Wednesday, 08 Jul 2026 | 01:27 PM

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उत्तराखंड के बैंड 'PANDVAS' को नहीं मिल रही फंडिंग:बोले- पहाड़ में चाहते हैं 'काफल फेस्टिवल', हमें कहा गया देहरादून में करो

उत्तराखंड के बैंड 'PANDVAS' को नहीं मिल रही फंडिंग:बोले- पहाड़ में चाहते हैं 'काफल फेस्टिवल', हमें कहा गया देहरादून में करो

उत्तराखंड की लोक संस्कृति और लोकगीतों को देश-दुनिया में पहचान दिलाने वाला पांडवाज बैंड अब अपने ही पहाड़ में आयोजन के लिए संघर्ष कर रहा है। रुद्रप्रयाग के सारी गांव में 20 से 22 मार्च 2026 तक होने वाले काफल फेस्टिवल के लिए टीम को अब तक कोई स्पॉन्सर नहीं मिला है, जबकि कई महीनों से सरकारी विभागों और निजी संस्थानों से संपर्क किया गया। पांडवाज ने इसे लेकर एक ओपन लेटर भी जारी किया है, जिसमें आर्थिक सहयोग न मिलने की बात कही गई है। टीम का कहना है कि कई जगहों से फेस्टिवल की तारीफ तो मिली, लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया। कुछ लोगों ने इसे देहरादून जैसे शहर में करने की सलाह दी, जिस पर टीम ने सवाल उठाया कि अगर आयोजन शहरों में ही होंगे तो पहाड़ और गांवों को इसका क्या फायदा मिलेगा। इसी मुद्दे पर दैनिक भास्कर ने पांडवाज टीम के सदस्य कुणाल डोभाल से खास बातचीत की। उन्होंने फेस्टिवल के उद्देश्य, फंडिंग की दिक्कत, जीरो प्लास्टिक मॉडल और पहाड़ में संस्कृति बचाने की चुनौतियों पर खुलकर बात की। सवाल-जवाब में पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल- आपने लेटर जारी करके बताया कि स्पॉन्सर नहीं है? जवाब- यह काफल फेस्टिवल का हमारा दूसरा साल है। हमने लद्दाख और अरुणाचल जैसे इलाकों के फेस्टिवल देखे, जहां लोग अपनी संस्कृति, पर्यावरण और भाषा को लेकर बहुत सजग हैं। वहीं से हमें लगा कि उत्तराखंड में भी ऐसा होना चाहिए। 2025 में हमने पहला काफल फेस्टिवल किया, जो सफल रहा। उस समय स्पॉन्सर कम थे, लेकिन मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने सहयोग किया था। उन्होंने इसलिए मदद की क्योंकि फेस्टिवल ज़ीरो प्लास्टिक सोच पर आधारित था। इस बार हमने सरकारी विभागों, विश्वविद्यालयों और कंपनियों से बात की। सबने कहा कि आइडिया अच्छा है, लेकिन किसी ने पैसा नहीं दिया। कुछ ने कहा कि इसे देहरादून में कर लो, लेकिन हम मानते हैं कि इससे गांव को कोई फायदा नहीं होगा। सवाल- आयोजन में कितना खर्च आता है और इस बार पैसा कहां से आ रहा है? जवाब- पिछले साल करीब 15 लाख रुपए खर्च हुए थे। इस बार तीन दिन का फेस्टिवल है, तो लगभग 35 लाख रुपए का खर्च है। अभी हम ज्यादातर अपनी जेब से ही खर्च कर रहे हैं। कुछ दोस्त मदद करते हैं, लेकिन कोई बड़ा स्पॉन्सर नहीं है। हम रुकने वाले नहीं हैं, लेकिन हमें इसे आगे चलाने के लिए टिकाऊ मॉडल बनाना होगा। सवाल- जीरो प्लास्टिक को लेकर आपने क्या किया? जवाब- हमने सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पूरी तरह बंद किया। पानी बोतलों में नहीं दिया, बल्कि मटकों में रखा। हर प्रतिभागी को एक ऐसा गिलास दिया जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सके। हमारा मानना है कि 20 रुपए की बोतल में हम पानी नहीं, प्लास्टिक खरीदते हैं। पहाड़ों में पानी तो मुफ्त है, तो उसे प्लास्टिक में क्यों बेचें। सवाल- इस फेस्टिवल के लिए सारी गांव को ही क्यों चुना? जवाब- सारी गांव रुद्रप्रयाग में है और यहीं से देवरिया ताल ट्रेक शुरू होता है। यह बहुत संवेदनशील इलाका है और आने वाले समय में यहां कचरे की समस्या बढ़ सकती है। हमने सोचा कि काम वहीं किया जाए, जहां जरूरत ज्यादा है। यह हमारा होम डिस्ट्रिक्ट भी है, इसलिए लोगों को समझाना आसान रहा। सवाल- पिछले साल आयोजन कैसा रहा और इस बार क्या नया है? जवाब- पिछले साल हमने बिना मंच के आयोजन किया। प्राकृतिक चट्टान को ही स्टेज बनाया। कोई टेंट या ढांचा नहीं लगाया। यह पूरी तरह प्रकृति के साथ किया गया आयोजन था। हमने फोटोग्राफी वर्कशॉप भी कराई, जिसमें निकॉन ने उपकरण दिए। स्थानीय युवाओं को पक्षियों और वन्यजीवों की फोटोग्राफी सिखाई गई। सवाल- स्थानीय कलाकारों के लिए आपका क्या संदेश है? जवाब- अकेले काम मत कीजिए, टीम बनाइए। शुरुआत में पैसे नहीं मिलते, लेकिन अगर काम सच्चा है तो लोग जुड़ते हैं। हमारे फेस्टिवल में आज भी कई लोग बिना पैसे के काम कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह अच्छा काम है। ———————— ये खबर भी पढ़ें : उत्तराखंड के 8 डिजिटल ‘ब्रांड एंबेसडर्स’: पांडवास-हल्द्वानी की आंटी को पसंद कर रहे लोग, विदेशों में भी अपने कल्चर को प्रमोट कर हे पवन पहाड़ी उत्तराखंड के पहाड़ों में युवाओं के सामने रोजगार और अवसरों की कमी बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। कई युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए शहरों की ओर पलायन कर जाते हैं, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म ने इस स्थिति में नई उम्मीद पैदा की है। व्लॉग्स और यूट्यूब चैनल्स के जरिए युवा न सिर्फ अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता दिखा रहे हैं, बल्कि पहाड़ों में बने रहने और अपनी संस्कृति को जीवित रखने का रास्ता भी तलाश रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)

हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी:लाहौल-स्पीति दुनिया से कटा, मनाली में लैंडस्लाइड, शिमला में मूसलाधार बारिश, आज भी ओले-तूफान का अलर्ट

हिमाचल के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी:लाहौल-स्पीति दुनिया से कटा, मनाली में लैंडस्लाइड, शिमला में मूसलाधार बारिश, आज भी ओले-तूफान का अलर्ट

हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पहाड़ों पर भारी बर्फबारी और मध्यम व निचले इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है। अटल टनल रोहतांग के नॉर्थ और साउथ पोर्टल पर ढाई फीट से ज्यादा फ्रेश स्नोफॉल हो चुका है। लाहौल स्पीति जिला का इससे शेष दुनिया से संपर्क कट गया है। रोहतांग दर्रा और शिंकुला दर्रा में तीन फीट, किन्नौर के कल्पा, आसरंग, रोपा वैली, सांगला, छितकुल में 3 से 5 इंच ताजा बर्फ गिर गई है। शिमला, कांगड़ा, चंबा, हमीरपुर, मंडी समेत अन्य भागों में पूरी रात बारिश हुई। मनाली में सबसे ज्यादा 57 मिलीमीटर, पालमपुर 49.2, शिमला 29.3, मंडी 26.8, सियोबाग 39 और कसौली में 30 मिलीमीटर बारिश हुई। शिमला में सुबह सात बजे कुछ देर के लिए बारिश जरूर रुकी, लेकिन 8.30 बजे से फिर से निरंतर बारिश हो रही है और देर शाम तक जारी रहने के आसार है। मौसम में बदलाव के बाद पहाड़ों पर जनवरी जैसी ठंड राज्य में इससे कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड फिर से लौट आई है और 7 शहरों में तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे लुढ़क चुका है। अधिकतम तापमान भी कई जगह सामान्य से 12 डिग्री तक नीचे गिर गया है। मनाली में लैंडस्लाइड बारिश-बर्फबारी के बाद पहाड़ों पर लैंडस्लाइड की घटनाएं भी शुरू हो गई है। बीती शाम को कुल्लू के इनर अखाड़ा में पहाड़ दरक गया और आज सुबह मनाली के अलेऊ में बड़ी चट्टान सड़क पर गिर गई। इससे कुछ देर तक ट्रैफिक भी बाधित रहा। आज भारी बारिश-बर्फबारी और ओलवृष्टि का ऑरेंज अलर्ट मौसम विभाग ने आज भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानी संदीप शर्मा ने बताया कि देर रात तक बादल बरसेंगे। मंडी, शिमला और सिरमौर जिलों में भारी बारिश के साथ आसमानी बिजली गिरने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज़ हवाएं चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कल से कमजोर पड़ेगा वेस्टर्न डिस्टरबेंस संदीप शर्मा ने बताया कि कल वेस्टर्न डिस्टरबेंस कमजोर पड़ेगा, लेकिन 23 मार्च को अधिक ऊंचे पहाड़ों पर फिर हल्की बारिश-बर्फबारी के आसार है। 24-25 को मौसम साफ रहेगा और 26 मार्च को फिर से बारिश-बर्फबारी होगी। तापमान में भारी गिरावट बीते दो दिनों से हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। ऊना में अधिकतम तापमान सामान्य से 12.2 डिग्री नीचे गिरकर 17.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंडी का पारा सामान्य से 9.7 डिग्री नीचे लुढ़का भुंतर में तापमान 8.4 डिग्री की गिरावट के साथ 15.4 डिग्री, सुंदरनगर में 8.2 डिग्री की गिरावट के बाद 18.4 डिग्री और मंडी में 9.7 डिग्री की गिरावट के बाद 18.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सोलन में भी तापमान सामान्य से 9.4 डिग्री नीचे गिरकर 16.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।

लिव-इन में रहने के बाद रेप का आरोप गलत:एमपी हाईकोर्ट ने व्यापारी को किया बरी; कहा- सहमति से बने संबंधों में FIR उचित नहीं

लिव-इन में रहने के बाद रेप का आरोप गलत:एमपी हाईकोर्ट ने व्यापारी को किया बरी; कहा- सहमति से बने संबंधों में FIR उचित नहीं

दो वयस्क महिला-पुरुष यदि अपनी मर्जी से लिव-इन में रहते हैं। आपसी सहमति से संबंध बनाते हैं, लेकिन बाद में विवाद होने पर यदि महिला रेप की शिकायत दर्ज कराती है तो यह उचित नहीं है। यह कहते हुए एमपी हाईकोर्ट ने रेप केस में फंसे कटनी के कपड़ा व्यापारी को राहत दी है। कोर्ट ने उनके खिलाफ थाने में दर्ज एफआईआर को रद्द करते हुए उन्हें बरी कर दिया। कोर्ट ने यह फैसला 17 मार्च को सुनाया। मामला कटनी के कपड़ा व्यापारी मुकेश ठाकुरानी से जुड़ा है। इनके खिलाफ एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी ने वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और तलवार के बल पर रेप किया। पत्नी से हुआ विवाद, फिर युवती आई जिंदगी में कटनी के माधव नगर निवासी मुकेश ठाकुरानी (35) कपड़ा व्यवसायी हैं। वर्ष 2003 में उनका विवाह हुआ। उनके दो बच्चे हैं। 5 मई 2019 को किसी बात को लेकर पत्नी से विवाद हो गया, जिसके बाद पत्नी बच्चों को लेकर मायके चली गई और पति के खिलाफ दहेज व भरण-पोषण का केस दर्ज कर दिया। इसी बीच 10 मई 2019 को कोर्ट के काम के दौरान मुकेश की मुलाकात कटनी में रहने वाली 24 वर्षीय युवती से हुई। वह भी अपने पति के खिलाफ चल रहे मुकदमे के सिलसिले में कोर्ट आती थी। कोर्ट में दोनों की अकसर बातचीत होने लगी। युवती ने बताया कि उसका पति उसे परेशान करता है, जिसके खिलाफ उसने शिकायत दर्ज कराई है। मुकेश के वैवाहिक विवाद की जानकारी मिलने पर वह उसके और करीब आ गई। दोनों के बीच गहरी दोस्ती हो गई। युवती का कहना था कि अब सरकार भी लिव-इन रिलेशन को मान्यता देती है, इसलिए वे साथ रह सकते हैं। आगे चलकर दोनों अपने-अपने जीवन साथियों से तलाक लेकर शादी कर सकते हैं। इसके बाद दोनों गोवा, भेड़ाघाट और मैहर घूमने भी गए। लिव-इन की शुरुआत ठीक, फिर बढ़ा विवाद और बिगड़े रिश्ते मुकेश युवती के साथ लिव-इन में रहने को तैयार हो गया। 1 सितंबर 2019 को युवती अपनी मां और दो साल की बेटी के साथ मुकेश के घर आकर रहने लगी। शुरुआती कुछ दिन ठीक रहे, लेकिन समय बीतने के साथ दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। इसी दौरान घर से लगातार नकदी और जेवरात गायब होने लगे। इस बारे में पूछने पर मुकेश और युवती के बीच विवाद बढ़ने लगा। याचिकाकर्ता के अनुसार, घर से करीब 15 लाख रुपए कैश और सोना गायब हो गया। जब इस संबंध में युवती से पूछताछ की गई तो उसने विवाद करना शुरू कर दिया। युवती ने मार्च 2020 में यह कहते हुए मुकेश का घर छोड़ दिया कि अब वह उसे जेल भिजवाएगी। एफआईआर के बाद अगले ही दिन गिरफ्तारी, जेल भेजा गया मुकेश का घर छोड़कर युवती अपने पति के घर लौट गई। 25 जुलाई 2020 को उसने कटनी के महिला थाने में मुकेश ठाकुरानी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2)(n), 377, 294 और 506 के तहत एफआईआर दर्ज करवाई। युवती ने आरोप लगाया कि मुकेश ने उसका वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने यह भी कहा कि शादी का झांसा देकर मुकेश ने कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। साथ ही नाबालिग बेटी को नुकसान पहुंचाने की धमकी देकर उसके साथ जबरन यौन और अप्राकृतिक कृत्य किए। पुलिस ने अगले दिन 26 जुलाई 2020 को उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से मुकेश को जेल भेज दिया गया। 20 अगस्त 2020 को 25 दिन तक कटनी जेल में रहने के बाद मुकेश को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई। लिव-इन के बाद दुष्कर्म का आरोप, हाईकोर्ट में दी चुनौती मर्जी से लिव-इन रिलेशन में रहने के बावजूद युवती ने कपड़ा व्यापारी पर दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में शिकायत दर्ज कराई थी। इसे चुनौती देते हुए व्यापारी ने हाईकोर्ट में कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। पुलिस जांच में भी सामने आया कि मुकेश के मोबाइल में ऐसा कोई वीडियो नहीं मिला, जिसके आधार पर वह युवती को ब्लैकमेल कर रहा हो। इसके अलावा, घर की तलाशी के दौरान भी कोई तलवार बरामद नहीं हुई। सीनियर वकील बोले- संबंध सहमति से, आरोप निराधार याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त उपस्थित हुए। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच संबंध सहमति से थे। पीड़िता एक विवाहित महिला है, जिसकी एक बच्ची है और वह अपने पति से अलग रह रही है। वह इस तथ्य से भली-भांति अवगत थी कि तलाक मिलने तक वह दूसरा विवाह नहीं कर सकती, जैसा कि उसके सीआरपीसी की धारा 161 के तहत दर्ज बयान से स्पष्ट है। आपत्तिजनक स्थिति में अश्लील वीडियो बनाए जाने के आरोप के संबंध में साइबर सेल को कोई भी सबूत नहीं मिला, जो पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र से भी स्पष्ट है। इसलिए युवती का यह आरोप कि पत्नी को तलाक देने के झूठे आश्वासन पर उसे रिश्ते में फंसाया गया, असत्य है। डेढ़ साल तक रहे शारीरिक संबंध, दोनों थे विवाहित याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने कोर्ट को बताया कि युवती और उसके पति ने समाज में अपनी छवि बचाने के लिए दोबारा साथ आकर झूठी एफआईआर दर्ज कराई है। याचिकाकर्ता के विरुद्ध लगाए गए सभी आरोप झूठे और निराधार हैं। विशेष रूप से यह तथ्य सामने आया कि पहले से विवाहित दो व्यक्तियों के बीच आपसी सहमति से संबंध बने थे, जिनमें समय के साथ दरार आ गई और वे स्वतः समाप्त हो गए। यह स्थिति याचिकाकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आधार नहीं हो सकती। विवाह का आश्वासन अवास्तविक, आरोप निराधार कोर्ट को बताया गया कि विवाह के आश्वासन का आरोप भी निराधार है, क्योंकि युवती पहले से विवाहित थी और उसका एक बच्चा भी था, इसलिए ऐसा वादा स्वाभाविक रूप से अवास्तविक था। साथ ही भारतीय दंड संहिता की धारा 506 के तहत जबरदस्ती या चोट पहुंचाने की धमकी के संबंध में भी कोई ठोस सबूत नहीं मिला। कोर्ट ने पाया- आरोप सही नहीं, एफआईआर रद्द सीनियर एडवोकेट मनीष दत्त ने बताया कि जस्टिस बी.पी. शर्मा की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान पाया कि

Uttarakhand Char Dham Snowfall | Rajasthan Hailstorm

Uttarakhand Char Dham Snowfall | Rajasthan Hailstorm

भोपाल/लखनऊ/शिमला/देहरादून35 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के कई हिस्सों में मौसम बदला है। राजस्थान में जयपुर सहित कई जिलों में शुक्रवार सुबह तेज बरसात हुई। 17 से ज्यादा शहरों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट है। ओले गिरने से पारा 11 डिग्री तक लुढ़क गया। मध्य प्रदेश में 2 दिन से ओले-बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। गुरुवार को प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। मौसम विभाग ने शुक्रवार को ग्वालियर-जबलपुर समेत 34 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। उधर बिहार के बेगूसराय में शुक्रवार सुबह कोहरा छाया। प्रदेश के 38 जिलों में बारिश की संभावना है। 10 जिलों में तेज बारिश के साथ ही 60kmph की रफ्तार से हवा चल सकती है। उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में बारिश जारी है। वहीं चारों धाम यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ और बद्रीनाथ में चार दिन से बर्फबारी जारी है। देशभर से मौसम की तस्वीरें… राजस्थान में श्रीगंगानगर के लालगढ़ जाटान क्षेत्र में शुक्रवार सुबह कोहरा छाया। यूपी के मथुरा में आंधी के चलते मकान की छत ढह गई। उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में बर्फबारी जारी है। अगले दो दिन मौसम का हाल 21-22 मार्च- मौसम विभाग ने यूपी और राजस्थान के कई इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। राजस्थान के कुछ जिलों में ओले गिरने का भी अलर्ट है। हिमाचल प्रदेश में ऑरेंज अलर्ट जारी कर भारी बर्फबारी की चेतावनी दी गई है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम समेत पूर्वोत्तर भारत में तेज बारिश की आशंका है। तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश में आंधी का अलर्ट है। नॉर्थ-ईस्ट में भी तेज बारिश की आशंका है। अब राज्यों में मौसम का हाल… राजस्थान में आज भी आंधी-बारिश का अलर्ट, ओले गिरने से ठंडक राजस्थान में जयपुर सहित कई जिलों में शुक्रवार सुबह तेज बरसात हुई। 17 से ज्यादा शहरों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। वहीं, गुरुवार को राजस्थान में आंधी के साथ बारिश और ओले गिरने से पारा 11 डिग्री तक लुढ़क गया। बाड़मेर, अलवर में गुरुवार को 10mm से ज्यादा पानी बरसा। पूरी खबर पढ़ें… मध्य प्रदेश में ओले-बारिश, आज 34 जिलों में अलर्ट, ग्वालियर-जबलपुर में तेज आंधी चलेगी मध्य प्रदेश में 2 दिन से ओले-बारिश और आंधी का दौर चल रहा है। गुरुवार को प्रदेश के 15 से ज्यादा जिलों में मौसम बदला रहा। कहीं ओले गिरे तो कहीं बारिश हुई। भोपाल में देर रात करीब एक बजे, फिर शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 5 बजे तेज पानी गिरा। मौसम विभाग ने ग्वालियर-जबलपुर समेत 34 जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें… बिहार के बेगूसराय में कोहरा, 10 जिलों में आंधी-बारिश का ऑरेंज अलर्ट बिहार में 38 जिलों में आंधी-बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट है। 10 जिलों में तेज बारिश के साथ ही 60kmph की रफ्तार से हवा चलने का अनुमान है। बारिश के चलते पटना में आज 3 डिग्री तक तापमान गिर सकता है। इधर, बेगूसराय में शुक्रवार सुबह कोहरा छाया। पूरी खबर पढ़ें… उत्तर प्रदेश के मथुरा में तेज बारिश, राज्य के 33 जिलों में बादल छाए रहेंगे उत्तर प्रदेश में शुक्रवार सुबह मथुरा में तेज बारिश हुई। प्रदेश के 33 जिलों में बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 2 दिनों तक यानी 22 मार्च तक ऐसा ही मौसम रहेगा। गुरुवार को बांदा सबसे गर्म रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.6 डिग्री दर्ज किया गया। बुलंदशहर और आगरा में धूल भरी आंधी चली। पूरी खबर पढ़ें… हरियाणा के 19 जिलों में आंधी के साथ ओले गिर सकते हैं, 3 जिलों में सुबह से बारिश हरियाणा के तीन जिलों सोनीपत, महेंद्रगढ़ और पानीपत में शुक्रवार सुबह बारिश हुई। मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जहां गरज-चमक के साथ ओले गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। मार्च के महीने में दिसंबर जैसी ठंड का अहसास हो रहा है। पूरी खबर पढ़ें… हिमाचल में रुक-रुककर बारिश-बर्फबारी, तापमान 12°C तक नीचे गिरा हिमाचल प्रदेश में रुक-रुककर बारिश और बर्फबारी हो रही है। राज्य में इससे कड़ाके की सर्दी पड़ रही है और दिसंबर-जनवरी जैसी ठंड फिर से लौट आई है। मौसम विभाग ने आज भी राज्य के कई जिलों में भारी बारिश, बर्फबारी, ओलावृष्टि और तेज तूफान का अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें… उत्तराखंड के 4 जिलों में बर्फबारी; 6 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ गिरी है। चारों धाम सफेद चादर से ढके हैं। मौसम विभाग ने राज्य के 6 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बिश्नोई सभा के पोस्टर से कुलदीप का नाम-फोटो गायब:पंचकूला में भजनलाल की मूर्ती अनावरण कार्यक्रम में नहीं आएंगे; सैलजा को चीफ गेस्ट बुलाया

बिश्नोई सभा के पोस्टर से कुलदीप का नाम-फोटो गायब:पंचकूला में भजनलाल की मूर्ती अनावरण कार्यक्रम में नहीं आएंगे; सैलजा को चीफ गेस्ट बुलाया

हरियाणा में बिश्नोई सभा के पोस्टर से पूर्व मंत्री कुलदीप बिश्नोई का नाम गायब होने से एक बार बिश्नोई परिवार को झटका लगा है। पंचकूला के बिश्नोई मंदिर में स्थापना दिवस पर कुलदीप नहीं पहुंचेंगे। साथ ही प्रोग्राम के पोस्टर से उनका फोटो तक गायब है। प्रोग्राम में पूर्व CM चौधरी भजनलाल की मूर्ती का भी अनावरण किया जाएगा। पहले इसकी अध्यक्षता खुद कुलदीप करने वाले थे, लेकिन सीएम नायब सैनी के प्रोग्राम में न आने के कारण यह कार्यक्रम रद्द हो गया था। अब 22 मार्च को होने वाले इस प्रोग्राम में कुमारी सैलजा को बतौर मुख्य अतिथि बुलाया गया है। हालांकि कार्यक्रम की अध्यक्षता अब उनके बड़े भाई विधायक चंद्रमोहन करते नजर आएंगे। इस पोस्टर को खुद पंचकूला बिश्नोई मंदिर की ओर से जारी किया गया है। हालांकि बिश्नोई सभा पंचकूला के प्रधान लीलूराम गोदारा का कहना है कि विदेश में होने के कारण कुलदीप बिश्नोई मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं मगर वह जागरण में आएंगे। पहले 3 जून 2025 को होना था प्रोग्राम इससे पहले ये प्रोग्राम 3 जून 2025 को पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल की 14वीं पुण्यतिथि पर होना था, मगर अचानक सीएम सैनी का दौरा रद्द होने के कारण कार्यक्रम स्थगित हो गया। इस कार्यक्रम के लिए पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई और बेटे पूर्व विधायक भव्य बिश्नोई सहित पूरा परिवार तैयारी में लगा था। लोगों को निमंत्रण भी दिए जा चुके थे। कुलदीप ने खुद इसकी कमान संभाल रखी थी। अब पढ़िए…कुलदीप को कब-कब नजरअंदाज किया गया 5 जगह लग चुकी पूर्व CM की प्रतिमा बिश्नोई परिवार पंचकूला के बिश्नोई मंदिर में भजनलाल की प्रतिमा स्थापित करके और मुख्यमंत्री से उद्घाटन करवाकर पूरे हरियाणा में मैसेज देने का प्रयास कर रहा था। मगर सीएम का दौरा रद्द होने के बाद कुलदीप को भी बिश्नोई सभा ने नजरअंदाज कर दिया। अब पंचकूला में पूर्व सीएम भजनलाल की छठीं प्रतिमा का अनावरण होगा। इससे पहले आदमपुर, राजस्थान के मुक्ति धाम मुकाम, जांभा, बिश्नोई मंदिर हिसार और गुरुग्राम स्मृति सदन में उनकी प्रतिमाएं लगाई जा चुकी हैं। सभा प्रधान बोले- कुलदीप को निमंत्रण भेजा है उधर, पंचकूला बिश्नोई सभा के प्रधान लीलूराम गोदारा का कहना है कि उन्होंने स्थापना दिवस पर होने वाले जागरण के कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि कुलदीप बिश्नोई को निमंत्रण भेजा है और वह कार्यक्रम में आएंगे। बाहर होने के कारण वह 22 मार्च को होने वाले मूर्ति अनावरण कार्यक्रम में नहीं आ रहे हैं।

हरियाणवी एक्ट्रेस की कमर छूने का मामला पहुंचा महिला आयोग:अंजलि राघव ने कहा- पवन सिंह की टीम ने बदनाम किया; सीता का रोल छिना

हरियाणवी एक्ट्रेस की कमर छूने का मामला पहुंचा महिला आयोग:अंजलि राघव ने कहा- पवन सिंह की टीम ने बदनाम किया; सीता का रोल छिना

हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव की स्टेज पर भोजपुरी सिंगर-एक्टर द्वारा कमर छूने का मामला फिर तूल पकड़ गया है। अंजिल ने हरियाणा महिला आयोग को शिकायत भेजी है। ई-मेल के जरिये इस मामले से जुड़े सबूत भी आयोग को भेजे हैं। असल में रैपर सिंगर बादशाह के मामले में महिला आयोग के सख्त रवैये के बाद अंजलि ने शिकायत करने की हिम्मत जुटाई। अंजलि ने कहा कि उस दिन लखनऊ में पहले मंच पर पवन सिंह ने गलत तरीके से कमर छुई। यह अनुचित व्यवहार था। यही नहीं बाद में बदनाम करने के लिए सुनियोजित तरीके से सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। अंजलि ने आयोग से आग्रह किया है कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट हटवाए जाएं। एक्ट्रेस का कहना है कि इसी वजह से उनका दिल्ली रामलीला में सीता का रोल छिन गया। जानिए…आयोग को भेजी शिकायत में क्या अहम बातें सोशल मीडिया से अपमानजक पोस्ट हटवा अंजलि राघव ने हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को ई-मेल के जरिए भेजी शिकायत में कहा- सोशल मीडिया पर मेरे खिलाफ चल रहे अपमानजनक पोस्ट और झूठे प्रचार को तुरंत हटवाने के निर्देश दिए जाएं। सीता का किरदार छिन गया शिकायत में आगे लिखा- मैं 16 वर्ष की आयु से विभिन्न रामलीलाओं में माता सीता का किरदार निभाती थी। इसी के जरिए पहचान बनाई। इस विवाद के बाद दिल्ली की रामलीला में मेरा यह किरदार छीन लिया गया। लखनऊ कार्यक्रम में हुआ विवाद कुछ माह पहले मैं अपने एक गाने के प्रमोशन के लिए लखनऊ गई थी। वहां भोजपुरी गायक पवन सिंह ने मंच पर मेरी अनुमति के बिना मुझे छुआ, जिसका वीडियो भी उनकी टीम ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इंस्टाग्राम पर उठाई आवाज, मिली माफी अंजलि ने बताया- मैंने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इस घटना की जानकारी अपने इंस्टाग्राम अकाउंट के माध्यम से सार्वजनिक की। इसके बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर मुझसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उस समय लगा मामला शांत हो गया। पीआर टीम ने लगातार धमकियां दी पवन सिंह की पीआर टीम ने मुझे लगातार धमकियां दीं। कहा गया कि मेरी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाएंगे औरबदनाम किया जाएगा। मेरे खिलाफ कई फर्जी और आपत्तिजनक पोस्ट किए गए। कुछ क्षेत्रीय मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए मेरे बारे में झूठी कहानियां और अफवाहें भी फैलाई गईं। मानसिक तनाव और सामाजिक बहिष्कार का दावा इन घटनाओं के कारण मुझे मानसिक पीड़ा और सामाजिक अपमान का सामना करना पड़ा। इसका असर मेरे काम पर भी पड़ा। मैं दिल्ली रामलीला में पिछले लंबे समय से माता सीता का किरदार निभाती आ रही थी। मुझसे वो किरदार छीन लिया गया। जो मेरी दिवंगत माता की अंतिम इच्छा से जुड़ा था। कुछ लोगों ने मेरा और परिवार का बहिष्कार किया, जिससे अवसाद की स्थिति में पहुंच गईं। साइबर पुलिस ने कार्रवाई नहीं की शिकायत में आगे लिखा- मैंने संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट्स और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ साइबर पुलिस दिल्ली में शिकायत दी, लेकिन अभी तक आपत्तिजनक सामग्री हटाई नहीं गई है। आयोग आपत्तिजनक पोस्ट और झूठे इंटरव्यू तुरंत हटवाए। साथ ही संबंधित लोगों से सार्वजनिक माफी दिलवाई जाए। अब पढ़िए…कमर छूने से ट्रोलिंग तक की पूरी कहानी ————— यह खबर भी पढ़ें… हरियाणवी एक्ट्रेस बोलीं- अक्षरा ने पवन सिंह को बढ़ावा दिया: खुद कुछ नहीं बिगाड़ पाई, अब ज्ञान दे रही कि मैं होती तो उठाकर फेंक देती हरियाणवी एक्ट्रेस अंजलि राघव ने भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह पर पलटवार किया है। अंजलि राघव ने कहा कि अक्षरा सिंह ने ही पवन सिंह को बढ़ावा दिया और वे दोनों स्टेज पर सबके सामने किस करते थे। जब पवन सिंह ने अक्षरा सिंह को छोड़ा, तब वह उनका कुछ नहीं बिगाड़ पाईं और अब वह ज्ञान दे रही है कि मैं होती तो उठाकर फेंक देती। (पूरी खबर पढ़ें)

कनाडा में अश्लील हरकतें करने वाला फर्जी पंजाबी युवक अरेस्ट:झूठी बीमारी दिखा लेडी डॉक्टरों को प्राइवेट पार्ट दिखा फरार हो जाता; ट्रोलिंग से सुर्खियों में आया

कनाडा में अश्लील हरकतें करने वाला फर्जी पंजाबी युवक अरेस्ट:झूठी बीमारी दिखा लेडी डॉक्टरों को प्राइवेट पार्ट दिखा फरार हो जाता; ट्रोलिंग से सुर्खियों में आया

कनाडा में एक युवक के फर्जी पंजाबी नाम से लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने के मामले का खुलासा हुआ है। पुलिस ने इस युवक को दिसंबर महीने में अरेस्ट किया था। मगर, वह सुर्खियों में तब आया, जब उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रोल किया जाने लगा। कनाडा की पील रीजनल पुलिस के मुताबिक आरोपी प्राइवेट पार्ट में बीमारी के बहाने अस्पताल में जाता। वहां लेडी डॉक्टर से मिलता और क्लिनिक जाकर सारे कपड़े उतार देता। फिर लेडी डॉक्टर को प्राइवेट पार्ट छूने को कहता। जिससे पता चलता कि उसे कोई बीमारी नहीं है। पोल खुलते ही वह वहां से भाग जाता। ऐसा एक-दो नहीं लेकिन उसने कई लेडी डॉक्टरों के साथ किया। तब किसी लेडी डॉक्टर ने उसकी शिकायत कर दी तो पूरे मामले का खुलासा हुआ। अब वैभव से आकाशदीप सिंह बने आरोपी युवक को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस लेडी डॉक्टरों से सामने आने की अपील कर रही है। कनाडा की सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर रूबी भसीन ने भी 15 मार्च को वीडियो पोस्ट कर डॉक्टरों से सामने आने की अपील की है। 5 पाइंट में जानें युवक के क्राइम की पूरी कहानी… गिरफ्तारी के बाद युवक पर क्या कार्रवाई हुई पील रीजनल पुलिस के मुताबिक युवक वैभव 36 साल का है। वह मूल रूप से इंडिया का रहने वाला है। मगर, उसे कनाडा की नागरिकता मिली हुई है। वह अभी ब्रैम्पटन का स्थायी नागरिक (PR) है। पुलिस जांच में पता चला कि उसने मिसिसॉगा की कई लेडी डॉक्टर्स के साथ अश्लील हरकतें की है। पुलिस का कहना है कि एक डॉक्टर ने उसकी हरकत पर शक होने के चलते पुलिस को शिकायत कर दी। युवक के खिलाफ 3 महीने से स्थानीय कोर्ट में ट्रायल भी चला। जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस मामले में कनाडा पुलिस ने क्या कहा कनाडा की पील रीजनल पुलिस के पब्लिक रिलेशन अफसर (PRO) ने मीडिया रिलीज जारी कर कहा कि वैभव के खिलाफ जानबूझकर लेडी डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें करने की शिकायतें आईं। जांच में पता चला कि वैभव ने पंजाबी ओरिजन के युवक का फेक नाम लेकर मिलने का चार्ज लगाया है। युवक ने कई महीनों तक मिसिसॉगा के विभिन्न मेडिकल क्लिनिक्स में फर्जी बीमारियां बताकर महिला डॉक्टरों के साथ अश्लील हरकतें कीं। पुलिस ने उस पर 4 गंभीर आरोप लगाए हैं। केस अभी ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस (OCJ) में चल रहा है। पुलिस ने कहा कि कोर्ट में केस होने के चलते आरोपी का इंडियन एड्रेस, डॉक्टरों के नाम सार्वजनिक नहीं किए जा सकते। पुलिस ने कहा कि ऐसे मामलों में ट्रायल की प्रक्रिया लंबी चलती है। डॉक्टरों के कोर्ट में बयान दर्ज किए जा रहे हैं। पुलिस की तरफ से युवक को डिपोर्ट करने की प्रक्रिया चल रही है। चूकी वह कनाडाई नागरिक बन चुका है, इसलिए प्रक्रिया में वक्त लग सकता है।

Phone Cut by Fire Brigade, Man Dies, Video Viral

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हादसे के वक्त स्थानीय रहवासी और दमकलकर्मी के बीच बातचीत का वीडियो सामने आया है। हैलो, आपको ये फूटने की आवाज आ रही है? धमाके सुनिए…लेकिन बात पूरी होने से पहले ही फोन कट गया। हताशा में वह व्यक्ति चिल्लाकर बोला- रख दिया फोन उसने, बोला 15 मिनट लगेंगे। . ये बातचीत इंदौर की स्वर्ण बाग कॉलोनी के रहवासी और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी के बीच की है। इस बातचीत का वीडियो अब वायरल है, जिसे सुनकर साफ पता चलता है कि 17 और 18 मार्च की दरमियानी रात का अग्निकांड केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता की भी कहानी है, जिसने पूरे शहर को झकझोर दिया है। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड आग लगने की घटना के डेढ़ घंटे बाद पहुंची थी, तब तक सब खत्म हो गया था। अगर फायर ब्रिगेड 15 मिनट में पहुंचती तो कई जानें बचाई जा सकती थीं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने भी परिजन ने कहा कि फायर ब्रिगेड देरी से आई थी और कर्मचारियों का बर्ताव बेहद संवेदनहीन था। बता दें कि 17 और 18 मार्च की दरमियानी रात स्वर्ण बाग कॉलोनी में रहने वाले रबर कारोबारी मनोज पुगलिया के तीन मंजिला मकान में आग लगी। आग लगने की वजह पहले ईवी कार के चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट बताया गया, लेकिन परिवार का कहना है कि उन्होंने कार को चार्ज पर लगाया ही नहीं था। ये हादसा बिजली के पोल में स्पार्किंग की वजह से हुआ। इस घटना के लिए कौन जिम्मेदार है? आग कैसे लगी? इसकी जांच के लिए सरकार ने एक कमेटी बनाई है। जो ये भी बताएगी कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए क्या एहतियात बरते जा सकते हैं। पढ़िए, रिपोर्ट… परिजन का कहना है कि बिजली के पोल में स्पार्किंग हुई, उसकी वजह से आग लगी। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। फायर ब्रिगेड कर्मचारी बोला- 15 मिनट लगेंगे इस हादसे का सबूत एक वीडियो क्लिप है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इस क्लिप में लपटों से घिरा मकान, उसके भीतर से धमाकों क आवाज और उस वक्त आसपास के लोगों की हताशा और बेबसी सुनाई और दिखाई देती है। वीडियो में फोन पर एक प्रत्यक्षदर्शी कांपती आवाज में फायर ब्रिगेड कर्मचारी को घटना की भयावहता समझाने की कोशिश कर रहा है। घर के अंदर से गैस सिलेंडर या किसी अन्य उपकरण के फटने की तेज आवाजें आ रही हैं। आग की लपटें तीन मंजिला इमारत को अपनी आगोश में लेकर ऊपर उठ रही हैं। फोन के दूसरी तरफ मौजूद फायर ब्रिगेड कर्मचारी को स्थिति की गंभीरता का अंदाजा दिलाने के लिए प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, ‘हैलो… आपको ये फूटने की आवाज आ रही है? धमाके सुनिए…’ लेकिन उसकी बात पूरी होने से पहले ही फोन कट गया। करंट लगने के डर से कोई पास नहीं गया इसके बाद वहां खड़े लोग चीखने लगते हैं, ‘पानी डालो, कोई तो कुछ करो।’ लेकिन, घर के पास मौजूद बिजली के तारों और ट्रांसफॉर्मर के कारण कोई भी पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। उन्हें डर था कि पानी डालने पर करंट फैल सकता है, जिससे बचाव कार्य और भी खतरनाक हो सकता है। वे बस इंतजार करते रहे, 15 मिनट में फायर ब्रिगेड के पहुंचने का। वो 15 मिनट कब डेढ़ घंटे में बदल गए, किसी को पता नहीं चला और जब तक मदद पहुंची, तब तक आठ जिंदगियां जलकर खाक हो चुकी थीं। इंदौर के तिलक नगर मुक्तिधाम में एकसाथ 7 चिताएं जलीं। एक बच्चे के शव को दफनाया गया था। बेटा सीएम से बोला- बिजली के खंभे में हुआ शॉर्ट सर्किट 19 मार्च को जब मुख्यमंत्री मोहन यादव पीड़ित परिवार को सांत्वना देने पहुंचे, तो मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ ने मुख्यमंत्री के सामने हाथ जोड़कर, रुंधे गले से जो बताया, वह किसी भी संवेदनशील इंसान को अंदर तक हिला देने के लिए काफी है। सौरभ ने सबसे पहले आग लगने की वजह पर ही सवाल खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा- साहब, आग गाड़ी की चार्जिंग से नहीं, पास के बिजली के खंभे में हुए शॉर्ट सर्किट से लगी थी। पहले एक कार ने आग पकड़ी। फिर वहां खड़ी बाइक और फिर हमारे घर में फैली। इसके बाद सौरभ ने उस रात की प्रशासनिक नाकामी की परतें खोलनी शुरू कीं। टैंकर खाली थे, फायरकर्मी बोला- खुद बुझा लो आग सौरभ ने बताया कि फायर ब्रिगेड डेढ़ घंटा लेट आई। उनके टैंकरों में पानी नहीं था। एक ड्राइवर को गली का पता नहीं था, वह कहीं और घुस गया। उनके पास न तो ऊंची इमारतों तक पहुंचने वाली सीढ़ी थी और न ही लोगों को बचाने की नीयत। मैंने उनसे कहा कि आपके पास फायर सेफ्टी जैकेट है, वह मुझे दे दो। मुझे पता है कि मेरे परिवार के लोग कहां फंसे हो सकते हैं, मैं उन्हें बाहर निकाल लाऊंगा। इस पर एक फायरकर्मी ने झिड़कते हुए कहा, “ज्यादा पता है तो तुम खुद ही पानी डाल लो।” मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ ने मुख्यमंत्री को उस रात की प्रशासनिक नाकामियां बताईं। मनोज पुगलिया के आखिरी शब्द- वक्त सब कुछ छीन सकता है कारोबारी मनोज पुगलिया एक जिंदादिल इंसान थे और सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय रहते थे। कौन जानता था कि मौत से कुछ घंटे पहले उन्होंने जो वॉट्सएप स्टेटस लगाए थे, वो ही उनकी जिंदगी के आखिरी शब्द बन जाएंगे। परिजन ने उनके ये स्टेटस सहेजकर रखे हैं। मनोज पुगलिया एक धार्मिक व्यक्ति थे। उन्होंने हनुमान चालीसा की पंक्तियां और खाटू श्याम जी की कृपा का भी स्टेटस लगाया था। कौन है इस ‘सामूहिक हत्या’ का जिम्मेदार? यह अग्निकांड इंदौर के फायर सेफ्टी और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम पर कई गंभीर और सुलगते सवाल खड़े कर गया है… संवेदनशीलता कहां थी: जब एक नागरिक फोन पर लाइव धमाकों की आवाजें सुना रहा था, तो फायर ब्रिगेड ने उसे गंभीरता से क्यों नहीं लिया और फोन क्यों काट दिया? क्या कोई ‘प्लान बी’ नहीं है: इंदौर जैसे बड़े शहर की तंग गलियों में आग लगने की घटनाएं नई नहीं हैं। क्या फायर ब्रिगेड के पास ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए कोई विशेष योजना, छोटे वाहन या

Myanmar Border Terror Group Training

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नई दिल्ली/आईजोल19 घंटे पहलेलेखक: सत्य नारायण मिश्रा कॉपी लिंक NIA को गिरफ्तार विदेशी नागरिकों की 11 दिन की कस्टडी मिली। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने पूर्वोत्तर (मिजोरम सीमा) में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने रूसी एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए लोगों पर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने का आरोप है। खुफिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह गिरोह म्यांमार के हथियारबंद गुटों को ट्रेनिंग दे रहे था। टूरिस्ट वीजा की आड़ में म्यांमार के विद्रोही गुटों को ड्रोन और आधुनिक युद्ध तकनीक की ट्रेनिंग दी जा रही थी। ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे, लेकिन मिजोरम में बिना अनुमति अवैध रूट से पहुंचे और यहां से पड़ोसी देश म्यांमार की सीमा में घुस गए। सूत्रों के अनुसार 8 अन्य यूक्रेनियन की तलाश जारी है। कुल 14-15 लोगों का ग्रुप था। ये लोग यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन पहुंचा रहे थे, जो संभवतः भारत से जुड़े उग्रवादी समूहों तक पहुंच सकते थे। मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को ले जाती NIA। कई बार दे चुके ट्रेनिंग आरोपी कई बार ट्रेनिंग देने आ चुके हैं। इस बार वे गुवाहाटी पहुंचे और फिर मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में घुसे, जहां ट्रेनिंग दी। भारत लौटने पर एनआईए ने 13 मार्च 2026 को उन्हें पकड़ा। 3 यूक्रेनी नई दिल्ली एयरपोर्ट और अन्य 3 लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पकड़े गए। जबकि अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा। अब इनकी डिजिटल फुटप्रिंट और पिछले महीनों की गतिविधियां ट्रैक की जा रही हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें 27 मार्च तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। इस बीच घटना को लेकर पूर्वोत्तरीय राज्यों मणिपुर, असम, मिजोरम आदि में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। वैनडाइक है मास्टरमाइंड, लीबिया में विद्रोही लड़ाकों का मददगार मैथ्यू एरॉन वैनडाइक अमेरिका के मैरीलैंड के बाल्टीमोर का रहने वाला है। वह एक भाड़े का सिपाही, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, सुरक्षा विश्लेषक और ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI)’ नाम की संस्था के संस्थापक है। मैथ्यू ने वॉर कॉरस्पोंडेंट और बिजनेसमैन के तौर पर भी काम किया है। वह पहली बार 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान चर्चा में आया, जब वहां मुअम्मर गद्दाफी के शासन के खिलाफ विद्रोही बलों में शामिल हुआ। इसके बाद उसने इराक में ISIS के खिलाफ लड़ाई लड़ी, सीरिया में बगावत में मदद की और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में लोगों को ट्रेनिंग दी। एजेंसी का आरोप है कि वैनडाइक म्यांमार से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल था, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थीं। मैथ्यू एरॉन वैनडाइक 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान चर्चा में आया। पूर्वोत्तर में ड्रोन वारफेयर का डर म्यांमार गृहयुद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है। NIA सूत्रों का मानना है कि ये ड्रोन अब भारत के उग्रवादियों तक पहुंच सकते हैं। इससे पूर्वोत्तर में ड्रोन अटैक का खतरा बढ़ेगा। यहां म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध और जातीय संघर्ष के कारण पहले भी विदेशी मर्सिनरी या ट्रेनर्स के आने की खबरें आ चुकी हैं। मिजोरम-म्यांमार सीमा पर लंबे समय से अस्थिरता बनी है। यहां चिन स्टेट, अराकान आर्मी और अन्य सशस्त्र जातीय संगठन जैसे चिन नेशनल आर्मी, चिन नेशनल फ्रंट आदि सैन्य जुंटा के खिलाफ लड़ रहे हैं। चिन स्टेट म्यांमार का हिस्सा है, जो मिजोरम से सटा है। अराकान आर्मी म्यांमार के राखाइन प्रांत में एक्टिव है। भारत के लिए चिंता इसलिए है कि इनमें से कई गुट भारत के उग्रवादी संगठनों, जैसे उल्फा (आई), एनएससीएन के कुछ गुटों, कुकी नेशनल आर्मी आदि से जुड़े हुए हैं। ये ग्रुप्स हथियार, ड्रग्स और अब ड्रोन टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान करते हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… सीरिया-लीबिया जंग में शामिल रहा US नागरिक भारत में गिरफ्तार, NIA ने 6 यूक्रेनी भी पकड़े नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता से गिरफ्तार किया है। US सिटीजन मैथ्यू 2011 के लीबिया सिविल वॉर और सीरिया गृह युद्ध में सत्ता के खिलाफ लड़ाई में विदेशी फाइटर के रूप में शामिल हुआ था। उसने रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनी युवाओं को भी ट्रेनिंग दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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नई दिल्ली/आईजोल21 मिनट पहलेलेखक: सत्य नारायण मिश्रा कॉपी लिंक NIA को गिरफ्तार विदेशी नागरिकों की 11 दिन की कस्टडी मिली। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने मिजोरम सीमा पर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी(NIA) ने रूसी एजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर अमेरिकी और यूक्रेनी नागरिकों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए लोगों पर भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने का आरोप है। खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, यह गिरोह म्यांमार के हथियारबंद गुटों को ट्रेनिंग दे रहे था। टूरिस्ट वीजा की आड़ में म्यांमार के विद्रोही गुटों को ड्रोन और आधुनिक युद्ध तकनीक की ट्रेनिंग दी जा रही थी। ये लोग टूरिस्ट वीसा पर भारत आए थे, लेकिन मिजोरम में बिना अनुमति अवैध रूट से पहुंचे और यहां से पड़ोसी देश म्यांमार की सीमा में घुस गए। सूत्रों के अनुसार 8 अन्य यूक्रेनियन की तलाश जारी है। कुल 14-15 लोगों का ग्रुप था। ये लोग यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन पहुंचा रहे थे, जो संभवतः भारत से जुड़े उग्रवादी समूहों तक पहुंच सकते थे। मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को ले जाती NIA। कई बार दे चुके ट्रेनिंग आरोपी कई बार ट्रेनिंग देने आ चुके हैं। इस बार वे गुवाहाटी पहुंचे और फिर मिजोरम से अवैध रूप से म्यांमार में घुसे, जहां ट्रेनिंग दी। भारत लौटने पर एनआईए ने 13 मार्च 2026 को उन्हें पकड़ा। 3 यूक्रेनी नई दिल्ली एयरपोर्ट और अन्य 3 लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पकड़े गए। जबकि अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैनडाइक को कोलकाता एयरपोर्ट से पकड़ा। अब इनकी डिजिटल फुटप्रिंट और पिछले महीनों की गतिविधियां ट्रैक की जा रही हैं। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने उन्हें 27 मार्च तक एनआईए की हिरासत में भेज दिया है। इस बीच घटना को लेकर पूर्वोत्तरीय राज्यों मणिपुर, असम, मिजोरम आदि में अलर्ट बढ़ा दिया गया है। वैनडाइक है मास्टरमाइंड, लीबिया में विद्रोही लड़ाकों का मददगार मैथ्यू एरॉन वैनडाइक अमेरिका के मैरीलैंड के बाल्टीमोर का रहने वाला है। वह एक भाड़े का सिपाही, डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, सुरक्षा विश्लेषक और ‘सन्स ऑफ लिबर्टी इंटरनेशनल (SOLI)’ नाम की संस्था के संस्थापक है। मैथ्यू ने वॉर कॉरेस्पोंडेंट और बिजनेसमैन के तौर पर भी काम किया है। वह पहली बार 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान चर्चा में आया, जब वहां मुअम्मर गद्दाफी के शासन के खिलाफ विद्रोही बलों में शामिल हुआ। इसके बाद उसने इराक में ISIS के खिलाफ लड़ाई लड़ी, सीरिया में बगावत में मदद की और 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान यूक्रेन में लोगों को ट्रेनिंग दी। एजेंसी का आरोप है कि वैन डाइक म्यांमार से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती थीं। मैथ्यू एरॉन वैनडाइक 2011 में लीबिया के गृह युद्ध के दौरान चर्चा में आया। पूर्वोत्तर में ड्रोन वारफेयर का डर म्यांमार गृहयुद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है। NIA सूत्रों का मानना है कि ये ड्रोन अब भारत के उग्रवादियों तक पहुंच सकते हैं। इससे पूर्वोत्तर में ड्रोन अटैक का खतरा बढ़ेगा। यहां म्यांमार में चल रहे गृहयुद्ध और जातीय संघर्ष के कारण पहले भी विदेशी मर्सिनरी या ट्रेनर्स के आने की खबरें आ चुकी हैं। मिजोरम-म्यांमार सीमा पर लंबे समय से अस्थिरता बनी है। यहां चिन स्टेट (म्यांमार का हिस्सा, जो मिजोरम से सटा है), अराकान आर्मी (राखाइन में) और अन्य सशस्त्र जातीय संगठन जैसे चिन नेशनल आर्मी, चिन नेशनल फ्रंट आदि सैन्य जुंटा के खिलाफ लड़ रहे हैं। भारत के लिए चिंता इसलिए है कि इनमें से कई गुट भारत के उग्रवादी संगठनों, जैसे उल्फा (आई), एनएससीएन के कुछ गुटों, कुकी नेशनल आर्मी आदि से जुड़े हुए हैं। ये ग्रुप्स हथियार, ड्रग्स और अब ड्रोन टेक्नोलॉजी का आदान-प्रदान करते हैं। ————- ये खबर भी पढ़ें… सीरिया-लीबिया जंग में शामिल रहा US नागरिक भारत में गिरफ्तार, NIA ने 6 यूक्रेनी भी पकड़े नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने अमेरिकी नागरिक मैथ्यू एरॉन वैन डाइक और छह यूक्रेनी नागरिकों को दिल्ली, लखनऊ और कोलकाता से गिरफ्तार किया है। US सिटीजन मैथ्यू 2011 के लीबिया सिविल वॉर और सीरिया गृह युद्ध में सत्ता के खिलाफ लड़ाई में विदेशी फाइटर के रूप में शामिल हुआ था। उसने रूस-यूक्रेन युद्ध में यूक्रेनी युवाओं को भी ट्रेनिंग दी है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…