Tuesday, 15 Sep 2026 | 09:58 AM

Trending :

EXCLUSIVE

क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर, क्या की गई है मांग, जानें

authorimg
होमताजा खबरDelhi

क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर

Last Updated:

द‍िल्‍ली सरकार के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली के खिलाफ सोशल ज्‍यूर‍िस्‍ट एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने जनहित याचिका दायर की है. पीआईएल में अस्पताल की पॉलिसी को मनमानी और भेदभावकारी बताया है और सरकारी अस्‍पताल होने के बावजूद सबको मुफ्त इलाज न म‍िलने पर सवाल उठाया है. केस की 18 मार्च को सुनवाई होगी.

Zoom

द‍िल्‍ली हाईकोर्ट में आईएलबीएस अस्‍पताल के ख‍िलाफ पीआईएल दायर की गई है.

ILBS Hospital news: इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल में इकॉनोमिकली वीकर सेक्शन के तहत मुफ्त इलाज लेने वालों के लिए आईपीडी यानि भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 10 फीसदी बेड और ओपीडी में 25 फीसदी मरीजों को देखने का कोटा तय किया गया है.

जबकि यह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल दिल्ली सरकार के द्वारा स्थापित किया गया था और इसका मालिकाना हक भी राज्य के ही पास है. यहां तक कि यह पूरी तरह सरकार के ही द्वारा फंडेड और नियंत्रित है बावजूद इसके इसे स्वायत्त संस्था के तौर पर घोषित किया हुआ है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए इलाज की सीमाएं तय कर दी गई हैं जो किसी भी तरह से वैध नहीं है.

याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल को सरकार की ओर से लिवर की गंभीर बीमारियों जैसे हैपेटाइटिस, सिरोसिस, लिवर कैंसर आदि के स्पेशलाइज्ड इलाज करने के लिए बनाया गया था और आज तक सरकार के ही द्वारा पैसा दिया जाता है बावजूद इसके इसमें ऐसी पॉलिसी अपनाई गई है जो इसे सरकारी अस्पताल के बजाय प्राइवेट हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशन ज्यादा बनाती है. जहां तकरीबन 90 फीसदी बेड पैसे का भुगतान करने वाले मरीजों के लिए आरक्षित हैं. यह

इस जनहित याचिका को दायर करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल कहते हैं कि याचिका में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह सरकारी फंडेड अस्पताल की यह पॉलिसी पूरी तरह मनमानी, भेदभावकारी और भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन है. यह नीति पब्लिक के पैसों से बने अस्पताल में उन्हें मिलने वाले लाइफ सेविंग इलाज में जबरन बाधा पैदा कर रही है. अस्पताल का यह तरीका सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के भी खिलाफ है.

एडवोकेट अशोक ने बताया कि देश में कहीं भी ऐसा कोई सरकारी अस्पताल नहीं है जहां सब कुछ सरकार का है लेकिन मरीजों का इलाज पैसे लेकर होता है और गरीब मरीजों को धक्के खाने पड़ते हैं. यह अस्पताल सरकारी होते हुए भी प्राइवेट अस्पताल की तरह काम कर रहा है जो इसकी वैधता पर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि इस जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में लिस्ट करा दिया गया है और 18 मार्च बुधवार को इसकी सुनवाई होनी है.

About the Author

authorimg

प्रिया गौतमSenior Correspondent

प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
शरारत एक्ट्रेस आएशा खान ने शेयर कीं सगाई की तस्वीरें:मिस्ट्री मैन के साथ डायमंड रिंग फ्लॉन्ट की, करण औजला से जुड़ा नाम

August 19, 2026/
10:28 am

रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘धुरंधर’ के हिट गाने ‘शरारत’ में नजर आईं आयशा खान सगाई की तस्वीरों से सुर्खियों...

दमोह में हवा-आंधी के साथ झमाझम बारिश:तेंदूखेड़ा ब्लॉक में आधे घंटे बरसे बादल; गेहूं-चना की कटाई कर रहे किसान चिंतित

March 19, 2026/
10:03 pm

दमोह जिले के तेंदूखेड़ा ब्लॉक में गुरुवार रात करीब 8:30 बजे तेज आंधी और आधे घंटे तक झमाझम बारिश हुई।...

भागीरथपुरा चौकी में युवक की मौत,पुलिस पर प्रताड़ना के आरोप:मां से कहा था- अंगूठा तोड़ दिया, बहुत मारा है’; सादी वर्दी में घर ले गए थे पुलिसकर्मी

April 21, 2026/
6:05 am

इंदौर के भागीरथपुरा चौकी में श्रीराम पुत्र रमेशचंद झा की मौत के मामले में वरिष्ठ अधिकारियों ने चौकी प्रभारी संजय...

आज भोजशाला पर हाईकोर्ट का फैसला, धार में अलर्ट जारी:जुमे की नमाज के दिन 12 लेयर में बंटी सुरक्षा, 1200 पुलिसकर्मी तैनात

May 15, 2026/
8:18 am

धार के भोजशाला मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच शुक्रवार को फैसला सुना सकती है। लंबे समय...

Viraj, Shritamil Bodies Found; Death Toll Reaches 11

May 3, 2026/
5:00 am

श्रीतमिल और विराज के शव शनिवार शाम और मयूरन का शव रविवार सुबह मिला। जबलपुर के बरगी क्रूज हादसे में...

वर्ल्ड अपडेट्स:नाइजीरिया में बम धमाकों में दर्जनों की मौत, कई घायल

March 17, 2026/
3:31 am

आपातकालीन सेवाओं ने एसोसिएटेड प्रेस(AP) को बताया कि सोमवार रात पूर्वोत्तर नाइजीरिया के बोर्नो राज्य में कम से कम तीन...

पेरू में टूरिस्ट प्लेन क्रैश, क्रू समेत 13 की मौत:2000 साल पुरानी नाज्का लाइन्स देखने गए थे; मरने वालों की पहचान नहीं हो सकी

August 2, 2026/
4:17 am

पेरू के नाज्का शहर के बाहर शनिवार को पर्यटकों को ले जा रहा एक छोटा प्लेन क्रैश हो गया। इस...

2 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जली:उमरिया में टूटी 11 केवी लाइन से भड़की आग, ग्रामीणों और फायर ब्रिगेड ने पाया काबू

April 12, 2026/
5:38 pm

उमरिया जिले की चंदिया तहसील के मझगंवा गांव में गेहूं के खेत में भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर, क्या की गई है मांग, जानें

authorimg
होमताजा खबरDelhi

क्या ILBS अस्पताल में अब सबको फ्री मिलेगा ल‍िवर का इलाज? हाईकोर्ट में PIL दायर

Last Updated:

द‍िल्‍ली सरकार के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली के खिलाफ सोशल ज्‍यूर‍िस्‍ट एडवोकेट अशोक अग्रवाल ने जनहित याचिका दायर की है. पीआईएल में अस्पताल की पॉलिसी को मनमानी और भेदभावकारी बताया है और सरकारी अस्‍पताल होने के बावजूद सबको मुफ्त इलाज न म‍िलने पर सवाल उठाया है. केस की 18 मार्च को सुनवाई होगी.

Zoom

द‍िल्‍ली हाईकोर्ट में आईएलबीएस अस्‍पताल के ख‍िलाफ पीआईएल दायर की गई है.

ILBS Hospital news: इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज नई दिल्ली को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल में इकॉनोमिकली वीकर सेक्शन के तहत मुफ्त इलाज लेने वालों के लिए आईपीडी यानि भर्ती होने वाले मरीजों के लिए 10 फीसदी बेड और ओपीडी में 25 फीसदी मरीजों को देखने का कोटा तय किया गया है.

जबकि यह सुपर स्पेशलिटी अस्पताल दिल्ली सरकार के द्वारा स्थापित किया गया था और इसका मालिकाना हक भी राज्य के ही पास है. यहां तक कि यह पूरी तरह सरकार के ही द्वारा फंडेड और नियंत्रित है बावजूद इसके इसे स्वायत्त संस्था के तौर पर घोषित किया हुआ है और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए इलाज की सीमाएं तय कर दी गई हैं जो किसी भी तरह से वैध नहीं है.

याचिका में कहा गया है कि इस अस्पताल को सरकार की ओर से लिवर की गंभीर बीमारियों जैसे हैपेटाइटिस, सिरोसिस, लिवर कैंसर आदि के स्पेशलाइज्ड इलाज करने के लिए बनाया गया था और आज तक सरकार के ही द्वारा पैसा दिया जाता है बावजूद इसके इसमें ऐसी पॉलिसी अपनाई गई है जो इसे सरकारी अस्पताल के बजाय प्राइवेट हेल्थकेयर इंस्टीट्यूशन ज्यादा बनाती है. जहां तकरीबन 90 फीसदी बेड पैसे का भुगतान करने वाले मरीजों के लिए आरक्षित हैं. यह

इस जनहित याचिका को दायर करने वाले एडवोकेट अशोक अग्रवाल कहते हैं कि याचिका में यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यह सरकारी फंडेड अस्पताल की यह पॉलिसी पूरी तरह मनमानी, भेदभावकारी और भारतीय संविधान के आर्टिकल 14 और 21 का उल्लंघन है. यह नीति पब्लिक के पैसों से बने अस्पताल में उन्हें मिलने वाले लाइफ सेविंग इलाज में जबरन बाधा पैदा कर रही है. अस्पताल का यह तरीका सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के भी खिलाफ है.

एडवोकेट अशोक ने बताया कि देश में कहीं भी ऐसा कोई सरकारी अस्पताल नहीं है जहां सब कुछ सरकार का है लेकिन मरीजों का इलाज पैसे लेकर होता है और गरीब मरीजों को धक्के खाने पड़ते हैं. यह अस्पताल सरकारी होते हुए भी प्राइवेट अस्पताल की तरह काम कर रहा है जो इसकी वैधता पर सवाल उठाता है. उन्होंने कहा कि इस जनहित याचिका को दिल्ली हाईकोर्ट में लिस्ट करा दिया गया है और 18 मार्च बुधवार को इसकी सुनवाई होनी है.

About the Author

authorimg

प्रिया गौतमSenior Correspondent

प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.