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ऑपरेशन की जरूरत नहीं! इस पौधे के सामने फेल है पत्थरचट्टा, ऐसे किया सेवन तो किडनी से गायब होंगे स्टोन्स

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Kidney stone remedy: पथरी के लिए अपामार्ग पौधा उपयोगी है. रविकांत पांडे के अनुसार इसकी जड़ का सेवन पथरी को तोड़कर बाहर निकालता है. किडनी स्टोन के लिए गुनगुने पानी और अन्य स्टोन के लिए ठंडे पानी के साथ लें.

Navratri Vrat Common Mistakes; Starch Intake Side Effects

Navratri Vrat Common Mistakes; Starch Intake Side Effects

Hindi News Lifestyle Navratri Vrat Common Mistakes; Starch Intake Side Effects | Dietitian Advice 1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी / अदिति ओझा कॉपी लिंक नवरात्रि का व्रत मेटाबॉलिज्म और बॉडी क्लॉक को रीसेट करने का एक मौका होता है। 9 दिन का लंबा व्रत एक तरह से बॉडी क्लीजिंग का काम करता है। लेकिन कई बार लोग व्रत रखते समय कुछ ऐसी कॉमन गलतियां कर बैठते हैं, जो फायदा पहुंचाने की बजाय सेहत पर उल्टा असर भी डाल सकती हैं। दिन भर भूखे रहना, जरूरत से ज्यादा फ्राइड या मीठी चीजें खाना, कम पानी पीना या रात में एक साथ बहुत ज्यादा खा लेना, ये सारी आदतें डाइजेशन, एनर्जी और ब्लड शुगर पर नेगेटिव असर डालती हैं। इसलिए व्रत के दौरान सही खान-पान और संतुलन बेहद जरूरी है। इसलिए आज जरूरत की खबर में हम व्रत की 10 कॉमन गलतियों के बारे में बात करेंगे और जानेंगे कि– लोग अमूमन कौन सी गलतियां दोहराते हैं? इसका सेहत और शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता है? इन गलतियों का हेल्दी ऑप्शन या सही तरीका क्या है? एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’ गलती नंबर 1 पूरे दिन भूखे रहना व्रत में कई बार ऐसा होता है कि लोग पूरे–पूरे दिन भूखे रह जाते हैं। सुबह से लेकर शाम तक कुछ भी नहीं खाते हैं। ये गलत है। ऐसा नहीं करना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल अचानक ज्यादा गिर सकता है, चक्कर, कमजोरी हो सकती है। सारे नुकसान नीचे पॉइंटर्स में देखिए– ब्लड शुगर कम होना थकान और कमजोरी डिहाइड्रेशन का खतरा गैस और एसिडिटी सीने में जलन ओवरईटिंग की समस्या मेटाबॉलिज्म स्लो होना सिरदर्द और माइग्रेन चिड़चिड़ापन नींद पर बुरा असर न्यूट्रिशन का असंतुलन क्या करें- व्रत में एक साथ लंबे समय तक भूखे न रहें। हल्का खाना ही खाएं, लेकिन हर 2–3 घंटे में खाते रहें। गलती नंबर 2 सिर्फ हाई स्टार्च फूड खाना व्रत के दौरान ऐसा भी होता है कि लोग स्वाद के चक्कर में अक्सर सिर्फ आलू, साबूदाना, व्रत की पूरियां जैसी हाई कार्ब और हाई स्टार्च चीजें ही खाते रहते हैं। आलू के चिप्स (बिना नमक वाले) खाते रहते हैं। ये चीजें थोड़ी मात्रा में तो ठीक हैं, लेकिन ज्यादा खाना नुकसानदायक हो सकता है। इससे ये नुकसान हो सकते हैं- क्या करें- सिर्फ आलू-साबूदाने पर निर्भर न रहें। भोजन में संतुलन रखें। हाई फाइबर वाले फल भी खाएं। कोशिश करें कि कार्ब या स्टार्च पूरे व्रत के भोजन का 40 फीसदी से ज्यादा न हो। गलती नंबर 3 ज्यादा तला हुआ खाना अमूमन लोग व्रत के दौरान जितनी भी चीजें खाते हैं, वो सब तली हुई और हाई फैट वाली होती हैं। जैसेकि- तले हुए आलू साबूदाना वड़ा कुट्टू के आटे की पूरियां शकरकंद के पकौड़े व्रत वाले आलू चिप्स कुट्टू आटे के फ्राइड कटलेट इस तरह की मील लेने से सेहत को ये नुकसान हो सकते हैं। क्या करें- स्वाद के लिए तला खाना भी खाएं, लेकिन बहुत थोड़ी मात्रा में। व्रत फूड का बड़ा हिस्सा ऐसा रखें, जिसमें फाइबर ज्यादा हो और जो डीप फ्राइड न होकर सिर्फ सामान्य तरीके से पकाया गया हो। गलती नंबर 4 बहुत कम पानी पीना कई बार लोग व्रत में बहुत कम पानी पीते हैं। ऐसा करने के कई नुकसान हो सकते हैं। जैसेकि- डिहाइड्रेशन सिरदर्द चक्कर थकान व कमजोरी ब्लड प्रेशर लो होना पाचन संबंधी समस्याएं किडनी पर बुरा असर सुस्ती, चिड़चिड़ापन मेंटल फॉग क्या करें- दिन भर में कम-से-कम 10 गिलास पानी पिएं। इसके अलावा हाइड्रेटेड रहने के लिए नारियल पानी या नींबू पानी लेते रहें। गलती नंबर 5 बहुत ज्यादा चाय-कॉफी पीना अकसर लोग व्रत में लंब समय तक खाली पेट रहते हैं और इस दौरान लगातार बहुत ज्यादा मात्रा में चाय-कॉफी पीते रहते हैं। ऐसा करने से ये नुकसान हो सकते हैं- क्या करें- दिन भर में दो कप से ज्यादा चाय-कॉफी न पिएं। एकदम खाली पेट चाय-कॉफी न पिएं। कोशिश करें कि चाय-कॉफी में चीनी न हो। गलती नंबर 6 प्रोटीन न खाना व्रत का खाना ऐसा होता है कि उसमें प्रोटीन ज्यादा नहीं होता। लगातार 9 दिनों तक हाई कार्ब और हाई स्टार्च खाना खाने से शरीर में प्रोटीन डेफिशिएंसी हो सकती है। प्रोटीन शरीर के लिए बहुत क्रिटिकल न्यूट्रिशन है। क्या करें- व्रत के दौरान ऐसी चीजें भी खाएं, जिनमें प्रोटीन हो। जैसेकि दही, दूध, पनीर, मूंगफली और ड्राई फ्रूट्स। गलती नंबर 7 बहुत ज्यादा मीठा खाना व्रत में लोग रोज दोनों टाइम ऐसी चीजें खाते हैं, जिनमें चीनी होती है, जैसेकि मखाने की खीर, शकरकंद की खीर, कुट्‌टू या सिंघाड़े के आटे के मालपुए वगैरह। बहुत ज्यादा मीठा खाने के ये नुकसान हो सकते हैं- क्या करें: इस बात का ख्याल रखें कि व्रत की डाइट भी हेल्दी प्रोटीन और फाइबर रिच हो। मीठा ज्यादा न खाएं। खाने के बाद सिर्फ थोड़ी मात्रा में मीठा लें। गलती नंबर 8 नींद पूरी न करना व्रत के दौरान अगर वर्कलोड ज्यादा हो और नींद पूरी न हो तो शरीर में थकान, कमजोरी और चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। किसी भी स्थिति में व्रत के दौरान कम-से-कम 7–8 घंटे की नींद जरूरी है। गलती नंबर 9 पहले भूखे रहना, फिर एक साथ बहुत ज्यादा खा लेना व्रत के दौरान अक्सर लोग ये गलती भी करते हैं कि पहले तो दिन भर भूखे रहते हैं, फिर रात में अचानक ढेर सारा खाना खा लेते हैं। दिन भर भूखे रहकर रात में ज्यादा खाना खाने से ये नुकसान हो सकते हैं- अपच पेट दर्द एसिडिटी ब्लोटिंग मेटाबॉलिज्म स्लो होना रात में नींद न आना हॉर्मोनल इंबैलेंस थकान, कमजोरी क्या करें: खाने और न खाने के बीच एक सीमित, संतुलित अंतराल रखें। दिन भर में थोड़ा-थोड़ा खाएं। एक साथ लंबे समय तक भूखे न रहें और रात में हैवी खाना न खाएं। गलती नंबर 10 अपनी हेल्थ कंडीशन को नजरअंदाज करना अगर किसी को किसी भी प्रकार की हेल्थ कंडीशन है, कोई बीमारी है, दवाइयां चल रही हैं या डॉक्टर ने किसी प्रकार का परहेज रखने की ताकीद की है तो उसे नजरअंदाज करने की गलती नहीं करनी चाहिए। अक्सर लोग व्रत में अपनी स्पेशल हेल्थ कंडीशन या हेल्थ की जरूरत को इग्नोर कर देते हैं। इन कंडीशंस में सावधानी बहुत जरूरी है-

Bollywood Filmmaker Aditya Dhar Success Story; Uri Director Dyslexia Struggle

Bollywood Filmmaker Aditya Dhar Success Story; Uri Director Dyslexia Struggle

17 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी/वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक 12 मार्च 1983 को एक कश्मीरी पंडित परिवार में जन्मे आदित्य धर को बचपन में पढ़ाई‑लिखाई में दिक्कत होती थी। डिस्लेक्सिया जैसी गंभीर बीमारी, पढ़ाई में कमजोरी और बार-बार टूटते सपनों के बावजूद आदित्य धर ने हार नहीं मानी। मुंबई आकर उन्होंने लंबे समय तक संघर्ष किया। कभी स्क्रिप्ट चोरी हुईं, तो कभी फिल्में शूटिंग से ठीक पहले बंद हो गईं। कई बार लगा कि अब सफर खत्म हो गया, लेकिन उन्होंने हर बार खुद को संभाला और एक कोशिश और की। उनकी मेहनत रंग लाई जब ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ रिलीज हुई और ब्लॉकबस्टर साबित हुई। इस फिल्म ने उन्हें रातोंरात पहचान दिला दी। इसके बाद उन्होंने बड़े स्तर पर काम शुरू किया और खुद को एक मजबूत फिल्ममेकर के रूप में स्थापित किया। हाल ही में आई धुरंधर ने उनके करियर को नई ऊंचाई दी है, जिसे उनकी अब तक की सबसे बड़ी फिल्मों में माना जा रहा है। आज की सक्सेस स्टोरी में आइए जानते हैं आदित्य धर के करियर और निजी जीवन से जुड़ी कुछ और बातें.. आदित्य धर ने स्क्रीनराइटर्स एसोसिएशन से जुड़े इवेंट में अपनी डिस्लेक्सिया और स्ट्रगल पर बात की थी। मां की कला ने बनाया स्टोरीटेलर मेरी मां दिल्ली यूनिवर्सिटी के म्यूजिक और फाइन आर्ट्स फैकल्टी की डीन थीं और एक क्लासिकल म्यूजिशियन भी। हमारे घर में हमेशा कला, संगीत और थिएटर का माहौल रहा। बड़े-बड़े कलाकार घर आते थे, हम प्ले देखने जाते थे, और क्लासिकल म्यूजिक सुनना रोजमर्रा का हिस्सा था। इसी माहौल ने मुझे कहानियों को महसूस करना सिखाया। मैं पढ़ाई में भले कमजोर था, लेकिन कला को समझने और उससे जुड़ने में हमेशा आगे रहा। यही वजह है कि मुझे हमेशा लगता रहा कि मेरी असली जगह यहीं है। कहानी कहने में, किरदारों को जीने में और एक इमोशनल कनेक्शन बनाने में। मुंबई आने का सफर और डिस्लेक्सिया से जंग 5 सितंबर 2006 को मैं मुंबई आया था। पीछे मुड़कर देखता हूं तो लगता है कि मेरा यहां तक पहुंचना किसी चमत्कार से कम नहीं है। मैं सीवियरली डिस्लेक्सिक था, पढ़ाई में बेहद कमजोर। आज भी अगर मुझे कुछ पढ़ना होता है तो दो-तीन पेज पढ़ने में पूरा दिन लग जाता है। ऐसे में इस इंडस्ट्री में राइटर और डायरेक्टर बनना लगभग नामुमकिन जैसा था। लेकिन मेरे अंदर कहानियों को समझने और महसूस करने की एक अलग ही क्षमता थी। मैंने हमेशा खुद को कमी नहीं, बल्कि एक अलग नजरिए के तौर पर देखा। शायद यही वजह रही कि मैं लिखने और कहानी कहने की तरफ खिंचता चला गया, भले ही पारंपरिक पढ़ाई में मैं पीछे रह गया। आदित्य धर ने ‘काबुल एक्सप्रेस’, ‘डैडी कूल’ और ‘हाल-ए-दिल’ जैसी फिल्मों के लिए लिरिक्स लिखे हैं। गीतकार के तौर पर शुरुआत और शुरुआती काम बहुत कम लोग जानते हैं कि मैंने अपने करियर की शुरुआत गीत लिखने से की थी। डायरेक्टर कबीर खान की फिल्म ‘काबुल एक्सप्रेस’ के लिए मैंने गाना लिखा, जो मेरे करियर का पहला बड़ा मौका था। इसके अलावा मैंने ‘बूंद’ नाम की एक शॉर्ट फिल्म के लिए स्टोरी, स्क्रीनप्ले और डायलॉग लिखे, जिसे नेशनल अवॉर्ड भी मिला। यह मेरे लिए बहुत बड़ा आत्मविश्वास देने वाला अनुभव था। उस समय मैं सिर्फ सीख रहा था। डायरेक्शन, राइटिंग, असिस्टिंग, सब कुछ एक साथ। मेरे लिए हर प्रोजेक्ट एक स्कूल था, जहां मैं खुद को बेहतर बना रहा था। आदित्य धर, डायरेक्टर प्रियदर्शन की फिल्म ‘आक्रोश’ और ‘तेज’ का डायलॉग लिख चुके हैं। ‘आक्रोश’ से शुरुआत और इंडस्ट्री की पहली बड़ी सीख मेरी शुरुआती पहचान डायरेक्टर प्रियदर्शन की फिल्म ‘आक्रोश’ से बनी। जहां मैंने डायलॉग लिखे और साथ ही डायरेक्शन व कास्टिंग में भी असिस्ट किया। मैं हमेशा मानता था कि अगर किसी प्रोजेक्ट में घुसो तो पूरी ईमानदारी और मेहनत के साथ घुसो। उसी दौरान स्क्रीनप्ले राइटर रॉबिन दा ने मुझे एक बात कही जो आज भी मेरे साथ है। इस इंडस्ट्री में बहुत कम लोगों की ‘पीठ बोलती है’, और अगर तुम्हारी पीठ बोलती है तो बस खुद को बदलना मत। यह बात मेरे लिए किसी मंत्र से कम नहीं थी। मैंने इसे हमेशा अपने काम में उतारने की कोशिश की। यही वजह रही कि मैं हर छोटे-बड़े काम को पूरी जिम्मेदारी के साथ करता गया, चाहे वो डायलॉग राइटिंग हो, असिस्टिंग हो या कास्टिंग में मदद करना। बार-बार असफलताएं और स्क्रिप्ट चोरी का दर्द मेरे करियर में कई बार ऐसा हुआ कि फिल्म बनने के आखिरी स्टेज पर रुक गई। कई बार मेरी लिखी स्क्रिप्ट्स मुझसे चुरा ली गईं और उन्हीं पर बड़ी-बड़ी हिट फिल्में बन गईं। यह बहुत ही दर्दनाक अनुभव था। उस समय लगता था कि अब सब खत्म हो गया है। लेकिन हर बार किसी न किसी ने मुझे संभाला। कभी प्रियदर्शन , कभी विशाल भारद्वाज, जिन्होंने मुझे रुकने और कोशिश करते रहने की सलाह दी। फवाद-कैटरीना की फिल्म बनी-बनते रह गई 2016 में मैं अपनी फिल्म ‘रात बाकी’ बनाने वाला था। इस फिल्म में फवाद खान और कैटरीना कैफ थे। फिल्म को धर्मा प्रोडक्शंस प्रोड्यूस कर रहा था और फॉक्स स्टार स्टूडियोज इसे फाइनेंस कर रहा था। सब कुछ सेट था, हम शूटिंग शुरू करने वाले थे, लेकिन तभी उरी अटैक हुआ। इसके बाद राजनीतिक माहौल बदल गया और पाकिस्तानी एक्टर्स को लेकर विवाद शुरू हो गया। धर्मा ऑफिस के बाहर विरोध हुआ और आखिरकार फिल्म रुक गई। यह मेरे लिए एक और बड़ा झटका था, क्योंकि एक बार फिर मेरी फिल्म बनते-बनते रुक गई। परिवार का साथ और मां की आस्था मेरे परिवार ने हमेशा मेरा साथ दिया, खासकर मेरे बड़े भाई और मेरी मां। जब भी मेरी फिल्म रुकती थी, मैं टूट जाता था, लेकिन मेरी मां हमेशा कहती थीं- “भगवान तुम्हें टेस्ट कर रहा है, जब देगा तो इतना देगा कि तुम जिंदगी भर याद रखोगे।” मेरी मां ने हर मंदिर में जाकर मेरे लिए प्रार्थना की। ‘उरी’ की शुरुआत: एक आइडिया से जुनून तक ‘रात बाकी’ रुकने के बाद जब उरी अटैक और सर्जिकल स्ट्राइक की खबर आई, तो मेरे अंदर एक नई कहानी जन्मी। मैंने सोचा कि इस पर फिल्म बननी चाहिए। मैंने खुद रिसर्च शुरू की, जर्नलिस्ट्स, आर्मी ऑफिसर्स और डिफेंस एक्सपर्ट्स से मिला। कोई प्रोड्यूसर नहीं

Argentina Leaves WHO | Discrimination Accusations; March 20 Current Affairs

Argentina Leaves WHO | Discrimination Accusations; March 20 Current Affairs

Hindi News Career Argentina Leaves WHO | Discrimination Accusations; March 20 Current Affairs 45 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. विक्रम दोराइस्वामी चीन में भारत के नए राजदूत बने 19 मार्च को विक्रम दोराइस्वामी को चीन में भारत का नया राजदूत नियुक्त किया गया। विक्रम 2022 से यूनाइटेड किंगडम में भारत के हाई कमिश्नर हैं। विक्रम इंडियन फॉरेन सर्विस (IFS) 1992 बैच के ऑफिसर हैं। विक्रम USA एम्बेसी में भी भारत के राजदूत रह चुके हैं। 2020-22 तक विक्रम बांग्लादेश में हाई कमिश्नर रहे और बांग्लादेश जल संधि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विक्रम की नियुक्ति पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयासों के बीच की गई है। विक्रम दोराइस्वामी प्रदीप कुमार रावत की जगह लेंगे। 2014 से 2018 तक विक्रम साउथ कोरिया में भारत के राजदूत रहे। 2. HDFC फर्स्ट बैंक के पार्ट टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने इस्तीफा दिया 18 मार्च को HDFC फर्स्ट बैंक के पार्ट टाइम चेयरमैन और स्वतंत्र डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अतनु ने नैतिक कारणों का हवाला देते हुए लिखा, ‘कुछ ऐसे अनैतिक काम हो रहे हैं, जो मेरे पर्सनल वैल्यू और एथिक्स के खिलाफ हैं, इसीलिए अब अलग होने का समय आ गया है।’ अतनु मई 2021 में HDFC बैंक के बोर्ड में शामिल हुए थे। अतनु गुजरात कैडर, 1985 बैच से रिटायर्ड IAS हैं। अतनु ने 2002 से लेकर साल 2007 तक वित्त मंत्रालय में अपनी सेवाएं दी। वे पहले डायरेक्टर और बाद में जॉइंट सेक्रेटरी भी रहे। अतनु के कार्यकाल में सबसे बड़ा HDFC लि. और HDFC बैंक का 40 बिलियन का मर्जर हुआ था। 2019-20 में अतनु मिनिस्ट्री ऑफ फाइनेंस सेक्रेटरी में इकोनॉमिक अफेयर के सेक्रेटरी रहे। अतनु के इस्तीफे के बाद केके मिस्त्री को 3 महीने के लिए इंटरिम पार्ट टाइम चेयरमैन अपॉइंट किया गया है। HDFC का पूरा नाम हाउसिंग डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन है। HDFC की स्थापना 1994 में हुई थी। इसका हेडक्वार्टर मुंबई, महाराष्ट्र में है। मई 2024 में अतनु के कार्यकाल को 2027 तक के लिए बढ़ाया गया था। 3. केंद्र सरकार ने 33,660 करोड़ के प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दी 18 मार्च को केंद्र सरकार ने कैबिनेट बैठक में ‘BHAVYA’ यानी भारत औद्योगिक विकास योजना को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। ये प्रोजेक्ट्स 33,660 करोड़ रुपए के हैं। देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2,585 करोड़ रुपए की स्मॉल हाइड्रो पावर डेवलपमेंट स्कीम को मंजूरी दी गई है। स्मॉल हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट्स से 1,500 मेगावाट क्षमता की छोटी जल विद्युत परियोजनाएं भी विकसित की जाएंगी। ये परियोजनाएं रन-ऑफ-द-रिवर मॉडल पर विकसित होंगी, जिससे बड़े बांध बनाने की जरूरत न पड़े और लोगों का विस्थापन रोका जा सके। अभी देशभर के 1,196 जगहों पर 5,100 मेगावाट क्षमता के प्रोजेक्ट संचालित हो रहे हैं। सरकार के मुताबिक, देश में 7,133 जगहों पर छोटे हाइड्रो प्रोजेक्ट्स शुरू किए जा सकते हैं, जिनकी कुल कैपेसिटी 21,000 मेगावाट है। कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से बहराइच के बीच 4-लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड नेशनल हाईवे-927 के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। नेशनल हाईवे-927 परियोजना पर करीब 6,969 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। BHAVYA का उद्देश्य भारत में औद्योगिक विकास और विनिर्माण को बढ़ावा देना है। इस प्रोजेक्ट में केंद्र-राज्य-प्राइवेट सेक्टर मिलकर काम करेंगे। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. अर्जेंटीना ऑफिशियली WHO से हटा 17 मार्च को अर्जेंटीना ने ऑफिशियली वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) से अपना नाम वापस ले लिया। अर्जेंटीना के विदेश मंत्री पाब्लो क्विर्नो ने इसकी जानकारी दी। अर्जेंटीना ने 17 मार्च 2025 को यूनाइटेड नेशन के सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटारेस को लेटर भेजकर अपना नाम वापिस लेने की अपील की थी। अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइलि ने हेल्थ मिनिस्टर जेरार्डो वर्टहाइन को WHO से नाम वापस लेने को कहा था। स्वास्थ्य मंत्री वर्टहाइन ने कहा था कि WHO ने कोविड-19 के दौरान भेदभाव भरी नीतियां अपनाई थीं। अर्जेंटीना अब किसी भी इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन को अपने स्वास्थ्य मामलों में हस्तक्षेप नहीं करने देगा और WHO को कोई भी वित्तीय सहायता नहीं देगा। अर्जेंटीना 1948 से WHO का सदस्य है। उसी साल WHO की स्थापना हुई थी। WHO में 194 सदस्य देश शामिल हैं। WHO के नियमों को मानने वालों के लिए WHO की मेंबरशिप खुली हुई है। अर्जेंटीना PAHO (पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन) का हिस्सा है। 5. भारत ने ऑस्ट्रेलियन स्किल अथॉरिटी के साथ समझौता किया नेशनल काउंसिल फॉर वोकेशनल एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (NCVET) ने ऑस्ट्रेलियन स्किल अथॉरिटी (ASQA) के साथ नई दिल्ली में एक द्विपक्षीय बैठक की। इस बैठक का उद्देश्य बिजनेस एजुकेशन, ट्रेनिंग एंड स्किल (VETS) सेक्टर्स में कोलैबोरेट करना और नॉलेज एक्सचेंज करना था। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय के मुताबिक, VETS की बैठक में इकोसिस्टम के भीतर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और ऑपरेशन्स में आने वाले चैलेंजेस को लेकर एक फ्रेमवर्क तैयार किया गया। दोनों देश मिलकर स्टूडेंट्स और वर्कर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन जॉब्स एंड एनर्जी, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल टेक्नोलॉजी और जॉइंट वोकेशनल प्रोग्राम सिखाएंगे। इस बैठक में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने स्ट्रक्चर और क्वालिटी एजुकेशन को लेकर बातचीत की। 6. सरकार ने राजमार्ग शुल्क नियम 2026 में संशोधन किया 18 मार्च को सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल नियमों को मजबूत करने के लिए राजमार्ग शुल्क नियम 2026 में संशोधन किया है। ये नियम टोल ऑपरेशन में ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने और कानूनी तौर पर सुरक्षा देने के लिए होगा। नए संशोधन नियम के मुताबिक, अगर व्हीकल के फास्टैग रिकॉर्ड में टोल दर्ज है,लेकिन किसी वजह से टोल फी पे नहीं हुई है तो उसे ‘अनपेड यूजर फी’ माना जाएगा। नए संशोधन नियम में पे नहीं करने वाले चालकों को SMS/ईमेल के जरिए नोटिस भेजा जाएगा। यदि चालक 72 घंटे के भीतर नोटिस का जवाब नहीं देता है तो उसे दोगुना टोल देना होगा। नए संशोधन नियम में व्हीकल टोल नोटिस के बाद 15 दिन या उससे ज्यादा समय तक टोल नहीं चुकाने की स्थिति में व्हीकल पोर्टल पर गाड़ी की फिटनेस,NOC और परमिट जैसी सर्विस को रोका जा सकेगा। सभी टोल प्लाजा को कैशलेस बनाने और फास्टैग के यूज को बढ़ाने के लिए ये नियम

What is Ghosting? Emotional Immaturity Mental Stress

What is Ghosting? Emotional Immaturity Mental Stress

2 घंटे पहले कॉपी लिंक सवाल– मेरी उम्र 32 साल है और मैं पेशे से इंजीनियर हूं। छह महीने पहले बॉयफ्रेंड के साथ ब्रेकअप हुआ। ब्रेकअप के बाद उसके सब दोस्तों ने भी मुझसे बात करनी बंद कर दी, सारे कनेक्शन तोड़ लिए। हम 7 साल से रिलेशनशिप में थे, हमारे सारे फ्रेंड्स कॉमन थे। अब अचानक मैं बिल्कुल अकेली हो गई हूं। कोई मुझे कॉल नहीं करता, मुझसे मिलता नहीं। मैं मेंटली बहुत स्ट्रेस्ड हूं। क्या करूं? एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। सवाल पूछने के लिए आपका शुक्रिया। आप इस वक्त जिस मन:स्थिति से गुजर रही हैं, वो काफी परेशान करने वाली है। 7 साल के लंबे रिलेशनशिप के बाद ब्रेकअप अपने आप में तकलीफदेह बात है। लेकिन अभी आप जो फील कर रही हैं, वो सिर्फ ब्रेकअप की तकलीफ नहीं है। उसके साथ एक दुख और जुड़ गया है, जिसे मनोविज्ञान की भाषा में ‘घोस्टिंग’ कहते हैं। घोस्टिंग वह होती है, जब कोई व्यक्ति या कभी-कभी पूरा सामाजिक समूह बिना कोई स्पष्ट कारण बताए अचानक सारे संपर्क और संवाद खत्म कर देता है। आपके सारे कॉमन दोस्तों ने भी ऐसा ही किया। अचानक बिना किसी कारण या एक्सप्लेनेशन के बात करना बंद कर दिया। यह अनुभव व्यक्ति को भ्रम, कनफ्यूजन, रिजेक्शन और सेल्फ डाउट की ओर ले जा सकता है। सोशल रिजेक्शन पर हुए मनोवैज्ञानिक शोध बताते हैं कि सामाजिक तौर पर अस्वीकार किए जाने पर मस्तिष्क में ‘सोशल पेन नेटवर्क’ एक्टिव हो सकता है। ये पेन नेटवर्क ब्रेन का वही हिस्सा होता है, जो शरीर में कहीं फिजिकल पेन या तकलीफ होने पर एक्टिव हो जाता है। इस तरह देखें तो घोस्टिंग सिर्फ एक सामाजिक घटना नहीं है। मनुष्य के मन और शरीर पर पड़ने वाला उसका प्रभाव और उससे पैदा होने वाली भावनात्मक प्रतिक्रिया बहुत गहरी और तकलीफदेह हो सकती है। घोस्टिंग क्या है? घोस्टिंग (Ghosting) एक ऐसा व्यवहार है, जिसमें कोई व्यक्ति बिना किसी सूचना के, बिना कोई कारण बताए या बिना बातचीत के अचानक सारे कम्युनिकेशन खत्म कर देता है। जैसे मैसेज, फोन कॉल, घर आना, मिलना या सोशल मीडिया कनेक्शन। आसान शब्दों में कहें तो- “जब कोई इंसान दोस्ती, रिश्ते, संवाद के बीच में ही अचानक ‘गायब’ हो जाए और कोई जवाब न दे तो उसे घोस्टिंग कहते हैं। घोस्टिंग तब मानी जाती है, जब– मैसेज का जवाब आना अचानक बंद हो जाए। सामने से कॉल न आए, आपकी कॉल उठाई न जाए। सोशल मीडिया या व्यक्तिगत संपर्क बिना स्पष्टीकरण के समाप्त हो जाए। लोग घोस्टिंग क्यों करते हैं? लोग जीवन में कई बार अलग–अलग कारणों से घोस्टिंग कर सकते हैं। इसके संभावित कारण नीचे ग्राफिक में देखिए। फिर हम इसके बारे में विस्तार से बात करेंगे– आइए, अब इन पॉइंट्स के बारे में विस्तार से बात करते हैं। कन्फ्रंटेशन का डर सीधे “ना” कहने या साफ शब्दों में बताकर बातचीत खत्म करने में असहज महसूस करना। कॉन्फ्लिक्ट अवॉइडेंस कुछ लोग कठिन बातचीत से बचने और कॉन्फ्लिक्ट को अवॉइड करने के लिए चुपचाप दूर हो जाते हैं। ओवरवेल्म महसूस करना कई बार बातचीत का डर या रिश्ते का दबाव व्यक्ति को बहुत ओवरवेल्म करने वाला लग सकता है। इमोशनल दबाव महसूस करने पर भी कई बार लोग संवाद की बजाय घोस्टिंग का रास्ता चुनते हैं। ग्रुप लॉयल्टी डायनेमिक्स जब दो पक्षों के बीच ब्रेकअप होता है, तो अकसर कॉमन दोस्तों के सामने ये दुविधा होती है कि वो किसका पक्ष लें। ऐसे में लॉयल्टी का पलड़ा किसी एक पक्ष की ओर ज्यादा झुका हो सकता है। कई बार लोग अनजाने में ही किसी एक पक्ष के साथ खड़े हो जाते हैं। इमोशनल इममैच्योरिटी कुछ लोग भावनात्मक रूप से इतने परिपक्व नहीं होते कि सही और समझदार फैसले ले सकें। उनमें भावनात्मक स्पष्टता और संवाद की क्षमता सीमित होती है। कम्युनिकेशन स्किल घोस्ट न करने और अपने विचार और फैसले दूसरे व्यक्ति को बताने के लिए कम्युनिकेशन स्किल भी बहुत जरूरी है। हो सकता है, कोई दोस्ती खत्म ही करना चाहता हो, लेकिन उसे ये पता न हो कि ये बात वो बिना दिल दुखाए फैक्चुअल तरीके से सामने वाले को बताए कैसे। घोस्टिंग के बारे में सबसे जरूरी बात यहां जो बात समझना सबसे ज्यादा जरूरी और महत्वपूर्ण है, वो ये कि घोस्टिंग हमेशा उस व्यक्ति के इमोशनल बिहेवियर और पैटर्न के बारे में बताती है, जो ऐसा कर रहा है, न कि उसके बारे में जिसके साथ ऐसा किया जा रहा है। कहने का आशय ये है कि यह व्यवहार हमेशा करने वाले व्यक्ति के व्यवहार और भावनात्मक शैली का प्रतिबिंब होता है। मजबूत और बुद्धिमान लोगों पर घोस्टिंग का असर ऐसा नहीं है कि घोस्टिंग सिर्फ इमोशनली कमजोर लोगों को ही प्रभावित करती है। कई बार भावनात्मक रूप से बहुत मजबूत और बुद्धिमान लोग भी घोस्टिंग के महीनों बाद तक उस व्यक्ति के बारे में सोचते रहते हैं, जो अचानक बिना कुछ कहे–सुने उनकी जिंदगी से भूत की तरह गायब हो गया। यह केवल भावनात्मक कमजोरी नहीं होती बल्कि हमारे मस्तिष्क और अटैचमेंट सिस्टम की एक स्वाभाविक प्रतिक्रिया होती है। अटैचमेंट साइकोलॉजी बताती है कि जब कोई व्यक्ति लंबे समय तक हमारे जीवन में रहता है और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है, तो मस्तिष्क में उससे जुड़े न्यूरल पाथवे मजबूत हो जाते हैं। ऑक्सिटोसिन और डोपामिन जैसे न्यूरोकेमिकल्स उस संबंध से जुड़ी सकारात्मक यादों को और मजबूत बनाते हैं। एक स्ट्रॉन्ग मेंटल–इमोशनल–न्यूरल कनेक्शन के बाद जब संबंध अचानक खत्म हो जाता है, तो मस्तिष्क का अटैचमेंट अलार्म सिस्टम एक्टिव हो जाता है। व्यक्ति बार-बार उसी व्यक्ति के बारे में सोचता रहता है। घोस्टिंग की स्थिति में यह प्रतिक्रिया ज्यादा बढ़ जाती है क्योंकि कोई स्पष्ट क्लोजर नहीं मिलता। मस्तिष्क लगातार “क्यों” का उत्तर खोजता रहता है। इसे साइकोलॉजी में “एंबीग्यूअस लॉस” कहा जाता है, जहां अंत क्लीयर नहीं होता और लंबे समय तक पुराने संबंध का मेंटल रूमिनेशन (मानसिक पुनरावृत्ति) चलता रहता है। इसलिए अगर आपके साथ भी ऐसा हो रहा है कि संबंध खत्म होने के बाद भी आप पुराने रिश्ते के बारे में लगातार सोच रही हैं, उसे पूरी तरह भुला नहीं पा रही हैं तो यह आपकी समझदारी या बुद्धिमत्ता की कमी नहीं है।

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं:प्रोबेशन में ही शहर चले गए 158 डॉक्टर, इलाज के बजाय कर रहे बाबूगीरी

ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं चरमराईं:प्रोबेशन में ही शहर चले गए 158 डॉक्टर, इलाज के बजाय कर रहे बाबूगीरी

2 फरवरी… पचमढ़ी में गैस सिलेंडर ब्लास्ट के बाद 6-7 झुलसे लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। यहां डॉक्टर नहीं मिले। सबको पिपरिया रेफर कर दिया। 15 मार्च… लीवर सिरोसिस का मरीज तड़पता हुआ यहां लाया गया। इस बार भी रेफर करना पड़ा। यह तस्वीर प्रदेश के अकेले हिल स्टेशन पचमढ़ी की है। यहां अस्पताल तो है, लेकिन डॉक्टर एक भी नहीं। जो एक डॉक्टर यहां आए भी थे, उन्हें नियम विरुद्ध तरीके से दूसरे अपस्ताल में अटैच कर दिया गया। प्रदेश के 43 सामुदायिक और 445 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ऐसे हैं, जहां मरीज पहुंचते हैं… लेकिन डॉक्टर नहीं मिलते। मप्र में डॉक्टरों के अटैचमेंट और गैर-चिकित्सीय कार्य लेने से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गईं हैं। प्रदेश में 158 डॉक्टरों को जिलों और ब्लॉक अस्पतालों से हटाकर बड़े शहरों में अटैच कर दिया गया जबकि प्रोबेशन में अटैचमेंट का प्रावधान नहीं है। पचमढ़ी के अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं, सिर्फ एक नर्स 12 हजार की आबादी वाले पचमढ़ी के 30 बिस्तरों वाले सामुदायिक अस्पताल में एक भी डॉक्टर नहीं है। सभी के अटैचमेंट हो चुके हैं। सिर्फ एक स्टॉफ नर्स अशोका वर्मा हैं। वे सिर्फ रेफर करती हैं। वे कहती हैं- डॉक्टर नहीं है, इसलिए न ओपीडी पर्ची बनेंगी और ना दवाएं दी जाएंगी। छतरपुर के बारीगढ़ में बस पैरामेडिकल स्टाफ छतरपुर के 30 पलंग वाले बारीगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक भी डॉक्टर नहीं बचा। यहां पदस्थ डॉ. ललिता यादव को अटैच कर राष्ट्रीय कार्यक्रम में लगा दिया है। अब मरीज आते हैं तो उन्हें पैरामेडिकल स्टाफ देखता है और छतरपुर रेफर कर देता है। “अभी हमारे यहां चिकित्सकों की भर्ती होने वाली है, उसमें पूर्ति की जाएगी। अटैचमेंट को लेकर भी जानकारी मंगाई जा रही है। यदि ऐसी स्थिति है तो कार्रवाई की जाएगी।” – एस. धनराजू, आयुक्त स्वास्थ्य

‘उचित नहीं होगा’: असम के नए बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे ने कांग्रेस की उम्मीदवारी वापस ले ली | राजनीति समाचार

Brent crude jumped 8% to $116 per barrel and is up nearly 60% since the war began in late February. (Image: Reuters)

आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 03:03 IST प्रतीक बोरदोलोई ने अपने पिता के पार्टी छोड़ने और भाजपा में शामिल होने के बाद आगामी विधानसभा चुनाव में मार्गेरिटा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया। असम पार्टी इकाई के प्रमुख गौरव गोगोई के साथ कांग्रेस नेता प्रतीक बोरदोलोई (आर)। (फोटो: एक्स) असम के बाद म.प्र प्रद्युत बोरदोलोई कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने के बाद, उनके बेटे प्रतीक ने आगामी विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है, जो चुनावी राज्य में नवीनतम राजनीतिक मोड़ का प्रतीक है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को लिखे पत्र में, प्रतीक बोरदोलोई ने लिखा, “पार्टी के प्रति अत्यंत सम्मान और जिम्मेदारी की गहरी भावना के साथ, मैं मार्गेरिटा विधानसभा क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने के अपने फैसले से अवगत कराना चाहता हूं। वर्तमान परिस्थितियों में, मेरे पिता के किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होने के फैसले के बाद, मुझे लगता है कि मेरे लिए उम्मीदवार के रूप में बने रहना उचित नहीं होगा।” हालाँकि, प्रतीक ने कांग्रेस के प्रति अपनी निष्ठा की पुष्टि की, और कहा कि उन्होंने स्पष्टता सुनिश्चित करने और मतदाताओं और जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का विश्वास बनाए रखने के लिए अलग हटने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि मार्गेरिटा के लोगों और प्रतिबद्ध कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एक ऐसे उम्मीदवार की जरूरत है जिसकी स्थिति पार्टी के लिए महत्वपूर्ण क्षण में स्पष्ट और स्थिर हो। उन्होंने कहा, “मेरा निर्णय पूरी तरह से संगठन के प्रति मेरे सम्मान और कांग्रेस पार्टी के मूल्यों और अनुशासन को बनाए रखने की मेरी इच्छा से निर्देशित है। हालांकि, मैं दोहराना चाहता हूं कि कांग्रेस के आदर्शों में मेरा विश्वास अटूट है। नेतृत्व जो भी उचित समझेगा, मैं पार्टी के लिए और मार्गेरिटा के विकास के लिए काम करना जारी रखूंगा।” यह भी पढ़ें: ‘मैं इससे खुश नहीं हूं’: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद प्रद्युत बोरदोलोई ने कहा, ‘कई मुद्दों पर मेरा अपमान किया गया’ ऐसा तब हुआ जब वरिष्ठ बोरदोलोई ने 17 मार्च को कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और अगले दिन नई दिल्ली में भाजपा में शामिल हो गए। असम बीजेपी ने दिसपुर विधानसभा सीट से प्रद्युत बोरदोलोई को उम्मीदवार बनाया है. कांग्रेस ने उनके इस्तीफे को “बहुत दुर्भाग्यपूर्ण” बताया। 9 अप्रैल को होने वाले आगामी राज्य विधानसभा चुनावों में बोरदोलोई के कांग्रेस छोड़ने से पार्टी को एक बड़ा झटका लगने की उम्मीद है। इससे पहले, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा ने भी पार्टी छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गए, जिससे पार्टी महत्वपूर्ण चुनावों से पहले एक बड़ी उथल-पुथल में फंस गई। जगह : गुवाहाटी (गौहाटी), भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 03:03 IST समाचार राजनीति ‘उचित नहीं होगा’: नए असम बीजेपी में शामिल हुए प्रद्युत बोरदोलोई के बेटे ने कांग्रेस की उम्मीदवारी वापस ले ली अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम की राजनीति(टी)प्रद्युत बोरदोलोई(टी)प्रतीक बोरदोलोई(टी)कांग्रेस पार्टी(टी)भारतीय जनता पार्टी(टी)असम विधानसभा चुनाव(टी)मार्गेरिटा विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र(टी)दिसपुर विधानसभा सीट

नहीं दिखा चांद, 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद:नमाज के समय तय, फित्रा की दरें घोषित; सुन्नी और शिया मस्जिदों में अलग-अलग इंतजाम

नहीं दिखा चांद, 21 मार्च को मनाई जाएगी ईद:नमाज के समय तय, फित्रा की दरें घोषित; सुन्नी और शिया मस्जिदों में अलग-अलग इंतजाम

रमजान के 29वें रोजे के बाद गुरुवार शाम शहर में ईद का चांद नजर नहीं आया। मोती मस्जिद सहित विभिन्न स्थानों पर रूयते हिलाल कमेटी ने तस्दीक की, लेकिन कहीं से भी चांद दिखने की पुष्टि नहीं हुई। इसके बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी ने 30 रोजे पूरे होने के चलते शनिवार को ईद-उल-फितर मनाने का ऐलान किया है। गुरुवार रात तरावीह की आखिरी नमाज अदा की गई, जबकि शुक्रवार को जुमातुल विदा की नमाज होगी, जो इस रमजान का पांचवां जुमा भी है। नमाज के समय और फित्रा की दरें तय मसाजिद कमेटी की बैठक में ईद की नमाज के समय निर्धारित किए गए हैं। ईदगाह में सुबह 7:30 बजे, जामा मस्जिद में 7:45 बजे, ताजुल मसाजिद में 8:00 बजे और मोती मस्जिद में 8:15 बजे नमाज अदा की जाएगी। अन्य मस्जिदों में यह समय 8:30 बजे रहेगा। फित्रा गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति लगभग 70 रुपए तय किया गया है। वहीं जौ और खजूर के अनुसार यह राशि अलग हो सकती है। चांदी के वर्तमान भाव के आधार पर अधिकतम फित्रा करीब 1650 रुपए निर्धारित किया गया है। ईद की नमाज के समय सकलैनी जामा मस्जिद में दो जमात में अदा होगी ईद की नमाज अशोका गार्डन स्थित सकलैनी जामा मस्जिद कमेटी ने ऐलान किया है कि चांद नजर नहीं आने के चलते 21 मार्च को ईद-उल-फितर अकीदत के साथ मनाई जाएगी। कमेटी के सदर सूफी नूरुद्दीन सकलैनी ने बताया कि मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो जमात में नमाज अदा की जाएगी। पहली नमाज सुबह 7:45 बजे और दूसरी सुबह 8:30 बजे होगी। उन्होंने बताया कि यह मस्जिद अहले सुन्नत वल जमात का प्रमुख मरकज है, जहां दूर-दराज से लोग नमाज के लिए आते हैं। जगह सीमित होने के कारण दो बार नमाज कराई जाती है। सकलैनी ने लोगों से अपील की कि ईद के मौके पर जरूरतमंदों और गरीबों का खास ध्यान रखें। शिया समुदाय की मस्जिदों में ईद की नमाज के अलग-अलग समय तय ईद-उल-फितर के मौके पर शिया समुदाय की मस्जिदों और इमामबाड़ों में नमाज के समय तय कर दिए गए हैं। अलग-अलग स्थानों पर सुबह 7 बजे से 9 बजे तक नमाज अदा की जाएगी। अलकापुरी भेल और कमला नगर स्थित अज़ाखानों में सुबह 7 बजे नमाज होगी। करोंद और फतेहगढ़ इमामबाड़ा में 8:30 बजे नमाज अदा की जाएगी। इमामी गेट पर 8:45 बजे और रेलवे स्टेशन स्थित इरानी इमामबाड़ा में सुबह 9 बजे नमाज रखी गई है।

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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 2 दिन पहले कॉपी लिंक दिल्ली हाईकोर्ट ने न्यूज चैनल एनडीटीवी के फाउंडर्स प्रणय रॉय और राधिका रॉय के खिलाफ जारी लुक-आउट सर्कुलर (LOC) रद्द कर दिए हैं। कोर्ट ने कहा कि बिना ठोस कारण के किसी की विदेश यात्रा पर लंबे समय तक रोक नहीं लगाई जा सकती, क्योंकि यह अनुच्छेद 21 के तहत मिलने वाले व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है। कोर्ट ने यह भी माना कि कई सालों से जांच लंबित होने के बावजूद दोनों ने जांच में सहयोग किया है और उनके खिलाफ न तो चार्जशीट दाखिल हुई है और न ही कोई गैर-सहयोग का आरोप है। ऐसे में सिर्फ अंदेशे के आधार पर LOC जारी रखना सही नहीं है। आज की अन्य बड़ी खबरें… PACL घोटाले में ED ने ₹5046 करोड़ की 126 संपत्तियां अटैच कीं, कंपनी ने ₹48000 करोड़ से ज्यादा की ठगी की प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने PACL लिमिटेड से जुड़े बड़े निवेश घोटाले में पंजाब और दिल्ली में 5046.91 करोड़ रुपए की 126 अचल संपत्तियां अटैच की हैं। एजेंसी के मुताबिक ये प्रॉपर्टी निवेशकों के पैसे से खरीदी गई थीं। अब तक ED कुल 22,656.91 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त कर चुकी है। जांच में सामने आया कि कंपनी ने खेती की जमीन के नाम पर देशभर के लाखों लोगों से 48,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी की। निवेशकों को झूठे दस्तावेजों पर साइन करवाए गए, लेकिन ज्यादातर मामलों में जमीन नहीं दी गई। इस मामले में CBI और ED की जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस ने न्यूज एजेंसी UNI का दफ्तर सील किया, पुलिस पर कर्मचारियों से बदसलूकी के आरोप देश की प्रतिष्ठित समाचार एजेंसियों में से एक यूनाइटेड न्यूज ऑफ इंडिया (UNI) के दफ्तर को सील किए जाने के बाद प्रेस की आजादी को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। कर्मचारियों का दावा है कि उन्हें जबरन ऑफिस से बाहर निकाला गया, कई लोगों को अपना सामान तक लेने नहीं दिया गया। महिला पत्रकारों के साथ बदसलूकी किए जाने है। कर्मचारियों का कहना है कुछ पुलिसकर्मी नशे में थे। दो वकीलों और कुछ पुलिसकर्मियों पर लोगों के साथ अभद्र भाषा और दुर्व्यवहार करने के आरोप भी लगे हैं। यह घटनाक्रम सामने आने के बाद मीडिया संगठनों और नागरिक समूहों में चिंता बढ़ गई है, और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। NCERT क्लास 8 की किताब में विवादित ज्यूडिशियरी चैप्टर बदलेगा; केंद्र ने बनाई 3 सदस्यीय कमेटी केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि NCERT की क्लास 8 की किताब में न्यायपालिका से जुड़े चैप्टर को दोबारा लिखने के लिए 3 सदस्यों की स्पेशल कमेटी बनाई गई है। इसमें पूर्व अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल, सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज इंदु मल्होत्रा और जस्टिस अनिरुद्ध बोस शामिल हैं। यह कदम उस विवाद के बाद उठाया गया, जिसमें किताब के एक हिस्से में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार का जिक्र किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद NCERT ने गलती स्वीकार करते हुए उस चैप्टर को हटा लिया था। कोर्ट ने पहले किताब की बिक्री पर रोक लगाई थी और संबंधित अधिकारियों से जवाब भी मांगा था। अब केंद्र की तरफ से समिति गठन का आश्वासन मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चल रही स्वतः संज्ञान (सुओ मोटू) कार्यवाही को खत्म कर दिया है। कोलकाता के आरजी कर हॉस्पिटल की लिफ्ट में फंसने से व्यक्ति की मौत कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल की लिफ्ट में फंसने से एक 40 साल के व्यक्ति की शुक्रवार को मौत हो गई। व्यक्ति की नाक और मुंह से खून बह रहा था। मृतक अरूप बंद्योपाध्याय दमदम इलाके के रहने वाले थे। उनके परिवार ने दावा किया कि बंद्योपाध्याय अपने चार साल के बेटे का इलाज कराने के लिए आर जी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल गए थे। वे सुबह करीब 5 बजे हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल पर जाने के लिए लिफ्ट में चढ़े थे। आरोप है कि लिफ्ट ऊपर जाने की बजाय अचानक झटका लगने के बाद बेसमेंट में चली गई। घटना के समय वहां कोई लिफ्ट ऑपरेटर मौजूद नहीं था। कुछ समय बाद लिफ्ट खुली और तीनों को बाहर निकाला गया। हालांकि, बंद्योपाध्याय की मौके पर ही मौत हो गई थी। उनका बेटा और पत्नी सेफ हैं। हॉस्पिटल की तरफ से मौत का सटीक कारण नहीं बताया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार ने यह भी दावा किया कि उस समय लिफ्ट में कोई ऑपरेटर (लिफ्टमैन) मौजूद नहीं था। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। लिफ्ट ऑपरेटर और वहां तैनात सुरक्षा गार्डों को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया है। पुलिस ने कहा- हम मामले की जांच कर रहे हैं। पूछताछ जारी है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। बता दें कि 8 अगस्त 2024 की रात इसी अस्पताल में एक महिला जूनियर डॉक्टर के साथ रेप और हत्या की घटना हुई थी। इसके कारण अस्पताल काफी विवादों में रहा था। DGCA की भारतीय एयरलाइन्स को सलाह- 11 खाड़ी देशों के एयर स्पेस में जाने से बचें DGCA ने सभी भारतीय एयर ऑपरेटरों से कहा है कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को देखते हुए, वे बहरीन, ईरान, इराक, इज़राइल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, UAE और सऊदी अरब के ऊपर के प्रभावित हवाई क्षेत्र में उड़ान भरने से बचें। इससे पहले, नागरिक उड्डयन नियामक ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के बीच एयर इंडिया को उड़ान ड्यूटी नियमों में अस्थायी छूट दी थी। मिजोरम में ₹23 करोड़ से ज्यादा की ड्रग्स जब्त मिजोरम के चम्फाई में ₹23 करोड़ की ड्रग्स जब्त हुई। असम पुलिस के मुताबिक बरामद ड्रग्स में मेथामफेटामाइन टैबलेट थी, जिनका वजन 7.9 किलो है। गुप्त सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस और असम पुलिस ने मिलकर यह एक्शन लिया। दिल्ली में करंट लगने से एक मजदूर की मौत, एक घायल दिल्ली के कापसहेड़ा में मजदूर राजकुमार (45) की करंट से मौत हो गई। उसका साथी घायल हुआ है। पुलिस ने बताया कि दोनों हाई-टेंशन लाइन के संपर्क में आ गए थे। दोनों यहां पर कंस्ट्रक्शन साइट पर काम

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