Iran US War Ceasefire Conditions LIVE Update; Donald Trump Enriched Uranium – Frozen Assets

Hindi News International Iran US War Ceasefire Conditions LIVE Update; Donald Trump Enriched Uranium Frozen Assets | Hormuz Strait तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी2 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि उन्होंने ईरान पर मंगलवार को होने वाला हमला फिलहाल टाल दिया है। ट्रम्प ने कहा कि कतर, सऊदी अरब और UAE जैसे देशों के नेताओं ने बातचीत को मौका देने के लिए कुछ दिन का समय मांगा था। ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि गंभीर बातचीत चल रही है और ऐसा समझौता हो सकता है, जिसे अमेरिका और पश्चिम एशिया के देश स्वीकार कर सकें। ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डेनियल केन और अमेरिकी सेना को निर्देश दिया है कि मंगलवार को प्रस्तावित हमला नहीं किया जाएगा। हालांकि ट्रम्प ने साफ किया कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिकी सेना किसी भी समय बड़े स्तर के हमले के लिए तैयार रहेगी। ट्रम्प ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में सबसे अहम शर्त यह होगी कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होंगे। ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर ईरान पर हमला टालने की जानकारी दी। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स 1. ट्रम्प की ईरान को धमकी- जल्दी समझौता करो, वरना कुछ नहीं बचेगा: ट्रम्प ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि घड़ी तेजी से चल रही है और अगर जल्द समझौता नहीं हुआ तो गंभीर नतीजे होंगे। 2. अमेरिका-इजराइल की ईरान पर नए हमले की तैयारी: रिपोर्ट्स के मुताबिक, जर्मनी स्थित अमेरिकी ठिकानों से हथियार लेकर दर्जनों कार्गो विमान इजराइल पहुंचे हैं। वहीं नेतन्याहू और ट्रम्प ने संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर बातचीत की। 3. होर्मुज में बढ़ा संकट, 1500 कारोबारी जहाज फंसे: ईरान तनाव और समुद्री नाकेबंदी के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद हैं। एक्सपर्ट्स ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बताया है। 4. सऊदी अरब पर ड्रोन हमला, कुवैत-कतर ने की निंदा: सऊदी अरब ने दावा किया कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम ने इराक की दिशा से आए 3 ड्रोन मार गिराए। कुवैत और कतर ने इसे सऊदी संप्रभुता और क्षेत्रीय सुरक्षा पर हमला बताया। 5. ईरान में लड़कियों को AK-47 ट्रेनिंग: अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच ईरान में युवा लड़कियों को AK-47 असॉल्ट राइफल असेंबल और डिसअसेंबल करने की ट्रेनिंग दी जा रही है। इससे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 10 मिनट पहले कॉपी लिंक होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव और संघर्ष के बीच होर्मुज में करीब 1,500 कारोबारी जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर 20 हजार से ज्यादा नाविक मौजूद हैं, जिन्हें कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। डिफेंस एक्सपर्ट मार्टिन केली ने कहा कि सबसे बड़ा खतरा ईरानी मिसाइल या ड्रोन हमलों का है। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से कारोबारी जहाजों को निशाना बनाने में कोई तय पैटर्न नहीं दिख रहा, इसलिए हर जहाज खतरे में माना जा रहा है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Trump Pakistan China

13 मिनट पहले कॉपी लिंक मालदीव में इटली के 5 गोताखोरों की मौत के बाद चलाए जा रहे सर्च ऑपरेशन के दौरान एक सैन्य गोताखोर की भी मौत हो गई। मालदीव सरकार के मुताबिक, सेना के स्टाफ सार्जेंट मोहम्मद महूदी डीकंप्रेशन सिकनेस का शिकार हो गए थे। सरकार के मुताबिक, मोहम्मद महूदी को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। डीकंप्रेशन सिकनेस तब होती है, जब कोई गोताखोर गहरे पानी के दबाव से अचानक ऊपर आता है और उसके शरीर में नाइट्रोजन गैस का असर बढ़ जाता है। हादसा वावू एटोल इलाके में हुआ, जहां 5 इतालवी नागरिक करीब 50 मीटर गहराई में अंडरवॉटर गुफाओं की खोज करने गए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मालदीव में सामान्य स्कूबा डाइविंग की सीमा 30 मीटर मानी जाती है। अब तक सिर्फ एक इतालवी गोताखोर का शव बरामद किया गया है। अधिकारियों को आशंका है कि बाकी चार लोग पानी के अंदर गुफा में फंस गए, जिससे उनकी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अमेरिका ने ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर को मारा:ट्रम्प बोले- वह दुनिया का सबसे एक्टिव आंतकी, अफ्रीका में घुसकर ऑपरेशन किया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आतंकी संगठन ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी के मारे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरियाई सेना के साथ मिलकर अफ्रीका में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। हालांकि ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि हमला अफ्रीका में कहां हुआ। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बहुत ही प्लानिंग के साथ और बेहद मुश्किल तरीके से अंजाम दिया गया। वह छिपा हुआ था तभी उसे निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक यह आतंकी दुनिया के सबसे एक्टिव आतंकियों में से एक था और उसे खत्म करने के लिए काफी समय से उस पर नजर रखी जा रही थी। मिनाकी के और भी कई नाम बताए गए थे, जिनमें अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक भी शामिल थे। ट्रम्प के मुताबिक, मिनुकी के मारे जाने से आईएसआईएस के वैश्विक ऑपरेशन को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार को धन्यवाद दिया और ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ भी लिखा। अमेरिका ने 3 साल पहले ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था अल मिनुकी का जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में हुआ था। यह इलाका कैमरून, चाड और नाइजर की सीमा से लगता है। जून 2023 में बाइडेन सरकार ने मिनुकी को ‘स्पेशली डिजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित किया था। जब अमेरिका किसी व्यक्ति या संगठन को दुनिया के लिए खतरनाक आतंकवादी मान लेता है, तो उसे इस सूची में डाल देता है। जिस व्यक्ति या संगठन को यह दर्जा मिल जाता है, उसके ऊपर कई सख्त पाबंदियां लग जाती हैं। जैसे उसकी अमेरिका में मौजूद सारी संपत्ति फ्रीज कर दी जाती है, कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उससे लेन-देन नहीं कर सकती और उसे आर्थिक व वित्तीय तौर पर पूरी तरह अलग-थलग करने की कोशिश की जाती है। पिछले महीने ISIS ने नाइजीरिया के अदामावा राज्य में हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला गोम्बी लोकल गवर्नमेंट एरिया के गुयाकू इलाके में हुआ, जहां हथियारबंद हमलावरों ने स्थानीय लोगों को निशाना बनाया। इससे पहले पिछले साल दिसंबर में भी अमेरिका ने नाइजीरिया के उत्तर-पश्चिम में ISIS के खिलाफ बड़ा हमला किया था। उस समय ट्रम्प ने कहा था कि यह कार्रवाई उन आतंकियों के खिलाफ थी, जो काफी समय से खासकर निर्दोष ईसाइयों को निशाना बना रहे थे। ट्रम्प ने उस वक्त धमकी दी थी कि अगर आतंकियों ने ईसाइयों की हत्या बंद नहीं की, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
ISIS Commander Killed; Donald Trump US Nigeria Force

वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आतंकी संगठन ISIS के दूसरे सबसे बड़े कमांडर अबू बिलाल अल मिनुकी के मारे जाने का दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने नाइजीरियाई सेना के साथ मिलकर अफ्रीका में इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन बहुत ही प्लानिंग के साथ और बेहद मुश्किल तरीके से अंजाम दिया गया। वह छिपा हुआ था तभी उसे निशाना बनाया गया। उनके मुताबिक यह आतंकी दुनिया के सबसे एक्टिव आतंकियों में से एक था और उसे खत्म करने के लिए काफी समय से उस पर नजर रखी जा रही थी। मिनाकी के और भी कई नाम बताए गए थे, जिनमें अबुबकर मैनोक और अबोर मैनोक भी शामिल थे। ट्रम्प के मुताबिक, मिनुकी के मारे जाने से आईएसआईएस के वैश्विक ऑपरेशन को बड़ा झटका लगा है। उन्होंने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार को धन्यवाद दिया और ‘गॉड ब्लेस अमेरिका’ भी लिखा। हालांकि अब तक इस मामले में नाइजरिया का रिएक्शन नहीं आया है। अमेरिका ने 3 साल पहले ग्लोबल टेररिस्ट घोषित किया था अल मिनुकी का जन्म 1982 में नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में हुआ था। यह इलाका कैमरून, चाड और नाइजर की सीमा से लगता है। जून 2023 में बाइडेन सरकार ने मिनुकी को ‘स्पेशली डिजिग्नेटेड ग्लोबल टेररिस्ट’ घोषित किया था। जब अमेरिका किसी व्यक्ति या संगठन को दुनिया के लिए खतरनाक आतंकवादी मान लेता है, तो उसे इस सूची में डाल देता है। जिस व्यक्ति या संगठन को यह दर्जा मिल जाता है, उसके ऊपर कई सख्त पाबंदियां लग जाती हैं। जैसे उसकी अमेरिका में मौजूद सारी संपत्ति फ्रीज कर दी जाती है, कोई भी अमेरिकी नागरिक या कंपनी उससे लेन-देन नहीं कर सकती और उसे आर्थिक व वित्तीय तौर पर पूरी तरह अलग-थलग करने की कोशिश की जाती है। पिछले महीने ISIS ने नाइजीरिया के अदामावा राज्य में हुए एक हमले की जिम्मेदारी ली थी, जिसमें कम से कम 29 लोगों की मौत हुई थी। यह हमला गोम्बी लोकल गवर्नमेंट एरिया के गुयाकू इलाके में हुआ, जहां हथियारबंद हमलावरों ने स्थानीय लोगों को निशाना बनाया। नाइजीरिया में ISIS ठिकानों पर हमला कर चुका अमेरिका ट्रम्प ने यह नहीं बताया कि हमला अफ्रीका में कहां हुआ, लेकिन माना जा रहा है कि यह ऑपरेशन नाइजीरिया में ही अंजाम दिया गया। यह पहली बार नहीं है जब ट्रम्प ने नाइजीरिया में आईएसआईएस के खिलाफ कार्रवाई कराई हो। इससे पहले उन्होंने दिसंबर में वहां हमले कराए थे और कहा था कि आतंकवादी खासकर ईसाइयों को निशाना बना रहे हैं। ट्रम्प ने उस वक्त धमकी दी थी कि अगर आतंकियों ने ईसाइयों की हत्या बंद नहीं की, तो उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हालांकि उस समय नाइजीरिया सरकार ने कहा था कि हालात इतने सीधे नहीं हैं और वहां ईसाई और मुस्लिम दोनों ही हिंसा का शिकार होते हैं। नाइजीरिया में 2 आतंकी संगठन एक्टिव नाइजीरिया कई सालों से चरमपंथी हिंसा की बड़ी समस्या झेल रहा है, खासकर देश के उत्तर और उत्तर-पूर्वी इलाकों में। यहां दो बड़े आतंकी संगठन सबसे ज्यादा सक्रिय रहे हैं। बोको हराम और इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस। बोको हराम की शुरुआत करीब 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी, लेकिन 2009 के बाद इसने हिंसक रूप ले लिया। इस संगठन का मकसद पश्चिमी शिक्षा और जीवनशैली का विरोध करना है। इसने स्कूलों, गांवों, बाजारों और सुरक्षा बलों पर कई बड़े हमले किए। बाद में बोको हराम के अंदर ही टूट हुई और इसका एक बड़ा धड़ा अलग होकर इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस बन गया, जिसे ISIS का समर्थन मिला। नाइजीरिया के बोर्नो, योबे और अदामावा जैसे राज्य इन संगठनों की गतिविधियों से सबसे ज्यादा प्रभावित रहे हैं। यहां हजारों लोग मारे जा चुके हैं और लाखों लोग अपने घर छोड़कर भागने को मजबूर हुए हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Trump Xi Iran Israel Hormuz Modi UAE BRICS Breaking News

12 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और नाइजीरिया की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ISIS का दूसरा सबसे बड़ा नेता अबू-बिलाल अल-मिनुकी मारा गया है। ट्रम्प ने कहा कि वह अफ्रीका में छिपा हुआ था। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी और नाइजीरियाई बलों ने बेहद जटिल और योजनाबद्ध मिशन को अंजाम दिया। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसियों को लगातार उसकी गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। उन्होंने कहा कि अल-मिनुकी अब अफ्रीका में आतंक फैलाने या अमेरिकियों को निशाना बनाने की साजिश नहीं कर पाएगा। ट्रम्प ने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार का धन्यवाद भी किया। हालांकि ISIS की तरफ से ट्रम्प के दावे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। नाइजीरिया पहले भी ट्रम्प के बयानों को लेकर चर्चा में रहा है। ट्रम्प ने आरोप लगाया था कि वहां ईसाइयों पर अत्याचार हो रहे हैं, जिसे नाइजीरिया सरकार ने खारिज किया था। पिछले साल क्रिसमस के दिन अमेरिका ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में कथित इस्लामिक ठिकानों पर हमले भी किए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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28 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और नाइजीरिया की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ISIS का दूसरा सबसे बड़ा नेता अबू-बिलाल अल-मिनुकी मारा गया है। ट्रम्प ने कहा कि वह अफ्रीका में छिपा हुआ था। ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उनके निर्देश पर अमेरिकी और नाइजीरियाई बलों ने बेहद जटिल और योजनाबद्ध मिशन को अंजाम दिया। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसियों को लगातार उसकी गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। उन्होंने कहा कि अल-मिनुकी अब अफ्रीका में आतंक फैलाने या अमेरिकियों को निशाना बनाने की साजिश नहीं कर पाएगा। ट्रम्प ने इस ऑपरेशन में सहयोग के लिए नाइजीरिया सरकार का धन्यवाद भी किया। हालांकि ISIS की तरफ से ट्रम्प के दावे पर फिलहाल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। नाइजीरिया पहले भी ट्रम्प के बयानों को लेकर चर्चा में रहा है। ट्रम्प ने आरोप लगाया था कि वहां ईसाइयों पर अत्याचार हो रहे हैं, जिसे नाइजीरिया सरकार ने खारिज किया था। पिछले साल क्रिसमस के दिन अमेरिका ने उत्तर-पश्चिमी नाइजीरिया में कथित इस्लामिक ठिकानों पर हमले भी किए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Trump-Xi Meet: Trump china Visit Xi Jinping boeing deals

बीजिंग15 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दूसरी बार मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में करीब ₹9 लाख करोड़ की बड़ी बोइंग विमान डील हो सकती है। चीन अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से बड़ी संख्या में विमान खरीदने का समझौता कर सकता है। इस मुलाकात में व्यापार और निवेश के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इनमें ताइवान को लेकर बढ़ता तनाव और ईरान से जुड़ी जंग की स्थिति भी शामिल है। अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ समय से व्यापार, तकनीक और सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है। हालांकि, दोनों देश रिश्तों को बेहतर करने की कोशिश भी कर रहे हैं। ट्रम्प कल चीनी राष्ट्रपति के साथ बीजिंग स्थित फेमस हैवन टैंपल देखने पहुंचे थे। ट्रम्प बोले- अमेरिका-चीन के लोगों में आपसी सम्मान है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ स्टेट डिनर में अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के लोगों के बीच लंबे समय से आपसी सम्मान की भावना रही है। ट्रम्प ने आगे बताया कि अमेरिका के संस्थापक नेताओं में से एक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने चीनी दार्शनिक कन्फ्यूशियस के विचारों को लोगों तक पहुंचाया था। चीन के लोगों ने अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन की याद में एक स्मारक पत्थर भेंट किया। उस पर उन्हें महान नेता और सेनापति बताया गया था। साथ ही, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका में अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली रेलवे लाइन बिछाने में चीनी मजदूरों का बड़ा योगदान था। वहीं, अमेरिका से चीन जाने वाले यात्रियों ने वहां शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा के प्रसार में मदद की। ट्रम्प ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूजवेल्ट की मदद से चीन की मशहूर त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी शुरू हुई थी, जहां शी जिनपिंग ने पढ़ाई की। ट्रम्प ने स्टेट डिनर के दौरान अपने संबोधन के बाद हाथ में ग्लास लेकर टोस्ट किया। ट्रम्प-जिनपिंग के बीच 4 और अहम मुद्दों पर बातचीत संभव 1. ट्रेड टैरिफ विवाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर अब भी बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प पहले चीनी सामान पर भारी टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं। दोनों देश अब व्यापारिक तनाव कम करने पर बातचीत कर सकते हैं। 2. ताइवान और हथियार बिक्री ताइवान को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प ने कहा है कि वह शी जिनपिंग से 11 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार पैकेज पर बात करेंगे। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियार बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है। 3. रेयर अर्थ मिनरल्स और AI रेयर अर्थ मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप्स और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है, जबकि अमेरिका उसकी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर भी दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। 4. सोयाबीन और कृषि व्यापार चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीद घटाई थी। अब ट्रम्प प्रशासन कृषि निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। —————– यह खबर भी पढ़ें… जिनपिंग ने ट्रम्प से कहा- पार्टनर बनें, कॉम्पटीटर नहीं:ट्रेड वॉर में कोई नहीं जीतता; ट्रम्प बोले- आपसे दोस्ती सम्मान की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जिनपिंग ने ट्रम्प का स्वागत किया। इस दौरान ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Trump-Xi Meet: Trump china Visit Xi Jinping boeing deals

बीजिंग47 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प आज चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से दूसरी बार मुलाकात करेंगे। दोनों नेताओं की बैठक पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में करीब ₹9 लाख करोड़ की बड़ी बोइंग विमान डील हो सकती है। चीन अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से बड़ी संख्या में विमान खरीदने का समझौता कर सकता है। इस मुलाकात में व्यापार और निवेश के अलावा कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इनमें ताइवान को लेकर बढ़ता तनाव और ईरान से जुड़ी जंग की स्थिति भी शामिल है। अमेरिका और चीन के बीच पिछले कुछ समय से व्यापार, तकनीक और सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है। हालांकि, दोनों देश रिश्तों को बेहतर करने की कोशिश भी कर रहे हैं। ट्रम्प कल चीनी राष्ट्रपति के साथ बीजिंग स्थित फेमस हैवन टैंपल देखने पहुंचे थे। ट्रम्प बोले- अमेरिका-चीन के लोगों में आपसी सम्मान है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कल चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ स्टेट डिनर में अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के लोगों के बीच लंबे समय से आपसी सम्मान की भावना रही है। ट्रम्प ने आगे बताया कि अमेरिका के संस्थापक नेताओं में से एक बेंजामिन फ्रैंकलिन ने चीनी दार्शनिक कन्फ्यूशियस के विचारों को लोगों तक पहुंचाया था। चीन के लोगों ने अमेरिका के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन की याद में एक स्मारक पत्थर भेंट किया। उस पर उन्हें महान नेता और सेनापति बताया गया था। साथ ही, ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका में अटलांटिक और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाली रेलवे लाइन बिछाने में चीनी मजदूरों का बड़ा योगदान था। वहीं, अमेरिका से चीन जाने वाले यात्रियों ने वहां शिक्षा और आधुनिक चिकित्सा के प्रसार में मदद की। ट्रम्प ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि रूजवेल्ट की मदद से चीन की मशहूर त्सिंगहुआ यूनिवर्सिटी शुरू हुई थी, जहां शी जिनपिंग ने पढ़ाई की। ट्रम्प ने स्टेट डिनर के दौरान अपने संबोधन के बाद हाथ में ग्लास लेकर टोस्ट किया। ट्रम्प-जिनपिंग के बीच 4 और अहम मुद्दों पर बातचीत संभव 1. ट्रेड टैरिफ विवाद अमेरिका-चीन ट्रेड वॉर अब भी बड़ा मुद्दा है। ट्रम्प पहले चीनी सामान पर भारी टैरिफ की चेतावनी दे चुके हैं। दोनों देश अब व्यापारिक तनाव कम करने पर बातचीत कर सकते हैं। 2. ताइवान और हथियार बिक्री ताइवान को लेकर भी दोनों देशों के बीच तनाव बना हुआ है। ट्रम्प ने कहा है कि वह शी जिनपिंग से 11 अरब डॉलर के अमेरिकी हथियार पैकेज पर बात करेंगे। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और अमेरिकी हथियार बिक्री का लगातार विरोध करता रहा है। 3. रेयर अर्थ मिनरल्स और AI रेयर अर्थ मिनरल्स इलेक्ट्रिक व्हीकल, चिप्स और डिफेंस इंडस्ट्री के लिए बेहद अहम हैं। चीन दुनिया का सबसे बड़ा सप्लायर है, जबकि अमेरिका उसकी निर्भरता कम करना चाहता है। AI और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी को लेकर भी दोनों देशों के बीच प्रतिस्पर्धा तेज हो चुकी है। 4. सोयाबीन और कृषि व्यापार चीन अमेरिकी किसानों के लिए बड़ा बाजार है। ट्रेड वॉर के बाद चीन ने अमेरिकी सोयाबीन खरीद घटाई थी। अब ट्रम्प प्रशासन कृषि निर्यात बढ़ाने की कोशिश कर सकता है। —————– यह खबर भी पढ़ें… जिनपिंग ने ट्रम्प से कहा- पार्टनर बनें, कॉम्पटीटर नहीं:ट्रेड वॉर में कोई नहीं जीतता; ट्रम्प बोले- आपसे दोस्ती सम्मान की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जिनपिंग ने ट्रम्प का स्वागत किया। इस दौरान ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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बीजिंग29 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के चीन दौरे का आज तीसरा दिन है। ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति के साथ ‘टैंपल ऑफ हैवन’ देखा। यहां उनके साथ बेटे एरिक और बहू लारा भी मौजूद थे। इसके बाद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय मीटिंग की। चीन ने बुधवार शाम को ट्रम्प के सम्मान में स्टेट डिनर आयोजित किया। दावत में चीन की मशहूर डिश ‘बीजिंग रोस्ट डक’ परोसी गई। इसके अलावा बीफ रिब्स भी रखे गए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प को अच्छी तरह पका हुआ मांस पसंद है, इसलिए मेन्यू में यह डिश शामिल की गई। मिठाई में तिरामिसू, आइसक्रीम, ताजे फल और शंख जैसी दिखने वाली खास पेस्ट्री परोसी गई। वहीं, अमेरिकी मीडिया चैनल Fox न्यूज के पत्रकार चीन की राजधानी बीजिंग की सड़कों पर लगे सैकड़ों CCTV कैमरे देखकर हैरान रह गए। 20 तस्वीरें में देखिए ट्रम्प की चीन दौरा… चीन के स्टेट डिनर की तस्वीरें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को चीन की राजधानी बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में आयोजित स्टेट डिनर में पहुंचते हुए। ट्रम्प के बेटे एरिक ट्रम्प और उनकी पत्नी लारा ट्रम्प भी स्टेट डिनर में शामिल हुए। चीनी कर्मचारी स्टेट डिनर से पहले टेबल तैयार करते हुए। कर्मचारियों ने इस दौरान साफ सफाई का काफी ध्यान रखा, उन्होंने हैंड ग्लव्स पहने हुए थे। स्टेट डिनर के लिए सजाई गई प्लेट्स। इस डिनर में बीजिंग रोस्ट डक, बीफ रिब्स, चीनी व्यंजन, मौसमी सब्जियों से बनी डिशें, मिठाई में तिरामिसू, आइसक्रीम, ताजे फल, शंख के आकार की खास पेस्ट्री शामिल थी। ट्रम्प स्टेट डिनर के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ बैठे हुए। ट्रम्प ने स्टेट डिनर के दौरान अमेरिका और चीन के ऐतिहासिक रिश्तों की जिक्र किया। ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका और चीन के लोगों के बीच लंबे समय से आपसी सम्मान की भावना रही है। स्टेट डिनर में शामिल नेता और बिजनेसमैन टेस्ला के CEO और दुनिया के सबसे अमीर इंसान इलॉन मस्क स्टेट डिनर के दौरान शी जिनपिंग का भाषण सुनते हुए। एपल के CEO टिम कुक भी स्टेट डिनर में शामिल हुए। ट्रम्प के साथ 17 अमेरिकी कंपनियों के CEO भी चीन पहुंचे हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ स्टेट डिनर के दौरान चीनी अधिकारियों से बात करते हुए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो और इलॉन मस्क की स्टेट डिनर के दौरान की तस्वीर। ट्रम्प की बीजिंग में हैवन टैंपल विजिट चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग गुरुवार को चीन की राजधानी बीजिंग स्थित टैंपल ऑफ हेवन के बाहर ट्रम्प का इंतजार करते हुए। ट्रम्प के पहुंचते ही जिनपिंग ने उनसे हाथ मिलाया और फिर दोनों नेताओं ने टैंपल का दौरा किया। ट्रम्प बोर्ड पर लिखा हुआ मंदिर का इतिहास पढ़ते हुए। हैवन टैंपल करीब 600 साल पुराना है। इसे चीन के मिंग और छिंग राजवंश के सम्राटों ने बनवाया था। पुराने समय में चीन के राजा यहां अच्छी फसल और शांति के लिए पूजा करने आते थे। टैंपल ऑफ हेवन अपनी खूबसूरत गोलाकार इमारत, नीली छत और पारंपरिक चीनी वास्तुकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है। यहां का सबसे प्रसिद्ध हिस्सा ‘हॉल ऑफ प्रेयर फॉर गुड हार्वेस्ट्स’ है, जहां खास धार्मिक समारोह होते थे। ट्रम्प अपनी बहू लारा और एरिक के साथ मंदिर के बाहर तस्वीर खिंचाते हुए। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद थे। ट्रम्प के दौरे से जुड़ी अन्य तस्वीरें चीनी आर्मी के सोल्जर डोनाल्ड ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए। ट्रम्प और जिनपिंग का चीन की राजधानी बीजिंग स्थित ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में स्वागत समारोह के दौरान बच्चों का अभिवादन करते हुए। फॉक्स न्यूज के एक पत्रकार ने बीजिंग में लगे सैकड़ों CCTV कैमरे देखकर हैरानी जताई। उन्होंने बताया कि उनके ड्राइवर ने दो मिनट के लिए गलत जगह कार पार्क कर दी थी, जिसके बाद उन पर 3600 रुपए का जुर्माना लगाया गया। ट्रम्प बुधवार को जब बीजिंग के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचे, तब करीब 300 चीनी बच्चों ने उनका स्वागत किया। ट्रम्प के सम्मान में एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट बिछाया गया। ट्रम्प के बीजिंग पहुंचने से पहले बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग में थियानमेन गेट पर चीनी राष्ट्रपिता माओत्से तुंग की तस्वीर के पास अमेरिकी और चीनी झंडे लगाए गए। ———————- यह खबर भी पढ़ें… जिनपिंग ने ट्रम्प से कहा- पार्टनर बनें, कॉम्पटीटर नहीं:ट्रेड वॉर में कोई नहीं जीतता; ट्रम्प बोले- आपसे दोस्ती सम्मान की बात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने गुरुवार को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बीजिंग के ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में जिनपिंग ने ट्रम्प का स्वागत किया। इस दौरान ट्रम्प को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; Trump Iran China Hormuz

13 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई तक UAE, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के दौरे पर जाएंगे। ANI के मुताबिक ईरान युद्ध और होर्मुज स्ट्रेट संकट के बीच उनका पहला पड़ाव UAE होगा, जहां ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा होने की संभावना है। PM मोदी 15 मई को UAE पहुंचेंगे और राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात करेंगे। बैठक में ऊर्जा सहयोग, क्षेत्रीय हालात और भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा होगी। UAE भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वहां 45 लाख से ज्यादा भारतीय रहते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर पड़ा है। भारत की तेल सप्लाई और ऊर्जा सुरक्षा को देखते हुए इस दौरे को बेहद अहम माना जा रहा है। PM मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड में रहेंगे। इस दौरान वह प्रधानमंत्री रॉब जेटन, किंग विलेम-अलेक्जेंडर और क्वीन मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे। बैठकों में रक्षा, सुरक्षा, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर और जल साझेदारी पर चर्चा होगी। PM मोदी 17-18 मई को स्वीडन और 18-19 मई को नॉर्वे जाएंगे। नॉर्वे के ओस्लो में 19 मई को तीसरा इंडिया-नॉर्डिक समिट आयोजित होगा। इस समिट में ग्रीन ट्रांजिशन, ब्लू इकॉनमी, रक्षा, स्पेस और नई टेक्नोलॉजी पर चर्चा होगी। दौरे के आखिरी चरण में PM मोदी 19-20 मई को इटली जाएंगे। वहां वह प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से मुलाकात करेंगे। बैठकों में भारत-EU फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, रक्षा सहयोग और स्वच्छ ऊर्जा पर चर्चा होगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







