवाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी असम, पश्चिम बंगाल, राजस्थान और नेपाल तक घूमने जाते थे। वे अपनी थार गाड़ी से धार्मिक स्थलों पर पहुंचते थे और भंडारे आयोजित करते थे। नेपाल में भी उन्होंने भंडारा कराया था। घर से मिला लग्जरी सामान का अंबार कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के घर से भारी मात्रा में महंगा सामान बरामद किया है। जब्त सामान में सोने-चांदी के जेवर, चांदी की चप्पलें और पर्स, आईफोन, एप्पल लैपटॉप, करीब एक लाख रुपए कीमत का फ्रिज, वॉशिंग मशीन, अलमारी, ड्रेसिंग टेबल, महंगी घड़ियां और अन्य घरेलू सामान शामिल हैं। इसके अलावा 1.50 लाख रुपए कैश भी जब्त किए गए हैं। मोबाइल और लैपटॉप FSL जांच के लिए भेजे कोतवाली थाना प्रभारी रवि प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल फोन और लैपटॉप एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। पुलिस को आशंका है कि इनमें अन्य युवतियों और लोगों के वीडियो और डेटा भी हो सकते हैं। अब पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और पेमेंट गेटवे की भी जांच कर रही है। हर ट्रांजेक्शन को खंगाला जा रहा है, ताकि पता लगाया जा सके कि कहीं और लोग भी इस गैंग का शिकार तो नहीं बने। कोर्ट में पेश होगा जब्त सामान जब्त की गई संपत्ति और नकदी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। कोशिश रहेगी कि पीड़िता को मुआवजे के तौर पर राहत दिलाई जा सके। फिलहाल चारों आरोपी पुलिस रिमांड पर हैं। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में इस हाई-प्रोफाइल ब्लैकमेल गैंग से जुड़े और बड़े खुलासे हो सकते हैं। ………………………………. यह भी पढ़ें… इंस्टाग्राम पर दोस्ती, फिर युवती से डेढ़ करोड़ की ठगी:क्राइम ब्रांच अफसर बनकर धमकाते रहे आरोपी अशोकनगर में सोशल मीडिया पर दोस्ती कर युवती को प्रेमजाल में फंसाने, अश्लील फोटो-वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और फर्जी क्राइम ब्रांच अधिकारी बनकर करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपए की ठगी करने वाले संगठित गिरोह का पुलिस ने रविवार को पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में आदित्य सिंह तोमर, आयुषी चौहान, आकाश चौहान और आर्यन सोनी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से ठगी की रकम से खरीदे गए सोने-चांदी के जेवर, थार रॉक्स कार, स्कूटी, मोबाइल, लैपटॉप और नकदी बरामद की गई है। पूरी खबर पढ़िए…

PM Modi Inaugurates Meditation Temple in Bengaluru

PM Modi Inaugurates Meditation Temple in Bengaluru

Hindi News National Art Of Living Turns 45: PM Modi Inaugurates Meditation Temple In Bengaluru बेंगलुरु35 मिनट पहले कॉपी लिंक बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए ध्यान मंदिर का उद्घाटन किया। ये कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग के 45 साल पूरे होने और संस्थापक श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित किया गया। इस दौरान शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, जनजातीय कल्याण, स्वास्थ्य और डिजिटल साक्षरता से जुड़ी 9 नई सेवा परियोजनाओं की शुरुआत की गई। PM मोदी बोले- ध्यान मंदिर शांति का केंद्र बनेगा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नया ध्यान मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए शांति और सुकून का बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के 45 साल के काम की सराहना करते हुए कहा कि सेवा भाव से किया गया हर प्रयास सफल होता है। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए मानसिक रूप से शांत और सामाजिक रूप से जिम्मेदार युवाओं की जरूरत है। योग, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य की राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका है। कार्यक्रम में PM मोदी ने गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से कहा कि मैं आपका ही हूं और जहां हूं, वहां भी आपकी वजह से हूं। इस पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों से हजारों स्वयंसेवक शामिल हुए। इनमें युवा, डॉक्टर, शिक्षक, कारोबारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। गुरुदेव बोले- भारत में नया आत्मविश्वास दिख रहा आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कहा कि पिछले कुछ साल में देश में आत्मविश्वास बढ़ा है। भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के बाद देश ज्यादा साफ और व्यवस्थित दिखाई देता है। संस्था ने 90 लाख पौधे लगाए, 550 जेलों में कार्यक्रम चलाएंगे आर्ट ऑफ लिविंग ने बताया कि मिशन ग्रीन अर्थ के तहत पिछले एक साल में 19 राज्यों में 90 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। संगठन अब 45 लाख मोरिंगा पौधे और 87,500 पवित्र पेड़ लगाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। संगठन ने यह भी बताया कि जेल सुधार कार्यक्रम के तहत 550 जेलों में 1,000 कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वहीं, महिला और युवा नेतृत्व कार्यक्रमों के जरिए हजारों लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ———– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

PM Modi Inaugurates Meditation Temple in Bengaluru

PM Modi Inaugurates Meditation Temple in Bengaluru

Hindi News National Art Of Living Turns 45: PM Modi Inaugurates Meditation Temple In Bengaluru बेंगलुरु2 घंटे पहले कॉपी लिंक बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल सेंटर में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए ध्यान मंदिर का उद्घाटन किया। ये कार्यक्रम आर्ट ऑफ लिविंग के 45 साल पूरे होने और संस्थापक श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मदिन के मौके पर आयोजित किया गया। इस दौरान शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण, जनजातीय कल्याण, स्वास्थ्य और डिजिटल साक्षरता से जुड़ी 9 नई सेवा परियोजनाओं की शुरुआत की गई। PM मोदी बोले- ध्यान मंदिर शांति का केंद्र बनेगा प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नया ध्यान मंदिर आने वाली पीढ़ियों के लिए शांति और सुकून का बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने आर्ट ऑफ लिविंग के 45 साल के काम की सराहना करते हुए कहा कि सेवा भाव से किया गया हर प्रयास सफल होता है। पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के लिए मानसिक रूप से शांत और सामाजिक रूप से जिम्मेदार युवाओं की जरूरत है। योग, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य की राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका है। कार्यक्रम में PM मोदी ने गुरुदेव श्री श्री रविशंकर से कहा कि मैं आपका ही हूं और जहां हूं, वहां भी आपकी वजह से हूं। इस पर मौजूद लोगों ने तालियां बजाईं। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों से हजारों स्वयंसेवक शामिल हुए। इनमें युवा, डॉक्टर, शिक्षक, कारोबारी और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। गुरुदेव बोले- भारत में नया आत्मविश्वास दिख रहा आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने कहा कि पिछले कुछ साल में देश में आत्मविश्वास बढ़ा है। भारत वैश्विक स्तर पर मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान के बाद देश ज्यादा साफ और व्यवस्थित दिखाई देता है। संस्था ने 90 लाख पौधे लगाए, 550 जेलों में कार्यक्रम चलाएंगे आर्ट ऑफ लिविंग ने बताया कि मिशन ग्रीन अर्थ के तहत पिछले एक साल में 19 राज्यों में 90 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए हैं। संगठन अब 45 लाख मोरिंगा पौधे और 87,500 पवित्र पेड़ लगाने का लक्ष्य लेकर चल रहा है। संगठन ने यह भी बताया कि जेल सुधार कार्यक्रम के तहत 550 जेलों में 1,000 कार्यक्रम चलाए जाएंगे। वहीं, महिला और युवा नेतृत्व कार्यक्रमों के जरिए हजारों लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी। ———– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Trisha krishnan visit tripati temple at her 43rd birthday, fans linked it with thalapathy vijay’s election result

Trisha krishnan visit tripati temple at her 43rd birthday, fans linked it with thalapathy vijay's election result

11 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का आज 43वां बर्थडे है। इस खास मौके पर एक्ट्रेस ने तिरुपति बालाजी मंदिर पहुंचकर दर्शन किए। रविवार रात एक्ट्रेस तिरुपति के लिए रवाना हुई थीं, जिसके बाद अब उनके मंदिर दर्शन के विजुअल्स सामने आ रहे हैं। देखिए तृषा कृष्णन की तिरुपति मंदिर दर्शन की कुछ तस्वीरें- तृषा कृष्णन ऑफ व्हाइट ट्रेडिशन सूट पहने मंदिर पहुंचीं। टीम के साथ उन्होंने मंदिर के दर्शन किए। सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद से ही उनके इस दर्शन को तमिलनाडु चुनाव के नतीजों से जोड़ा जा रहा है। दरअसल, तृषा कृष्णन इन दिनों थलपति विजय से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। विजय की पार्टी TVK (तमिलगा वेट्री कड़गम) एग्जिट पोल में 234 सीटों में 109 से आगे चल रही है। विजय के पिता भी दर्शन करने पहुंचे चुनाव का रिजल्ट आने से ठीक पहले थलपति विजय के पिता एसएस चंद्रशेखर भी तिरुत्तनी मुरुगन मंदिर पहुंचे हैं। एसए चंद्रशेखर एक फिल्म डायरेक्टर हैं। इससे कुछ समय पहले भी तृषा कृष्णन ने वोट डालने के बाद सोशल मीडिया पर अपनी एक तस्वीर शेयर की थी। थलपति विजय से नाम जुड़ने के बाद उनकी ज्यादातर एक्टिविटीज को उन्हीं से जोड़कर देखा जा रहा है। कैसे चर्चा में आया तृषा-विजय का रिश्ता? हाल ही में थलपति विजय की पत्नी संगीता सोनालिंगम ने विजय से तलाक की मांग करते हुए याचिका में लिखा कि एक्टर का अफेयर एक एक्ट्रेस से है। दोनों 2021 से रिलेशनशिप में हैं। विजय ने बार-बार एक्ट्रेस से रिश्ता खत्म करने का आश्वासन दिया, लेकिन ऐसा नहीं किया। उन्होंने याचिका में ये भी कहा कि लगातार विजय की उस एक्ट्रेस के साथ वेकेशन की तस्वीरें सामने आती रहती हैं, जिससे उनकी मानहानि भी हुई है। तलाक से चर्चा में आए विजय कुछ समय बाद ही एक हाई प्रोफाइल शादी का हिस्सा बने, जहां एक्ट्रेस तृषा कृष्णन भी उनके साथ पहुंची थीं। ………………………………………. तृषा कृष्णन से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- तृषा@43, एक्टर-राजनेता थलापति विजय से जुड़ा नाम:सगाई तोड़ी, डायरेक्टर ने कहा था- ये घर से न निकले तो अच्छा, क्वीन ऑफ साउथ की कहानी क्वीन ऑफ साउथ इंडिया नाम से मशहूर एक्ट्रेस तृषा कृष्णन आज 43 साल की हो चुकी हैं। तमिल और तेलुगु सिनेमा की हाईएस्ट पेड एक्ट्रेस में शामिल तृषा इन दिनों साउथ सुपरस्टार थलापति विजय से नाम जुड़ने से चर्चा में हैं। दोनों करीब 5 फिल्मों में साथ नजर आए हैं, जिनमें से 2023 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म लियो भी शामिल है। थलापति विजय ने हाल ही में तलाक अनाउंस कर तृषा के साथ पब्लिक अपीयरेंस दी, जिससे अफेयर की चर्चा और बढ़ गईं। वहीं विजय की पूर्व पत्नी ने भी उन पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Shri Sanwaliyaji Temple Donation Counting Round 6 Update

Shri Sanwaliyaji Temple Donation Counting Round 6 Update

चित्तौड़गढ़ (मेवाड़) के श्रीसांवलियाजी सेठ मंदिर में गुरुवार को छठे चरण में दानराशि के कुल 54 लाख 6 हजार 600 रुपए की गिनती हुई। 6 राउंड के बाद महीनेभर (18 मार्च से 16 अप्रैल) के चढ़ावे की राशि 32 करोड़ 87 लाख 11 हजार 600 रुपए पर पहुंच गई है। . वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को खोली गई भंडार दानपेटी की गिनती आज राजभोग आरती के बाद शुरू की गई, जो शाम तक लगातार चलती रही। प्रशासनिक अधिकारियों और मंदिर मंडल की निगरानी में प्रक्रिया पूरी की जा रही है। एडीएम और मंदिर मंडल की सीईओ प्रभा गौतम ने बताया- अब शेष राशि की गणना शुक्रवार को आखिरी और सातवें चरण में की जाएगी। मंदिर प्रशासन का कहना है कि नवंबर, 2025 में दिवाली के बाद खोले गए भंडार के दौरान 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपए चढ़ावा आया था। यह अब तक का रिकॉर्ड चढ़ावा था, जो दो महीने का था। मंदिर के भंडार के कैश को गिनते कर्मचारी। फोटो 16 अप्रैल की है। पढ़िए अब तक मिला कितना चढ़ावा 16 अप्रैल : भंडार खोला गया। पहले दिन 11 करोड़ 11 लाख रुपए गिने गए। 17 अप्रैल : अमावस्या होने से दानराशि की गणना नहीं की गई। 18 अप्रैल : दूसरे राउंड में 6 करोड़ 51 लाख 24 हजार 500 रुपए की दानराशि सामने आई। 19 अप्रैल : रविवार होने से गिनती नहीं की गई। 20 अप्रैल : तीसरे चरण में 9 करोड़ 60 लाख 61 हजार 500 रुपए की राशि प्राप्त हुई। 21 अप्रैल : चौथे राउंड में 3 करोड़ 78 लाख 77 हजार रुपए की गिनती की गई। 22 अप्रैल : पांचवें चरण में 1 करोड़ 31 लाख 42 हजार रुपए गिने गए। 23 अप्रैल : छठे राउंड में 54 लाख 6 हजार 600 रुपए की गिनती हुई। ग्राफिक में समझिए सांवलिया सेठ मंदिर का इतिहास … सांवलिया सेठ के चढ़ावे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सांवलिया सेठ को डेढ़ महीने में 46-करोड़ रुपए का चढ़ावा:भक्तों ने 3 किलो सोना और 152 KG चांदी के गहने-आइटम भी किए दान चित्तौड़गढ़ (मेवाड़) के श्रीसांवलियाजी सेठ मंदिर में डेढ़ महीने (18 जनवरी से 1 मार्च तक) के दौरान चढ़ावे में 46 करोड़ 58 लाख 32 हजार 924 रुपए मिले। (पढ़ें पूरी खबर) सांवलिया सेठ के चढ़ावे का रिकॉर्ड टूटा, ₹51 करोड़ आए:भक्तों ने 1 किलो से ज्यादा सोना, 207 किलो से ज्यादा चांदी दान की चित्तौड़गढ़ (मेवाड़) के कृष्णधाम श्रीसांवलियाजी सेठ मंदिर को दान में मिली राशि ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। गुरुवार को हुए छठे और आखिरी राउंड में गिनती पूरी हुई। (पढ़ें पूरी खबर)

Kedarnath Temple Opening 2026 | Kapat Opening, Rules, Bhairav Temple Update

Kedarnath Temple Opening 2026 | Kapat Opening, Rules, Bhairav Temple Update

बद्रीनाथ और केदारनाथ के लिए इस बार बीकेटीसी ने नए नियम तय किए हैं। चारधाम यात्रा के चौथे दिन बुधवार सुबह 8 बजे केदारनाथ के कपाट विधिवत खोल दिए गए। परंपरा के अनुसार सबसे पहले मंदिर के पूर्व द्वार को खोला गया, मुख्य पुजारी के साथ रावल और हक-हकूकधारियों ने मंदिर में प्रवेश कर पूजा-अर्चना शुरू करदी है। . इस प्रक्रिया के तहत कपाट बंद होने से पहले ज्योतिर्लिंग पर सर्दियों में लगाई गई भस्म को हटाया जाता है। यही पवित्र भस्म श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दी जाती है। कपाट खुलने के मौके पर मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया गया है। पहले दिन 8 से 10 हजार भक्तों के दर्शन करने का अनुमान जताया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी इस मौके पर धाम में मौजूद हैं। वह यहां पर पीएम के नाम की पहली पूजा करेंगे। इस बार यात्रा में नियमों को लेकर ज्यादा सख्ती देखने को मिल रही है। मंदिर समिति ने साफ किया है कि मंदिर परिसर से 50 से 60 मीटर के एरिया में किसी भी व्यक्ति को मोबाइल फोन ले जाने की परमिशन नहीं है। इसके अलावा फोटोग्राफी के लिए धाम में अलग से तय स्थान बनाए गए हैं, मोबाइल वहीं इस्तेमाल किया जा सकेगा। मुख्य मंदिर परिसर में रील बनाना, फोटो खींचना और वीडियो बनाना पूरी तरह बैन है। केदारनाथ धाम की PHOTOS देखिए… पूर्व दिशा में स्थित इसी द्वार को अभी खोला गया है। अभी आम लोगों को मंदिर परिसर में एंट्री नहीं दी जा रही है। पूरे मंदिर की सजावट के लिए टीम गुजरात से बुलाई गई है। पूर्व द्वार से शुरू होगी पूजा, प्रसाद में मिलेगा भस्म सुबह 8 बजे सबसे पहले मंदिर के पूर्व दिशा के द्वार को खोला जाएगा। इसके बाद मुख्य पुजारी टी गंगाधर लिंग, हक-हकूकधारी, वेदपाठी और प्रशासनिक अधिकारी मंदिर में प्रवेश करेंगे, फिर भगवान केदारनाथ की विशेष पूजा-अर्चना और वेद पाठ करेंगे। इसके बाद कपाट बंद करते समय केदारनाथ के ज्योतिर्लिंग पर लगाई गई भस्म को हटाया जाएगा और यही भस्म श्रद्धालुओं को प्रसाद के रूप में दी जाएगी। पूजा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही मुख्य द्वार खोला जाएगा, जिससे आम श्रद्धालु दर्शन कर सकेंगे। दैनिक भास्कर चारधाम यात्रा गाइड, केदारनाथ-बद्रीनाथ जाने का प्लान कर रहे हैं तो ये गाइड आपके सबसे काम की है, इसे बिना पढ़े न जाएं धाम से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…