Trump Calls Modi Great Friend, Says India Can Trust US 100%

वॉशिंगटन/नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक यह फोटो 13 फरवरी 2025 की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में मुलाकात की थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पीएम मोदी को अपना महान दोस्त बताया और कहा कि वे मोदी के बहुत बड़े फैन हैं। ट्रम्प ने कहा कि भारत अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है। अमेरिका के 250वें स्वतंत्रता दिवस पर दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित कार्यक्रम में ट्रम्प ने अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर को फोन करके लोगों को संबोधित किया। उन्होंने कहा- मुझे भारत से प्यार है। आपको (एम्बेसडर गोर) हमारे देश के प्रतिनिधि के तौर पर अच्छी स्पीच देनी होगी। मैं सबको गुड इवनिंग कहना चाहता हूं। मुझे प्रधानमंत्री से प्यार है। PM मोदी महान हैं, वह मेरे दोस्त हैं। मोदी को हैलो कहो। मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं। ट्रम्प ने कहा- हम पहले कभी इंडिया के इतने करीब नहीं रहे। इंडिया मुझ पर और अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है। अगर उन्हें कभी मदद की जरूरत पड़ी, तो उन्हें पता है कि कहां कॉल करना है। वे यहीं कॉल करते हैं। ट्रम्प की तारीफ के कूटनीतिक मायने ट्रम्प ने मोदी को महान दोस्त और खुद को उनका बड़ा फैन बताया। यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच ट्रेड डील और टैरिफ को लेकर बातचीत चल रही है। QUAD, इंडो-पैसिफिक, रक्षा और टेक्नोलॉजी जैसे मुद्दों पर भारत-अमेरिका सहयोग दोनों देशों के रिश्तों में अहम बना हुआ है। ट्रेड डील पर भी सकारात्मक संकेत ट्रम्प के इस बयान को भारत-अमेरिका ट्रेड डील से भी जोड़कर देखा जा रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो पहले ही कह चुके हैं कि दोनों देशों के बीच जल्द व्यापार समझौता हो सकता है। ट्रम्प का ये कहना ‘भारत अमेरिका पर 100% भरोसा कर सकता है’ निवेश, टेक्नोलॉजी और व्यापार सहयोग को लेकर भरोसे का संदेश माना जा रहा है। अमेरिका हाल के महीनों में कई भारतीय प्रोडक्ट्स पर टैरिफ बढ़ा चुका है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देश रक्षा, AI, सेमीकंडक्टर और ऊर्जा सेक्टर में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। फरवरी में अमेरिका ने भारत पर लगाए 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया था। ट्रम्प पहले भी मोदी की तारीफ कर चुके सितंबर 2019 में अमेरिका के ह्यूस्टन में हुए ‘हाउडी मोदी’ कार्यक्रम में ट्रम्प ने मोदी को भारत के सबसे सम्मानित नेताओं में से एक बताया था। फरवरी 2020 में अहमदाबाद के ‘नमस्ते ट्रम्प’ कार्यक्रम में उन्होंने मोदी को टफ नेगोशिएटर और असाधारण नेता कहा था। 2024 के अमेरिकी चुनाव प्रचार के दौरान ट्रम्प ने कहा था कि मोदी उनके बहुत अच्छे दोस्त हैं और भारत-अमेरिका रिश्ते उनके कार्यकाल में मजबूत हुए। अमेरिकी राजदूत बोले- ट्रम्प हमेशा मोदी के बारे में पूछते हैं भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रम्प जब भी उनसे बात करते हैं, तो पीएम मोदी के बारे में जरूर पूछते हैं। उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका रिश्ते मजबूत भरोसे और साझा हितों पर आधारित हैं। गोर ने कहा कि दोनों देश अब ‘साझा सफलता के नए दौर’ में पहुंच चुके हैं। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते का ढांचा तैयार हो गया है और जल्द इस पर साइन हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास ने इस साल अमेरिका में 20.5 अरब डॉलर के निवेश लाने में मदद की है। उनके मुताबिक दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश सहयोग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है। अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- भारत-अमेरिका ट्रेड डील जल्द ट्रम्प ने विदेश मंत्री मार्को रूबियो की तारीफ करते हुए कहा कि उन्हें अमेरिका के इतिहास के सबसे महान विदेश मंत्रियों में याद किया जाएगा। भारत दौरे पर आए रूबियो ने कहा कि भारत-अमेरिका के रिश्तों की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी है। दोनों देशों के बीच जल्द ट्रेड डील होगी। रूबियो का दौरा ऐसे समय हो रहा है, जब ट्रम्प की टैरिफ नीति को लेकर दोनों देशों के बीच आर्थिक और कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। अमेरिका ने कई भारतीय उत्पादों पर टैरिफ बढ़ाया है, लेकिन इसके बावजूद दोनों देश ट्रेड डील को आगे बढ़ाने की कोशिश में हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्क रूबियो शनिवार को भारत पहुंचे थे। यह उनका अमेरिकी विदेश मंत्री बनने के बाद पहला आधिकारिक भारत दौरा है। जयशंकर बोले- भारत-अमेरिका के रिश्ते नई दिशा में बढ़ रहे भारत और अमेरिका के रिश्ते लगातार मजबूत हो रहे हैं। पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रम्प ने दोनों देशों की साझेदारी को नई दिशा दी है। व्यापार, रक्षा, टेक्नोलॉजी, AI, ऊर्जा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों का सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। बदलती वैश्विक परिस्थितियों में यह साझेदारी और अहम हो गई है। भारत और अमेरिका आतंकवाद के खिलाफ मिलकर काम कर रहे हैं और इस मामले में ‘जीरो टॉलरेंस’ होना चाहिए। मार्को रूबियो 26 मई को होने वाली क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेंगे। इसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की सुरक्षा और रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा होगी। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प ने PM मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया:विदेश मंत्री रूबियो दिल्ली में PM से मिले; अमेरिकी मीडिया बोली- यह डैमेज कंट्रोल की कोशिश अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सेवा तीर्थ में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तरफ से पीएम मोदी को अमेरिका आने का न्योता दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है शेयर बाजार:ट्रम्प का दावा- ईरान समझौता लगभग फाइनल; 5 फैक्टर्स तर करेंगे बाजार की चाल

कल 25 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,798 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. ईरान-अमेरिका जंग रोकने के लिए शांति समझौता यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने का समझौता ‘लगभग फाइनल’ हो चुका है। दोनों देशों के बीच अभी आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है। खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद ये समझौता फाइनल हो रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस खबर के आने के बाद अब सोमवार को क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है और बाजार में तेजी आ सकती है। 2. विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री विदेशी निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹4,440 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की। इसके उलट, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹6,003 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। साल 2026 में FIIs अब तक कुल ₹2.22 लाख करोड़ के शेयर बेच चुके हैं। वे लगातार तीसरे महीने नेट सेलर्स रहे। चालू महीने में ही उन्होंने ₹30,374 करोड़ के शेयर बेचे हैं। 3. ग्लोबल मार्केट की चाल शुक्रवार को अमेरिकी बाजार के मुख्य सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। ट्रेजरी यील्ड में कमी आने से टेक और चिप कंपनियों के शेयरों को सहारा मिला। डाऊ जोन्स इंडेक्स 294 अंक (0.58%) बढ़कर 50,580 पर बंद हुआ। SP 500 भी 0.37% की बढ़त के साथ 7,473.47 पर रहा। हालांकि, टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट में 50.87 अंक (0.19%) की गिरावट दर्ज की गई। 4. टेक्निकल फैक्टर्स सेंसेक्स सेंसेक्स के आउटलुक पर इनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी ने कहा कि इंडेक्स 75,400–75,600 के दायरे के आसपास घूम रहा है। ऊपर की तरफ 75,800–76,000 के जोन के पास रेजिस्टेंस है। वहीं नीचे की तरफ 74,600–74,400 के पास सपोर्ट है। बाजार अब किस तरफ जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इंडेक्स इस दायरे को तोड़कर किस तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है। निफ्टी 50 रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा ने कहा कि इंडेक्स में अभी भी गिरावट का रुख बना हुआ है और इसका ट्रेडिंग दायरा नीचे की तरफ खिसक रहा है। यह घरेलू और वैश्विक स्तर से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार के असमंजस को दिखाता है। मिश्रा ने कहा, नीचे की तरफ तुरंत सपोर्ट 23,150–23,250 के जोन के आसपास दिख रहा है, इसके बाद अगला सपोर्ट 22,900 के स्तर पर है। वहीं ऊपर की तरफ, 23,800–24,000 का जोन एक बड़ी रुकावट बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे को पार कर ऊपर की तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है, तो बाजार में नई तेजी आ सकती है जो इसे 24,500–24,650 के स्तर तक ले जा सकती है। 5. ब्रेंट क्रूड 103.54 डॉलर और अमेरिकी WTI 97 डॉलर प्रति बैरल पर घरेलू बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें अहम भूमिका निभाएंगी। शुक्रवार को अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स 0.67% गिरकर 97 प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड में 1.63% की बढ़त देखी गई और यह 103.54 प्रति बैरल पर बंद हुआ। सेंसेक्स 232 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ था 22 मई को सेंसेक्स 232 अंक (0.31%) की तेजी के साथ 75,415 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 65 अंकों (0.27%) की तेजी रही, ये 23,719 पर पहुंच गया। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
सोमवार को तेजी के साथ खुल सकता है शेयर बाजार:ट्रम्प का दावा- ईरान समझौता लगभग फाइनल; 5 फैक्टर्स तर करेंगे बाजार की चाल

कल 25 मई से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे। चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है… सपोर्ट और रेजिस्टेंस सपोर्ट जोन: 23,466 | 23,345 | 23,320 | 22,858 | 22,798 | 22,558 सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है। रेजिस्टेंस जोन: 23,783 | 23,812 | 23,872 | 23,935 | 24,140 | 24,382 रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है। नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है। अब 5 फैक्टर्स जो बाजार की दिशा तय कर सकते हैं… 1. ईरान-अमेरिका जंग रोकने के लिए शांति समझौता यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने का समझौता ‘लगभग फाइनल’ हो चुका है। दोनों देशों के बीच अभी आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है। खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद ये समझौता फाइनल हो रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस खबर के आने के बाद अब सोमवार को क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता है और बाजार में तेजी आ सकती है। 2. विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री विदेशी निवेशकों (FIIs) ने शुक्रवार को ₹4,440 करोड़ के शेयरों की बिकवाली की। इसके उलट, घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹6,003 करोड़ की शुद्ध खरीदारी की। साल 2026 में FIIs अब तक कुल ₹2.22 लाख करोड़ के शेयर बेच चुके हैं। वे लगातार तीसरे महीने नेट सेलर्स रहे। चालू महीने में ही उन्होंने ₹30,374 करोड़ के शेयर बेचे हैं। 3. ग्लोबल मार्केट की चाल शुक्रवार को अमेरिकी बाजार के मुख्य सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए। ट्रेजरी यील्ड में कमी आने से टेक और चिप कंपनियों के शेयरों को सहारा मिला। डाऊ जोन्स इंडेक्स 294 अंक (0.58%) बढ़कर 50,580 पर बंद हुआ। SP 500 भी 0.37% की बढ़त के साथ 7,473.47 पर रहा। हालांकि, टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट में 50.87 अंक (0.19%) की गिरावट दर्ज की गई। 4. टेक्निकल फैक्टर्स सेंसेक्स सेंसेक्स के आउटलुक पर इनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी ने कहा कि इंडेक्स 75,400–75,600 के दायरे के आसपास घूम रहा है। ऊपर की तरफ 75,800–76,000 के जोन के पास रेजिस्टेंस है। वहीं नीचे की तरफ 74,600–74,400 के पास सपोर्ट है। बाजार अब किस तरफ जाएगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि इंडेक्स इस दायरे को तोड़कर किस तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है। निफ्टी 50 रेलिगेयर ब्रोकिंग के SVP रिसर्च अजीत मिश्रा ने कहा कि इंडेक्स में अभी भी गिरावट का रुख बना हुआ है और इसका ट्रेडिंग दायरा नीचे की तरफ खिसक रहा है। यह घरेलू और वैश्विक स्तर से मिल रहे मिले-जुले संकेतों के बीच बाजार के असमंजस को दिखाता है। मिश्रा ने कहा, नीचे की तरफ तुरंत सपोर्ट 23,150–23,250 के जोन के आसपास दिख रहा है, इसके बाद अगला सपोर्ट 22,900 के स्तर पर है। वहीं ऊपर की तरफ, 23,800–24,000 का जोन एक बड़ी रुकावट बना हुआ है। अगर इंडेक्स इस दायरे को पार कर ऊपर की तरफ मजबूती से कदम बढ़ाता है, तो बाजार में नई तेजी आ सकती है जो इसे 24,500–24,650 के स्तर तक ले जा सकती है। 5. ब्रेंट क्रूड 103.54 डॉलर और अमेरिकी WTI 97 डॉलर प्रति बैरल पर घरेलू बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें अहम भूमिका निभाएंगी। शुक्रवार को अमेरिकी WTI क्रूड फ्यूचर्स 0.67% गिरकर 97 प्रति बैरल पर बंद हुआ। वहीं, ब्रेंट क्रूड में 1.63% की बढ़त देखी गई और यह 103.54 प्रति बैरल पर बंद हुआ। सेंसेक्स 232 अंक की तेजी के साथ बंद हुआ था 22 मई को सेंसेक्स 232 अंक (0.31%) की तेजी के साथ 75,415 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 65 अंकों (0.27%) की तेजी रही, ये 23,719 पर पहुंच गया। डिस्क्लेमर: ये लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। ऊपर दी गई राय और सलाह व्यक्तिगत विश्लेषकों या ब्रोकिंग कंपनियों की हैं, न कि दैनिक भास्कर की। हम निवेशकों को सलाह देते हैं कि कोई भी निवेश फैसला लेने से पहले सर्टिफाइड विशेषज्ञों से सलाह जरूर लें।
क्रूड ऑयल सस्ता हो सकता हैं:ट्रम्प का दावा- ईरान जंग खत्म करने का समझौता लगभग फाइनल, मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की

यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान जंग खत्म करने का समझौता ‘लगभग फाइनल’ हो चुका है। दोनों देशों के बीच अभी आखिरी डिटेल्स पर काम चल रहा है। खाड़ी देशों के नेताओं और इजरायली प्रधानमंत्री से बातचीत के बाद ये समझौता फाइनल हो रहा है। ट्रम्प ने कहा कि समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को फिर से खोला जाएगा। यह वही समुद्री रास्ता है जहां से दुनिया की कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है। इस खबर के आने के बाद अब सोमवार को क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट आ सकती है। ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से कई देशों के नेताओं से की बात राष्ट्रपति ट्रम्प ने ओवल ऑफिस से एक जॉइंट कॉल की। इसमें उन्होंनें मुस्लिम देशों के नेताओं से बात की। ईरान को अमेरिका पर भरोसा नहीं, कहा- रुख बदल लेते हैं एक तरफ जहां पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल मतभेदों को कम करने के लिए तेहरान में है, वहीं ईरान ने ट्रम्प प्रशासन की विश्वसनीयता पर शक जताया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा, “हम कह सकते हैं कि हम समझौते के बहुत दूर भी हैं और बहुत करीब भी। हमारे पास अमेरिकी पक्ष का पुराना अनुभव है, जो अपनी ही बातों का खंडन करता है और रुख बदल लेता है। हम पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो सकते कि उनका यह नजरिया फिर नहीं बदलेगा।” न्यूक्लियर प्रोग्राम जैसे विवादित मुद्दों पर स्थिति साफ नहीं ट्रम्प ने जंग खत्म करने को लेकर पहले भी कई दावे किए हैं, लेकिन इस बार भी यह साफ नहीं है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम का कोई समाधान निकला है या नहीं। 28 फरवरी को शुरू हुई थी जंग, अप्रैल में हुआ था सीजफायर मिडिल ईस्ट में यह विवाद तब बढ़ा था, जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर ईरान पर बड़े हवाई हमले किए थे। इसके जवाब में ईरान ने भी इजराइल और खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए। इसके बाद अप्रैल की शुरुआत में दोनों देश युद्धविराम के लिए राजी हुए और तब से पर्दे के पीछे से शांति समझौते की बातचीत चल रही है। होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से कच्चे तेल का दाम गिर सकते हैं इस जंग की वजह से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को ईरान ने बंद कर दिया था। यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए लाइफलाइन की तरह है, क्योंकि वैश्विक स्तर पर कुल तेल सप्लाई का करीब पांचवां (20%) हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। इस रास्ते के दोबारा खुलने की उम्मीद से ही कच्चे तेल के बाजारों में नरमी के संकेत मिलने लगे हैं। 28 फरवरी को जब जंग की शुरुआत हुई थी तो कच्चा तेल 70 डॉलर प्रति बैरल के करीब चल रहा था। मार्च-अप्रैल तक दाम बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। फिर सीजफायर के ऐलान के बाद दामों में उतार-चढ़ाव रहा और ये 100 डॉलर से नीचे आ गए। अभी ब्रेंट क्रूड ऑयल 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब है।
50-50 Chance of War with Iran; To Decide on Strike Today

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अपने टॉप सलाहकारों के साथ बैठक और ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा करूंगा। इसके बाद रविवार तक यह फैसला लिया जा सकता है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करनी है या नहीं। न्यूज एजेंसी एक्सियोस को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ समझौता होने की संभावना होने के 50-50 चांस हैं। उन्होंने कहा कि या तो एक ‘अच्छा समझौता’ होगा या फिर अमेरिका ईरान पर बेहद कड़ा हमला कर सकता है। ट्रम्प ने बताया कि बैठक में उनके दूत स्टीव विटकॉफ, सलाहकार जैरेड कुशनर और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी शामिल होंगे। इसमें ईरान की ताजा प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। इससे पहले शनिवार को अमेरिका और ईरान के अधिकारियों ने संकेत दिए थे कि युद्ध खत्म करने को लेकर किसी शुरुआती समझौते की संभावना बन सकती है। यह संकेत कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता में तेहरान में हुई बातचीत के बाद सामने आया। पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर शनिवार को तेहरान पहुंचे थे। वे अमेरिकी पक्ष की सिफारिशें लेकर पहुंचे थे। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान पर फिर हमला कर सकता है अमेरिका- ट्रम्प अपने वीकेंड गोल्फ कार्यक्रम रद्द कर अचानक व्हाइट हाउस लौट आए हैं। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। 2. 27 देशों ने वर्ल्ड बैंक से मदद मांगी- ईरान जंग शुरू होने के बाद अब तक 27 देशों ने मदद के लिए वर्ल्ड बैंक से गुहार लगाई है। इन देशों का कहना है कि ईरान संकट की वजह से उनकी अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ा है। हालांकि दस्तावेज में इन देशों के नाम का खुलासा नहीं किया गया है। 3. आसिम मुनीर ईरान से लौटे: पाकिस्तान सेना प्रमुख आसिम मुनीर शनिवार को एक दिन की यात्रा खत्म करने के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी के साथ तेहरान से रवाना हो गए। 4. अमेरिका-यूरोप के बीच मतभेद: स्वीडन में NATO देशों के विदेश मंत्रियों की दो दिवसीय बैठक शुक्रवार को हुई। इस दौरान ईरान को लेकर अमेरिका और कुछ यूरोपीय देशों के बीच मतभेद भी सामने आए। 5. होर्मुज फिर से खुल सकता है: अमेरिका और ईरान होर्मुज को खोलने के लिए तैयार हो गए हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश सबसे पहले सीजफायर को 60 दिन के लिए और आगे बढ़ाएंगे लाइव अपडेट्स 3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी सांसद का ट्रम्प पर तंज, कहा- समझौता करना था तो युद्ध क्यों किया अमेरिका में ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। रिपब्लिकन सांसद लिंडसे ग्राहम ने राष्ट्रपति ट्रम्प की रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा है कि अगर आखिर में समझौता ही करना था, तो फिर युद्ध शुरू क्यों किया गया। लिंडसे ग्राहम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अगर ईरान के साथ समझौता इसलिए किया जा रहा है क्योंकि होर्मुज को ईरानी हमलों से सुरक्षित नहीं रखा जा सकता, तो इससे ईरान की ताकत और बढ़ी हुई दिखाई देगी। उन्होंने कहा कि अगर दुनिया यह मान लेती है कि ईरान किसी भी समय होर्मुज को प्रभावित कर सकता है और खाड़ी देशों के तेल ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखता है, तो इससे मिडिल ईस्ट में ताकत का संतुलन बदल जाएगा। ग्राहम ने चेतावनी दी कि लंबे समय में यह स्थिति इजराइल के लिए बुरा सपना साबित हो सकती है। लिंडसे ग्राहम उन नेताओं में शामिल रहे हैं जो लगातार अमेरिका से ईरान पर फिर से सैन्य कार्रवाई करने की मांग करते रहे हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस बात पर संदेह है कि ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य में दबाव बनाने से रोका नहीं जा सकता। 6 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प के दावे पर ईरान का पलटवार, कहा- होर्मुज पर कंट्रोल नहीं छोड़ेंगे ईरान ने ट्रम्प के उस दावे को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि संभावित शांति समझौते के तहत होर्मुज पूरी तरह खोल दिया जाएगा। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता करीब है और इसके तहत होर्मुज फिर से खोल दिया जाएगा। लेकिन ईरानी फार्स न्यूज एजेंसी ने सरकारी अधिकारी का बयान जारी कर कहा कि अगर समझौता होता भी है, तब भी होर्मुज ईरान के कंट्रोल में ही रहेगा। ईरान ने यह भी कहा कि उसने जहाजों की आवाजाही को युद्ध से पहले के स्तर तक बहाल करने पर सहमति जताई है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि पहले जैसी पूरी तरह ‘फ्री पैसेज’ की स्थिति होगी। 15 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प का बड़ा दावा- ईरान से समझौता लगभग तय ट्रम्प ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम समझौते को लेकर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि समझौते का मसौदा काफी हद तक तैयार हो गया है और अब सिर्फ अंतिम मंजूरी बाकी है। ट्रम्प ने बताया कि इस समझौते में होर्मुज को फिर से खोलने का मुद्दा भी शामिल है। यह समुद्री रास्ता दुनिया में तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने कहा कि समझौते के कुछ अंतिम पहलुओं और शर्तों पर अभी बातचीत चल रही है, जिनका जल्द ऐलान किया जाएगा। ट्रम्प ने यह बयान कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, पाकिस्तान, जॉर्डन, मिस्र, तुर्किये और बहरीन के नेताओं व अधिकारियों के साथ फोन पर बातचीत के बाद दिया। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी अलग से इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू से भी बात हुई। 18 मिनट पहले कॉपी लिंक रिपोर्ट: अमेरिका-ईरान होर्मुज खोलने के लिए तैयार अमेरिका और ईरान होर्मुज को खोलने के लिए तैयार हो गए हैं। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देश सबसे पहले सीजफायर को 60 दिन के लिए और आगे बढ़ाएंगे। इस दौरान होर्मुज को धीरे-धीरे खोला जा सकता है। FT ने यह जानकारी मध्यस्थों और बातचीत से जुड़े लोगों के हवाले से दी है। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों के बीच एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को लेकर भी बातचीत शुरू होने की संभावना है। इसके साथ ही ईरान के
White House Near Firing | donald trump shooting Journalists fbi

वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले कॉपी लिंक व्हाइट हाउस के पास फायरिंग की घटना के बाद सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। अमेरिका के वॉशिंगटन में शनिवार को व्हाइट हाउस के पास गोली चलने की आवाजें सुनी गईं। घटना के समय अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। फिलहाल किसी के घायल होने की खबर नहीं है। समाचार एजेंसी AP के मुताबिक व्हाइट हाउस में मौजूद पत्रकारों ने अचानक कई गोलियों की आवाजें सुनीं। इसके तुरंत बाद सीक्रेट सर्विस ने पत्रकारों को प्रेस ब्रीफिंग रूम के अंदर रहने के निर्देश दिए और किसी को भी बाहर निकलने की परमिनश नहीं दी। घटना के बाद FBI, सीक्रेट सर्विस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को घेर लिया और जांच शुरू कर दी। व्हाइट हाउस कॉम्प्लेक्स के नॉर्थ लॉन को खाली करा दिया गया है। सीक्रेट सर्विस ने व्हाइट हाउस के पास एक व्यक्ति को गोली मारी। इस दौरान एक राहगीर को भी गोली लगी। दोनों लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। FBI डायरेक्टर काश पटेल ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि सुरक्षा एजेंसियां फायरिंग की खबर पर कार्रवाई कर रही हैं। उन्होंने कहा कि जैसे-जैसे जानकारी मिलेगी, जनता को अपडेट दिया जाएगा। व्हाइट हाउस से एक ब्लॉक दूर चली गोलियां सीक्रेट सर्विस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्हें 17th स्ट्रीट और Pennsylvania Avenue NW इलाके में गोली चलने की सूचना मिली थी। यह इलाका व्हाइट हाउस से करीब एक ब्लॉक दूर है। एजेंसी ने कहा कि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मी जानकारी की पुष्टि करने में जुटे हैं। वॉशिंगटन की मेट्रोपॉलिटन पुलिस विभाग की ओर से घटना पर तुरंत कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। 26 अप्रैल: वॉशिंगटन में डिनर के दौरान फायरिंग, ट्रम्प को सुरक्षित निकाला इससे पहले वॉशिंगटन डीसी में सालाना व्हाइट हाउस कॉरस्पॉन्डेंट डिनर के दौरान भी फायरिंग हुई थी। कार्यक्रम में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पत्नी मेलानिया और उपराष्ट्रपति जेडी वेंस समेत कई बडे़ अफसर मौजूद थे। न्यूज एजेंसी एपी के मुताबिक हमलावर ने होटल के बॉलरूम के बाहर फायरिंग की थी। ट्रम्प और गेस्ट बॉलरूम के अंदर थे। हमले के करीब डेढ़ घंटे बाद ट्रम्प ने मीडिया को संबोधित किया था। उन्होंने कहा- अमेरिका के संविधान पर हमला हुआ। सीक्रेट सर्विस ने मेरी जान बचाई। सुरक्षाकर्मियों ने बहादुरी से काम किया। जिस अफसर को गोली लगी, वह सुरक्षित है। उसने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी। हमलावर के पास पावरफुल गन थी। चश्मदीद बोले- 7 राउंड फायरिंग हुई, गेस्ट टेबल के नीचे छिपे कॉरस्पॉन्डेंट डिनर के दौरान जैसे ही फायरिंग हुई, कार्यक्रम स्थल पर अफरातफरी मच गई थी। कार्यक्रम में मौजूद सभी गेस्ट आपस में बात कर रह थे और डिनर कर रहे थे। लेकिन गोलीबारी की आवाज सुनते ही कार्यक्रम में शामिल गेस्ट कुर्सी और टेबल के नीचे छिप गए थे। 2024 में चुनाव से पहले ट्रम्प पर गोली चली थी 13 जुलाई 2024 को ट्रम्प पर पेंसिल्वेनिया में एक चुनावी रैली के दौरान जानलेवा हमला हुआ था। बटलर शहर में कैंपेन रैली को संबोधित करते समय एक हमलावर ने 400 फीट की दूरी से असॉल्ट राइफल से गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली ट्रम्प के दाहिने कान के ऊपरी हिस्से को छूती हुई निकल गई। गोली चलने के बाद सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने तुरंत ट्रम्प को चारों तरफ से घेर लिया था और सुरक्षित बाहर ले गए। ट्रम्प को अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें जल्द ही छुट्टी मिल गई। सुरक्षाकर्मियों ने हमलावर को तुरंत मार गिराया। इस घटना में रैली में शामिल एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। ट्रम्प ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, ‘मुझे ईश्वर ने उन्हें बचाया।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
US Trump Questions NATO Role Amid Iran War

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने गुरुवार को कहा कि ईरान युद्ध के दौरान NATO देशों के रवैये से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प काफी निराश हैं। रुबियो ने खास तौर पर स्पेन का जिक्र करते हुए कहा कि उसने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका NATO का हिस्सा इसलिए है ताकि जरूरत पड़ने पर वह यूरोप और मिडिल ईस्ट जैसे इलाकों में अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल कर सके। रुबियो ने सवाल उठाते हुए कहा, अगर कोई देश अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल नहीं करने देता, तो फिर वह NATO में क्यों है? उन्होंने कहा कि ट्रम्प NATO देशों के सहयोग से खुश नहीं हैं और अमेरिका इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहा है। पिछले 24 घंटे क 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प बोले- जंग के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं था: ट्रम्प ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका के पास युद्ध के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज में खड़े 1600 तेल जहाज जल्द निकलेंगे, जिससे तेल की कीमतें गिरेंगी। 2. ईरान बोला- हमारे पास अभी कई सीक्रेट हथियार बाकी अमेरिका की धमकियों के बीच ईरान ने दावा किया कि उसके पास कई आधुनिक और अनटेस्टेड हथियार मौजूद हैं। ईरानी सैन्य सूत्रों ने कहा कि अगली बार हमला हुआ तो जवाब बिना किसी संयम के दिया जाएगा। 3. ईरान जंग पर ट्रम्प-नेतन्याहू में मतभेद रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के साथ तनाव कम करने और सीजफायर बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि इजराइल दोबारा सैन्य कार्रवाई के पक्ष में है। नेतन्याहू सरकार ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहती है। 4. जंग के बीच फिर महंगा हुआ तेल: ईरान युद्ध और सप्लाई संकट की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव और अमेरिकी तेल भंडार में गिरावट से बाजार में चिंता बढ़ी है। 5. अमेरिका बोला- ईरान ने होर्मुज में टोल वसूला तो डील मुश्किल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों से टोल वसूलता है, तो अमेरिका-ईरान समझौता मुश्किल हो जाएगा। ट्रम्प ने भी कहा कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है और यहां टोल मंजूर नहीं होगा। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 11 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल ने दक्षिणी सीरिया में आर्टिलरी हमला किया इजराइली सेना ने दक्षिणी सीरिया के डेरा प्रांत में आर्टिलरी हमला किया है। सीरियाई सरकारी एजेंसी SANA के मुताबिक, हमले में यरमूक बेसिन क्षेत्र के कृषि और जंगल वाले इलाकों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा इजराइली सेना ने डेरा प्रांत के पश्चिमी इलाके में स्थित मारिया और अबदीन गांवों के बीच के क्षेत्र पर गोलाबारी की। हमले में कृषि भूमि और जंगल वाले इलाकों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोलाबारी यरमूक बेसिन क्षेत्र के पश्चिमी बाहरी हिस्सों में हुई। हालांकि अब तक किसी के घायल या मारे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। इजराइल की ओर से भी इस हमले को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। हाल के महीनों में इजराइल ने सीरिया और लेबनान में कई सैन्य हमले किए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
US Trump Questions NATO Role Amid Iran War

तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी8 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने गुरुवार को कहा कि ईरान युद्ध के दौरान NATO देशों के रवैये से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प काफी निराश हैं। रूबियो ने खासतौर पर स्पेन का जिक्र करते हुए कहा कि उसने अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करने की इजाजत नहीं दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका NATO का हिस्सा इसलिए है ताकि जरूरत पड़ने पर वह यूरोप और मिडिल ईस्ट जैसे इलाकों में अपने सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल कर सके। रूबियो ने सवाल उठाते हुए कहा, अगर कोई देश अमेरिका को अपने बेस इस्तेमाल नहीं करने देता, तो फिर वह NATO में क्यों है? उन्होंने कहा कि ट्रम्प NATO देशों के सहयोग से खुश नहीं हैं और अमेरिका इस मुद्दे को गंभीरता से देख रहा है। पिछले 24 घंटे क 5 बड़े अपडेट्स… 1. ट्रम्प बोले- जंग के अलावा कोई विकल्प नहीं था: ट्रम्प ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिका के पास युद्ध के अलावा कोई विकल्प नहीं था। उन्होंने दावा किया कि होर्मुज में खड़े 1600 तेल जहाज जल्द निकलेंगे, जिससे तेल की कीमतें गिरेंगी। 2. ईरान बोला- हमारे पास अभी कई सीक्रेट हथियार बाकी अमेरिका की धमकियों के बीच ईरान ने दावा किया कि उसके पास कई आधुनिक और अनटेस्टेड हथियार मौजूद हैं। ईरानी सैन्य सूत्रों ने कहा कि अगली बार हमला हुआ तो जवाब बिना किसी संयम के दिया जाएगा। 3. ईरान जंग पर ट्रम्प-नेतन्याहू में मतभेद रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ईरान के साथ तनाव कम करने और सीजफायर बनाए रखने की कोशिश कर रहा है, जबकि इजराइल दोबारा सैन्य कार्रवाई के पक्ष में है। नेतन्याहू सरकार ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहती है। 4. जंग के बीच फिर महंगा हुआ तेल: ईरान युद्ध और सप्लाई संकट की आशंका के बीच ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। होर्मुज स्ट्रेट को लेकर तनाव और अमेरिकी तेल भंडार में गिरावट से बाजार में चिंता बढ़ी है। 5. अमेरिका बोला- ईरान ने होर्मुज में टोल वसूला तो डील मुश्किल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों से टोल वसूलता है, तो अमेरिका-ईरान समझौता मुश्किल हो जाएगा। ट्रम्प ने भी कहा कि होर्मुज एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्ता है और यहां टोल मंजूर नहीं होगा। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 25 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान ने यूरेनियम संवर्धन की खबरें खारिज कीं ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत और यूरेनियम संवर्धन को लेकर चल रही मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि परमाणु मुद्दों पर सामने आ रही खबरें भरोसेमंद नहीं हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने गुरुवार को सरकारी एजेंसी IRNA से बातचीत में यह बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान-अमेरिका बातचीत के अलग-अलग पहलुओं को लेकर मीडिया में चल रही अटकलों की पुष्टि नहीं की जा सकती। बघाई के मुताबिक, फिलहाल बातचीत का मुख्य फोकस युद्ध को सभी मोर्चों पर खत्म करना है। इसमें लेबनान की स्थिति भी शामिल है। उन्होंने कहा कि बातचीत से जुड़ी सही जानकारी केवल अधिकृत अधिकारी और वार्ता टीम के प्रवक्ता ही देंगे। 44 मिनट पहले कॉपी लिंक इजराइल ने दक्षिणी सीरिया में आर्टिलरी हमला किया इजराइली सेना ने दक्षिणी सीरिया के डेरा प्रांत में आर्टिलरी हमला किया है। सीरियाई सरकारी एजेंसी SANA के मुताबिक, हमले में यरमूक बेसिन क्षेत्र के कृषि और जंगल वाले इलाकों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा इजराइली सेना ने डेरा प्रांत के पश्चिमी इलाके में स्थित मारिया और अबदीन गांवों के बीच के क्षेत्र पर गोलाबारी की। हमले में कृषि भूमि और जंगल वाले इलाकों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोलाबारी यरमूक बेसिन क्षेत्र के पश्चिमी बाहरी हिस्सों में हुई। हालांकि अब तक किसी के घायल या मारे जाने की जानकारी सामने नहीं आई है। इजराइल की ओर से भी इस हमले को लेकर तत्काल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया। हाल के महीनों में इजराइल ने सीरिया और लेबनान में कई सैन्य हमले किए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Trump Iran China Russia

5 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में दो विमानों को मार गिराने और चार लोगों की हत्या का केस दर्ज किया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों की हत्या के मामले में की गई है। बुधवार को मियामी में कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने राउल कास्त्रो और पांच अन्य लोगों के खिलाफ आरोपों की घोषणा की। केस में कहा गया है कि 1996 में क्यूबा और फ्लोरिडा के बीच ब्रदर्स टू द रेस्क्यू समूह के दो विमानों को गिराया गया था। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जिनमें तीन अमेरिकी नागरिक शामिल थे। उस समय राउल कास्त्रो क्यूबा की सेना के प्रमुख थे। अमेरिका ने उन पर अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश, विमान नष्ट करने और चार हत्या के आरोप लगाए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के आरोपों में मौत की सजा या उम्रकैद तक हो सकती है। टॉड ब्लांश ने कहा, “अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रम्प अपने नागरिकों को नहीं भूलेंगे।” वहीं क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला क्यूबा पर सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश है। डियाज-कैनेल ने दावा किया कि क्यूबा ने उस समय आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका लगातार क्यूबा पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। हाल के वर्षों में अमेरिका ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाए और तेल आपूर्ति पर भी दबाव बनाया, जिससे वहां बिजली संकट और खाद्य कमी जैसी समस्याएं बढ़ीं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हाल ही में क्यूबा की सैन्य संचालित कंपनी GAESA को देश के संकट के लिए जिम्मेदार बताया था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 94 वर्षीय राउल कास्त्रो के अमेरिका आकर अदालत में पेश होने की संभावना बेहद कम है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Trump Iran China Russia

21 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में दो विमानों को मार गिराने और चार लोगों की हत्या का केस दर्ज किया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों की हत्या के मामले में की गई है। बुधवार को मियामी में कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने राउल कास्त्रो और पांच अन्य लोगों के खिलाफ आरोपों की घोषणा की। केस में कहा गया है कि 1996 में क्यूबा और फ्लोरिडा के बीच ब्रदर्स टू द रेस्क्यू समूह के दो विमानों को गिराया गया था। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जिनमें तीन अमेरिकी नागरिक शामिल थे। उस समय राउल कास्त्रो क्यूबा की सेना के प्रमुख थे। अमेरिका ने उन पर अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश, विमान नष्ट करने और चार हत्या के आरोप लगाए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के आरोपों में मौत की सजा या उम्रकैद तक हो सकती है। टॉड ब्लांश ने कहा, “अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रम्प अपने नागरिकों को नहीं भूलेंगे।” वहीं क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला क्यूबा पर सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश है। डियाज-कैनेल ने दावा किया कि क्यूबा ने उस समय आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका लगातार क्यूबा पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। हाल के वर्षों में अमेरिका ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाए और तेल आपूर्ति पर भी दबाव बनाया, जिससे वहां बिजली संकट और खाद्य कमी जैसी समस्याएं बढ़ीं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हाल ही में क्यूबा की सैन्य संचालित कंपनी GAESA को देश के संकट के लिए जिम्मेदार बताया था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 94 वर्षीय राउल कास्त्रो के अमेरिका आकर अदालत में पेश होने की संभावना बेहद कम है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









