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20 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और भारत के बीच जल्द ही एक बड़ा व्यापार समझौता हो सकता है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। हमारे संबंध अच्छे हैं और हम एक-दूसरे को अच्छी तरह समझते हैं। हालांकि, ट्रम्प ने यह भी कहा कि भारत ने कई सालों तक अमेरिका का फायदा उठाया। उन्होंने कहा- भारत अमेरिका पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता था, जबकि अमेरिका को उससे ज्यादा फायदा नहीं मिलता था। ट्रम्प ने दावा किया कि अब स्थिति बदल गई है और अमेरिका भारत के साथ व्यापार से अच्छा पैसा कमा रहा है। उन्होंने कहा- हमें एक समझौते तक पहुंचना है क्योंकि मैं PM मोदी को बहुत पसंद करता हूं। ट्रम्प के बयान के बीच अमेरिका ने भारत सहित 54 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इन देशों में जबरन मजदूरी से बने उत्पादों के आयात पर पर्याप्त रोक नहीं है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Shreyas Iyer, Tilak Varma, T20 captain, BCCI, Indian cricket team, Cricket news, Cricket updates, Iyer captaincy

Hindi News Sports Shreyas Iyer, Tilak Varma, T20 Captain, BCCI, Indian Cricket Team, Cricket News, Cricket Updates, Iyer Captaincy स्पोर्ट्स डेस्क11 मिनट पहले कॉपी लिंक बल्लेबाज श्रेयस अय्यर भारतीय टी-20 टीम के नए कप्तान बन सकते हैं। ANI के मुताबिक, तिलक वर्मा को उपकप्तान नियुक्त किया जाएगा। BCCI सूत्र ने ANI को बताया, चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर, हेड कोच गौतम गंभीर और सिलेक्शन कमेटी के बीच श्रेयस अय्यर को टी-20 कप्तान बनाने पर सहमति बन गई है। सिलेक्टर्स आगामी आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए शनिवार को टीम का ऐलान करेंगे। गुरुवार को हुई BCCI की अपेक्स काउंसिल मीटिंग में हालांकि टी-20 कप्तानी को लेकर कोई आधिकारिक चर्चा नहीं हुई थी। इसके बावजूद बोर्ड के शीर्ष अधिकारी श्रेयस अय्यर को कप्तान और तिलक वर्मा को उपकप्तान बनाने के फैसले पर पूरी तरह सहमत हैं। 6 जून को होने वाली सिलेक्शन कमेटी की मीटिंग में अय्यर भी शामिल हो सकते हैं। ढाई साल बाद श्रेयस की टी-20 टीम में वापसी श्रेयस ने भारत के लिए अपना आखिरी इंटरनेशनल टी-20 मैच दिसंबर 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में खेला था। टीम कॉम्बिनेशन और सूर्यकुमार व तिलक वर्मा के मिडिल ऑर्डर में होने से वे लंबे समय से बाहर थे। इसी साल जनवरी में न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में उन्हें इंजरी रिप्लेसमेंट के तौर पर शामिल किया गया था, लेकिन वर्ल्ड कप की तैयारियों के कारण तब उन्हें प्लेइंग-11 में मौका नहीं मिला। अब लगभग ढाई साल बाद उनकी नेशनल टीम में वापसी हो रही है। वर्ल्ड कप जिताने के बाद भी सूर्यकुमार पर गिरी गाज सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने हाल ही में ICC टी-20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब जीता है। इस जीत के साथ भारत अपने टाइटल को डिफेंड करने और लगातार दो टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी जीतने वाला दुनिया का पहला देश बना। हालांकि, इस ऐतिहासिक जीत के बावजूद बतौर बल्लेबाज सूर्यकुमार का प्रदर्शन औसत रहा, जिसके कारण उन्हें कप्तानी गंवानी पड़ रही है। आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे का पूरा शेड्यूल भारतीय टीम को आयरलैंड के बेलफास्ट में 26 और 28 जून को दो T20 मैच खेलने हैं। इसके बाद 1 जुलाई से 11 जुलाई के बीच इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की T20 सीरीज खेली जाएगी। इस दौरे से ठीक पहले वैभव सूर्यवंशी 9 से 21 जून तक श्रीलंका में होने वाली ट्राई-सीरीज में इंडिया ए के लिए खेलेंगे, जिसमें अफगानिस्तान की टीम भी शामिल है। खबर लगातार अपडेट हो रही है… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
BCCI Apex Council meeting today discusses retired players foreign league policy & aid to Maldives, Fiji. Follow Latest Updates.

Hindi News Sports BCCI Apex Council Meeting Today Discusses Retired Players Foreign League Policy & Aid To Maldives, Fiji. Follow Latest Updates. स्पोर्ट्स डेस्क5 मिनट पहले कॉपी लिंक BCCI विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को रोकने के लिए एक नई रिटायरमेंट नीति तैयार करने जा रहा है। आज होने वाली एपेक्स काउंसिल की ऑनलाइन बैठक में इस नीति के साथ-साथ मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर चर्चा होगी। इस बैठक के एजेंडे में भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी का मुद्दा शामिल नहीं है। विजय शंकर के संन्यास के बाद BCCI सख्त भारतीय क्रिकेटर्स में विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए समय से पहले इंटरनेशनल या डोमेस्टिक क्रिकेट से संन्यास लेने का चलन लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की थी। संन्यास लेने के तुरंत बाद उन्होंने खुद को लंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध कराया, जहां उन्हें कैंडी रॉयल्स ने साल 2026 सीजन के लिए साइन कर लिया है। इसी घटना के बाद BCCI इस मामले को लेकर गंभीर हुआ है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने संन्यास लेने के तुरंत बाद लंका प्रीमियर लीग (LPL) खेलने की घोषणा की। इन 5 खिलाड़ियों ने भी अपनाया है यही रास्ता विजय शंकर से पहले भी कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीगों में हिस्सा लेने के लिए भारतीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक, युवराज सिंह, उन्मुक्त चंद, प्रविण तांबे और इरफान पठान शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने विदेशी लीगों में खेलने के योग्य होने के लिए भारतीय क्रिकेट से संन्यास का रास्ता चुना था। क्या है BCCI की वर्तमान पॉलिसी? BCCI की मौजूदा नीति के अनुसार, कोई भी एक्टिव भारतीय क्रिकेटर किसी भी विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता है। इस नियम के दायरे में इंटरनेशनल खिलाड़ी, डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी और IPL के खिलाड़ी शामिल हैं। मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर विचार खिलाड़ियों के संन्यास के मुद्दे के अलावा, BCCI इस बैठक में दो इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड्स की मदद पर भी विचार करेगा। बोर्ड के अधिकारी क्रिकेट बोर्ड ऑफ मालदीव और क्रिकेट फिजी की ओर से आए सहायता के अनुरोधों पर चर्चा करेंगे। बैठक में इस बात की चर्चा की जाएगी कि इन दोनों बोर्डों को किस तरह का सहयोग दिया जा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
BCCI Apex Council meeting today discusses retired players foreign league policy & aid to Maldives, Fiji. Follow Latest Updates.

Hindi News Sports BCCI Apex Council Meeting Today Discusses Retired Players Foreign League Policy & Aid To Maldives, Fiji. Follow Latest Updates. स्पोर्ट्स डेस्क56 मिनट पहले कॉपी लिंक BCCI विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को रोकने के लिए एक नई रिटायरमेंट नीति तैयार करने जा रहा है। आज होने वाली एपेक्स काउंसिल की ऑनलाइन बैठक में इस नीति के साथ-साथ मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर चर्चा होगी। इस बैठक के एजेंडे में भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी का मुद्दा शामिल नहीं है। विजय शंकर के संन्यास के बाद BCCI सख्त भारतीय क्रिकेटर्स में विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए समय से पहले इंटरनेशनल या डोमेस्टिक क्रिकेट से संन्यास लेने का चलन लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की थी। संन्यास लेने के तुरंत बाद उन्होंने खुद को लंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध कराया, जहां उन्हें कैंडी रॉयल्स ने साल 2026 सीजन के लिए साइन कर लिया है। इसी घटना के बाद BCCI इस मामले को लेकर गंभीर हुआ है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने संन्यास लेने के तुरंत बाद लंका प्रीमियर लीग (LPL) खेलने की घोषणा की। इन 5 खिलाड़ियों ने भी अपनाया है यही रास्ता विजय शंकर से पहले भी कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीगों में हिस्सा लेने के लिए भारतीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक, युवराज सिंह, उन्मुक्त चंद, प्रविण तांबे और इरफान पठान शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने विदेशी लीगों में खेलने के योग्य होने के लिए भारतीय क्रिकेट से संन्यास का रास्ता चुना था। क्या है BCCI की वर्तमान पॉलिसी? BCCI की मौजूदा नीति के अनुसार, कोई भी एक्टिव भारतीय क्रिकेटर किसी भी विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता है। इस नियम के दायरे में इंटरनेशनल खिलाड़ी, डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी और IPL के खिलाड़ी शामिल हैं। मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर विचार खिलाड़ियों के संन्यास के मुद्दे के अलावा, BCCI इस बैठक में दो इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड्स की मदद पर भी विचार करेगा। बोर्ड के अधिकारी क्रिकेट बोर्ड ऑफ मालदीव और क्रिकेट फिजी की ओर से आए सहायता के अनुरोधों पर चर्चा करेंगे। बैठक में इस बात की चर्चा की जाएगी कि इन दोनों बोर्डों को किस तरह का सहयोग दिया जा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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5 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील (पूर्व अटॉर्नी जनरल) पैम बॉन्डी चुपचाप थायरॉयड कैंसर से जूझ रही हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट छोड़ने के बाद उनका इलाज हुआ और अब वह रिकवरी कर रही हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रैल में पैम को उनके पद से हटा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लिया गया था। हालांकि, कैंसर की खबरों पर पैम बॉन्डी ने खुद अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैम बॉन्डी पिछले कुछ हफ्तों से कैंसर से मजबूती से लड़ रही हैं। इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने पैम बॉन्डी को व्हाइट हाउस की AI एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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39 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प सरकार की पूर्व वकील (पूर्व अटॉर्नी जनरल) पैम बॉन्डी चुपचाप थायरॉयड कैंसर से जूझ रही हैं। अमेरिकी मीडिया एक्सियोस के मुताबिक, जस्टिस डिपार्टमेंट छोड़ने के बाद उनका इलाज हुआ और अब वह रिकवरी कर रही हैं। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अप्रैल में पैम को उनके पद से हटा दिया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह फैसला जेफ्री एपस्टीन केस से जुड़ी फाइलों को संभालने के तरीके को लेकर लिया गया था। हालांकि, कैंसर की खबरों पर पैम बॉन्डी ने खुद अब तक कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ स्टीफन मिलर की पत्नी केटी मिलर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि पैम बॉन्डी पिछले कुछ हफ्तों से कैंसर से मजबूती से लड़ रही हैं। इसी बीच रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प ने पैम बॉन्डी को व्हाइट हाउस की AI एडवाइजरी कमेटी में शामिल किया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… भारत ने जम्मू-कश्मीर पर चीन-पाकिस्तान का बयान खारिज किया:कहा- दूसरे देश को टिप्पणी का हक नहीं भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को पूरी तरह खारिज कर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से हैं। भारत ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं पर भी कड़ी आपत्ति जताई। यह बयान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की चीन यात्रा के बाद जारी संयुक्त बयान के जवाब में आया है। इसमें कहा गया था कि पाकिस्तान ने चीन को जम्मू-कश्मीर के हालात की जानकारी दी। इसके बाद चीन ने कहा कि जम्मू-कश्मीर मुद्दा इतिहास से जुड़ा विवाद है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र चार्टर, UNSC प्रस्तावों और द्विपक्षीय समझौतों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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5 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में दो विमानों को मार गिराने और चार लोगों की हत्या का केस दर्ज किया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों की हत्या के मामले में की गई है। बुधवार को मियामी में कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने राउल कास्त्रो और पांच अन्य लोगों के खिलाफ आरोपों की घोषणा की। केस में कहा गया है कि 1996 में क्यूबा और फ्लोरिडा के बीच ब्रदर्स टू द रेस्क्यू समूह के दो विमानों को गिराया गया था। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जिनमें तीन अमेरिकी नागरिक शामिल थे। उस समय राउल कास्त्रो क्यूबा की सेना के प्रमुख थे। अमेरिका ने उन पर अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश, विमान नष्ट करने और चार हत्या के आरोप लगाए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के आरोपों में मौत की सजा या उम्रकैद तक हो सकती है। टॉड ब्लांश ने कहा, “अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रम्प अपने नागरिकों को नहीं भूलेंगे।” वहीं क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला क्यूबा पर सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश है। डियाज-कैनेल ने दावा किया कि क्यूबा ने उस समय आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका लगातार क्यूबा पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। हाल के वर्षों में अमेरिका ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाए और तेल आपूर्ति पर भी दबाव बनाया, जिससे वहां बिजली संकट और खाद्य कमी जैसी समस्याएं बढ़ीं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हाल ही में क्यूबा की सैन्य संचालित कंपनी GAESA को देश के संकट के लिए जिम्मेदार बताया था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 94 वर्षीय राउल कास्त्रो के अमेरिका आकर अदालत में पेश होने की संभावना बेहद कम है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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21 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर 1996 में दो विमानों को मार गिराने और चार लोगों की हत्या का केस दर्ज किया है। अमेरिकी न्याय विभाग ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों की हत्या के मामले में की गई है। बुधवार को मियामी में कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश ने राउल कास्त्रो और पांच अन्य लोगों के खिलाफ आरोपों की घोषणा की। केस में कहा गया है कि 1996 में क्यूबा और फ्लोरिडा के बीच ब्रदर्स टू द रेस्क्यू समूह के दो विमानों को गिराया गया था। इस घटना में चार लोगों की मौत हुई थी, जिनमें तीन अमेरिकी नागरिक शामिल थे। उस समय राउल कास्त्रो क्यूबा की सेना के प्रमुख थे। अमेरिका ने उन पर अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश, विमान नष्ट करने और चार हत्या के आरोप लगाए हैं। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हत्या के आरोपों में मौत की सजा या उम्रकैद तक हो सकती है। टॉड ब्लांश ने कहा, “अमेरिका और राष्ट्रपति ट्रम्प अपने नागरिकों को नहीं भूलेंगे।” वहीं क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि यह मामला क्यूबा पर सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने की कोशिश है। डियाज-कैनेल ने दावा किया कि क्यूबा ने उस समय आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका लगातार क्यूबा पर राजनीतिक और आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। हाल के वर्षों में अमेरिका ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगाए और तेल आपूर्ति पर भी दबाव बनाया, जिससे वहां बिजली संकट और खाद्य कमी जैसी समस्याएं बढ़ीं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी हाल ही में क्यूबा की सैन्य संचालित कंपनी GAESA को देश के संकट के लिए जिम्मेदार बताया था। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि 94 वर्षीय राउल कास्त्रो के अमेरिका आकर अदालत में पेश होने की संभावना बेहद कम है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World News Updates; US Iran Israel Japan Earthquake

14 मिनट पहले कॉपी लिंक जापान के कागोशिमा क्षेत्र में मंगलवार को 6.2 तीव्रता का भूकंप आया। तेज झटकों के बाद लोगों में घबराहट फैल गई, हालांकि फिलहाल सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन ने हालात पर नजर रखना शुरू कर दिया है। अब तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना सामने नहीं आई है। जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है और यहां अक्सर टेक्टोनिक गतिविधियों के कारण तेज झटके महसूस किए जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
World News Updates; US Iran Israel Japan Earthquake

9 मिनट पहले कॉपी लिंक जापान के कागोशिमा क्षेत्र में बुधवार को 5.9 तीव्रता का भूकंप आया। तेज झटकों से कई इलाकों में दहशत फैल गई, हालांकि फिलहाल सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है। जापानी मीडिया के मुताबिक, भूकंप ओकिनावा मेन आइलैंड के पास आया। जापान मौसम एजेंसी ने साफ किया कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है। भूकंप के बाद कई इलाकों में इमारतें हिल गईं और लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी बड़े नुकसान या मौत की सूचना नहीं मिली है। जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है। यह भूकंप चार दिन पहले होंशू द्वीप के पूर्वी तट के पास आए एक और तेज भूकंप के बाद आया है। उस भूकंप से ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुई थीं और कई इलाकों में इमरजेंसी अलर्ट जारी किया गया था।हालांकि उस समय भी सुनामी का खतरा नहीं था और किसी बड़े नुकसान की खबर सामने नहीं आई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









