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khabar hatke- Teacher Fired, Must Pay ₹1.85 Cr; News Hatke Updates

khabar hatke- Teacher Fired, Must Pay ₹1.85 Cr; News Hatke Updates

ओडिशा के एक गांव में चोरों ने शनि देव की आंखों पर पट्टी बांध दी, इसके बाद चोरी की। वहीं, उत्तर प्रदेश में एक व्यक्ति को खुद को जिंदा साबित करने के लिए कफन ओढ़ना पड़ा। उधर, अमेरिका में एक टीचर को स्कूल ने निकाल दिया, लेकिन अब उसे ₹1.85 करोड़ देना होगा . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

गाजियाबाद में 200 झोपड़ियों में भीषण आग, सिलेंडर फट रहे:10 किमी दूर से दिख रहा धुआं, 8 गाड़ियां बुझाने में लगीं

गाजियाबाद में 200 झोपड़ियों में भीषण आग, सिलेंडर फट रहे:10 किमी दूर से दिख रहा धुआं, 8 गाड़ियां बुझाने में लगीं

गाजियाबाद में गुरुवार दोपहर 12 बजे करीब 200 झुग्गी-झोपड़ियों में भीषण आग लग गई। सिलेंडरों में लगातार ब्लास्ट हो रहे हैं। धुएं का गुबार करीब 10 किलोमीटर दूर से दिखाई दे रहा है। मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है। लोग अपने घरों का सामान और गैस सिलेंडर लेकर भागते नजर आए। फिलहाल, फायर ब्रिगेड की आठ गाड़ियां आग बुझाने में जुटी हुई हैं। प्रशासन ने नोएडा से भी दमकल की गाड़ियां मंगाई हैं। आसपास के घरों को खाली कराया जा रहा है। आग इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के कनवानी गांव में लगी है। घटना में फिलहाल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- जहां आग लगी, वहां कम से कम 500 झुग्गी-झोपड़ियां थीं। इस वक्त सिर्फ आग और धुआं ही नजर आ रहा है। हालांकि, डीएम रविन्द्र कुमार ने बताया- 150 से ज्यादा झुग्गियों में आग लगी है। यहां पर कबाड़ का काम होता था। काम करने वाले ही यहां झुग्गियां बनाकर रहते थे। अगर किसी से लापता होने की खबर आती है, तो सर्वे भी कराया जाएगा। आग की 4 तस्वीरें… गाजियाबाद में आग की घटना से जुड़े पल-पल की अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

अतीक की मौत के 3 साल…पत्नी शाइस्ता का पता नहीं:STF-ATS खोज रही; परिवार की 2 और महिलाएं भी फरार

अतीक की मौत के 3 साल...पत्नी शाइस्ता का पता नहीं:STF-ATS खोज रही; परिवार की 2 और महिलाएं भी फरार

अतीक की पत्नी शाइस्ता को यूपी पुलिस 3 साल में पकड़ नहीं सकी है। उसकी तलाश में 9 राज्यों में छापेमारी की गई। पुलिस की स्पेशल टीम के साथ ATS की मदद ली गई। अंडरग्राउंड हो गई शाइस्ता का पता बताने वाले को 50 हजार रुपए देने का इनाम रखा गया है। शाइस्ता UP पुलिस की मोस्ट-वांटेड महिला अपराधियों की लिस्ट में शामिल है। लेकिन, पुलिस के पास उसकी लोकेशन का कोई क्लू नहीं है। अतीक के परिवार में उसकी बहन आयशा नूरी और भाई अशरफ की पत्नी जैनब को भी पुलिस ढूंढ रही है। तीनों महिलाओं को उमेश पाल हत्याकांड में साजिश रचने और हमलावरों को मदद देने का आरोपी बनाया गया था। जैनब और आयशा पर भी 25-25 हजार रुपए का इनाम रखा गया है। शुरुआत में इन महिलाओं के दुबई भागने की आशंका जताई गई, लेकिन बाद में पुलिस ने इससे इनकार किया था। अतीक अहमद की हत्या 3 साल पहले आज ही के दिन 15 अप्रैल, 2023 को हुई थी। उमेश पाल मर्डर की साजिश करने वाली तीनों महिलाओं को पुलिस अब तक क्यों नहीं पकड़ सकी? 3 साल में क्या-कुछ हुआ? इस स्टोरी में पढ़िए… 24 फरवरी, 2023 को प्रयागराज के धूमनगंज इलाके में इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील उमेश पाल और उनके दो गनर की गोली और बम मारकर हत्या कर दी गई थी। CCTV में अतीक अहमद का बेटा असद और गुड्‌डू मुस्लिम हमला करते हुए दिखे थे। गुड्डू लगातार बम फेंक रहा था। गैंग के दूसरे साथी गुलाम, शाबिर, उस्मान फायरिंग कर रहे थे। अतीक इस हमले के वक्त गुजरात की साबरमती जेल में बंद था। आरोप लगा कि जेल से ही अतीक ने हत्या की साजिश रची। अतीक, उसके भाई अशरफ, बेटे असद समेत 9 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया। जांच होने पर 2-3 दिनों में अतीक की पत्नी शाइस्ता, उसकी बहन आयशा नूरी और अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब को आरोपी बनाया गया। खास बात यह कि उमेश की हत्या के 2 दिन बाद तक शाइस्ता समेत सभी महिलाएं धूमनगंज में ही थीं। शाइस्ता ने CM योगी और इलाहाबाद हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को चिट्‌ठी लिखी थी। इसमें उसने अपने पति अतीक, देवर अशरफ और बेटों पर लगे आरोपों को गलत बताया था। CBI से जांच कराने की मांग रख दी थी। उसने लिखा था- उमेश पाल की हत्या एक राजनीतिक साजिश है। एक BJP कैबिनेट मंत्री चाहते थे कि प्रयागराज मेयर का पद अपने पास रहे, इसलिए अतीक और उनके परिवार को चुनाव से दूर रखने के लिए ये साजिश रच दी गई। बेटे असद के गोली मारने का VIDEO आते ही सब भागे प्रयागराज पुलिस ने 26 फरवरी, 2023 को उमेश पाल की हत्या से जुड़ा CCTV जारी किया। इसमें अतीक का बेटा असद सरेआम गोली चलाते हुए नजर आया था। इसके बाद शाइस्ता परवीन, जैनब और नूरी फरार हो गईं। 27 फरवरी को हत्याकांड में शामिल ड्राइवर अरबाज को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया था। 1 मार्च को अतीक के चकिया वाले घर पर बुलडोजर चला दिया गया। 11 मार्च को पुलिस ने शाइस्ता पर 25 हजार का इनाम घोषित किया, बाद में बढ़ाकर 50 हजार कर दिया। शाइस्ता, जैनब के साथ उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की 22 टीमें बनाई गईं। पुलिस ने प्रयागराज, कौशांबी, लखनऊ, बरेली, नोएडा, मेरठ समेत 13 जिलों में छापेमारी की। कामयाबी नहीं मिलने पर सर्च ऑपरेशन का दायरा बढ़कर 9 राज्यों तक पहुंच गया। यूपी के साथ बिहार, मध्यप्रदेश, ओडिशा, महाराष्ट्र समेत 9 राज्यों में पुलिस की टीम गईं। करीब डेढ़ महीने के अंदर पुलिस ने 500 से ज्यादा जगहों पर छापेमारी की थी। कई पकड़े गए, लेकिन शाइस्ता और जैनब का कुछ पता नहीं चल सका। बेटे के बाद पति की हत्या, लेकिन शाइस्ता सामने नहीं आई 13 अप्रैल, 2023 को झांसी के पारीक्षा डैम के पास अतीक के बेटे असद का एनकाउंटर हो गया। उसके साथ गुलाम भी मारा गया। जब यह एनकाउंटर हुआ था, तब अतीक और अशरफ को प्रयागराज की जिला कचहरी में पेश किया गया था। जैसे ही इसकी जानकारी अतीक को लगी थी, वो रोने लगा था। 14 अप्रैल को असद का अंतिम संस्कार हुआ था। इसमें न अतीक शामिल हुआ और न शाइस्ता परवीन। 15 अप्रैल की रात अतीक अहमद और अशरफ को प्रयागराज के कॉल्विन हॉस्पिटल में मेडिकल के लिए लेकर आया गया था। यहां तीन लड़कों ने दोनों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। तीनों हत्यारों को मौके पर ही पकड़ लिया गया था। रात में ही यह अफवाह उड़ी थी कि हत्या के बाद शाइस्ता परवीन और जैनब सामने आई हैं, लेकिन ये पुष्ट नहीं हो सका था। अगले दिन कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अतीक-अशरफ का अंतिम संस्कार होना था। संभावना थी कि दोनों महिलाएं अपने पति को आखिरी बार देखने और मिट्टी देने जरूर आएंगी। महिला पुलिसकर्मियों और इंटेलिजेंस की टीम की तैनाती कर दी गई थी। हर आने-जाने वाले पर नजर रखी, लेकिन शाइस्ता, जैनब और नूरी आखिरी वक्त पर भी नहीं आई थीं। कौशांबी में इनपुट मिला तो ड्रोन से ढूंढा 19 अप्रैल, 2023 को पुलिस को इनपुट मिला कि शाइस्ता कौशांबी के पल्हाना गांव में है। यह गांव गंगा के कछार में है। पुलिस सक्रिय हुई। एक-एक घर में छापेमारी हुई। ड्रोन से गंगा के किनारों को देखा गया, लेकिन कहीं कुछ पता नहीं चल सका। 6 दिन बाद फिर इनपुट मिला कि शाइस्ता कौशांबी जिले के हटवा गांव में है। यहां अशरफ की ससुराल थी। पुलिस इस बार ज्यादा तैयारी से पहुंची। यहां भी ड्रोन से खोजा गया। घरों में तलाशी ली गई, लेकिन पुलिस को कामयाबी नहीं मिली। शाइस्ता पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज थे, 7 FIR थीं। इन मुकदमों में उमेश पाल हत्याकांड की साजिश करना, ठगी, आर्म्स एक्ट के केस शामिल थे। एक तरफ शाइस्ता फरार थी, दूसरी तरफ पुलिस ने अतीक की संपत्तियां जब्त करना शुरू किया। तब पता चला कि करीब 200 करोड़ की बेनामी संपत्तियां तो शाइस्ता के ही नाम पर हैं। प्रशासन ने उसके दो मकान भी गिरा दिए। आयशा की ससुराल की CCTV में दिखा था गुड्‌डू मेरठ में अतीक की बहन आयशा नूरी की

Noida Factory Workers Protest Salary Hike; Violence Erupts

Noida Factory Workers Protest Salary Hike; Violence Erupts

यूपी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का इंडस्ट्रियल इलाका सोमवार को अचानक उबल उठा। 9 अप्रैल से जारी फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। . गुस्साए कर्मचारियों ने 13 इलाकों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की। बवाल की वजह से नेशनल हाईवे-9 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। सीएम योगी तक को शांति की अपील करनी पड़ी। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर हिंसा क्यों भड़की, हरियाणा कनेक्शन क्या है और कहां चूक हुई? पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले नोएडा में हिंसा भड़कने की वजह समझिए… नोएडा के फैक्ट्री कर्मचारियों में गुस्से की मुख्य वजह पड़ोसी राज्य हरियाणा का एक फैसला है। 9 अप्रैल को हरियाणा सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में फैक्ट्री कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में 35% बढ़ोतरी करने का फैसला लिया। 10 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया। जैसे ही ये खबर नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में फैली, यहां के कर्मचारी भी सैलरी बढ़ाने की मांग करने लगे। हरियाणा के मंत्री अनिल विज ने कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाए जाने की सूचना दी थी। हरियाणा और यूपी में कर्मचारियों की सैलरी में कितना अंतर? हरियाणा- अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,275 से बढ़ाकर 15,220 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 से बढ़ कर 16,780 रुपए और कुशल श्रमिकों का वेतन 13,704 से बढ़ कर 18,500 रुपए किया गया। उच्च कुशल का वेतन 14,389 से 19,425 रुपए किया । यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश (नोएडा)- यहां अनस्किल्ड वर्करों को लगभग 11,313 रुपए की सैलरी ही मिल रही है। दैनिक मजदूरी- हरियाणा में रोजाना मजदूरी 580 से 750 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि नोएडा में केवल 435 से 535 रुपए के बीच है। वर्करों की 5 मांगें जिससे कंपनियां बच रहीं फैक्ट्री कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते दामों के बीच मौजूदा सैलरी में गुजारा करना नामुमकिन है। ऐसे में वर्करों ने 5 मांगें उठाई हैं। 1. सैलरी बढ़ोतरी- हरियाणा की तरह पर यूपी में भी न्यूनतम सैलरी में कम से कम 35% बढ़ाई जाए। 2. ओवरटाइम का डबल पैसा- नए श्रम नियमों के हिसाब से अगर कर्मचारी एक्स्ट्रा काम करता है, तो उसे दोगुनी दर से पेमेंट हो। 3. सैलरी स्लिप और टाइम पर भुगतान- हर महीने की 10 तारीख तक सैलरी बैंक खाते में आए। सैलरी स्लिप अनिवार्य रूप से दी जाए। 4. साप्ताहिक छुट्टी- सप्ताह में एक दिन का छुट्टी मिले। अगर छुट्टी के दिन काम लिया जाए, तो उसका भी डबल पैसा मिले। 5. बोनस का सीधा पेमेंट- बोनस सीधे बैंक खाते में जमा हो, न कि बिचौलियों या ठेकेदारों के जरिए वर्कर को मिले। गुस्साए फैक्ट्री वर्करों ने इलाके में आम लोगों की गाड़ियो को भी निशाना बनाया है। अब जानिए क्या कहते हैं लेबर लॉ… वर्कस्पेस पर सिक्योरिटी- वर्कर को काम करने के लिए सुरक्षित और साफ माहौल मिले। काम के तय घंटे- एक निश्चित समय से ज्यादा काम कराने पर ‘ओवरटाइम’ देना जरूरी है। PF और ESI- सैलरी से कटने वाले प्रॉविडेंट फंड (PF) और बीमा (ESI) का लाभ सही समय पर मिले। मनमानी कटौती पर रोक- बिना किसी ठोस वजह से सैलरी काटना गैर-कानूनी है। हिंसा काबू करने के लिए नोएडा के कई इलाकों में रैफिड एक्शन फोर्स की तैनाती की गई है। प्रशासन ने सहमति दी, इंडस्ट्री मालिक तैयार नहीं थे हरियाणा में 7 अप्रैल को फैक्ट्री कर्मचारियों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था। नोएडा में भी फैक्ट्री कर्मचारी 9 अप्रैल से प्रदर्शन करने लगे। प्रशासन की ओर से समझौता और मांगों सहमति बनने की बात कही गई थी, लेकिन इसमें इंडस्ट्री के मालिकों की सहमति नहीं थी। जब तक इडस्ट्री के मालिक न्यूनतम मजदूरी देने, आठ घंटे तक काम कराने, ओवरटाइम देने, नाइट ड्यूटी अलाउंस नियमानुसार देने जैसी मांगों पर सहमत नहीं होंगे, तब तक प्रशासन, श्रम और इंडस्ट्री डिपार्टमेंट से समझौते का कोई औचित्य नहीं था। स्थानीय श्रमिकों ने करीब तीन चार महीने पहले स्थानीय श्रम उपायुक्त से भी इस मुद्दे पर बात की थी, श्रम उपायुक्त ने भी मांगों को पूरी कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन बात नहीं बनी। श्रम उपायुक्त की ओर से इस संबंध में जिलाधिकारी को भी अवगत कराया गया था। प्रदर्शन में अभी तक कोई बड़ा संगठन सामने नहीं आया। लेकिन शासन को सूचना है कि सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियंस के कुछ पदाधिकारी इसे आंदोलन को पर्दे के पीछे से समर्थन कर रहे हैं। आंदोलन का अभी तक कोई राजनीतिक कनेक्शन सामने नहीं आया है। अब पिछले 3 दिन का पूरा घटनाक्रम समझिए… 10 और 11 अप्रैल- होजरी कॉम्प्लेक्स और सूरजपुर-दादरी रोड पर करीब एक हजार फैक्ट्री वर्करों ने प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस के लाठीचार्ज से तनाव बढ़ गया। मामला लखनऊ तक पहुंचा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में मामला सुलझाने के निर्देश दिए। 12 अप्रैल- नोएडा की DM मेधा रूपम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने इंडस्ट्री मालिकों के साथ बैठक की। प्रशासन ने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि वे श्रम कानूनों का पालन करें और समय पर सैलरी दें। कंट्रोल रूम भी बनाया गया। 13 अप्रैल- आश्वासनों से फैक्ट्री वर्कर संतुष्ट नहीं हुए क्योंकि मुख्य मांग यानी सैलरी बढ़ाने को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। सोमवार सुबह हजारों वर्कर सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन हिंसक हो गया। ————————————- घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नोएडा पुलिस ने भास्कर रिपोर्टर से मारपीट की:कर्मचारियों का प्रदर्शन कवर कर रहे थे, वर्कर्स को घसीटकर बस में बैठाया नोएडा में सोमवार सुबह सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने लाठियां चला दीं। भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से भी पुलिस ने मारपीट की है। पूरी खबर पढ़ें…

खबर हटके- सैनिक पी गए 36 लाख लीटर कॉफी:सांप ने काटा तो बच्चे को नदी में बांधा; शटर-दीवार के बीच 6 घंटे फंसा रहा चोर

खबर हटके- सैनिक पी गए 36 लाख लीटर कॉफी:सांप ने काटा तो बच्चे को नदी में बांधा; शटर-दीवार के बीच 6 घंटे फंसा रहा चोर

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग के दौरान अमेरिकी सैनिक करीब 36 लाख लीटर कॉफी पी गए। वहीं, उत्तर प्रदेश के अमरोहा में बच्चे को सांप के काटने पर 12 घंटे तक गंगा नदी में बांधकर रखा गया। उधर, यूपी के ही गाजियाबाद में एक चोर 6 घंटे तक शटर और दीवार के बीच फंसा रहा। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। यूपी में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में 2.04 करोड़ नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। बिहार की तरह तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

12 राज्यों-UT में SIR, 6.08 करोड़ लोगों के नाम कटे:UP में सबसे ज्यादा 2.04 करोड़, बंगाल में 91 लाख वोटर फाइनल लिस्ट से बाहर

चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दूसरे फेज के तहत शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई। इसके पूरा होने के बाद 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट में कुल 6.08 करोड़ नाम कम हुए हैं। पिछले साल 27 अक्टूबर को SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी। फाइनल लिस्ट जारी होने के बाद यह संख्या 44.92 करोड़ रह गई है। SIR के दूसरे फेज में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश, गोवा समेत पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश की गई है। उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को जारी हुई SIR की फाइनल लिस्ट में वोटर्स की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ हो गई है। यानी लिस्ट में से 2.04 करोड़ लोगों के नाम कटे हैं। वहीं पश्चिम बंगाल में करीब 91 लाख वोटर्स के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हुए हैं। अब तक 60 करोड़ वोटर कवर, 39 करोड़ बाकी चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR कराने का आदेश दिया था। अब तक 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के पहले फेज में बिहार, दूसरे फेज में 9 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में SIR कराया गया था। वहीं असम में SIR के बजाय 10 फरवरी को स्पेशल रिवीजन पूरा किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान कई राज्यों में शेड्यूल में बार-बार बदलाव हुए। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों ने इस प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। देश के करीब 99 करोड़ मतदाताओं में से 60 करोड़ को इस अभियान में शामिल किया जा चुका है। अब बाकी 39 करोड़ मतदाताओं को SIR के तीसरे फेज 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में कवर किया जाएगा। इन 22 राज्यों-UT में SIR प्रक्रिया इस महीने पांच विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी। चुनावी राज्य बंगाल में SIR के बाद 90.83 लाख नाम हटे पश्चिम बंगाल में SIR के दौरान करीब 91 लाख नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। चुनाव आयोग के अनुसार, यह कार्रवाई नवंबर से चल रही प्रक्रिया के तहत की गई है, आयोग के 28 फरवरी तक के आंकड़ों के मुताबिक, SIR शुरू होने के बाद 63.66 लाख नाम हटाए गए थे, जिससे मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ से घटकर 7.04 करोड़ रह गई। बाद में जांच और प्रक्रिया पूरी होने के साथ कुल हटाए गए नामों की संख्या बढ़कर करीब 90.83 लाख हो गई है। SIR की प्रोसेस को 6 सवाल-जवाब में जानें 1. SIR क्या है? यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें घर-घर जाकर लोगों से फॉर्म भरवाकर वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। 18 साल से ज्यादा के नए वोटरों को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है या जो दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके हैं, उनके नाम हटाए जाते हैं। नाम, पते में गलतियों को भी ठीक किया जाता है। 2. पहले किस राज्य में हुआ? पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। दूसरे फेज के तहत उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह और लक्षद्वीप में SIR की घोषणा हुई। 3. कौन करता है? ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) घर-घर जाकर वोटरों का वेरिफिकेशन करते हैं। 4. SIR में वोटर को क्या करना होगा? SIR के दौरान BLO/BLA वोटर को फॉर्म देंगे। वोटर को उन्हें जानकारी मैच करवानी है। अगर दो जगह वोटर लिस्ट में नाम है तो उसे एक जगह से कटवाना होगा। अगर नाम वोटर लिस्ट में नहीं है तो जुड़वाने के लिए फॉर्म भरना होगा और संबंधित डॉक्यूमेंट्स देने होंगे। 5. SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य? पेंशनर पहचान पत्र किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र जन्म प्रमाणपत्र पासपोर्ट 10वीं की मार्कशीट स्थायी निवास प्रमाणपत्र वन अधिकार प्रमाणपत्र जाति प्रमाणपत्र राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम परिवार रजिस्टर में नाम जमीन या मकान आवंटन पत्र आधार कार्ड 6. SIR का मकसद क्या है? 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।

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Hindi News National Breaking News LIVE Updates: Rajasthan, Delhi, MP, UP, Maharashtra, Mumbai 6 घंटे पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र में बारामती विधानसभा उपचुनाव में NCP कैंडिडेट और डिप्टी CM सुनेत्रा पवार का निर्विरोध चुना जाना तय हो गया है। आज नाम वापसी की आखिरी तारीख पर कांग्रेस के आकाश मोरे ने नाम वापस ले लिया। यह सीट अजित पवार के निधन से खाली हुई है। इसके पहले महाराष्ट्र के प्रभारी एआईसीसी महासचिव चेन्निथला ने कहा था कि उन्होंने कांग्रेस की राज्य इकाई से चुनाव से अपना उम्मीदवार वापस लेने को कहा है। बारामती में 23 अप्रैल को उपचुनाव होना है। आज की अन्य बड़ी खबरें… 50 से ज़्यादा शिक्षाविदों ने राष्ट्रपति मुर्मू से NCERT की किताब पर लगे बैन के मामले में दखल देने की अपील की 50 से ज्यादा शिक्षाविदों और विद्वानों ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि NCERT की 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब पर सुप्रीम कोर्ट का बैन न्यायिक दखलंदाजी (judicial overreach) है और उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले में दखल देने की अपील की है। इस चिट्ठी में, दस्तखत करने वालों ने कहा कि ‘Exploring Society: India and Beyond’ नाम की किताब पर लगा बैन—खास तौर पर उस चैप्टर पर, जिसमें न्यायपालिका के बारे में चर्चा की गई है – देश की शिक्षा व्यवस्था पर दूरगामी असर डाल सकता है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से शिक्षाविदों, शिक्षकों और संबंधित लोगों की किताब के कंटेंट की निष्पक्ष रूप से जांच करने की क्षमता सीमित हो गई है और न्याय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक बहस भी दब गई है। NIA ने बंगाल में मालदा हिंसा केस में 12 FIR दर्ज कीं; SIR रिव्यू करने गए अधिकारियों को बंधक बनाया था नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बुधवार को उन न्यायिक अधिकारियों के घेराव की जांच के लिए 12 मामले दर्ज किए, जिन्हें पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदाता सूचियों के विशेष गहन संशोधन (SIR) से जुड़े काम के लिए तैनात किया गया था। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद उठाया गया। देर रात जारी एक बयान में, NIA ने कहा कि उसने 6 अप्रैल के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के पालन में, “पश्चिम बंगाल के मालदा में मतदाता सूचियों के SIR से जुड़े काम के लिए तैनात न्यायिक अधिकारियों की सुरक्षा और संबंधित कानून-व्यवस्था की घटनाओं” से जुड़े मामलों की जांच के लिए, “मालदा जिले के मोथाबाड़ी पुलिस स्टेशन की 7 और कालियाचक पुलिस स्टेशन की 5 FIR को फिर से दर्ज किया है”। भागवत बोले- RSS इतिहास की किताबों में अपना नाम नहीं चाहती, इसका काम स्वयंसेवकों की मेहनत पर आधारित, किसी की कृपा से नहीं राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत बुधवार को कहा कि RSS अपना नाम इतिहास में सुनहरे अक्षरों में लिखवाना नहीं चाहती, बल्कि पिछले 100 सालों के अपने काम का पूरा श्रेय समाज को देना चाहती है। उन्होंने कहा कि RSS का पूरा काम स्वयंसेवकों की मेहनत पर आधारित है, किसी की कृपा से नहीं। किसी की कृपा न होने के बावजूद संगठन के काम में कोई बाधा नहीं आई। भागवत नागपुर में ‘राष्ट्र स्वराधना’ नाम की किताब के विमोचन के अवसर पर बोल रहे थे। यह किताब RSS के घोष पथक (बैंड दल) के इतिहास पर आधारित है। उन्होंने कहा कि सभी स्वयंसेवकों ने संघ की विचारधारा के अनुसार राष्ट्र निर्माण के लिए अपनी पूरी ताकत लगाई है। पुणे में 75 साल के डॉक्टर से 12.31 करोड़ की ठगी, फर्जी शेयर ऐप, व्हाट्सएप ग्रुप से फंसाया पुणे में एक 75 साल के डॉक्टर ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग के नाम पर 12.31 करोड़ रुपए की ठगी का शिकार हो गया। पुलिस के अनुसार, डॉक्टर को जनवरी में एक मैसेज मिला, जिसमें शेयरों की लिस्ट और एक लिंक था। इस लिंक के जरिए उन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया, जहां खुद को बड़ी फाइनेंशियल कंपनी के अधिकारी बताने वाले लोग सक्रिय थे। इसके बाद डॉक्टर को एक फर्जी ट्रेडिंग ऐप पर रजिस्टर कराया गया और निवेश के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए गए। 7 मार्च से 18 मार्च के बीच डॉक्टर ने कुल 8 बार में 12.31 करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। ऐप में उन्हें 54 करोड़ रुपए तक का नकली मुनाफा भी दिखाया गया। पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान व पैसे के ट्रेल का पता लगाया जा रहा है। भारत ने जलवायु सम्मेलन की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी वापस ली, मोदी ने दुबई में समिट होस्ट करने का प्रस्ताव दिया था भारत ने 2028 में होने वाले संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन COP33 की मेजबानी के लिए अपनी दावेदारी वापस ले ली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में दुबई में आयोजित COP28 सम्मेलन के दौरान भारत को COP33 का मेजबान बनाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि अब सूत्रों के मुताबिक, भारत ने इस सप्ताह आधिकारिक रूप से अपना प्रस्ताव वापस ले लिया है। इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। पर्यावरण मंत्रालय और COP मुख्यालय दोनों की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। पूर्व नीति आयोग CEO अमिताभ कांत ने इस फैसले को सही कदम बताते हुए कहा कि विकसित देश पेरिस समझौते के तहत किए गए वादों को पूरा नहीं कर पाए हैं और COP प्रक्रिया पर फॉसिल फ्यूल लॉबी का प्रभाव बढ़ गया है। केंद्र ने एयरपोर्ट पार्किंग व लैंडिंग चार्ज 25% घटाए केंद्र सरकार ने बड़े एयरपोर्ट पर लैंडिंग और पार्किंग चार्ज 25% घटा दिए हैं। नई व्यवस्था तत्काल लागू हो गई है और घरेलू उड़ानों के लिए अगले 3 महीनों तक मिलेगी। ईरान युद्ध और पाक रूट बंद होने से एयरलाइंस पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। इंडिगो और एअर इंडिया की मांग पर रेगुलेटर एईआरए ने यह निर्णय लिया। इससे कंपनियों का परिचालन खर्च कम होगा। इस फैसले के बाद इंडिगो के शेयर 10% तक उछल गए। बिना डेटा वाला वॉयस और एसएमएस प्लान भी दें: ट्राई टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) ने प्रस्ताव दिया है कि टेलीकॉम कंपनियां हर वैलिडिटी अवधि में केवल वॉयस और एसएमएस वाले प्लान भी उपलब्ध कराएं। अभी अधिकतर

दवा नहीं, ये पत्ते हैं सेहत का खजाना! डायबिटीज से दिल तक फायदेमंद, जानें इसके चमत्कारी फायदे

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Last Updated:April 08, 2026, 13:21 IST आयुर्वेद में शहतूत के पत्तों को बेहद गुणकारी माना गया है. ये न सिर्फ डायबिटीज को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, बल्कि हृदय स्वास्थ्य, इम्यूनिटी और त्वचा के लिए भी फायदेमंद होते हैं. नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं. शहतूत के पत्ते मधुमेह, उच्च रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक माने जाते हैं. इनमें विटामिन, खनिज और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. साथ ही ये पाचन को बेहतर करते हैं और सूजन कम करने में भी लाभकारी होते हैं. इनका सेवन चाय या काढ़े के रूप में किया जा सकता है. एक्सपर्ट डॉ. विनीता शर्मा के अनुसार, शहतूत के पत्ते मधुमेह को नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. ये प्राकृतिक रूप से ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं और टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में इंसुलिन की संवेदनशीलता को बेहतर बनाते हैं. शहतूत के पत्ते हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं, क्योंकि इनमें एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनोइड्स भरपूर मात्रा में होते हैं. ये कोलेस्ट्रॉल को संतुलित करने, उच्च रक्तचाप को कम करने, धमनियों की सूजन घटाने और रक्त संचार को बेहतर बनाने में मदद करते हैं. इससे हृदय रोगों, जैसे एथेरोस्क्लेरोसिस, के जोखिम को कम करने में सहायता मिल सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google शहतूत के पत्ते वजन प्रबंधन के लिए एक प्राकृतिक और प्रभावी उपाय माने जाते हैं. इनमें मौजूद पॉलीफेनोल और फाइबर शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को धीमा करते हैं, फैट के संचय को कम करने में मदद करते हैं और मेटाबॉलिज्म को बढ़ावा देते हैं. शहतूत के पत्ते विटामिन C, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. इनमें सूजनरोधी और एंटीवायरल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण से लड़ने और पुरानी बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायक हो सकते हैं. शहतूत के पत्ते त्वचा और मुंह के स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, C, E और एंटी-बैक्टीरियल गुण दाग-धब्बों को कम करने, त्वचा को चमकदार बनाने, सूजन घटाने और मुंह के छालों व संक्रमण से राहत देने में सहायक होते हैं. शहतूत के पत्ते त्वचा और मुंह के स्वास्थ्य के लिए वरदान माने जाते हैं. इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन A, C, E और एंटी-बैक्टीरियल गुण दाग-धब्बों को कम करने, त्वचा को निखारने, सूजन घटाने और मुंह के छालों व संक्रमण को ठीक करने में मदद करते हैं. First Published : April 08, 2026, 13:21 IST

भास्कर अपडेट्स: कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान

भास्कर अपडेट्स: कोलकाता एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो विमान से टकराया, एयरक्राफ्ट को नुकसान

नई दिल्ली14 मिनट पहले कॉपी लिंक कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर एक कार इंडिगो के विमान से टकरा गया। यह घटना एयरपोर्ट के पार्किंग बे नंबर-51 में हुई, जहां विमान खड़ा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कैटरिंग की गाड़ी अचानक आगे बढ़ी और विमान के इंजन से टकरा गई, जिससे विमान को मामूली नुकसान हुआ। घटना के बाद विमान को जांच के लिए ग्राउंड कर दिया गया है। उसका मेंटेनेंस किया जा रहा है। यह फ्लाइट कोलकाता से गुवाहाटी जाने वाली थी। यात्रियों को दूसरी फ्लाइट से भेजा गया है। इंडिगो ने कहा कि संबंधित अधिकारियों को सूचित कर दिया गया है और मामले की जांच जारी है। एयरलाइन जांच में पूरी तरह सहयोग कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔