नई दिल्ली23 मिनट पहले
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नई कार खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि कौन-सा कलर चुनें? सिर्फ पसंद का नहीं, बल्कि मेंटेनेंस, गर्मी, रीसेल वैल्यू और ट्रेंड का भी। BASF की जनवरी में आई रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में भारत में बिकने वाली कुल कारों में 48% सफेद रहीं। यानी हर दो में से एक खरीदार सफेद कलर की कार खरीद रहा है।
इसकी सबसे बड़ी वजह सफेद कलर का मेंटेनेंस अन्य कलर की तुलना में सबसे कम है, यानी सफेद कलर में स्क्रैच छुपाना सबसे आसान होता है। साथ ही सफेद कार की रीसेल वैल्यू भी सबसे ज्यादा होती है। हालांकि, अब ट्रेंड बदल रहा है और अलग लुक के लिए लोग ग्रे, ब्लैक, ब्लू और ग्रीन जैसे बोल्ड कलर वाली कार भी खरीद रहे हैं।


परफेक्ट कार कलर चुनने की 5-स्टेप प्रोसेस
स्टेप 1: अपना प्राइमरी यूज और इलाका देखें
सबसे पहले यह तय करें कि आप गाड़ी कहां और कैसे चलाने वाले हैं:
- गर्म और मैदानी इलाके: अगर आप दिल्ली, राजस्थान, एमपी जैसे गर्म इलाकों में रहते हैं, तो वाइट या सिल्वर चुनें। ये हीट रिफ्लेक्ट करते हैं और केबिन को ठंडा रखते हैं।
- ठंडे और पहाड़ी इलाके: जम्मू या हिमाचल जैसे ठंडे राज्यों में हैं, तो आप ब्लैक, डार्क ग्रे या अन्य डार्क शेड्स चुन सकते हैं। ये हीट एब्जॉर्ब करके गाड़ी को गर्म रखते हैं।
स्टेप 2: अपनी मेंटेनेंस की आदत पहचानें
आप गाड़ी की साफ-सफाई को कितना वक्त दे सकते हैं, यह बहुत जरूरी है:
- डेली सफाई का झंझट नहीं चाहिए: अगर आपके पास रोज गाड़ी साफ करने का समय नहीं है, तो बेज, लाइट ब्राउन या सिल्वर चुनें। इन पर धूल-मिट्टी आसानी से छिप जाती है।
- रोज सफाई कर सकते हैं: अगर आपके पास क्लीनिंग बॉय है या आप खुद रोज मेहनत कर सकते हैं, तभी ग्लॉसी ब्लैक या डार्क कलर्स की तरफ जाएं।
मेंटेनेंस के लिए ‘बेस्ट’ VS ‘वर्स्ट’ कलर
- धूल छुपाने में बेस्ट: बेज, लाइट ब्राउन और सिल्वर।
- सिल्वर: ब्लैक कार के मुकाबले सिल्वर कार पर दोगुनी धूल जमने पर भी वह गंदी नहीं दिखती।
- बेज, लाइट ब्राउन: इन कलर की कार पर ब्लैक से 3 गुना ज्यादा धूल जमने पर ही गंदी दिखेगी।
- सबसे खराब: ब्लैक कलर पर धूल का एक-एक कण चमकता है और मेंटेनेंस सबसे मुश्किल होता है।
स्क्रैच ठीक करने में आसान
- प्लेन वाइट: इसका पेंट सबसे ज्यादा बनता है, इसलिए हूबहू मैच ढूंढना आसान और सस्ता होता है।
- DIY टच-अप: प्लेन वाइट और ब्लैक के सस्ते स्प्रे पेंट आसानी से मिल जाते हैं, जिससे छोटे स्क्रैच खुद छुपा सकते हैं।
- सबसे मुश्किल (मैट फिनिश): इस पर स्क्रैच हटाने के लिए बफिंग नहीं कर सकते। बफिंग करते ही वह हिस्सा चमकदार हो जाता है।
‘स्पेशल एडिशन’ रंग खरीदने के नुकसान
- रीपेंटिंग: कार का कोई हिस्सा खराब होने पर दोबारा ठीक वैसा ही रंग मिलना बहुत मुश्किल होता है, क्योंकि ये कलर लिमिटेड संख्या में बनते हैं।
- उदाहरण: टाटा का काजीरंगा और जेट एडिशन, पुरानी डिजायर का रीगल एडिशन।
- स्टिकर का झंझट: इन कारों के खास स्टिकर्स या बैज खराब होने पर नया स्टिकर नहीं मिलता; पूरा सेट खरीदना पड़ सकता है नहीं तो गाड़ी अधूरी दिखेगी।
स्टेप 3: रोड सेफ्टी और विजिबिलिटी को तवज्जो दें
रात के समय होने वाले एक्सीडेंट्स से बचने के लिए कलर की विजिबिलिटी मायने रखती है:
- बेस्ट सेफ्टी (हाई विजिबिलिटी): अगर सेफ्टी सबसे ऊपर है, तो निऑन शेड्स या फ्लैट वाइट सबसे बेस्ट हैं। ये रात के अंधेरे में भी दूर से दिख जाते हैं।
- रिस्की (लो विजिबिलिटी): मैट ब्लैक या डार्क ग्रे रात में सड़क के अंधेरे में मर्ज हो जाते हैं, जिससे टी-बोन क्रैश का खतरा रहता है। इन्हें चुनते समय यह रिस्क ध्यान में रखें।

स्टेप 4: बजट और वेरिएंट की उपलब्धता चेक करें
शोरूम जाने से पहले बजट का गणित समझें:
कम बजट: अगर बजट टाइट है, तो फ्लैट वाइट चुनें। इसके लिए ज्यादातर कंपनियां एक्स्ट्रा पैसे नहीं लेतीं और स्क्रैच आने पर इसका री-पेंट भी सबसे सस्ता होता है।
फ्लेक्सिबल बजट: अगर आप एक्स्ट्रा कॉस्ट उठाने को तैयार हैं, तभी मैट फिनिश, ट्रेंडी कलर्स या स्पेशल एडिशंस जैसे जेट या काजीरंगा एडिशन की तरफ कदम बढ़ाएं।
स्टेप 5: फ्यूचर रिसेल वैल्यू का आकलन करें
गाड़ी को 4-5 साल में बदलने का प्लान है या लंबे समय तक रखने का, यह सोच लें:
- जल्दी और अच्छी रिसेल चाहिए: वाइट, सिल्वर या लाइट ग्रे जैसे मास-मार्केट कलर्स चुनें। पुरानी गाड़ियों के बाजार में इनके खरीदार तुरंत मिल जाते हैं और वैल्यू भी अच्छी मिलती है।
- शौक के लिए गाड़ी ले रहे हैं: अगर रिसेल की चिंता नहीं है और आप अपनी पर्सनालिटी दिखाना चाहते हैं, तो खाकी, फॉल्कलैंड ब्लू या रेड जैसे ट्रेंडी कलर्स चुन सकते हैं।

शॉर्ट समरी गाइड
- हर मामले में परफेक्ट और सेफ: मैटेलिक वाइट या सिल्वर।
- दिखने में स्पोर्टी लेकिन हाई मेंटेनेंस: ग्लॉसी ब्लैक या ट्रेंडी कलर्स।
- सबसे ज्यादा रिस्की और सिरदर्द: मैट ब्लैक या लिमिटेड स्पेशल एडिशंस।


















































