Saturday, 05 Sep 2026 | 11:47 AM

Trending :

EXCLUSIVE

Manipur Bomb Attack | Children Death Truth Hidden In Hospital

Manipur Bomb Attack | Children Death Truth Hidden In Hospital

इंफाल30 मिनट पहलेलेखक: एम मुबासिर राजी

  • कॉपी लिंक

मृत बच्चों की दादी और उनकी बहन। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है।

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं।

अस्पताल में भर्ती बिनाता तीन दिन तक अपने बच्चों के बारे में पूछती रहीं। परिवार के लोग उनकी हालत को देखते हुए सच्चाई छिपाते रहे। उन्होंने बताया कि बच्चों का इलाज चल रहा है।

गुरुवार सुबह बिनाता को एक अखबार पढ़कर पता चला कि उनके दोनों बच्चे अब नहीं रहे। खबर पढ़ते ही बिनाता ओइनाम को गहरा सदमा लगा। वह रोने लगीं और बार-बार बेहोश होने लगीं। डॉक्टरों ने दवाएं देकर उन्हें शांत किया। उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। वहीं, परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।

6 अप्रैल की आधी रात बम हमले में दोनों बच्चों की मौत हुई थी।

6 अप्रैल की आधी रात बम हमले में दोनों बच्चों की मौत हुई थी।

दादी बोलीं- हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए

मृत बच्चों की दादी ओइनाम लोइदम ने कहा- मेरे दोनों पोतों की क्या गलती थी? इन बच्चों को क्यों सजा मिली? हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए। हमे पांच दिन के भीतर न्याय दिया जाए।

उन्होंने कहा कि मैं अपनी बहू का चेहरा भी नहीं देख पा रही हूं। जब भी बच्चों के बारे में सोचती हूं, तो लगता है जैसे यह सब कोई सपना है। उसे आज सुबह ही इस घटना के बारे में पता चला, जब उसके हाथ अस्पताल में एक अखबार लग गया। मुझे लगता है कि सच छिपाने के लिए वह मुझसे नाराज होगी। मेरे दुख को कोई क्यों नहीं देखता? मैं सबसे बदकिस्मत इंसान हूं।

इसी कमरे में बिनाता अपने दोनों बच्चों के साथ सो रही थी।

इसी कमरे में बिनाता अपने दोनों बच्चों के साथ सो रही थी।

पांच से दस दिन में सच्चाई सामने लाने की मांग

अस्पताल में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता देवी ने कहा कि परिवार के लोग खुद इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। हम सरकार की प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में जो कहा गया है, वह हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है। जांच की एक तय प्रक्रिया होनी चाहिए। अगर किसी को पकड़ा जाता है, तो उसे पहले राज्य पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। सीधे NIA को सौंपना सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि हम बार-बार यह सुनकर थक चुके हैं कि कार्रवाई होगी। पांच से दस दिन के भीतर सच्चाई सामने आनी चाहिए। जिम्मेदार अधिकारी को सस्पेंड किया जाना चाहिए। प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। केंद्रीय बलों को हटाया जाए और राज्य पुलिस को स्थिति संभालनी चाहिए।

अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ…

प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला, जवाबी फायरिंग में 2 की जान गई

यह विजुअल मोइरांग इलाके के हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी।

यह विजुअल मोइरांग इलाके के हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी।

बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे।

स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में मंगलवार सुबह प्रोटेस्ट किया। इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए।

चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास बसा है मोइरांग इलाका

मणिपुर का मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाका चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास है। 2023 और 2024 में मैतेई और कुकी-जो ग्रुप्स के बीच जातीय संघर्ष के दौरान यहां लगातार गोलीबारी हुई थी।

एक और सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ट्रोंगलाओबी के पास के इलाके से एक एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद किया गया। स्थानीय NPP विधायक शांति सिंह ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, यह घिनौना काम आतंकवाद से कम नहीं है। ऐसे अमानवीय कामों की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।

———–

ये खबर भी पढ़े

मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी

मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। NDTV के अनुसार, महिला लगभग तीन साल पहले किडनैपिंग और गैंगरेप के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई थी। गंभीर चोटों के कारण पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
authorimg

April 10, 2026/
2:33 pm

Last Updated:April 10, 2026, 14:33 IST Social media addiction and brain health : शोधकर्ताओं ने पाया कि स्मार्टफोन से दूरी...

नासिक की IT-कंपनी में लड़कियों के यौन शोषण-धर्मांतरण का मामला:6 मुस्लिम टीम लीडर, HR मैनेजर अरेस्ट; हिंदू संगठन का कंपनी कैंपस में हंगामा

April 10, 2026/
3:45 pm

नासिक की मल्टीनेशनल IT कंपनी में हिंदू महिला कर्मचारियों का यौन शोषण और ऑफिस में जबरन नमाज पढ़ने, हिंदू देवी-देवताओं...

जस्टिस नागरत्ना बोलीं- चुनाव आयोग को स्वतंत्र रहना चाहिए:कोई भी राजनीतिक प्रभाव न हो; 2027 में चीफ जस्टिस बन सकती हैं

April 4, 2026/
8:49 pm

सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बीवी नागरत्ना ने शनिवार को कहा कि चुनाव आयोग को पूरी तरह स्वतंत्र रहना चाहिए और...

विशेष | इंटेल एजेंसियों ने संवेदनशील जांच में गैर-मान्यता प्राप्त निजी प्रयोगशालाओं के खिलाफ चेतावनी दी|News18

June 25, 2026/
4:56 pm

खुफिया एजेंसियों ने संवेदनशील जांच में गैर-मान्यता प्राप्त निजी प्रयोगशालाओं के इस्तेमाल पर चिंता जताई है और चेतावनी दी है...

Trump Fury Erupts, White House Denies Report

April 20, 2026/
9:17 pm

वॉशिंगटन डीसी16 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान युद्ध के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिकी F-15 जेट गिरने के बाद भड़क...

अरशद वारसी बोले- अच्छे लोगों के साथ काम जरूरी:कुछ फिल्में पसंद से, कुछ जिंदगी की मजबूरी में करनी पड़ती हैं

June 30, 2026/
5:30 am

‘प्रीतम एंड पेड्रो’ में दिलचस्प किरदार निभा रहे अरशद वारसी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में सीरीज के साथ अपने...

मुर्शिदाबाद, मालदा, नादिया में सबसे ज्यादा कटे वोटर्स के नाम, जानें जिलेवार वोटर्स का पूरा हिसाब

April 7, 2026/
7:02 pm

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की सरगर्मियों के बीच चुनाव आयोग ने एक इंटरव्यू वाला डेटा जारी किया है। राज्य...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Manipur Bomb Attack | Children Death Truth Hidden In Hospital

Manipur Bomb Attack | Children Death Truth Hidden In Hospital

इंफाल30 मिनट पहलेलेखक: एम मुबासिर राजी

  • कॉपी लिंक

मृत बच्चों की दादी और उनकी बहन। घटना के बाद से पूरा परिवार सदमे में है।

मणिपुर के बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी में 6 अप्रैल की आधी रात एक घर पर बम से हमला हुआ। इसमें 5 साल के बेटे और 6 महीने की बच्ची की मौत हो गई, जबकि उनकी मां बिनाता ओइनाम गंभीर रूप से घायल हो गईं।

अस्पताल में भर्ती बिनाता तीन दिन तक अपने बच्चों के बारे में पूछती रहीं। परिवार के लोग उनकी हालत को देखते हुए सच्चाई छिपाते रहे। उन्होंने बताया कि बच्चों का इलाज चल रहा है।

गुरुवार सुबह बिनाता को एक अखबार पढ़कर पता चला कि उनके दोनों बच्चे अब नहीं रहे। खबर पढ़ते ही बिनाता ओइनाम को गहरा सदमा लगा। वह रोने लगीं और बार-बार बेहोश होने लगीं। डॉक्टरों ने दवाएं देकर उन्हें शांत किया। उनकी हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। वहीं, परिवार लगातार न्याय की मांग कर रहा है।

6 अप्रैल की आधी रात बम हमले में दोनों बच्चों की मौत हुई थी।

6 अप्रैल की आधी रात बम हमले में दोनों बच्चों की मौत हुई थी।

दादी बोलीं- हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए

मृत बच्चों की दादी ओइनाम लोइदम ने कहा- मेरे दोनों पोतों की क्या गलती थी? इन बच्चों को क्यों सजा मिली? हमें पैसे नहीं, न्याय चाहिए। हमे पांच दिन के भीतर न्याय दिया जाए।

उन्होंने कहा कि मैं अपनी बहू का चेहरा भी नहीं देख पा रही हूं। जब भी बच्चों के बारे में सोचती हूं, तो लगता है जैसे यह सब कोई सपना है। उसे आज सुबह ही इस घटना के बारे में पता चला, जब उसके हाथ अस्पताल में एक अखबार लग गया। मुझे लगता है कि सच छिपाने के लिए वह मुझसे नाराज होगी। मेरे दुख को कोई क्यों नहीं देखता? मैं सबसे बदकिस्मत इंसान हूं।

इसी कमरे में बिनाता अपने दोनों बच्चों के साथ सो रही थी।

इसी कमरे में बिनाता अपने दोनों बच्चों के साथ सो रही थी।

पांच से दस दिन में सच्चाई सामने लाने की मांग

अस्पताल में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता सुजाता देवी ने कहा कि परिवार के लोग खुद इस सदमे से उबर नहीं पा रहे हैं। हम सरकार की प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं। पिछले कुछ दिनों में जो कहा गया है, वह हमारे लिए स्वीकार्य नहीं है। जांच की एक तय प्रक्रिया होनी चाहिए। अगर किसी को पकड़ा जाता है, तो उसे पहले राज्य पुलिस को सौंपा जाना चाहिए। सीधे NIA को सौंपना सही नहीं है।

उन्होंने कहा कि हम बार-बार यह सुनकर थक चुके हैं कि कार्रवाई होगी। पांच से दस दिन के भीतर सच्चाई सामने आनी चाहिए। जिम्मेदार अधिकारी को सस्पेंड किया जाना चाहिए। प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया। केंद्रीय बलों को हटाया जाए और राज्य पुलिस को स्थिति संभालनी चाहिए।

अब समझें 6-7 अप्रैल को क्या हुआ…

प्रदर्शनकारियों का CRPF कैंप पर हमला, जवाबी फायरिंग में 2 की जान गई

यह विजुअल मोइरांग इलाके के हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी।

यह विजुअल मोइरांग इलाके के हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में आग लगा दी।

बिष्णुपुर जिले में मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में सोमवार देर रात उग्रवादियों ने एक घर में बम फेंक दिया। जिसमें दो बच्चों की मौत हो गई। पुलिस ऑफिसर ने बताया कि जब घर में बम फटा, तब बच्चे अपनी मां के साथ बेडरूम में सो रहे थे।

स्थानीय लोगों ने घटना के विरोध में मंगलवार सुबह प्रोटेस्ट किया। इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो ऑयल टैंकर और एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने मोइरांग पुलिस स्टेशन के सामने टायर जलाए और एक पुलिस चौकी को तोड़ दिया। इसके बाद भीड़ ने घटनास्थल से 100 मीटर दूर CRPF कैंप पर भी हमला कर दिया। जवाबी फायरिंग में 2 की मौत हो गई, पांच घायल हो गए।

चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास बसा है मोइरांग इलाका

मणिपुर का मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाका चुराचांदपुर के पहाड़ी इलाकों के पास है। 2023 और 2024 में मैतेई और कुकी-जो ग्रुप्स के बीच जातीय संघर्ष के दौरान यहां लगातार गोलीबारी हुई थी।

एक और सीनियर अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को ट्रोंगलाओबी के पास के इलाके से एक एक्सप्लोसिव डिवाइस भी बरामद किया गया। स्थानीय NPP विधायक शांति सिंह ने भी हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, यह घिनौना काम आतंकवाद से कम नहीं है। ऐसे अमानवीय कामों की हमारे समाज में कोई जगह नहीं है और इसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।

———–

ये खबर भी पढ़े

मणिपुर- 3 साल पहले गैंगरेप की शिकार युवती की मौत: सदमे में थी; 2023 हिंसा में किडनैपिंग, फिर दरिंदगी

मणिपुर में 3 मई 2023 में जातीय हिंसा शुरू होने के तुरंत बाद गैंगरेप का शिकार हुई 20 साल की युवती की मौत हो गई है। गैंगरेप के समय वह सिर्फ 18 साल की थी। NDTV के अनुसार, महिला लगभग तीन साल पहले किडनैपिंग और गैंगरेप के सदमे से अब तक उबर नहीं पाई थी। गंभीर चोटों के कारण पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत होने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.