Saturday, 06 Jun 2026 | 02:40 AM

Trending :

10 घंटे में 10 लाख साइन-अप: अन्नामलाई ने अपने नए आंदोलन के लिए ‘असाधारण प्रतिक्रिया’ की सराहना की | भारत समाचार रुपया डॉलर के मुकाबले 81 पैसे मजबूत हुआ:RBI पॉलिसी के बाद ₹94.93 पर हुआ बंद; रेपो रेट 5.25% पर बरकरार अन्नामलाई ने नए राजनीतिक संगठन की घोषणा की, तमिलनाडु भाजपा से बड़े पैमाने पर इस्तीफे की शुरुआत | शीर्ष बिंदु | भारत समाचार पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग पाकिस्तान के कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान में चुनाव से भारत नाराज:कहा- इससे अवैध कब्जा वैध नहीं होगा; वहां 7 जून को 24 सीटों पर वोटिंग वापसी, गिरावट, या धुरी? भाजपा से बाहर निकलने की तीन बातें – और जहां अन्नामलाई फिट बैठते हैं | भारत समाचार
EXCLUSIVE

World News Updates; Trump India| Russia

World News Updates; Trump India| Russia

20 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही एक बड़ा व्यापार समझौता हो सकता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारे संबंध अच्छे हैं और हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत ने कई सालों तक अमेरिका का फायदा उठाया। उन्होंने कहा- भारत अमेरिका पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता था, जबकि अमेरिका को उससे ज्यादा फायदा नहीं मिलता था। ट्रम्प ने दावा किया कि अब स्थिति बदल गई है और अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा पैसा कमा रहा है। उन्होंने कहा- हमें एक समझौते तक पहुंचना है क्योंकि मैं PM मोदी को बहुत पसंद करता हूं। ट्रम्प के बयान के बीच अमेरिका ने भारत सहित 54 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इन देशों में जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर पर्याप्त रोक नहीं है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tiffany trump reached jaisalmer

Tiffany trump reached jaisalmer

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की छोटी बेटी टिफनी ट्रम्प पति माइकल बोलोस के साथ रविवार सुबह करीब 10:51 बजे विशेष विमान से जैसलमेर पहुंचीं। . वे विश्व प्रसिद्ध सोनार किला (जैसलमेर फोर्ट), पटवों की हवेली और खूबसूरत गड़ीसर लेक सहित जैसलमेर के प्रमुख पर्यटन स्थल देखने जाएंगी। टिफनी ट्रम्प और उनके पति सूर्यगढ़ होटल में रुके हैं। जिस विला में वे रुके हैं, वह होटल का सबसे महंगा है। उसका किराया करीब 2 लाख रुपए प्रतिदिन बताया जा रहा है। इस विला में तीन कमरे और स्विमिंग पूल है। अब देखिए PHOTOS… टिफनी ट्रम्प रविवार सुबह पति माइकल बोलोस के साथ विशेष विमान से जैसलमेर एयरपोर्ट पहुंचीं। टिफनी ट्रम्प और उनके पति की सुरक्षा को देखते हुए एयरपोर्ट के बाहर बुलेटप्रूफ गाड़ियों का काफिला तैनात रहा। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए एयरपोर्ट के बाहर एयर डिफेंस सिस्टम ‘आकाश’ भी तैनात किया गया। जैसलमेर की सड़कों से निकलता हाई सिक्योरिटी गाड़ियों का काफिला। सूर्यगढ़ होटल के बाहर तैनात पुलिस की गाड़ियां। पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सजे लोक कलाकारों ने होटल परिसर में डांस किया। होटल में टिफनी ट्रम्प के स्वागत में लोक गायन करते कलाकार। स्वागत के लिए ऊंटों को रंग-बिरंगे कपड़ों और पारंपरिक गहनों से सजाया गया। एयरपोर्ट के बाहर एयर डिफेंस सिस्टम ‘आकाश’ तैनात टिफनी ट्रम्प दिल्ली से जैसलमेर सिविल एयरपोर्ट पहुंचीं। जैसलमेर एयरपोर्ट पर पुलिस, विशेष सुरक्षा बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के जवान तैनात किए गए। एयरपोर्ट के बाहर एयर डिफेंस सिस्टम ‘आकाश’ भी तैनात किया गया था। इसे भारतीय सेना और वायुसेना की वायु रक्षा क्षमता का अहम हिस्सा माना जाता है। सुरक्षा व्यवस्था में हाई-सिक्योरिटी वाहन, बुलेटप्रूफ गाड़ियां भी शामिल रहीं। हाई-प्रोफाइल दौरे को देखते हुए अमेरिका की यूएस सीक्रेट सर्विस के साथ भारत की विभिन्न सुरक्षा एजेंसियां भी सुरक्षा व्यवस्था में जुटी हुई हैं। कड़ी सुरक्षा के बीच उनका काफिला एयरपोर्ट से शहर की ओर रवाना हुआ। सोनार किला सहित प्रमुख पर्यटन स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। जिला प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां पूरे दौरे के दौरान अलर्ट मोड पर है। होटल में राजस्थानी डांस से स्वागत टिफनी ट्रम्प के सूर्यगढ़ होटल पहुंचने पर लोक कलाकारों ने पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में घूमर सहित कई डांस परफॉर्मेंस दी। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर लोक कलाकारों ने प्रस्तुतियां दीं। विदेशी मेहमानों के स्वागत के लिए ऊंटों को विशेष रूप से राजस्थानी अंदाज में सजाया गया था। रंग-बिरंगे कपड़ों, कढ़ाईदार सजावटी सामान और पारंपरिक ज्वेलरी से सजे ऊंट आकर्षण का केंद्र बने रहे। टिफनी ट्रम्प और उनके पति को जैसलमेर से लौटेंगे। ताजमहल की फोटो शेयर कर लिखा- ‘The Stunning Taj Mahal’ जैसलमेर पहुंचने से पहले टिफनी ट्रम्प और उनके पति ने शनिवार को आगरा में विश्व प्रसिद्ध ताजमहल को देखा। वहां वे करीब एक घंटा रहे। जैसलमेर पहुंचने से करीब 2 घंटे पहले टिफनी ट्रम्प ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर ताजमहल की फोटो शेयर की। कैप्शन लिखा- “The Stunning Taj Mahal” भारत घूमने आईं टिफनी ट्रम्प और उनके पति शनिवार को आगरा (UP) में थे। उन्होंने ताजमहल देखा और फोटो क्लिक कराए। … यह खबर भी पढ़ें… डोनाल्ड ट्रम्प की बेटी जैसलमेर आएंगी, बॉर्डर इलाकों में अलर्ट: पति के साथ चार्टर प्लेन से कल पहुंचेंगी, सोनार किला और पटवों की हवेली देखेंगी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की छोटी बेटी टिफनी ट्रम्प अपने पति माइकल बोलोस के साथ रविवार को राजस्थान के जैसलमेर पहुंचेंगी। यह शाही जोड़ा चार्टर प्लेन से सीधे जैसलमेर पहुंचेगा। (पूरी खबर पढ़ें)

अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, ट्रम्प ने शर्तें गिनाईं:होर्मुज खुलेगा, माइंस हटेंगी; परमाणु कार्यक्रम पर भी सहमति का दावा

अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, ट्रम्प ने शर्तें गिनाईं:होर्मुज खुलेगा, माइंस हटेंगी; परमाणु कार्यक्रम पर भी सहमति का दावा

अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही समझौता हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह दावा किया है। उन्होंने संभावित समझौते की कई शर्तों का खुलासा करते हुए दावा किया कि दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट, परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान को यह मानना होगा कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत पूरी तरह खोला जाएगा और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल नहीं लगाया जाएगा। दोनों दिशाओं में जहाजों की आवाजाही बिना रोक-टोक जारी रहेगी। ट्रम्प के मुताबिक होर्मुज में बिछाई गई सभी समुद्री माइंस हटाई जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पहले ही कई माइंस को नष्ट कर चुका है, जबकि बाकी माइंस ईरान हटाएगा या नष्ट करेगा। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के समन्वय से बाहर निकालकर नष्ट किया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Bangladesh Trump Buffalo Eid Sacrifice Stopped

Bangladesh Trump Buffalo Eid Sacrifice Stopped

ढाका8 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश में डोनाल्ड ट्रम्प नाम से मशहूर सफेद भैंसे की ईद पर कुर्बानी रोक दी गई है। ईद से पहले इस भैंसे को कुर्बानी के लिए 3.85 लाख टाका (करीब 3 लाख रूपए) में बेचा गया था। न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, इस भैंसे का पालन-पोषण राजधानी ढाका से कुछ दूर नारायणगंज स्थित रबेया एग्रो फार्म में हुआ। फार्म के मालिक जिया उद्दीन मैरदा ने बताया कि ईद के लिए 700 किलो के इस भैंसे की कीमत 550 टका प्रति किलोग्राम लगाई गई थी। लेकिन जैसे-जैसे इस सफेद भैंसे की लोकप्रियता बढ़ती गई, वैसे-वैसे सरकार और प्रशासन का ध्यान भी उसकी तरफ गया। इसके बाद बांग्लादेश के गृह मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की कि भैंसे को बचाकर ढाका के नेशनल जू भेजा जाएगा। गृह मंत्री सलाहुद्दीन अहमद ने अधिकारियों को इस जानवर को सुरक्षित रखने का आदेश दिया। सरकार ने यह भी कहा कि जिस व्यक्ति ने कुर्बानी के लिए यह भैंसा खरीदा था, उसे उसके पूरे पैसे वापस किए जाएंगे। ट्रम्प नाम के मशहूर भैंसे की 5 तस्वीरें… इस भैंसे के सनहरे बाल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प की हेयरस्टाइल से मेल खाते है। जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसका नाम ‘ट्रम्प’ रखा गया। लोग दूर-दूर से सिर्फ इस अनोखे भैंसे को देखने के लिए फार्म पर पहुंचते है। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो भी बनाते है। इस भैंसे का पालन-पोषण राजधानी ढाका से कुछ दूर नारायणगंज स्थित रबेया एग्रो फार्म में हुआ है। फार्म के मालिक ने बताया कि यह भैंस 4 साल का है, इसलिए अधिकारियों ने का मानना है की यह कई साल तक जिंदा रह सकता है। भैंसे की कुर्बानी रोक अब इसे ढाका जू ले जाया जा रहा है। यहां इसकी देखभाल सरकार ने अंतर्गत होगी। अपने सुनहरे बालों के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हुआ भैंसा यह भैंसा सोशल मीडिया पर अचानक बहुत मशहूर हो गया। इसकी तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होने लगे। लोग दूर-दूर से सिर्फ इसे देखने आते थे। बच्चे, परिवार और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स उसके साथ फोटो और वीडियो बनाने लगे। इस भैंसे की सबसे खास बात उसके सिर पर मौजूद सुनहरे बालों का गुच्छा है, जो काफी हद तक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के हेयरस्टाइल जैसा दिखता है। इसी वजह से लोगों ने मजाक-मजाक में उसका नाम डोनाल्ड ट्रम्प रख दिया था। लोगों की भारी भीड़ फार्म पर जमा होने लगी, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने आखिरी समय में फैसला लिया कि इस दुर्लभ भैंसे की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। पशुपालन विभाग ने भैंसे को सुरक्षित रखने कि मांग की ढाका के केरानीगंज पुलिस स्टेशन के अधिकारी मोहम्मद रूहुल कुद्दुस ने बताया कि पशुपालन विभाग ने पुलिस से संपर्क कर इस भैंसे को सुरक्षित रखने की मांग की थी। अधिकारियों का मानना है कि यह भैंसा अभी जवान है और कई साल तक जिंदा रह सकता है। ANI से बात करते हुए फार्म के मालिक ने बताया कि यह भैंस 4 साल का है और यह एल्बिनो किस्म की नस्ल है। इसका रंग सफेद-गुलाबी जैसा है। इसीलिए यह दुर्लभ और अनोखी है। अब इस भैंसे को बांग्लादेश नेशनल जू में रखा गया है। जू प्रशासन ने उसके लिए अलग बाड़ा तैयार किया है और उसकी देखभाल के लिए खास कर्मचारी भी लगाए गए हैं। जू के क्यूरेटर अतीकुर रहमान ने बताया कि भैंसे को फिलहाल दो हफ्ते तक निगरानी और क्वारंटीन में रखा जाएगा। इसके बाद आम लोग उसे जू में देख सकेंगे। बांग्लादेश में एल्बिनो नस्ल बेहद दुर्लभ बांग्लादेश में सफेद या एल्बिनो भैंसे बेहद दुर्लभ माने जाते हैं। वहां ज्यादातर काले रंग के जानवर ही देखने को मिलते हैं। ऐसे में इस भैंसे का अलग रंग और उसके सिर के सुनहरे बाल लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा कारण बन गए। एल्बिनो नस्ल के जानवरों के शरीर में मेलेनिन नाम का पिगमेंट बहुत कम या बिल्कुल नहीं बनता। यही पिगमेंट त्वचा, बाल और आंखों को रंग देता है। इसकी कमी की वजह से ऐसे जानवरों का रंग सफेद या हल्का गुलाबी दिखता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक हजारों सामान्य पशुओं में कभी-कभी एक एल्बिनो जन्म लेता है। इनकी त्वचा और आंखें संवेदनशील होती हैं, इसलिए इन्हें धूप, संक्रमण और त्वचा संबंधी बीमारियों से ज्यादा खतरा रहता है। —————— ये खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान में 9 इस्लामिक जगहों के नाम नहीं बदलेंगे:हिंदू-सिख दौर का नाम रखा जाना था, कट्टरपंथियों के विरोध के बाद फैसला बदला पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मरियम नवाज सरकार ने लाहौर की सड़कों, चौकों और इलाकों के पुराने नाम बहाल करने का फैसला फिलहाल टाल दिया है। सरकार जिन नामों को बहाल करना चाहती थी, उनमें कई हिंदू और सिख दौर के नाम शामिल थे। सरकार ने यह कदम कट्टरपंथी समूहों और सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध के बाद उठाया। कुछ लोगों ने इसे हिंदू और सिख पहचान वापस लाने की कोशिश बताते हुए धार्मिक रंग दे दिया था। लाहौर के डिप्टी कमिश्नर कैप्टन (रिटायर्ड) मोहम्मद अली एजाज ने पाकिस्तानी अखबार डॉन से कहा कि अभी कोई अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ट्रम्प बोले- ईरान सोच रहा था मैं थक जाऊंगा:अब उन्हें डील करनी ही पड़ेगी, यूरेनियम देने पर भी प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी

ट्रम्प बोले- ईरान सोच रहा था मैं थक जाऊंगा:अब उन्हें डील करनी ही पड़ेगी, यूरेनियम देने पर भी प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को लगा था कि वह बातचीत से पीछे हट जाएंगे, लेकिन अब तेहरान के पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, ईरान को लगा था कि वे मुझे इंतजार करवाकर थका देंगे। उन्हें लगा कि मेरे सामने मिडटर्म चुनाव हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब सिर्फ समझौता करना चाहता है। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अभी संभावित डील से संतुष्ट नहीं है, लेकिन उसकी शर्तें माने बिना समझौता नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो हमें काम पूरा करना होगा। PBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सौंप भी देता है, तब भी उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका डील का दावा- ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शुरुआती समझौता ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बहाल करने और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने का प्रस्ताव शामिल है। 2. अमेरिका ने रिपोर्ट को बताया झूठ- व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की शांति समझौते वाली रिपोर्ट को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। अमेरिका ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का आधिकारिक ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है। 3. लेबनान में इजराइली हमले तेज- दक्षिणी लेबनान में इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई और 40 घायल हुए। लगातार हमलों के बीच लोगों में दहशत है और बड़े पैमाने पर पलायन जारी है। 4. ईरान ने भारतीय नाविकों को छोड़ा- ईरान ने लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद जुलाई 2025 से हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया। सभी नाविक जल्द भारत लौटेंगे और फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं। 5. हमास कमांडर को मारने का दावा- इजराइल ने गाजा में हवाई हमले में हमास सैन्य शाखा के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह को मारने का दावा किया। हमला गाजा सिटी की रिहायशी इमारत पर कई महीनों की निगरानी के बाद किया गया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

ट्रम्प बोले- ईरान सोच रहा था मैं थक जाऊंगा:अब उन्हें डील करनी ही पड़ेगी, यूरेनियम देने पर भी प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी

ट्रम्प बोले- ईरान सोच रहा था मैं थक जाऊंगा:अब उन्हें डील करनी ही पड़ेगी, यूरेनियम देने पर भी प्रतिबंधों में राहत नहीं मिलेगी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान को लगा था कि वह बातचीत से पीछे हट जाएंगे, लेकिन अब तेहरान के पास समझौता करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। व्हाइट हाउस में कैबिनेट बैठक के दौरान ट्रम्प ने कहा, ईरान को लगा था कि वे मुझे इंतजार करवाकर थका देंगे। उन्हें लगा कि मेरे सामने मिडटर्म चुनाव हैं, लेकिन मुझे इसकी परवाह नहीं है। उन्होंने दावा किया कि ईरान अब सिर्फ समझौता करना चाहता है। मुझे नहीं लगता कि उनके पास कोई और विकल्प है। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका अभी संभावित डील से संतुष्ट नहीं है, लेकिन उसकी शर्तें माने बिना समझौता नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समझौता नहीं हुआ, तो हमें काम पूरा करना होगा। PBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि अगर ईरान अपना हाईली एनरिच्ड यूरेनियम सौंप भी देता है, तब भी उसे अमेरिकी प्रतिबंधों से राहत नहीं मिलेगी। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान-अमेरिका डील का दावा- ईरान ने दावा किया कि अमेरिका के साथ युद्ध खत्म करने के लिए शुरुआती समझौता ड्राफ्ट तैयार हुआ है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट में शिपिंग बहाल करने और अमेरिकी सैन्य मौजूदगी घटाने का प्रस्ताव शामिल है। 2. अमेरिका ने रिपोर्ट को बताया झूठ- व्हाइट हाउस ने ईरानी मीडिया की शांति समझौते वाली रिपोर्ट को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत बताया। अमेरिका ने कहा कि दोनों देशों के बीच किसी भी तरह का आधिकारिक ड्राफ्ट तैयार नहीं हुआ है। 3. लेबनान में इजराइली हमले तेज- दक्षिणी लेबनान में इजराइल के ताजा हवाई हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत हुई और 40 घायल हुए। लगातार हमलों के बीच लोगों में दहशत है और बड़े पैमाने पर पलायन जारी है। 4. ईरान ने भारतीय नाविकों को छोड़ा- ईरान ने लंबे कूटनीतिक प्रयासों के बाद जुलाई 2025 से हिरासत में रखे गए 10 भारतीय नाविकों को रिहा कर दिया। सभी नाविक जल्द भारत लौटेंगे और फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं। 5. हमास कमांडर को मारने का दावा- इजराइल ने गाजा में हवाई हमले में हमास सैन्य शाखा के नए कमांडर मोहम्मद ओदेह को मारने का दावा किया। हमला गाजा सिटी की रिहायशी इमारत पर कई महीनों की निगरानी के बाद किया गया। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Trump Wants World Kneel; Dictatorship Pushing World Back: Israeli Historian

Trump Wants World Kneel; Dictatorship Pushing World Back: Israeli Historian

11 मिनट पहले कॉपी लिंक चर्चित इतिहासकार युवाल नोआ हरारी ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि इजराइल के इतिहास में नेतन्याहू से बड़ा इजराइली राष्ट्रवाद का दुश्मन कोई नहीं रहा। उन्होंने देश को अंदर से बांट दिया और लोगों को एक-दूसरे के खिलाफ खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प और उनके जैसे नेताओं की सोच यह है कि कमजोर हमेशा ताकतवर के सामने घुटने टेक दे, तभी शांति बनी रहेगी। यह अनैतिक और मूर्खतापूर्ण है क्योंकि इससे हर देश अपनी ऊर्जा सिर्फ हथियारों पर खर्च करेगा। हरारी ने कहा कि दुनिया ट्रम्पवाद और दक्षिणपंथी राजनीति कि ओर तेजी से बढ़ रही है। इसकी राजनीति करने वालों का मानना है कि दुनिया एक दूसरी की मदद करने से नहीं बल्कि ताकत और दबदबे से चलती है। लेकिन यह सोच इंसानी सभ्यता और दुनिया को पीछे धकेल रही है। युवाल नोआ हरारी इजराइल के इतिहासकार, सैन्य मामलों के जानकार, विचारक और विज्ञान लेखक हैं। वे यरुशलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी में इतिहास के प्रोफेसर भी हैं। हरारी बोले- सहयोग से ही दुनिया की तरक्की हुई युवाल नोआ हरारी ने कहा कि उनकी सबसे चर्चित किताबें, जैसे सेपियंस और होमोडेयस को ध्यान से देखें तो एक बड़े विचार के इर्द-गिर्द घूमती हैं। सहयोग यानी कोऑपरेशन। हरारी ने कहा कि इंसानों की असली ताकत यही है कि वे बड़े पैमाने पर और लंबे समय तक मिलकर काम कर सकते हैं। यही वह चीज है जिसने इंसानों को कमजोर जीव से दुनिया की सबसे प्रभावशाली प्रजाति बना दिया। अकेला इंसान न तो शेर से लड़ सकता है और न भालू से, लेकिन करोड़ों लोग मिलकर समाज, देश, कानून, बाजार और तकनीक बना सकते हैं। युवाल नोआ हरारी की मशहूर किताबें- सेपियंस और होमोडेयस। हरारी बोले- ताकत ही सबकुछ होता तो हम आज भी शिकारी होते हरारी का मानना है कि अगर केवल ताकत ही सब कुछ होती, तो इंसान आज भी छोटे-छोटे शिकारी समूहों में जी रहे होते। मानव इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धि यह नहीं कि इंसान लड़ सकता है, बल्कि यह है कि इंसान बड़ी संख्या में एक-दूसरे पर भरोसा कर सकता है। हरारी के मुताबिक सिर्फ डर या हिंसा के दम पर बड़ी सभ्यताएं नहीं चल सकतीं। किसी भी बड़े समाज को चलाने के लिए साझा विश्वास और सहयोग जरूरी होता है। लेकिन ट्रम्पवाद और राष्ट्रवादी सोच इस मामले में अलग राय रखती है। उनका मानना है कि देशों के बीच सहयोग तभी मजबूत हो सकता है, जब लोगों के पास अपनी मजबूत राष्ट्रीय, धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान हो। उनके मुताबिक किसी देश को मजबूत बनाने के लिए लोगों का एक जैसी सोच और पहचान से जुड़ा होना जरूरी है। कई बार इसके लिए सख्त सत्ता और मजबूत नेतृत्व की भी जरूरत पड़ती है। हरारी के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रम्प सहयोग में विश्वास नहीं रखते, वे सिर्फ सैन्य ताकत से कमजोर देशों पर दबादबा बनाना चाहते है। हरारी बोले- राष्ट्रवाद को नफरत से बचाना जरूरी है हरारी का कहना है कि राष्ट्रवाद मानव इतिहास की सबसे सफल और सकारात्मक कहानियों में से एक रहा है। उनके मुताबिक राष्ट्रवाद का असली मतलब दूसरे लोगों से नफरत करना नहीं, बल्कि उन लाखों अनजान लोगों के लिए अपनापन महसूस करना है जिन्हें आप व्यक्तिगत रूप से नहीं जानते, फिर भी उनके लिए त्याग करने को तैयार रहते हैं। वे कहते हैं कि राष्ट्र कोई परिवार नहीं होता और न ही छोटा कबीला। छोटे कबीलों में लोग एक-दूसरे को व्यक्तिगत रूप से जानते हैं। लेकिन राष्ट्र अलग चीज है। भारत, चीन या इजराइल जैसे देशों में करोड़ों लोग रहते हैं और कोई भी व्यक्ति उनमें से ज्यादातर लोगों को नहीं जानता। फिर भी राष्ट्रवाद लोगों को इस हद तक जोड़ देता है कि वे टैक्स देते हैं ताकि दूसरे नागरिकों को अच्छी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। जरूरत पड़ने पर लोग देश के लिए अपनी जान तक जोखिम में डाल देते हैं। हरारी मानते हैं कि कई बार राष्ट्रवाद नफरत की तरफ भी मुड़ जाता है, लेकिन यह उसकी मूल पहचान नहीं है। उनके अनुसार राष्ट्रवाद बिना बाहरी लोगों से नफरत किए भी मौजूद रह सकता है, लेकिन अपने लोगों के लिए अपनापन और प्रेम के बिना नहीं। हरारी कहते हैं कि आज जो लोग खुद को राष्ट्रवाद का सबसे बड़ा समर्थक बताते हैं, उनमें से कई राष्ट्र के भीतर ही नफरत फैला रहे हैं। वे बाहरी दुश्मनों से ज्यादा अपने ही समाज को बांट रहे हैं। इजराइल का उदाहरण देते हुए हरारी कहते हैं कि देश के इतिहास में शायद ही किसी नेता ने समाज को उतना बांटा हो जितना बेंजामिन नेतन्याहू ने। युवाल हरारी ने नेतन्याहू पर आरोप लगाया है कि उन्होंने इजराइल को अंदर से बांट दिया है। उनके मुताबिक, यह इजराइल के लिए बाहरी दुश्मनों से ज्यादा खतरनाक है। दुनिया ताकत के नियम पर चले तो बर्बाद हो जाएगी हरारी ने ट्रम्पवादी सोच की आलोचना करते हुए कहा कि यह दुनिया को ताकत और दबदबे के नजरिए से देखती है। इस सोच के मुताबिक दुनिया में शांति तभी हो सकती है जब कमजोर देश मजबूत देशों की मांग मान लें। वे उदाहरण देते हैं कि अगर अमेरिका, ग्रीनलैंड मांगता है, तो डेनमार्क को अमेरिकी ताकत से डरकर उसे सौंप देना चाहिए। अगर डेनमार्क इनकार करे और संघर्ष हो जाए, तो इस सोच के मुताबिक गलती डेनमार्क की मानी जाएगी, क्योंकि उसने ताकतवर देश की बात नहीं मानी। हरारी कहते हैं कि यह सोच गंभीर समस्या पैदा करती है। अगर दुनिया केवल ताकत के नियम पर चलेगी, तो हर देश खुद को ज्यादा मजबूत बनाने की दौड़ में लग जाएगा। फिर सभी देशों को अपनी अर्थव्यवस्था और संसाधनों का बड़ा हिस्सा सेना और हथियारों पर खर्च करना पड़ेगा। हरारी ने AI को सबसे बड़ा खतरा बताया इसी बीच हरारी ने AI को आने वाले समय में सबसे बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने कहा कि परमाणु बम सिर्फ एक हथियार है, लेकिन AI खुद फैसले लेने की क्षमता रखता है। उन्होंने चेतावनी दी कि AI इंसानों की तरह प्यार और भावनाएं दिखाना सीख रहा है, जबकि वह असली भावनाओं को समझता नहीं। आने

World News Updates; Trump Pakistan China

World News Updates; Trump Pakistan China

5 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील (पूर्व अटॉर्नी जनरल) पैम बॉन्डी चुपचाप थायरॉयड कैंसर से जूझ रही हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट छोड़ने के बाद उनका इलाज हुआ और अब वह रिकवरी कर रही हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रैल में पैम को उनके पद से हटा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लिया गया था। हालांकि, कैंसर की खबरों पर पैम बॉन्डी ने खुद अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैम बॉन्डी पिछले कुछ हफ्तों से कैंसर से मजबूती से लड़ रही हैं। इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने पैम बॉन्डी को व्हाइट हाउस की AI एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

World News Updates; Trump Pakistan China

World News Updates; Trump Pakistan China

39 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील (पूर्व अटॉर्नी जनरल) पैम बॉन्डी चुपचाप थायरॉयड कैंसर से जूझ रही हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट छोड़ने के बाद उनका इलाज हुआ और अब वह रिकवरी कर रही हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रैल में पैम को उनके पद से हटा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लिया गया था। हालांकि, कैंसर की खबरों पर पैम बॉन्डी ने खुद अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैम बॉन्डी पिछले कुछ हफ्तों से कैंसर से मजबूती से लड़ रही हैं। इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने पैम बॉन्डी को व्हाइट हाउस की AI एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने और होर्मुज खोलने पर सहमत:ट्रम्प और खामेनेई की आखिरी मंजूरी मिलनी बाकी, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे

अमेरिका-ईरान जंग खत्म करने और होर्मुज खोलने पर सहमत:ट्रम्प और खामेनेई की आखिरी मंजूरी मिलनी बाकी, अमेरिकी राष्ट्रपति बोले- कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे

अमेरिका और ईरान युद्ध को धीरे-धीरे खत्म करने और होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की नाकाबंदी हटाने को लेकर सिद्धांत रूप में एक समझौते पर सहमत हो गए हैं। यह जानकारी एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने दी है। हालांकि अभी भी कई बेहद संवेदनशील मुद्दों पर अंतिम फैसला बाकी है। ईरान की तरफ से फिलहाल सार्वजनिक रूप से यह नहीं कहा गया है कि समझौता हो गया है। पिछले 24 घंटों में ईरानी अधिकारियों के बयानों में भी कुछ अंतर दिखाई दिया है। अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक समझौते पर अभी हस्ताक्षर नहीं हुए हैं और इसे अंतिम मंजूरी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई से मिलनी बाकी है। इसमें कुछ दिन लग सकते हैं। अमेरिकी अधिकारी के अनुसार प्रस्तावित समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोला जाएगा। इसके बदले ईरान अपने एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को खत्म करने पर सहमत होगा। हालांकि यह प्रक्रिया कैसे होगी, इस पर अभी बातचीत जारी है। ट्रम्प चाहते हैं कि अमेरिका खुद इस संवर्धित सामग्री को अपने कब्जे में ले। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्होंने अपने लोगों को समझौते में ‘जल्दबाजी न करने’ को कहा है। पिछले 24 घंटे के 4 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिका-ईरान में समझौते पर दस्तखत नहीं: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते पर दस्तखत नहीं हो सका। इससे पहले कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि आज ही दोनों देश सीजफायर बढ़ाने और होर्मुज खोलने को लेकर समझौता कर सकते हैं। 2. ओमान के जरिए अमेरिका को मैसेज: ईरान ने ओमान के जरिए अपना मौखिक संदेश अमेरिका तक पहुंचाया। ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा है कि उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची का एक मैसेज ओमान के विदेश मंत्री तक पहुंचाया। 3. सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना कोई फैसला नहीं: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा कि ईरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मंजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा। 4. अमेरिका-ईरान समझौते से इजराइल चिंतित: अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते को लेकर इजराइल में चिंता बढ़ गई है। एक इजराइली अधिकारी ने कहा है कि इस समझौते से ईरान को यह मैसेज जाएगा कि वह होर्मुज का इस्तेमाल दबाव बनाने के हथियार की तरह कर सकता है। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…